सड़क हादसों पर केंद्रीय राज्यमंत्री सुरेश गोपी सख्त, बोले-लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

त्रिशूर। केंद्रीय राज्यमंत्री और अभिनेता सुरेश गोपी ने सड़क सुरक्षा और हालिया घटनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस मामले में हर व्यक्ति किसी न किसी हद तक जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि उन्होंने नेशनल हाईवे अथॉरिटी से बात कर कड़ी चेतावनी दी है। केंद्रीय राज्यमंत्री और अभिनेता सुरेश गोपी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मामले में सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। सुरेश गोपी ने कहा कि नेशनल हाईवे पर सेंटर मीडियन का काम पूरा कर पीली और काली धारियों से उसे चिह्नित कर उद्घाटन तो कर दिया गया लेकिन इसे आम लोगों के इस्तेमाल के लिए खोलने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा या कार्यक्रम नहीं हुआ। इसके बावजूद यातायात को सुचारु रखने के लिए डायवर्जन की व्यवस्था की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि डायवर्जन से जुड़े संकेतक बोर्ड सही तरीके से नहीं लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब शुरुआती दो घटनाओं के बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। सुरेश गोपी ने कहा कि सभी लोग किसी न किसी तरह संघर्ष कर रहे हैं और ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी से बचने के बजाय कमियों को दूर करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि शनिवार को रमेश चेन्निथला से उन्होंने फोन पर करीब आधे घंटे तक सीधे बातचीत की और पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की। उनके अनुसार, चेन्निथला ने स्थिति को समझा है और इसी के आधार पर अब क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। सुरेश गोपी ने सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतने की बात कही। उन्होंने बताया कि 25 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि हादसों में युवाओं की जान जाने का नुकसान केवल आर्थिक रूप से नहीं आंका जा सकता। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में कई परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है और किसी भी धनराशि से इसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के रूप में जनता का भरोसा बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। लोगों के सामने दूसरों पर दोष मढ़कर जिम्मेदारी से बचने के बजाय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को अपना काम सही तरीके से करना चाहिए। सुरेश गोपी ने कहा कि मौजूदा समय में ऑपरेशन और नेविगेशन की जिम्मेदारी राज्य पुलिस और मोटर व्हीकल्स विभाग की है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर के लगातार ध्यान दिलाने के बाद कई ऐसे स्थानों पर भी लाइटें लगाई गई हैं, जहां पहले पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि आसपास के इलाकों से सड़क संबंधी समस्याओं की जानकारी मिलने को चेतावनी के रूप में लिया जाना चाहिए और तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। जो अधिकारी समय पर कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, उनके खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में सामने आई कमियों और लापरवाहियों की जानकारी एकत्र कर मंत्री के संज्ञान में लाई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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