वर्ल्ड टूरिज्म डे 2026: पर्यटन बना रोजगार और विकास का मजबूत आधार, धार्मिक यात्राएं बनीं सबसे बड़ी वजह

नई दिल्ली। हर वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। किसी भी कंट्री कीइकोनॉमी और कल्चरल आइडेंटिटी टूरिज्म होती है। टूरिज्म से लोगों जगहों, संस्कृतियों, परंपराओं और विरासत को जानने का अवसर मिलता है। इसके साथ लोगों को रोजगार और स्थानीय इकोनॉमी को बढ़ावा मिलता है। टूरिज्म के इन्हीं महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 27 सितंबर को वर्ल्ड टूरिज्म डे मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, टूरिज्म से एंप्लॉयमेंट, स्थानीय इकॉनमी और सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत के संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है। वर्ल्ड टूरिज्म डे की शुरुआत वर्ष 1980 में हुई थी। इससे पहले वर्ष 1979 के सितंबर महीने में स्पेन में आयोजित यूएम टूरिज्म जनरल एसेंबली के तीसरे सत्र में इसको प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया था। पहली बार 27 सितंबर 1980 को विश्व पर्यावरण दिवस (वर्ल्ड टूरिज्म डे) मनाया गया था। टूरिज्म कई देशों और स्थानीय लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। होटल, परिवहन, बाजार, खान-पान और कई अन्य क्षेत्र भी टूरिज्म की गतिविधियों से जुड़ जाते हैं। सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी टूरिज्म का महत्वपूर्ण पहलू है। इस वर्ष इसकी आधिकारिक थीम “पर्यटन को नया रूप देने के लिए डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता” है। पर्यटन के लिए भारत में कई जगहें हैं, जहां लोग आसानी से पहुंच जाते हैं और वहां की संस्कृति, खान-पान और स्थानीय माहौल का आनंद लेते हैं। पीआईबी के अनुसार, जुलाई 2025 से जून 2026 के दौरान 48 प्रतिशत लोगों ने सबसे अधिक यात्राएं ‘तीर्थयात्रा और धार्मिक’ उद्देश्य से कीं। उत्तर प्रदेश सबसे अधिक देखी जाने वाली जगहों के तौर पर उभरा है। उत्तर प्रदेश में 15.7 प्रतिशत पर्यटकों ने यात्राएं कीं, जिसके राज्य और अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटक शामिल हैं। 13.7 प्रतिशत लोगों ने तमिलनाडु में यात्राएं कीं और 8 प्रतिशत लोगों ने राजस्थान की यात्राएं कीं। सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि पिछले 365 दिनों में स्वास्थ्य और चिकित्सा संबंधी यात्राओं पर सबसे अधिक खर्च हुआ। ग्रामीण परिवारों का औसत व्यय 29,454 रुपए और शहरी परिवारों का 41,649 रुपए रहा।
‘महंगी गाड़ियां, स्पोर्ट्स कंपनी, मुंबई में कई फ्लैट्स’, एकम बावा ने रिति तिवारी के दावों को बताया झूठा

मुंबई। भोजपुरी अभिनेता और नेता मनोज तिवारी की बेटी रिति तिवारी इन दिनों ‘बिग बॉस-20’ में साथी प्रतिभागियों उदिति और काजी तौकीर के साथ बहस के दौरान आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल और कम पॉकेट मनी मिलने को लेकर दिए बयान के कारण आलोचना का सामना कर रही हैं। इस बीच रिति की मां रानी तिवारी के दूसरे पति और पंजाबी गायक एकम बावा ने उनके बयानों को गलत बताया है। एकम बावा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि वे रिति को करीब से जानते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस लड़की के बैग और गाड़ियां इतनी महंगी हैं, वह भला इतने कम पैसों में अपना खर्च कैसे चला सकती है। वीडियो में एकम बावा कहते हैं, “हाल ही में रिति तिवारी ने बिग बॉस में बोला था कि उन्हें हर माह पॉकेट मनी के तौर पर 25,000 रुपये मिलते रहे हैं। मैं 2020 से लेकर 2025 तक रिति तिवारी के घर पर रहता था। रिति की मां और मैं 2020 से लेकर 2022 तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे, फिर 2022 में हमारी मेरी शादी हो गई।” उन्होंने आगे कहा, “रिति तिवारी का मैं, आप सभी को सच बताता हूं कि उनके पास 4 से 5 लाख रुपये तक के हैंडबैग है, रेंज रोवर से लेकर बड़े बड़े ब्रांड की गाड़ियां हैं। इन गाड़ियों में तो डीजल ही 2 से लेकर 3 हजार तक का पड़ता है। इसके साथ ही, इनकी स्पोर्ट्स कंपनी भी है, जिसका टर्नओवर बहुत कमाल का होता है और कई क्रिकेटर्स उससे जुड़े हैं, तो उसका रुपए कहां जाएगा और फिर मुंबई में कई फ्लैट्स हैं।” एकम बावा ने रिति तिवारी को समझाते हुए कहा कि वे लोगों को झूठ बोलना बंद करें। उन्होंने कहा, “रिति तिवारी लोगों को पागल बनाना बंद कीजिए और बिग बॉस में जाकर लोगों को गालिया भी न दें।” गायक ने रिति तिवारी की मां रानी के बारे में बताते हुए कहा, “रिति तिवारी की मां के बारे में बोलने के लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं है। उन्होंने मेरे साथ जो किया है, वैसा भगवान किसी के साथ न करें। मैं सोशल मीडिया पर लाइव नहीं आता हूं और न ही इतनी वीडियो बनाता हूं, चाहें तो हमारे दर्शक मेरी प्रोफाइल देख सकते हैं। हालांकि, कभी कभी बनाकर डाल देता हूं। मैं बस काम से मतलब रखता हूं। अब तो कई चीजों से मुझे मतलब नहीं है, लेकिन झूठ नहीं पसंद है और इतना झूठ कौन बोलता है।” एकम बावा ने रिति तिवारी के द्वारा आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने पर भी कहा, “आप शो में काजी को गाली दे रही हैं, तो ऐसे में गुस्सा आना जाहिर है। तो मैं रिति तिवारी से विनती करता हूं कि सही से चलिए कोई दिक्कत नहीं होगी। मैं आपके साथ 6 साल रहा हूं, तो मुझे तो आपके बारे में न जाने कितनी बातें पता है। आपको हाथ जोड़कर विनती है कि झूठ नहीं बोलो। असलियत में जिए और लोगों को गुमराह करना बंद करें।
मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को जयंती पर दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर याद किया और भारत की आर्थिक प्रगति तथा राष्ट्र-निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “हम भारत के राष्ट्र-निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के असाधारण योगदान को गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं। एक दूरदर्शी राजनेता के तौर पर, उनके ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों ने भारत की विकास की दिशा बदल दी, नए अवसर पैदा किए और लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद की।” उन्होंने कहा, “उनकी विनम्रता, ईमानदारी और समझदारी उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही। उन्होंने शालीनता और संवेदना के साथ नेतृत्व किया और समावेशी विकास तथा सबसे कमजोर वर्गों के कल्याण को शासन के केंद्र में रखा। उनकी सरकार का अधिकार-आधारित ढांचा इस सोच का एक स्थायी प्रमाण है।” खड़गे ने आगे कहा, “उनकी जयंती पर, हम एक ऐसे राजनेता को दिल से श्रद्धांजलि देते हैं, जिनकी ईमानदार जन-सेवा, समावेशी विकास और बड़े बदलाव लाने वाले सुधारों की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।” कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने एक्स पोस्ट में कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर याद करते हुए। एक जाने-माने अर्थशास्त्री, विद्वान और राजनेता के तौर पर, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में बुद्धिमानी, विनम्रता और ईमानदारी का परिचय दिया। भारत को एक ऐतिहासिक आर्थिक बदलाव की ओर ले जाने से लेकर एक दशक तक प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने तक, देश के लिए उनका योगदान एक मजबूत और समावेशी भारत बनाने के शांत संकल्प से प्रेरित था। उनके जीवन और सेवा को हमेशा गहरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।” उन्होंने कहा, “बेंगलुरु और कर्नाटक के लिए उनके योगदान को हमेशा कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा। बेंगलुरु मेट्रो की आधारशिला रखते समय उन्होंने कर्नाटक की तरक्की के साथ-साथ बेंगलुरु के विकास के लिए काम करने की ज़रूरत पर जोर दिया था, क्योंकि वे समझते थे कि दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकते। उनकी दूरदर्शिता, समझदारी और जन-सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हमें एक मजबूत कर्नाटक और ज्यादा समृद्ध भारत बनाने की कोशिशों में प्रेरित करती रहती है।” कांग्रेस पार्टी ने भी डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर याद किया और कहा, “हम पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हैं। एक जाने-माने अर्थशास्त्री और राजनेता के तौर पर उनकी विनम्रता, ईमानदारी और जन-सेवा के प्रति समर्पण ने उनके शानदार सफर को खास बनाया। भारत की आर्थिक प्रगति और विकास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।” हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर लिखा, “देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं वंदन। दूरदृष्टि और आर्थिक समझ से उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति दी और विकास को व्यापक जनहित से जोड़ा। गरीब, दलित, वंचित और कमजोर तबकों के जीवन में अवसर बढ़ाना उनके आर्थिक दृष्टिकोण का अहम हिस्सा रहा। राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।” राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स पोस्ट में कहा, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.डॉ.मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें सादर नमन। देश को आर्थिक शक्ति बनाने में अतुलनीय योगदान देने के लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। उनकी विद्वता, सौम्यता एवं सरलता सभी के लिए प्रेरणादायक है।” कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारत की आर्थिक प्रगति के सशक्त स्तम्भ, दूरदर्शी, मृदुल व संसदीय आचरण के उच्च मानक स्थापित करने वाले प्रख्यात अर्थशास्त्री और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी ने देश को ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों के दौर से सफलतापूर्वक नेतृत्व प्रदान किया। समावेशी विकास की उनकी दृष्टि और उनकी अटूट राजनीतिक ईमानदारी ने 21वीं सदी में भारत के एक स्वर्णिम युग की नींव रखी। आज उनकी जयंती पर हम उनके अमूल्य योगदान और विरासत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।” डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भारतीय इतिहास में एक ऐसे अर्थशास्त्री के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा जिन्होंने देश की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव रखी। 1991 में वित्त मंत्री के तौर पर डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा शुरू किए गए आर्थिक सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम बदलावों का रास्ता तैयार किया। 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, डॉ. मनमोहन सिंह ने भारत के लोगों के अधिकारों और अवसरों को बढ़ाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, सूचना का अधिकार अधिनियम और शिक्षा का अधिकार अधिनियम जैसे अहम कानून और कार्यक्रम लागू किए।
पितृ पक्ष विशेष: परशुराम कुंड से लेकर प्रिंसेप घाट तक, जहां पितरों को मिलता है मोक्ष का द्वार

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इन 16 दिनों में परिवार के सदस्य अपने पितरों की आत्मिक शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान किया गया दान और तर्पण सीधे पितरों तक पहुंचता है और उन्हें मोक्ष प्रदान करता है। देशभर में इसके लिए कई पवित्र स्थल हैं, लेकिन इनमें दो स्थानों का महत्व सबसे अलग है-अरुणाचल प्रदेश का परशुराम कुंड और कोलकाता का प्रिंसेप घाट। अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में लोहित नदी के तट पर स्थित परशुराम कुंड एक अत्यंत पवित्र हिंदू तीर्थस्थल है। इसका संबंध भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम से है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान परशुराम ने अपने पिता ऋषि जमदग्नि के आदेश पर अपनी माता रेणुका का वध कर दिया था। पिता की आज्ञा का पालन करने से उनकी माता तो पुनर्जीवित हो गईं और उन्हें पितृ-भक्ति का वरदान मिला, लेकिन उन पर मातृ-हत्या का घोर पाप लग गया। इस पाप के कारण उनके हाथ से उनका परशु यानी कुल्हाड़ी चिपक गई। देश के तमाम तीर्थों में भटकने के बाद जब वे लोहित नदी के इस कुंड में पहुंचे और यहां स्नान किया, तब उनके हाथ से वह कुल्हाड़ी छूट गई और वे पापमुक्त हो गए। इसी कारण इसे गंभीर पापों, विशेषकर माता-पिता और पूर्वजों से जुड़े दोषों से मुक्ति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परशुराम कुंड का जल अत्यंत दिव्य और शुद्ध है। पितृ पक्ष के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करने आते हैं। मान्यता है कि यहां तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति और मोक्ष मिलता है। वैसे तो यहां साल भर श्रद्धालु आते हैं, लेकिन मकर संक्रांति पर यहां सबसे बड़ा मेला लगता है, जिसमें भारत और नेपाल से लाखों लोग पवित्र डुबकी लगाते हैं। पितृ तर्पण के लिए पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित प्रिंसेप घाट और हुगली नदी के अन्य घाट भी बेहद प्रसिद्ध हैं। हुगली नदी गंगा की ही एक धारा है, इसलिए इसमें किया गया पिंडदान और तर्पण अत्यंत फलदायी माना जाता है। पितृ पक्ष के 16 दिनों के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए जुटते हैं, लेकिन इसका सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण दिन पितृ पक्ष का अंतिम दिन यानी महालया अमावस्या होता है। इस दिन तड़के सुबह से ही हुगली नदी के घाटों पर जनसैलाब उमड़ पड़ता है। यहां की परंपरा बेहद अनोखी है। लाउडस्पीकर पर ‘महिषासुरमर्दिनी’ चंडीपाठ की गूंज के बीच श्रद्धालु घुटनों तक नदी के पानी में खड़े होकर कुश, काले तिल, गंगाजल और सफेद फूलों से अपने पूर्वजों को तिलोदक अर्पित करते हैं। यही क्षण पितृ पक्ष की समाप्ति और देवी पक्ष यानी दुर्गा पूजा की शुरुआत का प्रतीक होता है। प्रिंसेप घाट के अलावा बागबाजार घाट, निमतला घाट और हावड़ा के रामकृष्णपुर घाट पर भी पितृ पक्ष में प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए जाते हैं। यहां एक तरफ जहां आस्था का सैलाब दिखता है, वहीं दूसरी तरफ पितरों के प्रति कृतज्ञता और मोक्ष की कामना का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टली

नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने के फैसले को दी गई चुनौती पर शनिवार को होने वाली सुनवाई टल गई है। महिला पहलवानों की याचिका पर अब राउज एवेन्यू कोर्ट में 28 सितंबर को सुनवाई होगी। जज दिग्विनय सिंह के ट्रेनिंग में चले जाने की वजह से सुनवाई टली है। बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बीते 3 अगस्त को बरी कर दिया था। यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों ने राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को सेशन कोर्ट में शुक्रवार को चुनौती दी। चार महिला पहलवानों ने सेशन कोर्ट में अपील की है। मामले में सह-आरोपी विनोद तोमर के बरी होने के आदेश को भी चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश कानून की नजर में टिकाऊ नहीं है और सबूतों का गलत व चुनिंदा तरीके से आकलन किया गया है। अपील में आरोप लगाया गया कि आदेश अनुमान और अटकलों पर आधारित है और स्थापित कानूनी सिद्धांतों को सही तरीके से लागू नहीं किया गया। महिला पहलवानों का कहना है कि आदेश में पीड़िता के व्यवहार को लेकर पुरानी रूढ़िवादी सोच को आधार बनाया गया है। बृजभूषण शरण सिंह ने मामले में अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद आईएएनएस से कहा था कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोप गलत थे। मुझ पर आरोप लगाने वाले ओलंपिक मेडलिस्ट थे। इसमें बहुत बड़े लोग शामिल थे। इसमें विपक्ष की बड़ी पार्टियां शामिल थीं। देश और देश के बाहर भी प्रदर्शन हुआ था। मैंने खुद को कभी अपराधी माना ही नहीं। ऐसे झूठे आरोप लगाए जाने के बाद व्यक्ति टूट जाता है। उसका परिवार भी उसका साथ छोड़ देता है। मुझे अदालत से राहत मिली है। मेरे केस से उन सभी को बल मिलेगा, जिनके ऊपर गलत इल्जाम लगाए जाते हैं। मेरा केस एक उदाहरण बनेगा। बृजभूषण शरण सिंह और महिला पहलवानों के बीच का यह विवाद देश के सबसे चर्चित खेल और कानूनी विवादों में से एक है। इसकी शुरुआत 2023 में हुई थी। देश की कई नामी महिला पहलवानों ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2016 से 2022 के बीच बृजभूषण शरण सिंह द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंप, डब्ल्यूएफआई कार्यालय और अन्य स्थानों पर उनके साथ अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न किया गया।
प्राइवेट डेयरियों ने बढ़ाए दूध के दाम, तमिलनाडु में एजेंटों ने ‘आविन’ से कीमतों में सुधार की मांग की

चेन्नई। तमिलनाडु मिल्क एजेंट्स वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्य सरकार से ‘आविन’ के रिटेल दूध की कीमतों की समीक्षा करने की अपील की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि प्राइवेट डेयरी की कीमतों और ‘आविन’ की कीमतों के बीच बढ़ता अंतर सहकारी संस्था के दूध की मांग बढ़ा सकता है और इसकी सप्लाई पर दबाव डाल सकता है। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पोन्नुसामी ने एक बयान में कहा कि सरकार द्वारा ‘आविन’ के दूध खरीद की कीमत 6 रुपए प्रति लीटर बढ़ाने के बाद प्राइवेट डेयरियों ने भी किसानों को दी जाने वाली कीमत बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और पड़ोसी राज्यों की कंपनियां पहले से ही कम दूध उत्पादन के बीच खरीद बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही हैं। एसोसिएशन के अनुसार, कई प्राइवेट डेयरियां आज से दूध की रिटेल कीमत 4 रुपए प्रति लीटर और दही की कीमत 2 रुपए प्रति किलोग्राम तक बढ़ा रही हैं। अरोकया ने 21 सितंबर को इसी तरह की बढ़ोतरी की थी। एसोसिएशन ने हेरिटेज, तिरुमाला, जर्सी और अन्य ब्रांडों का नाम लिया जो कीमतें बढ़ा रहे हैं। बयान में बताई गई नई दरों के तहत, टोन्ड दूध के 500 एमएल पैकेट की कीमत 31 से बढ़कर 32 रुपए, स्टैंडर्डाइज्ड दूध की 35 से 37 रुपए और फुल क्रीम दूध की 40 से 42 रुपए हो जाएगी। एक लीटर के पैकेट के लिए, कीमतें क्रमशः 59 से 61, 68 से 70 और 78 से 81 रुपए हो जाएंगी। बयान में 500 ग्राम दही के पैकेट पर 1 रुपए की बढ़ोतरी का भी जिक्र किया गया। पोन्नुसामी ने कहा कि इन बदलावों से प्राइवेट दूध ‘आविन’ के समान उत्पादों की तुलना में काफी महंगा हो जाएगा। एसोसिएशन ने कीमत के अंतर का अनुमान इस प्रकार लगाया कि 500 एमएल टोंड दूध पैकेट के लिए 7 रुपए, स्टैंडर्डाइज्ड दूध के लिए 15 रुपए और फुल क्रीम दूध के लिए 12 रुपए है। इसने चेतावनी दी कि सस्ते दूध की तलाश करने वाले परिवार ‘आविन’ का रुख कर सकते हैं, जिससे राज्य भर में पहले से महसूस की जा रही दूध की कमी और बढ़ सकती है। एसोसिएशन ने दावा किया कि ‘आविन’ को औसतन 15 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा का नुकसान हो रहा है क्योंकि खरीद लागत के हिसाब से इसकी रिटेल कीमतों में बदलाव नहीं किया गया है। इसने सहकारी संस्था की आर्थिक स्थिति की रक्षा करने और साथ ही उपभोक्ताओं के लिए दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। सरकार ने ‘आविन’ की रिटेल कीमतों में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है। समूह ने मुख्यमंत्री से दूध के उत्पादन, खरीद, वितरण और बिक्री की देखरेख के लिए एक समर्पित विभाग बनाने और किसानों, एजेंटों व प्राइवेट डेयरियों की समस्याओं का समाधान करने का भी आग्रह किया। साथ ही, इसने निजी कंपनियों से बार-बार कीमतें बढ़ाने पर फिर से विचार करने की अपील की और कम व मध्यम आय वाले परिवारों पर इसके असर का हवाला दिया।
महाराष्ट्र में दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव, तीन बोगियों की खिड़कियों के शीशे टूटे

नागपुर। मध्य प्रदेश के नागपुर डिवीजन के अंतर्गत बोरखेड़ी में एक ट्रेन पर पथराव की घटना सामने आई है। इस पत्थरबाजी में ट्रेन की तीन बोगियों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। हालांकि, किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई। फिलहाल, रेलवे पुलिस की टीमें घटना की जांच में जुटी हैं। मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8.27 बजे, बोरखेड़ी स्टेशन से गुजरने के बाद नागपुर-मुंबई सीएसएमटी दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12290) पर पत्थरबाजी की सूचना मिली, जिससे कोच ए-1, बी-2 और बी-5 की खिड़कियों के शीशे टूट गए। एस्कॉर्ट स्टाफ और यात्रियों ने पुष्टि की कि लगभग 8.27 बजे बाहर से किसी चीज (पत्थर) ने खिड़कियों पर टक्कर मारी थी। घटना के कुछ देर बाद आरपीएफ और जीआरपी टीमें मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बोरखेड़ी-सिंधी सेक्शन के बीच किलोमीटर 803 से किलोमीटर 796 तक तलाशी ली। बोरखेड़ी और ब्राह्मणी गांवों के आस-पास के इलाकों की भी जांच की गई। पुलिस पाटिल व स्थानीय निवासियों से पूछताछ की गई। फिलहाल, कोई संदिग्ध व्यक्ति या ठोस सबूत नहीं मिला है। इसके बाद शनिवार रात करीब 2.55 बजे एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत अपराध दर्ज किया गया। फिलहाल, घटना की सही जगह का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। इस घटना पर मध्य रेलवे ने भी आधिकारित तौर पर बयान जारी किया। सेंट्रल रेलवे, सीपीआरओ स्वप्निल नीला ने कहा कि शुक्रवार नागपुर से मुंबई आने वाली दुरंतो एक्सप्रेस पर नागपुर से निकलने के बाद बोरखेड़ी के पास में पथराव की घटना हुई है। इसमें ट्रेन की तीन बोगियों की खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। इस घटना के तुरंत बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीमें जांच में जुट गई हैं। अभी एक मुकदमा भी दर्ज किया गया है। पिछले महीने गुजरात के सूरत में मुंबई-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव हुआ था। इसी ट्रेन से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल भी यात्रा कर रही थीं। घटना में ट्रेन के दो डिब्बों की खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।
पेजेश्कियन ने शी जिनपिंग की पहल को सराहा, इस्लामाबाद समझौते पर लौटने पर जताई सहमति

तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस बयान का स्वागत किया, जिसमें जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर लौटने का आग्रह किया। पेजेश्कियन ने चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के इस्लामाबाद समझौता-पत्र (एमओयू) पर लौटने और बातचीत-कूटनीति से मतभेद सुलझाने की पहल की सराहना की। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान भी इसी नजरिए का समर्थन करता है और तय वादों के सम्मान के साथ गंभीर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी हालात बनाने पर जोर देता है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, ”मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस विचारशील और जिम्मेदार समर्थन की सराहना करता हूं, जिसमें उन्होंने इस्लामाबाद समझौता-पत्र पर लौटने और बातचीत व कूटनीति के जरिए मतभेदों को सुलझाने की बात कही है।” पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान भी इस नजरिए से सहमत है और उस समझौते पर लौटने, पहले से तय वादों का सम्मान करने और गंभीर, ठोस और नतीजे देने वाली बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी हालात बनाने के महत्व पर जोर देता है। इससे पहले पेजेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र में कहा था कि ईरान आतंकवादी नहीं है, बल्कि हम आतंकवाद और आक्रामकता का शिकार हैं। अपनी रक्षा-क्षमता को बढ़ाना ही आजादी बनाए रखने और हमलावरों की आक्रामकता को रोकने का एकमात्र तरीका है। पेजेश्कियन ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य पर युद्ध थोपा गया है। उन्होंने घोषणा की कि ईरान कभी अपना बचाव करना बंद नहीं करेगा, न ही वह शांति प्राप्त करने के लिए बातचीत से पीछे हटेगा। उन्होंने कहा कि हम आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि हम आतंकवाद के शिकार हैं। प्रतिरोध को बमों या आक्रामकता से नहीं हराया जा सकता। तेहरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह धमकियों की भाषा स्वीकार नहीं करेगा।
एशियन गेम्स: ग्रुप ए से नेपाल और अफगानिस्तान क्वार्टर फाइनल में, जापान बाहर

निशिन। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट ग्रुप ए का आखिरी लीग मुकाबला बारिश की वजह से प्रभावित रहा। नेपाल और जापान के बीच खेला गया यह मुकाबला बारिश की वजह से ड्रॉ रहा और दोनों टीमों के बीच 1-1 अंक बाँट दिए गए। इसके साथ ही जापान एशियन गेम्स से बाहर हो गया। जापान और नेपाल के बीच खेला गया यह मुकाबला बारिश की वजह से बुरी तरह प्रभावित रहा था और इसी वजह से शुरुआत में मैच को 20-20 की जगह 15-15 ओवर का निर्धारित किया गया था, हालांकि इसके बावजूद मैच पूरा नहीं हो सका। मुकाबले की बात करें तो जापान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था। नेपाल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाए। संदीप जोरा के 32 गेंदों पर 3 छक्के और 5 चौकों की मदद से नाबाद 57 रन और लोकेश बाम के 22 गेंदों पर 6 छक्कों और 1 चौके की मदद से बनाए गए 52 रन तथा दोनों के बीच 30 गेंदों पर हुई नाबाद 65 रन की साझेदारी का नेपाल को 149 तक पहुँचाने में अहम योगदान रहा। विकेटकीपर-बल्लेबाज आसिफ शेख ने 15 गेंदों पर 1 छक्का और 1 चौका लगाते हुए 21 रन बनाए थे। नेपाल की पारी की समाप्ति के बाद जापान को 150 रन का लक्ष्य हासिल करना था। जापान की टीम एक रोमांचक मुकाबले के लिए तैयार हो रही थी, लेकिन बारिश ने एक बार फिर दस्तक दी और जापान की पारी में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। लंबे इंतजार के बाद अंपायरों ने दोनों टीमों के बीच 1-1 अंक बाँटते हुए मैच रद्द कर दिया। ग्रुप ए से शीर्ष पर रहते हुए नेपाल और दूसरे स्थान पर रहते हुए अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे पश्चिम बंगाल

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 27 और 28 सितंबर को पश्चिम बंगाल के दो दिन के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे कई संगठनात्मक कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा लेंगे। अपने दौरे के दौरान नितिन नवीन पश्चिम बंगाल में पार्टी के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ बैठकें करेंगे। राज्य में संगठन की समीक्षा करने और उसे मजबूत करने की कोशिशों के तहत वे पार्टी के सांसदों और विधायकों से भी बातचीत करेंगे। भाजपा अध्यक्ष राज्य के पदाधिकारियों, विभाग संयोजकों, राज्य मोर्चा अध्यक्षों, सांसदों, जिला प्रभारियों और जिला अध्यक्षों के साथ एक संगठनात्मक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। संगठनात्मक चर्चाओं में पार्टी के आईटी, मीडिया और सोशल मीडिया विभागों के प्रतिनिधि और पदाधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक में प्रकोष्ठों के संयोजक, राज्य के मुख्य प्रवक्ता और संगठन के अन्य प्रमुख पदाधिकारी भी हिस्सा लेंगे। इन बैठकों में संगठनात्मक तैयारियों, पार्टी संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच तालमेल और पश्चिम बंगाल में भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। बता दें कि नितिन नवीन 25 सितंबर को राजस्थान के जयपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। जयपुर में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि छोटी दौड़ में रफ्तार की परीक्षा होती है, जबकि लंबी दूरी की दौड़ में सहनशक्ति की। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे छोटी-मोटी असफलताओं या मुश्किलों से निराश न हों और अपने लक्ष्य के लिए पूरी लगन और धैर्य के साथ काम करते रहें। नवीन ने युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना अपनाने और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शॉर्टकट से जल्दी परिणाम मिलता हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि उसके जरिए व्यक्ति अपनी मंजिल तक पहुंच जाए। सफलता के लिए समर्पण, निरंतर मेहनत और लंबे समय तक अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे थोड़े समय की निराशा के कारण कोई नुकसान पहुंचाने वाला फैसला न लें और अपने लक्ष्य से दूर न हों।