आंध्र प्रदेश : राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर लोगों को शुभकामनाएं दीं

अमरावती। आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को रक्षा बंधन के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल अब्दुल नजीर ने जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहनों के बीच प्रेम, स्नेह और आपसी सम्मान के पवित्र बंधन का उत्सव है। उन्होंने कहा, “यह हमें पारिवारिक मूल्यों, देखभाल, सुरक्षा और आजीवन साथ के महत्व की याद दिलाता है। यह शुभ अवसर परिवारों के बीच प्रेम और एकता के बंधन को मजबूत करे और सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि लाए।” मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भाई-बहनों के बंधन का प्रतीक यह रक्षा बंधन का त्योहार आपके जीवन को आनंद, स्वास्थ्य और खुशियों से भर दे। राखी पूर्णिमा के इस अवसर पर मेरी हार्दिक कामना है कि यह आपके जीवन में प्रकाश फैलाए और उसे प्रेम के बंधन से भर दे।” उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “भाई-बहनों के बीच स्नेह और बंधन का प्रतीक रक्षा बंधन के अवसर पर मैं सभी बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।” उप-मुख्यमंत्री ने कहा, “राखी पूर्णिमा भारतीय परिवार प्रणाली से जुड़े बंधनों, रिश्तों और जिम्मेदारियों का एक भावनात्मक प्रतीक है। यह एक ऐसा त्योहार है जो भाईचारे की भावना को बढ़ावा देता है, महिलाओं का सम्मान करता है और उन्हें आश्वस्त करता है।” उन्होंने आगे कहा, “राखी पूर्णिमा के इस अवसर पर हम राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए गठबंधन सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। गठबंधन सरकार पहले से ही दीपम-2 जैसी पहलों को सफलतापूर्वक लागू कर रही है, जिसके तहत प्रति वर्ष तीन मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जाते हैं। साथ ही, तल्ली की वंदनम और स्त्री शक्ति जैसी योजनाएं भी चल रही हैं।” जन सेना नेता ने कहा कि राज्य आदिवासी गांवों के विकास के सपने को साकार करने की दिशा में लगातार प्रगति कर रहा है। पहले से ही 426 आदिवासी बस्तियों को सड़कों से जोड़ा जा चुका है। अदावितल्ली बाटा चरण-2 के तहत सरकार ने इन सड़कों के और विस्तार के लिए कदम उठाए हैं। पवन कल्याण ने कहा, “आदिवासी महिलाओं को आनुवंशिक रोग सिकल सेल एनीमिया से बचाने के लिए, हम अरकु में एक विशेष रक्त बैंक स्थापित कर रहे हैं। राखी पूर्णिमा के इस अवसर पर हम लड़कियों और महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के अपने संकल्प की पुष्टि करते हैं।” पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने महिलाओं का अभिवादन किया। उन्होंने कहा, “आपका प्यार और स्नेह मेरी सबसे बड़ी ताकत है और मुझे असीम साहस प्रदान करता है। भाई होने के नाते आप मुझ पर जो स्नेह और स्नेह बरसाती हैं, उसके लिए मैं सदा आभारी रहूंगा।” वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख ने कामना की कि उनका जीवन सुख, प्रेम, मजबूत संबंधों और अच्छे स्वास्थ्य से भरा रहे।

रक्षाबंधन पर ओपी राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले- बहनों को ‘गुंडों’ से सुरक्षा का करें वादा

लखनऊ। रक्षाबंधन के मौके पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या वह रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की बहनों को ऐसा तोहफा दे सकते हैं, जिसमें सपा के कथित गुंडों से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की गारंटी का वादा हो। मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”अखिलेश जी, आज रक्षा बंधन है। आज यूपी की बहनों को बस एक वादा कर दीजिए कि आपके गुंडे यूपी की बहनों पर गंदी निगाह नहीं रखेंगे, उन्हें छेड़ेंगे नहीं और उनके साथ कुछ गलत नहीं करेंगे। क्या ये तोहफ़ा आप यूपी की बहनों को दे सकते हैं?” इसके साथ ही उन्होंने देशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “समस्त देश एवं प्रदेशवासियों को भाई-बहन के पवित्र स्नेह, अटूट विश्वास और स्नेहिल रिश्तों के पावन पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। रक्षाबंधन का यह पावन पर्व परिवार में प्रेम, अपनत्व और आपसी विश्वास को और प्रगाढ़ करने का संदेश देता है। यह पर्व हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति में निहित स्नेह, सम्मान और रिश्तों की गरिमा का प्रतीक है। रक्षाबंधन का यह पर्व सभी के जीवन में खुशियां, सुख-शांति और समृद्धि लेकर आए, ईश्वर से यही प्रार्थना है।” इससे पहले ओपी राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए लिखा था, ”उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहां जो तू सोवत है।” अखिलेश भाई, यह भजन आपके लिए है। जग जाइए, आंख खोल लीजिए। उन्होंने लिखा कि वैसे, हिम्मत नहीं हो रही न सहारनपुर जाने की? वहां जाकर एक जनसभा को संबोधित करने की? चवन्नी के चक्कर में खड़ी हो गई न 36 बिरादरी आपके खिलाफ? आप और आपके लोग ऐसी हरकते क्यों करते हैं? इतना गंदा बोलते क्यों हैं? किसी जाति को चवन्नी, किसी को नीच, किसी को वेश्या तो किसी को चोर। क्या मिल जाता है आपको? क्या यही आपका पीडीए है? गैर यादव ओबीसी जातियों को बेइज्जत करके आपको कोई सुख मिलता है क्या? ये आप ही जानें। सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने लिखा कि वैसे, आप आज भी इसी घमंड में जी रहे हैं कि लाठी से सरकार बना लेंगे। इसी मुगालते में जी रहे हैं न? तो जान लीजिए लठैतों का दौर 2017 में चला गया, जो अब लौटकर आने वाला नहीं है। ना सत्ताईस में, ना अगली पैदाइश में। उन्होंने कहा कि दादरी की फ्लॉप सभा के बाद दूसरी कोई सभा करने की आप हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अभी तो चवन्नी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में असर दिखाना शुरू किया है, अभी तो पूर्वांचल सहित पूरा प्रदेश आपके साथ यही करने की तैयारी में है। आपका शुभचिंतक हूं इसलिए सलाह दे रहा हूं।

मुख्यमंत्री सेहत योजना: 104 हेल्पलाइन के जरिए डिस्चार्ज के बाद भी मरीजों से जुड़ी रहती है सरकार, लोगों ने सराहा

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब की भगवंत मान सरकार राज्य के लोगों के स्वास्थ्य की चिंता कर रही है। अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद भी मरीजों के साथ 104 हेल्पलाइन के जरिए सरकार जुड़ रही है और उनका हालचाल जान रही है। मानसा के हरदेव सिंह के लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत इलाज अस्पताल से निकलने के साथ ही खत्म नहीं हुआ। बठिंडा में ऑर्थोपेडिक इलाज के बाद उन्हें पंजाब की 104 हेल्थ हेल्पलाइन से फोन आया, जिसमें उनके इलाज, स्वास्थ्य और अस्पताल के अनुभव के बारे में पूछा गया। उनके लिए यह फोन इस बात का भरोसा दिलाने वाला था कि डिस्चार्ज के बाद भी सरकार उनसे जुड़ी हुई है। हरदेव सिंह ने कहा, “मुझे मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज मिला और फिर उन्होंने फोन करके पूछा कि क्या मैं ठीक हूं।” हरदेव ने आगे कहा, “उन्होंने मेरे इलाज, मेरे स्वास्थ्य, मुझे आई किसी भी परेशानी और क्या मुझे दवाइयां मिलीं, इस बारे में पूछा। इससे मुझे महसूस हुआ कि कोई अभी भी मेरा ख्याल रख रहा है।” होशियारपुर के बलदेव सिंह ने भी ऐसा ही अनुभव साझा किया, जिनका दसूहा में ऑर्थोपेडिक इलाज हुआ था। उन्होंने बताया कि उन्हें बिना कोई भुगतान किए इलाज मिला, डिस्चार्ज के बाद जरूरी दवाइयां मिलीं और बाद में 104 टीम से फॉलो-अप कॉल भी आया। बलदेव सिंह ने कहा, “जब अस्पताल से निकलने के बाद भी सरकार आपको नहीं भूलती, तो अच्छा लगता है।” इलाज के बाद की ये कॉल लाभार्थियों को अपने अनुभव के बारे में सीधे बात करने का मौका देती हैं, ताकि उनका फीडबैक सिर्फ अस्पताल के रिकॉर्ड तक ही सीमित न रहे। हेल्पलाइन यह भी जांचती है कि क्या मरीजों को इलाज के बाद जरूरी दवाएं मिलीं। साथ ही, यह योजना उन्हें अस्पताल में भर्ती होने व देखभाल से जुड़ी अहम जानकारियों की पुष्टि करने में मदद करती है। 104 हेल्थ हेल्पलाइन के जरिए मरीजों के स्वास्थ्य के फॉलो-अप का उद्देश्य इस अहम दौर में मरीज को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़े रखना है। इस सुविधा के बारे में बात करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा, “104 हेल्पलाइन स्वास्थ्य व्यवस्था को उस सफर में वापस लाती है। इलाज के बाद लाभार्थियों से संपर्क किया जाता है और उनसे उनके अनुभव, अस्पताल में भर्ती होने, इलाज के रिकॉर्ड, छुट्टी के बाद की दवाओं और मिली देखभाल से संतुष्टि के बारे में पूछा जाता है। इसका मकसद मरीज को कैशलेस इलाज देना, उन्हें छुट्टी देना और फिर मरीज की प्रतिक्रिया (फीडबैक) सुनना है।” बलबीर सिंह ने आगे कहा, “स्वास्थ्य सेवा अस्पताल से छुट्टी मिलने पर खत्म नहीं होनी चाहिए। ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ में यह तब भी जारी रहती है जब हम लाभार्थी को कॉल करते हैं, मरीज का अनुभव सुनते हैं और उस फीडबैक को सिस्टम तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य इलाज और फॉलो-अप देना, फीडबैक लेना और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करना है, ताकि हर मरीज को लगे कि उसकी बात सुनी जा रही है और हर आवाज पंजाब की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने में हमारी मदद करे।

छत्तीसगढ़ : दुर्ग में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 6 हुई, स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट जारी

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। राहत की बात यह है कि 6 में से 4 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 2 मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है। इनमें से एक मरीज का इलाज एम्स रायपुर में और दूसरे का इलाज सेक्टर-9 हॉस्पिटल में चल रहा है। जिले में सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीज सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में अलर्ट जारी कर दिया है। जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड भी बनाए गए हैं ताकि संक्रमित मरीजों को अलग रखा जा सके। इससे पहले गुरुवार को राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने बताया था कि जनवरी 2026 से अब तक राजस्थान में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा एच1एन1) के 146 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार ने सभी मेडिकल संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे मरीजों की स्क्रीनिंग, इलाज और रेफरल के लिए पूरी तैयारी रखें, ताकि समय पर मरीजों को सही इलाज मिल सके। स्वाइन फ्लू सांस से जुड़ी एक बीमारी है। इसके आम लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। ज्यादातर मरीज सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह से ठीक हो जाते हैं। लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इससे जटिलताओं का ज्यादा खतरा रहता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकें। साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोएं या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। अगर किसी को बुखार, खांसी या गले में खराश है तो भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और जरूरत पड़ने पर मास्क जरूर पहनें। लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

आईटी शेयरों में खरीदारी से शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 193 अंक चढ़ा, निफ्टी में भी बढ़त

मुंबई। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में तेजी के दम पर शुक्रवार को प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। हालांकि, निवेशक अमेरिका के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल संगोष्ठी में दिए जाने वाले वक्तव्य से पहले सतर्क नजर आए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 193.02 अंक यानी 0.25 प्रतिशत बढ़कर 77,126.61 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 33.80 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,124.65 पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी में अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट 24,000 और 23,800 के स्ट्राइक स्तर पर केंद्रित है, जो इस बात का संकेत है कि इन स्तरों पर निवेशकों को खरीदारी का समर्थन मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने कहा, “ऊपरी स्तर पर अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट 24,200 और 24,300 स्ट्राइक पर मौजूद है, जिससे संकेत मिलता है कि इस दायरे में बिकवाली का दबाव बना हुआ है और तेजी पर अंकुश लग सकता है।” एक अन्य विशेषज्ञ ने कहा, “यदि निफ्टी 24,025 के पिछले स्विंग लो के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है, तो यह मध्यम अवधि के रुझान में बदलाव की पुष्टि करेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,378 का हालिया स्विंग हाई निकटतम प्रतिरोध स्तर के रूप में काम कर सकता है।” निफ्टी में आईटी शेयरों ने बढ़त की अगुवाई की। टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इंफोसिस प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप सूचकांक 0.03 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक 0.16 प्रतिशत बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी आईटी इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक चढ़कर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सूचकांकों में शामिल रहा। निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया सूचकांक में भी मजबूती देखी गई। इसके विपरीत, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांक अपेक्षाकृत कमजोर रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार प्रतिभागियों की नजरें जैक्सन होल संगोष्ठी पर टिकी हैं, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों और मौद्रिक नीति को लेकर संभावित रुख पर, जिसका असर वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ सकता है। एक विश्लेषक ने कहा, “ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत फिर 89 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर किसी कूटनीतिक समाधान के संकेत नहीं मिल रहे हैं। इस मुद्दे पर स्पष्टता की कमी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है।

यूनियन बर्लिन ने फेलिक्स उडुओखाई को किया साइन, क्लब के डिफेंस को देंगे मजबूती

बर्लिन। जर्मन क्लब यूनियन बर्लिन ने बेसिकटास इस्तांबुल से सेंटर-बैक खिलाड़ी फेलिक्स उडुओखाई को साइन किया है। क्लब ने घोषणा की है कि 28 साल के उडुओखाई तुर्की में दो साल बिताने के बाद बुंडेसलीगा में वापसी कर रहे हैं। यह खिलाड़ी इस्तांबुल में अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से एक साल पहले ही यूनियन बर्लिन से जुड़ गया है। हालांकि, क्लब ने अभी उनके नए कॉन्ट्रैक्ट की अवधि का खुलासा नहीं किया है। मार्विन फ्रेडरिक, स्टेनली नसोकी और युवा बेल्जियन खिलाड़ी जेनो वैन डेन बॉश के बाद, वह इस सीजन यूनियन बर्लिन की डिफेंस में शामिल होने वाले चौथे नए खिलाड़ी हैं। बाएं पैर के इस डिफेंडर ने 2024 में विदेश जाने से पहले वीएफएल वोल्फ्सबर्ग और ऑग्सबर्ग के लिए 150 बुंडेसलीगा मैच खेले थे। ‘सिन्हुआ’ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बेसिकटास के लिए 58 प्रतिस्पर्धी मैच खेले, जिसमें यूरोपियन प्रतियोगिता भी शामिल है, लेकिन पिछले सीजन में वे अपनी रेगुलर शुरुआती जगह खो बैठे थे और मौजूदा सीजन में अभी तक नहीं खेले थे। उडुओखाई ने कहा, “मेरे लिए यह कदम सही समय पर सही फैसला लगता है। मुझे बुंडेसलीगा की याद आ रही थी और मैं एक महत्वाकांक्षी क्लब का हिस्सा बनना चाहता था। यूनियन ने शुरू से ही मुझे साफतौर पर बताया कि हम साथ मिलकर क्या हासिल करना चाहते हैं। अब मैं टीम को जानने, जिम्मेदारी लेने और टीम व फैंस के साथ कई खास पलों का अनुभव करने के लिए उत्सुक हूं।” यूनियन के पुरुषों के प्रोफेशनल फुटबॉल के मैनेजिंग डायरेक्टर, हॉर्स्ट हेल्ड्ट ने डिफ़ेंडर के अनुभव और बॉल पर कंट्रोल की उनकी काबिलियत पर जोर दिया।हेल्ड्ट ने कहा, “फेलिक्स एक ऐसी प्रोफाइल लेकर आए हैं जो बाजार में आसानी से नहीं मिलती। वे ड्यूल्स (आमने-सामने की टक्कर) में मजबूत हैं, उनका बिल्ड-अप प्ले अच्छा है और वे बुंडेसलीगा में कई वर्षों और सुपर लिग के एक टॉप क्लब में खेलने के कारण उच्च स्तर की जरूरतों को समझते हैं। हमें यकीन है कि वे हमारे डिफेंस को अहम मजबूती प्रदान करेंगे।” जर्मनी के एनाबर्ग-बुचहोल्ज में जन्मे फेलिक्स उडुओखाई ने अपने फुटबॉल करियर की शुरुआत 1860 म्यूनिख की युवा अकादमी से की थी। उन्होंने सितंबर 2016 में सेकंड डिवीजन में पेशेवर फुटबॉल में डेब्यू किया। 2017 में वह वोल्फ्सबर्ग से जुड़े और 2019 में लोन पर ऑग्सबर्ग गए। बाद में ऑग्सबर्ग ने उन्हें स्थायी रूप से अपनी टीम में शामिल कर लिया। उडुओखाई ने जर्मनी के लिए अंडर-19, अंडर-20 और अंडर-21 स्तर पर खेला है। वह 2019 यूरोपीय अंडर-21 चैंपियनशिप में फाइनल तक पहुंचने वाली जर्मन टीम का हिस्सा भी रहे। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में भी जर्मनी का प्रतिनिधित्व किया था और सऊदी अरब के खिलाफ जीत दिलाने वाला गोल दागा था। नवंबर 2020 में तत्कालीन कोच जोआचिम लोव ने उन्हें सीनियर राष्ट्रीय टीम में बुलाया, लेकिन उन्हें मैच खेलने का मौका नहीं मिला। अब यूनियन बर्लिन ने अपनी डिफेंस को और मजबूत बनाने के लिए फेलिक्स उडुओखाई को टीम में शामिल किया है।

रोडीज के 21वें एडिशन की वापसी पर रणविजय सिंघा बोले-रोडीज मेरे लिए सिर्फ शो नहीं बल्कि इमोशन है

मुंबई। भारतीय टेलीविजन होस्ट, अभिनेता और वीजे रणविजय सिंघा लोकप्रिय एडवेंचर और रियलिटी टेलीविजन शो ‘रोडीज रीबर्थ’ के 21वें एडिशन को होस्ट करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि इस बार का शो बहुत रोमांचक होने वाला है क्योंकि यह रॉ स्पिरिॉ को बिल्कुल नए तरीके से पेश करेगा। रणविजय सिंघा ने बताया, “रोडीज मेरे लिए सिर्फ एक शो नहीं बल्कि, इमोशन है। इतने सालों बाद भी, हर रोडीज का जुनून, हिम्मत और सपने आज भी अलगह ही असर करते हैं। ‘रोडीज रीबर्थ’ उसी जज्बे को दर्शाएगा। इसमें अपनी हदों को पार करना और हार न मानना जैसी चीजें देखने को मिलेगी। मैंने इतने सालों में रोडीज को बदलते देखा है। यह नया चैप्टर थोड़ा रोमांचक लग रहा है। क्योंकि ये उसी रॉ स्पिरिट को एक नए अंदाज में वापस ला रहा है।” रणविजय सिंघा ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “नई पीढ़ी खुद को परखने के लिए तैयार है, मैं यह देखने के लिए इंतजार नहीं कर सकता कि कौन अपनी पहचान बना सकता है और वे आने वाले उतार-चढ़ाव से कैसे निपटते हैं। ऑडिशन में मिलते हैं।” बता दें कि नए सीजन को लेकर लोगों के मन में तब और उत्सुकता बढ़ गई जब रोडीज रीबर्थ का लोगो सामने आया। इसमें फीनिक्स पक्षी दिखाया गया है जो पुनर्जन्म का प्रतीक है, और यह एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। एमटीवी रोडीज भारत का सबसे लंबा चलने वाला और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय एडवेंचर और रियलिटी टेलीविजन शो है, जो एमटीवी इंडिया पर प्रसारित होता है। यह शो 15 अगस्त 2003 को शुरू हुआ था, जिसे निखिल जे. अल्वा ने बनाया था। शुरुआती दौर में इसमें सामाजिक कार्य और बाइक यात्रा पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था, लेकिन बाद में यह स्टंट, शारीरिक ताकत, आपसी बातचीत, और मानसिक गेम (सर्वाइवल) पर आधारित हो गया। रणविजय सिंह, रघु राम और राजीव लक्ष्मण जैसे चेहरों ने इसे युवाओं के बीच एक बड़ा ब्रांड बनाया। ऑडिशन के बाद, कंटेस्टेंट का एक ग्रुप अलग-अलग जगहों पर जाता है और अलग-अलग टास्क में हिस्सा लेता है जो उनकी शारीरिक, सामाजिक और मानसिक ताकत को चुनौती देते हैं। रोडीज रीबर्थ के ऑडिशन इस सितंबर में दिल्ली, चंडीगढ़, कोलकाता और पुणे में होंगे।

नारी शक्ति वंदन एक्ट को 2029 तक लागू करना सरकार का लक्ष्य : केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल

जयपुर। संसद के विशेष सत्र बुलाने की चर्चा के बीच केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने पर है और इसे लेकर प्रक्रिया जारी है। जहां तक रही बात विशेष सत्र बुलाने की, तो इसके बारे में आगे जानकारी दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “नारी शक्ति वंदन एक्ट का मामला अभी विचाराधीन है। हमने बजट सत्र के दौरान भी इसे लेकर कोशिश की थी क्योंकि हम चाहते हैं कि 2029 के चुनावों में नारी शक्ति वंदन एक्ट लागू हो। अगर संसद से कानून पास हो गया है लेकिन लागू नहीं हो रहा है, तो हम देश की आधी आबादी को क्या जवाब देंगे? अब हमारा ध्यान इसे लागू करने पर है। इसे लागू करने की प्रक्रिया चल रही है।” इस दौरान राजस्थान में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि भाजपा पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि हम लगातार बैठकें कर रहे हैं। हमारे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के लिए और राजस्थान की जनता के लिए खूब काम किए हैं, हम निकाय चुनाव में उन्हीं कामों के दम पर जाएंगे। उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जनता में भारी उत्साह है। इसके दो-तीन मुख्य कारण हैं। केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और राज्य में भी भाजपा की सरकार है। इसलिए जनता चाहती है कि अगर स्थानीय सरकार भी भाजपा की बने, तो तालमेल बना रहेगा, समन्वय रहेगा और हमारे विकास कार्य तेजी से और ज्यादा होंगे। यह सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा, सीएम भजन लाल ने जो काम किए हैं, उनकी रिपोर्ट भी लोगों तक पहुंची है।” कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कानून मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में कोई काम नहीं किया और अब भी वह कुछ नहीं कर रही है। लोगों को डबल इंजन की सरकार पर भरोसा है और निकाय चुनाव में यह ट्रिपल इंजन बन जाएगा। जनता हमारे साथ है और निकाय चुनाव हम जीतेंगे।

पाचन से लेकर मानसिक सतर्कता तक, जानें विपरीतकरणी मुद्रा के लाभ

नई दिल्ली। योग शरीर और मन को संतुलित करने की प्राचीन विद्मा है। रोजमर्रा की भागदौड़ से शारीरिक थकान, तनाव और पाचन संबंधित समस्या आम हैं। इन्हीं आसनों में विपरीतकरणी है, जो न सिर्फ शरीर को नई ऊर्जा देता है, बल्कि थके हुए मन को भी शांत करता है। ‘विपरीतकरणी’ आसन एक संस्कृत शब्द है, जो उल्टे होने के एक कार्य को दर्शाता है। यह दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसमें ‘विपरीत’ का अर्थ ‘उलटा’ और ‘करणी’ का अर्थ ‘करना’ होता है। इस आसन में आपको सर्वांगासन के समान अपने पैरों को ऊपर की ओर करना होता है। यह आसन हमारे शरीर के लिए अनेक प्रकार से लाभदायक है। यह एक ऐसा सरल अभ्यास है जिसे हर उम्र का व्यक्ति आसानी से कर सकता है और इसके नियमित अभ्यास से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, विपरीतकरणी आसन एक बेहद प्रभावी और विश्रामकारी योग अभ्यास है, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘उलटी क्रिया वाला आसन’ या ‘प्रवाह को मोड़ने वाला आसन’ होता है। इसे आधुनिक योग में अक्सर दीवार के सहारे किया जाता है। आयुष मंत्रालय ने इसके लाभ भी टिप्पणी की है। उनके अनुसार, यह आसन गुरुत्वाकर्षण के विपरीत काम करता है, जिससे पैरों और निचले शरीर से रक्त का प्रवाह वापस हृदय और मस्तिष्क की ओर सुचारू रूप से बढ़ता है। यह हाइपोएक्टिव थायरॉइड से जुड़ी समस्याओं को प्रबंधित करने में सहायक है। विपरीतकरणी मुद्रा का एक और बड़ा लाभ थायरॉयड नियंत्रण है। साथ ही, यह हमारे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को शांत करता है, जिससे मानसिक सतर्कता बढ़ती है और तनाव से राहत मिलती है। यह आसन ऐसे व्यक्तियों के लिए भी कारगर है, जिन्हें भूख कम लगती है। इसके नियमित अभ्यास से जठराग्नि तीव्र होती है, भूख बढ़ती है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके रोजाना अभ्यास से शरीर और मन दोनों में संतुलन बना रहता है। हालांकि, शुरुआत में 5-10 मिनट से अभ्यास करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। गर्भवती महिलाओं, हाई ब्लड प्रेशर या गंभीर समस्या वाले मरीजों को डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही अभ्यास करना चाहिए।

छोटी सी लौंग सेहत के लिए बड़े काम की, दांत दर्द से लेकर मुंह की बदबू तक में देती है राहत

नई दिल्ली। लौंग भारतीय किचन में इस्तेमाल होने वाला ऐसा मसाला है, जो भले ही साइज में छोटा दिखे, लेकिन इसमें कई तरह के प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं। चाय से लेकर सब्जी तक, लौंग का इस्तेमाल स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। सर्दी-जुकाम या दांत में दर्द होने पर भी लोग अक्सर लौंग का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिक रिसर्च की मानें, तो इसमें मौजूद कई ऐसे तत्व है, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। खासतौर पर इसमें मौजूद यूजेनॉल, फ्लेवोनॉयड्स और दूसरे पौधों से मिलने वाले रसायन इसके खास गुण हैं। लौंग का सबसे ज्यादा फायदा दांत के दर्द में माना जाता है। लौंग में मौजूद यूजेनॉल दर्द को कुछ समय के लिए कम करने में मदद करता है। यही वजह है कि दांतों के इलाज में भी यूजेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है। अगर कभी हल्का दांत दर्द हो तो लोग लौंग को दांत के पास रखने का घरेलू तरीका अपनाते हैं। इससे कुछ समय के लिए आराम मिलता है। लेकिन अगर दर्द ज्यादा है, मसूड़ों में सूजन है या दांत में इन्फेक्शन है, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। लौंग मुंह की सफाई के लिए भी फायदेमंद होती है। इसमें ऐसे गुण पाए जाते हैं जो कुछ तरह के बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। खाना खाने के बाद एक लौंग चबाने से मुंह में ताजगी बनी रहती है। हालांकि, लौंग चबाना ब्रश करने या दांतों की सही सफाई का विकल्प नहीं है। लौंग में एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं। दरअसल, हमारे शरीर में कुछ ऐसे कण बनते हैं जो ज्यादा होने पर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट इनसे शरीर को बचाने में मदद करते हैं। लौंग में मौजूद यूजेनॉल और दूसरे प्राकृतिक तत्व इस काम में मदद करते हैं। इसी कारण लौंग को शरीर के लिए फायदेमंद मसालों में गिना जाता है। लौंग में सूजन कम करने वाले गुण भी पाए गए हैं। शरीर में चोट या किसी परेशानी के कारण सूजन होना आम बात है। रिसर्च में लौंग के कुछ तत्वों ने ऐसी प्रक्रियाओं को कम करने की क्षमता दिखाई है, जिनकी वजह से शरीर में सूजन होती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि किसी बीमारी या ज्यादा सूजन का इलाज सिर्फ लौंग से किया जा सकता है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है। लौंग और ब्लड शुगर को लेकर भी वैज्ञानिकों ने रिसर्च की है। एक रिसर्च में 13 स्वस्थ और प्री-डायबिटिक लोगों को 30 दिनों तक रोजाना 250 मिलीग्राम पानी में घुलने वाला लौंग का पॉलीफेनॉल एक्सट्रैक्ट दिया गया। रिसर्च में खाने से पहले और खाने के बाद ब्लड ग्लूकोज में कमी देखने को मिली। लेकिन यह स्टडी बहुत छोटी थी और इसमें लौंग को खाने की जगह एक खास एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल किया गया था। इसलिए इसे डायबिटीज की दवा या इलाज नहीं माना जा सकता। लौंग में कुछ ऐसे गुण भी पाए गए हैं जो बैक्टीरिया और फंगस से लड़ने में मदद करते हैं।