पंजाब के संगरूर में भीषण सड़क हादसे पर सीएम मान ने जताया दुख, मुआवजे का किया ऐलान

चंडीगढ़। पंजाब के संगरूर जिले के लहरागागा इलाके में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां मनरेगा के तहत काम कर रहीं महिला मजदूरों को तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया, जिससे आठ महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गईं। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, हादसा अलीशेर गांव में हुआ। यहां करीब 20 से 25 महिला मजदूर सड़क किनारे घास काटने और सफाई का काम कर रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार से आए एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों को संगरूर के सरकारी अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि सड़क पर काम करने के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। घायल महिलाओं के मुताबिक, काम वाली जगह पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही रिफ्लेक्टर या बैरिकेड की व्यवस्था थी। इसके अलावा, मजदूरों को सुरक्षा के लिए सेफ्टी जैकेट भी नहीं दी गई थी। घटना पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “संगरूर के अलीशेर गांव में हुए भीषण सड़क हादसे की खबर अत्यंत दुखद है। इस हादसे में मनरेगा कर्मियों सहित 8 लोगों की जान जाना एक बहुत बड़ी क्षति है। दुख की इस कठिन घड़ी में, पंजाब सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। सरकार मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए का मुआवजा देगी, और घायलों का पूरा इलाज भी पंजाब सरकार द्वारा बिल्कुल मुफ्त कराया जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे और परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति दे। फरार ड्राइवर को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “पंजाब के संगरूर जिले में एक सड़क हादसे में कई श्रमिकों की मृत्यु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक है। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकसंतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

‘बर्थडे पार्टी चल रही थी’, टाइगर श्रॉफ पर हमले में प्रत्यक्षदर्शी ने किया घटना का खुलासा

मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की गई है। हालांकि, अभिनेता टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने घटना को लेकर बड़ा खुलासा किया है। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना पर सलमा शेख नाम की एक प्रत्यक्षदर्शी ने को बताया कि हम अपने व्लॉग बना रहे थे। हजारों व्लॉगर वहां व्लॉग बना रहे थे। एक पार्टी चल रही थी, जिसमें काफी शोर था क्योंकि वे जन्मदिन मना रहे थे। उनके सभी साथी जन्मदिन मनाने के लिए अंदर चले गए, खाना-पीना कर रहे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद, वे कार लेकर सड़क पर चल पड़े। मैं उस लड़के का वर्णन भी नहीं कर सकती, मच्छर की तरह दुबला-पतला, गरीब सा दिखने वाला, जैसे कोई फुटपाथ पर रहता हो। वह आया और फायरिंग शुरू कर दी, और सभी को लगा कि कोई दीपावली के पटाखे फोड़ रहा है। लेकिन, जब टाइगर की कार रुकी, और वह दर्द से कराहते हुए बाहर आए, तो खून का एक बड़ा धब्बा वहीं पड़ा रहा।” दूसरी ओर, महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस आयुक्त को फोन करके अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पुलिस आयुक्त को तत्काल जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ को फोन किया और उनसे बात की। सीएम ने कहा कि हम सब उनके साथ हैं। हम आरोपियों को जल्द ही पकड़ लेंगे, और हमने उन्हें आश्वस्त किया कि वे चिंता न करें। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना के बाद, घटनास्थल पर मौजूद लोगों को पंचनामा और जांच प्रक्रिया के लिए जुहू पुलिस स्टेशन लाया जा रहा है। एक महिला को भी पंचनामा के लिए लाया गया है। हालांकि, उसकी पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटना पर डीसीपी मोहित गर्ग ने बताया, “टाइगर श्रॉफ एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वे वहां से निकल रहे थे, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर गोली चला दी। टाइगर श्रॉफ पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस घटना में दो अन्य लोग घायल हुए हैं। इनमें से एक उनका ड्राइवर है, जिसके हाथ में चोट आई है और उसका इलाज चल रहा है।

गुजरात: सीएम भूपेंद्र पटेल ने महाअष्टमी पर अंबाजी मंदिर का दौरा किया, नवरात्रि की तैयारियों का लिया जायजा अंबाजी, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को महाअष्टमी के अवसर पर अंबाजी मंदिर का दौरा किया। शारदीय नवरात्रि के दौरान, उन्होंने राज्य के निरंतर विकास, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। सीएम भूपेंद्र पटेल ने पवित्र मंत्रों के उच्चारण के बीच मां अम्बे की पारंपरिक पूजा और आरती की। उन्होंने लोगों की भलाई और अच्छे स्वास्थ्य के लिए देवी का आशीर्वाद मांगा, और प्रार्थना की कि राज्य शांति और सद्भाव बनाए रखते हुए लगातार प्रगति करता रहे। अंबाजी मंदिर देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। यह नवरात्रि के त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करता है। शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन, जिसे महाअष्टमी के रूप में मनाया जाता है, देवी की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। अपनी यात्रा के दौरान, सीएम पटेल ने देश भर से अंबाजी धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने दर्शन की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। त्योहार के दौरान मंदिर में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। इस समीक्षा में तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, सुरक्षा उपाय और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के प्रबंधन जैसी बातें शामिल थीं। नवरात्रि के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन और देवस्थान ट्रस्ट व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की इस यात्रा के दौरान स्थानीय जन प्रतिनिधि, जिला कलेक्टर, जिला विकास अधिकारी, जिला पुलिस अधीक्षक और देवस्थान ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। जब सीएम पटेल मंदिर पहुंचे, तो वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिन्होंने ‘जय अम्बे’ के जयघोष के साथ उनका स्वागत किया। उनका यह दौरा महाअष्टमी के धार्मिक अनुष्ठानों के समय हुआ, जब नौ दिनों तक चलने वाले इस त्योहार के दौरान श्रद्धालु प्रार्थना करने के लिए मंदिर में एकत्र हुए थे। पूरे गुजरात में शारदीय नवरात्रि को धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक गरबा कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है। बनासकांठा जिले में स्थित अंबाजी, राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है और त्योहार के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के बाद मुंबई की कानून-व्यवस्था पर सवाल, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग की खबर के बाद मुंबई की कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है और मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आखिर मुंबई में क्या हो रहा है? उन्होंने बाबा सिद्दीकी की हत्या, अभिनेता सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग और कई अभिनेताओं-निर्माताओं को मिल रही धमकियों का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। सचिन सावंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि मुंबई में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और मुख्यमंत्री इस मोर्चे पर पूरी तरह से फेल हो गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले कहा जाता था कि ‘महाराष्ट्र का बिहार हो गया’, लेकिन अब तो ‘बिहार बेहतर था’ कहने की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि मुंबई को अपराधियों के डर में धकेलने वाली सरकार की कड़ी निंदा करते हैं। वहीं, सांसद और मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष प्रो. वर्षा एकनाथ गायकवाड़ ने भी सरकार को घेरा। गायकवाड़ ने पोस्ट करते हुए लिखा, “मुंबई की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पहले सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी, फिर बाबा सिद्दीकी की हत्या, और अब अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई गोलीबारी की खबर। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अगर इस तरह की घटनाएं एक के बाद एक होती रहेंगी, तो आखिर मुंबईवासियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?” उन्होंने आगे कहा, “रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी में एक और व्यक्ति घायल हुआ है। गोलीबारी के पीछे की वजह अभी साफ नहीं है और पुलिस दोषियों की तलाश कर रही है। क्या अपराधियों को अब भी कानून का डर है? मुंबईवासियों की सुरक्षा को लेकर सरकार और गृह विभाग को जवाब देना होगा।

मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा’, टाइगर श्रॉफ के हमलावरों को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का जवाब

मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की गई है। हालांकि अभिनेता टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बताए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना की निंदा की है, इसके साथ ही उन्होंने हमलावरों को सख्त संदेश दिया है। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हमला हुआ है। यह घटना चिंताजनक और निंदनीय है; मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। मैंने इस मामले में पुलिस आयुक्त और टाइगर श्रॉफ दोनों से बात की है। मुंबई पुलिस आयुक्त ने दोषियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की हैं। गोलीबारी के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द ही ढूंढकर गिरफ्तार किया जाएगा और उन्हें उनकी ही भाषा में मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पुलिस आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई करेगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना पर एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि आज अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी की घटना घटी। सौभाग्य से, उन्हें कोई चोट नहीं आई। जैसा कि आप सभी जानते हैं, कुछ ही दिन पहले मुंबई में एक शिवसेना पार्षद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अगर कलाकारों या वीआईपी को निशाना बनाकर ऐसी गोलीबारी होती रही, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा? मैं इस समय बारामती क्षेत्र में हूं, जहां गोलीबारी की एक और घटना घटी है। यह दर्शाता है कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री स्वयं गृह विभाग का प्रभार संभालते हैं; शायद वे राजनीति में इतने व्यस्त हैं कि उनके पास गृह विभाग पर ध्यान देने का समय ही नहीं है। मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वे गृह विभाग की जिम्मेदारी किसी अन्य नेता को सौंप दें, ताकि महाराष्ट्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हमले के संबंध में पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा कि आज मुंबई के जुहू में एक बेहद सनसनीखेज आपराधिक घटना घटी, जहां मशहूर अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमला किया गया। मोटरसाइकिल पर सवार तीन बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें टाइगर श्रॉफ का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया और फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। सौभाग्य से, टाइगर श्रॉफ पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। मुंबई पुलिस ने बताया कि 15 टीमें गठित की गई हैं और गहन जांच जारी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भी घोषणा की है कि इस जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि यह बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। मुंबई जैसे शहर में, जुहू जैसे इलाके में, नवरात्रि के दौरान रविवार को, जब इलाका परिवारों से भरा रहता है और लोग घूमने-फिरने के लिए बाहर निकलते हैं, किसी का आकर सार्वजनिक स्थान पर गोलीबारी करना सरासर गुंडागर्दी है। इससे पता चलता है कि उन्हें पुलिस या प्रशासन का जरा भी डर नहीं है। हमने मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से सुना कि उनके ड्राइवर को चोटें आईं, लेकिन शुक्र है कि वे बच गए। आखिर हो क्या रहा है? क्या यह हमें 1990 के दशक में वापस ले जा रहा है, जब बॉलीवुड हस्तियों को नियमित रूप से निशाना बनाया जाता था, जिससे बड़े पैमाने पर जबरन वसूली के रैकेट पनपते थे? सलमान खान और रोहित शेट्टी के घर पर गोलियां चलाई गईं और बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी गई। जब सरकार अपनी मूल प्राथमिकताओं से भटक जाती है, तो ऐसी घटनाएं बढ़ने लगती हैं। मुंबई पुलिस को ‘सिंघम’ माना जाता है और उसे इन बार-बार होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि आज टाइगर श्रॉफ पर हुआ हमला एक बेहद गंभीर मामला है। मुंबई की मौजूदा हालत को लेकर हमें सरकार से सवाल जरूर करने चाहिए। पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई, उसके बाद सलमान खान के घर के बाहर हमलावरों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। कई बॉलीवुड अभिनेताओं और निर्माताओं को धमकियां मिल रही हैं। टाइगर श्रॉफ को दी गई धमकियों समेत ऐसी ही घटनाओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ सालों में ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यह सरकार पूरी तरह से अक्षम साबित हो रही है। शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे ने कहा कि अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुआ हमला बेहद गंभीर और चौंकाने वाला है। मुंबई भारत के सबसे बड़े फिल्म उद्योग का केंद्र है। ऐसे में कई वीआईपी, सितारे और कलाकार स्वाभाविक रूप से शहर में आते-जाते रहते हैं। फिर भी, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। रोहित शेट्टी और सलमान खान जैसे लोग पहले भी निशाना बन चुके हैं, और इन घटनाओं में बिश्नोई गिरोह का हाथ बताया गया है। इसके बावजूद, सरकार ने पर्याप्त सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए हैं। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि ठीक एक साल पहले आज ही के दिन, दशहरा के दिन, बाबा सिद्दीकी की भीड़भाड़ वाले इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। त्योहारों के जश्न के बीच शहर भर में उमड़ती भीड़ के बीच ये यादें ताजा हो रही हैं। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि अभी-अभी खबर आई है कि अज्ञात लोगों ने टाइगर श्रॉफ और उनके साथी को निशाना बनाकर गोलीबारी की। इससे एक बार फिर मुंबई की कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर सवाल उठते हैं। इससे पहले हमने सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी, बाबा सिद्दीकी की जानलेवा गोलीबारी और रोहित शेट्टी के घर के बाहर गोलीबारी देखी… अगर मुंबई में नेता और अभिनेता सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की क्या हालत होगी?… महाराष्ट्र को एक स्वतंत्र गृह मंत्री की जरूरत है और मेरे विचार से, एक ऐसे व्यक्ति की जो सक्रिय और निर्णायक हो। पुलिस बल का जो दबदबा और खौफ कभी हुआ करता था, वह अब खत्म हो चुका है और अपराधी अब कानून से नहीं डरते।

ईरान की संसद ने चुना नया रक्षा मंत्री, 277 में से 237 वोट मिले

तेहरान। ईरान ने अपना नया रक्षा मंत्री चुन लिया है। संसद ने मेहरदाद अखलाखी केताबची को रक्षा मंत्री के रूप में मंजूरी दे दी है। सरकार ने बताया कि उनके पूर्ववर्ती की मौत अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों में हो गई थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान के अनुसार, “उनकी योग्यताओं और प्रस्तावित कार्यक्रमों की समीक्षा के बाद, कुल 277 वोटों में से 237 वोट उनके पक्ष में पड़े, जबकि 15 वोट उनके खिलाफ थे। किसी ने भी वोटिंग से परहेज नहीं किया।” केताबची ने ब्रिगेडियर जनरल अजीज नासिरजादेह की जगह ली है, जिनकी फरवरी में युद्ध की शुरुआत के दौरान अमेरिका-इजरायल के एक हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने ब्रिगेडियर जनरल माजिद इब्न अल रेजा को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त किया था। ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, नए रक्षा मंत्री रक्षा उद्योग के एक अनुभवी अधिकारी हैं। वे ईरान के ‘एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन’ और ‘डिफेंस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन’ के प्रमुख रह चुके हैं, जहां उन्होंने मिसाइल तकनीक और हथियारों के उत्पादन से जुड़े क्षेत्रों की देखरेख की है। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में शामिल होने के कारण केताबची पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 2007 में उन्हें ‘शहीद बाघेरी इंडस्ट्रियल ग्रुप’ से जुड़े होने के कारण अपनी सूची में शामिल किया था; यह समूह सॉलिड-प्रोपेलेंट बैलिस्टिक मिसाइलों को विकसित और निर्मित करता है। रक्षा मंत्री का पद संभालने के साथ ही अखलाखी ने धमकी भरे अंदाज में कहा, “अगर अमेरिकी दुश्मन ने कोई और गलत कदम उठाया, तो ईरानी राष्ट्र और इस्लाम के योद्धाओं की ओर से चौंकाने वाला और व्यापक जवाब मिलेगा। इसके क्षेत्रीय और वैश्विक परिणामों की पूरी जिम्मेदारी आतंकवादी अमेरिकी सरकार और उसके सहयोगियों की होगी।” उन्होंने आगे कहा, “12-दिवसीय युद्ध के बाद से, रक्षा क्षमताओं को इस हद तक बेहतर और अपडेट किया गया है कि इसने दुश्मन के आकलन और हिसाब-किताब को पूरी तरह बदल दिया है।

देवी-देवताओं की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करना पाप, विपक्षी नेताओं को इससे बचना चाहिएः इंद्रेश कुमार

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने रविवार को पोस्टरों में विपक्षी नेताओं को देवी-देवताओं के रूप में दिखाए जाने पर आपत्ति जताई और इसे अपराध करार दिया। इसके साथ ही जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में पथ संचलन को अच्छी शुरुआत बताया। जेएनयू में पहली बार आयोजित हो रहे आरएसएस के पंथ संचलन पर इंद्रेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है। अगर लोग अराजकता छोड़कर लोकतंत्र को अपनाते हैं, तो जेएनयू के अंदर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन होना कोई हैरानी की बात नहीं है। अराजक तत्वों को लोकतंत्र का रास्ता अपनाना चाहिए, न कि वह रास्ता जो संविधान को नष्ट करने की ओर ले जाता है। इसलिए, यह एक अच्छी शुरुआत है। आगे जाकर यही राष्ट्रीयता की नींव और आरजता को कुचलते हुए आगे बढ़ेगी।” पोस्टरों में विपक्षी नेताओं को देवी-देवताओं के रूप में दिखाए जाने पर सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा, “देवी-देवताओं की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करना अधार्मिक, पापपूर्ण और एक अपराध है। इसलिए, विपक्षी नेताओं को ऐसे अधार्मिक, पापपूर्ण और आपराधिक कार्यों में शामिल नहीं होना चाहिए।” गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) इकाई द्वारा विजयादशमी उत्सव के अवसर पर शनिवार को पथ संचलन किया गया। स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में सहभागिता करते हुए अनुशासन, संगठन एवं सामूहिकता प्रदर्शित की। इससे पहले 9 अक्टूबर को इंद्रेश कुमार ने कहा था कि खुदा, अल्लाह, ईश्वर, परमेश्वर और गॉड को मानने वाले सभी लोगों का मूल सत्य यही है कि वे इंसान हैं। मनुष्य को शैतान बनने के बजाय इंसानियत से भरपूर होना चाहिए। दुनिया में लोगों की पहचान उनके देश से होती है और भारत में रहने वाले सभी लोग भारतीय, हिंदुस्तानी और इंडियन हैं। उन्होंने कहा कि भारत के लोग अपने पूर्वजों, वतन और परंपराओं के आधार पर एक हैं। देश के 99 प्रतिशत से अधिक मुसलमान न तो विदेशी हैं और न ही पराए बल्कि वे इसी देश के थे, हैं और रहेंगे। हर व्यक्ति को अपने-अपने तरीके से इबादत करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। किसी को दूसरे की इबादत में दखल नहीं देना चाहिए, बल्कि एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में सम्मानपूर्वक शामिल होना चाहिए। आपसी सहयोग और सद्भाव से दंगा-मुक्त भारत का निर्माण किया जा सकता है।

एसआईआर में गलतियां हुई हैं तो सपा-बसपा के बीएलओ क्या कर रहे थे : ओपी राजभर

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सपा बसपा और दूसरे पार्टियों के बीएलओ पर आरोप लगाया कि अगर एसआईआर में गलती हुई है, तो उनके बीएलओ क्या कर रहे थे। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर उन्होंने कहा, “अगर एसआईआर में कोई गलतियां हुई हैं तो चुनाव आयोग समय-समय पर उन्हें सुधारने के अवसर देता है। अगर कोई त्रुटि है तो जिम्मेदारी उस व्यक्ति की है जो बूथ पर गया और बूथ लेवल अधिकारी के रूप में काम किया। हर पार्टी ने अपने बूथ-स्तरीय प्रतिनिधि नियुक्त किए थे। सपा, बसपा या दूसरी पार्टियों के बीएलओ जो इस कार्य में लगे हुए थे, वे क्या देख रहे थे। इनके बीएलओ क्या सिर्फ सो रहे थे।” वहीं, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कोलकाता की घटना को दुखद बताया। उन्होंने कहा, “यह घटना दुखद है, वहां के मुख्यमंत्री ने जो ऐलान किया है, वह पीड़ित परिवार को राहत देने का काम है।” राजभर ने प्रधानमंत्री द्वारा दी गई सहायता राशि को भी अच्छा कदम बताया। रिजीम चेंज वाले बयान पर राजभर ने कहा, “भारत और बांग्लादेश की तुलना संवैधानिक रूप से नहीं की जा सकती। भारत में ऐसा संभव नहीं है।” अभिजीत दिपके की जमानत और मार्च पर प्रतिबंध के सवाल पर उन्होंने कहा, “यह अदालत का मामला है।” मार्च पर प्रतिबंध को लेकर उन्होंने कहा, “जहां अगर आपको अनुमति न हो, अगर वहां कार्यक्रम करेंगे, तो आप पर कार्रवाई नहीं होगी क्या।” बता दें कि इससे पहले 17 अक्टूबर को राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा था, “राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। वे उसी चुनाव आयोग के तहत सांसद बने, जिसकी वे अब आलोचना कर रहे हैं। अगर उनका दावा है कि गड़बड़ियां हो रही हैं और वोट चुराए जा रहे हैं, तो उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वे भी इसी व्यवस्था के तहत चुनाव जीते थे। हालांकि, वे इस्तीफा देने की बात से पीछे हट रहे हैं।

झारखंड के रामगढ़ में सीसीएल कर्मी की चाकू मारकर हत्या, पत्नी को बांधकर हमलावर फरार

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के गिद्दी इलाके में घर में घुसकर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के एक कर्मी की हत्या कर दी गई। दो हमलावरों ने मंगलेश कुमार उर्फ हैप्पी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। इसके बाद उन्होंने उनकी पत्नी को रस्सी से बांध दिया और फरार हो गए। वारदात के बाद इलाके में दहशत है। पुलिस हत्याकांड की जांच में जुटी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 12:30 बजे की है। मंगलेश कुमार घर में अपनी पत्नी के साथ बैठकर टीवी देख रहे थे। इसी दौरान दो लोग अचानक घर में दाखिल हुए और उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई। पत्नी ने हमलावरों से पति को छोड़ देने की गुहार लगाई। उन्होंने उनसे कहा कि घर में जो कुछ चाहिए, वे ले लें, लेकिन उनके पति को नुकसान न पहुंचाएं। हालांकि, हमलावरों ने उनकी बात नहीं मानी और मंगलेश पर हमला जारी रखा। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों ने मंगलेश की पत्नी को रस्सी से बांध दिया, ताकि वह तत्काल मदद न मांग सकें। इसके बाद वे मौके से भाग निकले। घटना के बाद महिला किसी तरह आसपास के लोगों तक पहुंचीं या पड़ोसियों को वारदात की जानकारी कैसे मिली, इस बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं है। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने गिद्दी पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस हमलावरों की पहचान करने और घटना के क्रम का पता लगाने में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि वारदात के पीछे लूटपाट, आपसी रंजिश या कोई अन्य कारण था। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग, सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन

वाशिंगटन। अमेरिका के कई शहरों में रविवार को राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार की नीतियों के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन क‍िया। भारी संख्‍या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। जल्दी मतदान को प्रोत्साहन देने के लिए लुइसविले में ‘नो किंग्स’ रैलियां फिर से आयोजित की गईं। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को लॉस एंजिलिस, डैलस और अमेरिका के कई अन्य प्रमुख शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन में शामिल हुए। ये प्रदर्शन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी नीतियों के विरोध में देशभर में आयोजित किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, लुइसविले में जल्द मतदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘नो किंग्स’ रैलियों का भी आयोजन किया गया। शनिवार दोपहर सेंट मैथ्यूज के फ्रैंकफोर्ट एवेन्यू पर आयोजित ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन में लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान केंटुकियाना रेजिंग ग्रैनीज और ग्रंपी ग्रैम्पीज समूहों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ख‍िलाफ गाने गाकर अपना विरोध दर्ज कराया। मेहर न्‍यूज के अनुसार, इसी बीच ‘ट्रंप 2028’ का झंडा लिए डोनाल्ड ट्रंप का एक समर्थक अकेले ही प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच से होकर गुजरा। उस समय ट्रंप-विरोधी प्रदर्शनकारी फ्रैंकफोर्ट एवेन्यू के किनारे खड़े होकर विरोध कर रहे थे। शनिवार दोपहर सेंट मैथ्यूज के फ्रैंकफोर्ट एवेन्यू पर लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन ‘नो किंग्स’ अभियान के तहत आयोजित किया गया था। ‘नो किंग्स’ समूह ने शनिवार को पूरे अमेरिका के शहरों और समुदायों में रैलियां आयोजित कीं। इनका मकसद लोगों को मध्यावधि चुनावों में जल्दी मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करना था। ‘नो किंग्स’ समूह की योजना पूरे अमेरिका में तीन हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित करने की है। ‘नो किंग्स: वोट अर्ली’ नाम से आयोजित इन कार्यक्रमों को ‘गैर-पक्षपातपूर्ण’ बताया गया। हालांकि, ये कार्यक्रम ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल से नाराज लोगों की ओर से पिछले लगभग दो वर्षों से किए जा रहे ‘नो किंग्स’ मार्च और प्रदर्शनों की ही एक कड़ी हैं।