तेलंगाना में कार में बंद होने से चार साल की बच्ची की मौत

हैदराबाद। एक दुखद घटना में, रविवार को तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले में खड़ी कार के अंदर बंद हो जाने से दम घुटने के कारण चार साल की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह घटना जुलुरुपाडु मंडल के विनोबा नगर गांव में हुई। बच्ची की पहचान विनोबा नगर के सरपंच गंगावत नवीन की बेटी तन्विश्री के तौर पर हुई है। घर के पास खेलते समय बच्ची ने खड़ी कार का दरवाजा खोल दिया। किसी को पता नहीं चला और बच्ची के अंदर होने पर गाड़ी का दरवाजा लॉक हो गया। जब तन्विश्री काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिवार वालों ने आस-पड़ोस में उसे खोजना शुरू किया। दो घंटे की खोजबीन के बाद, किसी ने कार के अंदर झांका और बच्ची को आगे की दो सीटों के बीच पड़ा हुआ देखा। उन्होंने खिड़की के शीशे तोड़े और बच्ची को बाहर निकाला। उसे कोठागुडेम के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को शक है कि बंद कार के अंदर हवा न आने की वजह से दम घुटने से लड़की की मौत हो गई होगी। इस घटना से गांव वाले हैरान रह गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने माता-पिता को सावधान रहने और यह पक्का करने की सलाह दी है कि बच्चे खड़ी गाड़ियों तक न पहुंच पाएं। उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि वे कार को लॉक करने से पहले उसे अच्छी तरह जांच लें, खासकर तब जब आस-पास बच्चे हों। अप्रैल 2026 में नलगोंडा जिले में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी। एक पांच साल की लड़की की मौत खड़ी कार के अंदर लॉक हो जाने के कारण हो गई थी। पिछले साल अप्रैल में, रंगा रेड्डी जिले के चेवेल्ला के डामारागिड्डा गांव में खड़ी कार के अंदर फंसे दो बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई थी। एक पांच साल की लड़की और चार साल का लड़का घर के बाहर खेलते समय एक रिश्तेदार की गाड़ी में घुस गए थे। बताया जाता है कि दरवाजे लॉक हो गए और बच्चे उन्हें खोल नहीं पाए, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

‘एसी कमरे में बैठकर नहीं समझेंगे हालात’, छात्रों की दुर्दशा पर भड़के अमित ठाकरे

पुणे। पुणे के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्रों की स्थिति पर रविवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (एमएनवीएस) के अध्यक्ष अमित ठाकरे ने सख्त नाराजगी जताई। दौरे के बाद उन्होंने कॉलेज प्रिंसिपल और पुलिस से तुरंत सुधार की अपील करते हुए चेतावनी दी कि गणेशोत्सव खत्म होते ही वे दोबारा निरीक्षण करने आएंगे। इसी दौरान एमएनवीएस अध्यक्ष ने मराठवाड़ा और विदर्भ में सूखे जैसे हालात पर सरकार को घेरा। पॉलिटेक्निक कॉलेज के दौरे को लेकर एमएनवीएस के अध्यक्ष अमित ठाकरे ने कहा, “मैं वहां फिर से जाऊंगा। जैसे ही गणेशोत्सव खत्म होगा। मैं यह देखने के लिए सबसे पहले वहां जाऊंगा कि क्या समस्याएं हल हो गई हैं? मैं पुलिस और प्रिंसिपल से भी अपील करता हूं, जैसा कि मैंने पहले कहा है कि वहां की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। ये बच्चे कीड़े वाला खाना खा रहे हैं। उनके पीने के पानी में कीड़े हैं। उनके शौचालय की हालत बहुत खराब और गंदी है। उनके हॉस्टल की हालत भी गंदी है। छात्रों को ऐसी हालत में नहीं रहना चाहिए, चाहे वे सरकारी या प्राइवेट संस्थान हों।” महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के अध्यक्ष ने कहा कि एसी कमरे में बैठकर आप जमीनी हालात को नहीं समझ पाएंगे। किसानों से मिलिए। मैंने कई वीडियो देखे हैं, जिसमें किसान मंत्रियों के पास जाकर कहते हैं कि ‘प्लीज हमारे बारे में सोचिए और हमसे मिलने आइए।’ वे रो रहे होते हैं, जबकि मंत्री उनकी बात सुने बिना चले जाते हैं। मुझे लगता है कि आपने भी ये वीडियो देखे होंगे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि सूखे की स्थिति घोषित कर देनी चाहिए और किसानों को जो राहत चाहिए, वह उन्हें दी जानी चाहिए। हो सकता है आपने (सरकार) अभी तक ऐसी घोषणा न की हो, लेकिन कुदरत ने पहले ही सूखे जैसी स्थिति बना दी है।” अमित ठाकरे ने कहा कि मैं हर साल पुणे आता हूं और गणेशोत्सव का अनुभव करने के लिए यहां आना मुझे बहुत अच्छा लगता है। जिस तरह से लोग गौरी गणपति के बाद या पांचवें दिन गणपति दर्शन के लिए आते हैं, उससे उत्साह का एक बिल्कुल अलग माहौल बन जाता है। शहर में घूमना और पैदल गणपति पंडालों में जाना अपने आप में एक अनुभव है। मराठवाड़ा और विदर्भ इलाकों में सूखे जैसे हालात को लेकर एमएनवीएस अध्यक्ष ने कहा कि मैं इलाके का दौरा करने जा रहा हूं। जिम्मेदार मंत्रियों को सूखे की स्थिति घोषित करनी चाहिए।

ओडिशा विधानसभा सत्र से पहले पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा सदन

भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा के 17वें कार्यकाल का सातवां सत्र 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा। इसे देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने भुवनेश्वर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जानकारी के अनुसार, सत्र के दौरान कड़ी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिस बल की 36 पलटन तैनात की गई हैं। इसके अलावा दो पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), छह अतिरिक्त डीसीपी, 24 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), 134 इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और एएसआई, एक विशेष टैक्टिकल यूनिट और 60 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है। कुल 11 क्विक रिस्पॉन्स टीमें (क्यूआरटी) भी तैनात की गई हैं। इनमें से सात टीमें विधानसभा के अंदर रहेंगी, जबकि दो मोबाइल क्यूआरटी विधानसभा के आसपास तैनात रहेंगी। एक टीम ट्रैफिक पुलिस स्टेशन-1 और एक अन्य लोक सेवा भवन में तैनात रहेगी। ट्विन सिटी पुलिस ने तीन कंट्रोल रूम भी बनाए हैं। इनमें एक ओडिशा विधानसभा के उत्तरी गेट पर, दूसरा एमजी मार्ग स्थित यूनिफाइड कंट्रोल रूम में और तीसरा निर्धारित धरना स्थल पर बनाया गया है। ये तीनों कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। पिछले दिनों आत्मदाह की कोशिशों की बार-बार हुई घटनाओं को देखते हुए ऐसी कोशिशों को रोकने के लिए सादे कपड़ों में एक विशेष टीम बनाई गई है। कैपिटल पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक इस टीम के कामकाज की निगरानी करेंगे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए विधानसभा भवन की छत और अन्य महत्वपूर्ण तथा संवेदनशील स्थानों पर भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दमकल, चिकित्सा सहायता, सीसीटीवी निगरानी, संचार व्यवस्था, पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं के इंतजाम भी किए गए हैं। किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए एक बम निरोधक दस्ता तैनात किया गया है। भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरत के अनुसार ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रैफिक डीसीपी विधानसभा परिसर के अंदर वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की निगरानी करेंगे और बाहर यातायात को नियंत्रित करेंगे, ताकि जाम की स्थिति न बने। जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं के लिए भुवनेश्वर यूपीडी के क्षेत्रीय कार्यालय में एक अस्थायी टीम भी काम करेगी। कमिश्नरेट पुलिस ने कहा कि सभी इकाइयों को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं और विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।

मध्य नाइजीरिया में अलग-अलग हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत

अबुजा। मध्य नाइजीरिया के प्लेटो राज्य में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा किए गए अलग-अलग हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। हमलों के बाद प्रभावित इलाकों में तनाव का माहौल है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच बरकिन लाडी, रियोम और आसपास के कई समुदायों में बंदूकधारियों ने हमला किया। बरकिन लाडी इलाके में शनिवार रात एक बस पर हमला किया गया, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं रविवार सुबह चर्च जा रहे चार अन्य लोगों की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्थानीय समुदाय संगठन म्वाघावुल डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष बुलुस डाबिट ने बताया कि बस में सवार लोग दूसरे शहर में काम पर जा रहे मजदूर थे। हमलों के बाद कई लोगों ने अपने गांव छोड़ दिए हैं, जबकि कुछ स्थानीय लोग आगे के हमलों का सामना करने के लिए अपने समुदायों में ही डटे हुए हैं। बरकिन लाडी शाखा के मियेट्टी अल्लाह कैटल ब्रीडर्स एसोसिएशन ऑफ नाइजीरिया के सचिव गाम्बो अबुबकर ने दावा किया कि कुछ मवेशियों की कथित चोरी की गई थी और हमला उसी विवाद से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, अभी तक किसी संगठन ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि प्लेटो राज्य नाइजीरिया के ‘मिडिल बेल्ट’ क्षेत्र में स्थित है, जहां भूमि और संसाधनों को लेकर विभिन्न समुदायों के बीच हिंसक झड़पें अक्सर होती रहती हैं। इससे पहले 13 सितंबर को भी प्लेटो राज्य में मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों ने एक व्यावसायिक बस पर हमला किया था, जिसमें नौ लोगों की मौत हुई थी। उस मामले की जांच भी जारी है।

गुजरात: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने राजस्थान में हत्या के आरोपी को पकड़ा

अहमदाबाद। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 54 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो राजस्थान में 2002 में दर्ज हत्या के एक मामले में 24 साल से फरार था। उसे वेजलपुर इलाके से पकड़ा गया, जहां वह कथित तौर पर अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था और इन सालों में उसने कई बार अपना घर बदला था। आरोपी की पहचान दिनेश देसाई के तौर पर हुई है। वह राजस्थान के पाली जिले के सादरी पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले डुंगली गांव में दलाराम नाई की हत्या के मामले में वांछित था। पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद देसाई पहले बनासकांठा जिले में अपने पैतृक गांव कांकरेज लौट आया था, लेकिन पुलिस के उसके घर पहुंचने के बाद वह वहां से भाग गया और अहमदाबाद आ गया। क्राइम ब्रांच के अनुसार, दो रिश्तेदारों के बीच पुश्तैनी संपत्ति और कारोबार को लेकर हुए विवाद के कारण हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपी और तीन अन्य लोग कथित तौर पर अहमदाबाद से पाली एक चार-पहिया वाहन में गए थे और उन्होंने जान-बूझकर उस मोटरसाइकिल को टक्कर मारी जिस पर दलाराम नाई सवार थे। यह घटना शरद डुंगली के पास बेरा तिलावानी में हुई थी। इस घटना में पीड़ित की मौत हो गई, जबकि आरोपी ने कार को मौके पर ही छोड़ दिया और भाग गया। उसने ऐसा इसलिए किया ताकि मौत को एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके। पुलिस की जांच और पहले की गई शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। यह मामला सदरी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 302, 120(बी), 481 और 308 के तहत दर्ज किया गया। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एपी जेबलिया ने बताया कि उनकी यूनिट गुजरात और राज्य के बाहर लंबे समय से लंबित मामलों में वांछित आरोपियों की तलाश कर रही थी। जेबलिया ने कहा कि इस दौरान, हमारे पीएसआई एबी देसाई को जानकारी मिली कि राजस्थान के पाली जिले में सदरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में डुंगली गांव आता है। वहां 2002 में एक हत्या हुई थी और उस मामले का आरोपी अहमदाबाद के वेजलपुर में रह रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपी ने शुरुआत में अपनी पहचान छिपाकर सतेज इलाके में अलग-अलग जगहों पर मजदूर के तौर पर काम किया। बाद में वह वेजलपुर चला गया, जहां वह लगभग पांच-छह घरों में रहने के बाद रेडियो मिर्ची रोड पर सागर सम्राट अपार्टमेंट में अपने परिवार के साथ रहने लगा। पुलिस ने आरोपी के बारे में जानकारी जुटाने, उसकी पहचान पक्की करने और उसका मौजूदा ठिकाना पता लगाने के लिए मुखबिरों और तकनीकी जांच का सहारा लिया। जेबलिया ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। उनमें से एक, रमेश नाई, देसाई का रिश्तेदार था और कथित तौर पर उस संपत्ति विवाद में शामिल था जिसके कारण हत्या हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके बीच प्रॉपर्टी को लेकर पारिवारिक झगड़ा था, जिसके कारण उन्होंने हत्या करने का फैसला किया। जब उसको मोटरसाइकिल से जा रहा था, तो उन्होंने पीछे से टाटा सूमो से उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। क्राइम ब्रांच ने कहा कि आगे की जांच उन जगहों पर केंद्रित होगी जहां देसाई 24 साल तक फरार रहने के दौरान रहा था और क्या किसी ने उसकी पहचान छिपाने में उसकी मदद की थी। जेबालिया ने कहा कि अब हम इस बात की आगे जांच करेंगे कि यह आरोपी कहां छिपा हुआ था और किसने उसकी मदद की थी। हम उसे राजस्थान पुलिस को सौंप देंगे।

मॉस्को के पास ड्रोन हमलों के बीच तुर्किश एयरलाइंस की उड़ान इस्तांबुल लौटी

अंकारा। तुर्किश एयरलाइंस की इस्तांबुल से मॉस्को जा रही एक फ्लाइट रविवार को रूस की राजधानी के पास पहुंचने के बाद वापस इस्तांबुल लौट गई। फ्लाइट-ट्रैकिंग के आंकड़ों और तुर्की मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, उस समय मॉस्को पर यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया जा रहा था। तुर्किश एयरलाइंस की उड़ान टीके407, जिसे एयरबस ए330-300 विमान से संचालित किया जा रहा था, रविवार को स्थानीय समय के अनुसार रात 2:22 बजे (शनिवार 23:22 जीएमटी) इस्तांबुल से मॉस्को के वनुकोवो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए रवाना हुई थी। रूस के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने और मॉस्को के करीब पहुंचने के बाद विमान वापस मुड़ गया और बाद में इस्तांबुल में उतर गया। इस स्थिति का असर तुर्की और रूस के बीच चलने वाली दूसरी उड़ानों पर भी पड़ा। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, वनुकोवो आने-जाने वाली तुर्की की एयरलाइंस द्वारा संचालित कम से कम 35 उड़ानों में देरी हुई या उन्हें रद्द कर दिया गया। उड़ानों में यह परेशानी ऐसे समय हुई, जब मॉस्को और रूस के अन्य हिस्सों पर रातभर यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया गया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि शनिवार से अब तक रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने देशभर में 1600 से अधिक ड्रोन को रोक दिया। इनमें मॉस्को की ओर बढ़ रहे करीब 450 ड्रोन शामिल थे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि रूसी सेनाओं ने एक सप्ताह के दौरान यूक्रेन के रक्षा संयंत्रों, रसद केंद्रों, ऊर्जा और परिवहन से जुड़े बुनियादी ढांचे पर दो बड़े और पांच समूह हमले किए। इस दौरान रूसी सेनाओं ने दस बस्तियों पर कब्जा भी कर लिया। मंत्रालय के अनुसार, हमलों में रक्षा, धातु, मोटर और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों से जुड़े प्रतिष्ठानों, सैन्य रसद और वितरण केंद्रों, ईंधन एवं ऊर्जा सुविधाओं, रेलवे और सड़क बुनियादी ढांचे, ड्रोन बनाने वाली वर्कशॉप और भंडारण केंद्रों, गोला-बारूद और ईंधन डिपो, बंदरगाहों के साथ-साथ यूक्रेनी सशस्त्र बलों और विदेशी लड़ाकों की अस्थायी तैनाती वाली जगहों को निशाना बनाया गया। समुद्री ठिकानों के बारे में मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन के 12 मालवाहक जहाजों, दो समुद्री नौकाओं, एक टैंकर और एक टगबोट को निशाना बनाया गया। मंत्रालय के मुताबिक, एक सप्ताह के दौरान रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने 44 गाइडेड हवाई बम, आठ हिमर्स रॉकेट, दो नेप्च्यून लंबी दूरी की गाइडेड मिसाइलें और 5,706 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। बुधवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यूक्रेन की जमीन पर पश्चिमी देशों के सैनिकों की तैनाती को रूस सीधे युद्ध की घोषणा मानेगा। लावरोव ने बुधवार को येकातेरिनबर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव में कहा, “मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि हमारी इसमें शामिल होने में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन अगर यूरोप, जो हर दिन रूस के खिलाफ युद्ध की तैयारी की बात करता है, रूसी संघ पर हमला करता है, तो वह बिल्कुल अलग तरह का युद्ध होगा और वह बहुत कम समय तक चलेगा।” लावरोव ने आगे कहा कि मॉस्को अब भी कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है। इसमें अमेरिका की ओर से दोबारा प्रस्तावित त्रिपक्षीय प्रारूप भी शामिल है।

बाराबती स्टेडियम में ओडिशा टी20 लीग की शुरुआत, सुरेश रैना बोले- ये अपने हुनर ​​को दिखाने का बेहतरीन मौका है

कटक। ओडिशा टी20 लीग 2026 की शुरुआत रविवार को कटक के मशहूर बाराबती स्टेडियम में हुई। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उद्धाटन समारोह में फैंस को क्रिकेट, मनोरंजन और लीग के ब्रांड एंबेसडर और भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और देबाशीष मोहंती की प्रेरणादायक बातें सुनने को मिलीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भारत के इन दोनों पूर्व खिलाड़ियों और सभी छह टीमों के मालिकों को सम्मानित किया। रैना ब्रांड एंबेसडर के तौर पर इस टूर्नामेंट से जुड़े हैं। उन्होंने लीग में हिस्सा ले रहे युवा क्रिकेटर्स को इस मौके का पूरा फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा, “मैं इतने शानदार आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी की मेहनत की तारीफ करना चाहता हूं और उन्हें बधाई देता हूं। सभी खिलाड़ियों के लिए मेरा संदेश सरल है: जमकर खेलें, ईमानदारी से खेलें और सबसे जरूरी बात, खेल का लुत्फ उठाएं। आप सभी के लिए यह अपने हुनर ​​को दिखाने, अनुभव से सीखने और अपने खेल को आगे ले जाने का एक बेहतरीन मौका है।” देबाशीष मोहंती ने भी इस पहल की तारीफ की और युवा खिलाड़ियों को मुकाबला करने और कीमती अनुभव हासिल करने के लिए एक मंच देने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “ओडिशा टी20 लीग युवा क्रिकेटरों के लिए अपने हुनर ​​को दिखाने और प्रोफेशनल माहौल में मुकाबला करने का एक शानदार मौका है। इस तरह का टूर्नामेंट खिलाड़ियों को वह आत्मविश्वास और अनुभव दे सकता है, जिसकी उन्हें अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए जरूरत होती है। मुझे खुशी है कि मैं इस लीग से जुड़ा हूं और मैं सभी टीमों और खिलाड़ियों को इस सीजन के लिए शुभकामनाएं देता हूं।” इस मौके पर ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन (ओसीए) के सचिव संजय बेहरा ने कहा कि इन दो क्रिकेटर्स की मौजूदगी टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। बेहरा ने कहा, “सुरेश रैना और देबाशीष मोहंती का ओडिशा टी20 लीग से जुड़ना हमारे लिए बहुत गर्व की बात है। दोनों ने सबसे ऊंचे स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और भारतीय क्रिकेट में अहम योगदान दिया है। उनका अनुभव और मौजूदगी हमारे युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और उन्हें ऐसे लोगों से सीखने का मौका देगी जिन्होंने सबसे ऊंचे स्तर पर क्रिकेट खेला है।” ओपनिंग सेरेमनी में मनोरंजन का एक खास कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय ने स्टेज पर अपने डांस से दर्शकों का मन मोह लिया। टूर्नामेंट की शुरुआत के लिए बाराबती स्टेडियम में एकत्रित हुए दर्शकों का उत्साह उनकी मौजूदगी से और बढ़ गया।

पहला वनडे: तेजल-अनुष्का के बीच 126 रन की साझेदारी, भारतीय महिलाओं ने ऑस्ट्रेलिया-ए को 4 विकेट से हराया

मोहाली। भारतीय महिला-ए टीम ने ऑस्ट्रेलिया महिला-ए के खिलाफ अनाधिकारिक वनडे सीरीज के पहले मैच को 4 विकेट से अपने नाम किया। इसी के साथ भारत ने तीन मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली। यह मुकाबला रविवार को पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला गया। इससे पहले, ऑस्ट्रेलियाई टीम ने तीन टी20 मुकाबलों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। पहला मैच 6 विकेट से जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अगला मुकाबला 30 रन से अपने नाम किया। सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच मेहमान टीम ने 7 रन से जीता था। वनडे सीरीज के शेष 2 मुकाबले 23 और 25 सितंबर को खेले जाने हैं, जिसके बाद 29 सितंबर से एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाएगा। टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 46.3 ओवरों में सिर्फ 235 रन पर सिमट गई। रेचल ट्रेनामन और कप्तान ताहलिया विल्सन की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 81 रन की साझेदारी की। रेचल 36 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि ताहलिया ने 8 चौकों के साथ 48 रन बनाए। इस टीम ने 87 के स्कोर तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के गंवा दिए थे। यहां से चार्ली नॉट (39) ने केटी मैक (23) के साथ तीसरे विकेट के लिए 54 गेंदों में 62 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 149 के स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। आलम ये रहा कि 174 के स्कोर तक 6 विकेट गिर गए। यहां से टेस फ्लिंटॉफ (22) ने सियाना जिंजर (15) के साथ सातवें विकेट के लिए 27 रन और मिली इलिंगवर्थ (17) ने फ्रैंकी निक्लिन (नाबाद 2) के साथ 10वें विकेट के लिए 20 रन की साझेदारी करते हुए टीम को जैसे-तैसे 235 के स्कोर तक पहुंचाया। भारतीय खेमे से वैष्णवी शर्मा और निकी प्रसाद को 3-3 विकेट हाथ लगे, जबकि अमनदीप कौर ने 2 विकेट चटकाए। इसके जवाब में भारत की महिला-ए टीम ने 41.1 ओवरों में मुकाबला अपने नाम कर लिया। मेजबान टीम ने 46 के स्कोर तक अपने 3 विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद तेजल हसबनीस ने अनुष्का शर्मा के साथ चौथे विकेट के लिए 126 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 172 के स्कोर तक पहुंचा दिया। अनुष्का 61 गेंदों में 7 बाउंड्री के साथ 55 रन बनाकर आउट हुईं, जिसके बाद निकी प्रसाद ने तेजल के साथ 23 रन और सायली सतघारे (25) के साथ 40 रन की साझेदारी करते हुए टीम को आसान जीत दिलाई। तेजल 82 गेंदों में 6 छक्कों और 5 चौकों के साथ 81 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि निकी ने 5 बाउंड्री के साथ नाबाद 32 रन बनाए। ऑस्ट्रेलियाई खेमे से टेस फ्लिंटॉफ और फ्रैंकी निक्लिन ने 2-2 विकेट चटकाए।

एसआईआर नोटिस पर ईसीआई की सफाई, पूर्व चुनाव आयुक्त संधू का नाम अंतिम मतदाता सूची में होगा शामिल

नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पूर्व चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को जारी किए गए एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) नोटिस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों और दस्तावेजों का सत्यापन कर लिया गया है और उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। रविवार को जारी बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि एस.एस. संधू की मतदाता प्रविष्टि विधानसभा क्षेत्र-38 (दिल्ली कैंट) में अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के लिए पहले ही सत्यापित कर ली गई है। इस क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची 11 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। आयोग ने कहा कि सोशल मीडिया पर एस.एस. संधू को एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए जाने को लेकर भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही थी। इसी को लेकर यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, 2026 की विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान एस.एस. संधू की प्रविष्टि को “नाम में विसंगति” श्रेणी में चिन्हित किया गया था। यह वर्गीकरण एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी और पिछली मतदाता सूची से मिलान के आधार पर किया गया था। आयोग ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनकी प्रविष्टियों का पिछली मतदाता सूची से तार्किक रूप से मिलान नहीं हो पाया या जिनमें किसी प्रकार की विसंगति पाई गई। ईसीआई ने यह भी कहा कि न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, संवैधानिक पदाधिकारियों तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और लोक सेवा से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के नाम, यदि डेटाबेस में चिन्हित हुए हैं, तो उन्हें भी ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया गया है ताकि दावा और आपत्ति की अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जा सकें। आयोग ने कहा कि नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के समक्ष आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा सत्यापन के बाद इन नोटिसों का निस्तारण 29 अक्टूबर तक किया जाएगा। चुनाव आयोग ने दोहराया कि उसका उद्देश्य पारदर्शी, सहभागी और समावेशी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

सेवा संकल्प यात्रा मध्य प्रदेश-राजस्थान पहुंची, बीजेवाईएम फैला रही सेवा का संदेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के जन-सेवा कार्य के उपलक्ष्य में 17 सितंबर को वडनगर और वाराणसी से शुरू हुई भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) की ‘सेवा संकल्प यात्रा’ चौथे दिन भी जारी रही। यह यात्रा देश भर में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और जन-भागीदारी का संदेश पहुंचा रही है। गुजरात और उत्तर प्रदेश से एक साथ शुरू हुई यह यात्रा कई रास्तों से गुजरी और रविवार को मध्य प्रदेश और राजस्थान में दाखिल हुई। इस दौरान हजारों कार्यकर्ता और आम नागरिक सेवा से जुड़े कामों में हिस्सा ले रहे हैं। एक जगह से दूसरी जगह जाने के अलावा, इस यात्रा का मकसद ‘सेवा संकल्प’ की भावना को सीधे लोगों तक पहुंचाना है। हर पड़ाव पर, बीजेवाईएम कार्यकर्ता समुदायों से मिल रहे हैं, स्थानीय मुद्दों को समझ रहे हैं, और ऐसे काम कर रहे हैं जिनका समाज पर सार्थक असर पड़े। चुने हुए प्रतिनिधि और जन-नेता भी ‘सेवा यात्री’ के तौर पर शामिल हुए हैं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ‘सेवा यात्री’ के तौर पर हिस्सा लिया और खेड़ा जिले के कनिज गांव में ग्रामीणों के साथ ‘जन संवाद’ किया। भाजपा सांसद और सभी सेल्स के राष्ट्रीय प्रभारी वीडी शर्मा भी यात्रा के एक रूट में शामिल हुए और जमीनी स्तर की गतिविधियों में हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश से राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और लोकसभा सांसद राजमणि कोल ने इसमें हिस्सा लिया, जबकि गुजरात के मंत्री कमलेश पटेल और रिवाबा जडेजा भी उन प्रमुख नेताओं में शामिल थे जिन्होंने सेवा के इन कामों में भाग लिया। इन रास्तों पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सार्वजनिक जगहों और गांवों में “स्वच्छता अभियान” और सफाई कार्यक्रम, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए पेड़ लगाने के कार्यक्रम, भजन गायन और आध्यात्मिक सभाएं, नागरिकों से सीधे बातचीत के लिए जन चौपाल और जन संवाद, वृद्धाश्रमों का दौरा और बुज़ुर्गों की सेवा, और स्थानीय जरूरतों के आधार पर समुदाय से जुड़ने वाले अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। यह यात्रा इस सोच को दिखाती है कि सेवा कोई कभी-कभार की जाने वाली गतिविधि नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक लगातार बनी रहने वाली जिम्मेदारी है। इसका मकसद युवा पीढ़ी को निस्वार्थ सेवा, अनुशासन, दया और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे उन मूल्यों से जोड़ना है जो पिछले 25 सालों से प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन की पहचान रहे हैं।