अब महाराष्ट्र में लागू होंगे केरल के हेल्थ मॉडल, पब्लिक हेल्थकेयर होगा बेहतर

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम को ज्यादा सुलभ, कुशल, टेक्नोलॉजी बेस्ड बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। इस क्रम में महाराष्ट्र पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के एक प्रतिनिधिमंडल ने 6 से 8 अगस्त तक केरल का दौरा किया। इस दौरे का मकसद केरल में प्राइमरी हेल्थकेयर, डिजिटल हेल्थ, डायग्नोस्टिक्स, बीमारी की रोकथाम और पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट में अपनाए गए बेहतरीन तरीकों, सिस्टम और लागू करने के तरीकों को समझना था, और यह पता लगाना था कि कौन से तरीके महाराष्ट्र की जरूरतों के हिसाब से अपनाए जा सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी-सेकेंड ई. रवींद्रन और महाराष्ट्र में हेल्थ सर्विसेज के कमिश्नर और नेशनल हेल्थ मिशन के मिशन डायरेक्टर संजय श्रीपतराव कटकर ने की। हेल्थ सर्विसेज कमिश्नरेट के सीनियर अधिकारी और टेक्निकल एक्सपर्ट भी इस टीम का हिस्सा थे। अध्ययन का एक मुख्य हिस्सा केरल का फैमिली हेल्थ सेंटर (एफएचसी) मॉडल था, जिसके तहत प्राइमरी हेल्थ सेंटर बीमारी की रोकथाम, सेहत को बढ़ावा देने, बीमारी का पता लगाने, इलाज और फॉलो-अप जैसी सेवाएं देते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने अध्ययन किया कि ये सेंटर कैसे एक ही प्लेटफॉर्म पर गैर-संक्रामक बीमारियों की स्क्रीनिंग और मैनेजमेंट, काउंसलिंग, मां और बच्चे की सेहत की देखभाल और रेगुलर फॉलो-अप जैसी सेवाएं एक साथ देते हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट की रिलीज के अनुसार, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के कामकाज और कम्युनिटी लेवल पर व्यापक प्राइमरी हेल्थकेयर देने में उनकी भूमिका की भी समीक्षा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने ‘ई-हेल्थ केरल’ का भी अध्ययन किया, जो एक इंटीग्रेटेड डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म है। यह प्लेटफॉर्म स्वास्थ्य सुविधाओं को जोड़ता है और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, रेफरल और मरीजों की जानकारी के बेहतर मैनेजमेंट में मदद करता है। उम्मीद है कि इस अनुभव से महाराष्ट्र में डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलेगी, खासकर इलाज की निरंतरता, रेफरल सिस्टम और मरीजों के फॉलो-अप को बेहतर बनाने में। इस स्टडी विजिट में कई क्षेत्रों को शामिल किया गया, जैसे कि गैर-संचारी रोगों के लिए आबादी-आधारित स्क्रीनिंग, कैंसर की रोकथाम और देखभाल, मां और नवजात शिशु की स्वास्थ्य सेवाएं, टीबी (तपेदिक) का उन्मूलन, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (रोगाणुरोधी प्रतिरोध) पर नियंत्रण, पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी सेवाएं, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, पैलिएटिव केयर (गंभीर बीमारी में आराम देने वाली देखभाल), इंटीग्रेटेड बीमारी निगरानी और दवा खरीद व सप्लाई-चेन मैनेजमेंट। रिलीज के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने खास तौर पर 30 साल और उससे ज्यादा उम्र के नागरिकों की आम गैर-संचारी रोगों के लिए स्क्रीनिंग के तरीकों, और साथ ही शुरुआती पहचान, इलाज और फॉलो-अप के सिस्टम की जांच की। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, मकसद केरल मॉडल को पूरी तरह से अपनाना नहीं था, बल्कि ऐसे व्यावहारिक और असरदार उपायों की पहचान करना था जिन्हें महाराष्ट्र की भौगोलिक, जनसांख्यिकीय और स्वास्थ्य सेवा संबंधी जरूरतों के हिसाब से अपनाया जा सके।

सौरव गांगुली समेत पत्नी को जान से मारने की धमकी, पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना गांगुली को जान से मारने की धमकी मिली है। भारत के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष की निजी सचिव की तरफ से ठाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। लिखित शिकायत में जिक्र है, “मैं, तानिया भट्टाचार्य, सौरव गांगुली की तरफ से आपको यह पत्र लिख रही हूं, जिनके साथ मैं बतौर निजी सचिव काम करती हूं। मैं आपका ध्यान एक गंभीर मामले की ओर दिलाना चाहती हूं, जो सौरव गांगुली और उनके परिवार को मिली कुछ धमकी भरी चिट्ठियों से जुड़ा है।” शिकायत में आगे जिक्र है, “पिछले कुछ महीनों से हमें किसी अनजान शख्स की तरफ से (सौरव) गांगुली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों वाली चिट्ठियां मिल रही हैं। शुरू में हमने इन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, यह सोचकर कि ये किसी ऐसे व्यक्ति की हरकत है, जो उन्हें पसंद नहीं करता और अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए चिट्ठियां भेज रहा है। हालांकि, आज हमें सौरव गांगुली और डोना गांगुली के नाम से दो चिट्ठियां मिलीं, जिनमें भेजने वाले ने न सिर्फ उनके खिलाफ नफरती बातें लिखीं, बल्कि सौरव गांगुली, डोना गांगुली और उनके साथ या उनके लिए काम करने वाले लोगों की जान और सुरक्षा को लेकर गंभीर धमकियां भी दीं।” शिकायत में लिखा गया है, “इन चिट्ठियों में दी गई धमकियों की गंभीरता ने हमें चिंतित कर दिया है। ये चिट्ठियां अब नफरत या अपमानजनक बातों से आगे बढ़कर जान और निजी सुरक्षा के लिए स्पष्ट धमकियों में बदल गई हैं, इसलिए हमारा मानना ​​है कि इस मामले में पुलिस का तुरंत दखल और जांच जरूरी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि कृपया जरूरी कार्रवाई करें, शिकायत दर्ज कर जांच करें, इन धमकी भरी चिट्ठियों को भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करें और सौरव गांगुली, डोना गांगुली और उनके साथ काम करने वाले स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएं।” रिपोर्ट्स के मुताबिक ये चिट्ठियां कूरियर के जरिए सौरव गांगुली के घर भेजी गई हैं। पैकेट पर भेजने वाले का नाम अरुण कुमार लिखा था, जो बेलघरिया का रहने वाला है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।

छात्र आंदोलन के समर्थन में भाजपा का 11 अगस्त को झारखंड बंद, मरांडी का आरोप- बर्बरता से हुआ लाठीचार्ज

रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोमवार रात 9 बजे पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने और सोमवार के विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों पर निर्ममता से बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में पिछले कई वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। पार्टी ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग दोहराई। भाजपा नेताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र कई दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की सीबीआई जांच शामिल है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए। उन्होंने आंदोलन स्थल पर लगाए गए पंडाल को हटाने के लिए भी प्रशासन पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। भाजपा ने जेपीएससी-जेएसएससी की विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा। पार्टी नेताओं ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा, सहायक आचार्य, स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी) और उत्पाद सिपाही भर्ती सहित कई नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा मामले में हुई गिरफ्तारियों का भी उन्होंने उल्लेख किया। भाजपा नेताओं ने कहा कि छात्रों का राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है। इसलिए सभी संबंधित मामलों की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अन्य राज्यों में छात्रों के मुद्दे उठाती है, लेकिन झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों की सीबीआई जांच की मांग पर उसका रुख स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि 11 अगस्त को सुबह आठ बजे से देर रात तक राज्यव्यापी बंद रहेगा। स्वास्थ्य सेवाओं और देवघर सहित धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले कांवरियों को बंद से मुक्त रखा गया है। पार्टी ने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है और सरकार को बातचीत के जरिए उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि छात्रों के साथ दोबारा बल प्रयोग या किसी तरह का गलत व्यवहार हुआ तो पार्टी अपना विरोध और तेज करेगी।

सीएमजी ने ‘विनिंग इन एआई प्ल्स’ कार्यक्रम के दूसरे सीजन के फाइनल का आयोजन किया

बीजिंग। चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और हांगचो शहर की स्थानीय सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित बड़े पैमाने पर वृत्तचित्र वेंचर कैपिटल कार्यक्रम ‘विनिंग इन एआई प्लस’ के दूसरे सीजन का भव्य समापन और वार्षिक समारोह चीन के चच्यांग प्रांत के हांगचो शहर में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम चीन की ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लस’ रणनीति का बारीकी से अनुसरण करता है, वैश्विक परिप्रेक्ष्य का उपयोग करते हुए एआई क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रतिभाओं और नवोन्मेषी परियोजनाओं की खोज करता है और उद्यमियों को अपने सपनों को प्रदर्शित करने के लिए एक नवोन्मेषी सेवा मंच प्रदान करता है। कई दौर की प्रतियोगिता के बाद, 1000 से अधिक प्रतिभागी कंपनियों में से 20 एआई नवप्रवर्तक फाइनल में पहुंचे। भव्य समारोह की शाम को, अंततः शीर्ष दस एआई नवप्रवर्तकों का चयन किया गया। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में एक निवेश हस्ताक्षर समारोह भी आयोजित किया गया, जहां कई प्रमुख घरेलू निवेश संस्थानों ने एआई नवप्रवर्तक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ रणनीतिक सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसके परिणामस्वरूप कुल 1.23 अरब युआन के 36 निवेश प्रस्ताव आए और 13 एआई कंपनियों ने हांगचो में परिचालन स्थापित करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

विश्व शेर दिवस 2026: योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्य के मुख्यमंत्रियों ने दीं बधाई और शुभकामनाएं

नई दिल्ली। शेरों की घटती आबादी और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष 10 अगस्त को विश्व शेर दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “शक्ति, शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक ‘शेर’ का संरक्षण केवल एक वन्यजीव प्रजाति की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध जैव-विविधता और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक समग्र दृष्टि है।” मुख्यमंत्री ने लिखा, “उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। आइए, ‘विश्व शेर दिवस’ पर प्रकृति के इस प्रहरी के संरक्षण का संकल्प लें, जिससे आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित और समृद्ध धरा विरासत में मिल सके।” दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “शेर भारत की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव विरासत का गौरव हैं। विश्व शेर दिवस पर आइए, प्रकृति के इस अद्भुत प्रहरी के संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को और मजबूत करें तथा ऐसा वातावरण बनाएं, जहां वन्यजीव और प्रकृति दोनों सुरक्षित एवं समृद्ध रहें। सभी वन्यजीव प्रेमियों को विश्व शेर दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “समस्त वन्यजीव प्रेमियों को विश्व शेर दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। शेर प्रकृति के संतुलन और वन्यजीव संरक्षण के महत्व का प्रतीक हैं। आइए, इस अवसर पर हम सभी वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने, उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और जैव विविधता को सुरक्षित रखने का संकल्प लें।” राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “समस्त प्रदेशवासियों को ‘विश्व शेर दिवस’ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। शेर हमारी समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक संतुलन और वन्यजीव विरासत का महत्वपूर्ण आधार हैं। आइए, इनके संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक धरोहर के निर्माण का संकल्प लें।

ईरान की आर्थिक हालत ‘बहुत खराब’, आधे-अधूरे तरीके से चल रही है बातचीत: ट्रंप

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ उनकी बातचीत केवल ‘आधे-अधूरे तरीके से’ चल रही है। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल वह कोई नया सैन्य अभियान शुरू करने के बजाय ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ने देने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने एक्सियोस से एक छोटी फोन बातचीत में कहा, “हम इसे ज्यादा तूल नहीं दे रहे हैं।” उनका कहना था कि आर्थिक रूप से ईरान की हालत ‘बहुत खराब’ है। रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज स्‍ट्रेट में समुद्री यातायात को लेकर ईरान, ओमान और अमेरिका के बीच एक समझौता तैयार किया गया है, जो पिछले कुछ दिनों से लंबित है। स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से बताया क‍ि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि होर्मुज स्‍ट्रेट में समुद्री यातायात के लिए एक अस्थायी मार्ग तय करने को लेकर ईरान और ओमान किसी समझौते के काफी करीब हैं। अराघची ने रविवार को कहा कि जब तक अमेरिका दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के उल्लंघन को बंद नहीं करता, तब तक ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत दोबारा शुरू नहीं हो सकती। तेहरान में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अराघची ने जोर देकर कहा कि इस समय दोनों देशों के बीच कोई बातचीत नहीं चल रही है। इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने कहा था कि अगर होर्मुज स्‍ट्रेट को ‘बहुत जल्द’ नहीं खोला गया, तो ईरान को ‘कड़े परिणाम’ भुगतने पड़ेंगे। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच ‘बहुत अच्छी बातचीत’ चल रही है। हालांकि, तेहरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि वॉशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। ट्रंप इससे पहले ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि वह उसे ‘अंतिम मौका’ दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि होर्मुज स्‍ट्रेट को खोलने को लेकर बातचीत चल रही है और यह ‘शायद अगले ही दिन’ खुल सकता है। सोमवार को ओवल ऑफिस में उन्होंने कहा, “मेरा मतलब है कि यह मामला एक न एक तरह से जल्दी सुलझ जाएगा। यह कोई बहुत जटिल मुद्दा नहीं है।” उन्होंने कहा, “हम स्‍ट्रेट को खोलने और उसे चालू रखने को लेकर बात कर रहे हैं, और यह सचमुच कल तक हो सकता है।” लेकिन ईरान ने फिर दोहराया कि अमेरिका के साथ ऐसी कोई बातचीत नहीं हो रही है। इन परस्पर विरोधी दावों के कारण दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत जीवाश्म ईंधन के आवागमन का प्रमुख मार्ग माने जाने वाले इस जलमार्ग का भविष्य फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है।

व्हाट्सएप में वैश्विक स्तर पर आई दिक्कत, फोटो-वीडियो भेजने में परेशानी; कई देशों के यूजर्स प्रभावित

नई दिल्ली। मेटा के स्वामित्व वाले लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के कई यूजर्स ने सोमवार को सेवा में बाधा (आउटेज) की शिकायत की। इस तकनीकी समस्या का असर खासतौर पर फोटो, वीडियो, स्टिकर्स, गिफ्स (जीआईएफ) और अन्य मीडिया फाइलों को भेजने एवं प्राप्त करने पर देखा गया। भारत समेत कई देशों के यूजर्स ने सोशल मीडिया और आउटेज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी साझा की। आउटेज मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म डाउनडिटेक्टर के अनुसार, सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में यूजर्स ने व्हाट्सएप में समस्या की रिपोर्ट करनी शुरू कर दी थी। दर्ज शिकायतों में लगभग 41 प्रतिशत समस्याएं मैसेजिंग, 40 प्रतिशत ऐप के संचालन और करीब 13 प्रतिशत नोटिफिकेशन से संबंधित थीं। यूजर्स के अनुसार, सामान्य टेक्स्ट मैसेजिंग सेवा कई मामलों में काम कर रही थी, लेकिन फोटो और वीडियो जैसी मल्टीमीडिया फाइलों को भेजने में दिक्कत आ रही थी। कई लोगों ने बताया कि तस्वीरें चैट विंडो में दिखाई तो दे रही थीं, लेकिन अपलोडिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही थी और वे लंबे समय तक ‘सेंडिंग’ स्थिति में अटकी रहती थीं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने यह भी शिकायत की कि फोटो और वीडियो अपलोड करते समय लगातार लोडिंग आइकन दिखाई देता रहा या फिर सिस्टम बार-बार रीट्राई करने का संदेश दे रहा था। इसी तरह, स्टिकर्स और गिफ्स भेजने में भी समस्याएं सामने आईं, जिससे यूजर्स का मानना है कि तकनीकी गड़बड़ी मुख्य रूप से व्हाट्सएप की मल्टीमीडिया सेवाओं से जुड़ी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़ी साइज की मीडिया फाइलों पर इसका असर और अधिक देखने को मिला। कई मामलों में ऐसी फाइलें अपलोड ही नहीं हो सकीं या उन्हें भेजने में काफी अधिक समय लगा। यह समस्या केवल किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। भारत के अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, ब्राजील, कनाडा, मेक्सिको, स्पेन और कोलंबिया सहित कई देशों से भी ऐसी शिकायतें सामने आईं। विभिन्न देशों से एक जैसी रिपोर्ट मिलने से संकेत मिला कि यह कोई स्थानीय नेटवर्क या डिवाइस संबंधी समस्या नहीं थी, बल्कि प्लेटफॉर्म स्तर पर तकनीकी बाधा हो सकती है। दिक्कत आने के बाद कई उपयोगकर्ताओं ने अपने स्तर पर समस्या दूर करने की कोशिश भी की। उन्होंने स्मार्टफोन रीस्टार्ट किया, वाई-फाई और मोबाइल डेटा के बीच नेटवर्क बदला तथा कुछ ने ऐप को दोबारा इंस्टॉल भी किया। हालांकि अधिकांश यूजर्स ने बताया कि इन उपायों से समस्या का समाधान नहीं हुआ, विशेषकर फोटो और वीडियो भेजने में परेशानी बनी रही। डाउनडिटेक्टर के अनुसार, रविवार को भी व्हाट्सएप सेवाओं में कुछ व्यवधान की शिकायतें दर्ज की गई थीं। हालांकि खबर लिखे जाने तक व्हाट्सएप या उसकी मूल कंपनी मेटा की ओर से इस तकनीकी समस्या को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

शिकागो में फायर‍िंग के अलग-अलग मामलों में तीन की मौत, दस घायल

न्यूयॉर्क। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सप्ताहांत में हुई कई गोलीबारी की घटनाओं में अमेरिका के शिकागो में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। सीबीएस शिकागो की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार सुबह 8:22 बजे तक शहर में कुल आठ गोलीबारी की घटनाएं हुईं। स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, इन घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई और नौ अन्य घायल हुए। घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई गई है। इसके अलावा, शनिवार तड़के एक 35 वर्षीय व्यक्ति के सिर में गोली लगी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इन गोलीबारी की घटनाओं में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, 7 अप्रैल तक समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान शिकागो में बंदूक हिंसा के 1,878 पीड़ित दर्ज किए गए, जिनमें से 356 लोगों की मौत हो गई। इससे पहले, अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के कैसवेल काउंटी में एक ग्रामीण इलाके में स्थित घर में सामूहिक गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी नॉर्थ कैरोलिना स्टेट ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने दी। पुलिस को बुधवार सुबह स्थानीय समयानुसार 8 बजे से ठीक पहले घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कई लोगों को गोली लगने की हालत में पाया। नॉर्थ कैरोलिना स्टेट ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने एक बयान में यह जानकारी दी। बयान में कहा गया कि गोली लगने से घायल एक व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि कई अन्य लोगों की मौत हो चुकी थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कैसवेल काउंटी के शेरिफ टोनी डर्डन ने बताया कि एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हुई, जिनमें कथित हमलावर भी शामिल था। परिवार के एक अन्य सदस्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अमेरिका कई दशकों से बंदूक हिंसा की समस्या से जूझ रहा है और हर साल वहां सैकड़ों सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं दर्ज की जाती हैं। इससे पहले दो अगस्त को अमेरिका के ओरेगन राज्य के पोर्टलैंड शहर के एक मोहल्ले में हुई फायर‍िंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और पांच अन्य लोग घायल हो गए थे।

ईरान की संसदीय समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए सुरक्षा कार्य योजना को दी मंजूरी

तेहरान। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी की “सुरक्षा और टिकाऊ प्रगति सुनिश्चित करने” के लिए एक रणनीतिक कार्य योजना की रूपरेखा को मंजूरी दे दी है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कमेटी के प्रवक्ता हसन कशकावी के हवाले से बताया कि इस प्लान पर कमेटी की बैठक में चर्चा हुई और इसे बिना किसी विरोध के मंजूरी दे दी गई। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कशकावी ने कहा कि प्लान के सामान्य ढांचे को मंजूरी देने से पहले सांसदों ने ईरान की संबंधित संस्थाओं से मिली जानकारियों की समीक्षा की। आईआरएनए के अनुसार, यह कानून 13 जुलाई को औपचारिक रूप से संसद में पेश किया गया था। ईरान ने 28 फरवरी को जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी और इजरायल और अमेरिका के जहाजों या उनसे जुड़े जहाजों के सुरक्षित गुजरने पर रोक लगा दी थी। यह कदम ईरानी क्षेत्र पर उनके संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था। जून में ईरान और अमेरिका ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए थे। दोनों पक्षों को अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों के भीतर बातचीत करनी थी, लेकिन हाल ही में इलाके में तनाव बढ़ने से बातचीत का भविष्य अनिश्चित हो गया है। जुलाई में अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर कई बार हमले किए। उनका कहना था कि ये हमले जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में और “व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कम करने” के मकसद से किए गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। ईरान और ओमान कुछ हफ्तों से जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए एक नया रास्ता तय करने के समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा था कि अभी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री ने यह बात विदेश मंत्रालय के ‘सेंटर फॉर पॉलिटिकल एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। अरागची ने कहा, “अभी अमेरिका के साथ हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है। बातचीत फिर से शुरू करने के रास्ते खोजने के लिए मध्यस्थ अभी भी कोशिश कर रहे हैं। हमारे नजरिए से जब तक अमेरिका ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ का उल्लंघन बंद नहीं करता और अपने किए गए उल्लंघनों की भरपाई नहीं करता, तब तक बातचीत फिर से शुरू नहीं हो सकती।

टाइफून नंबर 15 को लेकर जापान में हाई अलर्ट, पीएम तकाइची ने दी सावधानी बरतने की सलाह

नई द‍िल्‍ली। जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने खराब होते मौसम को लेकर आमजन को आगाह करते हुए सावधानी बरतने की अपील की। पीएम तकाइची ने टाइफून नंबर 15 के चलते भारी बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और तेज हवाओं की आशंका के बीच लोगों से समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने को कहा है। प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर बताया क‍ि टाइफून नंबर 15 इस समय जापान के पूर्वी हिस्से के समुद्र में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। आशंका है कि यह कल, यानी 11 तारीख को, दक्षिणी तोहोकू और उत्तरी कांटो क्षेत्रों के काफी करीब पहुंच सकता है और संभव है कि तट से भी टकराए। पीएम तकाइची ने कहा क‍ि सरकार प्रधानमंत्री कार्यालय के संकट प्रबंधन केंद्र में स्थापित ‘सूचना समन्वय कक्ष’ के माध्यम से लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरी जानकारियां जुटा रही है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी कदम पूरी तैयारी के साथ उठाए जाएंगे। तकाइची ने कहा क‍ि तोहोकू क्षेत्र के प्रशांत महासागर वाले हिस्से में 11 तारीख की देर सुबह से लेकर देर रात तक भारी बारिश होने की संभावना है। इसलिए भूस्खलन जैसी घटनाओं को लेकर बेहद सावधान रहें। साथ ही निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर बढ़ने और उनके उफान पर आने के खतरे पर भी नजर रखें। इसके अलावा, 11 तारीख को सुबह से शाम तक तेज हवाओं के कारण इमारतों को नुकसान पहुंचने और यातायात बाधित होने की आशंका है। समुद्री इलाकों में देर सुबह से देर रात तक ऊंची लहरों और समुद्री उफान के कारण जहाजों तथा तटीय सुविधाओं को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए विशेष सतर्कता बरतें। प्रधानमंत्री ने कहा क‍ि कांटो-कोशिन क्षेत्र में भी 11 तारीख को लगभग दोपहर से देर रात तक ऊंची लहरों, निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर बढ़ने या उनके उफान पर आने का खतरा बना रह सकता है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। उन्‍होंने कहा क‍ि देश के लोगों से अनुरोध है कि वे पहले से ही अपने इलाके के खतरे वाले स्थानों, सुरक्षित निकासी केंद्रों और वहां तक पहुंचने के रास्तों की जानकारी हासिल कर लें। रेडियो, टीवी, इंटरनेट और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी मौसम और आपदा संबंधी ताजा सूचनाओं पर लगातार ध्यान दें। उन्‍होंने कहा क‍ि अगर आपको थोड़ा भी खतरा महसूस हो, तो बिना देर किए तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाएं। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए समय रहते कदम उठाना सबसे जरूरी है।