भारत न फ्रांस है, न अल्बानिया, यहां लोकतंत्र और शासन मजबूत : संतोष पांडे

कवर्धा। राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से सांसद संतोष पांडे ने कांग्रेस पर बैठक का बहिष्कार और अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब बैठक बुलाई जाए तो उसमें शामिल होना चाहिए। वहीं फ्रांस और अल्बानिया में हुए दंगे पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि भारत न अल्बानिया है, न फ्रांस, न श्रीलंका और न ही बांग्लादेश, यहां लोकतंत्र बेहद मजबूत है और देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं, इसलिए यहां दंगे का सपना देखने वाले विदेशी फंडेड तत्व अपना भ्रम छोड़ दें। सांसद संतोष पांडे ने कहा, “जब भी बैठक बुलाई जाती है तो कभी बहिष्कार करते हैं, कभी अनुपस्थित रहते हैं, बैठक की उपेक्षा और अवहेलना करते हैं। वास्तव में जब बैठक हो तो उसमें आना चाहिए। इंडियन नेशनल कांग्रेस लंबे समय से कई बैठकों की अवहेलना करती आई है, इसलिए जब बैठक बुलाई जाए तब उसमें भाग लेना चाहिए।” फ्रांस और अल्बानिया में हुए दंगे पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि भारत अल्बानिया नहीं है, फ्रांस नहीं है, श्रीलंका का कोलंबो नहीं है, नेपाल का काठमांडू नहीं है और न ही यह बांग्लादेश है। यहां लोकतंत्र बहुत मजबूत है और भारत का नेतृत्व नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। यहां की सुरक्षा व्यवस्था और गुड गवर्नेंस पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। जो लोग ऐसे सपने देख रहे हैं, उन्हें यह भ्रम छोड़ देना चाहिए। देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और भारत निरंतर विकास कर रहा है। कुछ असंतुष्ट विदेशी तत्व, जिन्हें फंडिंग प्राप्त होती है, ऐसे सपने देख रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भूल जाना चाहिए। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू होने को लेकर उन्होंने कहा कि शून्य प्रतिशत ड्यूटी से दोनों देशों के बीच व्यापार में काफी वृद्धि होगी और दोनों देशों का विकास होगा। यह दोनों देशों के हित में है। विजयादशमी के अवसर पर सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि भगवान राम सदाचार की अत्याचार और दुराचार पर विजय के प्रतीक हैं। भगवान राम ने मर्यादा की स्थापना की। रावण का वध करके उन्होंने यही संदेश दिया कि चरित्र सबसे बड़ा होता है। रावण कितना भी बलवान, धनवान और विद्या में निपुण क्यों न हो, यदि चरित्र न हो तो सब व्यर्थ है। आज मैं अपने सभी क्षेत्रवासियों को विजयादशमी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग से दहशत में फिल्म इंडस्ट्री, रेणुका शहाणे बोलीं- सख्त कार्रवाई जरूरी

मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक जगत से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अभिनेत्री रेणुका शहाणे, कांग्रेस नेता राज बब्बर, शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अंबादास दानवे और अभिनेता महेश ठाकुर ने घटना पर चिंता जताई। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और अपराध पर सख्ती से कार्रवाई करने की जरूरत पर जोर दिया। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना को लेकर अभिनेत्री रेणुका शहाणे ने कहा कि यह बेहद डराने वाली घटना है। उन्होंने राहत जताई कि टाइगर इस घटना से पूरी तरह सुरक्षित बच गए। शहाणे ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कई वर्षों से इस तरह की घटना देखने को नहीं मिली थी, लेकिन अब ऐसी स्थिति सामने आना चिंताजनक है। इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, अन्यथा लोगों में घर से बाहर निकलने को लेकर डर बढ़ सकता है और उन्हें सुरक्षा के साथ ही बाहर जाना पड़ेगा। इस तरह के भय के माहौल को खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। हरियाणा के करनाल में कांग्रेस नेता राज बब्बर ने भी टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, इसलिए इस समय ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। बब्बर ने राहत जताते हुए कहा कि भगवान की कृपा से टाइगर सुरक्षित बच गए। उन्होंने जांच पूरी होने से पहले मामले पर किसी तरह का निष्कर्ष निकालने से परहेज किया। शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अंबादास दानवे ने घटना को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हथियारों का इस्तेमाल होना गंभीर चिंता का विषय है और इस मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए। दानवे ने कहा कि यदि मामले में बिश्नोई गैंग का नाम सामने आ रहा है, तो यह जांचना जरूरी है कि इस तरह की देसी पिस्तौलें कहां से आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी गिरोह के पास अत्याधुनिक हथियार होने की बात कही जाती है, तो इस घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों के स्रोत की भी पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में अपराध पर सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ गया है। अभिनेता महेश ठाकुर ने भी फायरिंग की घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगती है, तो गृह मंत्रालय और पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए। किसी एक व्यक्ति को जेड श्रेणी की सुरक्षा दे देने से बाकी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती। यदि एक व्यक्ति सुरक्षित हो जाता है, लेकिन मुंबई के दूसरे नागरिक असुरक्षित महसूस करते हैं, तो समस्या का समाधान नहीं होता। उन्होंने कहा कि मुंबई ही नहीं, बल्कि देश के सभी राज्यों में अपराध की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक कार्रवाई जरूरी है।
हर्ष संघवी ने जापानी टेक्सटाइल कंपनियों को गुजरात के पीएम मित्रा पार्क में निवेश का दिया न्योता

टोक्यो। गुजरात सरकार ने जापानी टेक्सटाइल कंपनियों को नवसारी जिले में विकसित किए जा रहे पीएम मित्रा पार्क में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने का आमंत्रण दिया है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मंगलवार को टोक्यो में आयोजित एक राउंडटेबल बैठक में 35 से अधिक जापानी कंपनियों के समक्ष गुजरात की एकीकृत टेक्सटाइल वैल्यू चेन, बंदरगाह संपर्क और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को पेश किया। यह राउंडटेबल बैठक जापान दौरे पर गए गुजरात सरकार के प्रतिनिधिमंडल की बैठकों की शृंखला का हिस्सा थी। इस दौरान हर्ष संघवी ने सात जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की और शिजुओका प्रांत के गवर्नर से भी मुलाकात की। गुजरात को प्रमुख टेक्सटाइल विनिर्माण केंद्र के रूप में प्रस्तुत करते हुए हर्ष संघवी ने कपास और धागे से लेकर सूरत के सिंथेटिक टेक्सटाइल उद्योग तक राज्य की क्षमताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने जापानी कंपनियों को नवसारी स्थित पीएम मित्रा पार्क में निवेश और उत्पादन की संभावनाएं तलाशने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘5एफ’ विजन- ‘फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन’ के तहत विकसित किए जा रहे इस एकीकृत टेक्सटाइल पार्क में प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, बंदरगाहों से बेहतर संपर्क और नीतिगत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। दरअसल खेत से विदेशी बाजार तक भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों की पूरी यात्रा को जोड़ने वाला मॉडल ही पीएम मोदी का 5एफ विजन है। बैठक में शामिल जापानी कंपनियों ने गुजरात में निवेश की संभावनाओं में रुचि दिखाई, हालांकि राज्य सरकार के बयान में किसी निवेश प्रतिबद्धता की घोषणा नहीं की गई। इससे पहले दिन में हर्ष संघवी ने निप्पॉन स्टील कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एजी हाशिमोटो और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान गुजरात में प्रिसीजन स्टील मैन्युफैक्चरिंग में संभावित निवेश को लेकर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने जापान की प्रमुख ट्रेडिंग और निवेश कंपनी इटोचू कॉर्पोरेशन के नेतृत्व से भी मुलाकात कर व्यापार और ग्रीन इनोवेशन के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। वर्ष 1858 से जुड़ी विरासत और वैश्विक टेक्सटाइल कारोबार वाली यह कंपनी इस दौरे की प्रमुख सहभागी कंपनियों में शामिल रही। इसके अलावा फुजीफिल्म कॉर्पोरेशन, कानेका कॉर्पोरेशन, अल्ट्राफैब्रिक्स होल्डिंग्स, याजाकी इंडिया और ग्रीन कार्बन जैसी कंपनियों के साथ भी बैठकें हुईं। इन बैठकों में गुजरात में विस्तार और कारोबारी अवसरों पर चर्चा की गई। बाद में हर्ष संघवी शिंकानसेन ट्रेन से शिजुओका प्रांत पहुंचे, जहां उन्होंने गवर्नर यात्सुमोतो सुजुकी से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच उद्योग, निवेश और जन-से-जन संपर्क को मजबूत करने पर चर्चा हुई। शिजुओका, सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन का भी प्रमुख केंद्र है, जो गुजरात का महत्वपूर्ण औद्योगिक साझेदार माना जाता है। संघवी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात, भारत में जापान का सबसे भरोसेमंद साझेदार बन चुका है। जापान की तकनीकी सटीकता और गुजरात का व्यापक औद्योगिक आधार मिलकर वैश्विक बाजार के लिए विश्वस्तरीय टेक्सटाइल उत्पाद तैयार कर सकते हैं। पीएम मित्रा पार्क जापानी उद्योगों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है और यहां बनने वाली हर साझेदारी गुजरात के युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर लेकर आएगी।” गुजरात सरकार का यह दौरा टेक्सटाइल, स्टील, रसायन, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट और हरित उद्योगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में जापानी निवेश आकर्षित करने के प्रयासों का हिस्सा है। राज्य सरकार ने नवसारी के पीएम मित्रा पार्क को जापानी निर्माताओं के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच वाले एकीकृत उत्पादन केंद्र के रूप में पेश किया है।
‘2019 में भाजपा के नाम पर वोट लेकर जनादेश से किया धोखा’, दशहरा रैली में एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर बड़ा हमला

मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के प्रमुख नेता एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला करते हुए मंगलवार को दशहरा रैली के दौरान अपने आलोचकों को जवाब दिया। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर 2019 में जनता के जनादेश के साथ धोखा करने और ‘पिछले दरवाजे’ से मुख्यमंत्री का पद हासिल करने का आरोप लगाया। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने 2019 में चुनाव के बाद गठबंधन में हुए बदलाव को लेकर ठाकरे की राजनीतिक वैधता पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 2019 में हुआ राजनीतिक बदलाव ‘मतदाताओं के साथ एक खुला धोखा’ था। आप (उद्धव ठाकरे) ‘पिछले दरवाजे’ से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने। 2019 में वोटों की सबसे बड़ी चोरी हुई, जब आपने भाजपा के नाम पर चुनाव लड़ा और बाद में महाविकास अघाड़ी के साथ मिलकर सरकार बना ली। यह मतदाताओं के साथ एक बहुत बड़ा धोखा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक हाल ही में निकाले गए मार्च को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। शिंदे ने अपने खिलाफ हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए कृषि समुदाय के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र इस समय सूखे जैसी स्थिति और संकट से जूझ रहा है। आज शिवसेना के 60 साल पूरे हो रहे हैं और हम अपनी परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं। किसान संकट में हैं और महाराष्ट्र पर सूखे का साया है। यह समय किसानों की मदद के लिए आगे आने का है, न कि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने खुद को एक किसान का बेटा बताते हुए कहा, “मैं सिर्फ भाषण देने वालों में से नहीं हूं। हम लोगों तक राशन पहुंचाने वाले हैं। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब मैंने किसानों को राहत पहुंचाने के लिए नौकरशाही के नियमों को दरकिनार कर दिया था। किसानों के बच्चों की शिक्षा और उनकी शादियों की जिम्मेदारी उठाना शिवसेना का काम है।” 5,000 रुपए के तत्काल वित्तीय पैकेज पर विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए, उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीण सहायता के लिए किए गए आवंटन और योजना का बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि तत्काल और आपातकालीन सहायता के रूप में दी गई थी। राज्य सरकार ने किसानों के कर्ज पूरी तरह माफ करने के लिए 32,000 करोड़ रुपए की एक बड़ी योजना की घोषणा की है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर तंज कसते हुए पूछा, “क्या आपने कभी किसानों को बिस्कुट का एक पैकेट भी बांटा है? उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं, और आप बस विरोध-प्रदर्शन करने में लगे रहते हैं।” उन्होंने कहा कि वे रोज-रोज की बयानबाजी में उलझने के बजाय, अपने विकास कार्यों और जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों के जरिए राजनीतिक विरोधियों को जवाब देंगे।
तिरुवनंतपुरम में शुरू हुआ भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2026’

नई दिल्ली। भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ऑस्ट्राहिंद 2026 का 5वां संस्करण केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में शुरू हुआ। यह अभ्यास 19 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें भारतीय सेना और ऑस्ट्रेलियाई सेना के लगभग 120-120 जवान भाग लेंगे। चौथा संस्करण 13 से 26 अक्टूबर 2025 तक ऑस्ट्रेलिया के पर्थ स्थित इरविन बैरक में आयोजित किया गया था। भारतीय सेना की टुकड़ी में गढ़वाल राइफल्स के जवान और अन्य सैन्य बलों के जवान शामिल हैं, जबकि ऑस्ट्रेलियाई सेना की टुकड़ी में 13 ब्रिगेड के जवान शामिल हैं। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र जनादेश के अध्याय पांच के अंतर्गत ‘द्वीप और तटीय वातावरण में संयुक्त उप-पारंपरिक अभियान’ विषय पर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता, संयुक्त कौशल और परिचालन समन्वय को बढ़ाना है, साथ ही द्वीप और तटीय क्षेत्रों में अभियानों के लिए रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं की एक समान समझ विकसित करना है। अभ्यास के दौरान, दोनों सेनाओं के सैनिक वास्तविक परिचालन स्थितियों में संयुक्त योजना, सामरिक अभ्यास और युद्ध-उन्मुख प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, जिसमें हवाई और समुद्री आयाम शामिल हैं। प्रशिक्षण में तटीय और द्वीपीय वातावरण में समन्वित अभियानों, निगरानी और टोही, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और मानवीय सहायता और आपदा राहत आपात स्थितियों के प्रति प्रतिक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, साथ ही पेशेवर अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान भी किया जाएगा। पहली बार, न्यूजीलैंड से एक पर्यवेक्षक प्रतिनिधिमंडल भी इस अभ्यास में भाग लेगा। अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद 2026’ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सैन्य सहयोग, अंतर-संचालनीयता और आपसी विश्वास को और मजबूत करेगा। यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेगा।
रावण के साथ जला कॉकरोच का पुतला, कपिल मिश्रा बोले- दीमकों को हो रहा दर्द

नई दिल्ली। दशहरे के अवसर पर दिल्ली में रावण के पुतले के साथ कॉकरोच का पुतला जलाने को लेकर मंत्री कपिल मिश्रा ने बयान दिया। वहीं, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं का संदेश दिया। दिल्ली में दशहरा समारोह के दौरान रावण के पुतले के साथ कॉकरोच का पुतला जलाए जाने पर मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि कॉकरोच का पुतला जलाया गया, लेकिन दर्द दीमकों को हो रहा है। उन्होंने इस पुतले को अराजकता, नक्सलवाद, जिहादियों और भ्रष्ट लोगों के गठबंधन का प्रतीक बताया। मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग लोकतंत्र, जनादेश और संविधान के खिलाफ साजिश रचने की सोच रखते हैं। ऐसे लोग भारत में फ्रांस जैसी स्थिति पैदा करने, सड़कों पर दुकानें बंद कराने और आगजनी जैसी घटनाओं के जरिए माहौल बनाने का सपना देखते हैं। देश में ऐसे सपने देखने वाले कई लोग आए और चले गए, लेकिन जनता बार-बार ऐसी साजिशों को नाकाम करती रही है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। पाठक ने कहा कि सनातन संस्कृति में सदियों से इस परंपरा का पालन किया जाता रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सनातन संस्कृति के खिलाफ बोलने वाले और केवल दिखावा करने वाले लोगों को पहचानें। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों का अनुसरण करने और उत्तर प्रदेश को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने रामलीला के आयोजन में परिवारों के साथ शामिल हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यहां केवल भगवान श्रीराम के भक्त या सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले लोग ही नहीं, बल्कि भारत को सर्वोपरि मानने वाले लोग भी मौजूद हैं। भारतीय मूल्य और देश की संस्कृति सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने रामलीला में शामिल लोगों की उपस्थिति को भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रार्थना की कि सभी परिवार खुशहाल, स्वस्थ और समृद्ध रहें। ईरानी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मूल्य लोगों को जीवन में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
वर्ष में एक बार दशहरे के दिन खुलता है दशानन मंदिर, पारंपरिक रीति-रिवाज से की जाती है पूजा

कानपुर। विजयादशमी के पावन पर्व पर देशभर में रावण दहन किया जाता है। लेकिन कानपुर में एक ऐसा मंदिर है, जहां अलग ही परंपरा का पालन किया जाता है। यहां लोग रावण का पुतला दहन करने के बजाय पूजा करते हैं। कानपुर के शिवाला इलाके में कैलाश मंदिर परिसर के भीतर स्थित ‘दशानन मंदिर’ अपनी एक अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है। यहां वर्ष में केवल एक बार मंदिर के दरवाजे विजयादशमी के दिन ही खोले जाते हैं। बाकी 364 दिन यह मंदिर बंद रहता है। आईएएनएस से बातचीत में मंदिर के पुजारी पंडित राम बाजपेयी ने बताया, “इस मंदिर का निर्माण 1868 में महाराज गुरु प्रसाद शुक्ला ने करवाया था। दशहरा के दिन सुबह मंदिर के दरवाजे खोले जाते हैं, जिसके बाद रावण की प्रतिमा को दूध और पवित्र जल से स्नान कराया जाता है। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना और आरती की जाती है।” मंदिर की यह अनूठी परंपरा इस मान्यता पर आधारित है कि रावण को केवल बुराई के प्रतीक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उसे एक अत्यंत विद्वान, बुद्धिमान शासक और भगवान शिव के परम भक्त के रूप में भी देखा जाना चाहिए। विजयादशमी के दिन श्रद्धालु यहां आशीर्वाद लेने आते हैं और प्रार्थना करने के साथ-साथ फूल और तेल के दीपक अर्पित करते हैं। साल में एक बार खुलने वाले इस मंदिर में वे लोग आते हैं जो रावण के विद्वतापूर्ण गुणों और भगवान शिव के प्रति उसकी भक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करना चाहते हैं। दशहरा के दौरान ‘दशानन मंदिर’ एक अलग ही पहचान रखता है। यह उस त्योहार को एक नया दृष्टिकोण देता है, जिसे आमतौर पर बुराई पर अच्छाई की जीत और रावण के पुतले जलाने से जोड़कर देखा जाता है। कानपुर के इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विजयादशमी का दिन रावण के ज्ञान, बुद्धिमत्ता और धार्मिक निष्ठा का सम्मान करने का अवसर होता है। इस तरह, रावण के इन सम्मानित पहलुओं पर केंद्रित एक अनोखी स्थानीय परंपरा जीवित बनी हुई है। बता दें कि मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में ‘रावण’ नाम का एक छोटा सा गांव है, जहां दशहरा का त्योहार बिल्कुल अलग तरीके से मनाया जाता है। यहां राक्षस राज रावण को मुख्य देवता के रूप में पूजा जाता है, जिन्हें प्यार से ‘रावण बाबा’ कहा जाता है। नटेरन तहसील में स्थित ‘रावण’ गांव में एक प्राचीन मंदिर है, जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परमार काल का है। इस मंदिर में रावण की 12 फुट लंबी लेटी हुई प्रतिमा है, जहां रोजाना पूजा-अर्चना और आरती की जाती है। दशहरे पर पुतला जलाने के बजाय, ग्रामीण रामायण पाठ, भक्ति-गीत और एक बड़े सामुदायिक भोज का आयोजन करते हैं, जिसमें विदिशा, भोपाल और आसपास के इलाकों से श्रद्धालु शामिल होते हैं।
‘सिर्फ रावण नहीं, अपने अंदर के अहंकार का भी करें अंत’; हेमा मालिनी, करीना कपूर समेत सितारों ने दी दशहरे की बधाई

मुंबई। दशहरे के मौके पर फिल्मी सितारों ने भी अपने फैंस को शुभकामनाएं दीं और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। हेमा मालिनी, अनिल कपूर, करीना कपूर खान, माधुरी दीक्षित और ईशा कोप्पिकर समेत कई सितारों ने सोशल मीडिया पर दशहरे की बधाई दी। किसी ने भगवान राम की रावण पर जीत को याद किया, तो किसी ने लोगों से अपने अंदर छिपे अहंकार और गुस्से को खत्म करने की अपील की। वहीं, अभिनेत्री समीर रेड्डी ने अपने घर में दशहरे के जश्न की झलक दिखाई। अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने दशहरे के मौके पर अपने संदेश में लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत का महत्व समझाया। उन्होंने लिखा, ”सभी को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं। आइए, बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाएं, जैसे हमने भगवान राम की रावण पर जीत या मां दुर्गा की दुष्ट महिषासुर पर जीत का जश्न मनाया। आइए, अपने अहंकार और सभी नकारात्मक विचारों को अपने जीवन से विदा करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने पर ध्यान दें।” वहीं, अभिनेता अनिल कपूर ने भी अपने फैंस को दशहरे की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं।” अभिनेत्री समीरा रेड्डी ने अपने घर में दशहरे के जश्न की प्यारी झलक दिखाई। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने बेटे हंस और बेटी न्यारा की एक तस्वीर साझा की। तस्वीर में हंस जमीन पर बैठकर रंगोली बनाते दिखाई दिए जबकि न्यारा उनकी मदद करती दिखी। दोनों ने रंग-बिरंगे रंगों से जमीन पर ‘हैप्पी दशहरा’ लिखा। इस तस्वीर के साथ समीरा ने लिखा, ”आप सभी को दशहरे की शुभकामनाएं।” अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने भी दशहरे पर लोगों को एक खास संदेश दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, ”रावण के दस सिर तो दिख जाते हैं, पर अपने अंदर छुपे सिर पहचान पाना ही असली चुनौती है। इस बार सिर्फ रावण का नहीं बल्कि अपने ईगो, गुस्से और अहंकार का भी अंत करें।” अभिनेत्री करीना कपूर खान ने भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक तस्वीर साझा कर दशहरे की बधाई दी। उन्होंने लिखा, ”एक याद दिलाने वाली बात कि अच्छाई हमेशा बुराई पर जीत हासिल करेगी। दशहरे की शुभकामनाएं।” वहीं, अभिनेत्री माधुरी दीक्षित ने भी अपने फैंस को त्योहार की शुभकामनाएं दीं। साउथ फिल्मों के स्टार चिरंजीवी ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, ”अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक- विजयादशमी। उस दिव्य मां के आशीर्वाद से हर घर खुशियों और आनंद से भर जाए और आपके हर अच्छे काम में सफलता मिले- मैं दिल से यही कामना करता हूं। आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को दशहरे की शुभकामनाएं।” गौरतलब है कि दशहरा जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, देशभर में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है। यह दिन भगवान राम की रावण पर जीत और मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है।
पीयूष गोयल ने सीबकथॉर्न को बताया ‘लद्दाख का सोना’, कहा- इसमें स्थानीय लोगों को सशक्त बनाने की क्षमता

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को लद्दाख के जीआई टैग के वाले सीबकथॉर्न फल को पोषक तत्वों का खजाना बताया और कहा कि इसमें स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की क्षमता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गोयल ने सीबकथॉर्न को “भारत की प्राकृतिक विरासत का सुनहरा खजाना” बताया, जिसमें विटामिन की असाधारण मात्रा और भरपूर पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने कहा, “लद्दाख का जीआई-टैग वाला सीबकथॉर्न प्रकृति का एक अद्भुत उपहार है।” आगे कहा कि यह स्थानीय लोगों की आजीविका को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इस पोस्ट के साथ, गोयल ने एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें सीबकथॉर्न को दिखाया गया है। इसके रंग की वजह से इसे ‘लद्दाख गोल्ड’ भी कहा जाता है। वीडियो में लद्दाख में सोने की तलाश को दिखाया गया है, जो लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक बेहद खूबसूरत घाटी तक ले जाती है, जहां सीबकथॉर्न उगता है। पोस्ट के अनुसार, सीबकथॉर्न के ये खूबसूरत पौधे 12,000 फीट की ऊंचाई पर पाए जाते हैं। वीडियो के अनुसार, “ये पौधे अकसर गर्म इलाकों में पाए जाते हैं, लेकिन प्रकृति की कुछ खास खूबियों की वजह से यह इलाका एक अलग तरह के ‘सोने’ का घर बन गया है।” इसमें आगे बताया गया, “यह ‘सीबकथॉर्न’ है, जिसे इसके रंग की वजह से ‘लद्दाख गोल्ड’ कहा जाता है। यह सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि एक ‘सुपरफ्रूट’ है जो इस इलाके के बेहद कठिन और अनोखे मौसम में भी जीवित रह सकता है। इससे इसमें कुछ खास एंटीऑक्सीडेंट्स विकसित होते हैं, और इसमें नींबू के मुकाबले दस गुना ज्यादा विटामिन सी होता है। इसी वजह से इसका स्वाद एकदम अलग और खास होता है।” वीडियो के अंत में लद्दाख आने वाले पर्यटकों को इस फल को चखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, सोमवार को मंत्री ने पुणे में बनी जेसीबी मशीनों की न्यूजीलैंड के लिए पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए (मुक्त व्यापार समझौते) की भी तारीफ की और कहा कि इससे हमारे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
अशोक गहलोत ने राजस्थान में पानी और चारे के संकट की दी चेतावनी, सरकार से आपूर्ति की व्यवस्था करने का आग्रह किया

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में पानी और चारे के संभावित संकट को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि तुरंत बचाव के उपाय किए जाएं और अन्य राज्यों से इनकी आपूर्ति जुटाने की व्यवस्था तलाशी जाए। अशोक गहलोत सोमवार को जोधपुर में थे। जयपुर रवाना होने से पहले उन्होंने हवाई अड्डे पर मीडिया से बात की। उन्होंने बांधों में पानी की कम आवक, फसलों के नुकसान और चारे के कम उत्पादन पर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति पशुधन की सुरक्षा और ग्रामीण रोजगार के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि जोधपुर में पानी से जुड़ी समस्याएं पहले ही शुरू हो गई हैं। उन्होंने आगाह किया कि राजस्थान के अन्य हिस्सों में भी हालात बिगड़ सकते हैं, जहां कई इलाकों में सूखे जैसे हालात हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि स्थिति और अधिक बिगड़ने से पहले, पीने के पानी की उपलब्धता और चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की जाए। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने सुझाव दिया कि सरकार को सूखे से प्रभावित तहसीलों और गांवों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने चारे के डिपो बनाने, चारा जुटाने की व्यवस्था करने और पशुधन के लिए राहत शिविर खोलने की मांग की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि चारे की बढ़ती कीमतें पशुपालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सब्सिडी और अन्य राहत उपायों पर विचार करना चाहिए। अग्रिम योजना बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए गहलोत ने कहा कि ग्रामीण समुदायों की परेशानी को और बढ़ने से रोकने के लिए पीने के पानी, चारे और पशुधन की सुरक्षा के लिए समय रहते इंतजाम करना जरूरी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने फसलों के नुकसान का ग्रामीण आजीविका पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जिन गरीब परिवारों के पास अपनी कृषि भूमि नहीं है और जो अपनी आजीविका के लिए दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं, उन्हें कृषि कार्य कम होने की वजह से गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। ‘विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ का जिक्र करते हुए पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने चेतावनी दी कि इस योजना के तहत रोजगार के अवसरों के बंद होने से स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि फसलों के नुकसान और दिहाड़ी रोजगार के कम मौकों के बीच ग्रामीण मजदूर अपनी आजीविका कैसे चलाएंगे। गहलोत ने नगर निगम चुनावों के संचालन और उनमें कथित अनियमितताओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने जोधपुर और जयपुर का उदाहरण देते हुए दावा किया कि स्थानीय निकायों के गठन के नतीजे कांग्रेस को मिले अधिक वोट शेयर को नहीं दर्शाते हैं। उन्होंने ग्रामीण मतदाताओं से अपील की कि वे आगामी पंचायत और जिला परिषद चुनावों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने प्रतिनिधि चुनें। गहलोत ने रितु बराला मामले में एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती कि राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी के अन्य नेताओं को धरने पर बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को धरना देना पड़ा, यह सरकार के कामकाज और पुलिस प्रशासन द्वारा शिकायतों को संभालने के तरीके पर सवाल खड़े करता है।