सेंटकॉम के दावे झूठे और हास्यास्पद, ईरान के नियंत्रण में है होर्मुज स्ट्रेट: ब्रिगेडियर जनरल शेखरची

तेहरान। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के दावों को झूठा और हास्यास्पद बताते हुए अमेरिका की आलोचना की। ईरान ने स्पष्ट किया कि इस अहम समुद्री रास्ते पर ईरान का पूरी तरह से नियंत्रण है। ईरान की इजाजत के बिना यहां से एक भी जहाज नहीं गुजर सकता। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सशस्त्र सेनाओं के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखरची ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के उन दावों को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी सेनाओं ने सिर्फ पिछले दो महीनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से एक अरब बैरल से ज्यादा तेल ले जाने में मदद की है। शेखरची ने कहा कि इस अहम समुद्री रास्ते पर पहल और नियंत्रण अब भी पूरी तरह ईरान के हाथ में है। जनरल शेखरची ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर ने पिछले दो महीनों में होर्मुज स्ट्रेट से एक अरब बैरल तेल बाहर ले जाने वाले जहाजों को सुरक्षा देने को लेकर जो हालिया दावे किए हैं, वे ‘झूठे’ और ‘हास्यास्पद’ हैं। आईआरएनए के अनुसार, उन्होंने कहा कि सेंटकॉम कमांडर के ये दावे हकीकत बताने के बजाय एक नाकाम मनोवैज्ञानिक अभियान ज्यादा लगते हैं। इस तरह के बयानों का मकसद इलाके में मौजूद अमेरिकी सेना के ‘थके और कमजोर पड़ चुके’ जवानों का हौसला बढ़ाना और वहां अमेरिका को हो रहे भारी आर्थिक और मानवीय नुकसान को सही ठहराना है। शेखरची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में नियंत्रण अब भी ईरान की ताकतवर सशस्त्र सेनाओं के हाथ में है। इससे पहले सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोसट में लिखा था, ”अमेरिकी सेनाओं ने सिर्फ पिछले दो महीनों में होर्मुज स्ट्रेट से एक अरब बैरल से ज्यादा तेल ले जाने में मदद की है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने दो हजार से ज्यादा कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा दी है।” कूपर ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट के मुख्य समुद्री रास्तों से बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं, जिससे हजारों जहाजों के लिए इस समुद्री रास्ते से गुजरना संभव हो पाया है।
जर्मनी के दो राज्यों में चुनाव, दांव पर चांसलर मर्ज का राजनीतिक भविष्य!

बर्लिन। जर्मनी में रविवार को बर्लिन और मेक्लेनबर्ग-वेस्टर्न पोमेरेनिया में रविवार को हो रहे राज्य चुनावों पर देश ही नहीं पूरी दुनिया की नजर है। इन चुनावों को चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और उनकी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक अग्निपरीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में सैक्सोनी-आनहाल्ट में दक्षिणपंथी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) की रिकॉर्ड जीत के बाद मर्ज पर दबाव और बढ़ गया है। मर्ज को चांसलर बने अभी करीब 16 महीने ही हुए हैं, लेकिन उनकी सरकार को अर्थव्यवस्था, महंगाई, सामाजिक कल्याण सुधारों और प्रवासन जैसे मुद्दों पर लगातार राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच एएफडी का बढ़ता जनसमर्थन जर्मनी की मुख्यधारा की पार्टियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। करीब 25 लाख मतदाता स्थानीय समयानुसार सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक (सीईएसटी) अपने मत का प्रयोग करेंगे। इस महीने की शुरुआत में सैक्सोनी-आनहाल्ट के चुनाव में एएफडी को करीब 44 फीसदी वोट मिले थे। यह किसी जर्मन राज्य चुनाव में पार्टी का अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन था। सीडीयू करीब 17 फीसदी वोट के साथ काफी पीछे रह गई। इस नतीजे ने मर्ज की पार्टी के भीतर भी चिंता बढ़ा दी। मर्ज ने एक बयान में कहा था कि परिणाम ने सीडीयू को उसकी बुनियाद तक हिला दिया है, लेकिन उन्होंने पद छोड़ने से इनकार करते हुए सरकार की नीतियों पर काम जारी रखने की बात कही। अब बर्लिन और मेक्लेनबर्ग-वेस्टर्न पोमेरेनिया के चुनाव उस राजनीतिक माहौल में हो रहे हैं, जिसमें एएफडी को पूर्वी जर्मनी में खास तौर पर मजबूत समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। मेक्लेनबर्ग-वेस्टर्न पोमेरेनिया में एएफडी और केंद्र-वाम सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसपीडी) के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। राज्य की मौजूदा मुख्यमंत्री मनुएला श्वेसिग की एसपीडी ने चुनाव अभियान के दौरान अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है। इस चुनाव का एक महत्वपूर्ण पहलू सीडीयू की स्थिति भी है। पार्टी के लिए चिंता सिर्फ एएफडी की बढ़त नहीं है, बल्कि यह भी है कि उसके खराब प्रदर्शन की स्थिति में मर्ज के नेतृत्व को लेकर सीडीयू के भीतर सवाल और तेज हो सकते हैं। रॉयटर्स के अनुसार, पार्टी के भीतर मर्ज की नेतृत्व क्षमता को लेकर पहले से चर्चा चल रही है। बर्लिन की तस्वीर कुछ अलग है। यहां मुकाबला सीडीयू, वामपंथी डाई लिंके और एएफडी के बीच कड़ा बना हुआ है। राजधानी में चुनाव अभियान का एक बड़ा मुद्दा आवास और बढ़ता किराया है। बर्लिन में 2014 के बाद से किराए में भारी वृद्धि हुई है और शहर को आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में नए घरों की जरूरत बताई जा रही है। इन चुनावों का असर केवल राज्य सरकारों तक सीमित नहीं माना जा रहा। जर्मनी में राज्य चुनावों का इस्तेमाल अक्सर संघीय सरकार के प्रति जनता के रुझान को समझने के लिए भी किया जाता है। ऐसे में यदि सीडीयू को दोनों राज्यों में कमजोर प्रदर्शन का सामना करना पड़ता है, तो मर्ज के लिए पार्टी के भीतर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, इन चुनावों के नतीजे अपने आप संघीय चांसलर को पद से नहीं हटाते। मर्ज़ की मुश्किल इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि उनकी सरकार में शामिल एसपीडी और सीडीयू के बीच कुछ आर्थिक और सामाजिक नीतियों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। सरकार सामाजिक कल्याण व्यवस्था, पेंशन और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधारों की दिशा में कदम उठाना चाहती है, लेकिन इन सुधारों की राजनीतिक कीमत को लेकर गठबंधन के भीतर भी चिंता है। दूसरी ओर एएफडी की लोकप्रियता बढ़ने के साथ जर्मनी की पारंपरिक पार्टियों की वर्षों पुरानी रणनीति भी चर्चा में है। मुख्यधारा की पार्टियां अब तक एएफडी के साथ औपचारिक गठबंधन या सत्ता में साझेदारी से दूरी बनाए रखने की नीति अपनाती रही हैं। इसे राजनीतिक तौर पर ‘फायरवॉल’ रणनीति कहा जाता है। हाल के चुनावी परिणामों ने इस रणनीति की प्रभावशीलता को लेकर बहस तेज कर दी है। एएफडी की बढ़त के पीछे प्रवासन के साथ-साथ आर्थिक असंतोष भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन रहा है। पूर्वी जर्मनी के कई इलाकों में उद्योग, रोजगार और जनसंख्या से जुड़े सवालों ने राजनीतिक असंतोष को बढ़ाया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी जर्मनी में एएफडी के बढ़ते समर्थन को लेकर प्रवासी समुदायों में भी चिंता बढ़ रही है। मर्ज ने हालांकि संकेत दिया है कि वह दबाव के बावजूद अपनी सरकार और सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे। उनका तर्क है कि जर्मनी की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करना ही सरकार के सामने मौजूद राजनीतिक चुनौतियों से निपटने का रास्ता है। साथ ही वह यूरोप की सुरक्षा और यूक्रेन के मुद्दे पर अपनी मौजूदा विदेश नीति जारी रखने पर भी जोर देते रहे हैं। रविवार के चुनाव इसलिए जर्मनी की राजनीति में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। इनके नतीजे यह बताएंगे कि सैक्सोनी-आनहाल्ट में एएफडी की सफलता एक राज्य तक सीमित रही या पूर्वी जर्मनी के अन्य हिस्सों में भी उसका प्रभाव और मजबूत हुआ। साथ ही सीडीयू के प्रदर्शन से यह संकेत मिलेगा कि मर्ज की पार्टी अपने पारंपरिक मतदाताओं को अपने साथ बनाए रखने में किस स्थिति में है।
जम्मू-कश्मीरः आग लगने से कटरा हेलीपैड टर्मिनल को आंशिक नुकसान पहुंचा

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के कटरा में पहाड़ी पर स्थित श्री माता वैष्णो देवी मंदिर तक तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले हेलीपैड टर्मिनल में रविवार तड़के आग लगने से उसे आंशिक नुकसान पहुंचा। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग का पता रविवार सुबह 3:15 बजे चला। मौके पर मौजूद लोगों ने फायर और इमरजेंसी सर्विस की मदद से जल्द ही आग पर काबू पा लिया। घटना के समय हेलिपैड टर्मिनल बंद था। यह टर्मिनल त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक अहम ट्रांजिट पॉइंट है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग लगने की सही वजह का पता लगाने के लिए जांच चल रही है, हालांकि शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। जून में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तय लैंडिंग से कुछ मिनट पहले अयोध्या के राम कथा पार्क में हेलीपैड के पास आग लग गई थी। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने आग लगने की वजह का पता लगाने और यह जानने के लिए जांच शुरू की थी कि मुख्यमंत्री के आने के लिए तय हेलीपैड के पास आग कैसे लगी। खबरों के अनुसार, आग हेलीपैड के पास शुरू हुई और तेजी से पास के सरयू गेस्ट हाउस की ओर फैल गई। मुख्यमंत्री के उतरने से पहले आग पर काबू पाने से पहले इसने लगभग 15 मीटर के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया था। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने पहले आग बुझाने की कोशिश की, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीमें आईं और आग पर काबू पाया। वहीं, राजस्थान के जयपुर में त्रिपोलिया बाज़ार स्थित सेठी कॉम्प्लेक्स मनिहारी कटला (जिसे पुरोहित जी का कटला भी कहा जाता है) में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई। खबरों के मुताबिक, आग से 20 से अधिक दुकानें और गोदाम प्रभावित हुए, जिनमें कपड़ों के गोदाम, प्लास्टिक के सामान की दुकानें और चूड़ियों की दुकानें शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग दूसरी मंजिल पर कपड़ों की दुकान के बाहर कार्टन में रखे सामान से शुरू हुई थी।
उत्तराखंड के सीएम धामी बद्रीनाथ धाम पहुंचे, मंदिर समिति ने किया जोरदार स्वागत

बद्रीनाथ। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को बद्रीनाथ धाम पहुंचे। बद्रीनाथ धाम पहुंचने पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा फूल मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे बद्रीनाथ धाम में पुलिस और प्रशासन की टीम तैनात की गई है। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। धाम पहुंचकर मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और उनका कुशलक्षेम जाना। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बद्रीनाथ धाम में आयोजित होने वाले देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल और कथा महोत्सव में शामिल होंगे। इस फेस्टिवल में उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिलेगी। बता दें कि देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल और कथा महोत्सव शनिवार से शुरू हो गया है, जिसमें गढ़वाली लोकनृत्य, लोकसंगीत, विद्यालय एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, स्थानीय हस्तशिल्प, हथकरघा, जैविक उत्पाद और पारंपरिक व्यंजन महोत्सव के प्रमुख आकर्षण होंगे। भारतीय सेना और जिला प्रशासन चमोली के संयुक्त तत्वावधान में ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित इस महोत्सव की थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ रखी गई है। आयोजन का उद्देश्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को संरक्षित करने के साथ ही सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना तथा स्थानीय कला और संस्कृति को व्यापक मंच उपलब्ध कराना है। महोत्सव में भारतीय सेना की ओर से विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण, सीमाओं की सुरक्षा और आपदा राहत कार्यों में सेना की भूमिका को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा समाज के प्रति सेना की प्रतिबद्धता और सीमांत क्षेत्रों के साथ उसके जुड़ाव को भी प्रदर्शनी के माध्यम से सामने रखा जाएगा। आयोजन स्थल पर महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कारीगरों, किसानों और युवा उद्यमियों के लिए विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा, जैविक उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिला समूहों व युवाओं की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। महोत्सव के दौरान सीमांत गांवों की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक महत्व को भी प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इसके माध्यम से देशभर से बद्रीनाथ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सीमांत क्षेत्रों की जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा। आयोजन को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की भावना से जोड़ते हुए सीमांत क्षेत्रों के पर्यटन और आर्थिक विकास को गति देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, कारीगरों, किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को अपनी प्रतिभा तथा उत्पादों को देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
रणवीर-दीपिका को दूसरी बेटी के जन्म पर लगा बधाइयों का तांता, आदित्य धर ने कहा- पहले लक्ष्मी, अब सरस्वती

मुंबई। बॉलीवुड कपल रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने शनिवार को अपने दूसरे बच्चे का स्वागत किया। जैसे ही यह खुशी की खबर आई कि वे दूसरी बेटी के माता-पिता बन गए हैं, चारों तरफ से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं मिलने लगीं। हालांकि, रणवीर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के डायरेक्टर आदित्य धर का कमेंट सबसे खास रहा। फिल्ममेकर ने कहा, “पहले लक्ष्मी आईं, अब सरस्वती भी आ गईं!! आप लोगों के लिए बहुत-बहुत खुशी है। परिवार में एक और नन्ही परी आ गई है। भगवान उसे दुनिया का सारा प्यार और खुशियां दें।” 19 सितंबर को रणवीर और दीपिका ने सोशल मीडिया पर एक संयुक्त पोस्ट के जरिए खुशी-खुशी यह खबर शेयर की। इस पोस्ट में बच्चे के छोटे से पैरों के निशान के साथ लिखा था, “बेबी गर्ल का स्वागत है…19/9/2026…दुआ, दीपिका, रणवीर”। नए माता-पिता को उनकी इस नई यात्रा के लिए बधाई देते हुए एक्टर विक्की कौशल ने कमेंट किया, “भगवान का आशीर्वाद बना रहे! बधाई हो।” आलिया भट्ट ने रेड हार्ट, बुरी नजर से बचाने वाले इमोजी, सूरज और डांस वाले इमोजी के साथ अपनी खुशी जाहिर की। कृति सेनन ने लिखा, “अरे वाह!! आप दोनों को बधाई!!! (रेड हार्ट इमोजी)। दुआ को एक छोटी बहन मिल गई!!! यह सच में एक आशीर्वाद है।” दिग्गज एक्टर अनिल कपूर ने लिखा, “बधाई हो, बेटियां सबसे अच्छी होती हैं।” एक्टर रितेश देशमुख ने कमेंट सेक्शन में लिखा, “बहुत अच्छी खबर है… बहुत-बहुत बधाई!!!!!! दुआ और दुआ की छोटी बहन को ढेर सारा प्यार।” सोनम कपूर ने लिखा, “क्या शानदार खबर है… बधाई हो।” आयुष्मान खुराना ने कहा, “ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद।” डिलीवरी से एक दिन पहले शुक्रवार को रणवीर और दीपिका मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में आशीर्वाद लेते हुए दिखे। इस कपल ने अपनी बड़ी बेटी दुआ के जन्म से ठीक पहले भी इसी मशहूर मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। दीपिका और रणवीर ने इस साल अप्रैल में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। उन्होंने अपनी बेटी दुआ की एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वह प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े हुए थी, जिसका रिजल्ट पॉजिटिव था। कई सालों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद, दीपिका और रणवीर ने आखिरकार नवंबर 2018 में इटली के लेक कोमो में एक निजी लेकिन शानदार समारोह में शादी की। दीपिका और रणवीर ने 8 सितंबर, 2024 को अपनी पहली बेटी दुआ का स्वागत किया था।
हाई ब्लड प्रेशर को न करें नजरअंदाज, इन आसान आदतों से रखें इसे कंट्रोल

नई दिल्ली। हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) ऐसी समस्या है, जो कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के लंबे समय तक शरीर में बनी रह सकती है। व्यक्ति रोजमर्रा का काम सामान्य तरीके से करता रहता है और उसे महसूस भी नहीं होता कि बढ़ा हुआ रक्तचाप धीरे-धीरे उसके दिल, रक्त वाहिकाओं और किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। यही वजह है कि हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर का पता लगाने का सबसे आसान तरीका नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करना है। खासकर जिन लोगों को पहले से उच्च रक्तचाप है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसकी निगरानी करते रहना चाहिए। नियमित जांच से ब्लड प्रेशर में होने वाले बदलावों पर समय रहते ध्यान दिया जा सकता है। शारीरिक रूप से सक्रिय रहना स्वस्थ रक्तचाप बनाए रखने में मदद कर सकता है। रोज करीब 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम, दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। लंबे समय तक बैठे रहने की आदत को भी कम करने की कोशिश करें। ज्यादा नमक का सेवन रक्तचाप बढ़ सकता है। इसलिए खाने में नमक की मात्रा कम करना जरूरी है। संतुलित और पौष्टिक आहार लें तथा संतृप्त और ट्रांसफैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। फल, सब्जियां और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। अगर डॉक्टर ने हाई ब्लड प्रेशर की दवा लिखी है, तो उसे अपनी मर्जी से बंद या कम नहीं करना चाहिए। दवा निर्धारित समय और मात्रा में लेना जरूरी है। कई बार ब्लड प्रेशर सामान्य आने पर लोग दवा छोड़ देते हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इसके अलावा, धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाना दिल और रक्त वाहिकाओं की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है। शराब का सेवन करते हैं तो उसे कम करना भी जरूरी है। इसके साथ ही तनाव को कम करने के लिए पर्याप्त नींद, आराम और अपनी पसंद की स्वस्थ गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
साप्ताहिक राशिफल 21 सितंबर से 27 सितंबर 2026 तक

साप्ताहिक राशिफल 21 सितंबर से 27 सितंबर 2026 तक लग्नराशि पर आधारित कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल में जानिए इस सप्ताह आपका पारिवारिक जीवन, आर्थिक दशा, स्वास्थ्य और कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति कैसी रहेगी, इस सप्ताह आपको क्या-कुछ मिलने वाला है, आपके लिए क्या-क्या करना फायदेमंद रहेगा और परेशानियों से बचने के लिए आपको कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए। मेष लग्नराशि : इस सप्ताह मेष राशि के जातक के लिए नौकरी और व्यापार तथा छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी यात्रा के योग बन सकते है। राजनीति क्षेत्र से जुड़े जातकों के लिए हफ्ता लाभ देने बाला बना रहेगा। आपकी प्रतिभा में निखार आएगा। धन से जुड़ी समस्याओं का अंत होगा। स्वास्थ्य के लिहाज से सर्दी जुकाम या मौसमी बीमारियां परेशान कर सकती है। नौकरी तथा व्यापार में किये जा रहे प्रयास सफल होंगे। आखिरी दिनों में परिवार में खुशियों का माहौल बन सकता है। वृषभ लग्नराशि : इस सप्ताह वृषभ राशि के जातकों को अपनी चल रही परेशानियों का समाधान प्राप्त होगा। इस हफ्ते आपको सभी कार्यों में मानसिक सुख की प्राप्ति हो सकती है। स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव बने रहेंगे। वाहन इत्यादि चलाते समय सावधानी रखें ,चोट चपेट आशंका बन सकती है। मकान जमीन के कार्यों से धन लाभ की प्राप्ति के योग बन सकते है। छात्रों के लिए समय अनुकूल बना रहेगा। जीवन साथी से संबंध मधुर होंगे,ननिहाल पक्ष से फायदा मिल सकता है। मिथुन लग्नराशि: इस सप्ताह मिथुन राशि के जातकों को अपने पराक्रम के बल पर धन लाभ की प्राप्ति होगी। स्वास्थ्य ठीक ठाक बना रहेगा,लेकिन पेट से सम्बन्धित कोई विकार परेशान कर सकता है। नौकरी कर रहे जातकों को प्रमोशन की प्राप्ति हो सकती है। सरकारी कार्य बिना अवरोध के पूर्ण होंगे। संतान पक्ष से खुशखबरी मिल सकती है। नया वाहन की खरीदारी कर सकते है। जीवन साथी के साथ तालमेल बना कर चले उचित रहेगा। कर्क लग्नराशि : इस सप्ताह कर्क राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत बन सकती है। इस हफ्ते आपको कोई परेशानी और चिंता तो बनी रहेगी, लेकिन जल्द ही उसका समाधान भी प्राप्त हो सकता है। धन को लेकर कोई आपकी मदद के लिए आगे आ सकता है। व्यापारी वर्ग के लिए हफ्ता लाभ देने वाला बना रहेगा। भाई बहनों का सहयोग मिलेगा। सेहत को लेकर कोई लापरवाही न बरते ,प्रेम प्रसंग को लेकर स्थितियां अच्छी बनी रहेगी। सिंह लग्नराशि : यह सप्ताह सिंह राशि के जातकों के लिए अच्छा रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आपकी आय तथा जमा धन राशि में बढ़ोतरी के योग बने रहेंगे। नौकरी में स्थितियां पहले से और अच्छी होगी अगर नौकरी की तलाश में तो वह प्राप्त हो सकती है। इस हफ्ते व्यापारिक क्षेत्र से अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते है। पारिवारिक लोगों के साथ आनंद और खुशियों के पल व्यतीत करेंगे। सेहत ठीक रहेगी लेकिन फिर भी खान पान का ध्यान रखे। कन्या लग्नराशि : इस सप्ताह कन्या राशि के जातकों की शुरुआत खर्चो से हो सकती है। आपके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना होगी तथा सामाजिक क्षेत्र में मान सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। सरकारी कार्यों से जुड़े व्यापारियों को अधिक लाभ की प्राप्ति हो सकती है। कोई अच्छी खबर आपकी ख़ुशी बड़ा सकती है। सेहत ठीक रहेगी अगर कोई ब्लड प्रेसर के मरीज है तो दवाई समय से ले। क्रोध तथा चीड़ चिडेपन से दूर रहे अच्छा रहेगा। तुला लग्नराशि : इस सप्ताह तुला राशि के जातकों अचानक धन की प्राप्ति हो सकती है। अपनी जमा पूंजी को लेकर कोई निर्णय ले सकते है। आपके द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा होगी। आपका मान सम्मान बढ़ेगा। इस हफ्ते आप अपनी सुख सुविधाओं को और अच्छा करने पर खर्च कर सकते है। नौकरी तथा व्यापार को लेकर स्थितिया और मजबूत होगी। छात्रों के लिए हफ्ता अच्छा बना हुआ है। पारिवारिक जिम्मेदारियां का निर्वाह मन से करेंगे। वृश्चिक लग्नराशि: यह सप्ताह वृश्चिक राशि के जातकों के लिए ठीक-ठाक बना रहेगा। मान सम्मान में वृद्धि होगी। नौकरी में उच्च पद की प्राप्ति के योग बन सकते है। धन को लेकर स्थितियां सुधरेगी तथा अचानक धन लाभ की प्राप्ति के योग बनेगे। किसी मांगलिक कार्यक्रम में भागीदारी हो सकती है। वैवाहिक तथा पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। हफ्ते का अंत में कुछ खर्च बढ़ सकता है। सेहत ठीक-ठाक बनी रहेगी। धनु लग्नराशि : इस सप्ताह धनु राशि के जातकों के भाग्य का विकास होगा तथा किये जा रहे कार्य सफल होंगे। किस्मत का भरपूर साथ होने से आपको कार्यक्षेत्र में सफलता जल्दी प्राप्त होगी। नौकरी पेशा वर्ग के लोगो को अपने बॉस से तारीफ मिल सकती है। जॉब से सम्बन्धित कोई अच्छी खबर प्राप्त हो सकती है। निजी सुखों में वृद्धि संभव है। अचानक गुप्त धन लाभ होगा। किसी धार्मिक संस्था से जुड़ सकते है तथा धार्मिक कार्यों पर खर्च होगा। मकर लग्नराशि : इस सप्ताह मकर राशि के नौकरी कर रहे जातकों के लिए समय अच्छा रहेगा। व्यापारी वर्ग को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। शुरुआत में स्वास्थ्य गड़बड़ बना रह सकता है। जीवन साथी का स्वास्थ्य बिगड़ेगा तथा उस पर खर्च भी हो सकता है। व्यावसायिक लाभ के लिए नए श्रोत उपलब्ध हो सकते है। अहंकार का त्याग करें अन्यथा कार्यक्षेत्र में समस्या उत्पन्न हो सकती है। व्यर्थ के खर्चे हो सकते है अतः खर्च पर ध्यान दे। कुंभ लग्नराशि : यह सप्ताह कुंभ राशि वालों के लिए जो निजी व्यापार करते है के लिए अच्छा साबित सिद्ध होगा। व्यापारिक वर्ग को धन लाभ होने से संचय धन में वृद्धि होगी। करियर के लिहाज से यह हफ्ता अच्छा जा सकता है। नयी जॉब अप्लाई के लिए हफ्ता अच्छे रिजल्ट दे सकता है पूर्ण लाभ उठाये। सरकार से जुड़े कार्य लाभ दे सकते है। स्वास्थ्य का ध्यान रखे सिरदर्द की समस्या हो सकती है। छात्रों को अधिक परिश्रम से सफलता मिलेगी। मीन लग्नराशि : यह सप्ताह मीन राशि के जातकों को शत्रुओं से सावधान रहना पड़ेगा। कोई आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है। नौकरी तथा व्यापरिक क्षेत्र में आपको अधिक परिश्रम करना पड़ेगा तभी सफलता प्राप्त होगी। व्यर्थ के वाद विवाद से दूर रहे। इस हफ्ते आप अपने जीवन साथी तथा लव पार्टनर के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते है। छोटी दूरी की यात्राएं होती
एशियन गेम्स: भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रन से हराया, फाइनल में श्रीलंका से सामना

निशिन। एशियन गेम्स 2026 के महिला क्रिकेट इवेंट में महिला एशिया कप 2026 की पुनरावृत्ति हो गई है। महिला एशिया कप 2026 की तरह ही एशियन गेम्स 2026 महिला क्रिकेट का फाइनल मुकाबला भारतीय टीम और श्रीलंका के बीच होगा। रविवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने बांग्लादेश को 114 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। टीम इंडिया ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के विस्फोटक शतक की बदौलत 4 विकेट पर 195 रन बनाए थे। शेफाली ने मात्र 49 गेंदों पर शतक लगाया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का पहला शतक था। शेफाली ने 49 गेंदों पर 9 छक्कों और 3 चौकों की मदद से नाबाद 100 रन की पारी खेली। इस शतक के साथ ही शेफाली ने मंधाना के सबसे तेज टी20 शतक के भारतीय महिला क्रिकेटर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। मंधाना ने 2018 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 49 गेंदों में ही शतक लगाया था। शेफाली के अलावा, स्मृति मंधाना ने 19 गेंदों पर 2 छक्कों और 5 चौकों की मदद से 37 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 33 गेंदों पर 6 चौकों की मदद से 40 रन की पारी खेली। बांग्लादेश के लिए मारूफा अख्तर, संजीदा अख्तर, राबिया खान और नाहिदा अख्तर ने 1-1 विकेट लिए। 196 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी बांग्लादेश की पूरी टीम 15.4 ओवर में 81 रन पर सिमट गई। सर्वाधिक 24 रन ओपनर दिलारा अख्तर ने बनाए। भारतीय टीम की तरफ से नंदिनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने 3-3 विकेट लिए। श्री चरणी को 2 विकेट मिला। क्रांति गौड़ और श्रेयांका पाटिल ने 1-1 विकेट लिए। भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेलेगी। फाइनल मंगलवार को भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 से खेला जाएगा। श्रीलंका ने रविवार को खेले गए पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया था। एशियन गेम्स 2026 में महिला क्रिकेट में कांस्य पदक के लिए पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच मुकाबला होगा। ये मुकाबला भी मंगलवार को भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 से खेला जाएगा।
जब किशोर कुमार के गानों को एक साल के लिए ऑल इंडिया रेडियो से बैन कर दिया गया था

मुंबई। क्या आप जानते हैं कि मशहूर गायक किशोर कुमार को एक साल के लिए ऑल इंडिया रेडियो पर बैन कर दिया गया था? जब इंदिरा गांधी की सरकार ने 1975-1977 के दौरान इमरजेंसी लगाई थी, तब किशोर कुमार के गानों को सरकारी ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) और दूरदर्शन पर प्रसारित करने से रोक दिया गया था। किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार से एक्टर और कॉमेडियन कपिल शर्मा ने उनके शो पर इस बारे में पूछा था। असल में क्या हुआ था, यह बताते हुए अमित कुमार ने कहा, “जब 1975 में इमरजेंसी लगी थी, तब किशोर कुमार एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर टॉप पर थे। उन्हें दिल्ली से एक कॉल आया। मिनिस्ट्री से किसी ने फोन किया और मेरे पिता ने फोन उठाया।” उस व्यक्ति ने कहा, “किशोर साहब, हम आपका टिकट भेज रहे हैं। आप कल शाम की फ्लाइट से आ जाइए। परसों आपका एक शो है।” हालांकि, किशोर कुमार ने उनसे कहा कि वे बात करने के लिए अपना कोई प्रतिनिधि भेजें। उन्होंने कहा, “तभी मैं आ पाऊंगा, वरना नहीं। अगर भगवान भी आकर मुझसे कहें, तो भी मैं नहीं आ पाऊंगा।” मशहूर गायक के इस जवाब से अधिकारी बहुत नाराज हो गए और उन्होंने उन पर बैन लगाने की धमकी दी। अपनी बात पर कायम रहते हुए उस फोन कॉल के दो घंटे के अंदर ही किशोर कुमार पर बैन लगा दिया गया। हालांकि, बैन के बावजूद किशोर कुमार की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा। लगभग एक साल बाद जब इमरजेंसी हटाई गई, तो उनके गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर फिर से बजने लगे। संगीत प्रेमी आज भी उनके गानों को बहुत पसंद करते हैं, जो उनके दिलों में एक खास जगह रखते हैं। किशोर कुमार को गायन का पहला मौका संगीत निर्देशक खेमचंद प्रकाश से मिला, जिन्होंने उन्हें फिल्म ‘जिद्दी (1948)’ के लिए ‘मरने की दुआएं क्यों मांगू’ गाने का मौका दिया। उन्होंने ‘एक लड़की भीगी भागी सी’, ‘मेरे सपनों की रानी’, ‘ये शाम मस्तानी’, ‘ओ मेरे दिल के चैन’, ‘हमें तुमसे प्यार कितना’, ‘पल पल दिल के पास’ और ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना’ जैसे कई मशहूर गाने गाए।
राजस्थान : अजमेर में एक ही परिवार के 3 लोगों ने की सामूहिक आत्महत्या

अजमेर। राजस्थान के अजमेर में एक ही परिवार के तीन लोगों की सामूहिक आत्महत्या से सनसनी फैल गई है। आदर्श नगर थाना क्षेत्र के गढ़ी मलियान इलाके में शनिवार रात एक परिवार ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। मृतकों में पति, पत्नी और उनकी 20 साल की बेटी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान अशोक शर्मा (59), उनकी पत्नी इंद्रा शर्मा (52) और बेटी दीक्षा शर्मा (20) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों ने सल्फास की गोलियां पानी में मिलाकर पी लीं। घटना रात करीब साढ़े 7 से 8 बजे के बीच की बताई जा रही है। तीनों की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने तत्काल उन्हें अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। तीनों शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। घटना की सूचना मिलने पर आदर्श नगर थाना सीआई ओमप्रकाश मीणा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घटना के समय अशोक शर्मा का बेटा गौरव भी कमरे में मौजूद था। बताया जा रहा है कि गौरव जयपुर में रहता है और करीब दो दिन पहले ही अजमेर आया था। परिवार की बहू फिलहाल मायके गई हुई थी। अशोक शर्मा फर्नीचर का काम करते थे। सामूहिक आत्महत्या के पीछे क्या वजह रही, इसका अभी स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस अब परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है। क्या कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, और सल्फास का सेवन किस परिस्थिति में किया गया, इसको लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। एक ही परिवार के माता-पिता और बेटी की मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इलाके में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह या अन्य कोई कारण, इन सभी पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच में जुटी हुई है।