यूसीसी को लेकर अमित शाह के बयान पर घमासान, मोहसिन रजा बोले- ये जनहित और देशहित का कानून

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन मोहसिन रजा ने यूसीसी का समर्थन करते हुए इसे सभी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा कानून बताया। वहीं, बिहार में एनडीए के घटक दलों ने कहा है कि वे यूसीसी के विस्तृत प्रस्ताव का अध्ययन करने के बाद अपना रुख स्पष्ट करेंगे। लखनऊ में मोहसिन रजा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भाजपा ने यूसीसी को अपने संकल्प के तौर पर रखा है और केंद्र सरकार इसी संकल्प के तहत आगे बढ़ रही है। उन्होंने विपक्ष पर अच्छे कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूसीसी जनहित और देशहित में लाया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित करना है, ताकि किसी के अधिकारों का हनन न हो। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर यूसीसी आम जनता के हित में है तो उसे लेकर आपत्ति क्यों है। जनता चाहती है कि देश में समान नागरिक संहिता लागू हो और विपक्ष का विरोध राजनीतिक कारणों से प्रेरित है। पटना में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने यूसीसी को लेकर कहा कि अभी सरकार की ओर से विस्तृत प्रस्ताव सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए। प्रस्ताव आने के बाद उसका अध्ययन किया जाएगा और पार्टी के भीतर विचार-विमर्श करके ही रुख स्पष्ट किया जाएगा। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा द्वारा इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से बात करने की बात कहे जाने पर कुशवाहा ने कहा कि हर पार्टी अपने स्तर पर राय तय करेगी। उनकी पार्टी प्रस्ताव को देखने के बाद ही अपनी स्थिति बताएगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने आने पर कुशवाहा ने केंद्र और राज्य सरकार की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति को लेकर संवेदनशील हैं और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार की ओर से सकारात्मक पहल की जाएगी। प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जरूरत है। वहीं, बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर नेता विपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष को जो कहना है, वह कहने दिया जाना चाहिए।

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