केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मालचा मार्केट में एनडीएमसी के स्वच्छता ही सेवा अभियान में भाग लिया

नई दिल्ली।गांधी जयंती एवं स्वच्छ भारत मिशन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान के अंतर्गत मालचा मार्केट परिसर में विशेष स्वच्छता एवं सफाई अभियान का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, नित्यानंद राय ने इस स्वच्छता अभियान में भाग लिया और स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हुए।विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), भारत सरकार, आनंद स्वरूप, एनडीएमसी अध्यक्ष, मनोज कुमार द्विवेदी, पालिका परिषद के वरिष्ठ अधिकारी, मालचा मार्केट एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारकों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता एवं नागरिक दायित्व के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई।स्वच्छता अभियान में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि आज का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती है। महात्मा गांधी के जीवन और दर्शन में स्वच्छता, अनुशासन और सार्वजनिक दायित्व को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार माना गया था। उन्होंने स्मरण कराया कि वर्ष 2014 में इसी दिन प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ किया था, जो आज एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुका है।गृह राज्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ने देश में स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति दृष्टिकोण में व्यापक एवं दृश्यमान परिवर्तन लाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता का अभियान केवल घरों या व्यक्तिगत परिसरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नागरिकों को अपने पड़ोस, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और व्यापक सामुदायिक क्षेत्रों की स्वच्छता के लिए भी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।राय ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा केवल एक स्वच्छता अभियान नहीं, बल्कि व्यवहार एवं सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक जन आंदोलन है। उन्होंने नागरिकों से इस राष्ट्रीय प्रयास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया तथा प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम दस अन्य लोगों को स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में स्थायी और दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित करने के लिए जन भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राय ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में वृक्षारोपण की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पारिस्थितिक संरक्षण में योगदान देते हैं, बल्कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मालचा मार्केट परिसर में एक पौधा रोपित किया। गृह राज्यमंत्री  राय ने स्वच्छता कर्मियों के समर्पण और योगदान की भी सराहना की तथा उन्हें देश के स्वच्छता मिशन के अग्रिम पंक्ति के कर्मी बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मी प्रतिदिन अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, लेकिन स्वच्छता बनाए रखने की व्यापक जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की भी है। उन्होंने आम जनता से स्वच्छता कर्मियों के प्रति अधिक सम्मान, सहयोग और सहभागिता का आह्वान किया।इस अवसर पर श्री नित्यानंद राय ने स्वच्छता सेवकों एवं पालिका सहायकों को उनके उत्कृष्ट योगदान तथा BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रदान की गई समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया और उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्हें उपहार प्रदान किए।कार्यक्रम के दौरान नित्यानंद राय एवं आनंद स्वरूप ने नागरिकों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने सभी से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। स्वच्छता शपथ ने सामूहिक जिम्मेदारी और स्वच्छता आंदोलन में नागरिक भागीदारी की भावना को और मजबूत किया।यह कार्यक्रम स्वच्छता, जन भागीदारी, पर्यावरणीय स्थिरता एवं नागरिक दायित्व को सुदृढ़ करने के प्रति एनडीएमसी की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है तथा एक स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ नई दिल्ली के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करता है।

जापान मेरे लिए लकी है, मुझे जन्मदिन पर खुद को गिफ्ट देना था: लवलीना बोरगोहेन

निशियो। लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 में 75 किग्रा फाइनल में चीन की जियाई बाओ को हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह गोल्ड मेडल बोरगोहेन के लिए यादगार है, क्योंकि यह उनके 29वें जन्मदिन पर आया है। लवलीना एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली मैरी कॉम के बाद गोल्ड जीतने वाली दूसरी महिला बॉक्सर बन गई हैं। लवलीना ने चीन की मुक्केबाज को 5-0 के सर्वसम्मत स्कोर से हराया। गोल्ड मेडल जीतने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि मुझे अपने जन्मदिन पर खुद को गोल्ड मेडल गिफ्ट करना चाहिए। हार के बारे में एक सेकंड के लिए भी नहीं सोचा। यह बहुत मुश्किल फाइट थी। लेकिन मैं हमेशा सोच रही थी कि मुझे जीतना है।” उन्होंने कहा, “कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद ऐसा नहीं था। मैं सिल्वर मेडल जीतकर बहुत खुश थी। एक एथलीट की जिंदगी में बहुत सी चीजें होती हैं—हार और चोटें, जिन्हें हमें संभालना होता है और आगे बढ़ना होता है। यह गोल्ड मेडल मेरे लिए बहुत जरूरी था।” लवलीना ने 3-2 से करीबी शुरुआती राउंड जीतने के बाद बाउट में दबदबा बनाया। उन्होंने अगले दो राउंड 4-1 के समान अंतर से जीते और हांगझोऊ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद अपना दूसरा एशियन गेम्स मेडल जीता। पहले दो राउंड में आगे रहने के बाद 2026 एशियाड फाइनल में वह आखिरी राउंड में सावधान थीं। उन्होंने कहा, “आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। विरोधी बहुत मजबूत थी। मैं उसके साथ पहली बार खेल रही थी। इसलिए मुझे कोई अंदाजा नहीं था कि वह कैसे खेलेगी। मैं खुद को मोटिवेट कर रही थी कि मुझे जीतना है। मैं हारना नहीं चाहती, चाहे कुछ भी हो जाए। आखिरी राउंड भी ऐसा ही था। मैंने पहले दो राउंड जीते और मैं सोच रही थी कि मुझे तीसरा राउंड भी जीतना है।” लवलीना ने कहा, “मैं एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने आई थी। मैंने खुद को मोटिवेट किया कि मुझे मजबूत रहना है और जीतना है। मैं हर चीज को लेकर बहुत सकारात्मक थी। जापान मेरे लिए बहुत लकी है। मैं हर समय यही सोच रही थी। यह मेरा जन्मदिन था, और मैंने फाइट जीत ली। यह मुश्किल था, लेकिन मैंने मजबूती से जीत हासिल की।” बता दें कि टोक्यो ओलंपिक (जापान) 2020 में लवलीना ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। बोरगोहेन ने कहा, “मैं अच्छा महसूस कर रही हूं। मुझे नहीं पता कि मैं अपना गोल्ड कैसे सेलिब्रेट करूं। यह अभी-अभी खत्म हुआ है। मुझे यह मानने के लिए कुछ समय चाहिए कि मैं जीत गई हूं। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पायलट स्मित मच्छार से की बात, कैप्टन ने साझा किए अपने अनुभव

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई प्लेन की घटना के बाद भारत के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की तारीफ की और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री से अपने अनुभव और उस घटना के दौरान उन्हें हिम्मत कैसे मिली, इसके बारे में बताया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्मित मच्छार के परिजनों से बातचीत की थी। भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पायलट स्मित मच्छार की पत्नी और उनके माता-पिता से बात की थी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ‘भारतीय मिशन’ हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। घटना के बाद प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा था, “कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए ज़बरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।” बता दें कि मूल रूप से गुजराती स्मित मच्छार पर दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट ने उड़ान के दौरान हमला किया था। चाकू से हुए हमले में घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने यात्रियों और क्रू के साथ-साथ विमान को सुरक्षित रखा। विमान में अधिकतर इजरायली नागरिक थे, जिन्होंने को-पायलट को पकड़ा और बाद में तबुक एयरपोर्ट पर विमान को सुरक्षित उतारा गया। इजराइली प्रधानमंत्री के अनुसार, घटना के दौरान पायलट मच्छार को चाकू मारा गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, हमलावर का मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद की। पायलट स्मित मच्छार अभी उत्तर-पश्चिम सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें जरूरी मेडिकल इलाज दिया जा रहा है।

पीएम मोदी ने जांबाज भारतीय पायलट स्मित मच्छार से की बात, बोले- ‘आप पर पूरे देश को गर्व’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार से बात की है। उन्होंने स्मित मच्छार से उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने कहा कि आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, बल्कि यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है। पीएम मोदी ने स्मित से कहा कि पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। महामृत्युंजय के जाप चल रहे हैं। आपकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने लोगों की जान बचाई है। आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले लोग नहीं है, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा, “आपके शरीर पर इतना बड़ा घाव हुआ और स्वयं जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे। उस समय भी आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, बल्कि यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है। इसलिए मैं हृदय से गर्व अनुभव करता हूं।” स्मित के परिजनों से बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे कल भूपेंद्र भाई और गीताबेन से बात करने का अवसर मिला। मैंने गीताबेन को बोला कि आपका नाम गीता है, लेकिन आपने कृष्ण की गीता को पूरी तरह बचा दिया। आपने साक्षात गीता के संस्कारों से स्मित का जीवन बनाया।” इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी से बात करते हुए पायलट स्मित भावुक हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना सबसे बड़ा ‘आइडल’ बताया। स्मित मच्छार ने कहा, “आप मेरे सबसे बड़े ‘आइडल’ हैं। आप कॉल करके मेरी हौसला अफजाई कर रहे हैं, मुझे बहुत गर्व हो रहा है।” स्मित ने पीएम मोदी से कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि आपसे मेरी बात होगी।” स्मित के भावुक होने पर पीएम मोदी ने कहा, “आपने इतना बड़ा काम किया है कि हर देशवासी और पूरी दुनिया लोग आपको देखने, आपसे बात करने के लिए आतुर हैं। आपने सचमुच में पूरे देश का नाम रौशन किया है।” पीएम मोदी ने कहा कि भारत आपका स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक है। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा (आप सभी की जान न बचाते) न करते तो पता नहीं, पूरे देश और भारत के पायलटों पर क्या-क्या बीतती। सभी पायलटों को किस तरह से देखा जाता। आपने सभी को बचा लिया है।” इस दौरान, पीएम मोदी ने सऊदी और यूएई सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सरकारों ने स्मित की बहुत देखभाल की। मैं उनका बहुत आभारी हूं।

भारत में विदेशी राजदूतों ने मनाई गांधीजी की 157वीं जयंती, कहा-सत्य और अहिंसा का संदेश आज भी प्रासंगिक

नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर भारत में व‍िदेशी राजनय‍िकों ने भी बापू को नमन क‍िया और उनके स‍िद्धांतों और उनकी सीख को याद क‍िया। इस दौरान भारत में नॉर्वे के राजदूत मे-एलिन स्टेनर, जर्मनी के राजदूत जैस्पर विक ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट में माहात्‍मा के साबरमती आश्रम में अपनी यात्रा के अनुभव को साझा क‍िया। भारत में नॉर्वे के राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने पोसट में ल‍िखा, ”गांधी जयंती की शुभकामनाएं! साबरमती आश्रम की यात्रा मेरे लिए एक बहुत ही मार्मिक अनुभव था। सत्य, अहिंसा और शांति ऐसे मूल्य हैं, जिन्हें हम नॉर्वे में भी संजोते हैं। गांधीजी का संदेश हम सबको आज भी प्रेरणा देते हैं।” जर्मनी के राजदूत जैस्पर विक ने पोस्‍ट में ल‍िखा, ”आज जब हम महात्मा गांधी का जन्मदिन मना रहे हैं, तो मुझे 2019 में साबरमती आश्रम की अपनी यात्रा की सुखद यादें ताजा हो आती हैं। गांधी जयंती हमें गांधीजी के अहिंसा और मानवीय गरिमा के प्रति सम्मान के संदेश की याद दिलाती है। ऐसे मूल्य जो आज भी पूरी दुनिया में उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पहले थे। वहीं, भारत में फ्रांस के दूतावास ने ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट में ल‍िखा, ”नई दिल्ली में ‘ग्यारह मूर्ति’ से लेकर स्ट्रासबर्ग में उनकी प्रतिमा तक, गांधीजी का शांति और अहिंसा का संदेश सीमाओं के पार तक फैला हुआ है। फ्रांस उनकी याद को सम्मान देता है, चाहे वह स्मारक डाक टिकट के जरिए हो या फिर कांस्य की उनकी भव्य प्रतिमा के रूप में। गांधी जयंती पर हम एक ऐसी आवाज को नमन करते हैं, जो सचमुच सार्वभौमिक है।” इस अवसर पर यूक्रेनी दूतावास ने भी ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट में ल‍िखा, ”गांधी जयंती के अवसर पर भारत में यूक्रेन का दूतावास भारत के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देता है। महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और मानवीय गरिमा के शाश्वत सिद्धांत दुनिया भर की पीढ़ियों को प्रेरित करते रहें और न्याय, स्वतंत्रता तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर आधारित शांति के महत्व को और मजबूत करें।” चीन में भारतीय दूतावास ने भारतीय समुदाय और ‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया’ के साथ मिलकर गांधी जयंती के इस मौके पर जिंताई आर्ट म्यूजियम में महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई। राजदूत विक्रम दोराईस्वामी और जिंताई आर्ट म्यूजियम के क्यूरेटर मास्टर युआन ज‍िकुन ने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। चीनी कलाकारों की भावपूर्ण संगीत प्रस्तुति और भारतीय समुदाय के सदस्यों की ओर से गांधीजी के पसंदीदा भजनों के गायन ने शांति, सद्भाव और अहिंसा के उनके सदाबहार संदेश को जीवंत कर दिया। इस अवसर पर हिंदी दिवस प्रतियोगिता 2026 के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया, ताकि हिंदी भाषा के प्रति उनकी रचनात्मकता और उत्साह को सराहा जा सके।

पीएम ई-ड्राइव योजना से 26.59 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को मिला समर्थन, चार्जिंग बुनियादी ढांचे का भी हुआ विस्तार

नई दिल्ली। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत जून 2026 तक 26.59 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री संभव हुई है। इससे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी आई है, चार्जिंग बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है और घरेलू विनिर्माण इकोसिस्टम मजबूत हुआ है। यह जानकारी सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई। 11,900 करोड़ रुपए के बजटीय आवंटन वाली इस योजना की अवधि बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दी गई है। यह योजना इलेक्ट्रिक वाहनों की विभिन्न श्रेणियों और उनसे जुड़े बुनियादी ढांचे को समर्थन देती है। सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, योजना के तहत 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके अलावा ई-बसों, चार्जिंग स्टेशनों और परीक्षण सुविधाओं को भी समर्थन दिया जा रहा है, जिससे पूरे भारत में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 14,028 ई-बसों की तैनाती के लिए करीब 4,391 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इनमें से अगस्त 2026 तक 14,000 ई-बसों का आवंटन किया जा चुका है। करीब 13,800 ई-बसें सात शहरों—दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और सूरत—को आवंटित की गई हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों (ईवी पीसीएस) और परीक्षण एजेंसियों के अपग्रेड के लिए भी अनुदान सहायता उपलब्ध है। देशभर में ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। 28 सितंबर 2026 तक तीन तेल विपणन कंपनियों और 10 राज्यों में 8,147 चार्जर लगाने के लिए 851 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा, वाहन परीक्षण एजेंसियों के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए 780 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। लक्षित नीतियों, वित्तीय प्रोत्साहनों और सहायक उपायों के चलते देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से आगे बढ़ रही है। यह योजना विभिन्न वाहन श्रेणियों और उनसे जुड़े घटकों के लिए मांग आधारित प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सहायता प्रदान करती है। इस योजना के दायरे में ई-2 व्हीलर (ई-2डब्ल्यू), ई-3 व्हीलर (ई-3डब्ल्यू), जिनमें पंजीकृत ई-रिक्शा और ई-कार्ट तथा एल5 श्रेणी के वाहन, ई-एम्बुलेंस, ई-ट्रक, ई-बस, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और परीक्षण एजेंसियों का उन्नयन शामिल हैं। पंजीकृत ई-2डब्ल्यू के लिए 2,500 रुपए प्रति किलोवाट-घंटा का प्रोत्साहन दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 5,000 रुपए प्रति वाहन है। यह लाभ 1.5 लाख रुपए तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले वाहनों पर लागू होता है। इसके लिए कुल 2,767 करोड़ रुपए का फंड आवंटित किया गया है। योजना का लक्ष्य 45.79 लाख से अधिक पंजीकृत ई-2डब्ल्यू को समर्थन देना है। सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, पंजीकृत ई-3डब्ल्यू (एल5) के लिए निर्धारित बिक्री लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और इस श्रेणी को 26 दिसंबर 2025 को बंद कर दिया गया। वहीं, ई-3डब्ल्यू (ई-रिक्शा और ई-कार्ट) के लिए समर्थन मार्च 2028 तक जारी रहेगा।