महेश्वरी समाज की सेवाए त्याग और सामाजिक प्रतिबद्धता की गौरवशाली एवं प्रेरणादायी विरासत रही है:लोक सभा अध्यक्ष

नई दिल्ली। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जयपुर के महेश्वरी समाज को महेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना के माध्यम से मानव सेवा की अपनी यात्रा में एक नए और महत्वपूर्ण अध्याय का शुभारंभ करने के लिए बधाई दी।संस्थान के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महेश्वरी समाज की सेवाए त्यागए समर्पण और सामाजिक दायित्व की एक गौरवशाली एवं अत्यंत प्रेरणादायी विरासत रही है। यह ऐसी विरासत है जिसने समाज को आलोकित किया है और पीढ़ियों को प्रेरणा दी है। शिक्षा के प्रसार में समाज के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि वर्ष 1926 में जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था और नगरों एवं गांवों दोनों में शिक्षा के अवसर अत्यंत सीमित थेए तब महेश्वरी समाज के दूरदर्शी सदस्यों ने एक प्रबुद्धए सुसंस्कृत और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए शिक्षा के महत्व को भली.भांति समझ लिया था। सीमित संसाधनों और अनेक कठिन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने उल्लेखनीय प्रतिबद्धता के साथ अपने संसाधनों को एकजुट कर विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की। बिरला ने आगे कहा कि महेश्वरी समाज ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी सार्थक योगदान दिया तथा पूज्य भामाशाह से जुड़ी त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमर परंपरा को आगे बढ़ाया। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी समाज जनसेवा के अपने संकल्प पर अडिग रहा। जहाँ शिक्षा की सुविधाओं का अभाव थाए वहाँ विद्यालय स्थापित किए गए और जहाँ दूर.दराज से आने वाले यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था नहीं थी वहाँ धर्मशालाओं का निर्माण कर उन्हें आश्रय और सुविधा प्रदान की गई।लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि महेश्वरी समाज की सेवा.भावना किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से लेकर अस्पतालोंए औषधालयोंए सामुदायिक केंद्रोंए छात्रावासों और छात्रवृत्तियों तकए महेश्वरी समाज ने सदैव समाज के समक्ष विद्यमान आवश्यकताओं और चुनौतियों को पहचानने तथा उनके समाधान के लिए सामूहिकता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया है।कोविड-19 महामारी से उत्पन्न अभूतपूर्व चुनौती का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि भारत ने अपनी सामूहिक सामाजिक चेतना और एक.दूसरे की देखभाल एवं सहायता करने की अपनी प्राचीन परंपरा से अपार शक्ति प्राप्त की।

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