नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित 15 दिवसीय शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण शिविर का आज भव्य समापन हुआ।इस शिविर का समापन कार्यक्रम नजफगढ़ क्षेत्र के ककरोला स्थित डॉ. साहब सिंह वर्मा स्टेडियम में आयोजित किया गया । इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी जोनों के लगभग एक हजार शिक्षकों ने हिस्सा किया और उन्होंने शारीरिक शिक्षा, योग, व्यायाम, फिटनेस, खेल तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया।समापन समारोह में सांसद कमलजीत सहरावत, दिल्ली नगर निगम के नेता सदन जय भगवान यादव, अध्यक्ष वार्ड समिति नजफगढ़ क्षेत्र जयवीर राणा, उपाध्यक्ष सुषमा पवन राठी, अध्यक्ष शिक्षा समिति योगेश वर्मा, उपाध्यक्ष शिक्षा समिति अमित खरखड़ी, पार्षद सुदेश गहलोत, अपर आयुक्त शिक्षा संजीव मित्तल, उपायुक्त नजफगढ़ क्षेत्र शाश्वत सौरभ एवं निदेशक शिक्षा निखिल तिवारी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण, प्रशिक्षक, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।इस अवसर पर माननीय सांसद कमलजीत सहरावत ने निगम के प्रशिक्षण शिविर कार्यकम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं एवं विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर दिल्ली नगर निगम के नेता सदन जय भगवान यादव ने अपने संबोधन में शिक्षा को दिल्ली नगर निगम की प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण स्थान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि निगम के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, खेल और व्यक्तित्व विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है। श्री यादव ने कहा कि “स्वस्थ विद्यार्थी एवं सशक्त शिक्षक ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।उन्होंने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विद्यालयी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और शिक्षक-शिक्षिकाओं से प्रशिक्षण का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।अध्यक्ष, शिक्षा समिति योगेश वर्मा ने अपने संबोधन में शारीरिक शिक्षा को विद्यार्थियों के समग्र विकास का आवश्यक अंग बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और सकारात्मक सोच का विकास होता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों में खेल और शारीरिक गतिविधियों को केवल एक अतिरिक्त गतिविधि न मानकर शिक्षा की मुख्यधारा का हिस्सा बनाएं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सामान्य शिक्षक भी यदि बच्चों की फिटनेस, खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करें, तो इसका प्रभाव विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंच सकता है।15 दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर की विशेषता यह रही कि कार्यक्रम केवल विशेषज्ञ शिक्षकों तक सीमित न रखते हुए सामान्य शिक्षकों को भी शारीरिक शिक्षा एवं फिटनेस से जोड़ा गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को योग, व्यायाम, फिटनेस, खेल गतिविधियों तथा बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली और अनुशासन विकसित करने के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया।कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास पर विशेष बल दिया गया। शिक्षकों को बताया गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, टीमवर्क, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास भी है।कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशिक्षकों, आयोजन समिति, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।