भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वीडियो संदेश जारी कर 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर लोगों को अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की है। नितिन नवीन ने वीडियो संदेश में कहा, “‘जनसेवा से देशसेवा’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन का मूल ध्येय रहा है। इसी मूलमंत्र पर उन्होंने अपना जीवन आगे बढ़ाया है। जब उन्होंने देश का नेतृत्व संभाला, तब देश अनेक विषम परिस्थितियों से गुजर रहा था। उस समय उन्होंने देशहित में नई नीतियां बनाईं, नए कार्यक्रम शुरू किए और अनेक ऐसी योजनाओं को धरातल पर उतारा, जिन्होंने आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया।” उन्होंने कहा, “कोरोना में जब पूरा देश और विश्व ठहर गया था, तब पीएम मोदी का नेतृत्व देश के लोगों को भरोसा दिलाया कि हम चुनौती से निपट सकते हैं। इसे देश के युवाओं ने साबित किया। कोविड का वैक्सीन के माध्यम से पूरे विश्व को संदेश दिया कि भारत आत्मनिर्भर की ओर बढ़ रहा है। स्टार्टअप इंडिया ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर दिए, शौचालय निर्माण ने महिलाओं को सम्मान और गरिमा दी, वहीं लखपति दीदी योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया। आज हमारी महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।” उन्होंने कहा, “देश ने लंबे समय तक नक्सलवाद का दंश झेला। कभी नक्सलवाद की जड़ें 200 से अधिक जिलों तक फैली थीं, लेकिन आज भारत नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता की ओर बढ़ चुका है। देश लंबे समय तक आतंकवाद से भी प्रभावित रहा, लेकिन पीएम मोदी जी के नेतृत्व में आतंकवाद को करारा जवाब दिया गया है। आज हमारी सीमाएं अधिक सुरक्षित हैं और देश की ओर बुरी नजर रखने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाता है।” उन्होंने कहा, “पीएम मोदी के विकास के लक्ष्य पर देश की जनता को पूरा विश्वास है। हम सभी के सामूहिक प्रयासों से 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करेंगे। देश की प्रगतिशील यात्रा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करने के लिए, आगामी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर शाम 6 से 7 बजे के बीच अपने-अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं। उनकी दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करें।

हैदराबाद में दरिंदगी: नाबालिग लड़की का 9 लोगों ने किया यौन उत्पीड़न, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

हैदराबाद। हैदराबाद के पास मेडचल-मलकजगिरी जिले में नौ लोगों ने एक नाबालिग लड़की को नशीला पदार्थ देकर अगवा किया और तीन दिनों तक उसका यौन उत्पीड़न किया। सभी आरोपियों पर ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज’ (पॉक्सो) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई तब हुई जब पीड़िता उनके चंगुल से भाग निकली और मल्कजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले अलवाल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा के साथ कई मौकों पर आरोपियों ने यौन शोषण किया। इनमें वे लोग भी शामिल थे जिन्हें वह जानती थी। शोषण की ये घटनाएं कार, ट्रेन यात्रा और होटल के कमरे जैसी अलग-अलग जगहों पर हुई। पुलिस के अनुसार, पीड़िता 10वीं कक्षा में पढ़ते समय जे. वरुण के संपर्क में आई थी। कुछ महीने पहले आरोपी ने उसे नशीली दवा मिली चॉकलेट खिलाकर अपनी कार में उसका यौन शोषण किया। एक अन्य युवक रोमाला वरुण, जिससे जे. वरुण ने उसे मिलवाया था, उसने भी उसे सिगरेट, शराब और गांजे की लत लगाकर उसका यौन शोषण किया। पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला कि पीड़िता पहले इंस्टाग्राम के जरिए डेविड वरुण के संपर्क में आई थी। उस आरोपी ने उसे शराब पिलाई थी और उसके साथ बदसलूकी की थी। लड़की के व्यवहार पर शक होने के कारण उसके पिता ने 9 सितंबर को उसे डांटा। इससे नाराज होकर लड़की घर से निकल गई और बोलारम रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां उसे नीरज नामक व्यक्ति मिला। उसने अपने दोस्त विक्की को बुलाया और दोनों ने पीड़िता को नशीली चीजें खिलाकर उसका यौन शोषण किया। बाद में, विक्की अपने एक अन्य दोस्त निखिल के साथ लड़की को डुलापल्ली में एक रूम में ले गया। विक्की और निखिल ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसका यौन शोषण किया। 9 सितंबर की रात, विक्की उसे बोलारम स्थित अपने घर ले आया और वहां उसे बंधक बनाकर रखा। अगले दिन वह किसी तरह भाग निकली और बोलारम रेलवे स्टेशन पहुंची। विक्की अपने दोस्त गणेश के साथ वहां पहुंचा और जबरदस्ती उसे नशीली दवा दे दी। वे उसे मेडचल रेलवे स्टेशन ले गए। वहां से वे उसे मल्कजगिरी ले गए और रास्ते में ट्रेन में उसका यौन शोषण किया। मल्कजगिरी पहुंचने के बाद, वे एक ऑटो-रिक्शा में सवार हुए। हालांकि, वह भागने में सफल रही और अपने घर पहुंची, जहां परिवारवालों की मदद से उसने पुलिस से संपर्क किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने ओयो होटल के मैनेजर और मालिक को भी गिरफ्तार किया है क्योंकि उन्होंने बिना सही जांच-पड़ताल के नाबालिग को होटल में जगह दी और कमरा अलॉट किया।

गणेश चतुर्थी पर मुंबई के पंडालों को मिस कर रहीं उर्मिला मातोंडकर, बोलीं-‘इस बार बस लोगों की सलामती की प्रार्थना’

मुंबई। अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर के लिए गणेश चतुर्थी का त्योहार हमेशा से बेहद खास रहा है। मुंबई में गणेश उत्सव के दौरान पंडालों में जाना, बप्पा के दर्शन करना और त्योहार के उस खास माहौल को करीब से महसूस करना उनकी यादों का हिस्सा रहा है। हालांकि इस बार उर्मिला मुंबई में रहते हुए इस उत्सव का हिस्सा नहीं बन पा रही हैं। अपने कमिटमेंट्स की वजह से वह इस साल मुंबई के अलग-अलग गणेश पंडालों में जाकर बप्पा के दर्शन नहीं कर पाएंगी। ऐसे में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए बप्पा को याद किया और बताया कि इस बार उनकी कोई बड़ी इच्छा नहीं है, बस वह लोगों की सलामती और खुशियां चाहती हैं। उर्मिला ने अपने इंस्टाग्राम पर गणेश चतुर्थी के मौके की एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर में वह गणेश उत्सव में शामिल नजर आ रही है। तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, ”गणपति बप्पा मोरिया। इस साल मेरे पास मांगने के लिए कोई लंबी लिस्ट नहीं है। मैं सिर्फ इतना चाहती हूं कि बप्पा सभी लोगों को सुरक्षित रखें और उन्हें मुस्कुराने की वजह दें।” उर्मिला ने अपने कैप्शन में आगे लिखा, ”उन लोगों को ताकत देना, जो अपनी जिंदगी में मुश्किलों से गुजर रहे हैं। इस बार ट्रैवल की वजह से मैं मुंबई के गणेश पंडालों में नहीं जा पाऊंगी। मैं बप्पा के दर्शन मिस करूंगी। मुंबई के लोगों और फैंस को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं।” उर्मिला मातोंडकर के फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही फिल्मों में कदम रख दिया था। बतौर बाल कलाकार वह ‘मासूम’ जैसी चर्चित फिल्म में नजर आईं। हालांकि बतौर एक्ट्रेस उनकी सबसे बड़ी पहचान साल 1995 में आई फिल्म ‘रंगीला’ से बनी। राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘रंगीला’ में उर्मिला ने आमिर खान और जैकी श्रॉफ के साथ काम किया था। फिल्म में उनका ग्लैमरस अंदाज और दमदार परफॉर्मेंस दर्शकों को खूब पसंद आया। इसके बाद वह तेजी से बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। ‘जुदाई’, ‘दौड़’, ‘चमत्कार’, ‘सत्या’, ‘कौन’, ‘प्यार तूने क्या किया’, ‘जंगल’, ‘भूत’, ‘पिंजर’, ‘एक हसीना थी’ और ‘मैंने गांधी को नहीं मारा’ जैसी फिल्मों में काम किया।

भारत में अगस्त माह के लिए थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई 9.92 प्रतिशत रही: सरकार

नई दिल्ली। सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई अगस्त 2026 के लिए 9.92 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 9.78 प्रतिशत थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि अगस्त 2026 में सभी वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) 110.8 रहा, जबकि जुलाई में यह 110.0 था। आंकड़ों से पता चलता है कि प्राथमिक वस्तुओं, ईंधन एवं ऊर्जा तथा विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का समग्र महंगाई पर असर पड़ा। अगस्त में ईंधन एवं ऊर्जा श्रेणी की महंगाई बढ़कर 22.93 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 20.05 प्रतिशत थी। हाल के सप्ताहों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का असर इस श्रेणी पर साफ दिखाई दिया। वहीं, प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई अगस्त में 7.76 प्रतिशत रही, जबकि जुलाई में यह 8.52 प्रतिशत थी। दूसरी ओर, विनिर्मित उत्पादों की महंगाई मामूली बढ़कर 8.37 प्रतिशत हो गई, जो पिछले महीने 8.29 प्रतिशत थी। अगस्त में प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 118.1, ईंधन एवं ऊर्जा का 108.3 और विनिर्मित उत्पादों का 108.8 रहा। जुलाई में ये क्रमशः 117.2, 105.4 और 108.4 थे। डब्ल्यूपीआई खाद्य सूचकांक-आधारित महंगाई अगस्त में बढ़कर 7.05 प्रतिशत हो गई, जबकि जुलाई में यह 6.65 प्रतिशत थी। इससे संकेत मिलता है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी दबाव बना हुआ है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले महीने अगस्त में थोक महंगाई बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में खनिज तेल (पेट्रोलियम उत्पाद सहित), खाद्य वस्तुएं, खाद्य उत्पादों का विनिर्माण, मूल धातुएं, गैर-खाद्य पदार्थ और रसायन एवं रासायनिक उत्पादों का निर्माण शामिल रहे। सरकार ने जून 2026 के अंतिम आंकड़ों में भी संशोधन किया है। जून का डब्ल्यूपीआई सूचकांक 110.2 के अस्थायी अनुमान से बढ़ाकर 110.3 कर दिया गया है। इसके साथ ही जून 2026 की थोक महंगाई का अंतिम आंकड़ा 9.87 प्रतिशत से संशोधित होकर 9.97 प्रतिशत कर दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र के लिए इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (इनपुट पीपीआई) अगस्त 2026 में 104.2 रहा। वहीं जून माह का ट्रायल इनपुट पीपीआई 107.1 के अनंतिम अनुमान से संशोधित होकर 105.9 किया गया है।

गरीब राजभर समाज में पैदा हुआ, इसलिए मेरी पैदाइश पर टिप्पणी : ओमप्रकाश राजभर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पैदाइश को लेकर की गई टिप्पणी पर सपा नेता ओम प्रकाश सिंह पर तीखा पलटवार किया है। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘मित्र ओम प्रकाश सिंह जी’ संबोधित करते हुए राजभर ने कहा कि पिछले दो दिनों से उनका बयान सामने आ रहा है। बयान सुनकर उन्हें हैरानी नहीं हुई, बल्कि ओम प्रकाश सिंह पर तरस आया। उन्होंने कहा कि उनकी पैदाइश पर टिप्पणी इसलिए की गई, क्योंकि वह किसी जमींदार या ऊंची जाति में नहीं, बल्कि बेहद गरीब और असहाय राजभर समाज में पैदा हुए हैं। राजभर ने कहा कि उन्हें राजभर होने का कभी दुख नहीं रहा बल्कि इस बात की खुशी है कि जिस समाज में पैदा हुए, उसके लिए कुछ करने की नीयत और हौसला उनके अंदर है। उन्होंने कहा कि चाहें तो वह भी ओम प्रकाश सिंह पर अनर्गल टिप्पणी कर सकते हैं, लेकिन छोटी जाति में पैदा होने के बावजूद राजभर समाज ने किसी व्यक्ति के माता-पिता पर गलत बयानबाजी करना नहीं सिखाया। उन्होंने ओम प्रकाश सिंह के माता-पिता को प्रणाम करते हुए कहा कि कौन कब, कहां, किस कुल और किस जाति में पैदा होगा, यह कोई व्यक्ति तय नहीं करता। इसे परमात्मा तय करते हैं। इसके बाद राजभर ने सपा और ओम प्रकाश सिंह पर सियासी हमला तेज करते हुए कहा कि शायद वे लोग ईश्वर को नहीं मानते। अगर मानते होते तो भगवान राम, रघुकुल, सूर्यवंश और सनातन का अपमान करने वाली समाजवादी पार्टी में एक विधानसभा टिकट के लिए अपमान का घूंट पीकर नहीं पड़े रहते। राजभर ने कहा कि वह कर्म करने में विश्वास रखते हैं और कर्म के फल की चिंता नहीं करते। उन्होंने राजभर समाज के साथ पिछड़ों, दलितों और शोषितों की आवाज बुलंद करने का प्रण लिया है और उसी को पूरा करने में लगे हैं। उन्होंने ओम प्रकाश सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सपा का टिकट चाहिए तो बेशक लें। जनता सब देख रही है। वह उन्हें भी देख रही है और उनकी पार्टी को भी। समय आने पर नतीजा भी जनता ही देगी। राजभर ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि ओमप्रकाश सिंह अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे और वह उनसे माफी की अपेक्षा भी नहीं रखते। हालांकि एक बार अपने माता-पिता को याद करके जरूर सोचें कि उनके जैसे छोटी जाति में पैदा हुए व्यक्ति की पैदाइश को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित है या नहीं। राजभर ने आखिर में लिखा कि बाकी ईश्वर उनका भला करे। इसके साथ उन्होंने ‘जय श्रीराम’ लिखकर अपनी पोस्ट समाप्त की।

मुख्यमंत्रियों ने हिंदी दिवस पर दी बधाई- ‘हिंदी भाषा हमारे संस्कारों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति’

नई दिल्ली। हिंदी दिवस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है। इसके साथ ही आह्वान किया है कि हिंदी को ज्ञान, शासन, तकनीक और नवाचार की भाषा के रूप में और सशक्त बनाएं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, “हिंदी दिवस की सभी हिंदी प्रेमियों और प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता एवं भारतीय अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति है। आइए, हम सब मिलकर हिंदी भाषा के सम्मान, संवर्धन एवं व्यापक प्रयोग के लिए संकल्पित हों।” दिल्ली की रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, “हिंदी हमें जोड़ती है। मन से मन को, जन से जन को, परंपरा को तकनीक से और भारत को विश्व से, सभ्यता से लेकर साहित्य तक, स्वतंत्रता से संविधान सभा तक, हिंदी ने भारत की चेतना को स्वर दिया है। आज वही हिंदी तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के संवाद के साथ नए विस्तार की ओर बढ़ रही है। हिंदी हमारी जड़ों की भाषा है और भविष्य भी है। आइए, हिंदी को ज्ञान, शासन, तकनीक और नवाचार की भाषा के रूप में और सशक्त बनाएं। आप सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” राजस्थान के मुख्यंमत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पोस्ट में कहा, “सभी प्रदेशवासियों को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! हिंदी भाषा हमारे संस्कारों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह विविधताओं से भरे हमारे देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करती है। आइए, इस अवसर पर हम सब मिलकर हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार का संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसकी समृद्धि और गौरव को आत्मसात कर सकें।” अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने एक्स पर लिखा, “हिंदी ने भारत की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिंदी के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना को और सशक्त बनाएं। हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रीय हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हिंदी भाषा हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार और हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति का सहज और सशक्त माध्यम है। यह हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ देश की विविध भाषाओं और बोलियों के बीच आत्मीयता का सेतु भी बनाती है। आइए, हिंदी पर गर्व करें, इसके प्रयोग को बढ़ाएं और इसे ज्ञान, विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार के साथ विकसित भारत की सशक्त भाषा बनाएं।” असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पोस्ट में कहा, “हिंदी की खूबसूरती शायद इसी में है कि इसमें कबीर की निर्भीकता भी है, तुलसी की भक्ति भी, प्रेमचंद की संवेदना भी और दिनकर की हुंकार भी। समय के साथ हिंदी ने भारत के बदलते समाज, विचार और जीवन को अपनी अभिव्यक्ति दी है। हिंदी दिवस पर इस जीवंत परंपरा को नमन।” राजस्थान की उप मुख्यंत्री दिया कुमारी ने एक्स पोस्ट में कहा, “आप सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हिन्दी हमारी आत्मीय अभिव्यक्ति, साहित्यिक समृद्धि और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। हिन्दी देश के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को आपसी प्रेम, संवाद एवं एकता के सूत्र में जोड़ती है। हिन्दी का विकास और संवर्धन हमारी साझा जिम्मेदारी है।

साहिबगंज में गंगा का जलस्तर घटा, निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में संकट बरकरार

साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी में आई बाढ़ की स्थिति में पिछले 24 घंटों के दौरान आंशिक सुधार हुआ है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा नदी के जलस्तर में रविवार शाम करीब चार सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, गंगा अब भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है और निचले तथा दियारा क्षेत्रों में जलजमाव के कारण हजारों लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं। साहिबगंज में गंगा का जलस्तर हाल में 28.71 से 28.72 मीटर तक पहुंच गया था, जो खतरे के निशान 27.25 मीटर से करीब 1.46 मीटर अधिक है। यह पिछले चार वर्षों में दर्ज सबसे ऊंचे जलस्तर के आसपास बताया जा रहा है। अब जलस्तर में मामूली गिरावट से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। शहरी इलाकों में भी बाढ़ के पानी का असर कम हुआ है। हबीबपुर की मस्जिद रोड और कुलीपाड़ा-हबीबपुर मुख्य सड़क से पानी निकल गया है। हालांकि कमल टोला, बायसी स्थान, भरतिया कॉलोनी और अलीनगर जैसे कुछ निचले इलाकों में अब भी पानी जमा है। सबसे ज्यादा परेशानी दियारा और ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई है। उधवा प्रखंड के कई गांवों में पानी घटने लगा है, लेकिन कई गांव अब भी टापू बने हुए हैं। बाढ़ के कारण कई घरों के बोरिंग का पानी दूषित हो गया है, जिससे लोगों के सामने पीने के साफ पानी की समस्या खड़ी हो गई है। बरहरवा प्रखंड के कुछ अंदरूनी रास्तों और सड़कों पर भी पानी बह रहा है। जिले के प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित गांवों का दौरा कर लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने की अपील कर रही हैं। जरूरतमंदों के बीच खाद्य सामग्री और अन्य राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। साहिबगंज पुलिस ने प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक लंगर की व्यवस्था की है। वहीं, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के निर्देश पर राजमहल, राधानगर, गंगा नदी और मुफस्सिल थाना परिसर में पका हुआ भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में जोखिम उठाकर आवागमन नहीं करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को भी सतर्क रखा गया है।

फिलीपींस में संसदीय चुनाव से पहले गोलीबारी; तीन की मौत, 15 घायल

मनीला। दक्षिणी फिलीपींस के कोटाबाटो सिटी में रविवार रात करीब आधी रात से पहले एक मतदान केंद्र के बाहर हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ के अनुसार, यह घटना बांगसमोरो ऑटोनॉमस रीजन इन मुस्लिम मिंडानाओ (बीएआरएमएम) में होने वाले संसदीय चुनाव से ठीक पहले हुई। सोमवार को इस क्षेत्र में पहली बार चुनी हुई संसद के लिए मतदान शुरू हुआ। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, मतदान के लिए लगी कतार में अपनी जगह को लेकर प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक गुटों के बीच विवाद हो गया। पहले धक्का-मुक्की हुई, फिर मारपीट शुरू हो गई और आखिरकार भीड़भाड़ वाले इलाके में गोलियां चलने लगीं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 13 राजनीतिक दलों के उम्मीदवार 80 संसदीय सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। इन चुनावों में 20 लाख से अधिक मतदाता वोट देने के पात्र हैं। किसी भी संभावित हिंसा से निपटने के लिए पिछले कुछ दिनों में पूरे बीएआरएमएम क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मतदान केंद्रों पर 20,000 से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है और त्वरित प्रतिक्रिया दल भी तैयार रखे गए हैं। सोमवार को होने वाला यह ऐतिहासिक मतदान मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में दशकों से चले आ रहे विद्रोह और हिंसा के बाद स्वशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस चुनाव में लगभग 24 लाख पंजीकृत मतदाता मतदान करने वाले हैं। अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और शांति निगरानी करने वाले संगठनों का मानना है कि यह चुनाव इस बात की बड़ी परीक्षा है कि 2014 में मनीला सरकार और मुस्लिम अलगाववादी समूहों के बीच हुए शांति समझौते के तहत स्थापित क्षेत्रीय स्वायत्तता लोकतांत्रिक संस्थाओं के जरिए लंबे समय तक कायम रह सकती है या नहीं। यह स्वायत्तता व्यवस्था उस लंबे संघर्ष को खत्म करने के लिए बनाई गई थी, जिसमें 1,20,000 से अधिक लोगों की जान गई थी और लगभग 20 लाख लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए थे। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने एक वीडियो संदेश में लोगों से मतदान में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव बीएआरएमएम की स्थायी शांति, लोकतांत्रिक शासन और वास्तविक आत्मनिर्णय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने इसे क्षेत्र और पूरे देश के लिए एक ‘ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण’ बताते हुए मतदाताओं से बढ़-चढ़कर मतदान करने का आग्रह किया।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई

नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल समापन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान नवाचार, सहयोग और स्थिरता को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा। राजनाथ सिंह ने इस संबंध में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इन प्राथमिकताओं के तहत भारत ने ब्रिक्स सहयोग को सीधे आम लोगों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समावेशी और जन-केंद्रित दृष्टिकोण नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की प्रमुख पहचान बना। भारत ने यह संदेश दिया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग का लाभ केवल सरकारों तक सीमित न रहकर आम लोगों तक भी पहुंचना चाहिए। रक्षा मंत्री ने ब्रिक्स 2026 नई दिल्ली घोषणा पर हस्ताक्षर को भी बड़ी उपलब्धि बताया है। सोमवार को इस विषय पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव का स्पष्ट संदेश है। उनके अनुसार, इस घोषणा ने साझा सहमति और सहयोग के लिए भारत की भूमिका को और मजबूत किया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने ग्लोबल साउथ को हाशिये पर रखने के बजाय उसे केंद्र में रखा है। भारत एक अधिक समावेशी, प्रतिनिधित्वपूर्ण और संतुलित वैश्विक व्यवस्था की वकालत कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उचित महत्व देना भारत की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। उन्होंने भारत की सभ्यतागत सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का भी उल्लेख किया। इस का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने एक बार फिर दिखाया है कि नेतृत्व का मतलब सबसे ऊंची आवाज में बोलना नहीं, बल्कि सबसे मजबूत सहमति तैयार करना है। उन्होंने कहा कि जब भारत नेतृत्व करता है, तो दुनिया उसकी बात सुनती है। राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि इस सम्मेलन ने वैश्विक मंच पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और प्रभाव का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।

केरल में मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम का सम्मान, शेख अबू बक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा

नई द‍िल्‍ली। 18वें ब्र‍िक्‍स श‍िखर सम्‍मेलन के दौरान भारत पहुंचे मलेश‍िया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राह‍िम ने श‍िखर सम्‍मेलन से इतर केरल का दौरा क‍िया। यहां उन्होंने सुन्नी कल्चरल सेंटर में आयोजित स्मरण और प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। इस दौरान भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद की मौजूदगी में उन्हें शेख अबूबक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मलेश‍िया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राह‍िम ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर ल‍िखा, ”सुन्नी कल्चरल सेंटर में मुझे मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल के साथ स्मरण और प्रार्थना सभा में शामिल होने का सम्मान मिला। इस कार्यक्रम में केरल के सम्मानित विद्वान और लगभग दो हजार छात्र शामिल हुए। इस सभा का नेतृत्व भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद ने किया।” पीएम इब्राह‍िम ने कहा, मुझे शेख अबू बक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। मैं इस सम्मान को बहुत विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं और इसे उन सभी विद्वानों, धर्म प्रचारकों, वैज्ञानिकों और ज्ञान प्रेमियों को समर्पित करता हूं, जिन्होंने लोगों तक ईमान और आस्था का संदेश पहुंचाने तथा उम्मत की गरिमा बढ़ाने के लिए अपना समय, मन और जीवन समर्पित किया है। उन्‍होंने कहा, मलेशिया आगे भी उलेमा (धार्मिक विद्वानों) के साथ मिलकर शैक्षिक और धार्मिक प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। इसमें हदीस की पुस्तकों के अध्ययन और उनके समापन समारोह जैसे कार्यक्रम भी शामिल हैं। हम दुआ करते हैं कि ये प्रयास मलेशिया और केरल के बीच संबंधों को और मजबूत करें, ज्ञान की परंपरा को समृद्ध बनाएं और ऐसी पीढ़ी तैयार करें जो अपने ईमान में मजबूत, ज्ञान में समृद्ध और चरित्र में उत्कृष्ट हो। अनवर इब्राह‍िम ने बताया क‍ि करंथूर स्थित मरकजू सकाफती सुन्निया में आयोजित ज‍ियाराह महब्बाह कार्यक्रम ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बक्र अहमद से मुलाकात का अवसर म‍िला। इस दौरान हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका मिला। एआई ज्ञान, शोध और प्रगति के नए रास्ते खोल रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह आस्था, विश्वास, नैतिक मूल्यों और इंसान की बौद्धिक स्वतंत्रता के लिए कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां भी लेकर आ रहा है। इसी वजह से हमने इस बात पर चर्चा की कि एआई के लिए ऐसा दृष्टिकोण तैयार किया जाए जो इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित हो। इसका उद्देश्य तकनीकी प्रगति और मानवीय मूल्यों, नैतिकता तथा इंसानियत के बीच संतुलन बनाए रखना है। उन्‍होंने बताया क‍ि इस चर्चा को आगे और विकसित किया जाएगा, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की प्रगति का पूरा लाभ उठाया जा सके, लेकिन साथ ही आस्था, नैतिक मूल्यों और इंसानियत से कोई समझौता न हो।