अमिताभ बच्चन ने बताया जिंदगी में प्रार्थना का महत्व, कहा-एक प्रयास भी दूर कर सकता है मुश्किलें

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन अपनी अभिनय कला से दर्शकों के दिलों में खास जगह रखते हैं। अभिनेता ने जिंदगी में कभी हार न मानने को लेकर खास संदेश दिया। उन्होंने अपने ब्लॉग के जरिए लिफ्ट के लिफ्ट के ऑटोमैटिक दरवाजे से जिंदगी की मुश्किलों की तुलना की। अमिताभ बच्चन ने लिखा, “कुछ बिना बोले होता है, कुछ बोलके होता है और कुछ ठोक-ठाक के होता है, लेकिन होता जरूर है।” उन्होंने ऑटोमैटिक दरवाजे का उदाहरण देते हुए समझाया, “लिफ्ट का ऑटोमैटिक दरवाजा थोड़ी देर बाद अपने आप बंद होने लगता है। अगर चढ़ने में देर हो जाए तो वो बंद होने लगता है। उस वक्त अगर एक छोटी सी उंगली भी उसके रास्ते में आ जाए, तो वो खुल जाता है और वापस अपनी जगह पर चला जाता है।” ठीक इसी तरह छोटी-छोटी कोशिशें जिंदगी में दरवाजे खोल सकती हैं। उन्होंने कहा, “जिंदगी में भी एक छोटा सा प्रार्थना दरवाजा खोल देता है, चाहे वो एक छोटी सी उंगली के बराबर ही क्यों न हो। बिना प्रार्थना किए कुछ मिले- नामुमकिन! कोशिश करते रहो, चलते रहो, लगे रहो, किसी दिन, वो दरवाजा तंग आकर खुल जाएगा।” अभिनेता अमिताभ बच्चन इन दिनों क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति-18वां सीजन’ होस्ट कर रहे हैं। यह शो पहली बार वर्ष 2000 में शुरू हुआ था। इस क्विज शो को इंडियन टेलीविजन की सबसे आइकॉनिक फ्रेंचाइजी में से एक बना दिया था। यह शो ब्रिटिश शो ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ का हिंदी वर्जन है। इसका फॉर्मेट ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ फ्रेंचाइजी के दूसरे शोज जैसा ही है, जिसमें प्रतियोगियों से बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाते हैं और उन्हें चार विकल्पों में से सही जवाब चुनना होता है। अगर उन्हें जवाब पर शक हो तो मदद के लिए उन्हें लाइफलाइन भी दी जाती है।
महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर बरसे जयराम रमेश, बोले- यह रसोई पर चौतरफा हमला

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सरकार ने आम आदमी की रसोई पर चौतरफा हमला बोल दिया है। जयराम रमेश ने अपनी पोस्ट में लिखा, “ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार ने आम आदमी की रसोई पर चौतरफा हमला बोल दिया है। रसोई का बजट पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण आटे-दाल से लेकर तेल तक, रसोई का बजट लगातार बिगड़ रहा है और महंगाई आसमान पर है। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि केवल कुछ मित्र पूंजीपति ही आनंद में हैं, परंतु करोड़ों परिवार बहुत पीड़ित हैं। सरकार महंगाई पर अंकुश लगाने की बजाय केवल सच्चाई छिपाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी की थाली महंगी होती जा रही है, लेकिन सरकार आंकड़ों की बाजीगरी से महंगाई पर काबू पाने का दावा करना चाहती है। जयराम रमेश ने अपनी पोस्ट के अंत में कहा, “प्रधानमंत्री, ये जो पब्लिक है, सब जानती है। महंगाई झेल रही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा की जनता चुनावों में आपको आटे-दाल का भाव मालूम करा देगी।” गौरतलब है कि जयराम रमेश कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव हैं और लगातार महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरते रहे हैं। कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि सरकार महंगाई कम करने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है और आंकड़ों के जरिए हकीकत छिपाने की कोशिश कर रही है, जबकि आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ता जा रहा है। बता दें कि इससे पहले 13 सितंबर को जयराम रमेश ने एक प्रेस नोट में भारत-चीन सीमा पर हुई झड़पों पर पीएम मोदी के 2020 के बयानों पर सवाल उठाया था और दावा किया था कि भारत ने पूर्वी लद्दाख के कुछ हिस्सों में पारंपरिक गश्त और चराई के अधिकार चीन को सौंप दिए हैं।
ट्रंप-शी जिनपिंग की बातचीत में एआई, ट्रेड और रेयर अर्थ पर रहेगा फोकस

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते होने वाली राजकीय यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), व्यापार और रेयर अर्थ सप्लाई पर चर्चा करेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि खनिज आपूर्ति के लिए एक्सपोर्ट कंट्रोल में ढील देने का कोई सौदा नहीं होगा, क्योंकि बीजिंग पहले ही सप्लाई का वादा कर चुका है। वाशिंगटन में होने वाली यह बातचीत न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप के संबोधन के बाद होगी। शुक्रवार को हुई ब्रीफिंग में अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप अपने भाषण में ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं, गाजा और अपनी सरकार के कूटनीतिक प्रयासों पर बात करेंगे। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों नेताओं के एजेंडे में एआई और मौजूदा व्यापार समझौता (जिसे ‘बुसान ट्रूस’ कहा जा रहा है) शामिल है। अधिकारियों ने इस मुद्दे पर किसी समझौते की घोषणा नहीं की और नतीजे को लेकर कोई अनुमान लगाने से इनकार कर दिया। रेयर अर्थ को लेकर अधिकारी ने कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि चीन अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था को खनिजों की आपूर्ति के लिए पहले से किए गए वादों का सम्मान करेगा। अधिकारी ने कहा कि इस मामले में चीन का प्रदर्शन अमेरिकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। अधिकारी ने कहा, “इस संबंध में चीन का प्रदर्शन हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।” प्रशासन ने कुछ गैर-संवेदनशील और गैर-रणनीतिक क्षेत्रों में चुनिंदा सामानों पर टैरिफ कम करने पर भी चर्चा की है। अधिकारी ने उत्पादों या संभावित कटौती का कोई विवरण नहीं दिया। चीनी कंपनियों की अमेरिकी ऑटोमोबाइल बाजार तक पहुंच के सवाल पर अधिकारी ने कहा कि ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे। निवेशों को अभी भी लागू नियमों और कानूनों को पूरा करना होगा। फेंटेनाइल का केमिकल भी दबाव का एक और मुद्दा होगा। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने चीन पर मैक्सिकन कार्टेल को इन केमिकल्स का मुख्य सप्लायर बने रहने का आरोप लगाया और कहा कि हाल की गिरफ्तारियां उस व्यापक कार्रवाई के बराबर नहीं हैं जो वाशिंगटन चाहता है। अधिकारी ने कहा, “लेकिन हम बहुत अधिक व्यवस्थित बदलाव देखना चाहते हैं।” अधिकारियों ने यह भी कहा कि ईरान का समर्थन करने के आरोप में चीनी और हांगकांग की संस्थाओं पर अमेरिकी प्रतिबंध जारी रहेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ पिछली मुलाकातों में चीन में गलत तरीके से हिरासत में लिए गए लोगों के मामले बार-बार उठाए हैं, लेकिन इस बैठक के लिए किसी खास मामले की पुष्टि करने से परहेज किया। ट्रंप बुधवार को जॉइंट बेस एंड्रयूज पर शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत करेंगे। गुरुवार के कार्यक्रम में व्हाइट हाउस में स्वागत समारोह, सैन्य समीक्षा, द्विपक्षीय वार्ता और ईस्ट रूम में राजकीय भोज शामिल है। शुक्रवार को शी जिनपिंग के रवाना होने से पहले दोनों नेता और उनकी पत्नियां निजी तौर पर चाय पर मिलेंगे और नेशनल आर्काइव्स का दौरा करेंगे। वाशिंगटन लौटने से पहले, ट्रंप मंगलवार को न्यूयॉर्क में ब्रिटिश और जापानी प्रधानमंत्रियों और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के नेताओं से मिलेंगे। वह विश्व नेताओं के लिए एक स्वागत समारोह की मेजबानी भी करेंगे और वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति से मिलेंगे। ट्रंप का महासभा संबोधन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के प्रयासों और उनकी 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना पर प्रगति को कवर करेगा।
दिल्ली पुलिस ने 2 लाख रुपये की धोखाधड़ी और चोरी का मामला सुलझाया, आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी और चोरी के एक मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग (सीसीएल) को पकड़ा है, साथ ही चोरी हुए सोने के झुमके भी बरामद किए हैं। द्वारका जिला पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक महिला को 2 लाख रुपये बांटने का लालच देकर उसके सोने के गहने धोखे से ले लिए। पीड़िता को धोखा देने के लिए नकली नोटों का इस्तेमाल किया गया था। सोने के गहने चोरी होने की शिकायत के बाद 10 सितंबर को डाबरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता राजबाला (सतेंद्र कुमार की पत्नी) से मिली। शुरुआती पूछताछ के दौरान, उन्होंने पुलिस को बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनसे सोने की बालियों की एक जोड़ी और सोने का एक पेंडेंट ले लिया था। जांच के दौरान, पुलिस टीम द्वारा अपराध वाली जगह और उसके आस-पास लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। फुटेज में दो लड़के महिला के पास पैदल आते और उससे एटीएम की जगह के बारे में पूछते हुए दिखे। संदिग्धों ने महिला से कहा कि उनके पास 2 लाख रुपये हैं और उन्होंने वह पैसा उसके साथ बांटने की पेशकश की। फिर उन्होंने कथित तौर पर उसे उस रकम का हिस्सा देने के बदले अपनी सोने की ज्वेलरी उन्हें सौंपने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद महिला ने सोने की बालियों की एक जोड़ी और सोने का एक पेंडेंट निकाला और उन्हें उन दो लड़कों को दे दिया। बदले में उसे उनसे नोटों की एक गड्डी मिली। पुलिस ने बताया कि बाद में पता चला कि वे नोट नकली थे। जांच के दौरान लगभग 20 किलोमीटर के दायरे के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। संदिग्धों की आवाजाही दिल्ली के रघुबीर नगर की ओर देखी गई, जिसके बाद आरोपी की पहचान लक्ष्मण के बेटे विशाल के तौर पर हुई और उसे एक सीसीएल (कानून के साथ संघर्ष करने वाले नाबालिग) के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल सोने की बालियों की एक जोड़ी विशाल के पास से बरामद की गई। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान दिल्ली के रघुबीर नगर निवासी 26 वर्षीय विशाल के तौर पर बताई। पुलिस ने कहा कि चोरी हुए बाकी सोने के पेंडेंट का पता लगाने और उसे बरामद करने की कोशिशें जारी हैं।
तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी, सीएम विजय 28 सितंबर से योजना करेंगे शुरू

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर को थाईमामन गोल्ड रिंग योजना का शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में कल्याणकारी योजना के शुभारंभ और कार्यान्वयन की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। सरकार ने कहा कि उसने गर्भवती महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, मुफ्त प्रसव और नवजात शिशु देखभाल, आपातकालीन प्रसूति उपचार, पोषण संबंधी सहायता और संस्थागत प्रसव के लिए अग्रिम योजना के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल में सुधार को उच्च प्राथमिकता दी है। गर्भावस्था और शिशु समूह निगरानी और मूल्यांकन सॉफ्टवेयर का उपयोग गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की एकीकृत निगरानी के लिए भी किया जा रहा है। बयान में कहा गया है कि इन पहलों से राज्य के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। थाईमामन गोल्ड रिंग योजना का उद्देश्य सरकारी चिकित्सा सेवाओं में जनता का विश्वास बढ़ाना और नवजात शिशुओं का सम्मान करना है। यह तमिल संस्कृति में मामा की पारंपरिक भूमिका को भी दर्शाती है। इस योजना के तहत 22 जून 2026 को या उसके बाद सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले सभी पात्र शिशुओं को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस योजना को अधिकृत करने वाला सरकारी आदेश 23 जून को जारी किया गया था। तमिलनाडु में प्रतिवर्ष लगभग 7.80 लाख जन्म दर्ज किए जाते हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के अनुसार, राज्य में लगभग 99.9 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में होते हैं। सरकारी अस्पतालों में लगभग 42 लाख प्रसव होते हैं, जो कुल प्रसवों का 53 प्रतिशत है। सरकारी अस्पतालों में होने वाले लगभग 90 प्रतिशत प्रसव व्यापक आपातकालीन प्रसूति एवं नवजात शिशु देखभाल केंद्रों में संपन्न होते हैं। सरकार ने कहा कि ये आंकड़े सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ नवजात शिशुओं को सुनिश्चित करने में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करते हैं। इस योजना के तहत वितरित की जाने वाली प्रत्येक सोने की अंगूठी पर एक यूनिक सीरियल नंबर होगा और इसे टेंपर प्रूफ पैकेजिंग आपूर्ति की जाएगी। पहले चरण में कुल 1.28 लाख अंगूठियां खरीदी गई हैं। तमिलनाडु में स्थायी रूप से रहने वाली माताएं इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र होंगी, बशर्ते वे गर्भावस्था एवं शिशु समूह निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली (पीआईसीएमई) पोर्टल पर पंजीकृत हों और उनके पास प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य पहचान संख्या हो। 22 जून और औपचारिक शुभारंभ के बीच जन्मे बच्चों को अंगूठियां वितरित करने के लिए 107 नामित केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक केंद्र 28 सितंबर से प्रतिदिन 100 बच्चों को सेवा प्रदान करेगा। इसके बाद सरकारी अस्पतालों से छुट्टी मिलने पर पात्र नवजात शिशुओं को अंगूठियां सौंप दी जाएंगी।
सायनी घोष बोलीं- ‘राहुल के नेतृत्व में टीएमसी के साथ जुड़े कांग्रेस’, कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी पर भी दिया जवाब

कोलकाता। एनसीपीआई सांसद सयानी घोष ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी को राहुल गांधी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहिए। इससे असल मायने में संदेश जाएगा। साथ ही, सयानी घोष ने नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी पर कहा कि कोई भी चुनाव आयोग या अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। एनसीपीआई सांसद सयानी घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मुझे उम्मीद है कि राहुल गांधी की लीडरशिप में कांग्रेस, टीएमसी के साथ गठबंधन करेगी। अगर ऐसा होता है, तो इससे एक बड़ा संदेश जाएगा कि यह गठबंधन असल मायनों में एक गठबंधन है, न कि सिर्फ कहने के लिए।” नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर सायनी घोष ने कहा, “कांग्रेस से उम्मीदवार बने नेता के बारे में मुझे कल तक जो पता था, उसके मुताबिक उन पर कुछ मामले लंबित थे। कोई भी चुनाव आयोग या अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। लोकतंत्र में, चाहे कांग्रेस हो, तृणमूल कांग्रेस हो या भाजपा, हर कोई अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र है।” साथ ही, कांग्रेस प्रत्याशी को ममता बनर्जी के समर्थन पर उन्होंने कहा, “यह राजनीति है और राजनीति में चुनाव से पहले क्या फैसले लिए जा सकते हैं और क्या किया जा सकता है, यह दोनों पार्टियों के बीच की बात है।” उधर, पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने पर कहा, “बार-बार ऐसा करने से चुनाव खत्म हो जाएंगे। वे उम्मीदवार भी नहीं उतार पाएंगे और न ही चुनाव लड़ पाएंगे।” दिलीप घोष ने कहा, “देखिए, कोई राजनीतिक पार्टी क्यों बनाता है? ताकि वह आगे बढ़े। क्या हम चुनाव नहीं हारते? हम हर चुनाव में हर जगह नहीं जीतते। कुछ लोग इधर-उधर जाते रहते हैं, लेकिन क्या पार्टी खत्म हो जाती है? ऐसा सिर्फ कांग्रेस और उनकी राजनीतिक संस्कृति से निकली पार्टियों के साथ ही होता है।
एशियन गेम्स: आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने ओसीए प्रमुख और सदस्यों से मुलाकात की

नई दिल्ली। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने आइची-नागोया में एशियन गेम्स के आधिकारिक स्वागत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और एशियन स्पोर्टिंग फ्रेटरनिटी के दूसरे सदस्यों से मुलाकात की। पीटी उषा मुलाकात की तस्वीर को एक्स पर साझा करते हुए लिखा, “ओसीए अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और ओसीए के सदस्यों से आधिकारिक स्वागत समारोह में मिलना शानदार था हम सब मिलकर पूरे एशिया में खेल के विकास का रास्ता बना रहे हैं।” यह समारोह एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी से पहले रखा गया था। ओपनिंग सेरेमनी शनिवार को पालोमा मिजुहो स्टेडियम में होनी है। आइची-नागोया एशियन गेम्स में पूरे कॉन्टिनेंट के एथलीट एक साथ आएंगे। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी ने एशियन गेम्स से पहले जापान के नागोया में 110वीं ओसीए एग्जीक्यूटिव बोर्ड मीटिंग का भी नेतृत्व किया। मीटिंग में आने वाले ओसीए कार्यक्रमों की तैयारियों पर बात हुई, जिसमें एशियन इंडोर और मार्शल आर्ट्स गेम्स रियाद 2026, एशियन बीच गेम्स इन सेबू 2028, और एशियन विंटर गेम्स इन अल्माटी 2029 शामिल हैं। शनिवार की ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही एशियाड में भारत का कैंपेन शुरू हो गया, जिसमें टेकबॉल और क्रिकेट में पहले से ही एक्शन चल रहा है। टेकबॉल के महिला एकल सेमीफाइनल में क्विम्सी जोआकिम डिसूजा को हार का सामना करना पड़ा है। वह कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगी। वहीं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी क्वार्टर फाइनल में मेजबान जापान पर बड़ी जीत हासिल कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला बांंग्लादेश से होना है। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल का लक्ष्य अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में हुआ था। भारतीय दल ने पहली बार एक संस्करण में 100 से अधिक पदक हासिल करते हुए कुल 107 पदक जीते थे।
आईआईटी बॉम्बे छात्र सुसाइड: मुंबई पुलिस ने एडीआर के तहत दर्ज किया मामला, पीड़ित परिवार पहुंचे थाने

मुंबई। आईआईटी बॉम्बे के छात्र की मौत से जुड़े मामले में पुलिस ने ‘एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट’ (एडीआर) दर्ज किया है। शुक्रवार शाम को आईआईटी पवई परिसर में छात्र मृत पाया गया। बताया जाता है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के बाद छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या की। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि महाराष्ट्र के यवतमाल के रहने वाले मृतक छात्र के परिवार को सूचित कर दिया गया है। सुबह परिवार के सदस्य मुंबई के पवई पुलिस थाने पहुंचे। उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जाने के बाद पुलिस आगे की कार्यवाही तय करेगी कि किसके खिलाफ मामला दर्ज करना है या नहीं। इसके अतिरिक्त, पुलिस परिसर में छात्रों के बयान दर्ज कर रही है। अभी तक किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं है। घटना के बाद सिर्फ एडीआर ही दर्ज की गई है। वहीं, मृतक छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक छात्र की पहचान साहिल वाकोडे के रूप में हुई, जो ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष का छात्र था। संस्थान के अनुसार, वाकोडे ने परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी से सवाल का जवाब ढूंढा था। आईआईटी बॉम्बे ने कहा कि इस घटना के बाद छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। परीक्षा प्रशिक्षक और विभाग के प्रमुख ने छात्र से इस मामले पर बातचीत की। संस्थान ने बताया कि उन्होंने छात्र को समझाया और भरोसा दिलाया कि इस घटना का उसके करियर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। बातचीत के बाद वाकोडे अपने हॉस्टल के कमरे में लौट आया। बाद में उसी शाम वह अपने कमरे में मृत पाया गया। इस घटना के बाद कैंपस में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि प्रशासन ने छात्र की मौत से जुड़ी सभी जानकारी का खुलासा नहीं किया था। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि परीक्षा की घटना को लेकर वाकोडे को एक साल के निलंबन की धमकी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे निलंबन के तहत उन्हें छात्रावास छोड़कर परिसर के बाहर रहना पड़ सकता था।
मथुरा: बरसाना में राधा अष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, ब्रह्म मुहूर्त में हुआ राधा रानी का महा अभिषेक

मथुरा। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी मथुरा के बरसाना में शनिवार को राधा अष्टमी के पावन पर्व पर श्री राधा रानी मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से पहुंचे भक्तों ने राधा रानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और जन्मोत्सव की खुशियों में शामिल हुए। इस दौरान, मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र राधा रानी के जयकारों से गूंजता रहा। राधा अष्टमी के अवसर पर सुबह करीब 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में श्री राधा रानी का महा अभिषेक किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार अभिषेक में विभिन्न जड़ी-बूटियों, चांदी के कलश और अन्य पूजन सामग्री का प्रयोग किया गया। विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच हुए इस विशेष अभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने राधा रानी की भक्ति में लीन होकर दर्शन किए। राधा रानी के जन्मोत्सव को लेकर बरसाना में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला। मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे बरसाना में भक्तिमय माहौल बना रहा। राधा अष्टमी को राधा रानी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से राधा-कृष्ण की आराधना करने से जीवन में प्रेम, सुख और शांति आती है। यह त्योहार आमतौर पर मथुरा, वृंदावन और आसपास के ब्रज क्षेत्रों में मनाया जाता है। राधा को भगवान कृष्ण की ‘ह्लादिनी शक्ति,’ यानी आनंद देने वाली शक्ति, माना जाता है। उनके बिना, कृष्ण की पूजा अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि जो भक्त राधा अष्टमी के दिन पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा और व्रत करते हैं, उन्हें राधा रानी और भगवान कृष्ण दोनों का आशीर्वाद मिलता है। इससे जीवन में सुख-शांति आती है और पापों का नाश होता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, राधा रानी का जन्म बरसाना (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उनके पिता वृषभानु और माता कीर्तिदा थीं। एक प्रचलित कथा के अनुसार, राधा ने बचपन में अपनी आंखें तब तक नहीं खोलीं, जब तक कि उन्होंने पहली बार भगवान कृष्ण को नहीं देखा। जब कृष्ण उनके सामने आए, तब उन्होंने पहली बार अपनी आंखें खोली और उन्हें देखकर मुस्कुराईं। यह घटना उनके और कृष्ण के बीच के गहरे और आध्यात्मिक संबंध को दर्शाती है।
दिल्ली में नाबालिग लड़की से गैंगरेप और हत्या मामले का एनसीडब्ल्यू ने लिया संज्ञान, कमिश्नर को लिखा पत्र

नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने आउटर नॉर्थ दिल्ली में 16 साल की लड़की से गैंगरेप और हत्या का मामला खुद संज्ञान में लिया है। एनसीडब्ल्यू की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर समयबद्ध और विस्तृत जांच, सख्त कानूनी कार्रवाई और सभी फोरेंसिक सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की है। दरअसल नाबालिग लड़की की गैंगरेप के बाद चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। लड़की का शव एक खुले मैदान में मिला था। राष्ट्रीय महिला आयोग ने पोक्सो एक्ट और बीएनएस के तहत उचित कार्रवाई करने और जहां कानूनी रूप से लागू हो, वहां 16-18 साल के आरोपियों के लिए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 15 के तहत शुरुआती जांच करने को भी कहा है। आयोग ने पीड़ित परिवार के लिए सुरक्षा, कानूनी मदद, काउंसलिंग और मुआवजे के साथ-साथ सात दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। 13 सितंबर को उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के पास सड़ी-गली लाश मिली थी। शव की हालत ऐसी थी कि पुलिस शुरू में यह भी तय नहीं कर पाई कि शव लड़के का है या लड़की का। पुलिस को जांच में पता चला कि गैंगरेप के बाद हत्या कर शव फेंका गया था। पुलिस के मुताबिक इस वारदात को 4 लोगों ने अंजाम दिया, जिसमें 3 नाबालिग थे। जांच में पता चला कि पीड़िता आरोपियों को जानती थी और उनके साथ टेंपो में सफर कर रही थी। पुलिस के अनुसार सफर के दौरान सभी ने शराब पी और फिर लड़की से दुष्कर्म किया। इसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को खुले खेत में फेंक दिया गया। लावारिस कुत्तों ने शव के कुछ हिस्से खा लिए थे और पीड़िता का एक हाथ शरीर से अलग पड़ा मिला था। पुलिस ने बताया कि लड़की के परिवार ने उसकी गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।