पीएम मोदी के जन्मदिन पर असम में जले ‘आशीर्वाद के दीये’, हजारों लोगों ने दीं शुभकामनाएं

गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर असम में गुरुवार को राज्यभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर इन आयोजनों की झलकियां साझा करते हुए बताया कि राज्य के शहरों और गांवों में लोगों ने ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि असम के लोग एकजुट होकर प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त करने के लिए आगे आए। उन्होंने कहा, “आज असम के लोगों ने राज्य के शहरों और गांवों में एकजुट होकर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया और अपने प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया।” मुख्यमंत्री ने ढेकियाजुली, जागीरोड, नलबाड़ी और गोहपुर में आयोजित कार्यक्रमों की तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल दिखाई दिए। इसके अलावा, उन्होंने मोरीगांव, राहा, दुलियाजान और डूमडूमा से भी कार्यक्रमों की झलकियां साझा करते हुए कहा कि ये तस्वीरें प्रधानमंत्री मोदी के प्रति असम के लोगों के प्रेम और सम्मान को दर्शाती हैं। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “ये तस्वीरें असम के लोगों द्वारा पीएम मोदी के प्रति व्यक्त किए गए स्नेह और आशीर्वाद को दर्शाती हैं।” मुख्यमंत्री ने बाद में बोकाखाट, तिंगखांग, गोलाघाट और माजुली से भी कार्यक्रमों की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि राज्यभर में उत्सव का माहौल बना रहा और हजारों लोग शाम के कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने कहा, “उत्साह और उमंग का यह सिलसिला लगातार जारी रहा। बोकाखाट, तिंगखांग, गोलाघाट और माजुली से भी ऐसी कई झलकियां सामने आई हैं, जहां हजारों लोग इस आयोजन में शामिल हुए।” प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में राज्य के कई जिलों में लोगों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन आयोजनों का दायरा ऊपरी असम, मध्य असम और राज्य के अन्य क्षेत्रों तक फैला रहा। ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के तहत लोगों ने दीप जलाकर प्रधानमंत्री के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद व्यक्त किए। इस पहल का उद्देश्य प्रधानमंत्री के जन्मदिन को जनभागीदारी के साथ मनाना था। मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई तस्वीरों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि असम के विभिन्न हिस्सों में इस अवसर पर व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जन्मदिन पर मिली शुभकामनाओं के लिए पीएम मोदी ने जताया आभार, बोले- मिलकर जारी रखें ‘विकसित भारत’ का निर्माण

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन के अवसर पर देश-दुनिया से बधाई संदेश मिले। इसके लिए प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि आइए हम सभी मिलकर विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन है। इस मौके पर एनडीए की तरफ से ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया गया। देश के कोने-कोने में लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और संवैधानिक पद पर रहते हुए 25 साल पूरे करने पर ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाए। जन्मदिन के मौके पर मिली शुभकामनाओं के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि हर तरफ से मिली शुभकामनाओं, स्नेह और आशीर्वाद के लिए मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं। प्यार भरे हर शब्द की मैं बहुत कद्र करता हूं और इनसे मुझे अपने लोगों की सेवा करने की नई ताकत मिलती है। पीएम मोदी ने आगे लिखा कि मैं उन सभी लोगों की भी सराहना करता हूं जो दिन भर सेवा कार्यों में लगे रहे। आइए, हम सब मिलकर ‘विकसित भारत’ का निर्माण जारी रखें। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर दुनिया भर के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों से शुभकामनाएं मिलीं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने डोमिनिका, इटली और भूटान के प्रधानमंत्रियों के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस को धन्यवाद दिया। डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट की शुभकामनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री स्केरिट, आपकी हार्दिक शुभकामनाओं और डोमिनिका की सरकार तथा वहां की जनता की सद्भावनाओं के लिए धन्यवाद। भारत हमारे घनिष्ठ मित्रतापूर्ण संबंधों को बहुत महत्व देता है।” इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को धन्यवाद देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री मेलोनी, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मैं हमारे घनिष्ठ सहयोग को आगे बढ़ाने का इच्छुक हूं।” भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के संदेश पर पीएम मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री टोबगे, आपकी शुभकामनाओं और स्नेहपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद। मैं आपकी भावनाओं और शुभेच्छाओं की गहराई से सराहना करता हूं।” वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस को जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “डॉ. टेड्रोस, आपकी शुभकामनाओं और स्नेहपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद। ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान आपसे मुलाकात कर खुशी हुई। वैश्विक स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में हमारी साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रहेगा।

इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ईरानी सरकार गिराने और हमास को खत्म करने का किया ऐलान

यरुशलम। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि इजरायल ईरान की सरकार को गिरा देगा, हमास को खत्म कर देगा और हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगा। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पीएम नेतन्याहू ने इजरायल की घरेलू सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के सदस्यों को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक समारोह में कहा, “हम हमास को खत्म कर देंगे और सबसे पहले हम ईरान में शासन को हराएंगे। हम उनकी सरकार गिरा देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध शुरू हुए लगभग तीन साल हो चुके हैं और अब भी इजरायल का एक लक्ष्य 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व में हुए हमले में शामिल फिलिस्तीनियों की तलाश जारी रखना है। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, “कोई भी बख्शा नहीं जाएगा।” 6 सितंबर को पीएम नेतन्याहू ने कहा था कि ईरान में शासन का अंत निकट है और वह अपनी जान बचाने के लिए लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक और मिशन पूरा करना बाकी है। इजरायली पीएम ने ये टिप्पणियां सरकार की बैठक के दौरान रोश हशनाह टोस्ट के दौरान कीं। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, नेतन्याहू ने कहा, “हम रोश हशनाह के मौके पर हैं और आज इजरायल का हित सबसे ऊपर है। इस टेबल पर हमने जो समझदारी भरे और साहसिक फैसले लिए, हमारे जवानों की बहादुरी और हमारे लोगों के हौसले की बदौलत हमने बड़ी कामयाबियां हासिल की हैं। इजरायल आज पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है और हमारे दुश्मन पहले से ज्यादा कमजोर। अमेरिका के साथ मिलकर हमने अपने वजूद पर मंडराते खतरे को टाला है। हमने परमाणु बम और बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरे को पीछे धकेला है और ईरानी धुरी पर करारा प्रहार किया है।” इजरायली प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “हम अपनी रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हम अपने दुश्मनों पर प्रहार करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। वे हम पर हमला नहीं कर रहे हैं। ईरान ऐसा करने से बच रहा है और वह जानता है क्यों। बेशक, वह गलती कर सकता है और फिर भी हम पर हमला करने की भूल कर सकता है। उसे ऐसा झटका लगेगा जिसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकता।” उन्होंने कहा कि इजरायल मध्य पूर्व की सबसे मजबूत महाशक्ति है और दुश्मनों को चेतावनी दी, ‘हमें आजमाने की कोशिश मत करो।’ प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने आगे कहा, “मैं अपने दुश्मनों से कहता हूं कि हमें आजमाने की कोशिश मत करो। इजरायली जनता परीक्षा की घड़ी में एकजुट होना जानती है और अभी यह मध्य पूर्व में सबसे मजबूत महाशक्ति है और कुछ लोग तो कहते हैं कि उससे भी आगे।

केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने वी.डी. सतीसन सरकार की तारीफ की

तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन के नेतृत्व वाली केरल सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में केंद्र को राज्य से अभूतपूर्व सहयोग मिल रहा है। गोपी ने कहा कि राज्य सरकार अब इस तरह से मदद कर रही है जैसा पिछले 10 सालों में नहीं देखा गया था। उन्होंने कहा कि वे विकास और केंद्र की योजनाओं से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री सतीसन और राज्य सरकार के अन्य सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “आज, हम किसी भी चीज़ के लिए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन और अन्य लोगों से संपर्क कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल से केरल में केंद्र सरकार की और अधिक योजनाएं लाने में मदद मिलेगी। गोपी की ये बातें इसलिए अहम हैं क्योंकि केरल में भाजपा और कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अक्सर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रही हैं। उनकी बातों से पता चलता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद वे विकास योजनाओं पर नई राज्य सरकार के साथ काम करने को तैयार हैं। गोपी ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में ‘रिपोर्टर टीवी’ के दफ्तर पर हाल ही में हुई छापेमारी में पुलिस की कार्रवाई का भी समर्थन किया। पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि छापेमारी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और कभी भी हो सकती है। उन्होंने पुलिस की तलाशी पर अलग-अलग प्रतिक्रियाओं पर सवाल उठाया, जो इस बात पर निर्भर करती हैं कि तलाशी लेने वाला व्यक्ति पत्रकार है या आम नागरिक। उन्होंने कहा, “जब पुलिस किसी आम आदमी के घर में घुसती है, तो आमतौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है।” गोपी ने कहा कि तलाशी लेने वाले अधिकारी आमतौर पर प्रक्रिया के तहत फोन अपने कब्जे में ले लेते हैं और जांच-पड़ताल करते हैं। उन्होंने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि ऐसी तलाशी के दौरान पत्रकारों के साथ अलग व्यवहार किया जाना चाहिए; उन्होंने कहा कि पत्रकार भी आम नागरिक ही होते हैं। उनकी ये बातें ‘रिपोर्टर टीवी’ और उसके मैनेजिंग एडिटर एंटो ऑगस्टीन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आई हैं। विपक्षी दलों और अन्य लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या इस कार्रवाई का मीडिया की आजादी पर असर पड़ सकता है। केरल सरकार का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई कथित गंभीर अपराधों की जांच से जुड़ी थी और इसका मीडिया संस्थान के कामकाज या उसकी समाचार कवरेज से कोई लेना-देना नहीं था। हालांकि, गोपी ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया और प्रेस की आजादी के नाम पर उठाई गई आपत्तियों के आधार पर सवाल उठाए। छापेमारी के संदर्भ में मीडिया की आजादी के बारे में विशेष रूप से पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल पूछने वाले से पूछा, “आप कौन हैं?” सतीसन सरकार के साथ सहयोग और ‘रिपोर्टर टीवी’ पर छापेमारी—इन दोनों मुद्दों पर उनकी बातें ऐसे समय में आई हैं जब केंद्र और नई चुनी गई राज्य सरकार के बीच संबंधों पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है। हालांकि केरल में भाजपा और कांग्रेस की मुख्य राजनीतिक विरोधी बनी हुई हैं, लेकिन गोपी के बयान से यह संकेत मिलता है कि विकास परियोजनाओं पर सहयोग के रास्ते में राजनीतिक मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए। वहीं, पुलिस की कार्रवाई का उनका समर्थन, उस जारी बहस में एक नया पहलू जोड़ सकता है जो किसी मीडिया संस्थान के शामिल होने पर पुलिस की शक्तियों की सीमाओं और छापेमारी को लेकर चल रही है।

दिल्ली: सरकारी स्कूल के बच्चों ने पीएम मोदी के लिए बनाया गाना, जेन-जी की भाषा में विकसित भारत का दिया संदेश

नई दिल्ली। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि सरकारी स्कूलों के 11 बच्चों और मल्टीमीडिया के छात्रों ने मिलकर पीएम मोदी को समर्पित दो गाने बनाए हैं। एक गाने को सरकारी स्कूल के बच्चों ने गाया है, जिसके वीडियो में 150 से 200 बच्चों ने हिस्सा लिया, वहीं दूसरा गाना मैक्स साउथ एक्सटेंशन के जेन-जी युवाओं ने पूरी तरह एआई की मदद से क्रिएट किया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि यही असली नौजवान हैं, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में अपना योगदान दे रहे हैं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, “दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों और मल्टीमीडिया की पढ़ाई करने वाले युवाओं के दो समूहों ने दो गीत बनाए हैं। एक गाना दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 11 बच्चों ने गाया है और उसके वीडियो में अलग-अलग समय पर करीब 150 से 200 बच्चों ने हिस्सा लिया है। मैं उन सभी बच्चों को धन्यवाद देता हूं।” उन्होंने कहा कि बच्चों और प्रोफेसर ने इसे कंपोज किया। यह हैं असली नौजवान, जो भारत के प्रधानमंत्री के साथ देश को विकसित भारत 2047 बनाने के लिए काम कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि यह गीत मल्टीमीडिया में काम करने वाले और पढ़ाई कर रहे नौजवानों ने बनाया है, जिन्हें आज की भाषा में जेन-जी कहा जाता है। उन्होंने इसे डिजिटल मल्टीमीडिया के जरिए तैयार किया है। दोनों समूहों के बच्चों और उनके प्रोफेसर्स ने मिलकर इस आइडिया को तैयार किया है। जिन 11 बच्चों ने गाना गाया है, वे भी यहां मौजूद हैं। वहीं, गाना बनाने वाले युवाओं ने कहा, “हम सभी साउथ एक्सटेंशन से हैं। हमने जो भी क्रिएट किया है, वह पूरा का पूरा एआई की मदद से किया है। गाना लिखने का काम सर के साथ बैठकर चर्चा के बाद किया गया। रविवार को हमने सर के साथ बैठकर तय किया कि शॉट्स कैसे होने चाहिए, शॉट डायरेक्शन क्या होगा और फिर उस डायरेक्शन को एआई की मदद से हकीकत में बदला।” युवक ने कहा कि हम सब बहुत खुश थे कि हम पीएम मोदी के लिए कुछ बना रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री को कुछ समर्पित करने का मौका बहुत कम मिलता है। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी आगे आएं और हम हमेशा उनके समर्थन में रहेंगे। प्रोफेसर ने कहा कि इस गाने का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित करना था। अगर आप गाना सुनेंगे तो आपको जेन-जी की भाषा समझ आएगी। बहुत से लोग ट्यूटोरियल देखकर सीख रहे हैं कि जेन-जी क्या वर्ड यूज करते हैं, उनकी क्या भाषा क्या है। उन्होंने आगे कहा कि हमने गाने में उसी भाषा का इस्तेमाल किया है, ताकि आज की जेन-जी से कनेक्ट हो सकें और प्रधानमंत्री का विजन उनकी ही भाषा में उन तक पहुंचे। यह काम करने का मौका हमें हमारे डायरेक्टर वेंग सर की वजह से मिला और मंत्री (आशीष सूद) को यह गाना बहुत पसंद आया। मैं सबसे कहूंगा कि एक बार जरूर सुनें।

असम के मुख्यमंत्री ने 82,219 उद्यमियों को 278 करोड़ रुपए बांटे, युवाओं को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को ‘मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान’ (सीएमएएए) 1.0 और 2.0 के तहत युवा उद्यमियों को 278 करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक सहायता बांटी। इसके जरिए राज्य सरकार ने युवाओं के बीच उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर अपना जोर फिर से दोहराया। गुवाहाटी के खानापारा में ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर में आयोजित आर्थिक सहायता वितरण समारोह में बोलते हुए, सरमा ने कहा कि इस पहल का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि युवाओं को अपना बिजनेस शुरू करने और सफल उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। इस योजना के तहत, सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को 2-2 लाख रुपए मिलते हैं, जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत बिना ब्याज वाला लोन शामिल है। पेशेवर श्रेणी के उद्यमी 5 लाख रुपए पाने के हकदार हैं, जिसके लिए फंडिंग का यही मॉडल अपनाया गया है। कार्यक्रम की जानकारी के अनुसार, सीएमएएए 1.0 और 2.0 के तहत कुल 82,219 उद्यमी शामिल हैं। पहले चरण में सामान्य श्रेणी के 9,552 और पेशेवर श्रेणी के 26 लाभार्थी शामिल हैं, जबकि दूसरे चरण में सामान्य श्रेणी के 72,447 और पेशेवर श्रेणी के 194 उद्यमी शामिल हैं। सरकार सीएमएएए 1.0 के तहत 196 करोड़ रुपए से ज्यादा बांट रही है, जबकि सीएमएएए 2.0 के लिए 182 करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया गया है। सरमा ने कहा कि सरकार ने पहले उद्यमिता अपनाने वाले युवा लाभार्थियों की मदद के लिए शुरुआती चरण में 75,000 रुपए और बाद के चरण में 25,000 रुपए दिए थे। हालांकि, कई लाभार्थी आगे की सहायता के लिए जरूरी योग्यता शर्तों को पूरा नहीं कर पाए। लगभग 13,000 लाभार्थियों में से करीब 9,552 ने जरूरतें पूरी कीं, जबकि लगभग 4,000 योग्य नहीं पाए गए। मुख्यमंत्री ने कुछ मामलों में असफलता का कारण लाभार्थियों का नौकरी करना और अपना बिजनेस बंद कर देना बताया। इस पहल में कौशल विकास प्रशिक्षण और मार्केटिंग सहायता भी शामिल है ताकि उद्यमी अपने बिजनेस को मजबूत कर सकें और लंबे समय तक टिके रहने की अपनी संभावनाओं को बेहतर बना सकें। इस समारोह में उद्योग, वाणिज्य और सार्वजनिक उद्यम मंत्री बिमल बोराह, अधिकारी और भाग लेने वाले उद्यमी शामिल हुए।

पाकिस्तान की फितरत कभी नहीं बदलेगी, अफगान शरणार्थियों को निकालना गलत : अनिल गौर

जम्मू। रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन (सेवानिवृत्त) अनिल गौर ने कहा कि पाकिस्तान की फितरत कभी नहीं बदलेगी। उसने 1947, 1965, 1971 और कारगिल युद्ध के बाद भी ऑपरेशन टॉपैक और ‘हजार कट्स’ जैसी साजिशों से कश्मीर को तबाह करने की कोशिश की। उन्होंने भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कमेटी में अफगान शरणार्थियों का मुद्दा उठाए जाने का समर्थन किया। अनिल गौर ने कहा, “पाकिस्तान की फितरत नहीं बदलेगी। सब कुछ करने के बावजूद पहलगाम हमला हुआ और हमने पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया। पाकिस्तान की आदत ‘मैं ना मानूं’ वाली है। पाकिस्तानी फौज और आईएसआई का यही रवैया बन गया है। पाकिस्तान और उसके नेता हमेशा से कश्मीर को हथियाना चाहते हैं।” रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि इसी मंशा से पाकिस्तान ने 1947 में ऑपरेशन गुलमर्ग लॉन्च किया था और अपने सैनिकों को कबाइलियों के कपड़े पहनाकर भेज दिया था। वे कबाइली नहीं थे, बल्कि पाकिस्तानी सेना के नियमित जवान थे। उस समय से लेकर आज तक वे अपने लोगों में यही झूठ फैलाते रहे हैं कि ‘कश्मीर बनेगा पाकिस्तान।’ कैप्टन (रिटायर्ड) गौर ने कहा कि कश्मीर तो पाकिस्तान बन नहीं पाया, लेकिन अब पाकिस्तान के ही दो-चार टुकड़े होने वाले हैं, क्योंकि बलूचिस्तान ने अपनी स्वतंत्रता घोषित कर दी है। खैबर पख्तूनख्वा में इमरान खान की पार्टी ने एक तरह का विरोध शुरू कर दिया है, वहीं सिंध के लोग कहते हैं कि उन पर पंजाबी मुसलमानों और पंजाब क्षेत्र का प्रभुत्व रहा है। रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि यह सब हमारा गृह मंत्रालय समय-समय पर देखता रहता है। पाकिस्तान पर इन सब बातों का असर नहीं होता, उसका रवैया यही रहता है कि यह हमारा मामला ही नहीं है, हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं। बाद में पाकिस्तान से ओसामा बिन लादेन जैसा मामला सामने आता है, जो पाकिस्तान के अंदर ही छिपा मिला था। यह सब चलता रहेगा। जो आदमी ‘मैं ना मानूं’ की जिद पर अड़ा हो, उसे आप कैसे समझाएंगे। इससे बेहतर है कि हमें अपना काम करना है, खुद को मजबूत बनाना है और समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा। रक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कमेटी के सामने अफगान शरणार्थियों का मुद्दा उठाया है। जब तालिबान के शासन में अफगानिस्तान में युद्ध शुरू हुआ, तो लोग देश छोड़कर पाकिस्तान में शरण लेने लगे। ऐसे 40 लाख से ज्यादा, लगभग 50 लाख लोग थे। अचानक, पाकिस्तान ने उन्हें नोटिस जारी करके वापस जाने को कहा। इससे उन लोगों के लिए समस्या खड़ी हो गई है जो इतने सालों से वहां रह रहे थे। पाकिस्तान को समझना चाहिए कि वे बाहरी नहीं हैं। वे उसी इलाके के मुसलमान हैं।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान, अमित शाह से राजनाथ तक ने दीर्घायु की कामना की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और 25 साल के सार्वजनिक जीवन के सम्मान में देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान चलाया जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ तक ने दीया जलाकर पीएम मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर एक दीया जलाकर उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घजीवी होने की ईश्वर से कामना की। उनके नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प और अधिक मजबूत हो, यही मंगलकामना है। आप सभी से भी आग्रह है कि पीएम मोदी के उत्तम स्वास्थ्य की और दीर्घायु होने के लिए एक आशीर्वाद का दीया प्रज्जवलित करें।” अहमदाबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ जगन्नाथ मंदिर में आरती की। यह कार्यक्रम पीएम मोदी के जन्मदिन के जश्न और ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत के हिस्से के तौर पर आयोजित किया गया था। नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के दौरान दीया जलाया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भूटान से इस अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने पोस्ट किया, “थिम्पू के मशहूर ताशीछो जोंग में राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की गरिमामयी उपस्थिति में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया गया। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की समर्पित जनसेवा को सम्मान दिया, जिसका दुनिया भर में अनगिनत लोगों के जीवन पर असर पड़ा है। इस खास मौके पर हमारे साथ प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, भूटान के विदेश मंत्री डी एन ढुंगेल, भूटान में भारत के दोस्त और भारतीय समुदाय के लोग शामिल हुए।” महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने लोक भवन के देवी मंदिर परिसर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। उन्होंने पीएम मोदी के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और लगातार सफलता के लिए प्रार्थना की और कार्यकर्ताओं को लड्डू बांटे। हैदराबाद में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा, “आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है और तेलंगाना के लोगों की ओर से हम उन्हें बधाई देते हैं। उन्होंने अपना जीवन पूरी तरह से सेवा के लिए समर्पित कर दिया है, इसीलिए आज उनके जन्मदिन पर लोक भवन और रेड क्रॉस के जरिए रक्तदान शिविर आयोजित किया गया है।” केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बलिया और बेगूसराय में दीया जलाते हुए लिखा, “जन-जन के स्नेह और आशीर्वाद से जगमगाता यह दीप, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक है।” यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री का यशस्वी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन देश को सदैव प्राप्त होता रहे, इस मंगलकामना के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान देशभर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रहा है।” भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिखा, “पीएम मोदी ने अपने नेतृत्व से भारत को विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रनिर्माण की नई दिशा दी है। ईश्वर उन्हें शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करें।

योगी सरकार नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर जल्द करेगी भर्ती

लखनऊ। योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले ही एक कार्यक्रम में 19 सितंबर से एक लाख नई नौकरी देने का ऐलान किया था। इसी क्रम में नागरिक सुरक्षा विभाग में छह अलग-अलग पदों पर कुल 191 रिक्तियों पर भर्ती की शुरू कर दी गई है। इसमें सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक (सा.वे.) के 104 पद शामिल हैं। इसके अलावा भंडार अधीक्षक-द्वितीय, स्टोरमैन, आशुलिपिक, कनिष्ठ सहायक और डिस्पैच राइडर के पद भी शामिल हैं। योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के युवाओं को साढ़े नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए हैं। वहीं, प्रदेश के युवाओं को अगले छह माह में एक लाख नई नौकरी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश दिये हैं। इसमें सबसे अधिक 77 हजार भर्तियां अकेले यूपी पुलिस और होमगार्ड विभाग में की जाएंगी। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर नागरिक सुरक्षा विभाग में 191 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग में अलग-अलग जिम्मेदारियों वाले पदों पर नियुक्तियां होने से विभागीय कामकाज को भी मानव संसाधन का सहयोग मिलेगा। विभाग में सहायक उप नियंत्रक के 104, भंडार अधीक्षक-द्वितीय के 6, स्टोरमैन के 33, आशुलिपिक के 9, कनिष्ठ सहायक के 25 और डिस्पैच राइडर के 14 खाली पदों पर भर्ती की जाएगी। नागरिक सुरक्षा विभाग की 191 रिक्तियों में अकेले 104 पद सहायक उप नियंत्रक के हैं। विभाग की ओर से जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा विभाग आपात परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करता है। ऐसे में विभाग में रिक्त पदों को भरने से उसके प्रशासनिक और मैदानी कार्यों के संचालन में अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा। सहायक उप नियंत्रक के पद विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़े हैं। वहीं, भंडार अधीक्षक और स्टोरमैन के पद विभाग की सामग्री एवं भंडार व्यवस्था से संबंधित हैं। आशुलिपिक और कनिष्ठ सहायक कार्यालयी कार्यों के संचालन में सहयोग करेंगे जबकि डिस्पैच राइडर से जुड़े पद विभागीय दस्तावेजों और अन्य आवश्यक सामग्री के आवागमन जैसे कार्यों के लिए उपयोगी होंगे।

तीसरा टी20: अभिषेक का तूफानी शतक, अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत, सीरीज में 3-0 से ‘क्लीन स्वीप’

नई दिल्ली। भारत ने गुरुवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए टी20 सीरीज के तीसरे और अंतिम मैच में 127 रन से ऐतिहासिक जीत हासिल की। इसी के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में 3-0 से ‘क्लीन स्वीप’ किया। यह टी20 इतिहास में भारत की अफगानिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले, 8 सितंबर 2022 को टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को 101 रन के अंतर से हराया था। इस फॉर्मेट में भारत ने सबसे बड़ी जीत 1 फरवरी 2023 को न्यूजीलैंड के खिलाफ दर्ज की है, जब उसने कीवी टीम को 168 रन से रौंदा था। यह अफगानिस्तान के लिए भी टी20 इतिहास में रनों के अंतर से सबसे बड़ी हार है। भारत ने सीरीज का पहला मैच 7 विकेट से अपने नाम किया था। इसके बाद मंगलवार को खेले गए मैच में भी टीम इंडिया ने इतने ही अंतर से जीत हासिल की थी। गुरुवार को टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने अभिषेक शर्मा और संजू सैसमन की तूफानी पारियों के दम पर 221/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 9.5 ओवरों में 142 रन की साझेदारी की। अभिषेक 34 गेंदों में 11 छक्कों और 9 चौकों को साथ 108 रन बनाकर आउट हुए। इस दौरान 26 वर्षीय बल्लेबाज ने सिर्फ 30 गेंदों में शतक पूरा किया, जो फुल मेंबर देश की तरफ से किसी बल्लेबाज का सबसे तेज शतक था। इसके बाद सैमसन (35 गेदों में 50 रन) और तिलक वर्मा दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 10 रन जुटा सके। यहां से कप्तान श्रेयस अय्यर (29 रन) ने मोर्चा संभाला। उन्होंने अन्य बल्लेबाजों के साथ छोटी-छोटी साझेदारियां करते हुए टीम को 200 के पार पहुंचाया। अफगानिस्तान की तरफ से अजमतुल्लाह ओमरजई ने सर्वाधिक 2 विकेट निकाले, जबकि राशिद खान और अब्दुल्ला अहमदजई ने 1-1 विकेट चटकाया। इसके जवाब में, अफगानिस्तान की टीम 14.1 ओवरों में सिर्फ 94 रन पर ढेर हो गई। कप्तान इब्राहिम जादरान (25) ने रहमानुल्लाह गुरबाज (15) के साथ पहले विकेट के लिए 3.1 ओवरों में 31 रन की तूफानी साझेदारी की, लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद विकेटों का पतझड़ लग गया। आलम ये रहा कि अफगान टीम ने सिर्फ 47 के स्कोर तक अपने 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद अजमतुल्लाह ओमरजई (17) ने नूर उल रहमान (11) के साथ पांचवें विकेट के लिए 23 रन जुटाए, लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद फिर से टीम लड़खड़ा गई। इस बीच नितीश रेड्डी ने 12वें ओवर में सिर्फ 1 रन देकर तीन विकेट चटकाए। रेड्डी के इस ओवर ने अफगानिस्तान टीम की कमर तोड़ दी और वह 94 रन से आगे नहीं बढ़ सकी। भारत के लिए नितीश रेड्डी ने 25 रन देकर 3 विकेट चटकाए। इनके अलावा, रवि बिश्नोई ने भी 3 विकेट निकाले। अक्षर पटेल ने 3 ओवरों में 9 रन देकर 2 विकेट हासिल किए, जबकि जसप्रीत बुमराह और यश ठाकुर ने 1-1 विकेट अपने नाम किया।