डूसू चुनाव हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी, वोटों की गिनती पर रोक लगाने की दी चेतावनी

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर वह हिंसा और चुनाव नियमों के उल्लंघन में शामिल उम्मीदवारों और लोगों के खिलाफ अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुआ, तो दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (डूसू) चुनाव में वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा पर रोक लगा सकता है। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने वकील प्रशांत मनचंदा की अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। मनचंदा ने 2026-27 के चुनाव के दौरान लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों, विरूपण-रोधी गाइडलाइंस और डूसू चुनाव आचार संहिता को सख्ती से लागू करने की मांग की थी। चीफ जस्टिस उपाध्याय की अगुवाई वाली बेंच ने साफ किया कि वे 18 सितंबर को होने वाली वोटिंग पर रोक नहीं लगा रहे हैं और न ही उसे टाल रहे हैं, लेकिन साथ ही कहा कि अगर अधिकारी स्थिति को संभालने में नाकाम रहते हैं, तो और कड़ा आदेश दिया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा, “कोर्ट कोई बहाना नहीं सुनेगा। हम साफ कर देना चाहते हैं कि भले ही चुनाव पर रोक नहीं लगा रहे हैं या उसे टाल नहीं रहे हैं, लेकिन अगर हम आपकी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए, तो हम वोटों की गिनती या नतीजों की घोषणा पर रोक लगाने का कड़ा आदेश दे सकते हैं।” कोर्ट ने आगे कहा, “हमें अच्छी तरह पता है कि हम एक लोकतांत्रिक समाज हैं, लेकिन हमें यह भी पता है कि इस लोकतंत्र को आपराधिक समाज में नहीं बदला जा सकता।” हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वे हुड़दंग और लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस, अदालती आदेशों और चुनाव आचार संहिता के कथित उल्लंघन की घटनाओं पर की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को दोपहर 12 बजे होगी। चीफ जस्टिस उपाध्याय की बेंच ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि नॉर्थ कैंपस में उम्मीदवारों, समर्थकों और बाहरी लोगों के बीच हिंसा की घटनाएं हुईं, जिनमें हथियार होने और प्रोफेसरों व छात्रों पर हमले के दावे भी शामिल हैं। याचिकाकर्ता ने तोड़-फोड़, झड़पों और कॉलेज कैंपस में बाहरी लोगों के कथित तौर पर घुसने की घटनाओं का भी जिक्र किया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने हिंसा की घटना को “पूरी तरह निंदनीय” बताया और कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

अजमेर दरगाह से पीएम मोदी के लिए दुआ, सूफी काउंसिल चेयरमैन ने कहा, ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर कर रहे काम

अजमेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर अजमेर शरीफ दरगाह से भी उनके लिए दुआएं मांगी गईं। ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की। सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास’ और 2047 तक विकसित भारत के अपने विजन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “देखिए, प्रधानमंत्री सबके हैं। वह इस देश के 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं। पहले दिन से ही उनका विजन रहा है- ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका सम्मान।’ प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सभी ने तरक्की की है, विकास हो रहा है और सभी को सम्मान मिल रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। उनके जन्मदिन के मौके पर मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं। मैं इस दरगाह पर दुआ करता हूं कि सर्वशक्तिमान ईश्वर उन्हें लंबी और स्वस्थ आयु प्रदान करें। ईश्वर उन्हें और सफलता दे ताकि वे देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।” चिश्ती ने कहा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन के साथ, हमारा देश सफलता, समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ता रहे। पीएम मोदी राष्ट्रीय विकास के मिशन पर काम कर रहे हैं, खासकर 2047 के लिए उनके विजन पर, ताकि देश और ऊंचाइयों तक पहुंच सके।” ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल देशभर की दरगाहों और खानकाहों का प्रतिनिधित्व करती है। चेयरमैन ने कहा कि सूफी परंपरा हमेशा से देश में अमन, भाईचारे और एकता का पैगाम देती रही है और प्रधानमंत्री का विजन भी उसी एकता को मजबूत करने वाला है। इस मौके पर अजमेर दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन भी किया गया, जहां पीएम मोदी के स्वस्थ जीवन और देश की तरक्की के लिए प्रार्थना की गई। चिश्ती ने कहा कि 2014 से लेकर अब तक सरकार ने सभी वर्गों के लिए काम किया है और इसका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का साझा सपना है और सूफी समाज भी इस सपने को पूरा करने में सरकार के साथ खड़ा है।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर दिल्ली की सीएम, शहर के भाजपा प्रमुख और एनडीएमसी अधिकारियों ने 1.25 लाख दीये जलाए

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर एनडीएमसी ने इस दिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाया और शाम को विजय चौक पर 1.25 लाख मिट्टी के दीये जलाने का कार्यक्रम आयोजित किया। इस संबंध में अधिकारी ने गुरुवार को जानकारी दी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ​​और एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल के साथ-साथ राज्य भाजपा के अन्य पदाधिकारी और नेता शामिल हुए। एक अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक अन्य कार्यक्रम में, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनडीएमसी के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी और उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल के साथ लोधी कॉलोनी पार्क में एक पौधा लगाकर मियावाकी पद्धति से ‘भारत वन’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘सेवा माह’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित करने के बाद कहा कि पीएम मोदी देश के 140 करोड़ नागरिकों की लगातार सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “उनके जन्मदिन के मौके पर, हम सभी भारतीय उनकी सेवाओं के लिए केवल उन्हें अपना आशीर्वाद देकर ही आभार व्यक्त कर सकते हैं – ऐसा आशीर्वाद जो उनके लंबे जीवन, अच्छे स्वास्थ्य और हमेशा ऊर्जावान जीवन की कामना करता है।” एनडीएमसी के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि सेवा दिवस के मौके पर विजय चौक पर एक साथ 1.25 लाख दीये जलाना सेवा, समर्पण और राष्ट्र-निर्माण की भावना का प्रतीक बन गया। उन्होंने कहा, “इन दीयों की रोशनी सेवा के संकल्प को और मजबूत करेगी और नागरिकों को ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।” चहल ने शाम को कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के लगभग 5,000 लाभार्थियों, एनडीएमसी कर्मचारियों, छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी से कर्तव्य पथ से सेवा तीर्थ तक एक लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ‘जन सेवा से देश सेवा’ का संदेश पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है। पिछले 25 सालों से, उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और आयोजनों में सेवा, समर्पण और राष्ट्र-निर्माण के विषय प्रमुखता से शामिल रहे हैं। इस कार्यक्रम का मकसद मिट्टी के दीये जलाकर सेवा, समर्पण, जन-भागीदारी और राष्ट्र-निर्माण का संदेश देना है। इस कार्यक्रम में आयुष्मान भारत, सुकन्या समृद्धि योजना और पीएम स्वनिधि जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने हिस्सा लिया। चहल ने बताया कि दीयों को सजाकर इन योजनाओं से जुड़े संदेश और पैटर्न भी बनाए गए। लोधी कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “आज, जब हम प्रधानमंत्री का जन्मदिन ‘सेवा दिवस’ के रूप में मना रहे हैं, तो हमने दिल्ली की लोधी कॉलोनी के एक पार्क में पौधे लगाकर मियावाकी जंगल बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है।” उन्होंने कहा, “आरके नायर के सहयोग और मार्गदर्शन से, इस पहल का मकसद मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल करके स्थानीय माहौल के अनुकूल फल देने वाले और छायादार पेड़ लगाकर एक घना, हरा-भरा शहरी जंगल विकसित करना है।” एनडीएमसी की चेयरपर्सन ने कहा कि इलाके की सुंदरता और गुणवत्ता बढ़ाने के अलावा, यह पहल दिल्ली के शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने में भी योगदान देगी। इससे हवा साफ होगी, हरियाली बढ़ेगी और इलाके का पारिस्थितिक संतुलन मजबूत होगा। इस मौके पर बोलते हुए एनडीएमसी के वाइस चेयरपर्सन कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि ‘भारत वन’ में मियावाकी तकनीक से 10,000 देसी पौधे लगाए जाएंगे।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर मिथुन चक्रवर्ती की घोषणा, ‘पश्चिम बंगाल में मनाएंगे अन्नपूर्णा दिवस’

मुंबई। अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सीधे-सादे’ स्वभाव की तारीफ की और साथ ही अपनी पुरानी घोषणा को दोहराया कि पश्चिम बंगाल प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ‘अन्नपूर्णा दिवस’ मनाएगा। आईएएनएस से ​​बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोग पीएम मोदी की 25 वर्ष की सेवा को हमेशा याद रखेंगे और उन्हें लगता है कि पीएम मोदी की तरह देश की 25 वर्ष तक सेवा करने का मौका किसी और को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल इस दिन को ‘अन्नपूर्णा दिवस’ के तौर पर मना रहा है, क्योंकि “हम सभी बहुत आभारी हैं, वे माताएं और बहनें भी, जिन्हें अन्नपूर्णा दिवस का तोहफा मिला है।” मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, “जन्मदिन मुबारक हो। आप और आगे बढ़ें, अभी से भी ज्यादा तरक्की करें और आपकी उम्र लंबी हो, मैं भगवान से यही प्रार्थना करता हूं।” प्रधानमंत्री को ‘सर’ कहकर संबोधित करते हुए, चक्रवर्ती ने उस समय को याद किया जब वे पहली बार उनसे मिले थे। उन्होंने बताया कि पार्टी में शामिल होने के बाद वे प्रधानमंत्री से मिले थे और शुरू से ही उनके बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या चीजें बहुत बदली हैं, तो मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि जब से वे प्रधानमंत्री से मिले हैं, तब से उनमें कोई बदलाव नहीं आया है। वे हमेशा बहुत सीधे-सादे रहे हैं और उन्हें क्या चाहिए, इसे लेकर बहुत स्पष्ट रहे हैं, जैसे ‘मिथुन दा, आपको यह काम करना है।’ काम को लेकर वे मेरे साथ ज्यादातर सीधे तौर पर बात करते रहे हैं। मैं उनके सीधेपन और स्पष्टता की तारीफ करता हूं। इस बीच, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राज्य की महिलाओं को संबोधित किया और कहा कि अन्नपूर्णा योजना उन्हें सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। पश्चिम बंगाल के बिधाननगर में यह घोषणा की गई थी कि राज्य में हर वर्ष 17 सितंबर को ‘अन्नपूर्णा दिवस’ मनाया जाएगा, क्योंकि महिलाओं के लिए 3,000 रुपए की मासिक सहायता योजना की गारंटी दी गई थी। इसके अलावा, गुरुवार को बंगाल में लगभग 1.5 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में बीजेपी सरकार की अन्नपूर्णा योजना की चौथी किस्त भेजी गई।

नोएडा में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का भव्य शुभारंभ, दीपोत्सव और स्वच्छता कार्यक्रमों से दिया स्वच्छता का संदेश

नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर देशभर में शुरू किए गए ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का नोएडा में भी उत्साह और गरिमा के साथ शुभारंभ किया गया। नोएडा प्राधिकरण की ओर से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और शहरवासियों ने सहभागिता की। अभियान के माध्यम से शहर में स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। अभियान के तहत सेक्टर-35 स्थित मोरना बस स्टैंड पर वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम में गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और नोएडा विधायक पंकज सिंह ने जनसामान्य के साथ सहभागिता की। स्वच्छता अभियान के दौरान लोगों को सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत विद्यार्थियों और नागरिकों को वेस्ट मैनेजमेंट तथा पर्यावरण संरक्षण की प्रक्रिया से रूबरू कराने के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। इसके अंतर्गत सेक्टर-34 स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और सेक्टर-54 स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों और नागरिकों को कचरे के प्रबंधन, उसके निस्तारण तथा सीवेज के उपचार की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्वच्छता व्यवस्था में आम नागरिकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। अभियान के तहत शहर के प्रमुख स्थानों पर शाम के समय दीपोत्सव का आयोजन किया गया। सेक्टर-54 स्थित वेटलैंड और सेक्टर-33 स्थित चिल्ड्रन्स पार्क में दीप जलाकर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सकारात्मक नागरिक सहभागिता का संदेश दिया गया। दीपोत्सव के माध्यम से शहरवासियों को स्वच्छ और सुंदर नोएडा के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया गया। इसी क्रम में सेक्टर-78 स्थित वेदवन पार्क में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधायक पंकज सिंह और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दीप प्रज्वलित किए। कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता अभियान के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण मुख्यालय के ऑडिटोरियम में भी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी की उपस्थिति रही। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुष्प राज सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों ने दीप जलाकर ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा पूरे दिन शहर के विभिन्न स्थानों और अवस्थापना से संबंधित प्रमुख स्थलों पर सेवा संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। प्राधिकरण की ओर से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर नागरिकों को जागरूक किया गया। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की पूर्व संध्या पर नोएडा के प्रमुख मार्गों को आकर्षक लाइटों से सजाया गया था। रोशनी से शहर के प्रमुख मार्ग और सार्वजनिक स्थल आकर्षक नजर आए। प्राधिकरण का कहना है कि नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और हरित शहर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या और जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। अधिकारियों ने कहा कि शहर को साफ और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने में प्राधिकरण के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर शिप्रा के घाट हुए जगमग, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ का पूरे प्रदेश में भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के सभी जिलों और 845 आईकॉनिक प्लेस में 3 करोड़ 55 लाख दीये एक साथ जलाए गए। सिर्फ उज्जैन में ही 33 लाख 27 हजार दीये एक साथ प्रज्ज्वलित कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। उज्जैन के शिप्रा के रामघाट पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंघी ने उज्जैनवासियों के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलित किए। उज्जैन में शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों सहित महाकाल लोक में सायं 7 बजे सायरन बजने के साथ सभी लोगों ने मिलकर दीप जलाए और प्रधानमंत्री को जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंघी शिप्रा आरती में शामिल हुए और मां शिप्रा की आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उज्जैन के शिप्रा घाटों पर सायरन के आवाज के साथ ही आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित हुआ। वैसे ही कार्यक्रम के अतिथि, 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स, श्रद्धालु और नागरिकों ने एक साथ दीयों का प्रज्ज्वलन प्रारंभ किया। लाखों दीप प्रज्ज्वलन के साथ घाट-घाट जगमग हो उठे। प्रज्ज्वलित हुए लाखों दीप जैसे प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उनके द्वारा राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र भक्ति की सेवा के लिए किए गए 25 वर्षों के कार्यों के प्रति आदर और स्नेह की रोशनी फैला रहे थे। उज्जैन में शिप्रा तट के रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, भूखी माता घाट के साथ महाकाल महालोक में भी दीपोत्सव कार्यक्रम में 33 लाख 27 हजार दीपों का प्रज्जवलन किया गया। प्रदेश के प्रमुख आईकॉनिक जगहों पर भी दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसमें ग्वालियर जिले के 11, शिवपुरी के 11, गुना के 10, अशोकनगर के 11, दतिया के 14, भिंड के 10, मुरैना के 18, श्योपुर कला के 80, इंदौर के 32, बड़वानी के 27, धार के 32, झाबुआ के 11, आलीराजपुर के 4, खरगोन के 10, खंडवा के 27, बुरहानपुर के 15, उज्जैन के 10, नीमच के 15, देवास के 17, शाजापुर के 16, आगर के 7, रतलाम के 17, मंदसौर के 15, भोपाल के 21, सीहोर के 10, रायसेन के 18, विदिशा के 18, राजगढ़ के 11, नर्मदापुरम के 10, बैतूल के 144, हरदा के 10, सागर के 10, दमोह के 11, पन्ना के 10, छतरपुर के 10, टीकमगढ़ के 13, निवाड़ी के 10, रीवा के 11, मऊगंज के 10, सीधी के 15, सिंगरौली के 10, सतना के 17, मैहर के 11, शहडोल के 10, अनूपपुर के 10, उमरिया के 27, डिण्डौरी के 10, जबलपुर के 12, कटनी के 13, बालाघाट के 22, छिंदवाड़ा के 11, पांडुर्ना के 10, नरसिंहपुर के 10, सिवनी के 16 और मंडला के 17 के आईकॉनिक जगहों पर बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए गए।

पाकिस्तान में बाल यौन शोषण मामलों में सजा की दर बेहद कम, बढ़ रहीं घटनाएं

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में बाल यौन शोषण (चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज) के मामलों में दोषियों को सजा मिलने की दर बेहद कम बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम सजा दर के कारण अपराधियों का हौसला बढ़ता है और ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में हर कुछ हफ्तों में किसी बच्चे के साथ दुष्कर्म, हत्या या दोनों तरह की घटनाओं की खबर सामने आती है। हर घटना के बाद लोग गुस्सा जाहिर करते हैं, न्याय की मांग करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद मामला ठंडा पड़ जाता है। इसके कारण बच्चों की सुरक्षा, अपराध रोकथाम, दोषियों की जवाबदेही और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी है। हाल ही में कराची में 18 महीने की बच्ची ऐजल की यौन उत्पीड़न के बाद मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, एक किशोर रिश्तेदार बच्ची को घर से ले गया था और बाद में उसे गंभीर हालत में वापस लाया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इससे पहले अगस्त में पांच वर्षीय आयत नूर का शव एक कुएं से बरामद हुआ था। जांच में उसके साथ यौन उत्पीड़न की बात सामने आई थी। बाल संरक्षण संस्था साहिल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ उत्पीड़न के 1,914 मामले दर्ज किए गए। इनमें सड़क पर लावारिस हालत में मिले 49 नवजात और बच्चों के मामले भी शामिल हैं। जनवरी से जून 2026 के बीच पाकिस्तान में बाल यौन शोषण के 1,015 मामले, अपहरण के 558 मामले, लापता बच्चों के 101 मामले, यौन शोषण से जुड़े अश्लील सामग्री के 98 मामले और बाल विवाह के 35 मामले दर्ज किए गए। यह रिपोर्ट पाकिस्तान के बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब, सिंध, इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) के समाचार पत्रों से जुटाए गए आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल पीड़ितों में 58 प्रतिशत लड़कियां थीं। पीड़ित बच्चों में 598 बच्चे 11 से 15 वर्ष आयु वर्ग के थे, 356 बच्चे 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के, 329 बच्चे 6 से 10 वर्ष आयु वर्ग के और 95 बच्चे 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के थे। वहीं 487 मामलों में पीड़ितों की उम्र का उल्लेख नहीं किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 43 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़ितों के परिचित थे, जबकि 34 प्रतिशत मामलों में आरोपी अजनबी थे। कुल मामलों में 57 प्रतिशत घटनाएं शहरी क्षेत्रों और 43 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में दर्ज की गईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने दोषियों के लिए सख्त सजा संबंधी कानूनी सुधार तो किए हैं, लेकिन जांच प्रक्रिया में सुधार और पीड़ितों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए हैं। विश्लेषण में कहा गया है कि बाल यौन शोषण मामलों में बेहद कम सजा दर अपराधियों को ऐसे अपराध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है। कई मामलों में आरोपी लंबे समय तक कई बच्चों को निशाना बनाते रहते हैं और एक मामले की जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन से अन्य पीड़ितों से जुड़े सबूत मिलते हैं। इसके बावजूद लंबी न्यायिक प्रक्रिया और कमजोर फॉलो-अप के कारण बहुत कम मामलों में सजा हो पाती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि न्यायिक कमजोरियों के अलावा गरीबी, बाल श्रम, कम उम्र में विवाह और असुरक्षित सामाजिक माहौल जैसी परिस्थितियां भी बच्चों को शोषण और उत्पीड़न के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती हैं। इन्हीं कारणों से पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ अपराधों की चुनौती लगातार गंभीर होती जा रही है।

पीएम मोदी ने सुभाषित शेयर कर दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं, बोले-भारत के निर्माण में शिल्पकारों की अहम भूमिका

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सुभाषित शेयर कर भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आप सभी को भगवान विश्वकर्मा जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। देवशिल्पी से जुड़े इस दिव्य अवसर पर निर्माण कार्यों में जुटे देशभर के शिल्पकारों एवं हुनरमंद साथियों को मेरा विशेष अभिनंदन।” पीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आपका कौशल एवं परिश्रम विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। राष्ट्र के नवनिर्माण की दिशा में आपके प्रयासों को हरसंभव प्रोत्साहन मिलता रहे, इसके लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।” प्रधानमंत्री ने विश्वकर्मा अष्टकम् (या विश्वकर्मा स्तोत्रम्) का एक श्लोक, “अनादिरप्रमेयश्च अरूपश्च जयाजयः। लोकरूपो जगन्नाथः विश्वकर्मन्नमो नमः॥” भी साझा किया गया, जिसका हिंदी अर्थ है कि भगवान विश्वकर्मा अनादि और अप्रमेय हैं। उनका कोई एक निश्चित रूप नहीं है। वे जय-पराजय का निर्धारण करने वाले हैं। यह सम्पूर्ण संसार भगवान विश्वकर्मा का ही स्वरूप है और वे इस जगत के पालनकर्ता हैं। ऐसे विश्व के निर्माता भगवान विश्वकर्मा को मैं बार-बार प्रणाम करता हूं।” इस श्लोक के माध्यम से भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की गई है कि आप अनादि (जिसकी कोई शुरुआत न हो), अप्रमेय (जिसे तर्कों या प्रमाणों से पूरी तरह नपा या जाना न जा सके), अरूप (निराकार), तथा जय और पराजय (हार-जीत) दोनों से परे हैं। आप ही सम्पूर्ण लोकों के स्वरूप और इस जगत के स्वामी (जगन्नाथ) हैं। आपको हमारा बार-बार प्रणाम है।”

पीएम मोदी के जन्मदिन पर ओम बिरला और राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गजों ने दी बधाई, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई दिग्गज नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना की। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई व अनंत शुभकामनाएं। आपके नेतृत्व में भारत आज आत्मविश्वास के साथ वैश्विक पटल पर अपनी नई पहचान बना रहा है। विकास, आत्मनिर्भरता, नवाचार, डिजिटल प्रगति, बुनियादी ढाँचे के विस्तार और जनकल्याण की दिशा में देश निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है।” उन्होंने कहा कि 25 वर्षों से अधिक का आपका सार्वजनिक जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन और देश के कमजोर-वंचित जन के लिए अत्यंत फलदायी सिद्ध हुआ है। राष्ट्र की उन्नति के लिए समर्पित आपका कर्मशील जीवन करोड़ों देशवासियों को विकसित भारत के ध्येय की दिशा में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर राष्ट्रसेवा का सामर्थ्य प्रदान करें। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मोदी जी के नेतृत्व में भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। आधारभूत संरचना से लेकर डिजिटल कनेक्टिविटी तक, गरीब कल्याण से लेकर नवाचार और उद्यमिता तक, हमने हर क्षेत्र में ऐतिहासिक और उल्लेखनीय प्रगति की है। आज नागरिकों का जीवन अधिक सुगम हुआ है, अवसरों का विस्तार हुआ है और प्रत्येक नागरिक के लिए गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जा रहा है।” राजनाथ सिंह ने कहा, “मोदी जी ने सुशासन और जनसेवा को देश की विकास यात्रा के केंद्र में रखते हुए प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाया है। उनके नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक चेतना और विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान और प्रतिष्ठा मिली है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु होने की महादेव से कामना करता हूं।” गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि अथक परिश्रम, त्याग और दूरदर्शिता के प्रतीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। कर्म को साधना और राष्ट्रसेवा को जीवन का ध्येय बनाकर चलने वाले मोदी जी का जीवन तप, त्याग और अटूट संकल्प की गाथा है। सेवा और समर्पण से भरी उनकी यात्रा करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे (पीएम मोदी) दीर्घायु और स्वस्थ रहें व उनके नेतृत्व में देश प्रगति की नई ऊंचाइयां प्राप्त कर 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य को सिद्ध करने की दिशा में आगे बढ़ता रहे। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने पोस्ट किया, “विश्व के सबसे लोकप्रिय राजनेता, विकसित भारत निर्माण के संकल्पकर्ता, करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई व अनंत शुभकामनाएं देता हूं।” उन्होंने कहा, “आपके नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ का संकल्प आज जन-आकांक्षा बन चुका है। नया भारत वैश्विक मंच पर अपने हितों और सामर्थ्य को दृढ़ता से स्थापित कर रहा है। 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि और नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका, विश्व के सामने एक सशक्त, आत्मविश्वासी और निर्णायक भारत की तस्वीर प्रस्तुत करती है।” जेपी नड्डा ने कहा कि मां भारती की सेवा और राष्ट्र कल्याण के प्रति आपका कर्म, अनुशासन एवं समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। ईश्वर से कामना करता हूं कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के लिए असीम ऊर्जा प्रदान करें। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि कभी कोई जन्मदिन ऐसा आता है, जो करोड़ों-करोड़ जनता के दिल में आनंद और उत्साह की लहर पैदा कर देता है। ऐसा ही जन्मदिन है प्रधानमंत्री का। प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई व अनंत शुभकामनाएं। वे दीर्घायु हों, शतायु हों और लगातार भारत माता के चरणों की, जनता-जनार्दन की सेवा करते रहें। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के शिल्पकार हैं। करोड़ों जनता के वे हृदयहार हैं, मुकुटमणि हैं। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था- ‘भारत माता एक बार फिर अंगड़ाई लेकर खड़ी होगी और विश्व गुरु के पद पर अधिष्ठित होगी।’ एक नरेंद्र ने कहा था और दूसरे नरेंद्र के नेतृत्व में यह पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री को जन्मदिन पर बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।

‘भगवान विश्वकर्मा ज्ञान, निर्माण-कला और तकनीकी कौशल की परंपरा के प्रतीक’, ओम बिरला समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली। भगवान विश्वकर्मा की जयंती के अवसर पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। ओम बिरला ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा भारतीय ज्ञान, निर्माण-कला और तकनीकी कौशल की समृद्ध परंपरा के प्रतीक हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सृजन, शिल्प, कारीगरी और कौशल के देव भगवान विश्वकर्मा की आराधना के पावन पर्व विश्वकर्मा पूजा की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान विश्वकर्मा जी भारतीय ज्ञान, निर्माण-कला और तकनीकी कौशल की समृद्ध परंपरा के प्रतीक हैं। यह अवसर हमारे कारीगरों, शिल्पकारों, श्रमिकों, इंजीनियरों और उन सभी कर्मयोगियों के सम्मान का भी पर्व है, जो अपने हुनर और मेहनत से देश के विकास को नई गति प्रदान करते हैं।” उन्होंने आह्नान करते हुए कहा कि आइए, भगवान विश्वकर्मा जी के आशीष से हम कौशल, नवाचार और कर्मठता को अपनी शक्ति बनाएं तथा एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लें। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “आप सभी को भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। आज मैं देश के सभी शिल्पकारों, श्रमिकों और कारीगरों को नमन करता हूं, जिनका कौशल, परिश्रम और सृजनशीलता आत्मनिर्भर व विकसित भारत के निर्माण को निरंतर गति प्रदान कर रही है। भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना है कि सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का संचार हो। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने निर्माण व सृजन के देव भगवान विश्वकर्मा की जयंती की देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “इस पावन अवसर पर अपने कौशल और परिश्रम से विकसित भारत की नींव रख रहे देश के सभी शिल्पकारों, कारीगरों और श्रमिकों को नमन करता हूं।” केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “विश्वकर्मा जयंती की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। निर्माण व सृजन के प्रतीक देव शिल्पि भगवान विश्वकर्मा जी को कोटि-कोटि नमन। देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति देने के लिए भगवान विश्वकर्मा हमें शक्ति दे।” केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने पोस्ट किया, “सृष्टि के सृजनकर्ता और प्रथम शिल्पकार, भगवान विश्वकर्मा जी की जयंती के पावन अवसर पर देश के नवनिर्माण और प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देने वाले सभी कामगार, इंजीनियर और शिल्पकार बंधुओं को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।” केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि निर्माण व सृजन के अधिष्ठाता, देव शिल्पी भगवान श्री विश्वकर्मा जी की पावन जयंती की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान श्री विश्वकर्मा जी हमें सृजनशीलता, उत्कृष्टता और परिश्रम की प्रेरणा देते हैं। उनकी कृपा और आशीर्वाद से हर हाथ को नई ऊर्जा मिले, हमारे देश का विकास सृजनशीलता के नए आयाम छुए, यही प्रार्थना है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी भगवान विश्वकर्मा की जयंती के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि भारतीय परंपरा में भगवान विश्वकर्मा जी को रचनात्मकता और निर्माण की दिव्य शक्ति का प्रतीक माना गया है। यह अवसर हमारे शिल्पकारों, कारीगरों, अभियंताओं एवं श्रमिकों के परिश्रम और योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी है। भगवान विश्वकर्मा जी से प्रार्थना है कि सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का संचार हो तथा उनके आशीर्वाद से हमारा राष्ट्र नवाचार और विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।