नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम को गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी इस उपलब्धि और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन ने इस जीत को और भी खास बना दिया है। भारतीय महिला टीम ने जापान के गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में मौजूदा चैंपियन चीन को 1-0 से हराया। इसके साथ ही टीम ने 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता और महाद्वीपीय खिताब के लिए 44 साल का इंतजार खत्म किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “एशियन गेम्स में शानदार गोल्ड मेडल जीत के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम को बहुत-बहुत बधाई। लंबे इंतजार के बाद आपके दृढ़ संकल्प, कौशल और जोश भरे खेल की बदौलत गोल्ड मेडल भारत लौटा है, जिससे पूरे देश को बहुत गर्व और खुशी मिली है। ओलंपिक 2028 खेलों के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल करने से यह जीत और भी खास हो गई है।” राष्ट्रपति मुर्मु ने देशभर के युवा खिलाड़ियों पर टीम के असर का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “आप देशभर की अनगिनत युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं। आगे के सफर के लिए आप सभी को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भारत की बेटियों को गोल्ड जीतने पर बधाई दी। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “लड़कियों ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास। हमारी महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर इतिहास में एक गौरवपूर्ण पल दर्ज किया है। मैदान पर अपने दबदबे और हुनर ​​का शानदार उदाहरण पेश करते हुए वे देश के लिए यह गौरवशाली पल लेकर आई हैं। हमारी चैंपियंस को बहुत-बहुत बधाई।” भारत की यह ऐतिहासिक जीत लालरेम्सियामी के 10वें मिनट में किए गए गोल से मिली। उन्होंने सलीमा टेटे और साक्षी के साथ मिलकर बनाए गए एक शानदार मूव को एक जबरदस्त रिवर्स हिट के साथ गोल में तब्दील किया। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने अपनी मामूली बढ़त को बनाए रखने के लिए मजबूत खेल दिखाया। अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक पर एक हाथ से अहम बचाव करते हुए चीन को बराबरी करने से रोक दिया। भारत ने सेमीफाइनल में जापान को 7-2 से हराने से पहले पूल ए में अपने चारों मैच जीतकर टॉप स्थान हासिल किया था। इस गोल्ड मेडल जीत के साथ ही टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 खेलों के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी पक्का कर लिया। यह जीत एशियन गेम्स में भारत का महिलाओं की हॉकी में केवल दूसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले टीम ने 1982 में नई दिल्ली में यह खिताब जीता था।

छत्तीसगढ़ के सीएम ने स्मृति ईरानी से की मुलाकात, जनकल्याणकारी योजनाओं पर की चर्चा

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव, छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाकात की। इससे पहले सीएम साय ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर में हो रहे विकास और बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए बताया कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सिंचाई, पर्यटन, रोजगार और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महिलाओं के सशक्तीकरण, युवाओं के कौशल विकास और रोजगार, किसानों की आय एवं कृषि आधारित गतिविधियों तथा आदिवासी समुदायों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने राज्य में हो रहे विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति से भी उन्हें अवगत कराया। इससे पहले सीएम साय ने नई दिल्ली में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उन्हें सादर नमन किया। सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सत्य और अहिंसा की प्रतिमूर्ति महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन किया। महात्मा गांधी जी का सत्य और अहिंसा का मार्ग और शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का मंत्र हम सभी को सदैव राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के लिए प्रेरित करता रहेगा। आइए, उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने के संकल्प को मजबूत करें। सीएम साय ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। उनके कुशल एवं ऊर्जावान नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक रूप से निरंतर सशक्त हो रही है और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

पढ़ रहा था हनुमान चालीसा, भगवान ने ही मुझे बचाया’, पीएम मोदी के सामने भावुक हुए स्मित मच्छार, सुनाई आपबीती

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार से वीडियोकॉल पर बात की। उन्होंने स्मित मच्छार के साहस, धैर्य और सूझबूझ की प्रशंसा की। इस दौरान, स्मित मच्छार ने कहा कि वे मुश्किल दौर में हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और उस समय भी वे हनुमान चालीसा ही पढ़ रहे थे। उन्हें पता है कि भगवान ने ही उन्हें बचाया है। फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भावुक दिखे। उन्होंने कहा, “आप मेरे सबसे बड़े ‘आइडल’ हैं। आज आप जिस तरह से हौसला-अफजाई कर रहे हैं, मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है।” पीएम मोदी के सामने आपबीती सुनाते हुए स्मित मच्छार ने कहा, “मैं अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहा था। मैं गिर चुका था। मेरे इतने घाव लग चुके थे कि मैं गिर गया था। यह ऐसा समय था, जब मुझे लगा कि अगर अब मैंने कुछ नहीं किया तो।” स्मित ने कहा, “मैं पिछले 11 साल से जहाज उड़ा रहा हूं। मुझे आंख बंद करके भी पता चल जाता है कि जहाज में क्या हो रहा है। जब मैं नीचे गिरा हुआ था, तब मुझे एहसास हो रहा था कि जहाज नीचे जा रहा है। मुझे पता था कि यही समय है। मार खा रहा था और मैंने दरवाजा खोल दिया। मैं ताकत से हिसाब से कर रहा था और पता था कि मैं इन सभी को नहीं मरने दे सकता। इसके बाद अन्य लोग वहां आ गए। उन सभी लोगों की भी इसमें उतनी भी भूमिका थी।” बातचीत के दौरान स्मित ने बताया कि उस कठिन घड़ी में भी वे हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा, “उस समय मैं हनुमान चालीसा बोल रहा था और मुझे पता है कि मुझे भगवान ने ही बचाया है।” प्रधानमंत्री मोदी ने स्मित की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपने इतना बड़ा काम किया है कि हर देशवासी और पूरी दुनिया के लोग भी आपको देखने, आपसे बात करने के लिए आतुर हैं। उन्होंने आगे कहा, “आपने जो हनुमान चालीसा की बात बताई है। इसके लिए मैं भूपेंद्रभाई (स्मित मच्छार के पिता) और गीताबेन (स्मित मच्छार की मां) को प्रणाम करूंगा कि आपको ऐसे संस्कार दिए।” स्मित मच्छार ने कहा, “मैं रोज सुबह पूजा करता हूं। उस समय मेरा दो साल का बेटा गोद में होता है और मैं हनुमान चालीसा सुनाता हूं। आज हम लोग देश से दूर हैं, लेकिन हमारी संस्कृति से दूर नहीं होना चाहिए।” इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने स्मित मच्छार को ‘वीर पुरुष’ बताते हुए कहा कि हम सभी आपकी दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। भारत आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक है।

गया जी के देवघाट पर विदेशी तीर्थयात्रियों ने किया पिंडदान, पितरों की मोक्ष की कामना

गया। मोक्ष की भूमि के रूप में विख्यात गया में चल रहे पितृ पक्ष मेले का आकर्षण अब सात समुंदर पार तक पहुंच गया है। इस वर्ष पितृ पक्ष 2026 के पावन अवसर पर रूस, जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल नीदरलैंड समेत कई देशों से आए 48 विदेशी तीर्थयात्रियों ने देवघाट पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए पूरे विधि-विधान के साथ पिंडदान किया। विदेशी तीर्थयात्रियों के साथ आए पुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पावन तिथि पर विदेश से आए श्रद्धालु गया के वातावरण और यहां की व्यवस्थाओं से अत्यंत संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि इटली, जर्मनी, स्पेन, पुर्तगाल और नीदरलैंड जैसे देशों से आए लोग यहां के पवित्र माहौल में आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सहयोग की जो व्यवस्था की गई है, उससे भी संतुष्ट हैं। पुरोहित ने कहा कि गया की यह धरती ही इतनी पवित्र और शक्तिशाली है कि यहां आकर हर किसी को आध्यात्मिक शांति मिलती है। उन्होंने बताया कि इस बार कुल 48 विदेशी श्रद्धालु पिंडदान के लिए आए हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पिंडदान कराना संभव नहीं होने के कारण उन्हें तीन समूहों में बांटा गया है। पहले दिन 22 लोगों ने, दूसरे दिन 8 लोगों ने और तीसरे दिन बाकी के लोग पिंडदान करेंगे। ये सभी श्रद्धालु अपने दिवंगत परिजनों – किसी ने अपने पति को खोया है, किसी ने अपने बच्चों को, तो किसी ने अपनी बहन या मां को – उनकी आत्मा की शांति के लिए इस मोक्ष भूमि पर आए हैं। पुरोहित ने बताया कि आने वाले समय में अफ्रीका से भी श्रद्धालुओं के जत्थे के गया आने की उम्मीद है। पिंडदान करने आई रूस की एक महिला श्रद्धालु क्सेनिया ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “मैं इस विशेष अनुभव के लिए गया आई हूं। मुझे पूरी उम्मीद है कि यह अनुष्ठान मेरे दिवंगत माता-पिता, दादी और दादाजी की आत्मा के लिए बहुत फलदायी होगा। गया में यह मेरा पहला अनुभव है और मैं पहली बार यहां आई हूं। मुझे विश्वास है कि सब कुछ बहुत अच्छा होगा।” एक अन्य विदेशी महिला श्रद्धालु एलेक्जेंड्रा, जो जर्मनी के बर्लिन में रहती हैं, ने कहा कि गया एक बेहद पवित्र भूमि है। उन्होंने कहा, “यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। हम देखते हैं कि यहां लोग अपनी परंपराओं का कितना सम्मान करते हैं। हमें यहां बहुत ही स्वागत और सुरक्षित महसूस हो रहा है। हम यहां आने का अवसर मिलने के लिए बहुत आभारी हैं।” एलेक्जेंड्रा ने बताया कि वह हिंदू परंपराओं के बारे में अध्ययन कर चुकी हैं और यह उनका दूसरी बार गया आना है। तीन साल पहले भी वह पिंडदान के लिए आई थीं। इस बार वह अपने साथ और भी लोगों को लेकर आई हैं, जो हिंदू परंपरा और पूर्वजों को सम्मान देने वाले इस अनुष्ठान में गहरी रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा, “लोग समझते हैं कि पितरों को सम्मान देने से न केवल उनके जीवन में बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन में भी सकारात्मक लाभ होता है, इसलिए वे इसे करना चाहते हैं। दुनिया में बहुत से लोग हर जगह घूमते हैं, लेकिन गया की इस पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य बहुत कम समूहों को ही मिलता है। इसलिए हम सभी यहां आकर खुद को बहुत विशेष और धन्य महसूस कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि भले ही यह उनके लिए एक अलग संस्कृति है और शुरुआत में वे थोड़ा असहज थीं, लेकिन यहां के लोगों का व्यवहार बहुत ही अच्छा रहा। उन्होंने कहा, “यहां के लोग बहुत स्वागत करने वाले हैं, हमें देखकर मुस्कुराते हैं और उत्सुकता से सवाल पूछते हैं, इसलिए अब हम यहां बहुत सहज महसूस कर रहे हैं।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई

गाजियाबाद। कलैक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मादड़ की अध्यक्षता एवं नेतृत्व में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी  एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। इस दौरान जिलाधिकारी महोदय द्वारा महात्मा गांधी के चित्र का अनावरण किया गया तथा महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया गया। इस अवसर पर एडीएम ई ज्योति मौर्या, एडीएम एफ/आर अंजनी कुमार सिंह, एडीएम एल/ए अवनीश सिंह, एडीएम सिटी विकास कश्यप, एडीएम जे अंजली गंगवार, सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चन्द्र त्रिपाठी, एसडीएम राजेन्द्र, डीआईओ योगेन्द्र प्रताप सिंह, आबकारी अधिकारी संजय सिंह, डीएसओ अमित तिवारी सहित समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रमोद कुमार द्वारा किया गया। महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं सिद्धांतों पर प्रकाश डाला सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करने के पश्चात शासनादेश के क्रम में श्रीराम भजन प्रस्तुत किया गया। तदुपरांत आबकारी अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम ई सहित अन्य अधिकारियों द्वारा महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन परिचय एवं सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए उनसे सीख लेने तथा उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने का आह्वान किया गया। जिलाधिकारी ने महापुरुषों के विचारों एवं सिद्धांतों को आत्मसात करने का किया आह्वान जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मादड़ द्वारा सर्वप्रथम महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती की सभी को शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। उन्होंने गांधी जी और शास्त्री जी के विचारों एवं सिद्धांतों को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि वर्तमान में हमारा देश महापुरुषों के विचारों एवं सिद्धांतों का अनुसरण कर रहा है, जिसका परिणाम यह है कि आज देश में शांति एवं खुशहाली है और देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि हम सभी को महापुरुषों के विचारों का अनुसरण करते हुए उनके सिद्धांतों को आत्मसात करना चाहिए। हमें अपने आस-पास स्वच्छता एवं शुद्धता का वातावरण बनाए रखना चाहिए तथा दूसरों को भी इसका अनुसरण करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। हम सभी को देशहित, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जनहित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण सहित अन्य जनकल्याणकारी कार्यों में अपना सक्रिय सहयोग देना चाहिए। जिलाधिकारी ने दिलाई स्वच्छता की शपथ जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन के उपरान्त सभी को शपथ दिलाते हुए कहा कि महात्मा गाँधी ने जिस भारत का सपना देखा था उसमें सिर्फ राजनैतिक आजादी ही नहीं थी, बल्कि एक स्वच्छ एवं विकसित देश की कल्पना भी थी। महात्मा गाँधी ने गुलामी की जंजीरों को तोड़कर माँ भारती को आजाद कराया। अब हमारा कर्तव्य है कि गंदगी को दूर करके भारत माता की सेवा करें। मैं शपथ लेता हूँ कि मैं स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहूँगा और उसके लिये समय दूँगा। हर वर्ष 100 घण्टे यानी हर सप्ताह 2 घण्टे श्रमदान करके स्वच्छता के इस संकल्प को चरितार्थ करूँगा। मैं न गन्दगी करूँगा न किसी को करने दूँगा। सबसे पहले मैं स्वयं से, मेरे परिवार से, मेरे मुहल्ले से, मेरे गाँव से एवं मेरे कार्य स्थल से शुरूआत करूँगा। मैं मानता हूँ कि दुनिया के जो भी देश स्वच्छ दिखते हैं उसका कारण यह है कि वहाँ के नागरिक गन्दगी नहीं करते और न ही होने देते हैं। इस विचार के साथ मैं गाँव-गाँव और गली-गली स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार करूँगा। मैं आज जो शपथ ले रहा हूँ, वह अन्य 100 व्यक्तियों से भी करवाऊँगा। वे भी मेरी तरह स्वच्छता के लिए 100 घण्टे दें, इसके लिए प्रयास करूँगा। मुझे मालूम है कि स्वच्छता की तरफ बढ़ाया गया मेरा एक कदम पूरे भारत देश को स्वच्छ बनाने में मदद करेगा।

जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में मनाई गई शास्त्री वह महात्मा गांधी की जयंती

गाजियाबाद। 2 अक्टूबर गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के पावन अवसर पर जिला सूचना अधिकारी गाजियाबाद योगेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में सूचना विभाग के समस्त कर्मचारियों द्वारा महात्मा गांधी जी व लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। जिला सूचना अधिकारी ने गांधी जी और शास्त्री जी के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए उनसे प्रेरणा लेने हेतु सभी कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए उन महापुरुषों को याद किया।इस अवसर पर कार्यालय कनिष्ठ बाबू मोहम्मद इदरीश, राकेश कुमार, रवि कुमार, दीपांशु कुमार एवं धन सिंह उपस्थित रहे।

भाजपा ओबीसी मोर्चा के वार्ड-55 के मंडल अध्यक्ष बने उमेश साहू, शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार

नई दिल्ली।भारतीय जनता पार्टी जिला केशवपुरम ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष लोकेश चंदेला ने उमेश साहू की संगठन के प्रति निष्ठा और बेहतरीन कार्यों को देखते हुए उन्हें वार्ड नंबर-55 का मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया है।अपनी नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए नवनियुक्त ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष उमेश साहू ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का सहृदय धन्यवाद किया। उन्होंने दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सीएम रेखा गुप्ता एवं जिला अध्यक्ष अजय खटाना का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर उमेश साहू ने कहा कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने मुझ पर जो विश्वास जताते हुए यह नई जिम्मेदारी सौंपी है, उसे मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाऊंगा। मेरा मुख्य लक्ष्य भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों, विचारधारा और कार्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगा।उमेश साहू के मंडल अध्यक्ष बनने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह है तथा सभी ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

श्रम और सेवा से स्वच्छ दिल्ली के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी : योगिता सिंह

नई दिल्ली।भाजपा की प्रदेश महामंत्री और सेवा संकल्प अभियान की प्रदेश संयोजक योगिता सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत देशबंधु अपार्टमेंट, कालकाजी में श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में सहभागिता की। इस अवसर पर हजारों स्वच्छाग्रहियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने अपने श्रम और सेवा के माध्यम से स्वच्छ दिल्ली के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की। निगम पार्षद योगिता सिंह ने एकजुटता, सहभागिता और संकल्प के साथ कालकाजी और दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने में निरंतर योगदान देने की अपील किया । इस मौके पर कालकाजी मंडल भाजपा अध्यक्ष विनीता नवल, प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा आईटी प्रमुख प्रदीप जैन, मंडल महामंत्री विक्की सिंह फौगाट, राजेश गोयल, रेणु मिश्रा सहित अन्य मौजूद रहे।

स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने WCOG 2026 का उद्घाटन किया, पाचन स्वास्थ्य पर वैश्विक ध्यान केंद्रित

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज नई दिल्ली के यशोभूमि में विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कांग्रेस (WCOG) 2026 का उद्घाटन किया। यह पहला अवसर है जब वैश्विक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कांग्रेस भारत में आयोजित की जा रही है। चार दिवसीय इस कांग्रेस में 61 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिसमें चिकित्सक और शोधकर्ता जठरांत्र (जीआई) एवं यकृत रोगों के बढ़ते और बदलते बोझ से निपटने के लिए एक साथ आए हैं।उद्घाटन दिवस पर “जीआई स्वास्थ्य के 10 सूत्र” (10 Commandments for GI Health) जारी किए गए। यह भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई साक्ष्य-आधारित सिफारिशों का एक समूह है। ये सिफारिशें रोकथाम, जोखिम कारकों और लक्षणों की पहचान तथा समय पर चिकित्सकीय जांच पर केंद्रित हैं। विशेषज्ञों ने आह्वान किया कि ये संदेश सभी देशों और समुदायों के लोगों तक पहुंचें, ताकि जठरांत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता मजबूत हो और समय पर उपचार को प्रोत्साहन मिले।केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा: “जठरांत्र स्वास्थ्य पोषण, चयापचय (मेटाबोलिक) स्वास्थ्य, संक्रमण और कैंसर से निकटता से जुड़ा है, इसलिए यह व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत ने स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्रों में उल्लेखनीय क्षमताएं विकसित की हैं। WCOG 2026 की मेजबानी हमें यह अनुभव वैश्विक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी समुदाय के साथ साझा करने और अनुसंधान, नैदानिक अभ्यास तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के अवसर देती है।जठरांत्र रोग संक्रामक, चयापचयी, सूजन संबंधी और घातक (कैंसर) स्थितियों तक फैले हुए हैं, और ये जीवन के विभिन्न चरणों में तथा स्वास्थ्य सेवा के विभिन्न परिवेशों में लोगों को प्रभावित करते हैं। जहां एच. पाइलोरी जैसे संक्रमण और परजीवी रोग रोग के महत्वपूर्ण कारण बने हुए हैं, वहीं चयापचयी यकृत रोग, सूजन आंत्र रोग (IBD) और जठरांत्र कैंसर नैदानिक तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंता के तेजी से महत्वपूर्ण क्षेत्र बनते जा रहे हैं। इनके प्रभाव को कम करने के लिए शीघ्र पहचान, उचित जांच (स्क्रीनिंग) और प्रभावी उपचार तक पहुंच केंद्रीय महत्व रखते हैं।भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा: “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निदान प्रौद्योगिकियों, जैव-चिकित्सा अनुसंधान और डेटा विज्ञान में हो रही प्रगति स्वास्थ्य सेवा के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रही है। अब प्राथमिकता इन प्रगतियों को नैदानिक रूप से प्रमाणित समाधानों में बदलने की है, जिन्हें जनसंख्या के स्तर पर लागू किया जा सके। इसे हासिल करने में चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी समुदायों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण होगा।निदान और उपचार में हो रही प्रगति जठरांत्र एवं यकृत रोगों के प्रबंधन को नया रूप दे रही हैअग्न्याशय (पैंक्रियास) और जठरांत्र कैंसर की पहले पहचान से लेकर अग्नाशयशोथ, MASLD, IBD, सीलिएक रोग और यकृत विफलता के लिए नए उपायों तक। एच. पाइलोरी उन्मूलन, सटीक जोखिम मूल्यांकन, उन्नत एंडोस्कोपी और आंत के माइक्रोबायोम की बढ़ती समझ भी नैदानिक अभ्यास को बदल रही है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंडोस्कोपी, EUS, अग्नाशय रोग, IBD और जठरांत्र गतिशीलता (मोटिलिटी) में नई संभावनाएं खोल रहा है, साथ ही नैदानिक सत्यापन, सुरक्षा और विनियमन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठा रहा है। IBD, कोलोरेक्टल कैंसर, MASLD, दीर्घकालिक (क्रोनिक) अग्नाशयशोथ और मानव माइक्रोबायोम पर भारत से हो रहे शोध वैश्विक साक्ष्य आधार में योगदान दे रहे हैं। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन और अति-प्रसंस्कृत (अल्ट्रा-प्रोसेस्ड) खाद्य पदार्थों जैसे पर्यावरणीय कारकों के जठरांत्र स्वास्थ्य पर प्रभाव की समझ भी बढ़ रही है।डॉ. प्रमोद कुमार गर्ग, सह-अध्यक्ष, संचालन समिति (स्टीयरिंग कमेटी), WCOG 2026 एवं अध्यक्ष, इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, तथा डॉ. गोविंद मखारिया, अध्यक्ष, स्थानीय आयोजन समिति, WCOG 2026 ने कहा: “जठरांत्र स्वास्थ्य एक वैश्विक चिंता का विषय है, जिसमें संक्रमण, चयापचयी और सूजन संबंधी रोग, कैंसर तथा दीर्घकालिक पाचन संबंधी स्थितियां शामिल हैं। भारत इस वैश्विक चर्चा में एक बड़ी और विविध रोगी आबादी, महत्वपूर्ण नैदानिक अनुभव और निरंतर बढ़ते शोध-आधार लेकर आता है। WCOG 2026 इस अनुभव को साझा करने के साथ-साथ विभिन्न स्वास्थ्य प्रणालियों की प्रगति से सीखने का अवसर देती है, जिसका साझा उद्देश्य रोकथाम, शीघ्र निदान और रोगियों के लिए बेहतर परिणाम है।WCOG 2026 का आयोजन 3 अक्टूबर तक चलेगा। इसका विषय है “जठरांत्र स्वास्थ्य में परिवर्तन, प्रकृति का संरक्षण” (Transforming Gastrointestinal Health, Preserving Nature)। इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और वर्ल्ड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ऑर्गनाइजेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित तथा भारत के प्रमुख गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी संघों के सहयोग से हो रही यह कांग्रेस जठरांत्र एवं यकृत रोगों की रोकथाम, निदान और प्रबंधन पर वैश्विक तथा भारतीय दृष्टिकोण एक मंच पर ला रही है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला स्वच्छता अभियान

नई दिल्ली। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत  दिल्ली विश्वविद्यालय में स्वच्छता एवं जनभागीदारी का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं अन्य सहभागियों के साथ स्वच्छता अभियान में भागीदारी की। कार्यक्रम का संयोजन स्वच्छता ही सेवा 2026 के नोडल अधिकारी प्रो. के. पी. सिंह द्वारा किया गया। अभियान के तहत सुबह ग्वायर हॉल से दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय तक स्वच्छता गतिविधि एवं श्रमदान किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं शामिल हुए। स्वच्छता शपथ के साथ अभियान की शुरुआत कार्यक्रम के प्रारंभ में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) की निदेशक प्रो. पायल मागो ने उपस्थित प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की सहभागिता में विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को जनभागीदारी का स्वरूप दिया। अभियान के दौरान स्वच्छ परिसर, स्वच्छ सार्वजनिक स्थलों तथा नागरिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के नोडल अधिकारी प्रो. के. पी. सिंह ने बताया कि यह अभियान 17 सितंबर से अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ना है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता अभियान में स्वयं भाग लेकर केवल श्रमदान ही नहीं किया बल्कि कमला नेहरू रिज क्षेत्र में सफाई एवं रखरखाव संबंधी कार्यों का भी जायजा लिया और स्वच्छता को केवल एक दिन तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित नागरिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कमला नेहरू रिज क्षेत्र में वृक्षारोपण भी किया। स्वच्छता अभियान के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र के संरक्षण का संदेश भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वच्छता को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी के बजाय सामूहिक सामाजिक दायित्व के रूप में स्थापित करने का संदेश दिया। प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की सहभागिता से यह संदेश सामने आया कि शैक्षणिक संस्थान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक जागरूकता के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अभियान में दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, डीन प्लानिंग प्रो. निरंजन कुमार, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रंजन त्रिपाठी, प्रो. अनिल राय आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे|