‘छात्रों की गूंज’ मिमिक्री विवाद पर भड़के केंद्रीय मंत्री रिजिजू, बोले-‘कांग्रेस कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी बन गई है’

नई दिल्ली। इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान की गई मिमिक्री को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कांग्रेस पर निशाना साधा। किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांग्रेस की मिमिक्री वाला क्लिप था साझा कर लिखा, “कांग्रेस पार्टी कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी बन गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं।” राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के तौर-तरीकों और सार्वजनिक रूप से उनके पेश आने वाले अंदाज की मिमिक्री की गई थी। परफॉर्मर ने पीएम मोदी की खास हंसी, हाथों के इशारों और लोगों का अभिवादन करने और गले मिलने के तरीके की नकल की। ​​यह एक्ट राहुल गांधी के संबोधन वाले छात्रों पर केंद्रित कार्यक्रम के दौरान हुआ। मिमिक्री करने वाले कलाकार पुलकित मणि थे, जो एक भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर हैं। यह परफॉर्मेंस जल्द ही राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई, जिसमें भाजपा ने स्टेज एक्ट और उस पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। रिजिजू का यह पोस्ट ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर चल रही व्यापक राजनीतिक बहस के बीच आया, जिसमें राहुल गांधी ने बेरोजगारी और परीक्षा में अनियमितताओं सहित छात्रों से जुड़े “मुद्दों” पर बात की। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, महाराष्ट्र बीजेपी विधायक राम कदम ने छात्रों और उनकी चिंताओं पर केंद्रित कार्यक्रम में मिमिक्री के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। आईएएनएस से ​​बात करते हुए कदम ने कहा, “राहुल गांधी खुद कब इस बात पर गौर करेंगे कि मिमिक्री मनोरंजन तो दे सकती है? लेकिन अगर देश को आगे बढ़ना है और हमें छात्रों के उत्थान के बारे में बात करनी है, तो नीति, कड़ी मेहनत और अवसरों पर चर्चा करना जरूरी है।” उन्होंने आगे कहा, “जिस तरह से वह वहां अपनी बात रख रहे थे, देश भर में घूम रहे थे और छात्रों व युवाओं को गुमराह कर रहे थे, एक बार, लोकसभा चुनाव के दौरान, उन्होंने संविधान को लेकर पूरे देश में भ्रम पैदा किया था।” इससे पहले, बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने भी गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की आलोचना की और छात्र मुद्दों को संभालने के तरीके को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद युवाओं को अपनी बात रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा है।

पत्रकार पायल मेहता की मौत पर पीएम मोदी और रक्षा मंत्री समेत कई नेताओं ने जताया शोक

नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शोक जताया है। जानकारी के अनुसार, मुंबई यात्रा के दौरान पायल मेहता को बेचैनी महसूस हुई। शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि करीब 2 बजे उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट में कहा, “पायल मेहता एक मेहनती पत्रकार थीं जो जमीन से जुड़ी रहीं और अपनी रिपोर्टिंग में राष्ट्रीय मुद्दों की गहरी समझ लेकर आईं। अपने काम के अलावा, उन्हें उस दयालुता और स्नेह के लिए याद किया जाएगा जिसके साथ उन्होंने इतने सारे लोगों के जीवन को प्रभावित किया। उनका अचानक और असमय निधन बेहद दुखद है। उनके परिवार, दोस्तों और सहयोगियों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में हिम्मत दे। ओम शांति।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “पत्रकार पायल मेहता के असमय निधन की खबर सुनकर गहरा सदमा और दुख हुआ। वह बहुत जल्दी हमें छोड़कर चली गईं। पायल एक बेहद मेहनती और समर्पित पत्रकार थीं, जिन्होंने पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संसद की कार्यवाही को कवर किया। संसद सत्र के दौरान, वह सुबह से देर रात तक मौजूद रहती थीं, बिना थके कार्यवाही पर नज़र रखती थीं और अद्भुत समर्पण के साथ अपना काम करती थीं। इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दे। ओम शांति।” शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर पोस्ट किया, “पायल मेहता के असमय निधन से मुझे गहरा सदमा और दुख पहुंचा है। पायल को उनके शांत स्वभाव, पत्रकारिता के प्रति गहरी समझ, सोच-समझकर पूछे गए सवालों और अपने काम के प्रति उनकी ईमानदारी के लिए याद किया जाएगा। संसदीय मामलों से जुड़े मेरे कार्यकाल के समय से ही हमारी लंबी बातचीत हुआ करती थी। पत्रकारिता में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार, दोस्तों और सहयोगियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति और साहस प्रदान करें।” रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर पोस्ट किया, “पत्रकार और प्रिय मित्र पायल मेहता के असामयिक निधन से गहरा दुख हुआ है। रिपोर्टिंग के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय था।” असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, “मुंबई में पत्रकार पायल मेहता के निधन की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा और बहुत दुख हुआ। मैं उन्हें लंबे समय से जानता था। वह बहुत जिंदादिल थीं और जो भी काम करती थीं, उसमें गजब की ऊर्जा भर देती थीं। काम के प्रति उनके समर्पण के बावजूद, सबसे खास बात यह थी कि वह अपने रिश्तों को कितना महत्व देती थीं। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं; मैं प्रार्थना करता हूं कि उन्हें इस मुश्किल घड़ी से उबरने की हिम्मत मिले। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना। ओम शांति।” आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक्स पर लिखा, “वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता के अचानक निधन से गहरा सदमा लगा है और बहुत दुख हुआ है। पायल एक ईमानदार और समर्पित पत्रकार थीं, जो किसी भी स्टोरी के लिए हमेशा पूरी लगन से काम करती थीं। उन्होंने कई बार आंध्र प्रदेश जाकर ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग की, और जब भी हम संसद में मिलते थे, तो वह खुद आकर अपडेट्स ज़रूर शेयर करती थीं। मुझे उनकी जो बात सबसे ज़्यादा याद रहेगी, वह है उनका उत्साह, पत्रकारिता के प्रति उनका समर्पण और वह गर्मजोशी भरी मुस्कान जिसके साथ वह सबसे मिलती थीं। उनके परिवार, दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। उनका असमय निधन बहुत दुखद है।

नई दिल्ली: सरिता विहार में डंपर के कुचलने से चार की मौत, चालक फरार

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सरिता विहार में रविवार को सड़क किनारे खड़ी एक क्रेन और ऑटो-रिक्शा से डंपर ट्रक की टक्कर हो गई। जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत और तीन अन्य लोग घायल हो गए हैं। यह घटना सुबह करीब 3:20 बजे हुई। हादसे के समय ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ के तहत खड़ी गाड़ियों के पास सीसीटीवी लगाने का काम चल रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, डंपर ट्रक उत्तर प्रदेश के नोएडा से आ रहा था, तभी वह सड़क किनारे खड़ी क्रेन और ऑटो-रिक्शा से टकरा गया। मरने वालों की पहचान 23 साल के उमेश, 35 साल के प्रवीण और 34 साल के सूरज के तौर पर हुई है। अधिकारियों ने बताया कि सूरज ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ से जुड़ी कंपनी में एचआर मैनेजर थे। घायल हुए तीन लोगों (आकाश, अनूप और खेम ​​सिंह) का इलाज चल रहा है। जबकि सुधीर नाम का एक व्यक्ति इस घटना में बाल-बाल बच गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक उमेश के पिता रामदास ने आईएएनएस से कहा, “दो लोग ऊपर और दो लोग नीचे थे, ये लोग कैमरे का काम कर रहे थे। इन लोगों ने डंपर के ड्राइवर को इशारा करके रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने रोकी नहीं। सभी लोग डंपर की जद में आ गए और घसीटते हुए चले गए। उमेश डंपर के दोनों पहियों के बीच में आ गया था। ड्राइवर नींद में डंपर चला रहा था।” मृतक उमेश के भाई रतन सिंह ने आईएएनएस से कहा, “उमेश कैमरे लगाने का काम करते थे। वे ट्रैफिक पुलिस के लिए कैमरा लगा रहे थे। कुछ लोग नीचे खड़े थे तो वहीं कुछ लोग ऊपर थे। तेज गति से आ रहे ट्रक ने बगल में खड़ी ऑटो समेत चार पांच लोगों को टक्कर मार दी। एक-दो लोग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था और बाकी दो-तीन लोग हॉस्पिटल में खत्म हो गए। उन्होंने बताया, “उमेश के दो बच्चे हैं। संगम विहार में किराए के मकान में रहते थे। ट्रक ड्राइवर को सजा मिलनी चाहिए।” हादसे के बाद डंपर का ड्राइवर मौके से भाग गया और उसे खोजने की कोशिश की जा रही है। घटना की आगे की जांच चल रही है।

‘राहुल गांधी मां के महत्व को नहीं समझते,’ पीएम मोदी की मिमिक्री पर भड़की भाजपा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान मंच से एक बुजुर्ग माता को कुर्सी देने के लिए कहने वाले बयान का कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में तौर पर मजाक उड़ाए जाने को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे मामले को प्रधानमंत्री की दिवंगत मां के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। इस मामले पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “पूरे देश ने उस मिमिक्री वीडियो को देखा है। इस देश में एक राजनीतिक दल का स्तर कितना नीचे गिर सकता है कि वे सार्वजनिक मंचों पर मिमिक्री करने लगें, प्रधानमंत्री की दिवंगत मां जो अब जीवित नहीं हैं, उनके बारे में घटिया टिप्पणी कर रहे हैं? मेरा मानना है कि इस पर पूरे देश का सिर शर्म से झुक गया है।” उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने इस घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी वर्तमान में छात्रों को गुमराह करने और लुभाने की कोशिश कर रहे हैं और विभिन्न प्रकार की असामाजिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। यह भी एक बात है लेकिन एक हास्य कलाकार द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की मां, जो अब जीवित नहीं हैं, के बारे में टिप्पणी करना और राहुल गांधी द्वारा उस पर हंसना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। मुझे लगता है कि राहुल गांधी मां के महत्व को नहीं समझते हैं।” हैदराबाद में बीजेपी नेता मनमीत सिंह ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में, उन्होंने स्टैंड-अप कॉमेडी के माध्यम से कार्यक्रम का मजाक उड़ाया। यहां तक कि स्टैंड-अप कॉमेडियन को भी यह समझ में नहीं आया कि मोदी इतने बड़े देश के प्रधानमंत्री हैं और उनकी मां सम्मान की हकदार हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस नेताओं ने सम्मान की भावना पूरी तरह से खो दी है। कोई नहीं जानता कि वे क्या सोच रहे हैं।” वहीं, हैदराबाद से ही बीजेपी नेता टी.आर. श्रीनिवास ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को पूरी तरह से फ्लॉप करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी कल जिस तरह का कॉमेडी शो कर रहे थे, उससे तो ‘द कपिल शर्मा शो’ ही बंद हो जाएगा। कपिल भैया, जरा इस पर ध्यान दें, कहीं नेटफ्लिक्स पर आपकी दुकान ही बंद न हो जाए! कल उन्होंने जिस स्टैंड-अप कॉमेडियन को स्टेज पर बुलाया और राहुल गांधी के साथ कॉमेडी करवाई, वह कोई स्टूडेंट नहीं था। जैसा मुझे लगा और जो कोई भी समझदार व्यक्ति इसे देख रहा था, उसे भी यही लगा होगा कि यह बस एक कॉमेडी शो था।” उन्होंने कहा, “आम छात्रों को बुलाएं, उनकी शिकायतें सुनें और समाधान निकालें। किसी व्यक्ति को बुरा-भला कहना और यह कहना कि ‘मेरा फोन टैप हो रहा है’- राहुल गांधी, ये कैसी बचकानी हरकतें हैं? कभी तो बड़े हो जाइए! क्या आप हमेशा ‘मम्मी-मम्मी, डैडी-डैडी’ ही करते रहेंगे? आप स्टूडेंट्स को क्या रास्ता दिखा रहे हैं? इस ‘छात्रों की गूंज’ से क्या होने वाला है? कुछ नहीं होगा। बस घर पर बैठे रहिए।

जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के खिलाफ सपा जंतर-मंतर पर करेगी धरना, राष्ट्रपति से एसआईटी जांच की मांग

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के नोटिस और मोहम्मद आजम खान, अब्दुल्ला आजम खान तथा उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी ने इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। सपा के राष्ट्रीय सचिव और जौनपुर सदर के पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से केवल इमारतों का मामला नहीं जुड़ा है, बल्कि इससे विद्यार्थियों की शिक्षा, शिक्षकों के रोजगार और शोध कार्य का भविष्य भी प्रभावित हो सकता है। पार्टी ने ध्वस्तीकरण नोटिस के वैधानिक आधार की स्वतंत्र समीक्षा होने तक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। पत्र में वर्ष 2019 में मोहम्मद आजम खान, अब्दुल्ला आजम खान और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ लगभग 350 मुकदमे दर्ज किए जाने का दावा किया गया है। सपा का आरोप है कि करीब तीन से चार महीने की अवधि में इतनी बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज होना राजनीतिक प्रतिशोध और प्रशासनिक दुरुपयोग की आशंका पैदा करता है। पार्टी ने राष्ट्रपति से मांग की है कि इन सभी मामलों की एक साथ और समग्र जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाए। सपा का कहना है कि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्यों के आधार पर दोष और निर्दोषता निर्धारित हो सके। पत्र में संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का हवाला देते हुए निष्पक्ष सुनवाई और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े अधिकारों की रक्षा की मांग की गई है। सपा ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान के लिए निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया तथा कानून के अनुसार जमानत का अधिकार सुनिश्चित किए जाने की मांग भी रखी है। इसके अलावा पार्टी ने जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण नोटिस को वापस लेने, अंतिम न्यायिक निर्णय तक किसी भी ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगाने और शिक्षा संस्थानों से जुड़े विवादों का समाधान संवाद तथा कानून के माध्यम से करने की मांग की है। सपा ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। पत्र में कहा गया है कि देश संविधान से चलेगा और विवादों का समाधान संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।

इंदौर की छात्रा के सवाल को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं से संवाद कर रहे हैं। इसी सिलसिले में वह 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी शिक्षा, हॉस्टल, रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याएं सुनीं। राहुल गांधी ने दावा किया कि इंदौर में संवाद के दौरान एक छात्रा ने उनसे हॉस्टल और रहने की समस्या को लेकर सवाल किया। इसके बाद उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उस सवाल का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में छात्रा का सवाल लिखा कि सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है-हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं। राहुल गांधी ने कहा कि यह सवाल कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा। गांव से पढ़ने शहर आई छात्रा ने कहा कि हॉस्टल है नहीं, तो पीजी में रहना पड़ता है। सिर्फ सुरक्षित रहने में लाखों खर्च हो जाते हैं। हर महीने किराए की चिंता और बेघर होने का डर इसी में पढ़ाई करनी पड़ती है। कई लड़कियां इसी वजह से पढ़ाई छोड़ देती हैं। सिर्फ इसलिए कि रहने की जगह नहीं है। आवास भत्ता महंगाई के साथ बढ़ता नहीं और ऊपर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में पीएम मोदी से इस सवाल का जवाब मांगते हुए कहा कि क्या उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है। इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी कोटा, पुणे, प्रयागराज आदि स्थानों पर छात्रों से संवाद कर चुके हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह व्यवस्था क्या है, छात्र क्या होता है, और उसे व्यवस्था कैसे दबा रही है? छात्र के भविष्य को व्यवस्था चुनौती दे रही है। युवा देश के भविष्य हैं और युवा के बगैर कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता है। छात्र के अंदर अलग-अलग गुण होते हैं। छात्र में सबसे बड़ा गुण सवाल पूछने का होता है। छात्र प्राकृतिक तौर पर सवाल पूछते हैं और जिज्ञासु होते हैं, अलग-अलग विषयों पर सवाल पूछते हैं। छात्र मोहब्बत-पसंद होते हैं, वे नफरत नहीं करते हैं, एक-दूसरे से प्यार से बर्ताव करते हैं, और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। उनमें मानवता की भावना होती है।

दिल्ली के कालकाजी में प्रॉपर्टी डीलर की पीट-पीटकर हत्या, हमले में छोटा भाई भी घायल

नई दिल्ली। दिल्ली के पॉश इलाके कालकाजी में एक प्रॉपर्टी डीलर की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना में मृतक प्रॉपर्टी डीलर का भी भाई गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे बाद में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतक की पहचान 48 वर्षीय मंजीत सिंह के रूप में हुई। परिजनों ने एक परिवार पर मंजीत सिंह की हत्या और उसके दूसरे भाई से मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। मृतक की बहन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मंजीत सिंह की पीट-पीटकर हत्या की गई है। उन्होंने कहा, “मेरे भाई को बुरी तरह पीटा गया। आरोपियों ने उसे वहीं मौके पर ही मार डाला।” रज्जी चौधरी नाम की महिला पर आरोप लगाते हुए मंजीत की बहन ने कहा, “रज्जी चौधरी अपने पति, बेटों और बेटी के साथ मौजूद थी। वे सभी इसमें शामिल थे और सबने मिलकर उसे मारा। उन्होंने मंजीत के सिर पर वार किया। मेरे भाई के सिर पर किसी चीज से चोट पहुंचाई। सिर पर चोट लगने से वह गिर पड़ा। गिरने के बाद वे सभी लोग उस पर टूट पड़े और लगातार लात-घूंसे बरसाते रहे। उन्होंने उसे तब तक नहीं छोड़ा जब तक उन्हें यकीन नहीं हो गया कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई है।” मंजीत की बहन ने कहा कि जब हमें फोन आया तो हम लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां रज्जी चौधरी लगातार भाई को पीट रही थी। मेरे दूसरे भाई ने उसको पकड़ा तो परिवार के लोगों ने उसके साथ भी मारपीट की है। मेरे छोटे भाई का पैर तोड़ दिया गया है। उसके सिर पर भी गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि रज्जी चौधरी और उसके पति के अलावा चार लड़कों ने घटना को अंजाम दिया है। मंजीत की बहन ने पुलिस से मांग की कि दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। फिलहाल, दिल्ली पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

एफपीआई की बिकवाली सितंबर में 23,676 करोड़ रुपए रही, कच्चे तेल में तेजी और वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया दबाव

मुंबई। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का आउटफ्लो सितंबर में अब तक (1 से 19 सितंबर) 23,676 करोड़ रुपए रहा है, इससे पहले जुलाई और अगस्त में एफपीआई शुद्ध खरीदार थे। यह जानकारी एनालिस्ट्स की ओर से दी गई। हालांकि, विदेशी निवेशक प्राइमरी बाजार में लगातार खरीदार बने हुए हैं। सितंबर में अब तक, उन्होंने करीब 2,703 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जो कि 2026 में एफपीआई द्वारा किया कुल निवेश 48,550 करोड़ रुपए पहुंच गया है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ.वी.के. विजयकुमार ने कहा कि इससे सेकेंडरी मार्केट के सुस्त प्रदर्शन के बावजूद प्राइमरी मार्केट में जारी तेजी की कुछ हद तक वजह समझ में आती है। पिछले हफ्ते बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला। ऊंची एनर्जी कीमतों से महंगाई पर पड़ने वाले असर और आर्थिक विकास पर इसके नतीजों को लेकर चिंताएं बनी रहीं। सेंसेक्स 0.65 प्रतिशत गिरकर 74,294.46 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.22 प्रतिशत गिरकर 23,346.40 पर बंद हुआ। एनालिस्ट्स का कहना है कि कई हफ्तों तक अच्छा प्रदर्शन करने के बाद, उतार-चढ़ाव भरे हफ्ते के आखिर में मिडकैप और स्मॉलकैप जैसे बड़े इंडेक्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। कच्चे तेल की कीमतें और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी बाजार की धारणा को तय करने वाले मुख्य कारक बने रहे। यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी ने ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी। आगे चलकर, एफपीआई फ्लो पर ईरान-यूएस के बीच चल रहे टकराव और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर का काफी असर पड़ेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और यूएस बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर (यूएस 10-वर्षीय यील्ड 5 प्रतिशत पर) भारतीय इक्विटी बाजार और एफपीआई फ्लो के लिए नकारात्मक हैं। हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और बेहतर कमाई की उम्मीदें सकारात्मक कराक हैं।

एशियन गेम्स: एलावेनिल ने 10 मीटर एयर राइफल में रजत पदक जीता

नागोया। एलावेनिल वालारिवन ने रविवार को यहां ऐची प्रीफ. जनरल शूटिंग गैलरी में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत फाइनल में दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत पदक अपने नाम किया। जापान की हिनाता ताइची ने 253.0 के एशियन गेम्स रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह दूसरा पदक है। एलावेनिल फाइनल के ज्यादातर समय तक पूरी तरह से नियंत्रण में थीं। उन्होंने जोरदार शुरुआत की और शुरुआती स्टेज में टॉप पर रहीं, पहले पांच शॉट के बाद 53.1 स्कोर किया, फिर एलिमिनेशन राउंड शुरू होते ही अपनी बढ़त बढ़ा ली। उन्होंने देर तक बढ़त बनाए रखी, और लगातार अच्छे स्कोर की वजह से करीबी फील्ड में आगे रहीं। भारतीय शूटर सोनम उत्तम मस्कर, जो टीम सिल्वर जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थीं, छठे स्थान पर आने से पहले पदक की दौड़ में थीं। स्वर्ण के लिए मुकाबला आखिरी दो शॉट तक चला गया। इलावेनिल ने ताइची से सिर्फ 0.3 पॉइंट आगे रहते हुए आखिरी स्टेज में एंट्री की। भारतीय शूटर ने 10.4 पॉइंट का स्कोर किया, लेकिन ताइची ने 10.6 पॉइंट का स्कोर कर अंतर घटाया। इलावेनिल को टॉप पर बने रहने के लिए एक मजबूत फिनिश की जरूरत थी। उन्होंने 10.1 पॉइंट हासिल किए, लेकिन ताइची ने 10.2 पॉइंट के साथ हिम्मत बनाए रखी, जिससे जापानी शूटर 253.0 पॉइंट पर पहुंचीं और स्वर्ण पदक पक्का किया, जबकि इलावेनिल ने 252.4 पॉइंट के साथ रजत जीता। इलावेनिल के लिए ने व्यक्तिगत रजत के साथ नागोया में एक यादगार दिन को खत्म किया। टीम कॉम्पिटिशन में भारत को रजत दिलाने में मदद करने के बाद, वह रेंज में लौटीं और एक हाई-प्रेशर फाइनल में लड़ते हुए एक और पोडियम फिनिश हासिल किया। एक घंटे से भी कम समय में दो सिल्वर मेडल जीतकर, एलावेनिल एशियन गेम्स में शूटिंग कॉम्पिटिशन में भारत के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरीं।

ईरान की चेतावनी, यमन पर हमला हुआ तो अमेरिका के लिए बंद होगा बाब अल-मंदेब मार्ग

तेहरान। मिडिल ईस्ट के हालात एक बार फ‍िर ब‍िगड़ते नजर आ रहे हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक सैन्य अधिकारी व लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी ने कहा क‍ि ट्रंप अमेरिकियों की बलि चढ़ाने वाले हैं। जोल्फागारी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया, “अगर ट्रंप यमन पर हमला करते हैं तो अमेरिकियों की जान खतरे में डालने वाले हैं। यमन पर हमला करते ही बाब अल-मंदेब का रास्ता अमेरिका के लिए बंद हो जाएगा। पश्चिम में गरीबी आ जाएगी।” बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल, गैस और व्यापारिक सामान इसी मार्ग से होकर गुजरता है। रव‍िवार को पूरे मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। इन घटनाओं की वजह से इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ने की आशंका को लेकर चिंता तेज हो गई है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के मुताब‍िक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अमेर‍िकी दूतावासों ने नागर‍िकों की सुरक्षा के ल‍िए अलर्ट जारी क‍िए है। लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इजरायल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्की में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने वहां रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा से जुड़े जरूरी अलर्ट जारी किए हैं। ईरान ने संभावित खतरे के मद्देनजर अधिकतम अलर्ट जारी कर दिया है। ईरान ने आईआरजीसी, सेना और सुरक्षाबलों के लिए अपना सबसे ऊंचा अलर्ट लेवल ‘कोड 100’ जारी किया है। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा हालात को देखते हुए इराक में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने एडवाइजरी जारी है। लोगों से कहा गया है क‍ि जो अमेरिकी अभी मिडिल ईस्ट में हैं, उन्हें ज्‍यादा सतर्क रहना चाहिए और फ्लाइट रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावट आने जैसी संभावनाओं का ध्यान रखना चाहिए। अमेरिकी दूतावास ने कहा क‍ि ईरान समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ हमलों में हिस्सा लिया है, जिनमें नागरिक हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया गया है। यह सैन्य संघर्ष बहुत तेजी से बढ़ सकता है। इस क्षेत्र में आने या यहां से बाहर जाने वाले अमेरिकी नागरिकों को हवाई अड्डों और एयरलाइंस के संचालन से जुड़ी जानकारी पर लगातार नजर रखनी चाहिए। अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें मध्य पूर्व के बाहर मौजूद ठिकाने भी शामिल हैं। ईरान और उसका समर्थन करने वाले समूह विदेशों में अमेरिका से जुड़े दूसरे हितों या दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिका और अमेरिकी नागरिकों से जुड़ी जगहों को भी निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिकी कंपनियां और दूसरी संस्थाएं भी शामिल हैं।