नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने आज सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के अंतर्गत शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य आरंभ किया। शिवाजी स्टेडियम स्टेशन का निर्माण फेज़-V(A) के अंतर्गत जनकपुरी पश्चिम से आर.के. आश्रम मार्ग तक मौजूदा मैजेंटा लाइन के विस्तार के एक भाग के रूप में किया जा रहा है। उपराज्यपाल, दिल्ली, सरदार तरनजीत सिंह संधू की गरिमामयी उपस्थिति में इस कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।इस अवसर पर माननीय उपराज्यपाल, जो सुरक्षित, सुगम, निर्बाध और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को निरंतर बढ़ावा देते रहे हैं तथा स्वयं भी अनेक अवसरों पर आवागमन के लिए मेट्रो का उपयोग करते हैं, ने कहा, “आज शिवाजी स्टेडियम साइट पर कार्य का शुभारंभ दिल्ली मेट्रो की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मैंने उस दौर की दिल्ली भी देखी है, जब यहाँ मेट्रो नहीं थी। मेट्रो के आगमन और उसके निरंतर विस्तार ने दिल्ली की तस्वीर बदल दी है। दिल्ली मेट्रो की प्रगति और विस्तार की इस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हम हर आवश्यक सहयोग और सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन एक भूमिगत स्टेशन होगा और एक महत्त्वपूर्ण इंटरचेंज सुविधा प्रदान करेगा। यहाँ मैजेंटा लाइन के नए स्टेशन को 230 मीटर लंबी भूमिगत सब-वे के माध्यम से मौजूदा शिवाजी स्टेडियम एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन स्टेशन के साथ निर्बाध रूप से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को दोनों मेट्रो कॉरिडोरों के बीच सुविधाजनक इंटरचेंज की सुविधा प्राप्त होगी।इसके अतिरिक्त, शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन को ट्रैवलेटरयुक्त 800 मीटर लंबी भूमिगत सब-वे के माध्यम से राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को दोनों स्टेशनों के बीच निर्बाध और सुविधाजनक पैदल संपर्क उपलब्ध होगा।नए शिवाजी स्टेडियम स्टेशन की डायाफ्राम वॉल लगभग 38 मीटर गहरी होगी, जो लगभग 12 मंजिला भवन की ऊँचाई के बराबर है। स्टेशन का निर्माण मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के नीचे किया जाना है, इसलिए इतनी अधिक गहराई पर निर्माण आवश्यक हो गया है।फलस्वरूप, आगामी शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य की प्रगति के साथ निर्माण-संबंधी वाहनों की आवाजाही भी काफी अधिक रहने की संभावना है। प्रतिमाह लगभग 3,000 घनमीटर कंक्रीट की आवश्यकता होगी, जिसके लिए करीब 500 ट्रांजिट मिक्सर फेरे लगाने होंगे। इसी प्रकार, प्रतिमाह लगभग 15,000 घनमीटर मिट्टी की खुदाई के लिए करीब 750 डंपर फेरे लगाने होंगे। इस प्रकार, खुदाई से निकली सामग्री के निस्तारण के लिए प्रतिदिन लगभग 25 डंपर फेरे लगाए जाएंगे।वाहनों की अत्यधिक आवाजाही को देखते हुए आसपास की सड़कों की स्वच्छता बनाए रखने और यातायात के सुचारु प्रवाह को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। इसके लिए खुदाई से निकली सामग्री को उचित रूप से ढकने, वाहनों के पहियों की धुलाई करने, सामग्री को सड़क पर गिरने से रोकने तथा प्रभावित सड़क-खंडों की तत्काल सफाई करने जैसे उपाय अपनाए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य शिवाजी स्टेडियम स्टेशन पर निर्माण कार्य को निर्बाध रूप से जारी रखते हुए यात्रियों और स्थानीय निवासियों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम करना है।शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से आसपास के क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों, स्कूली विद्यार्थियों, गुरुद्वारा बंगला साहिब आने वाले श्रद्धालुओं तथा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष रूप से लाभ मिलने की संभावना है। यहाँ निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मैसर्स एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को सौंपी गई है।सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 9.913 किलोमीटर होगी और इसमें नौ भूमिगत स्टेशन होंगे: शिवाजी स्टेडियम, युगे युगीन भारत, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ।सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के अंतर्गत शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य का आरंभ मध्य नई दिल्ली में मेट्रो संपर्क के विस्तार की दिशा में एक और महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। इसी कॉरिडोर के केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य 24 जून, 2026 को आरंभ किया गया था।सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के निर्माण से प्रमुख सरकारी कार्यालयों, न्यायिक संस्थानों, राष्ट्रीय स्मारकों और सम्मेलन स्थलों तक संपर्क सुदृढ़ हो सकेगा। इसके साथ ही, मध्य नई दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क का एकीकरण, परिचालन दक्षता और यात्रियों की समग्र सुविधा भी बेहतर बन सकेगी।