गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल एवं सदस्य दीपक गोयल द्वारा जनपद गाजियाबाद में गोवंश संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस क्रम में सर्वप्रथम अपराह्न 2:30 बजे नंदी पार्क, नगर निगम गाजियाबाद स्थित गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया गया।नंदी पार्क में वर्तमान में कुल 1,923 गोवंश संरक्षित पाए गए। निरीक्षण के दौरान गोआश्रय स्थल में साफ-सफाई एवं गोवंशों के रख-रखाव की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। माननीय उपाध्यक्ष एवं सदस्य महोदय द्वारा गोवंशों के रख-रखाव, भरण-पोषण एवं प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया गया। विशेष रूप से मृत्यु अभिलेख, पंचनामा, भूसा अभिलेख, चारा लॉगबुक एवं गोवंश लॉगबुक की समीक्षा की गई तथा अभिलेखों के समुचित संधारण की स्थिति का जायजा लिया गया। उपाध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा नंदी पार्क में गोवंशों के स्वास्थ्य, भरण-पोषण एवं देखभाल के लिए किए जा रहे कार्यों का अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं की सराहना की गई। डॉ. मोनिका गुप्ता, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सदर, गाजियाबाद एवं उनकी टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए पूरी टीम को पूर्ण समर्पण, तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ गोवंश सेवा कार्य जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही सुझाव दिया गया कि अतिरिक्त शेड तैयार होने के उपरांत यथासंभव छोटे एवं बड़े गोवंशों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जाए, जिससे उनकी आयु एवं आवश्यकता के अनुसार बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सके।इसके उपरांत सायं 6:30 बजे स्थायी गोआश्रय स्थल पट्टी, विकासखंड भोजपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय गोआश्रय स्थल पर कुल 155 गोवंश पाए गए। मौके पर लगभग भूसा, दाना एवं हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाया गया। गोआश्रय स्थल में हरे चारे की बुवाई की गई है, लेकिन भूमि पथरीली होने के कारण हरा चारा अपेक्षित रूप से विकसित नहीं हो पाया है। पुनः रोपित करने के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष एवं सदस्य महोदय द्वारा गोआश्रय स्थल में बीमार गोवंशों की चिकित्सा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने तथा गोवंशों के भरण-पोषण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पानी की टंकी एवं नांद आदि की नियमित साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए, ताकि गोवंशों को स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सके।निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित ग्रामीण विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा गोआश्रय स्थल से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत किए गए, जिनका माननीय उपाध्यक्ष एवं सदस्य महोदय द्वारा अवलोकन किया गया। अभिलेखों का संधारण संतोषजनक पाया गया।उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने कहा कि निराश्रित गोवंश का संरक्षण एवं उनके समुचित भरण-पोषण की व्यवस्था करना सभी संबंधित स्थानीय निकायों का दायित्व है। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग को गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी गोवंश को किसी प्रकार की समस्या न हो। प्रत्येक गोवंश के लिए प्रतिदिन पर्याप्त भरण-पोषण, स्वच्छ पेयजल एवं सुरक्षित और पर्याप्त स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि गोवंशों के साथ संवेदनशीलता का व्यवहार किया जाए तथा गले में ऐसी रस्सी अथवा अन्य सामग्री न बांधी जाए, जिससे उन्हें किसी प्रकार का कष्ट या चोट पहुंचे। गोआश्रय स्थलों में गोवंशों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण एवं सुरक्षित आवास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। निरीक्षण के दौरान डॉ. प्रकाश पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, गाजियाबाद; डॉ. मोनिका गुप्ता, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सदर, गाजियाबाद; डॉ. आशीष, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम गाजियाबाद सहित ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं पशुपालन विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।