तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय 15.30 लाख छात्रों के लिए ब्रेकफास्ट स्कीम का करेंगे शुभारंभ

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 22 सितंबर को चेन्नई के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 6, 7 और 8 के छात्रों के लिए ‘पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम’ (नाश्ता योजना) के विस्तार का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के विस्तार से राज्य भर में 15.30 लाख और बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना का उद्घाटन तिरुवनमियूर के गांधी ग्रामम स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में होगा। विजय औपचारिक रूप से छात्रों को नाश्ता परोसेंगे और इस योजना की राज्यव्यापी शुरुआत करेंगे। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और समाज कल्याण विभाग इस कार्यक्रम के लिए व्यापक इंतजाम कर रहे हैं। नाश्ते का यह कार्यक्रम शुरू में सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले प्राथमिक स्कूली बच्चों के लिए शुरू किया गया था। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे खाली पेट क्लास में न आएं, साथ ही उनकी उपस्थिति, एकाग्रता और शिक्षा में समग्र भागीदारी को बेहतर बनाया जा सके। इस योजना के विस्तार की घोषणा करते हुए सीएम विजय ने कहा था कि इसमें कक्षा 6 से 8 तक के छात्र भी शामिल होंगे, खासकर वे जो गरीब और मध्यम आय वाले परिवारों से आते हैं। सरकार का मानना ​​है कि इस विस्तार से स्कूली शिक्षा के अहम चरण में पोषण संबंधी सहायता मिलेगी और आर्थिक तंगी के कारण छात्रों के स्कूल छोड़ने का जोखिम कम होगा। योजना के विस्तार दौरान लॉन्च की जगह बदल दी गई। शुरू में इस बड़े प्रोग्राम का उद्घाटन विरुधुनगर में होने की उम्मीद थी, लेकिन बाद में इसे पेरंबूर में लॉन्च करने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री ने अब कन्फर्म किया है कि इसका ऑफिशियल उद्घाटन 22 सितंबर को तिरुवनमियूर के स्कूल में होगा। इस विस्तार के तहत तमिलनाडु भर के लगभग 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 15.30 लाख छात्र नाश्ते के लिए पात्र होंगे। राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान इस कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त 217.63 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इस नए आवंटन के साथ नाश्ता योजना का कुल मूल्य बढ़कर 724 करोड़ रुपए हो गया है। अधिकारियों ने कहा कि इस व्यापक दायरे से क्लासरूम में भूख की समस्या से निपटने और अलग-अलग सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि वाले बच्चों के बीच समान शैक्षिक अवसरों को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। सरकारी स्कूलों के छात्रों के अभिभावकों ने इस विस्तार का स्वागत किया है और इसे बढ़ते घरेलू खर्चों का सामना कर रहे परिवारों के लिए एक व्यावहारिक मदद के रूप में देखा है। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से इन परिवारों पर सुबह के समय का बोझ कम होगा, साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि छात्र पौष्टिक भोजन के साथ अपने स्कूल के दिन की शुरुआत करें और पूरे शैक्षणिक वर्ष के दौरान सीखने के लिए बेहतर ढंग से तैयार रहें।

एबीवीपी की डूसू में जीत ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा में युवाओं का भरोसा : अमित शाह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव 2026 में चार में से तीन पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जीत की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जीत इस छात्र संगठन की राष्ट्र प्रथम विचारधारा में युवाओं के अटूट विश्वास को दर्शाती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी की शानदार जीत पर परिषद के सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। यह विजय परिषद की राष्ट्र प्रथम की विचारधारा और छात्रहित के प्रति समर्पण पर युवाओं के अटूट भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि परिषद के कार्यकर्ता इस जीत से मिली नई ऊर्जा और स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलते हुए छात्रहितों व राष्ट्र निर्माण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे। दिल्ली विश्वविद्यालय केवल एक यूनिवर्सिटी नहीं, यहां देश के हर कोने से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। यहां का जनादेश पूरे भारत के युवाओं के मन का प्रतिबिंब होता है। अमित शाह ने कहा कि आज एबीवीपी को मिली शानदार जीत उन राष्ट्र विरोधी ताकतों के लिए स्पष्ट संदेश है, जो युवा शक्ति को राष्ट्रविरोधी एजेंडे की प्रयोगशाला बनाना चाहते हैं। देश का युवा आज राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा है और यही इस जनादेश का सबसे बड़ा संदेश है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर बधाई देते हुए लिखा कि यह जीत ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर आधारित सकारात्मक और रचनात्मक छात्र राजनीति में युवाओं के निरंतर विश्वास और ‘विकसित भारत’ के विजन में योगदान देने के उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। जीतने वाले उम्मीदवारों और इस जीत को संभव बनाने के लिए अथक प्रयास करने वाले सभी लोगों को मेरी शुभकामनाएं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने लिखा कि यह जीत राष्ट्र प्रथम की विचारधारा में देश के युवाओं के दृढ़ विश्वास और उनकी प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है। मुझे विश्वास है कि परिषद के कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर युवा शक्ति में राष्ट्रभक्ति, सेवा और राष्ट्रनिर्माण की भावना को निरंतर जागृत करते रहेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि परिषद के हमारे यह युवा साथी ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएंगे। यह नवनिर्वाचित टीम पूरी निष्ठा के साथ छात्र कल्याण और राष्ट्र सेवा के नए कीर्तिमान स्थापित कर देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए निरंतर संकल्पित भाव से कार्य करती रहेगी। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बधाई देते हुए लिखा कि यह जीत युवाओं के राष्ट्र प्रथम की नीति में अटूट विश्वास का प्रतीक है। मुझे विश्वास है कि एबीवीपी छात्र हितों, राष्ट्र सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ इसी समर्पण से कार्य करती रहेगी। अभाविप की पूरी टीम को बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि यह नतीजा दिखाता है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ‘राष्ट्र-प्रथम’ और ‘छात्र-केंद्रित’ नेतृत्व वाली रचनात्मक राजनीति पर भरोसा जताया है। एबीवीपी के हर उस कार्यकर्ता को बधाई जिनकी यूनिवर्सिटी भर में की गई कड़ी मेहनत से यह जीत संभव हो पाई। अच्छी संख्या में वोटिंग के साथ, इस जनादेश के साथ छात्रों की चिंताओं और उम्मीदों के लिए काम करने की स्पष्ट जिम्मेदारी भी आती है। उम्मीद है कि नई चुनी गई टीम पूरे संकल्प के साथ और हर छात्र के भले के लिए काम करेगी। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय और डूसू से मेरा जुड़ाव बेहद आत्मीय है। इसी परिसर ने छात्र जीवन से लेकर डूसू अध्यक्ष के दायित्व तक मेरी यात्रा को आकार दिया, इसलिए यह ऐतिहासिक विजय मेरे लिए विशेष प्रसन्नता का क्षण है। युवाओं का यह प्रचंड समर्थन पीएम मोदी के नेतृत्व और विकसित भारत के संकल्प पर उनके अटूट विश्वास की मुहर है। सभी विजयी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि राहुल गांधी तक छात्रों की गूंज पहुंच गई होगी। कांग्रेस द्वारा छात्र राजनीति को अपने राजनीतिक नैरेटिव का माध्यम बनाने के प्रयासों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपने विवेक से जनादेश दिया है। छात्रशक्ति का यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि युवा सकारात्मक विचार, राष्ट्रहित और विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि युवाओं की ऊर्जा, नेतृत्व क्षमता और छात्रहित के प्रति प्रतिबद्धता देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। आप सभी राष्ट्रनिर्माण की भावना के साथ अपनी नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, यही शुभकामना है।

देश को अपने खिलाड़ियों पर गर्व, वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए शानदार सफलता हासिल करें: पीएम मोदी

नई दिल्ली। नागायो के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में शनिवार को एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दल को शुभमकामनाएं देते हुए उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आइची-नागोया में एशियन गेम्स की शुरुआत के साथ ही, मैं भारतीय दल को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। प्रत्येक खिलाड़ी ने बहुत कड़ी मेहनत की है और अद्भुत लगन व दृढ़ संकल्प दिखाया है। भारत को उन पर गर्व है। वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, अच्छा खेलें और शानदार सफलता हासिल करें।” उद्घाटन समारोह में ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत ने भारतीय दल की अगुवाई की। ये एशिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता है, जो हर चार साल में एक बार आयोजित की जाती है। इनका आयोजन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) द्वारा किया जाता है, जिसमें 45 देश हिस्सा लेते हैं। एशियन गेम्स पहली बार साल 1951 में नई दिल्ली में आयोजित किए गए थे, जिसमें 11 देशों के 489 एथलीट्स ने हिस्सा लिया था। तब से अब तक ये खेल कुल 19 बार आयोजित किए जा चुके हैं। एशियन गेम्स 2026 में 45 देशों और क्षेत्रों के एथलीट 43 खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह खेलों का 20वां संस्करण होगा और टोक्यो 1958 और हिरोशिमा 1994 के बाद तीसरी बार जापान इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा। भारत ने एशियन गेम्स 2023 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 107 मेडल अपने नाम किए थे, जिसमें 28 गोल्ड मेडल थे। भारतीय दल इस बार अपने प्रदर्शन में और अधिक सुधार करना चाहेगा। भारत पुरुष और महिला क्रिकेट और कबड्डी दोनों में मौजूदा चैंपियन है, जबकि पुरुष हॉकी टीम भी मौजूदा चैंपियन के तौर पर इसमें हिस्सा ले रही है।

एसआईआर प्रक्रिया के तहत अरविंद केजरीवाल और परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस, आप ने भाजपा पर साधा निशाना

नई दिल्ली। दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा उनके परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2002 के मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित मैपिंग नहीं मिलने के आधार पर यह नोटिस भेजा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी नोटिस अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल, पिता गोविंद राम केजरीवाल और माता गीता देवी के नाम जारी किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली चुनाव आयोग इस मामले में जल्द ही आधिकारिक जवाब भी जारी कर सकता है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि आप पहले दिन से कह रही है कि यह एसआईआर नहीं, बल्कि बीजेपी का खेल है। उन्होंने आरोप लगाया, “इनका बस चले तो ये सिर्फ नरेंद्र मोदी और अमित शाह का ही वोट का अधिकार रखें और सभी विरोधियों के वोट काट दें। तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के वोट दिल्ली की वोटर लिस्ट से गायब करना कौन-सी प्रक्रिया है?” फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। बता दें कि एसआईआर के तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया था। इसके तहत अवैध वोटरों को मतदाता सूची से बाहर किया गया था।

एक अक्टूबर से सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य

नई दिल्ली। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को सरकारी सब्सिडी के साथ निर्धारित कीमत पर रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग जारी रखने के लिए 1 अक्टूबर 2026 से बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करना अनिवार्य होगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेंडर पात्र परिवारों तक ही पहुंचे। साथ ही घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए किए जाने वाले गलत उपयोग को रोकना भी इसका उद्देश्य है। सरकार ने कहा कि एलपीजी कनेक्शन को आधार से प्रमाणित उपभोक्ताओं से जोड़ने से डुप्लीकेट और अपात्र कनेक्शन हटाने में मदद मिलेगी। इससे सब्सिडी सही लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी बेहतर होगी। हालांकि, जो उपभोक्ता पहले ही बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके हैं, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया नहीं करनी होगी। वे पहले की तरह अपने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग कर सकेंगे। जिन उपभोक्ताओं का आधार प्रमाणीकरण अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें सब्सिडी वाला सिलेंडर लेने के लिए पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उपभोक्ताओं के लिए बीएए पूरा करने के कई विकल्प उपलब्ध होंगे। एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण किया जा सकेगा। इसके अलावा, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम और तेल विपणन कंपनियों के मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इंडेन के ग्राहक इंडियनआयल वन , भारतगैस के उपभोक्ता हेलो बीपीसीएल और एचपी गैस के ग्राहक एचपी पे के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। जो उपभोक्ता बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहते हैं, उन्हें एलपीजी की आपूर्ति जारी रहेगी, लेकिन उन्हें सरकारी सब्सिडी नहीं मिलेगी और सिलेंडर बाजार मूल्य पर लेना होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अपनी तेल विपणन कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी प्राथमिकता दर्ज करानी होगी। इसके लिए वेब पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन, व्हाट्सऐप चैटबॉट, आईवीआरएस या अन्य उपलब्ध माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। स्थानीय उपलब्धता के आधार पर उन्हें 5 किलो या 10 किलो के सिलेंडर दिए जाएंगे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर तक देश में 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके हैं। यह कुल उपभोक्ताओं का करीब 90 प्रतिशत है। सरकार ने बताया कि तेल विपणन कंपनियां अक्टूबर 2023 से देशभर में इसके लिए जागरूकता अभियान चला रही हैं। इसके तहत उपभोक्ताओं को एसएमएस और व्हाट्सऐप संदेश भेजने, डिस्ट्रीब्यूटर और डिलीवरी कर्मचारियों के जरिए संपर्क करने, विशेष नामांकन शिविर आयोजित करने और आईवीआरएस से रिमाइंडर देने जैसे कदम उठाए गए हैं। डिजिटल और पारंपरिक मीडिया के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, सितंबर 2026 में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर अप्रत्यक्ष सब्सिडी करीब 210 रुपए थी। सरकार ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों पर बढ़ते वित्तीय बोझ के बीच इस योजना को जारी रखने के लिए सब्सिडी केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना जरूरी है।

डूसू चुनाव में निर्दलीय जीत हासिल करने वाले दीपांशु शौकीन बोले- सत्य निकेतन हादसे के पीड़ितों को दिलाऊंगा इंसाफ

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में उपाध्यक्ष के पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। जीत हासिल करने के बाद दीपांशु ने समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान अपने समर्थकों का आभार जताया और सत्य निकेतन हादसे में मारे गए छात्रों के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ने की बात कही। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव में जीत हासिल करने वाले निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने मुझपर भरोसा जताया और उन भरोसे पर मैं खरा उतरूंगा। उनकी हकों की लड़ाई लड़ूंगा। सत्य निकेतन हादसे में जिन छात्रों की जान गई है, उनके लिए इंसाफ की मांग रखूंगा। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए हॉस्टल की मांग रखूंगा और जो भ्रष्टाचार यहां डीयू के सिस्टम में हो रहा है, उसे ठीक करने की कोशिश करूंगा। ये लड़ाई और संघर्ष जो मैंने किया वो इन छात्रों के लिए किया था।” डूसू चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए कुल 60,854 वोट पड़े। इनमें दीपांशु शौकीन को 30,615 वोट मिले। इशू मौर्या को 16,910, वीर चतरथ को 4,313 और अरण्य सिंह राठौड़ को 2,274 मत मिले। वहीं, डूसू के तीन अन्य प्रमुख पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उम्मीदवार विजयी रहे। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह ने जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद के लिए कुल 60,845 वोट पड़े। एबीवीपी के यश डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। अनन्या रतूड़ी को 5,377 वोट मिले। इस पद 4,310 छात्रों ने नोटा को वोट दिया। संयुक्त सचिव पद के लिए कुल 60,825 वोट पड़े। एबीवीपी के लक्ष्यराज सिंह को 16,615 वोट मिले और उन्होंने यह सीट जीती। विशेष यादव को 15,778, एनएसयूआई के गोपाल चौधरी को 15,206 और नोटा को 7,389 वोट मिले। सचिव पद के लिए कुल 60,776 वोट पड़े। एबीवीपी की रिया छाबड़ी को 21,650 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। पंकज कुमार को 7,639 और नोटा को 7,884 वोट मिले।

मंत्री कृष्णा बायरे गौडा ने रात में बेंगलुरु की सड़कों का किया निरीक्षण; कमियां मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार

बेंगलुरु। कर्नाटक के विकास मंत्री कृष्णा बायर गौडा ने बेंगलुरु में देर रात को स्थलीय निरीक्षण किया। यह निरीक्षण रात करीब 9 बजे शुरू हुआ और आधी रात के करीब तक, 3 घंटे से ज़्यादा समय तक चला। इसमें बेंगलुरु के दक्षिणी कॉरिडोर में से एक के किनारे स्ट्रीटलाइट, फुटपाथ, नालियों और सड़कों के रखरखाव में बड़ी कमियां सामने आईं। साउथ कॉर्पोरेशन कमिश्नर के.एन. रमेश और वरिष्ठ सिविक अधिकारियों के साथ मंत्री बायर गौडा ने जेपी नगर मेट्रो स्टेशन से आउटर रिंग रोड और बैनरघट्टा मेन रोड होते हुए गोट्टिगेरे एनआईसीई रोड जंक्शन तक के हिस्से का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण मौके पर ही असलियत जानने का ज़रिया बन गया, जिसमें मंत्री ने अधिकारियों को खराब स्ट्रीटलाइट, अधूरे फुटपाथ के काम, खुली नालियों, सड़क की खराबियों, मलबे और खराब रखरखाव के लिए फटकार लगाई। निरीक्षण में सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि जेपी नगर-गोट्टिगेरे रूट पर 1,540 में से 530 स्ट्रीटलाइट- यानी लगभग 34 फीसदी काम नहीं कर रही थीं। सिर्फ 1,010 लाइटें ही चालू हालत में मिलीं, जबकि 530 पूरी तरह से बंद थीं। मंत्री ने कहा कि उनके ऑफिस के स्टाफ ने 7 और 15 सितंबर को रात में सर्वे किया था, और 11 दिनों तक स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया था। जुलाई और अगस्त में हुई उच्च-स्तरीय बैठकों, बार-बार दिए गए निर्देशों और यहां तक ​​कि एक इंजीनियर के सस्पेंशन के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार न होने की कड़ी आलोचना हुई। एलईडी लाइटिंग का कॉन्ट्रैक्ट फरवरी में खत्म हो गया था, लेकिन कॉन्ट्रैक्टर तय समय के बाद भी काम पूरा नहीं कर पाया। मंत्री ने यह भी बताया कि सड़क की चौड़ाई के हिसाब से जरूरी 120-वाट की लाइटों की जगह 90-वाट की पुरानी लाइटें ही इस्तेमाल हो रही थीं। हाई-डेंसिटी लाइटें और मीडियन लाइटें भी खराब हालत में मिलीं। हुलिमावु के पास क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के सामने और मेगा सिटी मॉल के आस-पास कई जगहों पर सड़क पर रोशनी बहुत कम थी। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग अधिकारियों से सवाल करते हुए बायर गौडा ने पूछा कि क्या इंजीनियर सच में रात में निरीक्षण कर रहे थे या सिर्फ अपने ऑफिस से रिपोर्ट बना रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो कॉन्ट्रैक्टर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, उन पर दोगुना जुर्माना लगाया जाए और जहां जरूरी हो, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। मंत्री ने वेगा सिटी मॉल जंक्शन, नागार्जुन होटल और एम्पायर होटल के पास फुटपाथ की हालत पर भी कड़ी नाराजगी जताई। कई जगहों पर फुटपाथ और नाली के काम के लिए बनी कंक्रीट की स्लैब इधर-उधर बिखरी पड़ी थीं, जबकि खुली नालियां पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बनी हुई थीं। बिना ढकी नालियों के ठीक बगल में पड़ी स्लैब की ओर इशारा करते हुए मंत्री ने सवाल किया कि अधिकारी सुरक्षा के लिए साफ तौर पर खतरनाक इस स्थिति को ठीक करने के लिए उपलब्ध सामान का इस्तेमाल क्यों नहीं कर पाए? उन्होंने इंजीनियरों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि फुटपाथ ठीक से बनाए जाएं और उनमें बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए आने-जाने की जगहों पर कंक्रीट के रैंप हों। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि गाड़ियों को फुटपाथ पर आने से रोकने के लिए प्रेस्ड-कंक्रीट बोलार्ड लगाए जाएं और पैदल चलने वालों के लिए चिकनी और समतल सतह बनाने के लिए ब्रश किए हुए कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फुटपाथ और सार्वजनिक जगहों पर लगे बड़े अनधिकृत विज्ञापन बोर्डों को तुरंत हटा दें, जिनमें कमर्शियल प्रतिष्ठानों द्वारा लगाए गए बोर्ड भी शामिल हैं। उन्होंने सिविक अधिकारियों को बेस्कॉम के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण करने और फुटपाथ पर या उसके किनारे पड़े खतरनाक बिजली के केबल और पाइप हटाने का भी निर्देश दिया। वेगा सिटी मॉल के सामने खुशी फर्टिलिटी सेंटर के पास उन्होंने सड़क पर गड्ढों और निर्माण कार्य के मलबे पर ध्यान दिया। अधिकारियों को ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान के तहत तुरंत मलबा हटाने का निर्देश दिया गया। हुलिमावु में मारुति पब्लिक स्कूल के पास मंत्री ने पाया कि मैकेनिकल सफाई प्रभावी नहीं रही थी और सड़क पर अभी भी कचरा पड़ा था। उन्होंने अधिकारियों को सड़क की सफाई का काम और तेज़ करने का निर्देश दिया। बन्नेरघट्टा-एनआईसीई रोड-गोट्टिगेरे जंक्शन पर मंत्री ने सड़क चौड़ी करने, ड्रेनेज और सरफेसिंग के कामों में कमियां पाईं। उन्होंने अधिकारियों से उस हिस्से के बारे में सवाल किया, जहां सड़क पर ठीक से तारकोल की परत नहीं बिछाई गई थी और जहां नाला बनाते समय उसमें एक गैर-जरूरी मोड़ दिया गया था, जिससे सड़क की असल चौड़ाई कम हो गई थी। इस जंक्शन को शहर का एक अहम प्रवेश द्वार बताते हुए जहां से रोजाना हजारों गाड़ियां गुजरती हैं, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़क के किनारे उगी झाड़ियों को हटाएं, सड़क की सरफेसिंग का काम पूरा करें और ट्रैफिक के बहाव को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन की कमियों को दूर करें। निरीक्षण के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए मंत्री बायर गौडा ने कहा कि मेट्रो के काम और बीडब्ल्यूएसएसबी पाइपलाइन बिछाने की वजह से बन्नेरघट्टा रोड को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि डामर से अस्थायी मरम्मत का काम किया गया है, लेकिन भारी ट्रैफिक की वजह से सड़क को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय के समाधान के तौर पर, उच्च स्तर पर यह फैसला लिया गया है कि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) के तहत पूरे बन्नेरघट्टा रोड पर ‘व्हाइट-टॉपिंग’ का काम किया जाएगा। मंत्री ने यह भी घोषणा की कि फुटपाथों को खाली कराने के बाद उन पर दोबारा कब्जा होने से रोकने के लिए जीबीए और शहर की पुलिस की एक संयुक्त टास्क फोर्स जल्द ही बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य ध्यान इस बात पर होगा कि पैदल चलने वालों के लिए बनी सुविधाओं को ठीक करने के बाद वे जनता के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध रहें। बायर गौडा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्ट्रीटलाइट, गड्ढों की मरम्मत और फुटपाथ के रखरखाव को तुरंत प्राथमिकता दें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो जमीनी स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन 21-22 सितंबर को मेरठ और सहारनपुर का करेंगे दौरा, चुनावी तैयारियों का लेंगे जायजा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 21 और 22 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मेरठ और सहारनपुर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे आगामी चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए कई संगठनात्मक बैठकें करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 71 विधानसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। एक ऐसा क्षेत्र जिसने पारंपरिक रूप से राज्य में चुनावी नतीजों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपनी यात्रा के दौरान नवीन के विभिन्न स्तरों पर पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों और चुनावी रणनीति की समीक्षा करने की उम्मीद है। 21 सितंबर को नितिन नवीन मेरठ का दौरा करेंगे, जहां वे क्षेत्रीय पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के साथ बैठकें करेंगे। वे बूथ, शक्ति केंद्र, जिला और मंडल स्तर पर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे। नवीन मेरठ में ही रात्रि विश्राम करेंगे। 22 सितंबर को नितिन नवीन सहारनपुर जाएंगे, जहां वे इसी तरह की संगठनात्मक बैठकें करेंगे और पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नितिन नवीन का यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला दौरा होगा। उनकी इस यात्रा को पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में जमीनी स्तर पर नेटवर्क को मजबूत करने पर पार्टी के फोकस के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा पारंपरिक रूप से राज्य में अपने चुनावी अभियान शुरू करते समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर काफी जोर देती रही है। खासकर सहारनपुर पार्टी की चुनावी गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने सहारनपुर से ही अपना अभियान शुरू किया था। पार्टी ने 2017 और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी इसी क्षेत्र से अपना अभियान शुरू किया था। दो दिन के दौरे पर नितिन नवीन के पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच बूथ-स्तर पर लामबंदी, संगठनात्मक तालमेल और तैयारी पर जोर देने की उम्मीद है, क्योंकि बीजेपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा रही है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की कई उड़ानें हुईं प्रभावित, यात्रियों को करना पड़ा परेशानी का सामना

नई दिल्ली। परिचालन संबंधी बाधाओं के कारण शनिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की कई उड़ानें विलंबित या रद्द कर दी गईं, जिससे सैकड़ों यात्री प्रभावित हुए। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें या एयरपोर्ट पर मौजूद टीमों से मदद लें। दिल्ली एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक एडवाइजरी में कहा, “स्पाइसजेट की कुछ उड़ानों के संचालन में व्यवधान के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। दिल्ली एयरपोर्ट की टीमें प्रभावित यात्रियों की सहायता करने और जरूरी सहयोग के लिए एयरलाइन और संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।” इससे पहले, 15 सितंबर को भी ऐसी एक घटना हुई। उस समय दुबई जाने वाले विमानों के बार-बार रीशेड्यूल और देर होने के बाद स्पाइसजेट के लगभग 200 यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया था। एयरलाइन ने कहा था कि एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है। गौरतलब है कि स्पाइसजेट वित्तीय और परिचालन संबंधी समस्याओं से जूझ रही है, जिसके कारण उसके बेड़े का एक बड़ा हिस्सा ग्राउंडेड हो गया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने जुलाई में स्पाइसजेट लिमिटेड पर अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भ्रामक डिजाइन प्रैक्टिस, जिन्हें आमतौर पर ‘डार्क पैटर्न’ के रूप में जाना जाता है, को अपनाने के लिए एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। इनमें उपभोक्ताओं को स्वचालित रूप से अपने लॉयल्टी प्रोग्राम में शामिल करना और पूर्व चयनित विकल्पों के माध्यम से प्रचार संबंधी संचार के लिए सहमति प्राप्त करना शामिल था। यह आदेश तब जारी किया गया जब अथॉरिटी ने पाया कि एयरलाइन का ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म ऐसे इंटरफेस डिजाइन का इस्तेमाल करता था जो उपभोक्ताओं की पसंद को प्रभावित करते थे और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन करते थे। सीसीपीए ने यह भी पाया कि उपयोगकर्ताओं को प्रचार संदेश प्राप्त करने के लिए सहमति देने वाला माना गया था, क्योंकि संबंधित विकल्प उपभोक्ताओं से किसी भी सकारात्मक कार्रवाई की जरूरत के बिना डिफॉल्ट रूप से चुना गया था।

उत्तर कोरिया ने आईएईए के प्रस्ताव को खारिज किया, परमाणु ताकत बनाए रखने का संकल्प

सोल। उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के हालिया प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अपनी परमाणु क्षमता को बनाए रखने और उसकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो-जोंग ने अमेरिका और अन्य देशों से कथित परमाणु खतरे का हवाला देते हुए यह बयान दिया। आईएईए ने गुरुवार को वियना में अपने 70वें महासम्मेलन के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया था। इसमें दोहराया गया कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार संपन्न देश का दर्जा नहीं दिया जा सकता। एजेंसी ने प्योंगयांग से परमाणु गतिविधियों को तत्काल रोकने का भी आह्वान किया था। किम यो-जोंग ने उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया केसीएनए के जरिए जारी बयान में कहा, “आईएईए का प्रस्ताव प्योंगयांग के खिलाफ है। एजेंसी उत्तर कोरिया की सुरक्षा स्थिति में बाहरी परमाणु खतरों को नजरअंदाज करते हुए उसके परमाणु कार्यक्रम पर सवाल उठा रही है।” उन्होंने अमेरिका पर यूरोप में परमाणु हथियारों की तैनाती और साझा करने, दक्षिण कोरिया तथा जापान के साथ विस्तारित परमाणु प्रतिरोध व्यवस्था और दक्षिण कोरिया को परमाणु पनडुब्बी तकनीक उपलब्ध कराने की योजनाओं का हवाला दिया। किम ने इन मुद्दों को आईएईए के कथित दोहरे मानदंड का उदाहरण बताया। किम यो-जोंग की टिप्पणी को केसीएनए के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने प्रकाशित किया। कहा, “उत्तर कोरिया अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के अधिकार को अमेरिका या पश्चिम की ‘सहनशीलता’ पर निर्भर नहीं करेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है कि उत्तर कोरिया की परमाणु ताकत की विश्वसनीयता पर किसी भी परिस्थिति में सवाल न उठे।” उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने भी आईएईए के प्रस्ताव की आलोचना की। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि परमाणु हथियार संपन्न देश के रूप में उत्तर कोरिया की स्थिति को अमेरिका, पश्चिमी देशों या आईएईए की मान्यता की जरूरत नहीं है। मंत्रालय के मुताबिक, यह स्थिति उसके वास्तविक परमाणु प्रतिरोध और देश के कानून में दर्ज प्रावधानों से सुनिश्चित है। उत्तर कोरिया ने कहा कि वह बाहरी चुनौतियों और खतरों को रोकने के लिए अपनी सैन्य क्षमता के जरिए देश की संप्रभुता और हितों की रक्षा करता रहेगा। किम यो-जोंग की ये टिप्पणी उस बयान के दो दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया की परमाणु हथियार संपन्न देश की स्थिति को ‘पूर्ण’ और अपरिवर्तनीय बताया था। आईएईए के प्रस्ताव और उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया से एक बार फिर कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु मुद्दे पर प्योंगयांग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच मतभेद सामने स्पष्ट दिखने लगा है। आईएईए जहां उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियों को रोकने और एनपीटी के तहत उसकी परमाणु हथियार संपन्न देश की स्थिति को अस्वीकार करने की बात कह रहा है, वहीं प्योंगयांग ने साफ कह दिया है कि वो अपने परमाणु कार्यक्रम को “सुरक्षा और आत्मरक्षा का विषय मानता है जिसे अमेरिका और पश्चिम वो किसी भी कीमत पर गिरवी नहीं रखेगा।