नई दिल्ली।मानसून की विदाई के अवसर पर मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार के सहयोग से माता चकेरी देवी फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘बदरिया’ रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में किया गया, जिसका उद्घाटन दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया।सांसद मनोज तिवारी ने पूर्वांचल का पारंपरिक पचरा गाकर तो लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने लोकगीत के साथ कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में पूर्वांचल की लोक संस्कृति और परंपरा का रंग भर दिया।लोक गायिका अनुराधा सिंह के भक्ति गीतों एवं विभिन्न समूहों की नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इसके अलावा वाद्य संगीतकार शौभिक सरकार, सौरव गांगुली, संभवी पाठक, सनवी पाठक, रूपक डे, चंदन तिवारी ने भोजपुरी एवं मैथली गीतों से एकत्र जनों का मन मोह लिया।इस मौके पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत,माता चकेरी देवी फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, फाउंडेशन के न्यासी एवं भाजपा नेता बृजेश राय, प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम बिधूड़ी, दिल्ली भाजपा पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा लता गुप्ता, आदित्य कुमार हलवासिया, भाजपा कार्यालय मंत्री कैलाश जैन एवं अमित गुप्ता सहित कई पदाधिकारी और हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। देश में हर 50-60 किलोमीटर पर भाषा और बोली का स्वरूप बदल जाता है, लेकिन हमारी मूल संस्कृति एक ही है — बंधुत्व, आत्मीयता, परोपकार और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए कुछ करने की भावना। यही हमारी भारतीय संस्कृति की पहचान है और इसी भावना को आगे बढ़ाने का कार्य ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन करते हैं।आज ‘बदरिया’ का यह कार्यक्रम दूसरी बार आयोजित हो रहा है। पिछले वर्ष भी मुझे शामिल होने का अवसर मिला था। ‘बदरिया’ के आयोजन में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के अनेक रंग देखने को मिल रहे हैं, लेकिन इसकी विशेषता केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ नहीं हैं, बल्कि समाज के उन वर्गों की चिंता करना भी है, जो किसी कारणवश वंचित, शोषित या पीड़ित हैं।हमारा दायित्व है कि समाज का कोई भी व्यक्ति स्वयं को अकेला या उपेक्षित महसूस न करे। उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें, परिवार सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और हमारी माताएँ-बहनें स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनें। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर और सशक्त समाज के संकल्प का भी मूल भाव है।माता चकेरी देवी फाउंडेशन की योगिता जी और उनकी पूरी टीम इसी सेवा और सामाजिक सरोकार की भावना को आगे बढ़ा रही है। दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों से इतनी बड़ी संख्या में मातृशक्ति और गणमान्य लोगों की उपस्थिति इस आयोजन की सफलता और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाती है।