CM रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए

नई दिल्ली ।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में लड़कों के PG (पेइंग गेस्ट) की बिल्डिंग गिरने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। इस घटना में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए।घटनास्थल का दौरा करने के बाद, गुप्ता ने अधिकारियों को बिल्डिंग गिरने की वजहों की विस्तृत जांच करने और बिल्डिंग के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लेने के बाद गुप्ता ने कहा, “इस गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ कानून के सबसे सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल टी.एस. संधू और मेयर प्रवेश वाही के साथ घटनास्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों की निगरानी की। उन्होंने AIIMS जाकर इलाज करा रहे पीड़ितों से भी मुलाकात की और उनकी हालत तथा उन्हें दी जा रही चिकित्सा सुविधा के बारे में जानकारी ली।पुलिस के अनुसार, कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने मामला दर्ज होने की पुष्टि की।लगभग 40-50 साल पुरानी इस बिल्डिंग में एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट आवास के तौर पर किया जा रहा था, जिनमें से कई दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि इस जगह पर लगभग 40 लोगों के रहने की व्यवस्था थी।यह घटना दोपहर करीब 1.30 बजे हुई, जब बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि भारी बारिश भी इस घटना का एक कारण हो सकती है।बचाव कार्यों में दिल्ली पुलिस, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की टीमें शामिल थीं। मलबे में फंसे 11 लोगों को गैस कटर और JCB मशीनों की मदद से बाहर निकाला गया।AIIMS के एक बयान में कहा गया है कि 10 मरीजों को JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया था, जिनमें से चार को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल एक मरीज की बाद में मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई।CM रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार जवाबदेही सुनिश्चित करेगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली में इमारत गिरने से मरने वालों की संख्या पांच हुई; मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

नई दिल्ली। रविवार को दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और ग्यारह लोग घायल हो गए।ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के एक बयान के अनुसार, इमारत गिरने के बाद 10 मरीजों को JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (AIIMS) लाया गया। इन 10 मरीजों में से चार को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि गंभीर हालत वाले एक मरीज की बाद में चोटों के कारण मौत हो गई। तीन मरीजों को भर्ती किया गया है और उनका इलाज चल रहा है। एक मरीज के अंग में चोट के कारण सर्जरी की गई। एक अन्य मरीज को मामूली चोटें आईं और निगरानी के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।इस बीच, साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।इससे पहले, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बचाव दल ने गैस कटर और JCB का इस्तेमाल करके लोहे के बीम काटने और मलबा हटाने के बाद मलबे में फंसे ग्यारह लोगों को बाहर निकाला।पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 1.30 बजे हुई और पीड़ितों में ज्यादातर छात्र थे जो इमारत में PG के तौर पर रह रहे थे। इस इमारत में 40 लोगों के रहने की जगह थी और इसका मालिक गुरुग्राम में रहता है।दिल्ली फायर ब्रिगेड ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब 1.30 बजे घटना की सूचना मिली और वे तुरंत फायर टेंडर लेकर मौके पर पहुंचे।पुलिस ने बताया कि इमारत 40-50 साल पुरानी थी, जिसमें एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए PG आवास के तौर पर किया जा रहा था, जिनमें से कई दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस (धौला कुआं इलाके) में पढ़ाई कर रहे थे।पुलिस ने बताया कि घटना के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि भारी बारिश भी इस त्रासदी का कारण हो सकती है।एक अधिकारी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और CATS एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया।पीड़ितों को AIIMS ले जाया गया, जहां दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनसे मुलाकात की और उनकी हालत के बारे में जानकारी ली।इससे पहले, CM गुप्ता, उपराज्यपाल टी.एस. संधू और मेयर प्रवेश वाही ने हादसे वाली जगह का दौरा किया और बचाव कार्यों का जायज़ा लिया, जो देर शाम तक जारी रहे।बचाव टीमों ने अंधेरा होने के बाद भी काम जारी रखने के लिए रोशनी का इंतज़ाम किया और बचाए गए लोगों की मदद के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर तैयार रखे।

बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त की सांस्कृतिक मंत्री से मुलाकात, लोक कला और सांस्कृतिक रिश्तों पर हुई चर्चा

नई द‍िल्‍ली। भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री निताई रॉय चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। बांग्लादेश में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर इस बैठक की जानकारी साझा की। दूतावास ने पोस्‍ट में ल‍िखा, ”हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने 6 सितंबर को बांग्लादेश के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री निताई रॉय चौधरी से मुलाकात की। इस बैठक में सांस्कृतिक मामलों के राज्यमंत्री अली नवाज महमूद खय्याम भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक रिश्तों और उन्हें और मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया।” दूतावास ने बताया क‍ि दोनों पक्षों ने शास्त्रीय संगीत, लोक कला, विरासत संरक्षण, संस्थानों के बीच सहयोग और संयुक्त सांस्कृतिक कार्यक्रमों व सम्मेलनों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। खास तौर पर ‘नजरुल बोर्शो’ समारोह के तहत होने वाली गतिविधियों पर भी बात हुई। इन सभी पहलों का उद्देश्य भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच आपसी संपर्क और रिश्तों को और मजबूत बनाना है। इससे पहले प‍िछले सप्‍ताह उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने जातीय संसद के अध्यक्ष मेजर (रिटायर्ड) हफीजुद्दीन अहमद, बीर बिक्रम और उपाध्यक्ष बैरिस्टर कैसर कमाल से अलग-अलग शिष्टाचार मुलाकात की। दूतावास के अनुसार, हाई कमिश्नर ने भारतीय और बांग्लादेशी नागरिकों के बीच मौजूद संबंधों को और मजबूत करने के लिए दोनों संप्रभु और लोकतांत्रिक देशों की संसदों के बीच आपसी जुड़ाव के महत्व पर जोर दिया। बातचीत में संसदीय मैत्री समूहों के गठन, दोनों स्पीकरों की देखरेख में संसदीय प्रतिनिधिमंडलों की द्विपक्षीय यात्राओं, संसदीय समितियों के बीच सहयोग और संसदीय दस्तावेजों के डिजिटलीकरण जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर गुजरात में एक महीने तक चलेगा ‘सेवा समर्पण’ अभियान, रविवार को हुआ कार्यशाला का आयोजन

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके 25 साल के जन-सेवा कार्य के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित कर रही है। इसी क्रम में गुजरात में एक महीने तक ‘सेवा समर्पण’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसके लिए रविवार को कर्णावती महानगर में एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यालय में गुजरात भाजपा के अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने आने वाले कार्यक्रमों की सफलता के लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन दिया। इस कार्यशाला में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता भी उपस्थित रहे। गुजरात में भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके 25 साल के जन-सेवा कार्य के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा समर्पण’ कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसके तहत 13 कार्यक्रम तय किए गए हैं, जिनमें एक लाख दीये जलाना, नुक्कड़ नाटक और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए सभी 48 वार्डों में विभिन्न गतिविधियां शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में 17 सितंबर को 1 लाख दीप प्रज्वलन का आयोजन अलग-अलग सामाजिक संस्थाओं, एनजीओ और आगेवानों की भागीदारी से किया जाएगा। सभी 48 वार्डों में नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न गतिविधियां 30 दिनों तक चलेंगी। भाजपा अहमदाबाद शहर के महासचिव उमंग नायक ने कहा कि आने वाले दिनों में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक शहर और देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनकी 25 साल की सेवा और समर्पण को मनाने के लिए होंगे। उसी के अंतर्गत कर्णावती महानगर में आज का कार्यक्रम रखा गया है। भाजपा नेता उमंग नायक ने कहा, “13 वर्ष मुख्यमंत्री के रूप में और 12 वर्ष प्रधानमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी जी ने जन-सेवा की है। हमारा उनके इस जन समर्पण भाव को जन-जन तक पहुंचाने का उद्देश्य है।

100 साल पुरानी इमारत अवैध कैसे? रात के अंधेरे में मस्जिद गिराना ध्रुवीकरण की साजिश: कांग्रेस

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी अवैध मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। मस्जिद को तोड़ने के बाद उसके बीच में एक गहरा कुआं मिला है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को लेकर योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने लखनऊ में इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “100 साल पुरानी कोई भी इमारत अवैध नहीं हो सकती, यह बात साफ है। प्रभावित पक्ष को सुप्रीम कोर्ट जाने का मौका भी नहीं दिया गया। हमारे देश का संविधान उन्हें अधिकार देता है लेकिन उन्हें हाईकोर्ट जाने की भी इजाजत नहीं दी गई।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन के इशारे पर रात के अंधेरे में उस मस्जिद को गिरा दिया गया। भारतीय जनता पार्टी ने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच ध्रुवीकरण करने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए ऐसे कदम उठाए। वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान का समर्थन करते हुए भाजपा सरकार को मुस्लिम विरोधी बताया। उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों को, धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बना रही है। न्यायपालिका से एक फैसला आया, जो निचली अदालत का था। ऊपरी अदालत में जाने का मौका नहीं दिया गया। ऐसी क्या जल्दबाजी थी? भारतीय जनता पार्टी की सरकार मुस्लिम विरोधी हैं। सहारनपुर की घटना कलंक है क्योंकि आप अगर इस तरह से धर्मस्थल को गिरा देंगे, बिना न्यायिक प्रक्रिया के पूरे हुए, तो समाजवादी पार्टी समझती है कहीं न कहीं भारतीय जनता पार्टी की सरकार मस्जिद विरोधी है।” वहीं, सत्तापक्ष के सहयोगी दल जेडीयू ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया है। पटना में जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा, “अगर नियमों का उल्लंघन करके मस्जिद, मंदिर या चर्च बनाए जाते हैं, तो सरकार को संविधान और कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए। अगर नियमों के खिलाफ कुछ भी किया जाता है, तो धार्मिक आस्था से ऊपर कानून को प्राथमिकता दी जाती है।

छत्तीसगढ़ में बदहाल स्कूल की फोटो खींचकर चले गए अधिकारी, छात्र टपकती छत के नीचे पढ़ने को मजबूर

कोरबा। छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले के गुरसिया क्षेत्र में हो रही बारिश ने हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्कूल के कई क्लासरूम की छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं के अंदर बैठना मुश्किल हो गया है। पानी सीधे छात्रों की किताबों, कॉपियों और बेंच पर गिर रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि एक क्लासरूम को इस्तेमाल करना बंद कर दिया गया है। लगातार बारिश के दौरान छात्र अपनी जगह बदलने के लिए मजबूर होते हैं। जहां छत से पानी कम टपकता है, वहां विद्यार्थी बेंच खिसकाकर बैठते हैं। कई बार पानी से बचने के लिए उन्हें कक्षा से बाहर भी जाना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा असर 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि बारिश के दौरान पढ़ाई करना लगभग असंभव हो जाता है और कॉपी-किताबें भीगने से पढ़ाई का नुकसान होता है। एक छात्र ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, “जब बारिश होती है, तो छत से बहुत पानी टपकता है, जिससे हमारी पढ़ाई में रुकावट आती है। हर क्लास रूम में पानी टपकता है। पानी की वजह से छात्र इधर-उधर होते रहते हैं और एक बेंच से दूसरी बेंच पर चले जाते हैं। 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।” दूसरे छात्र ने बताया, बारिश के समय सभी कक्षाओं में पानी गिरने लगता है, जिससे पढ़ाई नहीं हो पाती। यह समस्या पिछले साल भी थी, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्कूल में बारिश के दौरान बिजली चले जाने और पीने के पानी की उपलब्धता नहीं होने से विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ जाती है। स्कूल के असिस्टेंट प्रिंसिपल प्रेम कुमार ने बताया कि बरामदे समेत स्कूल के कई हिस्सों में सीपेज की समस्या है। उन्होंने कहा कि करीब सात कमरों में पानी टपक रहा है। कार्यालय में रखी अलमारियों और सामान को प्लास्टिक शीट से ढककर बचाने की कोशिश की जा रही है। प्रेम कुमार के अनुसार पानी की निकासी के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का पाइप खोल दिया गया, जिससे सीपेज में कुछ कमी आई है। स्कूल प्रबंधन की ओर से समस्या को लेकर लिखित शिकायत भी की गई है और जिला शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की जानकारी दी गई है। इसके बावजूद अब तक मरम्मत या स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यह समस्या वर्ष 2023 से बनी हुई है। स्कूल में बुनियादी ढांचे की कमी के कारण हर बारिश में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बीच में प्रशासन के अधिकारी आए थे और फोटो खींचकर ले गए थे, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है।

सड़क हादसों पर केंद्रीय राज्यमंत्री सुरेश गोपी सख्त, बोले-लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

त्रिशूर। केंद्रीय राज्यमंत्री और अभिनेता सुरेश गोपी ने सड़क सुरक्षा और हालिया घटनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस मामले में हर व्यक्ति किसी न किसी हद तक जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि उन्होंने नेशनल हाईवे अथॉरिटी से बात कर कड़ी चेतावनी दी है। केंद्रीय राज्यमंत्री और अभिनेता सुरेश गोपी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मामले में सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। सुरेश गोपी ने कहा कि नेशनल हाईवे पर सेंटर मीडियन का काम पूरा कर पीली और काली धारियों से उसे चिह्नित कर उद्घाटन तो कर दिया गया लेकिन इसे आम लोगों के इस्तेमाल के लिए खोलने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा या कार्यक्रम नहीं हुआ। इसके बावजूद यातायात को सुचारु रखने के लिए डायवर्जन की व्यवस्था की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि डायवर्जन से जुड़े संकेतक बोर्ड सही तरीके से नहीं लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब शुरुआती दो घटनाओं के बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। सुरेश गोपी ने कहा कि सभी लोग किसी न किसी तरह संघर्ष कर रहे हैं और ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी से बचने के बजाय कमियों को दूर करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि शनिवार को रमेश चेन्निथला से उन्होंने फोन पर करीब आधे घंटे तक सीधे बातचीत की और पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की। उनके अनुसार, चेन्निथला ने स्थिति को समझा है और इसी के आधार पर अब क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। सुरेश गोपी ने सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतने की बात कही। उन्होंने बताया कि 25 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि हादसों में युवाओं की जान जाने का नुकसान केवल आर्थिक रूप से नहीं आंका जा सकता। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में कई परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है और किसी भी धनराशि से इसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के रूप में जनता का भरोसा बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। लोगों के सामने दूसरों पर दोष मढ़कर जिम्मेदारी से बचने के बजाय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को अपना काम सही तरीके से करना चाहिए। सुरेश गोपी ने कहा कि मौजूदा समय में ऑपरेशन और नेविगेशन की जिम्मेदारी राज्य पुलिस और मोटर व्हीकल्स विभाग की है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर के लगातार ध्यान दिलाने के बाद कई ऐसे स्थानों पर भी लाइटें लगाई गई हैं, जहां पहले पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि आसपास के इलाकों से सड़क संबंधी समस्याओं की जानकारी मिलने को चेतावनी के रूप में लिया जाना चाहिए और तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। जो अधिकारी समय पर कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, उनके खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में सामने आई कमियों और लापरवाहियों की जानकारी एकत्र कर मंत्री के संज्ञान में लाई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बिहार : पटना-गया रेलखंड के पुल पर पानी का जलस्तर बढ़ने से कई ट्रेनें रद्द, कई के मार्ग बदले

पटना। बिहार में लगातार बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर के बीच रेल परिचालन भी प्रभावित हुआ है। पटना–गया रेलखंड पर पुनपुन और परसा बाजार के बीच पुल संख्या-21 पर पानी का जलस्तर बढ़ने के कारण रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कई एक्सप्रेस और मेमू ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने का फैसला लिया गया है। पूर्व मध्य रेलवे की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, पुनपुन–परसा बाजार डाउन लाइन पर किलोमीटर संख्या 11/38-32 के बीच स्थित पुल संख्या-21 पर पानी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते इंजीनियरिंग विभाग ने चार सितंबर की रात करीब 10 बजे से इस रेलखंड पर ट्रेन परिचालन को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। रेलवे ने सोमावर को चलने वाली 10 मेमू ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है। इनमें 63242 गया–पटना, 63244 गया–पटना, 63245 पटना–गया, 63247 पटना–गया, 63248 गया–पटना, 63250 गया–पटना, 63251 पटना–गया, 63253 पटना–गया, 63256 गया–पटना और 63274 पटना–राजगीर मेमू शामिल हैं। रेलवे के अनुसार, 63248 गया–पटना मेमू के रैक का इस्तेमाल मानपुर प्वाइंट पर किया जाएगा, ताकि राजगीर से चलने वाली 63339 मेमू सेवा संचालित की जा सके। जलस्तर बढ़ने के कारण सोमवार की 18625 हटिया–पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस को बख्तियारपुर लिंक, राजगीर, तिलैया जंक्शन, पईमार और बंधुआ के रास्ते पटना–गया–कोडरमा मार्ग से चलाया जाएगा। 18626 पूर्णिया कोर्ट–हटिया एक्सप्रेस को इसके विपरीत बंधुआ, पईमार, तिलैया जंक्शन, राजगीर और बख्तियारपुर लिंक के रास्ते चलाया जाएगा। 6 सितंबर की 13329 धनबाद–पटना और 13330 पटना–धनबाद एक्सप्रेस भी निर्धारित मार्ग के बजाय वैकल्पिक रास्ते से चलेंगी। इसी तरह 15137 राजगीर–बनारस एक्सप्रेस को पटना, आरा, बक्सर और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के रास्ते तथा 15138 बनारस–राजगीर एक्सप्रेस को विपरीत दिशा में इसी वैकल्पिक मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा 63389 पटना–नवादा, 63390 नवादा–पटना, 63391 इस्लामपुर–पटना और 63392 पटना–इस्लामपुर मेमू का भी मार्ग बदला गया है। इन ट्रेनों को फतुहा और दनियावां जंक्शन के रास्ते संचालित किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के परिचालन की स्थिति और बदले हुए मार्ग की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। प्रभावित रेलखंड पर नियमित परिचालन जलस्तर सामान्य होने और इंजीनियरिंग विभाग की अनुमति मिलने के बाद ही बहाल किया जाएगा।

अमेरिका: कैलिफोर्निया में 4 सीटर प्लेन क्रैश, 2 की मौत और दो घायल

कैलिफोर्निया। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के फ्रेस्नो शहर में एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान सवार दो बच्चों की मौत हो गई जबकि दो व्यस्क घायलावस्था में अस्पताल पहुंचाए गए। मृतकों और घायलों की पहचान की स्थानीय प्रशासन ने जाहिर नहीं की है। समाचार एजेंसी सिंहुआ ने रविवार को इसकी जानकारी दी। बताया कि विमान शनिवार दोपहर (स्थानीय समयानुसार) हादसे का शिकार हुआ। हादसे के बाद आग की ऊंची लपटें उठीं। स्थानीय प्रशासन को आग फैलने की चिंता थी लेकिन उस पर काबू पा लिया गया। फ्रेस्नो काउंटी शेरिफ कार्यालय ने एक बयान में कहा कि बचाव दल को “सैन जोकिन नदी के किनारे एक ऊंची जगह पर आग की लपटों में घिरा एक फिक्स्ड-विंग सिंगल-इंजन विमान मिला।” रिपोर्ट के अनुसार, “दमकलकर्मियों ने आग बुझा दी और उसे आस-पास के घरों तक फैलने से रोक दी।” बयान के अनुसार, विमान में चार लोग सवार थे। घटनास्थल पर ही दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया और गंभीर हालत में दो वयस्कों को अस्पताल ले जाया गया। अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड ने दुर्घटना स्थल पर जांचकर्ता को रवाना कर दिया। शेरिफ कार्यालय ने घटनास्थल पर लोगों की आवाजाही रोकने और जांचकर्ताओं के लिए सबूत सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षा घेरा बना दिया है। वहीं, स्थानीय मीडिया वेबसाइट द यूएस सन ने बताया कि पीड़ितों की पहचान और उनके आपसी रिश्ते के बारे में अभी कोई जानकारी जाहिर नहीं की गई है। अमेरिका की जानी मानी ऊर्जा कंपनी पीजीएंडई के आउटेज पेज के अनुसार, आस-पास के घरों की बिजली कुछ समय के लिए चली गई थी, लेकिन अब उसे बहाल कर दिया गया है। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड ने पुष्टि की है कि उसने इस जानलेवा हादसे की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने बताया कि पीड़ित ‘ग्रुमन अमेरिकन एविएशन कॉर्पोरेशन एए-5’ विमान में सवार थे, जो चार सीटों वाला सिंगल-इंजन विमान है।

रेप की शिकायत के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने टीएमसी विधायक के खिलाफ जांच शुरू की

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस ने कैनिंग (पश्चिम) से तृणमूल कांग्रेस के विधायक परेश राम दास के खिलाफ रेप की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि महिला ने कैनिंग के सब-डिविजन पुलिस ऑफिसर (एसडीपीओ) के पास इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी और उसी के आधार पर बारुईपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अपनी शिकायत में महिला ने कहा कि 2023 में हुई घटना के बाद उसने तभी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने तब उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा, पुलिस से संपर्क करने के कारण उसे और उसके परिवार के सदस्यों को तृणमूल विधायक और उनके साथियों की ओर से परेशान किया गया। महिला ने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद उसे इस मामले में फिर से आगे बढ़ने की हिम्मत मिली है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि दास ने 2023 के पंचायत चुनावों से पहले उसके पति से 4 लाख रुपये की मांग की गई थी और चुनाव के लिए टिकट दिलाने का वादा किया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब वह विधायक द्वारा बनाए गए वृद्धाश्रम में उन्हें पैसे देने गई तो उसका शारीरिक उत्पीड़न किया गया। पीड़िता का आरोप है कि उससे 4 लाख रुपये ऐंठने के बाद विधायक ने उसे उसके घर में बंद कर दिया और उसके साथ रेप किया। उसने यह भी शिकायत की कि शिकायत दर्ज कराने के लिए कैनिंग पुलिस स्टेशन जाने के बावजूद आरोपी विधायक के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके अलावा, पीड़िता ने शिकायत की कि पुलिस के पास जाने की वजह से दास और उसके साथियों ने उसके घर पर हमला किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथियों ने उसके घर पर बम से हमला किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कैनिंग पुलिस स्टेशन में महिला की शिकायत के आधार पर रेप का मामला दर्ज किया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, दास ने दावा किया है कि उनकी छवि खराब करने की साजिश रची गई और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गई।