एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना, केपीएससी घोटाले और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल

बेंगलुरु। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए राज्य में विकास कार्यों, भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमारस्वामी ने तंज कसते हुए कहा कि उनकी पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शायद सरकार के नेताओं को नींद आ गई होगी। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य में आखिर विकास कहां हो रहा है और जो विकास हो रहा है, वह आम लोगों के लिए कितना फायदेमंद है। कुमारस्वामी ने मंत्रियों के इस्तीफे, केपीएससी घोटाले और विधानसभा सत्र के अंतिम चरण में हुए हंगामे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि 5 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण, पार्क, टनल रोड, बिजनेस कॉरिडोर और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विधेयकों पर विस्तार से चर्चा होती तो बड़ा विवाद खड़ा हो सकता था। उन्होंने राज्य के गृह मंत्री पर भी निशाना साधा। कुमारस्वामी ने कहा कि गृह मंत्री हर मुद्दे पर टिप्पणी करते हैं और उनके बयान ऐसे होते हैं, जैसे “बकरी पत्ते कुतर रही हो।” उन्होंने कहा कि सरकार लगातार पारदर्शिता और साफ-सुथरे प्रशासन का दावा करती है लेकिन हालिया केपीएससी विवाद ने इस संस्था के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर किया है। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से केपीएससी का राजनीतिक रूप से गलत इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि कभी अपनी प्रतिष्ठा के लिए जानी जाने वाली यह संस्था अब जाति और पैसे के आधार पर नियुक्तियों के आरोपों से घिर गई है। उन्होंने दावा किया कि यदि उन्हें सत्ता मिली तो केपीएससी और केएटी को खत्म करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे और इसे संवैधानिक तरीके से समाप्त करने की बात भी उन्होंने दोहराई। केपीएससी के कंट्रोलिंग ऑफिसर आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को लेकर भी कुमारस्वामी ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि पशु चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति के लिए कथित तौर पर 80 लाख रुपये मांगने की चर्चा सामने आई है। ज्ञानेंद्र कुमार ने 23 अगस्त को फोन कर दो दिन में लौटने की बात कही थी लेकिन बाद में उनके 25 अगस्त को खरगे में होने की जानकारी सामने आई। कुमारस्वामी ने परप्पना अग्रहारा मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ही इस मुद्दे को लगातार उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ बोलने पर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया पर कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार 75,000 सरकारी कर्मचारियों की भर्ती की बात कर रही है लेकिन युवाओं को रोजगार देने की घोषणा करने में सरकार को तीन साल लग गए। उन्होंने असिस्टेंट इंजीनियर ग्रेड-1 भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका नोटिफिकेशन 3 सितंबर 2022 को जारी हुआ, लिखित परीक्षा 16 जून 2023 को हुई और व्यक्तित्व परीक्षण 15 व 16 सितंबर 2023 को कराया गया। अंतिम चयन सूची 31 जनवरी 2024 को जारी की गई थी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और शिकायतों के निपटारे पर भी सवाल उठाए।

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