सायनी घोष बोलीं- ‘राहुल के नेतृत्व में टीएमसी के साथ जुड़े कांग्रेस’, कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी पर भी दिया जवाब

कोलकाता। एनसीपीआई सांसद सयानी घोष ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी को राहुल गांधी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहिए। इससे असल मायने में संदेश जाएगा। साथ ही, सयानी घोष ने नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी पर कहा कि कोई भी चुनाव आयोग या अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। एनसीपीआई सांसद सयानी घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मुझे उम्मीद है कि राहुल गांधी की लीडरशिप में कांग्रेस, टीएमसी के साथ गठबंधन करेगी। अगर ऐसा होता है, तो इससे एक बड़ा संदेश जाएगा कि यह गठबंधन असल मायनों में एक गठबंधन है, न कि सिर्फ कहने के लिए।” नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर सायनी घोष ने कहा, “कांग्रेस से उम्मीदवार बने नेता के बारे में मुझे कल तक जो पता था, उसके मुताबिक उन पर कुछ मामले लंबित थे। कोई भी चुनाव आयोग या अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। लोकतंत्र में, चाहे कांग्रेस हो, तृणमूल कांग्रेस हो या भाजपा, हर कोई अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र है।” साथ ही, कांग्रेस प्रत्याशी को ममता बनर्जी के समर्थन पर उन्होंने कहा, “यह राजनीति है और राजनीति में चुनाव से पहले क्या फैसले लिए जा सकते हैं और क्या किया जा सकता है, यह दोनों पार्टियों के बीच की बात है।” उधर, पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने पर कहा, “बार-बार ऐसा करने से चुनाव खत्म हो जाएंगे। वे उम्मीदवार भी नहीं उतार पाएंगे और न ही चुनाव लड़ पाएंगे।” दिलीप घोष ने कहा, “देखिए, कोई राजनीतिक पार्टी क्यों बनाता है? ताकि वह आगे बढ़े। क्या हम चुनाव नहीं हारते? हम हर चुनाव में हर जगह नहीं जीतते। कुछ लोग इधर-उधर जाते रहते हैं, लेकिन क्या पार्टी खत्म हो जाती है? ऐसा सिर्फ कांग्रेस और उनकी राजनीतिक संस्कृति से निकली पार्टियों के साथ ही होता है।

एशियन गेम्स: आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने ओसीए प्रमुख और सदस्यों से मुलाकात की

नई दिल्ली। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने आइची-नागोया में एशियन गेम्स के आधिकारिक स्वागत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और एशियन स्पोर्टिंग फ्रेटरनिटी के दूसरे सदस्यों से मुलाकात की। पीटी उषा मुलाकात की तस्वीर को एक्स पर साझा करते हुए लिखा, “ओसीए अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और ओसीए के सदस्यों से आधिकारिक स्वागत समारोह में मिलना शानदार था हम सब मिलकर पूरे एशिया में खेल के विकास का रास्ता बना रहे हैं।” यह समारोह एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी से पहले रखा गया था। ओपनिंग सेरेमनी शनिवार को पालोमा मिजुहो स्टेडियम में होनी है। आइची-नागोया एशियन गेम्स में पूरे कॉन्टिनेंट के एथलीट एक साथ आएंगे। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी ने एशियन गेम्स से पहले जापान के नागोया में 110वीं ओसीए एग्जीक्यूटिव बोर्ड मीटिंग का भी नेतृत्व किया। मीटिंग में आने वाले ओसीए कार्यक्रमों की तैयारियों पर बात हुई, जिसमें एशियन इंडोर और मार्शल आर्ट्स गेम्स रियाद 2026, एशियन बीच गेम्स इन सेबू 2028, और एशियन विंटर गेम्स इन अल्माटी 2029 शामिल हैं। शनिवार की ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही एशियाड में भारत का कैंपेन शुरू हो गया, जिसमें टेकबॉल और क्रिकेट में पहले से ही एक्शन चल रहा है। टेकबॉल के महिला एकल सेमीफाइनल में क्विम्सी जोआकिम डिसूजा को हार का सामना करना पड़ा है। वह कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगी। वहीं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी क्वार्टर फाइनल में मेजबान जापान पर बड़ी जीत हासिल कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला बांंग्लादेश से होना है। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल का लक्ष्य अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में हुआ था। भारतीय दल ने पहली बार एक संस्करण में 100 से अधिक पदक हासिल करते हुए कुल 107 पदक जीते थे।

आईआईटी बॉम्बे छात्र सुसाइड: मुंबई पुलिस ने एडीआर के तहत दर्ज किया मामला, पीड़ित परिवार पहुंचे थाने

मुंबई। आईआईटी बॉम्बे के छात्र की मौत से जुड़े मामले में पुलिस ने ‘एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट’ (एडीआर) दर्ज किया है। शुक्रवार शाम को आईआईटी पवई परिसर में छात्र मृत पाया गया। बताया जाता है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के बाद छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या की। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि महाराष्ट्र के यवतमाल के रहने वाले मृतक छात्र के परिवार को सूचित कर दिया गया है। सुबह परिवार के सदस्य मुंबई के पवई पुलिस थाने पहुंचे। उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जाने के बाद पुलिस आगे की कार्यवाही तय करेगी कि किसके खिलाफ मामला दर्ज करना है या नहीं। इसके अतिरिक्त, पुलिस परिसर में छात्रों के बयान दर्ज कर रही है। अभी तक किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं है। घटना के बाद सिर्फ एडीआर ही दर्ज की गई है। वहीं, मृतक छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक छात्र की पहचान साहिल वाकोडे के रूप में हुई, जो ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष का छात्र था। संस्थान के अनुसार, वाकोडे ने परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी से सवाल का जवाब ढूंढा था। आईआईटी बॉम्बे ने कहा कि इस घटना के बाद छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। परीक्षा प्रशिक्षक और विभाग के प्रमुख ने छात्र से इस मामले पर बातचीत की। संस्थान ने बताया कि उन्होंने छात्र को समझाया और भरोसा दिलाया कि इस घटना का उसके करियर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। बातचीत के बाद वाकोडे अपने हॉस्टल के कमरे में लौट आया। बाद में उसी शाम वह अपने कमरे में मृत पाया गया। इस घटना के बाद कैंपस में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि प्रशासन ने छात्र की मौत से जुड़ी सभी जानकारी का खुलासा नहीं किया था। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि परीक्षा की घटना को लेकर वाकोडे को एक साल के निलंबन की धमकी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे निलंबन के तहत उन्हें छात्रावास छोड़कर परिसर के बाहर रहना पड़ सकता था।

मथुरा: बरसाना में राधा अष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, ब्रह्म मुहूर्त में हुआ राधा रानी का महा अभिषेक

मथुरा। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी मथुरा के बरसाना में शनिवार को राधा अष्टमी के पावन पर्व पर श्री राधा रानी मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से पहुंचे भक्तों ने राधा रानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और जन्मोत्सव की खुशियों में शामिल हुए। इस दौरान, मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र राधा रानी के जयकारों से गूंजता रहा। राधा अष्टमी के अवसर पर सुबह करीब 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में श्री राधा रानी का महा अभिषेक किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार अभिषेक में विभिन्न जड़ी-बूटियों, चांदी के कलश और अन्य पूजन सामग्री का प्रयोग किया गया। विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच हुए इस विशेष अभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने राधा रानी की भक्ति में लीन होकर दर्शन किए। राधा रानी के जन्मोत्सव को लेकर बरसाना में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला। मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे बरसाना में भक्तिमय माहौल बना रहा। राधा अष्टमी को राधा रानी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से राधा-कृष्ण की आराधना करने से जीवन में प्रेम, सुख और शांति आती है। यह त्योहार आमतौर पर मथुरा, वृंदावन और आसपास के ब्रज क्षेत्रों में मनाया जाता है। राधा को भगवान कृष्ण की ‘ह्लादिनी शक्ति,’ यानी आनंद देने वाली शक्ति, माना जाता है। उनके बिना, कृष्ण की पूजा अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि जो भक्त राधा अष्टमी के दिन पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा और व्रत करते हैं, उन्हें राधा रानी और भगवान कृष्ण दोनों का आशीर्वाद मिलता है। इससे जीवन में सुख-शांति आती है और पापों का नाश होता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, राधा रानी का जन्म बरसाना (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उनके पिता वृषभानु और माता कीर्तिदा थीं। एक प्रचलित कथा के अनुसार, राधा ने बचपन में अपनी आंखें तब तक नहीं खोलीं, जब तक कि उन्होंने पहली बार भगवान कृष्ण को नहीं देखा। जब कृष्ण उनके सामने आए, तब उन्होंने पहली बार अपनी आंखें खोली और उन्हें देखकर मुस्कुराईं। यह घटना उनके और कृष्ण के बीच के गहरे और आध्यात्मिक संबंध को दर्शाती है।

दिल्ली में नाबालिग लड़की से गैंगरेप और हत्या मामले का एनसीडब्ल्यू ने लिया संज्ञान, कमिश्नर को लिखा पत्र

नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने आउटर नॉर्थ दिल्ली में 16 साल की लड़की से गैंगरेप और हत्या का मामला खुद संज्ञान में लिया है। एनसीडब्ल्यू की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर समयबद्ध और विस्तृत जांच, सख्त कानूनी कार्रवाई और सभी फोरेंसिक सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की है। दरअसल नाबालिग लड़की की गैंगरेप के बाद चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। लड़की का शव एक खुले मैदान में मिला था। राष्ट्रीय महिला आयोग ने पोक्सो एक्ट और बीएनएस के तहत उचित कार्रवाई करने और जहां कानूनी रूप से लागू हो, वहां 16-18 साल के आरोपियों के लिए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 15 के तहत शुरुआती जांच करने को भी कहा है। आयोग ने पीड़ित परिवार के लिए सुरक्षा, कानूनी मदद, काउंसलिंग और मुआवजे के साथ-साथ सात दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। 13 सितंबर को उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के पास सड़ी-गली लाश मिली थी। शव की हालत ऐसी थी कि पुलिस शुरू में यह भी तय नहीं कर पाई कि शव लड़के का है या लड़की का। पुलिस को जांच में पता चला कि गैंगरेप के बाद हत्या कर शव फेंका गया था। पुलिस के मुताबिक इस वारदात को 4 लोगों ने अंजाम दिया, जिसमें 3 नाबालिग थे। जांच में पता चला कि पीड़िता आरोपियों को जानती थी और उनके साथ टेंपो में सफर कर रही थी। पुलिस के अनुसार सफर के दौरान सभी ने शराब पी और फिर लड़की से दुष्कर्म किया। इसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को खुले खेत में फेंक दिया गया। लावारिस कुत्तों ने शव के कुछ हिस्से खा लिए थे और पीड़िता का एक हाथ शरीर से अलग पड़ा मिला था। पुलिस ने बताया कि लड़की के परिवार ने उसकी गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।

संयुक्त राष्ट्र के बजट में 1 अरब डॉलर से ज्यादा की कटौती : ट्रंप प्रशासन

वॉशिंगटन। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि उसने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के बजट में 1 अरब डॉलर से ज्यादा की कटौती सुनिश्चित की। इसके साथ ही मुख्यालय के स्टाफ और शांति सैनिकों की संख्या में भी कमी की गई। यह बयान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले हफ्ते महासभा को संबोधित करने से पहले आया है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यालय के 3,000 पदों में कटौती की जा रही है और दुनिया भर में 25 प्रतिशत से अधिक शांति सैनिकों को वापस भेजा जा रहा है। प्रशासन ने इन कटौतियों को संयुक्त राष्ट्र के काम को सीमित करने और उसके संसाधनों को शांति और सुरक्षा पर केंद्रित करने के प्रयास के रूप में पेश किया। ब्रीफिंग में बचत, प्रभावित पदों या शांति अभियानों का पूरा ब्योरा नहीं दिया गया। अधिकारी ने कहा, “अब संयुक्त राष्ट्र के बजट में एक अरब डॉलर से अधिक की कटौती की गई है।” अधिकारी ने इन कटौतियों को संगठन के 80 साल के इतिहास में पहली बार बताया और इसका श्रेय ट्रंप और विदेश मंत्री को दिया। इस ऐतिहासिक दावे के साथ ब्रीफिंग के दौरान कोई आंकड़े नहीं दिए गए। अधिकारी ने कहा, “हम इसे संयुक्त राष्ट्र को डाइट पर रखना कहते हैं।” प्रशासन का तर्क है कि संगठन ने बहुत सारी जिम्मेदारियां ले ली हैं और उसे संघर्षों को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए। अधिकारी ने कहा कि बजट पर सहमति हासिल करने के लिए आम सहमति और व्यापक कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत थी। अधिकारी को उम्मीद है कि ट्रंप अपने महासभा संबोधन में सुधारों पर चर्चा करेंगे, हालांकि भाषण की अंतिम सामग्री की घोषणा नहीं की गई थी। अधिकारी ने प्रशासन के इस कदम को संस्था को फिर से जीवित करने का अभियान बताया। उन्होंने कहा, “हमने इसे मिलकर ‘मुंगा’, यानी ‘मेक द यूएन ग्रेट अगेन’ के रूप में रीब्रांड करने पर काम किया है।” उन्होंने वार्षिक बैठक के कूटनीतिक महत्व का भी बचाव किया। मैनहट्टन में राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों, विदेश मंत्रियों, व्यापारिक नेताओं और राजनयिकों के जमावड़े से ऐसे अवसर पैदा होते हैं जिन्हें कहीं और दोहराना मुश्किल है। अधिकारी ने पिछले साल की बैठक का जिक्र किया, जब ट्रंप ने खाड़ी देशों और पाकिस्तान, तुर्की और इंडोनेशिया सहित मुस्लिम बहुल देशों को एक साथ लाया था। उन्होंने उन चर्चाओं को बाद में हुए शर्म अल-शेख शांति समझौतों और ट्रंप की 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना से जोड़ा। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस साल की बैठक का उपयोग मौजूदा समझौतों और अनसुलझे कूटनीतिक प्रयासों दोनों को आगे बढ़ाने के लिए करने की उम्मीद करता है। ट्रंप सोमवार दोपहर न्यूयॉर्क पहुंचेंगे और उस शाम ट्रंप टॉवर में राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वह मंगलवार सुबह महासभा को संबोधित करेंगे। उनके कार्यक्रम में ब्रिटिश और जापानी प्रधानमंत्रियों के साथ बैठकें और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के नेताओं के साथ एक बहुपक्षीय सत्र शामिल है। वह विश्व नेताओं के लिए एक स्वागत समारोह की मेजबानी भी करेंगे और वाशिंगटन लौटने से पहले वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति से मिलेंगे। उनका भाषण शांति समझौतों, चल रही बातचीत और उन समस्याओं पर प्रकाश डालेगा जिन्हें प्रशासन का मानना है कि पिछली सरकारों ने टाल दिया था। ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं और गाजा योजना पर प्रगति भी इसमें शामिल होगी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम के अलावा, अधिकारियों ने एआई गवर्नेंस, समुद्र के नीचे केबल, समुद्र तल के खनिज और सहायता के बजाय व्यापार पर जोर देने वाली पहल सहित व्यापक अमेरिकी कूटनीतिक एजेंडे की रूपरेखा भी बताई।

शिपिंग को ‘भू-राजनीतिक तनाव का निशाना नहीं बनना चाहिए’: भारत

संयुक्त राष्ट्र। भारत की ओर से सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपनी मांग दोहराई गई है और कहा गया है कि कमर्शियल समुद्री आवाजाही ‘भू-राजनीतिक तनाव का निशाना नहीं बननी चाहिए’। भारत के जहाजों और नागरिकों को होर्मुज जलडमरूमध्य के टकराव की वजह से नुकसान उठाना पड़ा है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद में कहा, “नेविगेशन (समुद्री आवाजाही) के अधिकारों पर जबरदस्ती, धमकियों, गैर-कानूनी प्रतिबंधों या मनमाने दखल का असर नहीं पड़ना चाहिए।” उन्होंने कहा, “भारत एक प्रमुख समुद्री देश है और हम एक ऐसे समुद्री क्षेत्र का पुरजोर समर्थन करते हैं जो आजाद, खुला, सुरक्षित और नियमों पर आधारित हो।” हरीश ने बहरीन की ओर से बुलाई गई परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में बात की। यह बैठक ‘आरिया-फॉर्मूला’ के तहत समुद्री सुरक्षा माहौल पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। इसका नाम वेनेजुएला के राजनयिक डिएगो आरिया के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 1992 में इस संस्था की अध्यक्षता करते हुए ऐसी बैठकों की शुरुआत की थी। होर्मुज जलडमरूमध्य के ब्लॉक होने से भारत को आर्थिक नुकसान भी हुआ है, जिससे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई और वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम की कीमतों में भारी उछाल आया। हरीश ने कहा कि खाड़ी और पश्चिम एशिया में आई रुकावटों का “ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के मामले में दुनिया भर के क्षेत्रों पर असर पड़ता है।” उन्होंने उन घटनाओं या हमलों में शामिल पक्षों का नाम नहीं लिया, जिनमें ईरान और अमेरिका के साथ-साथ अन्य खाड़ी देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए टकराव के दौरान भारत को भी नुकसान उठाना पड़ा। भारत ने अपने नाविकों की मौत को लेकर ईरान और अमेरिका के सामने विरोध दर्ज कराया है, और तेहरान के सामने भारतीय-पंजीकृत जहाज पर हुए हमले का भी विरोध किया है। अप्रैल में, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की गनबोट्स ने भारतीय झंडे वाले दो टैंकरों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। जुलाई में संयुक्त अरब अमीरात में पंजीकृत दो जहाजों पर ईरानी हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया था। भारत ने नई दिल्ली में ईरानी राजनयिकों के सामने इन दोनों घटनाओं का विरोध किया। जून में, भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के चार्ज डी’अफेयर्स (कार्यवाहक प्रमुख) को बुलाकर तीन भारतीय नाविकों की मौत पर विरोध दर्ज कराया, जब अमेरिका ने उनके पलाऊ-पंजीकृत जहाज पर हमला किया था। हरीश ने कहा कि भारत अपनी नौसेना को तैनात करके इस क्षेत्र के अशांत समुद्री इलाकों में समुद्री सुरक्षा में योगदान दे रहा है। हरीश के अनुसार, सोमवार तक भारतीय सुरक्षा अभियानों की मदद से 449 से ज्यादा कमर्शियल जहाज (जिनमें लगभग 20.3 मिलियन टन कार्गो या 8.4 बिलियन डॉलर से ज्यादा मूल्य का तेल था) अदन की खाड़ी और लाल सागर से गुजरे। लाल सागर में ये रुकावटें हूथी मिलिशिया द्वारा पैदा की जा रही हैं, जो ईरान से जुड़ा यमन का एक विद्रोही समूह है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ने समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए मार्च में पश्चिमी अरब सागर में 11 जहाजों के साथ ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ शुरू किया था। संघर्ष में शामिल दोनों पक्षों की नाकेबंदी के कारण सैकड़ों भारतीय नाविक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर फंसे हुए हैं। उनके पक्ष में बात करते हुए हरीश ने कहा, “नाविक हमारी सामूहिक कोशिशों के केंद्र में होने चाहिए। उनकी सुरक्षा, समय पर सुरक्षित निकासी, चिकित्सा सहायता, क्रू में बदलाव और स्वदेश वापसी के लिए प्रभावी आकस्मिक योजना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।” हरीश ने तकनीक के विकास से पैदा होने वाले नए खतरों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली “उभरते खतरों से निपटने के बढ़ते महत्व को पहचानती है, जिसमें बिना चालक दल वाले सिस्टम से हमले, साइबर जोखिम और नेविगेशन व संचार में बाधा डालना शामिल है।” उन्होंने आगे कहा, “इन चुनौतियों से निपटने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, क्षमता निर्माण और तकनीक का जिम्मेदार उपयोग महत्वपूर्ण होगा।

मानसून के आगमन के साथ ही तमिलनाडु में डेंगू के मामलों में तेजी

चेन्नई। मानसून के आगमन के साथ ही तमिलनाडु में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं और राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य भर में परीक्षण किए गए 1,320 लोगों में से 244 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। रोजाना करीब 200 मामले सामने आ रहे हैं। 15 सितंबर तक तमिलनाडु में डेंगू के 16,577 मामले दर्ज किए गए और नौ मौतें हुईं। चेन्नई सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बना हुआ है। शहर में एक ही दिन में बुखार से पीड़ित 156 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 87 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। चेंगलपट्टू, कोयंबटूर, तिरुवनमलाई, कृष्णागिरी, सलेम, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, तंजावुर और विलुपुरम में भी बड़ी संख्या में मामले सामने आए हैं। सरकार ने मच्छर नियंत्रण और रोग निगरानी अभियानों को तेज कर दिया है और तमिलनाडु भर में 25,000 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया है। ये टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में संक्रमण के स्रोतों को खत्म करने, स्वच्छता कार्य करने और बुखार के मामलों की निगरानी करने में लगी हुई हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों को भी निवारक उपायों को मजबूत करने और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री अरुण राज ने चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पिछले सात दिनों में डेंगू के मामलों में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन उन्होंने लोगों से घबराहट न करने का आग्रह किया। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घरों के अंदर और आसपास पानी जमा होने से रोकें और लगातार बुखार होने पर चिकित्सा सहायता लें। नाम तमिलर काची के मुख्य समन्वयक सीमान ने इस वृद्धि के लिए टीवीके सरकार की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मांग की कि जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं, वहां युद्धस्तर पर नीलावेम्बु काढ़ा और कबासुरा कुडीनीर वितरित किया जाए। इसी बीच, अन्ना विश्वविद्यालय के छात्र हरीश कुमार का गुरुवार को लगातार बुखार से पीड़ित रहने के बाद निधन हो गया। उनकी मृत्यु से चार दिन पहले ही मृदुला और जयश्री की भी मृत्यु हो चुकी है, जिससे परिसर में चिंता का माहौल छा गया है। हालांकि, जन स्वास्थ्य निदेशालय ने स्पष्ट किया कि हरीश कुमार को डेंगू नहीं था और उनकी मृत्यु स्क्रब टाइफस से हुई थी। इस महामारी के बीच, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज जापान की ताकेडा फार्मास्युटिकल के साथ मिलकर अगले साल की पहली छमाही में क्यूडेंगा नामक डेंगू वैक्सीन को भारत में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिसे भारत का पहला डेंगू टीका बताया जा रहा है। यह टीका, जो चार से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए है और तीन महीने के अंतराल पर दो खुराक में दिया जाता है, डेंगू वायरस के सभी चार प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है।

बद्रीनाथ में आज से देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव, लोकनृत्य से सेना की प्रदर्शनी तक होंगे आकर्षण

बद्रीनाथ। बद्रीनाथ स्थित टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में शनिवार से दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 का आयोजन कर रहा है। 19 और 20 सितंबर को होने वाले इस महोत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सीमांत क्षेत्रों के जीवन की झलक देखने को मिलेगी। गढ़वाली लोकनृत्य, लोकसंगीत, विद्यालय एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, स्थानीय हस्तशिल्प, हथकरघा, जैविक उत्पाद और पारंपरिक व्यंजन महोत्सव के प्रमुख आकर्षण होंगे। भारतीय सेना और जिला प्रशासन चमोली के संयुक्त तत्वावधान में ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित इस महोत्सव की थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ रखी गई है। आयोजन का उद्देश्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को संरक्षित करने के साथ ही सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना तथा स्थानीय कला और संस्कृति को व्यापक मंच उपलब्ध कराना है। महोत्सव में भारतीय सेना की ओर से विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण, सीमाओं की सुरक्षा और आपदा राहत कार्यों में सेना की भूमिका को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा समाज के प्रति सेना की प्रतिबद्धता और सीमांत क्षेत्रों के साथ उसके जुड़ाव को भी प्रदर्शनी के माध्यम से सामने रखा जाएगा। आयोजन स्थल पर महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कारीगरों, किसानों और युवा उद्यमियों के लिए विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा, जैविक उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिला समूहों व युवाओं की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। महोत्सव के दौरान सीमांत गांवों की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक महत्व को भी प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इसके माध्यम से देशभर से बद्रीनाथ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सीमांत क्षेत्रों की जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा। आयोजन को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की भावना से जोड़ते हुए सीमांत क्षेत्रों के पर्यटन और आर्थिक विकास को गति देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, कारीगरों, किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को अपनी प्रतिभा तथा उत्पादों को देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। महोत्सव को लेकर प्रशासन की ओर से आगंतुकों की सुविधा के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, पार्किंग, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन समेत आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। भारतीय सेना और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, कलाकारों और मीडिया प्रतिनिधियों से महोत्सव में सहभागिता की अपील की है।

डोनाल्ड ट्रंप ने 100,000 डॉलर की एच-1बी फीस फिर से लागू की, छंटनी पर निशाना साधा

वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट और एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ एच-1बी वीजा आवेदनों के लिए 100,000 डॉलर की फीस को फिर से लागू कर दिया है और अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी करने वाले नियोक्ताओं की कड़ी जांच के आदेश दिए हैं। इन उपायों में फीस रिन्यूअल के साथ-साथ स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर के रोजगार से जुड़े तौर-तरीकों की नई जांच भी शामिल है। स्किल्ड-वर्कर वीजा प्रोग्राम के तहत आवेदनों की समीक्षा करते समय एजेंसियों को हाल ही में हुई और भविष्य में होने वाली छंटनी पर विचार करना होगा। एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में स्टेट, लेबर और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी को यह देखने का निर्देश दिया गया है कि क्या एम्प्लॉयर ने पिछले साल सीधे या परोक्ष रूप से छंटनी की थी, या क्या वे भविष्य में ऐसी कटौती की योजना बना रहे हैं जिससे उसी तरह की स्थिति वाले अमेरिकी वर्कर प्रभावित होंगे। यह जरूरत लेबर कंडीशन एप्लीकेशन, याचिकाओं, वीजा और अमेरिका में प्रवेश पर लागू होती है। ऑर्डर में केवल इसलिए आवेदन को अपने-आप अस्वीकार करने की बात नहीं कही गई है कि एम्प्लॉयर ने छंटनी की घोषणा की है। ट्रंप ने ऑर्डर में कहा, “मैंने तय किया है कि अमेरिकी वर्कफोर्स की सुरक्षा और उन्हें प्राथमिकता देने के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।” व्हाइट हाउस ने कहा कि एक अलग घोषणापत्र के जरिए 19 सितंबर, 2025 को पहली बार लागू की गई 100,000 डॉलर की फीस की जरूरत को रिन्यू किया गया। इसकी फैक्ट शीट में बताया गया कि यह शुल्क कुछ एच-1बी आवेदनों पर लागू होता है। इसमें रिन्यूअल की अवधि या छूट के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया। ऑर्डर में लेबर सेक्रेटरी के लिए 30 दिन की समय-सीमा भी तय की गई है, जिससे वे वेज एंड आवर डिवीजन के जरिए पहले जमा किए गए लेबर कंडीशन एप्लीकेशन के डेटा की समीक्षा शुरू कर सकें। समीक्षा से यह तय होगा कि क्या स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई जरूरी है। एच-1बी मामलों की प्रोसेसिंग करते समय स्टेट, लेबर और होमलैंड सिक्योरिटी विभागों को कॉमर्स और एजुकेशन विभागों तथा स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से सलाह लेनी होगी। ये एजेंसियां ​​कानूनी जरूरतों के पालन का आकलन करने में मदद के लिए वेतन, रोजगार, शैक्षणिक, औद्योगिक और अन्य आर्थिक जानकारी उपलब्ध कराएंगी। प्रशासन ने इन उपायों को अमेरिकी वर्करों की कथित विस्थापन और कुछ एम्प्लॉयर तथा आउटसोर्सिंग फर्मों द्वारा प्रोग्राम के दुरुपयोग के जवाब के तौर पर पेश किया। ऑर्डर में आरोप लगाया गया कि टेक्नोलॉजी एम्प्लॉयर ने सामूहिक रूप से लाखों वर्करों के लिए एच-1बी वीजा की मांग की, जबकि 2022 से 2026 के बीच 800,000 से 1.3 मिलियन अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ एम्प्लॉयर ने नौकरी की जिम्मेदारियों, काम की स्थितियों या आवेदकों की योग्यताओं के बारे में गलत जानकारी दी। न तो ऑर्डर और न ही फैक्ट शीट में इन आरोपों पर एम्प्लॉयर या आउटसोर्सिंग फर्मों की प्रतिक्रिया शामिल थी। व्हाइट हाउस ने कहा कि 2025 के घोषणापत्र के लागू होने के बाद से सबसे बड़ी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग फर्मों द्वारा जमा किए गए रजिस्ट्रेशन में 92 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसमें कॉन्सुलर प्रोसेसिंग के अनुरोधों में लगभग 97 प्रतिशत की गिरावट की भी जानकारी दी गई। ये नए उपाय व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट में बताए गए बदलावों के तहत किए गए हैं। इनमें दिसंबर 2025 का डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी का वह नियम भी शामिल है, जिसके तहत रैंडम सिलेक्शन (यादृच्छिक चयन) की जगह वेतन-स्तर के आधार पर वेटेज देने वाली प्रणाली लागू की गई। फैक्ट शीट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2027 में इसका पहली बार इस्तेमाल किया गया और रजिस्ट्रेशन में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई।