पहला टी20: न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, भुवनेश्वर की प्लेइंग इलेवन में वापसी

क्राइस्टचर्च। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 टी20 मैचों की सीरीज की शुरुआत हो चुकी है। गुरुवार को हेगले ओवल में खेले जा रहे पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया है। टॉस जीतने के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि हम पहले गेंदबाजी करेंगे। देखना होगा कि विकेट कैसा खेलेगा। प्लेइंग इलेवन में नितीश रेड्डी और मयंक यादव की वापसी हुई है। भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में 4 साल बाद दाएं हाथ के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी हुई है। उन्होंने 4 साल पहले अपना आखिरी टी20 भी न्यूजीलैंड के खिलाफ ही न्यूजीलैंड में खेला था। अर्शदीप सिंह और मयंक यादव उनके साथ प्लेइंग इलेवन में दो अन्य तेज गेंदबाज हैं। इसके अलावा नितीश रेड्डी तेज गेंदबाजी में सहयोग करेंगे। नमन धीर और अक्षर पटेल स्पिन गेंदबाजी की कमान संभालेंगे। वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला है। न्यूजीलैंड के कप्तान मिशेल सेंटनर ने टॉस के समय कहा, “हम भी गेंदबाजी करने वाले थे। विकेट फ्रेश लग रहा है। लोग बड़ी सीरीज के लिए बहुत उत्साहित हैं। इंडिया के खिलाफ खेलना कूल है। हमारे पास जो गहराई है, वो बहुत अच्छी है। हमारा मध्यक्रम बहुत मजबूत है।” कप्तान सेंटनर ने बेवन जैकब्स की तारीफ की। कीवी प्लेइंग इलेवन में नाथन स्मिथ, एडम मिल्ने, मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन तेज गेंदबाजी की कमान संभालेंगे, जबकि ग्लेन फिलिप्स, ब्रेसवेल और कप्तान मिशेल सेंटनर स्पिन गेंदबाजी की बागडोर संभालेंगे। भारत की प्लेइंग इलेवन: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह, मयंक यादव। न्यूजीलैंड की प्लेइंग इलेवन: फिन एलन, टिम साइफर्ट (विकेटकीपर), डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, बेवन जैकब्स, माइकल ब्रेसवेल, मिशेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, एडम मिल्ने, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन।

सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत पर शायना एनसी का तंज, कहा-‘जमानत कोई जीत नहीं, कोर्ट की सख्त शर्त है’

मुंबई। शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत को जीत नहीं बल्कि कोर्ट की शर्त बताया। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले आरएसएस की एबीसी जनाने की जरूरत है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत पर शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। कोर्ट ने एक साल तक शांति बनाए रखने को कहा है। यह दूसरी बार है जब इन्होंने बॉन्ड की शर्तों को तोड़ा है। ये लोग प्रदर्शनकारी नहीं हैं बल्कि आदतन कानून तोड़ने वाले हैं। यहां जमानत मिलना कोई जीत नहीं है, यह एक ऐसी स्थिति है जहां आप 50,000 रुपए जमा करते हैं और शांति बनाए रखने का वादा करते हैं। इसका मतलब यह है कि कोर्ट को भी लगा कि ये लोग अशांति फैला सकते हैं और यही सच है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने कहा कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में एबीसी भी नहीं जानते। आरएसएस की महिला शाखा, ‘राष्ट्र सेविका समिति’ की स्थापना 1936 में हुई और यह पिछले 87 सालों से काम करते चली आ रही है। आज 87 सालों में इससे 10 लाख महिलाएं जुड़ी हैं और 4,000 शाखाएं चल रही हैं, जो पार्टी खुद 130 सालों में महिला अध्यक्ष नहीं बना पाई। वो क्या बात कर रहे हैं? आरएसएस के बारे में क्या बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आरएसएस से जुड़ी महिलाएं अपने देश के साथ हैं। आपके पार्टी की महिला आपके साथ हैं कि नहीं, ये तो नहीं पता है। आप पहले इस बारे में पता कीजिए। राहुल गांधी अमेठी छोड़कर वायनाड भागे और उसके बाद वायनाड छोड़कर रायबरेली भागे। शायना एनसी ने कहा कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल वोट चोरी का रोना रो रहे हैं, ये वही लोग हैं जो खुद वोट हासिल नहीं कर पाए। महाराष्ट्र का ही उदाहरण ले लीजिए, वे बस एक के बाद एक आरोप लगाते रहते हैं। मैं कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से बस इतना पूछना चाहती हूं कि जब आप ‘इंडी’ गठबंधन की बैठक बुलाते हैं और फिर सीईसी, चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री पर हमला करते हैं, तो इसका क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि आपके पास कहने के लिए कोई सकारात्मक बात नहीं है, कोई ब्लूप्रिंट नहीं है और आप बस लोगों के बीच ऐसा माहौल बना रहे हैं कि ‘देखो, भारत में भी बांग्लादेश या नेपाल जैसे हालात हो जाएंगे’? यह सब फेक है, इसलिए इस तरह का झूठा नैरेटिव न फैलाएं।

हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मिले पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क

नई दिल्ली। पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। बैठक से पहले दोनों ने एक दूसरे का गर्मजोशी से एक दूसरे का अभिवादन किया। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, दोनों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा और उभरती तकनीक पर चर्चा होगी। दोनों नेता आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क का गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत-पोलैंड संबंधों को और मजबूत करने और नए अवसरों की तलाश करने पर चर्चा होगी।” इससे पहले, टस्क ने नई दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी प्रधानमंत्री टस्क से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। विदेश मंत्री जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा, “पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से मिलकर खुशी हुई। भारत-पोलैंड के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर उनके विचारों की सराहना करता हूँ। हमारी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात का इंतजार है।” टस्क बुधवार शाम को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य रक्षा, व्यापार और रणनीतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है। हवाई अड्डे पर पहुंचने पर, प्रधानमंत्री टस्क का खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “नई दिल्ली पहुंचने पर पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क का हार्दिक स्वागत है। हवाई अड्डे पर राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने उनका स्वागत किया। यह दौरा भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को नई गति देगा और हमारे पुराने संबंधों को और गहरा करेगा।” टस्क के साथ पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और एक उच्च-स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी आया है। एमईए के अनुसार, पोलैंड के प्रधानमंत्री के रूप में पीएम टस्क की यह भारत की दूसरी यात्रा है; इससे पहले वे 2010 में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भारत आए थे। दिल्ली में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद, पीएम टस्क बेंगलुरु जाएंगे। वहां वे सूचना प्रौद्योगिकी (आईटटी) और अंतरिक्ष क्षेत्र सहित विभिन्न व्यावसायिक हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे। 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में और 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में ‘भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम’ का आयोजन किया जाएगा।

दिल्ली से गाड़ियां चुराकर झारखंड में खपाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो थार और चार बाइक बरामद

रांची। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से महंगी गाड़ियां चुराकर झारखंड में खपाने वाले गिरोह के रांची स्थित ठिकाने पर छापेमारी की है। इस दौरान दो थार एसयूवी और चार मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से गुरुवार को कांके थाना क्षेत्र की सुहाना सिटी में एक आवास पर तलाशी ली। बताया गया है कि यह ठिकाना वाहन चोरी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध का है। हालांकि, छापेमारी के दौरान आरोपी मौके पर नहीं मिला। पुलिस की जांच दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में महंगी गाड़ियों की चोरी की घटनाओं से शुरू हुई थी। इन मामलों की पड़ताल के दौरान मिले सुराग के आधार पर जांचकर्ताओं को रांची में चोरी के वाहनों की मौजूदगी की जानकारी मिली। छापेमारी में बरामद की गई दो थार एसयूवी पर दिल्ली के नंबर दर्ज हैं। इसके अलावा चार मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस सभी वाहनों के नंबर प्लेट और दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि उनके वास्तविक मालिकों और चोरी से जुड़े मामलों का पता लगाया जा सके। जांच एजेंसी को संदेह है कि दिल्ली और आसपास के इलाकों से चोरी किए गए वाहनों को रांची लाकर उनकी पहचान बदलने या फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने की कोशिश की जाती थी। हालांकि, बरामद वाहनों के संबंध में विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वे किन स्थानों से चोरी किए गए थे और इस नेटवर्क में उनकी क्या भूमिका थी। छापेमारी के दौरान संदिग्ध के नहीं मिलने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। जांचकर्ताओं का ध्यान अब इस बात का पता लगाने पर है कि वाहन चोरी के इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा चोरी के वाहनों को दूसरे राज्यों में पहुंचाने और बेचने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था।

वायरल वीडियो में अपमानजनक व्यवहार पर बवाल, त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम की दिल्ली में एफआईआर की मांग

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस वीडियो में त्रिपुरा के एक व्यक्ति के साथ उत्पीड़न, नस्लीय टिप्पणी और अपमानजनक व्यवहार दिख रहा है। इस मामले में त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और एफआईआर दर्ज कर तत्काल जांच की मांग की है। यह मामला तब सामने आया, जब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया। वहीं, त्रिपुरा पुलिस भी इस मामले में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज कर रही है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली ने अपनी शिकायत में पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। फोरम ने एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर पर त्रिपुरा के व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है, “त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली की ओर से हम इंस्टाग्राम पर प्रसारित हो रहे एक परेशान करने वाले वीडियो में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए यह औपचारिक शिकायत दर्ज करा रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर त्रिपुरा के एक व्यक्ति को एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर द्वारा उत्पीड़न और अपमानजनक व्यवहार का शिकार बनाया जा रहा है।” फोरम ने कहा कि अगर जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह व्यक्ति की गरिमा और सुरक्षा के साथ-साथ नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के नस्लीय भेदभाव और उत्पीड़न से बचाव को लेकर गंभीर चिंता का विषय है। फोरम ने आरोप लगाया है कि वीडियो में ‘चिंकी’ और ‘चाइनीज’ जैसे नस्लीय अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। शिकायत में कहा गया, “जब ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को उसकी जातीय या क्षेत्रीय पहचान के आधार पर नीचा दिखाने या अपमानित करने के लिए किया जाता है, तो यह गरिमा और समान व्यवहार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।” फोरम ने वीडियो में त्रिपुरा राज्य के लिए अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह न केवल संबंधित व्यक्ति का, बल्कि पूरे राज्य के लोगों का अपमान है। ऐसी भाषा से त्रिपुरा समुदाय के लोगों में गुस्सा है। इसे राज्य की गरिमा और प्रतिष्ठा पर हमला माना जा रहा है। फोरम का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री का प्रसार राज्य और उसके लोगों के प्रति मजाक और अवमानना को सामान्य बना सकता है, खासकर जब इसके साथ उत्पीड़न और अपमान की घटनाएं जुड़ी हों। फोरम ने पुलिस से कई मांगें की हैं। उन्होंने सामग्री की जांच के बाद लागू कानूनी प्रावधानों को तय करने, पीड़ित व्यक्ति का बयान दर्ज करने और पूरी जांच करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है। इसके अलावा फोरम ने इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने वाले व्यक्ति की पहचान करने, पीड़ित से सुरक्षित और गोपनीय तरीके से संपर्क कर उसका बयान दर्ज करने और उसे आगे की धमकी या उत्पीड़न से बचाने की मांग की है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक सबूत जैसे मूल रिकॉर्डिंग, मेटाडेटा और अपलोड हिस्ट्री को सुरक्षित रखने की भी मांग की है।

मध्य प्रदेश: मूर्ति विसर्जन जुलूस पर हाईटेंशन लाइन गिरने से दो की मौत, 10 से ज्यादा घायल

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर के मझौली थाना क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई और 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह हादसा मंगलवार देर रात मझौली थाना क्षेत्र में हुआ। एक समूह मूर्ति विसर्जन के लिए सिविल लाइंस पथ से नरिली तालाब की ओर जा रहा था। इस जुलूस में 50 से अधिक लोग शामिल थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रास्ते से हटाने के लिए 440 वोल्ट के नीचे लटक रहे एक तार को ऊपर उठाया गया, जो ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। इसके बाद तार टूटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिर गया, जिससे वहां मौजूद लोग करंट की चपेट में आ गए। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान 22 वर्षीय विकास राजपूत और 23 वर्षीय प्रिंस चौहान के रूप में हुई है। वे ट्रैक्टर पर बैठे थे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल होने वालों में मयंक राजपूत, विक्की रायकवार, मनीष राजपूत और आयुष रायकवार शामिल हैं। उन्हें पहले मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया लेकिन हालत गंभीर होने के चलते जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना मिलने पर मझौली थाना प्रभारी पूर्वा चौरसिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। घायलों को 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से जबलपुर भेजा गया। पुलिस घटना से जुड़े हालात की जांच कर रही है। इस बीच, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घायलों को मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बाद उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में वहां कोई मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था और डॉक्टर लगभग 30 मिनट बाद पहुंचे। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जुलूस से पहले पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजन समिति के सदस्यों के बीच हुई एक बैठक में नीचे लटक रही बिजली लाइनों का मुद्दा उठाया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, बिजली विभाग से तारों को ठीक से सुरक्षित करने के लिए कहा गया था लेकिन समय रहते कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। पुलिस जांच के बारे में और जानकारी तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई का अभी इंतजार है।

इंस्टाग्राम पर सोनिया गांधी का डेब्यू, अपनी किताब ‘बिलॉन्गिंग’ की दिखाई झलक

नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर डेब्यू किया और अपनी आने वाली किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ का पहला लुक शेयर किया। यह किताब 10 नवंबर को जारी होने वाली है। सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, “हेलो एवरीवन, मैं आप सभी के साथ यह पल साझा करते हुए वास्तव में आभारी हूं, ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की पहली झलक। यह प्यार, कर्तव्य, नुकसान और अपनेपन की जगह खोजने की कहानी है। मैं इसे आप सभी के साथ साझा करने के लिए उत्सुक हूं।” सोनिया गांधी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में दिख रहा है कि जब प्रकाशक किताब की हार्डबाउंड कॉपियां लेकर पहुंचे, तो सोनिया गांधी ने कहा, “आप बहुत भारी वजन उठा रही हैं।” इसके बाद उन्हें किताब की पहली कॉपी और मिठाई का डिब्बा दिया गया। वीडियो में सोनिया गांधी मुस्कुराते हुए किताब के साथ पोज देती नजर आईं जबकि आसपास मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उन्हें बधाई दी। किताब को पलटते हुए और सोनिया गांधी ने कहा, “बहुत सारी तस्वीरें हैं, प्रियंका।” इसके बाद उन्होंने किताब अपनी बेटी को दिखाई। एक अन्य फ्रेम में प्रियंका गांधी अपनी मां को मिठाई खिलाती हुई नजर आईं और दोनों गले मिलते हुए दिखाई दीं। खास बात यह है कि सोनिया गांधी ने इस पोस्ट में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और प्रकाशक हार्पर कॉलिन्स इंडिया के साथ कोलैब किया है। इस खबर को लिखे जाने तक वीडियो की रीच 10 लाख से अधिक तक पहुंच गई है। ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ सोनिया गांधी की निजी जिंदगी पर आधारित है, जिसमें उन्होंने प्यार, कर्तव्य, नुकसान और अपनेपन की तलाश की कहानी को साझा किया है। यह पहली बार है जब सोनिया गांधी ने अपनी जिंदगी के इतने निजी पहलुओं को किताब के जरिए लोगों के सामने रखने का फैसला किया है। इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाते ही सोनिया गांधी चर्चा में आ गई हैं। उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। कांग्रेस समर्थकों और आम लोगों में उनकी किताब को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

विदेश मंत्री जयशंकर की पीएम डोनाल्ड टस्क से मुलाकात, भारत-पोलैंड सहयोग पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। भारत पहुंचे पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से मुलाकात कर खुशी हुई। टस्क ने भारत और पोलैंड के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग को अधिक मजबूत करने को लेकर अपने विचार साझा किए।” गुरुवार को ही दिन में प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क के बीच द्विपक्षीय वार्ता होनी है। इस बैठक में दोनों देश कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बात करेंगे। चर्चा का मुख्य फोकस रक्षा निर्माण, व्यापार, नई तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर रहेगा। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध, भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) संबंध और क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। डोनाल्ड टस्क बुधवार शाम नई दिल्ली पहुंचे। उनका यह तीन दिन का आधिकारिक भारत दौरा रक्षा, व्यापार और रणनीतिक क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से हो रहा है। हवाई अड्डे पर उनके आगमन पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह उच्च स्तरीय दौरा भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को नई गति देगा और दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को मजबूत बनाएगा। टस्क के साथ पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और एक उच्च स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। नई दिल्ली में शीर्ष स्तर की बैठकों के अलावा पोलैंड का प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली और बेंगलुरु में होने वाले व्यापारिक कार्यक्रमों में भी भाग लेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पोलैंड के प्रधानमंत्री के रूप में यह टस्क की भारत की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वह वर्ष 2010 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत आए थे। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात 2024 में हुई थी, जब प्रधानमंत्री मोदी ने वारसॉ का ऐतिहासिक दौरा किया था। उसी दौरान भारत और पोलैंड के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। दिल्ली में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद टस्क बेंगलुरु जाएंगे। वहां वह सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों सहित विभिन्न कारोबारी हितधारकों से मुलाकात करेंगे। भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम का आयोजन 22 अक्टूबर को नई दिल्ली और 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में किया जाएगा।

अखिलेश यादव को आजम खान की नहीं, मुस्लिम वोटों की चिंता : नरेंद्र कश्यप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात पर सियासत गर्मा गई है। यूपी सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इसे मुस्लिम समुदाय को साधने वाली मुलाकात बताते हुए कहा कि सपा को आजम खान की नहीं बल्कि मुस्लिम वोटों की चिंता है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि सपा नेता आजम खान जेल में हैं और उनको मुश्किलों का सामना कर पड़ रहा है। अखिलेश यादव को मुस्लिम फैक्टर की चिंता है लेकिन उन्हें आजम खान की भी तो चिंता होनी चाहिए थी, जो उन्हें नहीं है? अखिलेश यादव इतने स्वार्थी हो गए हैं कि समाजवादी पार्टी के बारे में सोचने के बजाय, अगर वे आजम खान की मुश्किलों के बारे में सोचते तो बेहतर होता। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश की जनता अब इस तरह की अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति को पसंद नहीं करती है। यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद के आरक्षण वाले बयान पर मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि हम पिछले 40 सालों से कश्यप और निषाद समुदायों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बातचीत चल रही है। सरकार सही समय आने पर इस पर फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि संजय निषाद की चिंता निषाद और कश्यप समुदायों के आरक्षण को लेकर नहीं है। उनकी चिंता इसलिए बढ़ गई है क्योंकि निषाद समुदाय के लोगों के बीच उनको लेकर नाराजगी बढ़ रही है। इसी नाराजगी की वजह से संत कबीरनगर में लोकसभा चुनाव के दौरान उनके बेटे को हार का सामना करना पड़ा। संजय निषाद एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं, उनको अपने मुद्दे पर बात करने का अधिकार है। मेरा मानना है कि उनको अपने मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी कैबिनेट के सामने रखना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लखनऊ दौरे पर मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी राज्य की सभी सीटें जीतने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उत्तर प्रदेश दौरा लगभग निश्चित माना जा रहा है। भाजपा एक बार फिर उत्तर प्रदेश में क्लीन स्वीप करने के लिए तैयार है। बता दें कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 30 अक्टूबर को अपने दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ आएंगे। इस दौरान वह विधानसभा चुनाव की संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा करेंगे और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा भी लेंगे। इस बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, यूपी के सभी केंद्रीय मंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य मौजूद रहेंगे। यूपी में पुलिसकर्मियों के भत्तों में बढ़ोतरी पर नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सीएम योगी धन्यवाद और बधाई के पात्र हैं, उन्होंने पुलिसकर्मियों की सुविधाओं को बढ़ाने का फैसला किया है। यूपी पुलिस ने साढ़े नौ साल में अपराध और कानून व्यवस्था को बेहतर करने का काम किया है और वे बधाई के पात्र हैं। उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव में भाजपा सभी सीटों पर चुनाव जीतने वाली है। अखिलेश यादव को लगता है कि भाजपा पैसे के दम पर चुनाव जीतने वाली है तो उनकी सोच गलत है।

बिहार: हाजीपुर में घर लौट रहे नाबालिग को बंधक बनाकर तीन लोगों ने किया अप्राकृतिक यौनाचार, दो गिरफ्तार

वैशाली। बिहार के हाजीपुर में घर लौट रहे नाबालिग के साथ कथित अप्राकृतिक यौनाचार और लूटपाट का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर टेंपो जब्त किया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित दिघी स्थित बाइक एजेंसी से घर जाने के लिए टेंपो पर सवार हुआ था। आरोप है कि एकारा पुल के पास विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जबरन दूसरी ओर ले जाने की कोशिश हुई। किसी तरह भागने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजनों ने उसे सदर अस्पताल पहुंचाया। एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि एक आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसमें शिकायतकर्ता ने तीन लोगों पर बेटे से मारपीट का आरोप लगाया है। इस शिकायत के आधार पर एक मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की गई। उन्होंने बताया कि शिकायत में जिस तरह मारपीट का मामला आया था, जांच के दौरान पता चला कि नाबालिग के साथ कथित तौर पर अप्राकृतिक यौनाचार भी किया गया है। अधिकारी ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की गई और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के क्रम में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया है। दोनों आरोपी ऑटो-रिक्शा चलाते हैं। 15 अक्टूबर को नाबालिग रास्ते में ऑटो का इंतजार कर रहा था। तभी आरोपी वहां ऑटो लेकर पहुंचे थे। वे पहले से एक दूसरे को नहीं जानते थे। एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि आरोपियों ने अपने ऑटो में नाबालिग को एक सवारी के रूप में बैठाया था और कथित तौर पर बंधक बनाकर एक सुनसान जगह ले गए। इसके बाद एकारा पुल के पास आरोपियों ने अप्राकृतिक यौनाचार की घटना को अंजाम दिया।