परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस की कमान मिलने पर सचिन पायलट ने दी बधाई

नई दिल्ली। कांग्रेस ने पंजाब में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की है। पंजाब में परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी गई है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने परगट सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करेगी। सचिन पायलट ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, ”पंजाब कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह जी को मैं बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।” उन्होंने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा, ”मैं आशा करता हूं कि आने वाले विधानसभा चुनावों में आपके नेतृत्व में पार्टी बेहतरीन प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे जी एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के विचारों को आप जनता तक पहुंचाने का कार्य पूरी प्रतिबद्धता और निष्ठा के साथ करेंगे।” पायलट ने कहा कि पंजाब बदलाव की राह देख रहा है और ऐसे समय में कांग्रेस को अपने संगठन को और मजबूत करते हुए जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाना होगा। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के कार्यकाल की भी सराहना की। पायलट ने कहा, ”मैं राजा वड़िंग जी को भी उनके कार्यकाल के दौरान पार्टी और संगठन की मजबूती के लिए अथक परिश्रम और योगदान के लिए धन्यवाद देता हूं।” कांग्रेस ने पंजाब में संगठनात्मक बदलाव करते हुए परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह प्रदेश संगठन की कमान संभालेंगे। पार्टी ने राजा वड़िंग के कार्यकाल के दौरान उनके योगदान की सराहना की है। इसके साथ ही कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पंजाब में विभिन्न चुनाव संबंधी समितियों के वर्किंग प्रेसिडेंट, चेयरपर्सन और को-चेयरपर्सन पहले की तरह अपने पदों पर बने रहेंगे। पंजाब के साथ कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में भी प्रदेश संगठन के नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के योगदान की भी सराहना की है। इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में चौधरी वीरेंद्र सिंह की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इन नियुक्तियों से संबंधित प्रेस रिलीज कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी की गई। उत्तर प्रदेश और पंजाब में इन बदलावों के साथ कांग्रेस ने दोनों राज्यों में अपने प्रदेश संगठन को नया नेतृत्व सौंपा है। वहीं, पंजाब कांग्रेस की कमान मिलने के बाद परगट सिंह के सामने अब संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वो भी जाएगा: राहुल गांधी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वो भी जाएगा। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज गांधी जयंती है और आज ही हजारों नौजवान वोट चोरी के खिलाफ सड़कों पर हैं। शांतिपूर्वक, बिना हिंसा के, अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए। उनकी मांग साफ है ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। राहुल गांधी ने आगे लिखा कि बापू ने यही सिखाया था – सच बोलो, शांति से लड़ो और यही सरकार को सबसे ज्यादा डराता है, क्योंकि लाठी से भीड़ रोकी जा सकती है, सवाल नहीं। ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वो भी जाएगा। सीजेपी के साथ ही साथ वामपंथी छात्र संगठनों और कई अन्य संगठनों ने शुक्रवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी। वहीं, आम आदमी पार्टी समेत कई राजनीतिक दल के नेता भी प्रदर्शन करने पहुंच रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाया। कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

सपा सांसद नदवी का भाजपा पर हमला, बोले- जवानों के जज्बात कुचले, संस्थाओं की संप्रभुता खत्म की

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने 30 सितंबर को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि 2 अक्टूबर से पूरे देश में गठबंधन की पार्टियां चुनाव आयोग और वोट चोरी के मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध करेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के जरिए संस्थाओं की संप्रभुता खत्म की गई, नौजवानों और छात्रों के हितों को दफन किया जा रहा है, और मौजूदा सरकार में मजबूत लीडरशिप की कमी है। सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, “इंडिया गठबंधन की 30 सितंबर को जो बैठक हुई थी, उसमें 20 पार्टियों ने हिस्सा लिया था। उसमें तय हो गया था कि 2 अक्टूबर से पूरे देश में तमाम पार्टियां जो इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, और जो वहां शामिल नहीं हो पाई थीं लेकिन मुद्दों पर साथ हैं, उन्होंने भी विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। ज्ञानेश कुमार का जिस तरह से इस्तेमाल किया गया है और संस्थाओं की जो संप्रभुता थी, जो उनका अधिकार था, उसे खत्म किया गया है, उससे लोग बहुत नाराज हैं। भारतीय जनता यानी हिंदुस्तानी आवाम के मतों को छीनने का अधिकार संविधान ने किसी को नहीं दिया है।” उन्होंने कहा, “जो कुछ भी हो रहा है, यह हिंदुस्तानी आवाम की प्रतिक्रिया है। नौजवानों के जज्बातों को कुचला जा रहा है। छात्रों के जो हित हैं, उन्हें दफन किया जा रहा है। वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। भेदभाव की सियासत ने देश की नींव हिला दी है और जब किसी देश के समाज में आपस में विश्वास की कमी हो जाए तो समझ लीजिए कि उसके ताने-बाने हिलने लगे हैं।” सपा सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद देश के असल मुद्दे और चुनौतियां सामने हैं। अभी छह लोगों को, जो देशद्रोह के आरोप में पकड़े गए थे और जो म्यांमार और सेवन सिस्टर्स यानी नॉर्थ-ईस्ट में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल थे, उन्हें न जाने क्यों रातों-रात छोड़ दिया गया और देश से बाहर जाने दिया गया। गलवान घाटी में जो हुआ, हिंदुस्तान के इतिहास में इससे ज्यादा हमारे देश के जवानों के मनोबल और देश के गौरव व शान को पहली बार महसूस हुआ कि मजबूत नेतृत्व की कमी है। और जिस तरह ऑपरेशन सिंदूर के समय हमारे देश से युद्धविराम का ऐलान नहीं हो रहा है, बल्कि ट्रंप कर रहे हैं, यह भी कमजोरी की बात है। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, “यह स्पष्ट है कि देश के अंदर संविधान को कमजोर करने की जो साजिश है, देश के अंदर एसआईआर के माध्यम से जिस तरह से आज ज्ञानेश कुमार ने कमजोर किया है, वोट चोरी करने में भाजपा की मदद की है, हम भाजपा से सीधे लड़ रहे हैं।” पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी प्रकाश जोशी ने कहा, “भाजपा ने दिमाग नहीं लगाया। अगर दिमाग लगाते तो फेयर चुनाव की बात करते। पिछले पांच महीने में जब से यह सरकार बनी है, जब से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने हैं, वे पूरी तरह से निष्फल रहे हैं, पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। उन्हें डर सता रहा है कि चुनाव हार सकते हैं। नहीं तो पांच महीने के अंदर अगर उपचुनाव हो रहा है तो इस तरह से सरकारी मशीनरी, चुनाव आयोग और पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग नहीं होता।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के जो कार्यकर्ता खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं और उस पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है, यह नहीं होना चाहिए था। यह डरा हुआ, बौखलाया हुआ मुख्यमंत्री कर रहा है। प्रकाश जोशी ने कहा कि जिस सीट से आप आते हैं, उस सीट को आप नहीं संभाल पाए। आज नंदीग्राम की जनता जवाब देना चाहती है, आज रेजीनगर की जनता, जो हुमायूं कबीर के बहकावे में आ गई थी, वह जवाब देना चाहती है। वह समझ चुकी है कि हुमायूं कबीर भाजपा का ही एक डिजाइन था, उस डिजाइन का हिस्सा था। आज वो जवाब देना चाहते हैं, तो इसी बौखलाहट में वे ये सब कर रहे हैं। लेकिन इस बार की जनता जवाब देने वाली है।

चुनाव प्रचार में जेल नहीं, जनता से जुड़े मुद्दों पर बात होनी चाहिए, हिमंता बिस्वा सरमा का गौरव गोगोई पर तंज

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में जेल की बात करने के बजाय लोगों के जीवन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। गौरव गोगोई के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने कहा कि चुनाव राजनीतिक दलों के लिए सड़क, शिक्षा, विकास और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा करने का मौका होता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ”जब चुनाव आते हैं तो वोट के बारे में सोचना चाहिए, जेल के बारे में नहीं।” उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं को सड़क, स्कूल, कॉलेज और ओरुनोदोई जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर बात करनी चाहिए। सीएम सरमा ने कहा, ”जब चुनाव आते हैं तो सड़क, स्कूल, कॉलेज और ओरुनोदोई की बात करनी चाहिए।” सीएम सरमा ने जेल की राजनीति और आम मतदाताओं की चिंताओं के बीच अंतर बताते हुए कहा कि जेल में बंद कैदी वोट नहीं देते। आम जनता वोट देती है। यह बयान 6 अक्टूबर को होने वाले नगांव लोकसभा उपचुनाव से पहले भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपना प्रचार तेज कर दिया है और एक-दूसरे पर हमले भी बढ़ गए हैं। गौरव गोगोई असम में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं, जबकि हिमंता बिस्वा सरमा राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख प्रचारकों में से एक हैं। 2026 के असम विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी सरमा और गोगोई के बीच शासन, कल्याणकारी योजनाओं और राजनीतिक विवादों सहित कई मुद्दों पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी। ताजा बयान असम में जारी व्यापक राजनीतिक मुकाबले को भी दिखाता है, जहां अलग-अलग दल विकास, शासन और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़े अपने-अपने मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाने की कोशिश कर रहे हैं। नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर को होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। ऐसे में चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ सरमा और गोगोई के बीच राजनीतिक बयानबाजी चुनावी चर्चा का प्रमुख हिस्सा बने रहने की संभावना है।

महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ा रहा मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया: मोहन यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि महात्मा गांधी के स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचारों को आगे बढ़ाते हुए देश मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार कर रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का लोकतंत्र पूरी दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। महात्मा गांधी के स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचारों को आगे बढ़ाते हुए देश मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार कर रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न से सम्मानित स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर ओल्ड विधानसभा चौराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यह सौभाग्य और गर्व का विषय है कि आज हम देश की आजादी के 2 महान नायकों की जयंती मना रहे हैं। महात्मा गांधी ने स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया, वहीं स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के आदर्श स्थापित किए। इन महापुरुषों के विचार आज भी देश को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि लंबे समय तक देश में रहे दल विशेष के शासन में अंग्रेजों की सोच और उनकी व्यवस्थाओं की विरासत को आगे बढ़ाया गया। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी को प्रोत्साहन देकर देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी के भाव से देश की नई संसद का निर्माण कराया है। मुख्यमंत्री यादव ने भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार की वीरता और मानवीय भावना की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि यात्री विमान में इजरायली यात्रियों की जान बचाने के लिए कैप्टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया। उनका यह कार्य मानवता, कर्तव्य निष्ठा और साहस का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैप्टन स्मित ने यात्रियों की जान बचाने के साथ आतंकवादियों के नापाक मंसूबों को विफल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इस गौरवपूर्ण साहसी कार्य से सभी भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी देशवासियों की ओर से कैप्टन स्मित मच्छार को बधाई दी है।

गृह मंत्री अमित शाह भोपाल में गौपालक सम्मेलन को करेंगे संबोधित, न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का भी होगा उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश के सहकारिता क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की समृद्धि का प्रभावी माध्यम बनाने के साथ-साथ डेयरी सहकारिता के माध्यम से पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और विशेष रूप से महिला सदस्यों की आय एवं आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी दिशा में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित गौपालक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे तथा न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह न्याय संहिता पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे नवीन न्यायिक संहिता के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश पुलिस की उपलब्धियों से संबंधित प्रदर्शनी खंडों का भी अवलोकन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान भोपाल में ‘मोरवन प्रोजेक्ट’ के तहत नगर वन विकसित करने के लिए कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड और मध्य प्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान भी किया जाएगा। इसके साथ साथ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह डेयरी और सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे तथा विभिन्न हितलाभों का वितरण करेंगे। इस अवसर पर अमित शाह उज्जैन में 255 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किए जाने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल माध्यम से भूमिपूजन करेंगे। इसके साथ ही भोपाल में 16.5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया जाएगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री भोपाल में 12.42 करोड़ रुपए की लागत से तैयार अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का भी लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा शिवपुरी में 6.5 करोड़ रुपए की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का डिजिटल माध्यम से लोकार्पण किया जाएगा। ये परियोजनाएं मध्य प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता और डेयरी क्षेत्र से जुड़े बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। कार्यक्रम के दौरान भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघ के सदस्यों को सिंगल क्लिक के माध्यम से बोनस का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही गौशालाओं को भी सिंगल क्लिक के माध्यम से सहायता राशि प्रदान की जाएगी। दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों का सम्मान किया जाएगा और सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ रुपए का लाभांश वितरित किया जाएगा। गौपालक सम्मेलन में महिला पशुपालकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए ‘गौपालक दीदियों’ को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत दो स्वीकृति पत्रों का वितरण भी किया जाएगा।

राजस्थान में 3 से 16 अक्टूबर तक चलेगा ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान

जयपुर। राजस्थान में लोगों को सुरक्षित, पौष्टिक और स्वस्थ खान-पान की आदतों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 3 से 16 अक्टूबर तक ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान आयोजित किया जाएगा। इसके तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों, मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों की मदद से विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का आयोजन राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ के निर्देश पर किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि 3 और 5 अक्टूबर को स्कूलों में ‘ईट राइट डे’ के तहत गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान विद्यार्थियों को हेल्दी टिफिन, श्री अन्न यानी मोटे अनाज, हाथ धोने और खाद्य पदार्थों के लेबल पढ़ने के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। 6 और 7 अक्टूबर को मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के जरिए खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करने के आसान तरीके बताए जाएंगे। इसके अलावा खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर ही जांच भी की जाएगी। 8 और 9 अक्टूबर को ‘स्वस्थ राजस्थान-स्वस्थ थाली दिवस’ आयोजित किया जाएगा। इसके तहत लोगों को नमक, चीनी और तेल का सेवन कम करने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 11 और 12 अक्टूबर को पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उनके लेबल को पढ़ने और समझने के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चतुर्वेदी ने बताया कि 13 और 14 अक्टूबर को कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अस्पतालों में ‘ईट राइट कैंपस’ से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का समापन 15 और 16 अक्टूबर को ‘फूड वेस्ट-सेव फूड डे’ की गतिविधियों के साथ होगा। इस दौरान लोगों को भोजन की बर्बादी रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त ने बताया कि अभियान के दौरान लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ भी दिलाई जाएगी। इसमें पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उनका लेबल पढ़ना, भोजन में नमक, तेल और चीनी की मात्रा कम करना, सप्ताह में कम से कम तीन दिन साबुत अनाज खाना, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग या शारीरिक व्यायाम करना और भोजन बर्बाद नहीं करने जैसी आदतों को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा।

पाकिस्तान : पंजाब में पांच साल में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के 1.95 लाख से अधिक मामले दर्ज

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एक मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले पंजाब प्रांत में 2021 से 2025 के बीच महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के 1,95,787 मामले दर्ज किए गए। पीस एंड जस्टिस नेटवर्क पाकिस्तान की ‘नेशनल जेंडर-बेस्ड वायलेंस क्राइम रिपोर्ट 2021-25’ के मुताबिक, पांच वर्षों के दौरान पूरे पाकिस्तान में दर्ज लैंगिक हिंसा के कुल मामलों में लगभग 82 प्रतिशत मामले पंजाब से थे। रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में घरेलू हिंसा के 14,824 मामले दर्ज किए गए। इनमें 3,746 ऐसे मामले थे, जिनमें महिलाओं की जान चली गई। इसके अलावा, प्रांत में ऑनर किलिंग के 830 और महिलाओं को जलाने के 442 मामले दर्ज किए गए। इनमें एसिड अटैक के 143 और स्टोव से जलाने की 299 घटनाएं शामिल थीं। महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा के भी बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए। पांच वर्षों के दौरान पंजाब में यौन हिंसा के कुल 20,560 मामले सामने आए। इनमें बलात्कार के 16,827 और सामूहिक बलात्कार के 2,183 मामले शामिल थे। इसके अलावा हिरासत में यौन हिंसा के 189 और परिवार के भीतर यौन शोषण के 1,361 मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच पंजाब में महिलाओं और लड़कियों के अपहरण के 90,965 मामले दर्ज किए गए। यह रिपोर्ट में दी गई अलग-अलग श्रेणियों में सबसे बड़ी संख्या है। इसके अलावा लैंगिक हिंसा के अन्य प्रकारों से जुड़े 68,165 मामले भी दर्ज किए गए, जिन्हें अलग-अलग श्रेणियों में नहीं बांटा गया। साल के हिसाब से देखें तो पंजाब में 2021 में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के 23,032 मामले दर्ज किए गए थे। वर्ष 2022 में यह संख्या बढ़कर 28,080 और 2023 में 35,238 हो गई। इसके बाद 2024 में मामलों की संख्या तेजी से बढ़कर 52,824 हो गई। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा और बढ़कर 56,613 पर पहुंच गया। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि पुलिस के आंकड़े केवल आधिकारिक रूप से दर्ज मामलों को दिखाते हैं। ऐसे में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के वास्तविक मामले इससे अधिक हो सकते हैं। पिछले महीने सामने आई एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान में लैंगिक हिंसा से निपटने के लिए कई क्षेत्रों को साथ लेकर प्रभावी तरीके से काम करने की जरूरत है। इसकी वजह यह है कि यह समस्या समाज में गहराई से जुड़ी हुई है और इसके पीछे व्यक्तिगत सोच, पारिवारिक परिस्थितियां और सामाजिक मान्यताएं जैसे कई कारण हैं। ‘द फ्राइडे टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में बलात्कार विरोधी कानून, घरेलू हिंसा से जुड़े कानून और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कई कानूनी संशोधन किए जाने के बावजूद लैंगिक हिंसा के मामलों में रोकथाम और दोषसिद्धि की दर कम बनी हुई है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी, रूढ़िवादी सोच, सामाजिक वर्जनाएं और जटिल न्यायिक प्रक्रियाएं महिलाओं के खिलाफ हिंसा को प्रभावी तरीके से रोकने में बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तानी अधिकारी लैंगिक हिंसा को रोकने के लिए कुछ प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ये प्रयास या तो पर्याप्त नहीं हैं या उन्हें इस तरह लागू नहीं किया जा रहा है कि उनके स्पष्ट नतीजे दिखाई दें। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर लैंगिक हिंसा को जड़ से खत्म करना है तो महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने वाली पूरी व्यवस्था और सामाजिक परिस्थितियों में बदलाव लाना होगा। इसके लिए व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर एक साथ काम करने के साथ कई क्षेत्रों की भागीदारी जरूरी है।

स्थानीय राजनीति से रखेंगे दूरी, रेजीनगर के विकास के लिए सीधे केंद्र से बात करूंगा: हुमायूं कबीर

मुर्शिदाबाद। आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में कई राजनीतिक और स्थानीय मुद्दों को लेकर बयान दिया है। उन्होंने रेजीनगर के विकास, प्रस्तावित हवाई अड्डे के परिसर से मस्जिद हटाने के मुद्दे और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की राजनीतिक भूमिका को लेकर अपनी बात रखी। रेजीनगर को लेकर आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यदि संबंधित आठ विधानसभा क्षेत्रों को मॉडल निर्वाचन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकता है, तो यह स्थानीय लोगों के हित में होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वह स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच चल रही खींचतान में पड़ने के बजाय सीधे दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करेंगे और आवश्यकता बड़ी को इस संबंध में केंद्रीय मंत्रियों और नितिन नवीन से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर समीक बाबू और संबंधित पक्ष के बीच लगातार मतभेद और खींचतान चल रही है। ऐसे में उनके बीच पड़ने के बजाय वह सीधे केंद्र के नेताओं से अपनी बात रखने को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि रेजीनगर और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए ठोस पहल होती है, तो स्थानीय जनता को इसका लाभ मिलेगा। हवाई अड्डे के परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर भी हुमायूं कबीर ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की सरकार होने के कारण उन्हें लगता है कि मस्जिद को हटाने की कोशिश की जा रही है। कबीर ने कहा कि सरकार की मंशा मस्जिद को हटाने की है और यह प्रक्रिया आज नहीं तो कल आगे बढ़ सकती है। इस मामले में अंतरिम आदेश के जरिए मस्जिद को हटाने की कार्रवाई को रोका जा सकता था। अधिकारियों का रुख ऐसा दिखाई दे रहा है कि वे मस्जिद को हटाने के फैसले पर दृढ़ हैं। कबीर ने कहा कि कानून सरकार बनाती है और अंततः प्रशासन को सरकार के फैसलों और निर्देशों का पालन करना होता है। वहीं, कांग्रेस और अधीर चौधरी से जुड़े सवाल पर हुमायूं कबीर ने कहा कि वह इस मामले पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। अधीर चौधरी लंबे समय से ममता बनर्जी के राजनीतिक विरोधी रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1998 में तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद से ही अधीर चौधरी लगातार ममता बनर्जी का विरोध करते रहे हैं। कबीर ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी लंबे समय से पश्चिम बंगाल की सत्ता में है, जबकि 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ कांग्रेस को राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है और पार्टी अपनी दिशा को लेकर संघर्ष कर रही है। कबीर ने यह भी आरोप लगाया कि अधीर चौधरी अतीत में राहुल गांधी के खिलाफ बयान दे चुके हैं और सोनिया गांधी से भी संपर्क कर चुके हैं।

कांग्रेस ने यूपी में आराधना मिश्रा ‘मोना’ को बनाया प्रदेश अध्यक्ष, परगट सिंह को पंजाब की कमान

नई दिल्ली। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। पार्टी ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया है। कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में दो वरिष्ठ उपाध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद शामिल हैं। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। पार्टी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के योगदान की सराहना की है। इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नेता के पद पर चौधरी वीरेंद्र सिंह की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से प्रभावी होगी। कांग्रेस ने पंजाब में भी प्रदेश संगठन की कमान बदली है। पार्टी अध्यक्ष ने परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। कांग्रेस ने पंजाब कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के योगदान की भी सराहना की है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि पंजाब में विभिन्न चुनाव संबंधी समितियों के वर्किंग प्रेसिडेंट, चेयरपर्सन और को-चेयरपर्सन पहले की तरह अपने पदों पर बने रहेंगे। कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से दोनों नियुक्तियों से संबंधित प्रेस रिलीज जारी की गई। इन नियुक्तियों के साथ कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में अपने प्रदेश संगठन में नेतृत्व स्तर पर बदलाव किया है। उत्तर प्रदेश में आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद को वर्किंग प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पंजाब में परगट सिंह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष होंगे।