डूसू चुनाव में निर्दलीय जीत हासिल करने वाले दीपांशु शौकीन बोले- सत्य निकेतन हादसे के पीड़ितों को दिलाऊंगा इंसाफ

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में उपाध्यक्ष के पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। जीत हासिल करने के बाद दीपांशु ने समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान अपने समर्थकों का आभार जताया और सत्य निकेतन हादसे में मारे गए छात्रों के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ने की बात कही। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव में जीत हासिल करने वाले निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने मुझपर भरोसा जताया और उन भरोसे पर मैं खरा उतरूंगा। उनकी हकों की लड़ाई लड़ूंगा। सत्य निकेतन हादसे में जिन छात्रों की जान गई है, उनके लिए इंसाफ की मांग रखूंगा। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए हॉस्टल की मांग रखूंगा और जो भ्रष्टाचार यहां डीयू के सिस्टम में हो रहा है, उसे ठीक करने की कोशिश करूंगा। ये लड़ाई और संघर्ष जो मैंने किया वो इन छात्रों के लिए किया था।” डूसू चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए कुल 60,854 वोट पड़े। इनमें दीपांशु शौकीन को 30,615 वोट मिले। इशू मौर्या को 16,910, वीर चतरथ को 4,313 और अरण्य सिंह राठौड़ को 2,274 मत मिले। वहीं, डूसू के तीन अन्य प्रमुख पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उम्मीदवार विजयी रहे। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह ने जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद के लिए कुल 60,845 वोट पड़े। एबीवीपी के यश डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। अनन्या रतूड़ी को 5,377 वोट मिले। इस पद 4,310 छात्रों ने नोटा को वोट दिया। संयुक्त सचिव पद के लिए कुल 60,825 वोट पड़े। एबीवीपी के लक्ष्यराज सिंह को 16,615 वोट मिले और उन्होंने यह सीट जीती। विशेष यादव को 15,778, एनएसयूआई के गोपाल चौधरी को 15,206 और नोटा को 7,389 वोट मिले। सचिव पद के लिए कुल 60,776 वोट पड़े। एबीवीपी की रिया छाबड़ी को 21,650 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। पंकज कुमार को 7,639 और नोटा को 7,884 वोट मिले।
मंत्री कृष्णा बायरे गौडा ने रात में बेंगलुरु की सड़कों का किया निरीक्षण; कमियां मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार

बेंगलुरु। कर्नाटक के विकास मंत्री कृष्णा बायर गौडा ने बेंगलुरु में देर रात को स्थलीय निरीक्षण किया। यह निरीक्षण रात करीब 9 बजे शुरू हुआ और आधी रात के करीब तक, 3 घंटे से ज़्यादा समय तक चला। इसमें बेंगलुरु के दक्षिणी कॉरिडोर में से एक के किनारे स्ट्रीटलाइट, फुटपाथ, नालियों और सड़कों के रखरखाव में बड़ी कमियां सामने आईं। साउथ कॉर्पोरेशन कमिश्नर के.एन. रमेश और वरिष्ठ सिविक अधिकारियों के साथ मंत्री बायर गौडा ने जेपी नगर मेट्रो स्टेशन से आउटर रिंग रोड और बैनरघट्टा मेन रोड होते हुए गोट्टिगेरे एनआईसीई रोड जंक्शन तक के हिस्से का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण मौके पर ही असलियत जानने का ज़रिया बन गया, जिसमें मंत्री ने अधिकारियों को खराब स्ट्रीटलाइट, अधूरे फुटपाथ के काम, खुली नालियों, सड़क की खराबियों, मलबे और खराब रखरखाव के लिए फटकार लगाई। निरीक्षण में सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि जेपी नगर-गोट्टिगेरे रूट पर 1,540 में से 530 स्ट्रीटलाइट- यानी लगभग 34 फीसदी काम नहीं कर रही थीं। सिर्फ 1,010 लाइटें ही चालू हालत में मिलीं, जबकि 530 पूरी तरह से बंद थीं। मंत्री ने कहा कि उनके ऑफिस के स्टाफ ने 7 और 15 सितंबर को रात में सर्वे किया था, और 11 दिनों तक स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया था। जुलाई और अगस्त में हुई उच्च-स्तरीय बैठकों, बार-बार दिए गए निर्देशों और यहां तक कि एक इंजीनियर के सस्पेंशन के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार न होने की कड़ी आलोचना हुई। एलईडी लाइटिंग का कॉन्ट्रैक्ट फरवरी में खत्म हो गया था, लेकिन कॉन्ट्रैक्टर तय समय के बाद भी काम पूरा नहीं कर पाया। मंत्री ने यह भी बताया कि सड़क की चौड़ाई के हिसाब से जरूरी 120-वाट की लाइटों की जगह 90-वाट की पुरानी लाइटें ही इस्तेमाल हो रही थीं। हाई-डेंसिटी लाइटें और मीडियन लाइटें भी खराब हालत में मिलीं। हुलिमावु के पास क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के सामने और मेगा सिटी मॉल के आस-पास कई जगहों पर सड़क पर रोशनी बहुत कम थी। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग अधिकारियों से सवाल करते हुए बायर गौडा ने पूछा कि क्या इंजीनियर सच में रात में निरीक्षण कर रहे थे या सिर्फ अपने ऑफिस से रिपोर्ट बना रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो कॉन्ट्रैक्टर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, उन पर दोगुना जुर्माना लगाया जाए और जहां जरूरी हो, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। मंत्री ने वेगा सिटी मॉल जंक्शन, नागार्जुन होटल और एम्पायर होटल के पास फुटपाथ की हालत पर भी कड़ी नाराजगी जताई। कई जगहों पर फुटपाथ और नाली के काम के लिए बनी कंक्रीट की स्लैब इधर-उधर बिखरी पड़ी थीं, जबकि खुली नालियां पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बनी हुई थीं। बिना ढकी नालियों के ठीक बगल में पड़ी स्लैब की ओर इशारा करते हुए मंत्री ने सवाल किया कि अधिकारी सुरक्षा के लिए साफ तौर पर खतरनाक इस स्थिति को ठीक करने के लिए उपलब्ध सामान का इस्तेमाल क्यों नहीं कर पाए? उन्होंने इंजीनियरों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि फुटपाथ ठीक से बनाए जाएं और उनमें बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए आने-जाने की जगहों पर कंक्रीट के रैंप हों। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि गाड़ियों को फुटपाथ पर आने से रोकने के लिए प्रेस्ड-कंक्रीट बोलार्ड लगाए जाएं और पैदल चलने वालों के लिए चिकनी और समतल सतह बनाने के लिए ब्रश किए हुए कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फुटपाथ और सार्वजनिक जगहों पर लगे बड़े अनधिकृत विज्ञापन बोर्डों को तुरंत हटा दें, जिनमें कमर्शियल प्रतिष्ठानों द्वारा लगाए गए बोर्ड भी शामिल हैं। उन्होंने सिविक अधिकारियों को बेस्कॉम के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण करने और फुटपाथ पर या उसके किनारे पड़े खतरनाक बिजली के केबल और पाइप हटाने का भी निर्देश दिया। वेगा सिटी मॉल के सामने खुशी फर्टिलिटी सेंटर के पास उन्होंने सड़क पर गड्ढों और निर्माण कार्य के मलबे पर ध्यान दिया। अधिकारियों को ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान के तहत तुरंत मलबा हटाने का निर्देश दिया गया। हुलिमावु में मारुति पब्लिक स्कूल के पास मंत्री ने पाया कि मैकेनिकल सफाई प्रभावी नहीं रही थी और सड़क पर अभी भी कचरा पड़ा था। उन्होंने अधिकारियों को सड़क की सफाई का काम और तेज़ करने का निर्देश दिया। बन्नेरघट्टा-एनआईसीई रोड-गोट्टिगेरे जंक्शन पर मंत्री ने सड़क चौड़ी करने, ड्रेनेज और सरफेसिंग के कामों में कमियां पाईं। उन्होंने अधिकारियों से उस हिस्से के बारे में सवाल किया, जहां सड़क पर ठीक से तारकोल की परत नहीं बिछाई गई थी और जहां नाला बनाते समय उसमें एक गैर-जरूरी मोड़ दिया गया था, जिससे सड़क की असल चौड़ाई कम हो गई थी। इस जंक्शन को शहर का एक अहम प्रवेश द्वार बताते हुए जहां से रोजाना हजारों गाड़ियां गुजरती हैं, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़क के किनारे उगी झाड़ियों को हटाएं, सड़क की सरफेसिंग का काम पूरा करें और ट्रैफिक के बहाव को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन की कमियों को दूर करें। निरीक्षण के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए मंत्री बायर गौडा ने कहा कि मेट्रो के काम और बीडब्ल्यूएसएसबी पाइपलाइन बिछाने की वजह से बन्नेरघट्टा रोड को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि डामर से अस्थायी मरम्मत का काम किया गया है, लेकिन भारी ट्रैफिक की वजह से सड़क को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय के समाधान के तौर पर, उच्च स्तर पर यह फैसला लिया गया है कि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) के तहत पूरे बन्नेरघट्टा रोड पर ‘व्हाइट-टॉपिंग’ का काम किया जाएगा। मंत्री ने यह भी घोषणा की कि फुटपाथों को खाली कराने के बाद उन पर दोबारा कब्जा होने से रोकने के लिए जीबीए और शहर की पुलिस की एक संयुक्त टास्क फोर्स जल्द ही बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य ध्यान इस बात पर होगा कि पैदल चलने वालों के लिए बनी सुविधाओं को ठीक करने के बाद वे जनता के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध रहें। बायर गौडा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्ट्रीटलाइट, गड्ढों की मरम्मत और फुटपाथ के रखरखाव को तुरंत प्राथमिकता दें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो जमीनी स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन 21-22 सितंबर को मेरठ और सहारनपुर का करेंगे दौरा, चुनावी तैयारियों का लेंगे जायजा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 21 और 22 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मेरठ और सहारनपुर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे आगामी चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए कई संगठनात्मक बैठकें करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 71 विधानसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। एक ऐसा क्षेत्र जिसने पारंपरिक रूप से राज्य में चुनावी नतीजों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपनी यात्रा के दौरान नवीन के विभिन्न स्तरों पर पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों और चुनावी रणनीति की समीक्षा करने की उम्मीद है। 21 सितंबर को नितिन नवीन मेरठ का दौरा करेंगे, जहां वे क्षेत्रीय पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के साथ बैठकें करेंगे। वे बूथ, शक्ति केंद्र, जिला और मंडल स्तर पर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे। नवीन मेरठ में ही रात्रि विश्राम करेंगे। 22 सितंबर को नितिन नवीन सहारनपुर जाएंगे, जहां वे इसी तरह की संगठनात्मक बैठकें करेंगे और पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नितिन नवीन का यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला दौरा होगा। उनकी इस यात्रा को पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में जमीनी स्तर पर नेटवर्क को मजबूत करने पर पार्टी के फोकस के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा पारंपरिक रूप से राज्य में अपने चुनावी अभियान शुरू करते समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर काफी जोर देती रही है। खासकर सहारनपुर पार्टी की चुनावी गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने सहारनपुर से ही अपना अभियान शुरू किया था। पार्टी ने 2017 और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी इसी क्षेत्र से अपना अभियान शुरू किया था। दो दिन के दौरे पर नितिन नवीन के पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच बूथ-स्तर पर लामबंदी, संगठनात्मक तालमेल और तैयारी पर जोर देने की उम्मीद है, क्योंकि बीजेपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा रही है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की कई उड़ानें हुईं प्रभावित, यात्रियों को करना पड़ा परेशानी का सामना

नई दिल्ली। परिचालन संबंधी बाधाओं के कारण शनिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की कई उड़ानें विलंबित या रद्द कर दी गईं, जिससे सैकड़ों यात्री प्रभावित हुए। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें या एयरपोर्ट पर मौजूद टीमों से मदद लें। दिल्ली एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक एडवाइजरी में कहा, “स्पाइसजेट की कुछ उड़ानों के संचालन में व्यवधान के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। दिल्ली एयरपोर्ट की टीमें प्रभावित यात्रियों की सहायता करने और जरूरी सहयोग के लिए एयरलाइन और संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।” इससे पहले, 15 सितंबर को भी ऐसी एक घटना हुई। उस समय दुबई जाने वाले विमानों के बार-बार रीशेड्यूल और देर होने के बाद स्पाइसजेट के लगभग 200 यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया था। एयरलाइन ने कहा था कि एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है। गौरतलब है कि स्पाइसजेट वित्तीय और परिचालन संबंधी समस्याओं से जूझ रही है, जिसके कारण उसके बेड़े का एक बड़ा हिस्सा ग्राउंडेड हो गया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने जुलाई में स्पाइसजेट लिमिटेड पर अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भ्रामक डिजाइन प्रैक्टिस, जिन्हें आमतौर पर ‘डार्क पैटर्न’ के रूप में जाना जाता है, को अपनाने के लिए एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। इनमें उपभोक्ताओं को स्वचालित रूप से अपने लॉयल्टी प्रोग्राम में शामिल करना और पूर्व चयनित विकल्पों के माध्यम से प्रचार संबंधी संचार के लिए सहमति प्राप्त करना शामिल था। यह आदेश तब जारी किया गया जब अथॉरिटी ने पाया कि एयरलाइन का ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म ऐसे इंटरफेस डिजाइन का इस्तेमाल करता था जो उपभोक्ताओं की पसंद को प्रभावित करते थे और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन करते थे। सीसीपीए ने यह भी पाया कि उपयोगकर्ताओं को प्रचार संदेश प्राप्त करने के लिए सहमति देने वाला माना गया था, क्योंकि संबंधित विकल्प उपभोक्ताओं से किसी भी सकारात्मक कार्रवाई की जरूरत के बिना डिफॉल्ट रूप से चुना गया था।
उत्तर कोरिया ने आईएईए के प्रस्ताव को खारिज किया, परमाणु ताकत बनाए रखने का संकल्प

सोल। उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के हालिया प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अपनी परमाणु क्षमता को बनाए रखने और उसकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो-जोंग ने अमेरिका और अन्य देशों से कथित परमाणु खतरे का हवाला देते हुए यह बयान दिया। आईएईए ने गुरुवार को वियना में अपने 70वें महासम्मेलन के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया था। इसमें दोहराया गया कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार संपन्न देश का दर्जा नहीं दिया जा सकता। एजेंसी ने प्योंगयांग से परमाणु गतिविधियों को तत्काल रोकने का भी आह्वान किया था। किम यो-जोंग ने उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया केसीएनए के जरिए जारी बयान में कहा, “आईएईए का प्रस्ताव प्योंगयांग के खिलाफ है। एजेंसी उत्तर कोरिया की सुरक्षा स्थिति में बाहरी परमाणु खतरों को नजरअंदाज करते हुए उसके परमाणु कार्यक्रम पर सवाल उठा रही है।” उन्होंने अमेरिका पर यूरोप में परमाणु हथियारों की तैनाती और साझा करने, दक्षिण कोरिया तथा जापान के साथ विस्तारित परमाणु प्रतिरोध व्यवस्था और दक्षिण कोरिया को परमाणु पनडुब्बी तकनीक उपलब्ध कराने की योजनाओं का हवाला दिया। किम ने इन मुद्दों को आईएईए के कथित दोहरे मानदंड का उदाहरण बताया। किम यो-जोंग की टिप्पणी को केसीएनए के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने प्रकाशित किया। कहा, “उत्तर कोरिया अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के अधिकार को अमेरिका या पश्चिम की ‘सहनशीलता’ पर निर्भर नहीं करेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है कि उत्तर कोरिया की परमाणु ताकत की विश्वसनीयता पर किसी भी परिस्थिति में सवाल न उठे।” उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने भी आईएईए के प्रस्ताव की आलोचना की। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि परमाणु हथियार संपन्न देश के रूप में उत्तर कोरिया की स्थिति को अमेरिका, पश्चिमी देशों या आईएईए की मान्यता की जरूरत नहीं है। मंत्रालय के मुताबिक, यह स्थिति उसके वास्तविक परमाणु प्रतिरोध और देश के कानून में दर्ज प्रावधानों से सुनिश्चित है। उत्तर कोरिया ने कहा कि वह बाहरी चुनौतियों और खतरों को रोकने के लिए अपनी सैन्य क्षमता के जरिए देश की संप्रभुता और हितों की रक्षा करता रहेगा। किम यो-जोंग की ये टिप्पणी उस बयान के दो दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया की परमाणु हथियार संपन्न देश की स्थिति को ‘पूर्ण’ और अपरिवर्तनीय बताया था। आईएईए के प्रस्ताव और उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया से एक बार फिर कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु मुद्दे पर प्योंगयांग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच मतभेद सामने स्पष्ट दिखने लगा है। आईएईए जहां उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियों को रोकने और एनपीटी के तहत उसकी परमाणु हथियार संपन्न देश की स्थिति को अस्वीकार करने की बात कह रहा है, वहीं प्योंगयांग ने साफ कह दिया है कि वो अपने परमाणु कार्यक्रम को “सुरक्षा और आत्मरक्षा का विषय मानता है जिसे अमेरिका और पश्चिम वो किसी भी कीमत पर गिरवी नहीं रखेगा।
अमिताभ बच्चन ने बताया जिंदगी में प्रार्थना का महत्व, कहा-एक प्रयास भी दूर कर सकता है मुश्किलें

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन अपनी अभिनय कला से दर्शकों के दिलों में खास जगह रखते हैं। अभिनेता ने जिंदगी में कभी हार न मानने को लेकर खास संदेश दिया। उन्होंने अपने ब्लॉग के जरिए लिफ्ट के लिफ्ट के ऑटोमैटिक दरवाजे से जिंदगी की मुश्किलों की तुलना की। अमिताभ बच्चन ने लिखा, “कुछ बिना बोले होता है, कुछ बोलके होता है और कुछ ठोक-ठाक के होता है, लेकिन होता जरूर है।” उन्होंने ऑटोमैटिक दरवाजे का उदाहरण देते हुए समझाया, “लिफ्ट का ऑटोमैटिक दरवाजा थोड़ी देर बाद अपने आप बंद होने लगता है। अगर चढ़ने में देर हो जाए तो वो बंद होने लगता है। उस वक्त अगर एक छोटी सी उंगली भी उसके रास्ते में आ जाए, तो वो खुल जाता है और वापस अपनी जगह पर चला जाता है।” ठीक इसी तरह छोटी-छोटी कोशिशें जिंदगी में दरवाजे खोल सकती हैं। उन्होंने कहा, “जिंदगी में भी एक छोटा सा प्रार्थना दरवाजा खोल देता है, चाहे वो एक छोटी सी उंगली के बराबर ही क्यों न हो। बिना प्रार्थना किए कुछ मिले- नामुमकिन! कोशिश करते रहो, चलते रहो, लगे रहो, किसी दिन, वो दरवाजा तंग आकर खुल जाएगा।” अभिनेता अमिताभ बच्चन इन दिनों क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति-18वां सीजन’ होस्ट कर रहे हैं। यह शो पहली बार वर्ष 2000 में शुरू हुआ था। इस क्विज शो को इंडियन टेलीविजन की सबसे आइकॉनिक फ्रेंचाइजी में से एक बना दिया था। यह शो ब्रिटिश शो ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ का हिंदी वर्जन है। इसका फॉर्मेट ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ फ्रेंचाइजी के दूसरे शोज जैसा ही है, जिसमें प्रतियोगियों से बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाते हैं और उन्हें चार विकल्पों में से सही जवाब चुनना होता है। अगर उन्हें जवाब पर शक हो तो मदद के लिए उन्हें लाइफलाइन भी दी जाती है।
महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर बरसे जयराम रमेश, बोले- यह रसोई पर चौतरफा हमला

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सरकार ने आम आदमी की रसोई पर चौतरफा हमला बोल दिया है। जयराम रमेश ने अपनी पोस्ट में लिखा, “ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार ने आम आदमी की रसोई पर चौतरफा हमला बोल दिया है। रसोई का बजट पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण आटे-दाल से लेकर तेल तक, रसोई का बजट लगातार बिगड़ रहा है और महंगाई आसमान पर है। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि केवल कुछ मित्र पूंजीपति ही आनंद में हैं, परंतु करोड़ों परिवार बहुत पीड़ित हैं। सरकार महंगाई पर अंकुश लगाने की बजाय केवल सच्चाई छिपाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी की थाली महंगी होती जा रही है, लेकिन सरकार आंकड़ों की बाजीगरी से महंगाई पर काबू पाने का दावा करना चाहती है। जयराम रमेश ने अपनी पोस्ट के अंत में कहा, “प्रधानमंत्री, ये जो पब्लिक है, सब जानती है। महंगाई झेल रही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा की जनता चुनावों में आपको आटे-दाल का भाव मालूम करा देगी।” गौरतलब है कि जयराम रमेश कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव हैं और लगातार महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरते रहे हैं। कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि सरकार महंगाई कम करने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है और आंकड़ों के जरिए हकीकत छिपाने की कोशिश कर रही है, जबकि आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ता जा रहा है। बता दें कि इससे पहले 13 सितंबर को जयराम रमेश ने एक प्रेस नोट में भारत-चीन सीमा पर हुई झड़पों पर पीएम मोदी के 2020 के बयानों पर सवाल उठाया था और दावा किया था कि भारत ने पूर्वी लद्दाख के कुछ हिस्सों में पारंपरिक गश्त और चराई के अधिकार चीन को सौंप दिए हैं।
ट्रंप-शी जिनपिंग की बातचीत में एआई, ट्रेड और रेयर अर्थ पर रहेगा फोकस

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते होने वाली राजकीय यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), व्यापार और रेयर अर्थ सप्लाई पर चर्चा करेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि खनिज आपूर्ति के लिए एक्सपोर्ट कंट्रोल में ढील देने का कोई सौदा नहीं होगा, क्योंकि बीजिंग पहले ही सप्लाई का वादा कर चुका है। वाशिंगटन में होने वाली यह बातचीत न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप के संबोधन के बाद होगी। शुक्रवार को हुई ब्रीफिंग में अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप अपने भाषण में ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं, गाजा और अपनी सरकार के कूटनीतिक प्रयासों पर बात करेंगे। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों नेताओं के एजेंडे में एआई और मौजूदा व्यापार समझौता (जिसे ‘बुसान ट्रूस’ कहा जा रहा है) शामिल है। अधिकारियों ने इस मुद्दे पर किसी समझौते की घोषणा नहीं की और नतीजे को लेकर कोई अनुमान लगाने से इनकार कर दिया। रेयर अर्थ को लेकर अधिकारी ने कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि चीन अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था को खनिजों की आपूर्ति के लिए पहले से किए गए वादों का सम्मान करेगा। अधिकारी ने कहा कि इस मामले में चीन का प्रदर्शन अमेरिकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। अधिकारी ने कहा, “इस संबंध में चीन का प्रदर्शन हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।” प्रशासन ने कुछ गैर-संवेदनशील और गैर-रणनीतिक क्षेत्रों में चुनिंदा सामानों पर टैरिफ कम करने पर भी चर्चा की है। अधिकारी ने उत्पादों या संभावित कटौती का कोई विवरण नहीं दिया। चीनी कंपनियों की अमेरिकी ऑटोमोबाइल बाजार तक पहुंच के सवाल पर अधिकारी ने कहा कि ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे। निवेशों को अभी भी लागू नियमों और कानूनों को पूरा करना होगा। फेंटेनाइल का केमिकल भी दबाव का एक और मुद्दा होगा। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने चीन पर मैक्सिकन कार्टेल को इन केमिकल्स का मुख्य सप्लायर बने रहने का आरोप लगाया और कहा कि हाल की गिरफ्तारियां उस व्यापक कार्रवाई के बराबर नहीं हैं जो वाशिंगटन चाहता है। अधिकारी ने कहा, “लेकिन हम बहुत अधिक व्यवस्थित बदलाव देखना चाहते हैं।” अधिकारियों ने यह भी कहा कि ईरान का समर्थन करने के आरोप में चीनी और हांगकांग की संस्थाओं पर अमेरिकी प्रतिबंध जारी रहेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ पिछली मुलाकातों में चीन में गलत तरीके से हिरासत में लिए गए लोगों के मामले बार-बार उठाए हैं, लेकिन इस बैठक के लिए किसी खास मामले की पुष्टि करने से परहेज किया। ट्रंप बुधवार को जॉइंट बेस एंड्रयूज पर शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत करेंगे। गुरुवार के कार्यक्रम में व्हाइट हाउस में स्वागत समारोह, सैन्य समीक्षा, द्विपक्षीय वार्ता और ईस्ट रूम में राजकीय भोज शामिल है। शुक्रवार को शी जिनपिंग के रवाना होने से पहले दोनों नेता और उनकी पत्नियां निजी तौर पर चाय पर मिलेंगे और नेशनल आर्काइव्स का दौरा करेंगे। वाशिंगटन लौटने से पहले, ट्रंप मंगलवार को न्यूयॉर्क में ब्रिटिश और जापानी प्रधानमंत्रियों और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के नेताओं से मिलेंगे। वह विश्व नेताओं के लिए एक स्वागत समारोह की मेजबानी भी करेंगे और वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति से मिलेंगे। ट्रंप का महासभा संबोधन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के प्रयासों और उनकी 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना पर प्रगति को कवर करेगा।
दिल्ली पुलिस ने 2 लाख रुपये की धोखाधड़ी और चोरी का मामला सुलझाया, आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी और चोरी के एक मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग (सीसीएल) को पकड़ा है, साथ ही चोरी हुए सोने के झुमके भी बरामद किए हैं। द्वारका जिला पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक महिला को 2 लाख रुपये बांटने का लालच देकर उसके सोने के गहने धोखे से ले लिए। पीड़िता को धोखा देने के लिए नकली नोटों का इस्तेमाल किया गया था। सोने के गहने चोरी होने की शिकायत के बाद 10 सितंबर को डाबरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता राजबाला (सतेंद्र कुमार की पत्नी) से मिली। शुरुआती पूछताछ के दौरान, उन्होंने पुलिस को बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनसे सोने की बालियों की एक जोड़ी और सोने का एक पेंडेंट ले लिया था। जांच के दौरान, पुलिस टीम द्वारा अपराध वाली जगह और उसके आस-पास लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। फुटेज में दो लड़के महिला के पास पैदल आते और उससे एटीएम की जगह के बारे में पूछते हुए दिखे। संदिग्धों ने महिला से कहा कि उनके पास 2 लाख रुपये हैं और उन्होंने वह पैसा उसके साथ बांटने की पेशकश की। फिर उन्होंने कथित तौर पर उसे उस रकम का हिस्सा देने के बदले अपनी सोने की ज्वेलरी उन्हें सौंपने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद महिला ने सोने की बालियों की एक जोड़ी और सोने का एक पेंडेंट निकाला और उन्हें उन दो लड़कों को दे दिया। बदले में उसे उनसे नोटों की एक गड्डी मिली। पुलिस ने बताया कि बाद में पता चला कि वे नोट नकली थे। जांच के दौरान लगभग 20 किलोमीटर के दायरे के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। संदिग्धों की आवाजाही दिल्ली के रघुबीर नगर की ओर देखी गई, जिसके बाद आरोपी की पहचान लक्ष्मण के बेटे विशाल के तौर पर हुई और उसे एक सीसीएल (कानून के साथ संघर्ष करने वाले नाबालिग) के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल सोने की बालियों की एक जोड़ी विशाल के पास से बरामद की गई। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान दिल्ली के रघुबीर नगर निवासी 26 वर्षीय विशाल के तौर पर बताई। पुलिस ने कहा कि चोरी हुए बाकी सोने के पेंडेंट का पता लगाने और उसे बरामद करने की कोशिशें जारी हैं।
तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी, सीएम विजय 28 सितंबर से योजना करेंगे शुरू

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर को थाईमामन गोल्ड रिंग योजना का शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में कल्याणकारी योजना के शुभारंभ और कार्यान्वयन की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। सरकार ने कहा कि उसने गर्भवती महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, मुफ्त प्रसव और नवजात शिशु देखभाल, आपातकालीन प्रसूति उपचार, पोषण संबंधी सहायता और संस्थागत प्रसव के लिए अग्रिम योजना के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल में सुधार को उच्च प्राथमिकता दी है। गर्भावस्था और शिशु समूह निगरानी और मूल्यांकन सॉफ्टवेयर का उपयोग गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की एकीकृत निगरानी के लिए भी किया जा रहा है। बयान में कहा गया है कि इन पहलों से राज्य के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। थाईमामन गोल्ड रिंग योजना का उद्देश्य सरकारी चिकित्सा सेवाओं में जनता का विश्वास बढ़ाना और नवजात शिशुओं का सम्मान करना है। यह तमिल संस्कृति में मामा की पारंपरिक भूमिका को भी दर्शाती है। इस योजना के तहत 22 जून 2026 को या उसके बाद सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले सभी पात्र शिशुओं को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस योजना को अधिकृत करने वाला सरकारी आदेश 23 जून को जारी किया गया था। तमिलनाडु में प्रतिवर्ष लगभग 7.80 लाख जन्म दर्ज किए जाते हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के अनुसार, राज्य में लगभग 99.9 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में होते हैं। सरकारी अस्पतालों में लगभग 42 लाख प्रसव होते हैं, जो कुल प्रसवों का 53 प्रतिशत है। सरकारी अस्पतालों में होने वाले लगभग 90 प्रतिशत प्रसव व्यापक आपातकालीन प्रसूति एवं नवजात शिशु देखभाल केंद्रों में संपन्न होते हैं। सरकार ने कहा कि ये आंकड़े सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ नवजात शिशुओं को सुनिश्चित करने में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करते हैं। इस योजना के तहत वितरित की जाने वाली प्रत्येक सोने की अंगूठी पर एक यूनिक सीरियल नंबर होगा और इसे टेंपर प्रूफ पैकेजिंग आपूर्ति की जाएगी। पहले चरण में कुल 1.28 लाख अंगूठियां खरीदी गई हैं। तमिलनाडु में स्थायी रूप से रहने वाली माताएं इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र होंगी, बशर्ते वे गर्भावस्था एवं शिशु समूह निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली (पीआईसीएमई) पोर्टल पर पंजीकृत हों और उनके पास प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य पहचान संख्या हो। 22 जून और औपचारिक शुभारंभ के बीच जन्मे बच्चों को अंगूठियां वितरित करने के लिए 107 नामित केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक केंद्र 28 सितंबर से प्रतिदिन 100 बच्चों को सेवा प्रदान करेगा। इसके बाद सरकारी अस्पतालों से छुट्टी मिलने पर पात्र नवजात शिशुओं को अंगूठियां सौंप दी जाएंगी।