केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा की समीक्षा की

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा की समीक्षा की। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी के अलावा गृह मंत्रालय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, सेना,सहित अन्य केंद्रीय मंत्रालयों एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई इस बैठक में, मल्टी.एजेंसी सेंटर के सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर बने स्टैंडिंग फोकस ग्रुप ने अब तक हुई प्रगति और कॉरिडोर की सुरक्षा को और मज़बूत करने के लिए अपनी सिफ़ारिशों के बारे में प्रेजेंटेशन दिया। बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर में चल रही उन सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की जो इसकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पीआईओ गतिविधियों जनसांख्यिकीय बदलावों घुसपैठ और सीमा से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार सिलिगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा अभेद्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा के लिए तुष्कोणीय अप्रोच के कॉन्सेप्ट पर ज़ोर दिया और सभी एजेंसियों को इसे पूरी स्पिरिट के साथ लागू करने का निर्देश दिया। कॉरिडोर में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के महत्व पर ज़ोर देते हुए शाह ने वहां मौजूद सभी एजेंसियों को सभी लंबित कार्यों को तय समय.सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।केंद्रीय गृह मंत्री ने बैठक में मौजूद सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे कॉरिडोर में अपने और संस्थान खोलकर अपनी मौजूदगी बढ़ाएं। उन्होंने कॉरिडोर में मौजूद सभी अहम प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का भी जायजा लिया और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सिलीगुड़ी कॉरिडोर को अतिक्रमण मुक्त रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने सिलीगुड़ी कॉरिडोर में घुसपैठ को रोकने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को उत्तर बंगाल में और सैनिक स्कूल खोलने की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से उत्तर बंगाल में सीनियर एनसीसी कैडेट्स की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम करने को भी कहा। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से सिलीगुड़ी कॉरिडोर में सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स की व्यवस्था को मजबूत करने का आग्रह किया।
कोच्चि स्थित सीएसएल द्वारा निर्मित तीसरी पनडुब्बी रोधी उथले जल की नौका, मैंग्रोल नौसेना को सुपुर्द

कोच्चि। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) कोच्चि द्वारा निर्मित तीसरी उथले जल की पनडुब्बी रोधी युद्धक नौका मंगरोल को 21 अगस्त 2026 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। इस जहाज में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है और यह पानी के भीतर निगरानी तटीय जलक्षेत्र में पनडुब्बी रोधी अभियान (एएसडब्ल्यू) निम्न तीव्रता समुद्री अभियान (एलआईएमओ)और बारूदी सुरंगों से बचाव की क्षमताओं से सुसज्जित है। यह जहाज वाटरजेट से संचालित होता है और अत्याधुनिक टॉरपीडो पनडुब्बी रोधी रॉकेट उन्नत रडार और सोनार से लैस है। मैंग्रोल नाम गुजरात के जूनागढ़ जिले में स्थित तटीय शहर और छोटे बंदरगाह मैंग्रोल से लिया गया है जो समुद्री मत्स्य पालन उद्योग का एक प्रमुख बंदरगाह है। यह जहाज भारतीय नौसेना के पूर्व माइनस्वीपर आईएनएस मैंग्रोल की विरासत को भी दर्शाता है, जो 2004 तक सेवा में रहा, और इस प्रकार विशिष्ट युद्धपोतों के नामों को संरक्षित करने की नौसैनिक परंपरा को जारी रखता है।मैंग्रोल की सुपुर्दगी भारतीय नौसेना के स्वदेशी जहाज निर्माण के सफर में एक और मील का पत्थर है और सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण की पुष्टि करती है। यह जहाज स्वदेशी रक्षा विनिर्माण प्रणाली की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।
सभी राज्य किसानों के डिजिटल सर्वे को फास्ट-ट्रैक करे: शिवराज सिंह

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में शुरू हुए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की प्रगति और आगे की रणनीति पर पूसा में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता के अनुरूप यह काफ़ी महत्वपूर्ण कार्य है जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना दालों में आत्मनिर्भरता लाना और खेती से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल व पारदर्शी बनाकर खेतों तक वास्तविक असर पहुँचाना है। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, असम के मंत्री पियूष हजारिका, अरुणाचल प्रदेश के मंत्री ग्रेबियल डेन्वांग बागसू, नागालैंड के मंत्री महात यंथन और केंद्रीय कृषि सचिव अतीश चन्द्रा समेत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब समय आ गया है कि योजनाओं का असर सिर्फ रिपोर्टों में नहीं बल्कि खेतों में और किसानों की जेब में दिखेय उन्होंने राज्यों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप करेंगे तो जरूर होगा और कहा कि जिन जगहों पर गंभीरता और कौशल से काम हुआ है वहाँ लक्ष्यों को 100 प्रतिशत से ऊपर हासिल किया गया जबकि जहाँ कोशिश कम रही वहां परिणाम पीछे रहे इसलिए उन्होंने राज्यों से पूरी जिम्मेदारी और समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा रखी। उन्होंने फार्मर आईडी के महत्व पर विशेष जोर दिया और बताया कि फार्मर आईडी बनने के बाद भुगतान सीधे किसान के खाते में जा रहे हैं जिससे भुगतान तेज़ और पारदर्शी हुआ हैय महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि समय पर भुगतान से बड़े पैमाने पर लाभ देखा गया और केंद्र ने फार्मर आईडी बनवाने और शिविर चलाने के लिए फंड भी उपलब्ध करवाया हैए इतना ही नहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी रूप से एक महीने के भीतर आईडी बनना संभव है पर यह तभी होगा जब शिविर ईमानदारी और सही तरीके से चलें और पैसा कार्यक्रम के नाम पर बर्बाद न हो।
महेश्वरी समाज की सेवाए त्याग और सामाजिक प्रतिबद्धता की गौरवशाली एवं प्रेरणादायी विरासत रही है:लोक सभा अध्यक्ष

नई दिल्ली। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जयपुर के महेश्वरी समाज को महेश्वरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना के माध्यम से मानव सेवा की अपनी यात्रा में एक नए और महत्वपूर्ण अध्याय का शुभारंभ करने के लिए बधाई दी।संस्थान के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महेश्वरी समाज की सेवाए त्यागए समर्पण और सामाजिक दायित्व की एक गौरवशाली एवं अत्यंत प्रेरणादायी विरासत रही है। यह ऐसी विरासत है जिसने समाज को आलोकित किया है और पीढ़ियों को प्रेरणा दी है। शिक्षा के प्रसार में समाज के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि वर्ष 1926 में जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था और नगरों एवं गांवों दोनों में शिक्षा के अवसर अत्यंत सीमित थेए तब महेश्वरी समाज के दूरदर्शी सदस्यों ने एक प्रबुद्धए सुसंस्कृत और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए शिक्षा के महत्व को भली.भांति समझ लिया था। सीमित संसाधनों और अनेक कठिन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने उल्लेखनीय प्रतिबद्धता के साथ अपने संसाधनों को एकजुट कर विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की। बिरला ने आगे कहा कि महेश्वरी समाज ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी सार्थक योगदान दिया तथा पूज्य भामाशाह से जुड़ी त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमर परंपरा को आगे बढ़ाया। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी समाज जनसेवा के अपने संकल्प पर अडिग रहा। जहाँ शिक्षा की सुविधाओं का अभाव थाए वहाँ विद्यालय स्थापित किए गए और जहाँ दूर.दराज से आने वाले यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था नहीं थी वहाँ धर्मशालाओं का निर्माण कर उन्हें आश्रय और सुविधा प्रदान की गई।लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि महेश्वरी समाज की सेवा.भावना किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से लेकर अस्पतालोंए औषधालयोंए सामुदायिक केंद्रोंए छात्रावासों और छात्रवृत्तियों तकए महेश्वरी समाज ने सदैव समाज के समक्ष विद्यमान आवश्यकताओं और चुनौतियों को पहचानने तथा उनके समाधान के लिए सामूहिकता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया है।कोविड-19 महामारी से उत्पन्न अभूतपूर्व चुनौती का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि भारत ने अपनी सामूहिक सामाजिक चेतना और एक.दूसरे की देखभाल एवं सहायता करने की अपनी प्राचीन परंपरा से अपार शक्ति प्राप्त की।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने किया अजमेरा ट्रेंड्स का उद्घाटन

सानक्वेलिम। सानक्वेलिम में को अजमेरा ट्रेंड्स के भव्य शोरूम का उद्घाटन गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने किया। इस अवसर पर उन्होंने अजमेरा ट्रेंड्स की टीम को बधाई दी और गोवा में व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए शुभकामनाएं दीं। यह गोवा राज्य में अजमेरा ट्रेंड्स की पहली फ्रैंचाइज़ी है। उद्घाटन समारोह में अजमेरा फैशन के फाउंडर एवं सीईओ अजय अजमेरा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय अजमेरा ने कहा कि गोवा में अजमेरा ट्रेंड्स की यह पहली शाखा है और कंपनी गोवा की जनता को हमेशा बेहतरीन गुणवत्ता के परिधान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर फ्रैंचाइज़ी ओनर प्रिया शंभुराव राणे देसाई ने बताया कि अजमेरा ट्रेंड्स में महिलाओं के लिए साड़ी, कुर्ती, लहंगा और गाउन सहित विभिन्न प्रकार के परिधानों की विस्तृत रेंज वाजिब दामों पर उपलब्ध होगी।उल्लेखनीय है कि अजमेरा ट्रेंड्स सूरत की प्रमुख टेक्सटाइल कंपनी अजमेरा फैशन की रिटेल फ्रैंचाइज़ी चेन है, जिसका देश भर में तेज़ी से विस्तार हो रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
भारत को विश्व की फार्मेसी से विश्व की प्रयोगशाला बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए:अनुप्रिया पटेल

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत को विश्व की फार्मेसी होने से आगे बढ़कर अनुसंधान, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों द्वारा संचालित विश्व की प्रयोगशाला बनना चाहिए। अहमदाबाद स्थित आईआईएमए में स्वास्थ्य सेवा में एआई को बढ़ावा देना विषय पर आयोजित आईआईएमए हेल्थकेयर समिट 2026 के तीसरे संस्करण को संबोधित करते हुए मंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय दवा उद्योग ने 200 से अधिक देशों को टीकों और आवश्यक चिकित्सा उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जबकि भारत के टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 220 करोड़ से अधिक खुराकें दी गईं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की परिवर्तनकारी शक्ति के बारे में बोलते हुए मंत्री ने दवा खोज में तेजी लाने, व्यक्तिगत उपचारों को सक्षम बनाने और बेहतर स्क्रीनिंग, नैदानिक निर्णय लेने और रोग निगरानी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने की इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को अपनाना सुरक्षित, जिम्मेदार और मानव-केंद्रित होना चाहिए,जिसमें रोगी की गोपनीयता के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय हों और प्रौद्योगिकी मानव नैदानिक निर्णय का पूरक हो, न कि उसका स्थान ले। उन्होंने सरकार, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग के माध्यम से पायलट परियोजनाओं से जनसंख्या स्तर पर कार्यान्वयन की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य सेवा में एआई के लिए उत्कृष्टता केंद्र एम्स नई दिल्ली, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ और एम्स ऋषिकेश में स्थापित किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार की 5,000 करोड़ रुपये की फार्मा-मेडटेक सेक्टर में अनुसंधान और नवाचार प्रोत्साहन (पीआरआईपी) योजना का उद्देश्य अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करना तथा नवाचार-आधारित विकास की दिशा में परिवर्तन को बढ़ावा देना है। मंत्री ने केंद्रीय बजट में घोषित 10,000 करोड़ रुपये के बायोफार्मा शक्ति मिशन पर भी प्रकाश डाला,जिसका उद्देश्य बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स में क्षमताओं को मजबूत करना,कुशल मानव संसाधन विकसित करना, नियामक और नैदानिक परीक्षण क्षमताओं को मजबूत करना और घरेलू जैव-औषधीय इको-सिस्टम को समर्थन देना है।औषधि विभाग के सचिव मनोज जोशी ने औषधि एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जहां बड़ी औषधि कंपनियां उत्पादन, मानव संसाधन, विपणन, वितरण और इन्वेंट्री प्रबंधन के लिए एआई का तेजी से उपयोग कर रही हैं, वहीं स्टार्टअप, विशेष रूप से बेंगलुरु और हैदराबाद में, औषधि खोज के लिए एआई का लाभ उठा रहे हैं। इससे संभावित औषधि उम्मीदवारों की तेजी से पहचान और चयन करने में मदद मिल रही है और औषधि खोज में लगने वाला समय काफी कम हो रहा है। उन्होंने पूंजी, सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग, कंप्यूटिंग क्षमता और विशेषीकृत प्रतिभा से संबंधित चुनौतियों पर प्रकाश डाला और कहा कि सरकार राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन और इंडिया एआई मिशन सहित कई पहलों के माध्यम से इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए काम कर रही है ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को मिल रहा सम्मान और अवसर

गाजियाबाद। जीवन में आने वाली विपरीत परिस्थितियां कभी-कभी इंसान को पूरी तरह तोड़ देती हैं, लेकिन यदि कठिन समय में सही सहयोग और अवसर मिल जाए तो जीवन को फिर से नई दिशा दी जा सकती है। गाजियाबाद निवासी नवनीत और उनकी दिव्यांग पत्नी की कहानी इसी विश्वास, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल है। दिनांक *26 अप्रैल 2026* को बीमारी के बाद उनके 17 वर्षीय इकलौते पुत्र का निधन हो गया। पुत्र ही परिवार का एकमात्र सहारा था और उसकी छोटी-सी आय से किसी तरह परिवार का भरण-पोषण हो रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी तथा उन्हें दिव्यांग पेंशन के रूप में मात्र ₹1,000 प्रतिमाह प्राप्त होती थी। पुत्र के उपचार में परिवार की बची हुई जमा पूंजी भी खर्च हो गई और कर्ज का बोझ बढ़ता चला गया।ऐसे कठिन समय में नीव शक्ति संस्था एवं गाजियाबाद जिला प्रशासन ने परिवार की परिस्थितियों को समझते हुए उन्हें रोजगार से जोड़ने की पहल की। इसी क्रम में दंपति को दिव्यांग खोखा उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें स्वयं का रोजगार शुरू करने का अवसर मिला।आज यही छोटा-सा खोखा नवनीत जी और उनकी पत्नी के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और नई उम्मीद का माध्यम बन गया है। दोनों पति-पत्नी मिलकर इस रोजगार को संचालित कर रहे हैं और मेहनत एवं लगन से अपने परिवार की आजीविका चला रहे हैं। इससे उन्हें दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपने श्रम से सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिला है। लाभार्थी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जताया आभार लाभार्थी नवनीत ने कहा कि, “हमने अपने जीवन में बहुत बड़ा दुख देखा है। बेटे को खोने के बाद हमारे सामने परिवार चलाने की भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। ऐसे समय में नीव शक्ति संस्था और गाजियाबाद जिला प्रशासन ने हमारा साथ दिया। हमें केवल खोखा नहीं मिला, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिला। इसके लिए हम उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के हृदय से आभारी हैं। सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं से हमें नई उम्मीद और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।उन्होंने कहा कि आज वह और उनकी पत्नी मेहनत कर अपना रोजगार चला रहे हैं और सम्मान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जिला प्रशासन गाजियाबाद का धन्यवाद ज्ञापित किया। शासकीय योजनाओं का उद्देश्य—सहायता से आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रकार के प्रयासों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार, सम्मान और स्वावलंबन के अवसर प्रदान करना है। नवनीत और उनकी पत्नी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।यह कहानी संदेश देती है कि “दया नहीं, अवसर; सहानुभूति नहीं, सम्मान; और सहायता नहीं, आत्मनिर्भरता” ही सशक्त समाज की दिशा है। सही समय पर मिला एक अवसर किसी कठिन परिस्थिति से जूझ रहे परिवार के जीवन में नई उम्मीद और नई राह पैदा कर सकता है।
विद्युत विभाग शीघ्र एवं त्वरित समस्याओं का निस्तारण करना सुनिश्चित करायें: कुमार सौरभ मुख्य विकास अधिकारी

गाजियाबाद। मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद कुमार सौरभ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के निर्माणाधीन कार्यों में विद्युत कार्यों में आ रही समस्याओं के निस्तारण हेतु विद्युत विभाग एवं समस्त कार्यदायी संस्थाओं के अधीन समन्वय बैठक आयोजित की गयी। उक्त समीक्षा बैठक के अन्तर्गत अधिकांशतः कार्य लोक निर्माण विभाग के थे, जिनके सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता द्वारा अवगत कराया गया कि अधिकांश धनराशि विद्युत विभाग को दिये जाने के उपरान्त भी कार्य पूर्ण नही कराये जा रहे है, मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विद्युत विभाग को निर्देश दिये गये है कि तुलसी निकेतन पर बनाये गये यूटर्न के कार्य के अधीन विद्युत कार्य को दिनांक 30.09.2026 तक, मोदीनगर हापुड़ मार्ग (प्रमुख जिला मार्ग-148 डब्लू) के किमी0 1 (625) से 13 में टू-लेन विद पेव्ड शोल्डर के साथ चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के अधीन विद्युत कार्य को 20.10.2026 तक, फरुखनगर सिरौरा मार्ग के चैनेज 0.00 से 9.70 तक चौड़ीकरण एवं सुदढ़ीकरण के अधीन कार्य को 15.09.2026 तक, बन्थला ढिकौली मार्ग (अ०जि०मा०) के किमी० 8 से बेहटा हाजीपुर मार्ग (अ०जि०मा०) के किमी० 9, 10, 11, 12, 13 (900) में चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण के अधीन कार्य को 15.09.2026 तक, दिल्ली कानपुर मार्ग (अ०जि०मा०) के चैनेज 22.600 से 23.800 तक मार्ग के चौड़ीकरण / सुदृढ़ीकरण के अधीन अवशेष 60 प्रतिशत कार्य को 15. 09.2026 तक पूर्ण कराया जाये एवं हिण्डन एयरपोर्ट सिविल टर्मिनल से बेटी बचाओं चौक मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के अधीन कार्य पूर्ण कराये जाने का बार चार्ट उपलब्ध कराया जाये।उपरोक्त के अतिरिक्त गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम गाजियाबाद एवं नगर पालिकाओं के अधिकारियों को निर्देश दिये गये के अपने-अपने विभाग के अधीन लम्बित कार्यों की सूची अधीक्षण अभियन्ता विद्युत को उपलब्ध करा दे, जिससे उनका निस्तारण कर कार्य पूर्ण कराये जाये। यह भी निर्देश दिये गये कि उक्त बिन्दुओं का अनुपालन अगली समीक्षा बैठक से पूर्व किया जाये। आज की समीक्षा बैठक में जे०पी०यादव अपर नगर आयुक्त, एन०के०चौधरी मुख्य अभियन्ता नगर निगम, श्री आलोक रंजन मुख्य अभियन्ता जी०डी०ए०, रामराजा अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग, निशान्त अधीक्षण अभियन्ता विद्युत, महेश उपाध्याय विद्युत एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहें।
पीएनजी ज्वेलर्स की ओर से हर महिला के लिए कंटेम्प्ररी डिज़ाइन के साथ वार्षिक मंगलसूत्र महोत्सव का आयोजन

गुरूग्राम। भारत में विवाह समारोह में सबसे पवित्र प्रतीकों में माना जानेवाला मंगलसूत्र के महत्व का उत्सव मनाते हुए पीएनजी ज्वेलर्स ने अपने बहुप्रतीक्षित मंगलसूत्र महोत्सव की घोषणा की है। यह महोत्सव १३ अगस्त से १३ सितंबर २०२६ तक भारत भर के सभी पीएनजी ज्वेलर्स शोरूम्स में आयोजित किया जाएगा। इस वार्षिक महोत्सव में अब तक का सबसे विस्तृत मंगलसूत्र कलेक्शन प्रस्तुत किया जाएगा।यह कलेक्शन आधुनिक भारतीय महिलाओं की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और पारंपरिक ज्वेलरी के महत्व को भी बनाए रखा गया है.पिछले कुछ वर्षों से मंगलसूत्र महोत्सव पीएनजी ज्वेलर्स की प्रमुख वार्षिक उपक्रमों में से एक बन चुका है. इस महोत्सव में ग्राहकों के लिए पारंपरिक, आधुनिक और लाइटवेट मंगलसूत्रों की विस्तृत श्रृंखला पेश की जाती है।यह मंगलसूत्र त्योहारों के साथ-साथ रोज के लिए भी उपयुक्त हैं. इस वर्ष का कलेक्शन ग्राहकों की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें आकर्षक सोने का मंगलसूत्र, सॉलिटेयर इंस्पायर्ड डायमंड स्टाइल्स, मिनिमलिस्ट डेली वियर डिज़ाइन्स और परंपरा के साथ व्यक्तित्व के लिए ज्वेलरी शामिल हैं.सभी आयु वर्ग की विवाहित महिलाओं की पसंद-नापसंद को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस महोत्सव में पति और परिवारों की आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है, जो श्रावण के शुभ अवसर पर गहनों का कोई खास तोहफ़ा देना चाहते हैं।उत्कृष्ट कारीगरी से कोई समझौता किए बिना किफायती दाम पर ज्वेलरी उपलब्ध कराने वाला यह फेस्टिवल ग्राहकों को उनके स्टाइल, पर्सनैलिटी और बजट के हिसाब से कई तरह के डिज़ाइन चुनने का मौका देता है.इस महोत्सव के तहत ग्राहक मंगळसूत्र के आभूषणों पर मेकिंग चार्जेस केवल 7.99% से मिल रहा है. यह विशेष छूट १३ सितंबर २०२६ तक सीमित है, यह प्रेम और कटिबद्धता का शाश्वत प्रतीक रहे इस ज्वेलरी में निवेश करने का एक उत्कृष्ट अवसर है।इस अवसर पर पीएनजी ज्वेलर्स के अध्यक्ष और व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. सौरभ गाडगीळ ने कहा,मंगलसूत्र हमेशा से भावनात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन आज की महिलाएँ इसे पहनने और अपनी शैली में अपनाने का नया दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रही हैं. पीएनजी ज्वेलर्स में हमारी कोशिश रही है कि हम इसके सांस्कृतिक महत्व को बनाए रखें और साथ ही ऐसे डिज़ाइन पेश करें जो आज की जीवनशैली के लिए अनुकूल हों. ‘मंगलसूत्र महोत्सव’ के ज़रिए हम देश के सबसे बड़े कलेक्शन में से एक पेश कर रहे हैं,जिससे प्रत्येक महिला को ऐसा डिज़ाइन मिल सके जो उनकी पर्सनैलिटी को दर्शाता हो. चाहे वह परंपरा से जुड़ी हो या आधुनिक सुंदरता से प्रेरित हो. यह वार्षिक महोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत और आत्म-अभिव्यक्ति, को व्यक्त करने के तरीका इन दोनों का उत्सव है.लगभग दो शतकों का विश्वास और उत्कृष्ट कारीगरी की विरासत के साथ पीएनजी ज्वेलर्स ज्वेलरी की विविध श्रेणियों में निरंतर प्रयोग कर रहे है. मंगलसूत्र महोत्सव जैसी उपक्रमों के माध्यम से ब्रांड अपने बढ़ते रिटेल नेटवर्क के ज़रिए उत्कृष्ट डिझाइन्स, अतुलनीय विविधता और ग्राहकों को अर्थपूर्ण मूल्य प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को अधिक सशक्त बनाता है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएम गतिशक्ति पहल को मजबूत करने के लिए दो अहम एमओयू पर हस्ताक्षर किए

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स डेटा के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए दो अहम एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे राज्य की पीएम गतिशक्ति व्यवस्था को नई गति मिलेगी, क्योंकि राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को ज्यादा डेटा-आधारित बनाना चाहता है।भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (बीआईएसएजी—एन) और नेशनल लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (एनएलडीएसएल) के साथ ये समझौते 20 अगस्त को रायपुर में पीएम गतिशक्ति और लीड्स 2025 डिसैमिनेशन वर्कशॉप के दौरान किए गए। इस वर्कशॉप का आयोजन छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्य और उद्योग विभाग और भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईआई) ने संयुक्त रूप से किया था।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पीएम गतिशक्ति छत्तीसगढ़ में डेटा-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत कर रही है। इससे हमें बेहतर ढंग से इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना बनाने, कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की कमियों की पहचान करने और बेहतर तालमेल वाले औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। यह निवेश और टिकाऊ आर्थिक विकास के लिए मजबूत माहौल बनाने में सहायक है।वर्कशॉप में पीएम गतिशक्ति के तहत छत्तीसगढ़ की तरक्की एक खास बात रही। राज्य ने पहले ही 35 से ज्यादा विभागों को इस प्लेटफार्म से जोड़ लिया है और 41 जरूरी व 600 से ज़्यादा अतिरिक्त डेटा लेयर्स को मैप किया है। इसने 45 यूज केस और 30 टूल्स विकसित किए हैं, जिससे यह एक जटिल डिजिटल प्लेटफार्म के बजाय प्लानिंग का एक व्यावहारिक जरिया बन गया है।जीआईएस-आधारित रोड ब्लैक स्पॉट की पहचान से ऐसे उपाय करने में मदद मिल रही है जिनसे दुर्घटनाओं को रोका जा सके और जानें बचाई जा सकें। इसी तरह के डेटा-आधारित तरीकों का इस्तेमाल उन गांवों की पहचान करने के लिए किया जा रहा है जहां बैंकिंग सुविधाएँ ठीक से नहीं हैं, और एमएमजीबीवाई के तहत बस रूट को बेहतर बनाने के लिए भी इनका उपयोग हो रहा है। सालाना एक्शन प्लान के तहत 80 से ज़्यादा प्रोजेक्ट्स को मदद दी गई है। टूरिज्म वाली जगहों पर कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 600 मोबाइल टावर लगाए गए हैं, जबकि ‘भव्य’ स्कीम के तहत नवा रायपुर में 700 एकड़ जमीन तय की गई है।छत्तीसगढ़, पीएम गतिशक्ति को लागू करने वाले प्रमुख राज्यों में से एक बनकर उभरा है और डीपीआईआईआई के लीड्स 2025 असेसमेंट में जमीन से घिरे राज्यों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्यों में गिना गया है। इंसानों और हाथियों के बीच टकराव को कम करने के लिए वन विभाग का “गज संकेत” ऐप, गतिशक्ति का एक और उदाहरण है। यह ऐप सरकार को प्रशासनिक विभागों की सीमाओं के बजाय समस्या की भौगोलिक स्थिति के आधार पर फैसले लेने में मदद करता है।