भुवनेश्वर बम विस्फोट मामले में एनआईए ने दो आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को भुवनेश्वर बम विस्फोट मामले में दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट भुवनेश्वर स्थित विशेष एनआईए अदालत में दाखिल की गई है। एनआईए के मुताबिक, चार्जशीट में सानू उर्फ रोहन रंजन राउत और अमिया रंजन मलिक को आरोपी बनाया गया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), ईएस एक्ट और विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। यह मामला ओडिशा के भुवनेश्वर में एयरफील्ड पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत सुंदरपाड़ा के न्यू आजादनगर में हुए बम विस्फोट से जुड़ा है। एनआईए के अनुसार, घटना 27 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 2:45 बजे हुई थी। अपराध को अंजाम देने के इरादे से चार लोग बम तैयार कर रहे थे। इसी दौरान विस्फोट हो गया और चारों गंभीर रूप से झुलस गए। बाद में दो लोगों की मौत हो गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, जांच में सामने आया कि आरोपी आपराधिक साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। उन पर अवैध तरीके से विस्फोटक सामग्री जुटाने और बम तैयार करने के दौरान विस्फोट होने से जुड़े अपराध में शामिल होने का आरोप है। एनआईए ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। इस बीच, एनआईए पश्चिम बंगाल में प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से जुड़े एक अलग मामले की भी जांच कर रही है। एनआईए ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान और दक्षिण 24 परगना जिलों से चार लोगों को गिरफ्तार किया था। सूत्रों का दावा है कि आरोपियों के पास से ऐसे दस्तावेज मिले, जिनमें राज्य के विभिन्न जिलों के उन युवाओं से जुड़ी जानकारी थी, जो कथित तौर पर गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में थे। जांच एजेंसी अब ऐसे युवाओं का पता लगाने में जुटी है, जिन्हें जेएमबी से जोड़ने या उसके लिए काम करने के लिए प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। सूत्रों के अनुसार, इस सिलसिले में सबसे पहले पूर्व बर्दवान जिले के मंगलकोट थाना क्षेत्र के पलिशग्राम गांव स्थित एक मस्जिद से जुड़े इमाम पियार मोहम्मद शेख को आतंकी संपर्क के संदेह में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद दक्षिण 24 परगना जिले से जुम्मन शेख, शहरुल पुरकैत और अब्दुल रफीक को गिरफ्तार किया गया। जुम्मन शेख की गिरफ्तारी मिठापुकुर, शहरुल पुरकैत की बलरामपुर और अब्दुल रफीक की नरेंद्रपुर से हुई। इस मामले में मुजीबुर रहमान नामक एक अन्य संदिग्ध की तलाश की जा रही है। वह दक्षिण दिनाजपुर के बंशीहारी-कुशकारी गांव का निवासी बताया गया है। एनआईए ने उसके घर पर तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन वह वहां नहीं मिला। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों पर युवाओं को प्रभावित कर जेएमबी से जोड़ने की कोशिश करने का आरोप है। जांच के दौरान एनआईए ने कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य सामग्री भी बरामद की है। ये गिरफ्तारियां पश्चिम बंगाल में जेएमबी के कथित स्लीपर सेल से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए एनआईए द्वारा विभिन्न स्थानों पर की गई छापेमारी के बाद हुईं।

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