‘सहयोग की लिस्ट लंबी करना चाहते हैं, भारत से संबंध बेहतर बनाना लक्ष्य’, ब्रिक्स समिट के बाद चीन का बड़ा बयान

नई दिल्ली। नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद चीन ने भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने का बड़ा संकेत दिया है। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि चीन, दोनों नेताओं के बीच बनी सहमतियों को लागू करने और सहयोग की लिस्ट को और लंबा करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह तीन साल में उनकी तीसरी मुलाकात थी, जो कजान में द्विपक्षीय संबंधों को नए सिरे से शुरू करने से लेकर तियानजिन में और सुधार करने तक के मार्गदर्शन के बाद चीन-भारत संबंधों के विकास की दोनों नेताओं की पुष्टि को दर्शाती है। सबसे महत्वपूर्ण सहमति यह बनी कि चीन और भारत को साझेदार होना चाहिए।” चीनी राजदूत ने आगे कहा कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों और ग्लोबल साउथ के प्रमुख सदस्यों के तौर पर, चीन और भारत को विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जो सबसे बड़ा साझा बिंदु है, मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को मजबूत करना चाहिए और द्विपक्षीय संबंधों के बारे में जनता की धारणा में सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को संतुलित तरीके से एक-दूसरे की आर्थिक और व्यापारिक चिंताओं को दूर करना चाहिए और आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के स्वस्थ और स्थिर विकास को बढ़ावा देना चाहिए। दोनों पक्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता में एक-दूसरे का समर्थन करने, ग्लोबल साउथ में सहयोग को बढ़ावा देने, बहुध्रुवीय दुनिया के निर्माण में मदद करने और अस्थिर दुनिया में प्रगति और स्थिरता की ताकत के रूप में काम करने पर सहमत हुए। साथ ही, दोनों नेता सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए चीन और भारत के बीच विवादों और मतभेदों को उचित तरीके से संभालने पर सहमत हुए। शू फेइहोंग ने कहा कि चीन दोनों नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण आम सहमतियों को लागू करने, सहयोग की सूची को और लंबा करने, लोगों के बीच आदान-प्रदान को गहरा करने, बहुपक्षीय मंचों पर और अधिक निकट सहयोग करने, हमारे संबंधों को बेहतर बनाने और आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने और एक-दूसरे के विकास और पुनरुत्थान का दृढ़ता से समर्थन करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि हम क्षेत्र और उससे परे शांति और समृद्धि में योगदान दे सकें।
पायलट के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस नेतृत्व ने चंडीगढ़ में वित्त मंत्री चीमा के खिलाफ प्रदर्शन किया

चंडीगढ़। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के नव नियुक्त महासचिव और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में पार्टी के पूरे शीर्ष नेतृत्व ने लंबे समय बाद अपने मतभेदों को भुलाकर हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मंगलवार को पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा के आवास की ओर मार्च किया। चीमा पर दलित गुलजार सिंह की आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है और उन्होंने चीमा के इस्तीफे की मांग की। हालांकि, भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को चीमा के आवास तक पहुंचने से रोक दिया। इसके अलावा, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। वाटर कैनन की तेज बौछार से वरिष्ठ नेता कुलजीत नागरा समेत कई पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गए। इस अवसर पर बोलते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस का वित्त मंत्री के खिलाफ कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। लेकिन उन्होंने पूछा, क्या कानून के तहत यह अनिवार्य नहीं है कि जब कोई व्यक्ति अपने मृत्यु पूर्व बयान में मंत्री का नाम लेता है, तो उसके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की जाए और उसके बाद विस्तृत जांच की जाए? पायलट ने कहा कि गुलजार सिंह की आत्महत्या पंजाब में हो रही घटनाओं का प्रतिबिंब है, जो आम आदमी पार्टी के दावों के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी है कि एक गरीब दलित को सिर्फ इसलिए अपनी जान गंवानी पड़ी क्योंकि उसने उन नशीले पदार्थों की मुफ्त उपलब्धता पर सवाल उठाया था, जिनका शिकार उसका बेटा हुआ था। उन्होंने आम आदमी पार्टी को याद दिलाया कि उसने एक दलित उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति की घोषणा की थी। दलित उपमुख्यमंत्री की बात तो छोड़िए, गुलजार सिंह जैसे दलित आम आदमी पार्टी के शासन में आत्महत्या करने को मजबूर हैं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को चुनाव से पहले किए गए उनके उस दावे की याद दिलाते हुए कि सरकार बनने के तीन महीने के भीतर नशीले पदार्थों का सफाया कर दिया जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी के लगभग पांच साल के शासन के बाद, अब ‘चिट्टा’ (नशीली दवा) इतनी आसानी से उपलब्ध है कि इसकी ‘होम डिलीवरी’ भी हो रही है। इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में एकजुट होने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए पायलट ने उनमें से प्रत्येक को आश्वासन दिया कि कांग्रेस हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के उच्च कमान के प्रतिनिधि के रूप में वे न्याय दिलाने के लिए हर लड़ाई और संघर्ष में सबसे आगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता की गरिमा और सम्मान को बहाल करने के लिए वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
आरएसएस की सेवा की सदी भारत की सेवा परंपरा को दर्शाती है: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति भवन में तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सौंदर्यराजन द्वारा लिखित पुस्तक ‘ए सेंचुरी ऑफ सर्विस – द आरएसएस इन 100 एक्ट्स ऑफ सेवा’ का विमोचन किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह किताब आरएसएस की सौ साल की सेवा, उसकी सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र-निर्माण में उसके योगदान को दर्ज करती है। यह मानते हुए कि ‘आज की खबर कल का इतिहास बन जाती है,’ सीपी राधाकृष्णन ने अच्छे कार्यों को दर्ज करने के महत्व पर जोर दिया, अन्यथा वे लोगों की यादों से मिट सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह किताब दर्शाती है कि कैसे सेवा की भावना लगातार सामाजिक सेवा में बदल गई है। ‘सेवा ही धर्म है, यह एक कर्तव्य है’, को एक बुनियादी आदर्श बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आरएसएस की सेवा पहल समाज के गरीब, हाशिए पर रहने वाले और अलग-अलग वर्गों, जिनमें मजदूर, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, तक पहुंची है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भोजन, दवाइयां और जरूरी मदद पहुंचाने में आरएसएस स्वयंसेवकों की भूमिका को याद किया। किताब में ‘चरित्र-निर्माण के जरिए राष्ट्र-निर्माण’ के विषय का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र-निर्माण के लिए देशभक्ति, अनुशासन, सामाजिक ज़िम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि यह किताब न केवल आरएसएस की सौ साल की सेवा का रिकार्ड होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत की सेवा की परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को दिखाने वाला एक दस्तावेज भी होगी। उपराष्ट्रपति ने डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन और इस प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि इतिहास को दर्ज करने की ऐसी और भी कोशिशें होंगी। सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन, पुडुचेरी के गृह मंत्री ए. नमासिवयम और डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन इस मौके पर मौजूद थे।
यूसीसी को लेकर अमित शाह के बयान पर घमासान, मोहसिन रजा बोले- ये जनहित और देशहित का कानून

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन मोहसिन रजा ने यूसीसी का समर्थन करते हुए इसे सभी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा कानून बताया। वहीं, बिहार में एनडीए के घटक दलों ने कहा है कि वे यूसीसी के विस्तृत प्रस्ताव का अध्ययन करने के बाद अपना रुख स्पष्ट करेंगे। लखनऊ में मोहसिन रजा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भाजपा ने यूसीसी को अपने संकल्प के तौर पर रखा है और केंद्र सरकार इसी संकल्प के तहत आगे बढ़ रही है। उन्होंने विपक्ष पर अच्छे कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूसीसी जनहित और देशहित में लाया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित करना है, ताकि किसी के अधिकारों का हनन न हो। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर यूसीसी आम जनता के हित में है तो उसे लेकर आपत्ति क्यों है। जनता चाहती है कि देश में समान नागरिक संहिता लागू हो और विपक्ष का विरोध राजनीतिक कारणों से प्रेरित है। पटना में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने यूसीसी को लेकर कहा कि अभी सरकार की ओर से विस्तृत प्रस्ताव सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए। प्रस्ताव आने के बाद उसका अध्ययन किया जाएगा और पार्टी के भीतर विचार-विमर्श करके ही रुख स्पष्ट किया जाएगा। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा द्वारा इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से बात करने की बात कहे जाने पर कुशवाहा ने कहा कि हर पार्टी अपने स्तर पर राय तय करेगी। उनकी पार्टी प्रस्ताव को देखने के बाद ही अपनी स्थिति बताएगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने आने पर कुशवाहा ने केंद्र और राज्य सरकार की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति को लेकर संवेदनशील हैं और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार की ओर से सकारात्मक पहल की जाएगी। प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जरूरत है। वहीं, बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर नेता विपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष को जो कहना है, वह कहने दिया जाना चाहिए।
फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने मनाया ‘स्वच्छता पखवाड़ा,’ कार्यालयों से लेकर एनआईपीईआर और जन औषधि केंद्रों तक चला सफाई अभियान

नई दिल्ली। रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने 1 से 15 सितंबर, 2026 तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ का आयोजन किया। यह पखवाड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” के विजन के अनुरूप मनाया गया, जिसमें विभाग, एनआईपीईआर और पीएसयू के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विभाग ने इस दौरान स्वच्छता और साफ-सफाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया कि साफ-सुथरा और स्वस्थ परिवेश बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। स्वच्छता पखवाड़ा की शुरुआत 1 सितंबर, 2026 को हुई, जब फार्मास्यूटिकल्स विभाग के सचिव मनोज जोशी ने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इसके बाद पूरे पखवाड़े के दौरान कई स्वच्छता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अधिकारियों ने अपने कार्यस्थलों और कार्यालय परिसरों में विशेष सफाई अभियान चलाए। इस पहल के तहत संयुक्त सचिव अमन शर्मा के नेतृत्व में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने नई दिल्ली के जनपथ भवन मार्केट में श्रमदान किया और आम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। विभाग ने कार्यालयों में पड़े पुराने फर्नीचर, फिक्स्चर और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसी बेकार हो चुकी चीजों की व्यापक समीक्षा की और उनकी मरम्मत, निपटान और व्यवस्थित प्रबंधन किया। साथ ही कार्यालयों में कीट-नियंत्रण अभियान भी चलाया गया ताकि कार्यस्थल स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बना रहे। सभी सात नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर) में भी ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। कैंपस में सफाई अभियान चलाए गए, जिनमें फैकल्टी सदस्यों, छात्रों और स्टाफ ने मिलकर अपने संस्थान के परिसर की साफ-सफाई की। कई कैंपस में स्वच्छता के साथ-साथ हरियाली बढ़ाने के लिए पेड़ लगाने का कार्य भी किया गया। विभाग के अधीन सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) में भी विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता गतिविधियां चलाई गईं, जिसमें कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) ने भी अपने ऑफिस परिसर में ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ मनाया और इस अभियान को देश भर के जन-औषधि केंद्रों तक विस्तार दिया। इससे यह संदेश मजबूत हुआ कि साफ-सुथरा माहौल जन-स्वास्थ्य और भलाई के लिए कितना जरूरी है। इस पखवाड़े ने अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को एक मंच पर लाकर स्वच्छता के लिए मिलकर काम करने की प्रेरणा दी। विभाग ने अंत में “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” की भावना को फिर से दोहराते हुए कहा कि साफ-सुथरे कार्यस्थलों और समुदायों के निर्माण के लिए लगातार भागीदारी और जिम्मेदार व्यवहार बेहद जरूरी है।
मुंबई में खाने-पीने की जगहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, चार लाइसेंस सस्पेंड, पुणे डिवीजन में भी प्रतिष्ठानों पर गिरी गाज

मुंबई। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन को लेकर मुंबई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शहर में खाने-पीने से जुड़े चार प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। इनमें कोलाबा स्थित चर्चित कैफे मोंडेगर, कांदिवली ईस्ट का महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर, त्रिभुवन डेयरी फार्म और महावीर काजू एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। यह कार्रवाई अधिकारियों की जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, तापमान नियंत्रण, साफ-सफाई और खाद्य प्रतिष्ठानों में जरूरी स्वच्छता मानकों से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद की गई। इसके अलावा पुणे डिवीजन में भी खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसमें कोल्हापुर के होटल मल्हार वाडा और पुणे के पूरमचंद एंड संस का लाइसेंस सस्पेंड किया गया है। कोलाबा स्थित कैफे मोंडेगर के खिलाफ कार्रवाई के मामले में 12 सितंबर को मेट्रो हाउस, कोलाबा, मुंबई स्थित प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी कई गंभीर कमियां मिलीं। निरीक्षण में पाया गया कि गर्म खाद्य पदार्थों को निर्धारित सुरक्षित तापमान यानी 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं रखा जा रहा था। इसी तरह कोल्ड स्टोरेज में रखे जाने वाले खाद्य पदार्थों के लिए जरूरी 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान का भी पालन नहीं किया जा रहा था। खाद्य पदार्थों को सही तरीके से पिघलाने यानी विगलन की प्रक्रिया में भी खामियां पाई गईं। इसके अलावा पके हुए भोजन को तेजी से ठंडा करने की आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। कैफे मोंडेगर के निरीक्षण में प्रतिष्ठान की साफ-सफाई और बुनियादी ढांचे से संबंधित समस्याएं भी सामने आईं। जांच के दौरान पाया गया कि नमी के कारण परिसर का फर्श खराब हो गया था। खाना तैयार करने वाली जगह के आसपास ड्रेनेज सिस्टम भी उचित स्थिति में नहीं था। ऐसी स्थिति में खाद्य पदार्थों के संपर्क में दूषित पानी या गंदगी आने से क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा पैदा हो सकता है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की उचित तरीके से सफाई और सैनिटाइजेशन नहीं किए जाने की कमी भी निरीक्षण में सामने आई। इन खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी कमियों को गंभीरता से लेते हुए प्रतिष्ठान का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया। मुंबई में दूसरी बड़ी कार्रवाई महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर के खिलाफ की गई। 11 सितंबर को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शॉप नंबर 4, एन. गोविंदराज चॉल, हनुमान नगर, अकुरली रोड, कांदिवली ईस्ट, ग्रेटर मुंबई – 400101 स्थित इस प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा से संबंधित शेड्यूल 4 के नियमों का उल्लंघन पाया गया। निरीक्षण में सामने आई कमियों को नियमों के तहत गंभीरता से लिया गया और प्रतिष्ठान का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में लागू नियमों के अनुसार आगे कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है। इसके अलावा, त्रिभुवन डेयरी फार्म, मुंबई के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार इस प्रतिष्ठान का लाइसेंस सस्पेंड किया गया है। वहीं, महावीर काजू एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है। इन दोनों मामलों में लाइसेंस सस्पेंशन खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियामकीय कार्रवाई का हिस्सा है। मुंबई के अलावा पुणे डिवीजन में भी खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कोल्हापुर स्थित होटल मल्हार वाडा का लाइसेंस सस्पेंड किया गया है। इसके साथ ही पुणे स्थित पूरमचंद एंड संस के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस सस्पेंड किया गया है।
उत्तरकाशी में सड़क हादसा, एक की मौत, 11 लोग घायल

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र के खन्यासणी गांव के पास मंगलवार को एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर देहरादून रेफर किया गया है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार खन्यासणी गांव के निकट मोटर मार्ग पर एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना जिला प्रशासन को मिली। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर आपातकालीन परिचालन केंद्र ने तहसीलदार मोरी, पुलिस, एसडीआरएफ और 108 एम्बुलेंस सेवा को तत्काल मौके पर भेजा। साथ ही एनडीआरएफ बड़कोट की टीम को भी घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन में कुल 12 लोग सवार थे। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीन गंभीर घायलों को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से देहरादून रेफर किया गया। घटना की सूचना पर उपजिलाधिकारी पुरोला भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस, एसडीआरएफ, प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा दुर्घटना के कारणों और अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन ने कहा कि जैसे-जैसे नई जानकारी प्राप्त होगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा।
भाजपा अध्यक्ष 16 सितंबर को मुंबई और पुणे के गणेश पंडालों और मंदिरों का दौरा करेंगे

मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार को महाराष्ट्र की एक दिवसीय धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा पर निकलेंगे। वे चल रहे गणेशोत्सव समारोह के दौरान मुंबई और पुणे के प्रमुख गणेश पंडालों और मंदिरों का दर्शन करेंगे। पवित्र गणेशोत्सव के शुभ अवसर पर नवीन दोनों शहरों के कई प्रमुख पूजा स्थलों और गणेश पंडालों में जाकर विघ्नहर्ता भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, वे महाराष्ट्र और पूरे देश की शांति, समृद्धि और समग्र कल्याण के लिए प्रार्थना करेंगे। नवीन के मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह 10:20 बजे पहुंचने का कार्यक्रम है। हवाई अड्डे से, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष सीधे ऐतिहासिक श्री सिद्धिविनायक मंदिर जाएंगे, जहां वे भगवान गणेश के दर्शन करेंगे और प्रार्थना करेंगे। मंदिर दर्शन के बाद नवीन सुबह 11:30 बजे विश्व प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल पहुंचेंगे, जहां वे गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और त्योहार के दौरान पारंपरिक गणेश दर्शन में भाग लेंगे। इसके बाद, भाजपा अध्यक्ष मलाबार हिल स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर जाएंगे, जहां वे आवास पर स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा के दर्शन करेंगे और प्रार्थना करेंगे। नवीन मलाबार हिल स्थित उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के आधिकारिक आवासों का भी दौरा करेंगे। वे उनके आवासों पर स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना करेंगे। वे दोपहर 2:15 बजे बांद्रा रिक्लेमेशन पहुंचेंगे, जहां वे गणेशोत्सव के दौरान श्री गणेश दर्शन में भाग लेंगे और प्रार्थना करेंगे। मुंबई में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद, वे पुणे के लिए रवाना होंगे, जहां वे प्रमुख गणेश मंडलों में जाकर भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। पुणे पहुंचने पर नवीन कस्बा पेठ मंडल में जाकर गणपति बप्पा के दर्शन करेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। यह दौरा गणेशोत्सव के दौरान शहर में उनके निर्धारित धार्मिक कार्यक्रमों का हिस्सा होगा। इसके बाद, शाम 5:00 बजे, नवीन पुणे के विश्व प्रसिद्ध श्रीमंत दगडुशेठ हलवाई गणपति मंदिर जाएंगे। वे इस प्रसिद्ध गणपति मंडल में श्री गणेश के दर्शन और पूजा में भाग लेंगे, जो इस त्योहार के दौरान प्रमुख पूजा स्थलों में से एक है। शाम 5:30 बजे, भाजपा अध्यक्ष सदाशिव पेठ स्थित साने गुरुजी तरुण मित्र मंडल में प्रार्थना करेंगे। इसके बाद वे कोथरूड स्थित श्री साई मित्र मंडल में श्री गणेश के दर्शन और प्रार्थना करने जाएंगे।
त्रिपुरा: चोर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद का हाथ काटा, अस्पताल के बेड से पकड़ा गया

अगरतला। एक विचित्र घटनाक्रम में एक पेशेवर चोर ने कथित तौर पर गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद का हाथ काट लिया और अस्पताल में भर्ती हो गया, लेकिन पुलिस ने मंगलवार को उसे अस्पताल के बिस्तर से गिरफ्तार कर लिया। चोर पर एक मोटरसाइकिल चोरी करने और एक बुजुर्ग महिला से सोने की चेन छीनने का आरोप है। 11 सितंबर को अगरतला शहर के बाहरी इलाके बंकुमारी में दो बाइक सवार चोरों ने एक बुजुर्ग महिला से 17 लाख रुपए मूल्य का सोने का हार छीन लिया। यह घटना 11 सितंबर की सुबह तड़के हुई, जब बुजुर्ग महिला गीता रानी दास (देब) बंकुमारी इलाके में एक पड़ोसी के साथ सुबह की सैर पर निकली थीं। बाद में उन्होंने पूर्वी अगरतला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू की गई। पूर्वी अगरतला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी कृष्णधन सरकार के नेतृत्व में पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिए गहन जांच शुरू की। पुलिस ने पहले ही एक चोर को हिरासत में ले लिया था और दिनदहाड़े सोने की चेन छीनने में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया था। बताया जाता है कि यह मोटरसाइकिल भी पहले दोनों चोरों ने ही चुराई थी। हालांकि, अपराध का कथित मास्टरमाइंड अभी भी फरार था। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें हेलमेट पहने दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर सवार होकर महिला का हार छीनते हुए दिखाई दिए। जांच के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर, इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस अधिकारी सरकार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने राज्य की राजधानी और उसके आसपास के कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अंततः, अपराध के कथित मास्टरमाइंड को अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज और गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल से गिरफ्तार किया गया, जहां उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए कथित तौर पर अपना दाहिना हाथ काटकर खुद को भर्ती कराया था। मामले के मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर चोरी का हार अगरतला के एक आभूषण की दुकान पर बेच दिया था। हाल के महीनों में त्रिपुरा के विभिन्न जिलों में सोने की चेन छीनने की कई घटनाएं हुई हैं। हाल ही में, पश्चिम त्रिपुरा जिले में एक बुजुर्ग महिला से सोने की चेन छीनने के आरोप में बिहार के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी राधा रानी देबबर्मा के घर में बर्तन साफ करने के बहाने घुस गए थे, जब परिवार का कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर महिला से सोने की चेन छीनी और मोटरसाइकिल पर फरार हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में, दक्षिणी त्रिपुरा के गोमती जिले में रथ यात्रा उत्सव के दौरान चेन छीनने की कई घटनाओं के बाद दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया और लगभग 22 लाख रुपये की नौ चोरी की सोने की चेन बरामद की गईं। ये चोरियां उदयपुर के ऐतिहासिक जगन्नाथ बारी में वार्षिक रथ यात्रा के दौरान हुईं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ उत्तराखंड में टैक्स फ्री, सरकार करेगी एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को राज्य में टैक्स फ्री कर दिया है। इस संबंध में महानिदेशक सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग और मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूएफडीसी, उत्तराखंड, बंशीधर तिवारी ने आयुक्त राज्य कर को पत्र जारी किया है। सरकार के आदेश के अनुसार, फिल्म ‘हनुमान अंश’ को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों द्वारा फिल्म के प्रदर्शन के लिए दी जाने वाली सेवा पर राज्य के भीतर भुगतान किए जाने वाले एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा की जाएगी। यानी दर्शकों से एसजीएसटी नहीं लिया जाएगा। ‘हनुमान अंश’ की कहानी लक्ष्मण दास के जीवन पर आधारित है, जो आगे चलकर नीम करौली बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए। फिल्म में उनके जीवन की आध्यात्मिक यात्रा को दिखाने की कोशिश की गई है। कहानी एक ऐसे व्यक्ति के सफर को सामने लाती है, जिसकी जिंदगी धीरे-धीरे आध्यात्मिकता और भक्ति की ओर बढ़ती है और बाद में वह लाखों लोगों के लिए श्रद्धा का केंद्र बन जाते हैं। फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। विशाल इससे पहले 2013 में ‘वॉर्निंग’ फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं। ‘हनुमान अंश’ में शोभिनव सत्या ने नीम करौली बाबा का किरदार निभाया है। फिल्म में चंदन के. आनंद भी अहम भूमिका में हैं। उन्होंने डॉ. राम नंदन भोसले का किरदार निभाया है। इसके अलावा पूर्णिमा तिवारी और अनिल रस्तोगी जैसे कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म के गानों ने भी इसकी लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। खास तौर पर ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ और ‘पावर्ती’ गीत को दर्शकों का काफी प्यार मिला है। ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ गाने को 25 साल के नेत्रहीन गायक सुनील लोधी ने आवाज दी है। फिल्म का ‘पार्वती’ गाना भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ है। फिल्म को दर्शकों द्वारा खूब पंसद किया जा रहा है। जिस फिल्म ने सिनेमाघरों में महज 10 लाख रुपए से शुरुआत की थी, वह रिलीज के 35 दिन से ज्यादा गुजर जाने के बावजूद दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच रही है। वहीं, फिल्म की कमाई में वीकेंड पर जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। फिल्म भारत में 200 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाई कर चुकी है।