दक्षिण कोरिया: 180 दिन की जांच के बाद स्पेशल काउंसल ने पूर्व राष्ट्रपति यून पर आरोप तय किए

सोल। दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल से जुड़े तमाम मामलों की 180 दिन चली व्यापक विशेष जांच (स्पेशल काउंसल) सोमवार को समाप्त हो गई। विशेष जांचकर्ता क्वोन चांग-यंग की टीम ने जांच के दौरान यून समेत 58 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए। विशेष जांच दल ने फरवरी में जांच शुरू की थी। इसका मकसद यून के 2024 के असफल मार्शल लॉ प्रयास, उनकी पत्नी किम कियोंग-ही से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों और 2023 में एक मरीन सैनिक की मौत समेत उन मामलों की दोबारा जांच करना था, जिनकी पिछली तीन विशेष जांच टीमों में पूरी तरह पड़ताल नहीं हो पाई थी। क्वोन की टीम ने यून पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। जांच के मुताबिक, उन्होंने अधिकारियों को अमेरिका और अन्य प्रमुख साझेदार देशों के सामने अपने असफल मार्शल लॉ कदम को सही ठहराने के लिए निर्देश दिए थे। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिन वॉन-सिक और पूर्व प्रधान उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार किम ताए-ह्यो को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। विशेष जांच दल ने यून की पत्नी किम कियोंग-ही के खिलाफ भी आरोप तय किए। उन पर 2022 में राष्ट्रपति भवन के स्थानांतरण से जुड़ी परियोजना में कथित रूप से अनुचित हस्तक्षेप करने का आरोप है। जांचकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने निर्माण कार्य का ठेका ऐसी कंपनी को दिलाने के लिए हस्तक्षेप किया, जिसे वे अयोग्य मानते थे। जांच का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विशेष जांच दल ने 150 लोगों से जुड़े 46 मामले पुलिस को आगे की जांच के लिए सौंप दिए। इसका मतलब है कि सभी मामलों में अंतिम कार्रवाई विशेष जांच दल के स्तर पर नहीं हुई और कुछ मामलों की जांच अब नियमित पुलिस एजेंसियां आगे बढ़ाएंगी। यह जांच फरवरी में शुरू हुई थी और बाद में इसकी अवधि बढ़ाकर 23 अगस्त तक की गई थी। राष्ट्रीय सभा ने जुलाई में जांच की अवधि 30 दिन बढ़ाने के साथ टीम में तैनात सरकारी अधिकारियों की अधिकतम संख्या 130 से बढ़ाकर 150 करने को मंजूरी दी थी। यून के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई दक्षिण कोरिया की राजनीति में बेहद संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। दिसंबर 2024 में उनके मार्शल लॉ लागू करने के असफल प्रयास के बाद देश में बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हुआ था और अंततः उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया था।

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