वॉशिंगटन। लोकप्रिय अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी को “कट्टरपंथी” बताते हुए कहा है कि वह “गलत रास्ते” पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममदानी एक ऐसे समाजवादी आंदोलन को अपना रहे हैं, जो अमेरिकी लोकतांत्रिक आदर्शों का प्रतिनिधित्व नहीं करता। लोकप्रिय अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने यह टिप्पणी डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका (डीएसए) का उल्लेख करते हुए आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में की। मिलबेन ने कहा, “वह एक कट्टरपंथी हैं। यही इस डीएसए आंदोलन की प्रकृति है। इसमें ऐसे कई लोग हैं जो यह नहीं समझते कि दुनिया कैसे काम करती है। वे यह नहीं समझते कि अमेरिका कैसे काम करता है और निश्चित रूप से यह भी नहीं समझते कि न्यूयॉर्क कैसे काम करता है। वह भी नहीं समझते।” मिलबेन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत की न्यूयॉर्क यात्रा के विरोध में ममदानी की टिप्पणियों से जुड़े सवालों का जवाब दे रही थीं। आरएसएस प्रमुख 29 अगस्त को ‘एकात्मता’ और ‘एकता’ जैसे विषयों पर केंद्रित एक कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि ममदानी की आलोचना को डेमोक्रेटिक पार्टी के समाजवादी धड़े से उनके जुड़ाव के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “विवाद का असली मुद्दा ममदानी का डीएसए से जुड़ाव है। यह अमेरिका का एक डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट संगठन है, जो डेमोक्रेटिक पार्टी का हिस्सा है।” मिलबेन ने कहा कि उनके कई मित्र डेमोक्रेटिक पार्टी से निर्वाचित पदों पर हैं लेकिन वे समाजवादी आंदोलन या उसके एजेंडे का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा, “लेकिन ममदानी ने खुद को डेमोक्रेटिक पार्टी के उसी गुट और उसके एजेंडे से जोड़ लिया है।” मिलबेन ने आरोप लगाया कि यह आंदोलन लोकतंत्र और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ममदानी की टिप्पणियां केवल मोहन भागवत को नहीं, बल्कि व्यापक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लक्ष्य बनाकर की गई थीं। उन्होंने कहा, “ये टिप्पणियां जरूरी नहीं कि आरएसएस प्रमुख के खिलाफ थीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और भारत के संदर्भ में उनके द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले धार्मिक स्वतंत्रता के विचारों के खिलाफ थीं।” हालांकि उन्होंने ममदानी की कड़ी आलोचना की, लेकिन उन्हें एक प्रतिभाशाली युवा राजनेता भी बताया, जिनका भविष्य उज्ज्वल हो सकता है यदि वे अपनी दिशा बदल लें। उन्होंने कहा, “वह एक प्रतिभाशाली युवा हैं। बस उन्हें गलत दिशा मिली है और अपनी ही पार्टी के भीतर वह गलत लोगों के प्रभाव में हैं।” मिलबेन ने कहा, “यदि ममदानी डेमोक्रेटिक पार्टी में सही मार्गदर्शन के साथ होते और दुनिया, अमेरिका तथा न्यूयॉर्क के काम करने के तरीके को बेहतर ढंग से समझते, तो मेरे विचार से उनका भविष्य बहुत अच्छा हो सकता था, क्योंकि उनमें प्रतिभा है।” उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि अमेरिका के युवा निर्वाचित नेता देश के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए सफल हों, लेकिन उनके अनुसार ममदानी की राजनीतिक संबद्धताएं उन आदर्शों को प्रतिबिंबित नहीं करतीं। मिलबेन ने कहा, “उन्हें गुमराह किया गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि मैं चाहती हूं कि अमेरिका का हर युवा नेता और हर युवा निर्वाचित प्रतिनिधि देश के आदर्शों को बढ़ावा देते हुए सफल हो।” उन्होंने ममदानी से अपने भाषणों में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा और जिन राजनीतिक विचारों से वह खुद को जोड़ते हैं, उन पर पुनर्विचार करने की अपील की। मिलबेन ने कहा, “उम्मीद है कि वह जागेंगे और समझेंगे कि हाल के भाषणों में जिन बातों को वह दोहरा रहे हैं और जिन राजनीतिक विचारों से खुद को जोड़ रहे हैं, वह एक विनाशकारी रास्ता है।” उन्होंने कहा, “फिलहाल मैं इतना कह सकती हूं कि वह गलत राह पर हैं। यह देखना दुखद है, लेकिन आश्चर्यजनक नहीं।” डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका खुद को एक राजनीतिक और सामाजिक संगठन बताता है, जिसका उद्देश्य अधिक लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। इसके सदस्य चुनावी राजनीति, श्रमिक संगठनों और सामाजिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं और अक्सर डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ मिलकर काम करते हैं, न कि एक अलग राष्ट्रीय पार्टी के रूप में। मैरी मिलबेन भारतीय दर्शकों के बीच ‘जन गण मन’ और भजन ‘ॐ जय जगदीश हरे’ की प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं। वह भारत और भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़े कई कार्यक्रमों में शामिल रही हैं तथा सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त कर चुकी हैं।