सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने आज उत्तर प्रदेश की बेटियां अवसरों के अभाव से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। शारदीय नवरात्रि के पंचम दिवस पर मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी माँ स्कन्दमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है।” उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें सिर्फ अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी। सीएम योगी ने कहा कि पिछले साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है। सीएम योगी ने यह भी कहा कि सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं। लेकिन पिछले 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है। ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है। वहीं, स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है। इस दौरान, सीएम योगी ने मातृ शक्ति के लिए केंद्र और राज्य की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं।” उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है। ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ और ‘पोषण अभियान’ से गर्भवती माताओं को पोषण व आर्थिक संबल मिला है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से मातृ व शिशु मृत्यु दर में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत प्रदेश की करोड़ों बहनों को निःशुल्क कैशलेस उपचार सुनिश्चित हुआ है।” सीएम ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ से बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है। जनवरी, 2016 तक प्रदेश में महिला पुलिसकर्मी की संख्या 10,000 थी, जो आज बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “आज उत्तर प्रदेश की बेटियां अवसरों के अभाव से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। जय मां स्कन्दमाता।

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