छत्तीसगढ़ के जंगलों में सुरक्षा बलों की मिली बड़ी कामयाबी, नक्सलियों के ठिकाने से हथियारों का जखीरा बरामद

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ (बेड़रे) थाना क्षेत्र के लंका पहाड़ी गांव के जंगलों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा जमीन के अंदर छुपाकर रखे गए हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। सुरक्षा बलों ने जंगल वाले इलाके में सघन तलाशी और बारूदी सुरंग हटाने का अभियान चलाया, जिसके दौरान यह बरामदगी हुई। बरामद सामान में एक एसएलआर/एलएमजी राइफल, एक आईएनएसएएस राइफल, एक .315 बोर की बंदूक, दो बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर), 17 बीजीएल शेल, एक चीनी हैंड ग्रेनेड, 49 एसएलआर राउंड, .315 बोर के 15 राउंड, 15 बीजीएल कारतूस, चार एसएलआर मैगजीन, एक .315 बोर की मैगजीन और अन्य संबंधित सामग्री व उपकरण शामिल हैं। यह हालिया सफलता सितंबर महीने में बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियानों की एक कड़ी है, जिसमें हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामान वाले कई माओवादी डंप को नष्ट किया गया है। 20 सितंबर को सुरक्षा बलों ने भैरमगढ़ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले आड़वारा के जंगलों से एक एके-47, एक .315 बोर की राइफल, एक सिंगल-शॉट हथियार, एक पिस्तौल के साथ-साथ कारतूस बरामद किए। इससे पहले, 16 सितंबर को फरसेगढ़ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बड़े-आलवारा के जंगलों से एक .315 बोर की राइफल, 49 राउंड, .303 बोर के 25 राउंड, 12-बोर के 49 राउंड, आठ किलोग्राम जिलेटिन, एक वॉकी-टॉकी और अन्य उपकरण जब्त किए गए थे। 10 सितंबर को सुरक्षा बलों ने मिरतुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत इंद्रीपाल के जंगलों में अलग-अलग जगहों से नॉन-इलेक्ट्रिक तार के सात बंडल, डेटोनेटर और ग्रेनेड बरामद किए। 1 सितंबर को भोपालपटनम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत नीलमाडगु के जंगलों में एक माओवादी डंप से 12-बोर की पिस्तौल, एक बीजीएल लॉन्चर, आठ बीजीएल शेल, 12-बोर के 10 राउंड और अन्य सामग्री मिली थी। सितंबर में पूरे जिले में चलाए गए अलग-अलग ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने एक एलएमजी, एक एके-47, एक आईएनएसएएस, दो .315 बोर के हथियार, एक 12-बोर का हथियार, तीन बीजीएल लॉन्चर और दो पिस्तौल के साथ-साथ भारी मात्रा में विस्फोटक, गोला-बारूद और माओवादियों से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की है। अधिकारियों ने बताया कि जिले के संवेदनशील जंगली इलाकों में तलाशी और माइन हटाने (डी-माइनिंग) के ऑपरेशन जारी रहेंगे।

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