युद्धविराम की घोषणा के बाद रूस ने ऊर्जा क्षेत्रों पर 76 बार क‍िए हमले, दो ने गंवाई जान: जेलेंस्की

कीव। रूस की आक्रामकता से परेशान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा क‍ि ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम की घोषणा के बाद भी रूस जानबूझकर यूक्रेन के ऊर्जा, तेल-गैस क्षेत्रों और आमजन को न‍िशाना बना रहा है। शन‍िवार रात हुए हमलों में दो लोगों की मौत हो गई, जबक‍ि 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे भी शाम‍िल हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्‍ट पर लिखा, ”अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से एक हफ्ते पहले ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम की घोषणा किए जाने के बाद से, रूस ने जानबूझकर यूक्रेन के ऊर्जा, तेल और गैस क्षेत्रों पर 76 बार हमले किए हैं। बीती रात ही, विन्नित्सिया, जाइटॉमिर, खमेलनित्सकी और ओडेसा क्षेत्रों में सबस्टेशनों को निशाना बनाया गया।” जेलेंस्की ने बताया क‍ि हजारों परिवार अब बिजली के बिना हैं। बिजली कर्मचारियों और मरम्मत दलों की टीमें लगभग चौबीसों घंटे काम करके बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश कर रही हैं। यूक्रेनी राष्‍ट्रपत‍ि ने बताया क‍ि रूस ने हमारे कई क्षेत्रों में रिहायशी इमारतों पर भी हमले किए। अब तक की जानकारी के अनुसार, इन हमलों में 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। दो लोगों की मौत हो गई है। मैं उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। राष्ट्रपति ने बताया क‍ि रव‍िवार सुबह वोलिन क्षेत्र में एक कृषि उद्यम पर भी हमला किया गया। वहां सभी जरूरी सेवाएं काम में जुटी हुई हैं। उन्‍होंने कहा क‍ि पिछले एक सप्ताह में रूस ने यूक्रेन पर कुल मिलाकर लगभग 2,700 हमला करने वाले ड्रोन, 1,700 हवाई बम और 66 मिसाइलें दागी हैं, जिनमें से अधिकांश बैलिस्टिक मिसाइलें थीं। इन हमलों का मुख्य निशाना ऊर्जा ढांचा रहा है। रूस यूक्रेन में बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति ठप करने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेनी राष्‍ट्रपत‍ि ने कहा क‍ि अमेरिका को यह देखना चाहिए कि प्रतिबंधों में राहत या हुए समझौतों के जवाब में रूस की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। इसके उलट, रूस हर ऐसे संकेत को, जिससे उसे आर्थिक फायदा हो सकता है, इस बात के सबूत के रूप में देखता है कि युद्ध जारी रखने की उसकी रणनीति सफल हो रही है। उन्‍होंने कहा क‍ि युद्ध इसलिए नहीं चल रहा क्योंकि यूक्रेन अपने बचाव का अधिकार इस्तेमाल कर रहा है। युद्ध जारी रहने की असली वजह रूस का रवैया है। शांति का मौका तभी बन सकता है जब रूस पर दबाव डाला जाए। जो लोग इस बात को समझते हैं और मदद कर रहे हैं, उनका धन्यवाद।

पाक‍िस्‍तान भूकंप: नाल क्षेत्र में पत्‍थर ग‍िरने से एक व्‍यक्‍त‍ि की मौत, कई घरों को पहुंचा नुकसान

क्वेटा। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार जिले और आसपास के इलाकों में शनिवार को आए शक्‍त‍िशाली भूकंप से हुए नुकसान की खबर रव‍िवार को सामने आई। 5.9 तीव्रता वाले इस भूकंप की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबक‍ि कई पारंपरिक कच्चे मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 10:07 बजे (स्थानीय समयानुसार) भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटके लगते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों में शरण लेने लगे। पाकिस्तान मौसम विभाग (पीएमडी) के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र खुजदार से लगभग 48 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था और इसकी गहराई 25 किलोमीटर दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि नाल क्षेत्र में पहाड़ से एक बड़ा पत्थर गिरने के कारण एक व्यक्ति की जान चली गई। बताया गया कि बेसर इलाके के अनारी क्षेत्र में पास के पहाड़ से चट्टान टूटकर गिरी, जो वाध के निवासी अब्दुल रहीम को लगी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। लगातार महसूस हो रहे इन झटकों ने एक बार फिर यह दिखाया है कि पाकिस्तान भूकंपों के लिहाज से काफी संवेदनशील देश है। पाकिस्तान उस क्षेत्र में स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं, इसलिए यह दुनिया के सबसे अधिक भूकंप-प्रभावित इलाकों में से एक माना जाता है। इससे पहले 27 जून को भी पाकिस्तान में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के मुताबिक, इसकी गहराई 75 किलोमीटर थी। उस समय कई इलाकों में झटके महसूस किए गए थे, लेकिन किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं मिली थी। वहीं, इसी साल अप्रैल में अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके झटके पाकिस्तान के इस्लामाबाद, पेशावर और खैबर पख्तूनख्वा के कई हिस्सों में महसूस किए गए थे। पीएमडी के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र के अनुसार, उस भूकंप की गहराई 199 किलोमीटर थी और उसकी तीव्रता 5.5 दर्ज की गई थी। उस दौरान स्वात, हांगू, उत्तरी वजीरिस्तान और चितराल में भी झटके महसूस किए गए थे, जबकि रावलपिंडी के निवासियों ने भी कंपन महसूस होने की सूचना दी थी। हालांकि उस भूकंप में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसका केंद्र कोह हिंदूकुश क्षेत्र में स्थित था। \

शीर्ष 10 कंपनियों की मार्केट वैल्यू में 3.65 लाख करोड़ रुपए का उछाल; टीसीएस, भारती एयरटेल और इंफोसिस रहीं टॉप गेनर्स

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह आई तेज उछाल के बीच देश की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 9 के संयुक्त बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) में 3.65 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), भारती एयरटेल और इंफोसिस सबसे अधिक लाभ पाने वाली कंपनियों के रूप में उभरीं। दलाल स्ट्रीट पर सकारात्मक माहौल के बीच सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2,256.94 अंक यानी 3.11 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी में 625.7 अंकों यानी 2.77 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। शीर्ष 10 कंपनियों में टीसीएस सबसे बड़ी वेल्थ क्रिएटर रही। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,08,542.63 करोड़ रुपए बढ़कर 8,91,134.96 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इसके बाद भारती एयरटेल का स्थान रहा, जिसकी मार्केट वैल्यू 61,406.53 करोड़ रुपए बढ़कर 11,88,815.45 करोड़ रुपए हो गई। वहीं इंफोसिस ने 55,893.05 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की और उसका बाजार पूंजीकरण 4,71,409.41 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण भी 53,047.56 करोड़ रुपए बढ़कर 16,37,437.19 करोड़ रुपए हो गया और उसने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा। निजी क्षेत्र के बैंकों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। एचडीएफसी बैंक की मार्केट वैल्यू 32,379.05 करोड़ रुपए बढ़कर 11,22,628.07 करोड़ रुपए हो गई, जबकि आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 30,769.95 करोड़ रुपए बढ़कर 10,02,871.44 करोड़ रुपए हो गया। अन्य बढ़त दर्ज करने वाली कंपनियों में बजाज फाइनेंस शामिल रही, जिसकी वैल्यू 14,786.65 करोड़ रुपए बढ़कर 6,11,326.72 करोड़ रुपए हो गई। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के बाजार पूंजीकरण में 4,933.5 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई और यह 5,02,204.82 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मार्केट वैल्यू 3,323.07 करोड़ रुपए बढ़कर 8,87,722.84 करोड़ रुपए हो गई। शीर्ष 10 कंपनियों में केवल लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ऐसी कंपनी रही, जिसके बाजार पूंजीकरण में गिरावट दर्ज की गई, और कंपनी की मार्केट वैल्यू 9,232.26 करोड़ रुपए घटकर 4,99,725.06 करोड़ रुपए रह गई। देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर रही। इसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, एलआईसी, लार्सन एंड टुब्रो और इंफोसिस का स्थान रहा।

दिव्यांश सिंह पंवार: युवा निशानेबाज, विश्व कप में देश के लिए जीत चुके हैं गोल्ड

नई दिल्ली। निशानेबाजी के क्षेत्र में भारतीय निशानेबाज तेजी से विश्व पटल पर अपना नाम स्थापित करते जा रहे हैं। इसमें युवा निशानेबाज दिव्यांश सिंह पंवार का नाम भी प्रमुख है। 24 साल के होने जा रहे दिव्यांश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए पदक जीत चुके हैं। दिव्यांश सिंह पंवार का जन्म 19 अक्टूबर 2002 को जयपुर, राजस्थान में हुआ था। उनके पिता का नाम अशोक पंवार और माता का नाम निर्मला देवी है। दिव्यांश ने 2014 में 12 साल की उम्र में शूटिंग (निशानेबाजी) शुरू की। शुरुआत में जयपुर के जगतपुरा शूटिंग रेंज में अपनी बड़ी बहन अंजलि के साथ उन्हीं के उपकरणों से दिव्यांश ने अभ्यास शुरू किया। 2017 में उनके पिता ने प्रशिक्षण के लिए उन्हें नई दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में दाखिला कराया। वहां दिव्यांश ने दीपक कुमार दुबे से ट्रेनिंग ली। पंवार ने सुहल में 2018 आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में दो गोल्ड मेडल जीते। पंवार, हृदय हजारिका और शाहू तुषार माने की तिकड़ी ने जूनियर पुरुषों की टीम 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में 1875.3 के स्कोर के साथ गोल्ड जीता। यह विश्व जूनियर रिकॉर्ड है। जूनियर मिक्स्ड टीम इवेंट में, पंवार और एलावेनिल वलारिवन ने 498.6 स्कोर करके वर्ल्ड जूनियर रिकॉर्ड तोड़ा और गोल्ड जीता। चांगवोन में 2018 आईएसएसएफ वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में, पंवार और श्रेया अग्रवाल ने 10 मीटर एयर राइफल जूनियर मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। दिव्यांश ने बीजिंग में 2019 आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में सिल्वर मेडल जीता और 2020 समर ओलंपिक्स में भारत के लिए कोटा हासिल किया। टोक्यो ओलंपिक में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में दिव्यांश का 32वां रैंक था। विश्व कप में मिश्रित टीम स्पर्धा में अंजुम मौदगिल के साथ जोड़ी बनाकर दिव्यांश बीजिंग में स्वर्ण, म्यूनिख में स्वर्ण और रियो डी जनेरियो में कांस्य पदक जीत चुके हैं। 2019 विश्व कप फाइनल में, पंवार ने व्यक्तिगत 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण जीता था। भारतीय निशानेबाजी लगातार वैश्विक मंचों पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। भविष्य में दिव्यांश से इस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि की उम्मीद है।

चलो शादी कर लेते हैं’, रश्मिका ने पूरे एक साल तक विजय से की थी जिद, करण जौहर के शो में खुला राज

मुंबई। एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों अपनी शादी और पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। दोनों जल्द ही पॉपुलर चैट शो ‘कॉफी विद करण’ के फिनाले सीजन के दूसरे एपिसोड में साथ नजर आएंगे। शो के हाल ही में रिलीज हुए प्रोमो में कपल ने अपनी शादी से जुड़ा दिलचस्प खुलासा किया। विजय ने बताया कि रश्मिका ने उनसे शादी करने के लिए करीब 100 बार पूछा था। वहीं, रश्मिका ने कहा कि उन्होंने पूरे एक साल तक विजय से शादी की बात की। शो के होस्ट करण जौहर के साथ बातचीत के दौरान दोनों ने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़े कई मजेदार किस्से भी शेयर किए। पॉपुलर चैट शो ‘कॉफी विद करण’ के फाइनल सीजन की शुरुआत सलमान खान के साथ हुई थी। अब दूसरे एपिसोड में विजय और रश्मिका एक साथ काउच पर नजर आएंगे। रश्मिका पहली बार इस शो का हिस्सा बनी हैं, जबकि विजय इससे पहले अपनी फिल्म ‘लाइगर’ की को-स्टार अनन्या पांडे के साथ ‘कॉफी विद करण’ में आ चुके हैं। शो के प्रोमो में करण जौहर ने विजय और रश्मिका से पूछा कि क्या दोनों के बीच शादी के लिए प्रपोजल हुआ था? इस पर रश्मिका ने सिर हिलाकर जवाब दिया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था। इसके बाद विजय ने बताया कि रश्मिका ने ही उनसे शादी की बात शुरू की थी। विजय ने कहा, ”वह मुझसे कहती थी कि चलो शादी कर लेते हैं। मैं कहता था, ठीक है, आप मुझसे 100 बार पूछ चुकी हो।” करण ने जब रश्मिका से पूछा कि क्या उन्होंने सच में विजय से 100 बार शादी के लिए कहा था, तो एक्ट्रेस ने जवाब दिया, ”मैंने उनसे पूरे एक साल तक पूछा था।” इस पर विजय ने सफाई देते हुए कहा, ”मैं कोई बुरा इंसान नहीं हूं।” कपल की यह बातचीत वाला प्रोमो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शो के रैपिड फायर राउंड के दौरान करण जौहर ने रश्मिका से उनके ‘एनिमल’ को-स्टार रणबीर कपूर और ‘पुष्पा’ के को-स्टार अल्लू अर्जुन में से किसी एक को चुनने के लिए कहा। इस सवाल पर रश्मिका ने अल्लू अर्जुन का नाम लिया। वहीं, करण ने विजय से पूछा कि रश्मिका के अलावा उन्हें किस एक्टर के साथ अपनी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री सबसे अच्छी लगती है। विजय के जवाब देने से पहले ही रश्मिका ने बीच में कहा, ‘किसी के साथ नहीं।’ इस पर विजय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि खुशहाल शादी का उनका मंत्र बहुत आसान है- ‘हमेशा अपनी पत्नी की बात मानो।’ बता दें कि विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना लंबे समय तक अपना रिश्ता छिपाए रखा था। दोनों ने 26 फरवरी को उदयपुर के आईटीसी मेमेंटोस में शादी की।

बिलासपुर में अनोखा दुर्गा पंडाल : कॉपी-किताब और पेन से सजावट, विसर्जन के बाद बच्चों में बांटे जाएंगे सामान

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के मसानगंज में दुर्गा पूजा पंडाल को अनोखे अंदाज में सजाया गया है। इस पंडाल को स्टेशनरी आइटम जैसे कॉपी-किताब, पेन, पेंसिल और स्कूल बैग से सजाया गया है। इस पंडाल की खास बात यह है कि मूर्ति विसर्जन के बाद यह सारा सामान बच्चों में बांटा जाएगा ताकि उनकी पढ़ाई में मदद हो सके। समिति के एक कार्यकर्ता ने आईएएनएस से कहा, “हमारी समिति 58 सालों से यहां मूर्ति स्थापना कर रही है। इस साल काफी अनोखा पंडाल बनाया गया है। इसे समिति के सभी सदस्यों द्वारा सजाया गया है। इसमें स्टेशनरी का सारा सामान लगाया गया है।” एक अन्य सदस्य ने कहा, “यह जो स्टेशनरी वर्ल्ड की थीम है, इसमें जितना भी स्टेशनरी का सामान उपयोग हुआ है, उसे विसर्जन के दिन अलग-अलग जगहों के बच्चों को बांट दिया जाएगा।” एक भक्त ने कहा, “हर साल अलग-अलग थीम होती है, इस बार स्टेशनरी वर्ल्ड की थीम है और माता रानी का श्रृंगार भी इस बार स्टेशनरी आइटम से किया गया है। इसे बनाना बहुत कठिन होता है, पर जो कारीगर हैं, उन्होंने बड़ी ही सुंदरता से माता रानी का शृंगार किया है। पूरे पंडाल की भी सजावट स्टेशनरी के सामान से की है। यह हमारे शहर का अनोखा पंडाल है। स्टेशनरी में बच्चों का भविष्य होता है, उसी से जुड़ा हुआ यह माता रानी का आशीर्वाद है।” 58 साल पुरानी इस समिति ने इस बार भक्ति के साथ-साथ शिक्षा को जोड़ने का संदेश दिया है। पंडाल देखने आए लोग इस पहल की काफी सराहना कर रहे हैं। जहां आमतौर पर पंडालों को फूलों और लाइटों से सजाया जाता है, वहीं मसानगंज का यह पंडाल शिक्षा और मदद का संदेश दे रहा है।

रामदास अठावले का उद्धव ठाकरे पर तंज, बोले-“2029 के चुनाव में जनता करेगी फैसला

मुंबई। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के सरकार बदलने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलने का फैसला जनता के हाथ में होता है। देश में सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव है और इसका अंतिम निर्णय मतदाता ही करते हैं। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “अगर उद्धव ठाकरे बदलाव चाहते हैं, तो वे 2029 के आगामी चुनावों में इसकी कोशिश कर सकते हैं। यह सिर्फ उनके हाथ में नहीं है बल्कि जनता के हाथ में है। करोड़ों लोग मतदान करते हैं और अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके सरकार चुनते हैं। यह बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका नहीं है। हमारा देश डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान के अनुसार चलता है।” अठावले ने अपने वक्तव्य के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव है और इसका अंतिम निर्णय मतदाता ही करते हैं। भारत में सरकार का गठन जनता के मतों और संविधान के प्रावधानों के अनुसार होता है। वहीं, कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा प्रशासन और पूजा समिति पर सवाल उठाए जाने पर भी रामदास अठावले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर घटनाओं का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि किसी हादसे के लिए केंद्र में एनडीए सरकार के सत्ता में आने को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। अठावले ने कहा, “मुझे लगता है कि आजकल विपक्ष हर मुद्दे का राजनीतिकरण कर देता है। जहां तक भगदड़ की बात है, यह आरोप लगाना कि पश्चिम बंगाल में यह घटना इसलिए हुई, क्योंकि हमारी एनडीए सरकार सत्ता में आई है, बिल्कुल भी उचित नहीं है।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी दुर्घटना को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से जोड़ने के बजाय उसके वास्तविक कारणों पर ध्यान देना चाहिए। हादसे के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने से पहले तथ्यों को समझना जरूरी है। जिस तरह से पश्चिम बंगाल में टीएमसी के नेता आरोप लगा रहे है वो सही नहीं है, इससे पहले भी हादसे होते थे, उस समय कोई कुछ नहीं बोलता था।

लखनऊ में लगे विवादित पोस्टर पर भड़की सपा, कहा-अखिलेश की लोकप्रियता से घबराई भाजपा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के 1090 चौराहे समेत कई प्रमुख स्थानों पर ‘सनातन रक्षा संगठन’ ने विवादित पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं के साथ माफिया और गैंगस्टर्स की तस्वीरें लगाई गई हैं। पोस्टर में माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, सपा नेता आजम खान, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई लोगों की तस्वीरें हैं। इन सभी को पोस्टर में “सनातन भारत के विरोधी रावण” और “सनातन भारत का दुश्मन” बताया गया है। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई। सपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर इन पोस्टरों को फाड़ दिया। इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे भारतीय जनता पार्टी की साजिश बताया है। अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे भाजपा की घबराहट बढ़ रही है। इसलिए वो ऐसी चीजें करवा रही है। अवधेश प्रसाद ने कहा, “भाजपा अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वसनीयता को लेकर चिंतित है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, उनकी घबराहट बढ़ती जा रही है। इसीलिए पोस्टर, झूठे बयानों और गुमराह करने वाले दावों के जरिए ऐसी हरकतें की जा रही हैं। हालांकि, उनकी ये सारी कोशिशें नाकाम रहेंगी। जनता सब समझती है।” वहीं, लखनऊ में सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सनातन रक्षा संगठन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह संगठन भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। फखरुल हसन ने कहा, “ये संगठन पहले एक राजनीतिक संगठन था, जिस पर ईडी की कार्रवाई हुई थी। ईडी की कार्रवाई के बाद ही भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर नया संगठन बना लिया गया। ये भाजपा के लिए काम करता है। एजेंसियों से बचने के लिए काम करता है।” उन्होंने आगे कहा, “विपक्ष को कैसे बदनाम किया जाए, इसके लिए भारतीय जनता पार्टी के पास इसी तरह के हथियार हैं। यह निचले स्तर की राजनीति है। जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सबक सिखाया था और 2027 में भाजपा को उत्तर प्रदेश से साफ कर देंगे।” सपा नेता डॉ. इंद्रसेन ने भी इस पोस्टर विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी का ये जो कृत्य है, वह बताता है कि उनके अंदर कितनी गंदगी भरी है। वह समाज को कितना गिराना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “भगवान राम ने धन-संपत्ति छोड़कर अपने पिता के सम्मान के लिए वन गमन किया था। वन में उन्होंने भील, केवट समेत सभी जातियों को गले लगाया और उसी के बल पर लंका पर विजय प्राप्त की। भाजपा के लोग भगवान राम के आदर्शों पर नहीं चलते और धर्म का सिर्फ सियासी लाभ लेने की जुगत में रहते हैं।

कोलकाता भगदड़: शुरुआती जांच से अचानक बारिश, भ्रामक घोषणा और भीड़ प्रबंधन में खामियों के संकेत मिले

कोलकाता। उत्तरी कोलकाता के एक सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि अचानक हुई बारिश, एक भ्रामक घोषणा और पंडाल परिसर में मौजूद सुरक्षा एवं प्रबंधन संबंधी गंभीर खामियों के कारण स्थिति बेकाबू हो गई, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “अचानक हुई बारिश से इंतजार कर रहे लोग भीगने से बचने के लिए जल्दी से पंडाल के अंदर जाने की कोशिश करने लगे। पंडाल के अंदर पहले से मौजूद लोग बारिश की वजह बाहर नहीं आ रहे थे। लेकिन इसे पूजा आयोजकों की ओर से कोई बहाना नहीं माना जा सकता। पूजा आयोजकों की ओर से भारी चूक हुई थी, जिसके कारण अफरा-तफरी मच गई।” जब बारिश की वजह से अफरा-तफरी शुरू हुई, तो एक भ्रामक घोषणा की गई जिसमें लोगों से कहा गया कि पंडाल का ढांचा गिरने के डर से वे तुरंत बाहर निकल जाएं। शहर के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस घोषणा से वहां मौजूद लोगों में और ज्यादा घबराहट फैल गई। लोग बाहर निकलने के लिए तेजी से भागने लगे, और कुछ लोग तो बाहर जाने के लिए प्रवेश द्वार (एंट्री गेट) की तरफ दौड़ पड़े। इसी वजह से भगदड़ मच गई और इतनी बड़ी त्रासदी हो गई। वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी बताया कि हालात और स्थानीय निवासियों तथा चश्मदीदों के बयानों से पता चलता है कि शनिवार शाम को पंडाल परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के इंतजाम नाकाफी थे, जिसने इस दुखद घटना में बड़ी भूमिका निभाई। जांच टीम ने यह भी पाया कि घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों और निजी सुरक्षा गार्डों की संख्या जरूरत से बहुत कम थी, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई। पुलिस ने इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें ‘चोरबगान सर्वजनीन दुर्गा पूजा समिति’ के शीर्ष पदाधिकारी और पंडाल परिसर में भीड़ प्रबंधन व सुरक्षा के प्रभारी लोग शामिल हैं। इन सभी पर ‘भारतीय न्याय संहिता’ (बीएनएस) 2023 के तहत गैर-इरादतन हत्या से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार के लिए अपने पूजा-संबंधी सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। इसके बजाय, वे शहर के एक निजी अस्पताल गए, जहां 14 घायल लोग भर्ती थे। उन्होंने वहां घायलों का हाल-चाल जाना। हालांकि, उन्होंने इस घटना के बारे में मीडिया से कोई बात नहीं की। पता चला है कि निजी अस्पताल में भर्ती 14 लोगों में से एक को छोड़कर बाकी सभी की हालत काफी हद तक स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।

चिराग ने बिहार सरकार के मंत्री के बयान से जताई असहमति, राघोपुर नाव हादसे पर तेजस्वी को घेरा

पटना। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार सरकार में मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के ‘हत्याएं होती रहती हैं’ वाले बयान पर असहमति जताते हुए कहा कि किसी भी आपराधिक घटना के लिए सरकार का हिस्सा होने के नाते मंत्री, सांसद और विधायकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को छोटी-मोटी बताना या ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, कहना कतई उचित नहीं है। चिराग ने राघोपुर नाव हादसे को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। चिराग पासवान ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार या देश में कहीं भी एक घटना होती है, तो जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे विनम्रता के साथ मामले की जांच करवाएं और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों का समर्थन नहीं करते। उनके अनुसार, एक भी आपराधिक घटना होना सरकार और समाज के लिए शर्म की बात है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए। राघोपुर नाव हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र का सांसद होने के नाते इस क्षेत्र में होने वाली घटनाओं के प्रति उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए प्रयास करना भी उनकी जिम्मेदारी है। जहां उनसे चूक होगी, उसे स्वीकार करेंगे और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। हालांकि, उन्होंने तेजस्वी यादव पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस राघोपुर की जनता ने उन्हें विधायक और उपमुख्यमंत्री बनाया, वहां हादसे के बाद उन्हें सुबह-सुबह पहुंचने तक की फुर्सत नहीं मिली। चिराग ने कहा कि अगर तेजस्वी यादव दूसरों से सवाल पूछते हैं, तो उनसे भी सवाल पूछे जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है, क्योंकि हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार आज भी गहरे दुख से गुजर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल गिरने की घटना पर चिराग ने दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से प्रभावित परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अपने कार्यक्रम रद्द किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे संवेदनशीलता का परिचायक बताया। वहीं, चोरबागान भगदड़ की घटना के बाद भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सभा किए जाने को लेकर चिराग ने कहा कि यह विपक्ष की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब कई परिवार पीड़ा से गुजर रहे हों, तब राजनीति को प्राथमिकता देना संबंधित व्यक्ति की अपनी सोच है। विदेशी नागरिकों द्वारा भारतीय जमीन पर विरोध प्रदर्शन किए जाने के सवाल पर चिराग ने कहा कि सरकार का रुख सही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की जमीन पर किसी विदेशी व्यक्ति का विरोध प्रदर्शन करना स्वीकार्य नहीं है और भारत सरकार को अस्थिर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती।