सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां तेज, 31 अक्टूबर को नासिक-त्र्यंबकेश्वर में होगा ध्वजारोहण

नासिक। सिंहस्थ महाकुंभ के शुभारंभ की तैयारियों के तहत 31 अक्टूबर को होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर नासिक में कुंभ मेला प्रशासन और कुंभ मेला प्राधिकरण की महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पालकमंत्री एवं कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने की। बैठक में साधु-संतों, महंतों, विभिन्न अखाड़ों के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में 31 अक्टूबर को होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम को धार्मिक परंपराओं के अनुरूप भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पार्किंग, आपातकालीन व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय जैसे विषयों पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। सिंहस्थ महाकुंभ के ध्वजारोहण के लिए दो प्रमुख स्थान निर्धारित किए गए हैं। नासिक में रामकुंड घाट और त्र्यंबकेश्वर में कुशावर्त कुंड, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर से जुड़े क्षेत्र में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि 31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर नासिक और त्र्यंबकेश्वर में एक ही समय पर ध्वजारोहण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों स्थानों पर एक साथ होने वाला यह कार्यक्रम सिंहस्थ महाकुंभ के औपचारिक शुभारंभ का महत्वपूर्ण चरण होगा। उन्होंने बताया कि एक स्थान पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से ध्वजारोहण होने की योजना है, जबकि दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार के कई नेता भी उपस्थित रहेंगे। बैठक में गिरीश महाजन ने संबंधित अधिकारियों को ध्वजारोहण कार्यक्रम की सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने साधु-संतों और अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने तथा धार्मिक परंपराओं के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, अधिकारियों को दोनों आयोजन स्थलों पर संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छता, पार्किंग और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। बैठक में यह भी माना गया कि 31 अक्टूबर का ध्वजारोहण सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। नासिक और त्र्यंबकेश्वर में एक ही समय पर होने वाले कार्यक्रम के साथ कुंभ की तैयारियों को औपचारिक गति मिलने की उम्मीद है ।
सुपर लीग केरल सीजन 3 : कोम्बन्स एफसी ने नए सीजन से पहले जर्सी और टीम का अनावरण किया

तिरुवनंतपुरम। कोम्बन्स एफसी ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम के कनककुन्नु पैलेस में आयोजित एक कार्यक्रम में सुपर लीग केरल (एसएलके) के तीसरे सीजन के लिए अपनी आधिकारिक जर्सी और टीम का अनावरण किया। केरल सरकार के परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने फैंस और अदाणी-प्रायोजित कोम्बन क्लब के अधिकारियों की उत्साही भीड़ के सामने जर्सी का अनावरण किया और टीम का परिचय कराया। इस मौके पर मंत्री सीपी जॉन ने केरल फुटबॉल में कोम्बन्स एफसी की बढ़ती प्रतिष्ठा की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि क्लब का विस्तृत, बहुराष्ट्रीय स्क्वाड सुपर लीग केरल के प्रतिस्पर्धी स्तर को ऊपर उठाएगा। कार्यक्रम में 26 सदस्यीय टीम को फैंस के सामने पेश किया गया। क्लब के गठन के बाद पहली बार, कोम्बन्स एफसी ने वास्तव में एक बहुराष्ट्रीय स्क्वाड उतारा है, जिसमें ब्राजील, घाना, कोलंबिया और अंगोला के छह विदेशी पेशेवर खिलाड़ी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ-साथ केरल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का एक मुख्य समूह भी शामिल है, जिसमें तिरुवनंतपुरम के खिलाड़ियों पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभा को भी निखारा जा सके। कार्यक्रम में क्लब की तकनीकी टीम का भी प्रशंसकों और मीडिया से औपचारिक परिचय कराया गया। सीजन 3 के लिए डगआउट का नेतृत्व स्कॉटलैंड के हेड कोच इयान गिलन करेंगे, जिन्होंने क्लब के शुरुआती सीजन 1 अभियान में कालीकट एफसी को खिताब जिताया था। सहायक कोच सनुष राज टी. उनके सहायक होंगे, जबकि अभिलाष वीएस टीम मैनेजर होंगे। कोम्बन्स एफसी अपने सीजन 3 अभियान की शुरुआत 26 सितंबर को कोझिकोड (कालीकट) में कालीकट एफसी के खिलाफ ‘अवे’ मैच (दूसरे के मैदान पर) से करेगा। सीजन का पहला ‘होम’ मैच (अपने मैदान पर) 4 अक्टूबर को होगा, जिसमें मौजूदा चैंपियन कन्नूर एफसी की मेजबानी तिरुवनंतपुरम के चंद्रशेखरन नायर स्टेडियम में की जाएगी।
डूसू चुनाव 2026: एबीवीपी की तीन सीटों पर जीत, भाजपा ने कहा- राष्ट्रविरोधी ताकतों पर देशभक्ति की विजय

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2026 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की तीन सीटों पर जीत हुई। चुनाव परिणाम के अनुसार, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष, सचिव और सह-सचिव पद पर जीत दर्ज की है। नतीजे को लेकर एबीवीपी ने कहा है कि हमने 3-0 से जीत दर्ज की है। इसने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का युवा विकास और राष्ट्रवाद की सोच से जुड़ा हुआ है। दिल्ली विश्वविद्यालय को विविधताओं से भरे ‘मिनी-इंडिया’ के रूप में देखा जाता है। ऐसे में डूसू चुनाव का परिणाम छात्र राजनीति के साथ-साथ युवाओं के बीच विकास और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा का विषय बना है। एनएसयूआई, जिसके उम्मीदवारों ने पूरी कोशिश की, वे चुनाव में युवाओं को भ्रमित कर पाए, लेकिन, युवाओं ने दिखाया कि वह विकास और राष्ट्रवाद की सोच के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। डूसू में एबीवीपी की यह जीत अपने आप में एक बड़ा संदेश है। इससे पता चलता है कि युवा और आगे बढ़ने की चाह रखने वाले ‘विकसित भारत’ और राष्ट्रवाद की सोच से जुड़ा है। कांग्रेस और उसके ‘नाराज फूफा’ जैसे लोगों ने युवाओं को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। लेकिन युवा उनके झूठ के झांसे में नहीं आए। ‘झूठ की गूंज’ डीयू में सुनाई नहीं दी, जो कि एक ‘मिनी-इंडिया’ है। एनएसयूआई, जिसका पहले डूसू पर लंबे समय तक दबदबा था, अब जीरो पर है। बिल्कुल जीरो। कांग्रेस और युवा साथ नहीं चल सकते। युवा कांग्रेस की राजनीति के तरीके के खिलाफ हैं। माना जाता है कि नॉर्थ कैंपस में एबीवीपी का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। इस कैंपस में एसआरसीसी, हिंदू, हंसराज, केएमसी, रामजस और लॉ फैकल्टी जैसे देश के कुछ बेहतरीन कॉलेज हैं। दूसरी ओर, डूसू चुनाव में तीन सीटों पर मिली शानदार जीत को एबीवीपी ने इसे राष्ट्रविरोधी ताकतों पर देशभक्ति की विजय बताया है। इस शानदार जीत पर भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि एबीवीपी ने तीन सीटों पर स्पष्ट रूप से जीत हासिल की है। यह दिखाता है कि आज का युवा क्या सोचता है, युवा भ्रमित नहीं है, युवा जानता है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सुरक्षित है। युवा एबीवीपी को समर्थन देता है और राहुल गांधी की ‘झूठ की गूंज’ ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इवेंट करते रहिए, भारत का युवा पीएम मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ है।
युवा धर्म संसद आत्मबोध का मंच है : आनंद रंगनाथन; कुलपति तिवारी बोले- अब गांवों की ओर लौटने का समय

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शनिवार को आयोजित युवा धर्म संसद में वैज्ञानिक और लेखक आनंद रंगनाथन ने स्वामी मिथिलेश के ज्ञान को नमन करते हुए इसे अब तक का सबसे सार्थक आयोजन बताया। वहीं, एमसीयू के कुलपति विजय मनोहर तिवारी ने गांवों से शहरों की ओर हुए पलायन पर चिंता जताते हुए रिवर्स माइग्रेशन को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। वैज्ञानिक, लेखक और स्तंभकार प्रो. आनंद रंगनाथन ने कहा, “जब मैं आया था और धर्म संसद में बात की, और अब जब कार्यक्रम खत्म हुआ है, तो मुझे लगता है कि मेरे पास सिर्फ 30 फीसदी ज्ञान था। बाकी का 70 फीसदी ज्ञान स्वामी मिथिलेश जी ने दिया है। उन्होंने जो कुछ भी बताया, मैं ईमानदारी से कहूंगा कि मैं अपने आप को बहुत छोटा महसूस कर रहा हूं। उनका जो मार्गदर्शन है, जिस गहराई में जाकर उन्होंने हर चीज का उल्लेख किया, वह अद्भुत है। मैंने जब टॉपिक देखा, तो मैंने ऋषि को ऋषि समझा, कृषि को कृषि समझा, लेकिन उन्होंने जो समझाया, उसका असली मतलब क्या है, उन शब्दों का इस्तेमाल क्यों किया गया है, यह उन्होंने बताया। जो ज्ञान उन्होंने दिया है, उसे सुनकर मैं वास्तव में स्तब्ध हूं, सच कहूं तो मेरे लिए यहां आना ही सार्थक हो गया, बाकी लोगों के बारे में मुझे नहीं पता।” उन्होंने कहा, “बहुत सारे ऐसे कार्यक्रम होते हैं, हर हफ्ते एक लिटरेचर फेस्टिवल होता है। इस संसद का असली मतलब क्या है, वो स्वामी जी ने समझाया। सिर्फ आना और भाषण देना या 15 मिनट तक बोलना, भले ही वह बहुत अच्छा ज्ञान हो, वह मायने नहीं रखता। यह पहली बार है जब मुझे लग रहा है कि मैंने वास्तव में किसी कार्यक्रम में भाग लिया है। ईमानदारी से कहूं तो एक वक्ता के तौर पर नहीं, बल्कि एक प्रतिभागी के तौर पर मैं आज सबसे ज्यादा खुद को धन्य महसूस कर रहा हूं। मुझे लगता है कि जागरूकता हमेशा नीचे से ऊपर की ओर आती है, लेकिन कार्रवाई ऊपर से नीचे की ओर आती है। आप युवाओं को कितना भी जागरूक कर लीजिए, युवाओं को सब पता है कि समस्या क्या है और समाधान क्या है, लेकिन जब तक जिन्हें युवाओं ने चुना है, वे समाधान नहीं देंगे, तब तक हम भटकते रहेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे इस बात का डर है कि जब तक आप 30 करोड़ किसानों को उत्पादक नहीं बनाएंगे, उन्हें सिर्फ वोट बैंक बनाकर रखा जाएगा, तब तक कोई समाधान नहीं निकल सकता। आप युवाओं को कितना भी जागरूक कर लें, इस समस्या का हल नहीं निकल सकता।” एमसीयू के कुलपति विजय मनोहर तिवारी ने कहा, “मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे दूसरी बार युवा धर्म संसद में आने का मौका मिला है। पहली बार मैं पिछली धर्म संसद में कांचीपुरम में शामिल हुआ था। आज का विषय ऋषि और कृषि से जुड़ा हुआ है, जो बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए जरूरी है क्योंकि पिछले 80 वर्षों में, भारत की स्वतंत्रता के बाद गांवों से शहरों की ओर जो एकतरफा पलायन हुआ है, उसने हमारे गांवों को पूरी तरह से वीरान कर दिया है। गांवों में अब कोई नहीं बचा है और वहां से जो आबादी एकतरफा बड़े शहरों में गई है, उससे शहरों का जीवन नरक बन गया है। शहर तबाह हो रहे हैं और रहने लायक नहीं बचे हैं।
यूपी: अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली जाएंगे, विधायक राहुल लोधी के घर पिएंगे चाय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली जाएंगे। अखिलेश यादव यहां पार्टी विधायक राहुल लोधी के घर पर चाय पिएंगे और सियासी चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि सपा मुखिया पहली पार चुनाव के लिए बनाए गए पीडीए रथ से विधायक राहुल लोधी के घर पहुंचेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रायबरेली में सपा विधायक राहुल लोधी और पुलिस के बीच हुए विवाद के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनके घर जाने का ऐलान किया है। दरअसल, रायबरेली स्थित फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में 17 सितंबर को समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीज मेंबरशिप कैंपेन को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर कहासुनी हुई और धक्का-मुक्की हुई। हालांकि मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन ने मोर्चा संभालकर मामले को शांत कराया। इस बीच घटना शिकायत को लेकर समाजवादी पार्टी के छात्र सभा कार्यकर्ता और विधायक एसपी दफ्तर पहुंचे थे। सपा कार्यकर्ताओं ने यहां नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया था। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। इसी दौरान हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप लगाया गया। अब क्योंकि सपा मुखिया ने रायबरेली जाने की घोषणा की है तो इससे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव का रायबरेली दौरा और विधायक राहुल लोधी के घर चाय पीने जाना लोधी समाज को साधने का प्रयास है। उत्तर प्रदेश में लोधी समाज का वोट बैंक एक करोड़ से ज्यादा है। ऐसे में अखिलेश यादव का राहुल लोधी के घर जाना सपा की ओर से इस मामले को लेकर राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय 15.30 लाख छात्रों के लिए ब्रेकफास्ट स्कीम का करेंगे शुभारंभ

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 22 सितंबर को चेन्नई के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 6, 7 और 8 के छात्रों के लिए ‘पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम’ (नाश्ता योजना) के विस्तार का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के विस्तार से राज्य भर में 15.30 लाख और बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना का उद्घाटन तिरुवनमियूर के गांधी ग्रामम स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में होगा। विजय औपचारिक रूप से छात्रों को नाश्ता परोसेंगे और इस योजना की राज्यव्यापी शुरुआत करेंगे। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और समाज कल्याण विभाग इस कार्यक्रम के लिए व्यापक इंतजाम कर रहे हैं। नाश्ते का यह कार्यक्रम शुरू में सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले प्राथमिक स्कूली बच्चों के लिए शुरू किया गया था। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे खाली पेट क्लास में न आएं, साथ ही उनकी उपस्थिति, एकाग्रता और शिक्षा में समग्र भागीदारी को बेहतर बनाया जा सके। इस योजना के विस्तार की घोषणा करते हुए सीएम विजय ने कहा था कि इसमें कक्षा 6 से 8 तक के छात्र भी शामिल होंगे, खासकर वे जो गरीब और मध्यम आय वाले परिवारों से आते हैं। सरकार का मानना है कि इस विस्तार से स्कूली शिक्षा के अहम चरण में पोषण संबंधी सहायता मिलेगी और आर्थिक तंगी के कारण छात्रों के स्कूल छोड़ने का जोखिम कम होगा। योजना के विस्तार दौरान लॉन्च की जगह बदल दी गई। शुरू में इस बड़े प्रोग्राम का उद्घाटन विरुधुनगर में होने की उम्मीद थी, लेकिन बाद में इसे पेरंबूर में लॉन्च करने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री ने अब कन्फर्म किया है कि इसका ऑफिशियल उद्घाटन 22 सितंबर को तिरुवनमियूर के स्कूल में होगा। इस विस्तार के तहत तमिलनाडु भर के लगभग 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 15.30 लाख छात्र नाश्ते के लिए पात्र होंगे। राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान इस कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त 217.63 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इस नए आवंटन के साथ नाश्ता योजना का कुल मूल्य बढ़कर 724 करोड़ रुपए हो गया है। अधिकारियों ने कहा कि इस व्यापक दायरे से क्लासरूम में भूख की समस्या से निपटने और अलग-अलग सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि वाले बच्चों के बीच समान शैक्षिक अवसरों को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। सरकारी स्कूलों के छात्रों के अभिभावकों ने इस विस्तार का स्वागत किया है और इसे बढ़ते घरेलू खर्चों का सामना कर रहे परिवारों के लिए एक व्यावहारिक मदद के रूप में देखा है। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से इन परिवारों पर सुबह के समय का बोझ कम होगा, साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि छात्र पौष्टिक भोजन के साथ अपने स्कूल के दिन की शुरुआत करें और पूरे शैक्षणिक वर्ष के दौरान सीखने के लिए बेहतर ढंग से तैयार रहें।
एबीवीपी की डूसू में जीत ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा में युवाओं का भरोसा : अमित शाह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव 2026 में चार में से तीन पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जीत की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जीत इस छात्र संगठन की राष्ट्र प्रथम विचारधारा में युवाओं के अटूट विश्वास को दर्शाती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी की शानदार जीत पर परिषद के सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। यह विजय परिषद की राष्ट्र प्रथम की विचारधारा और छात्रहित के प्रति समर्पण पर युवाओं के अटूट भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि परिषद के कार्यकर्ता इस जीत से मिली नई ऊर्जा और स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलते हुए छात्रहितों व राष्ट्र निर्माण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे। दिल्ली विश्वविद्यालय केवल एक यूनिवर्सिटी नहीं, यहां देश के हर कोने से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। यहां का जनादेश पूरे भारत के युवाओं के मन का प्रतिबिंब होता है। अमित शाह ने कहा कि आज एबीवीपी को मिली शानदार जीत उन राष्ट्र विरोधी ताकतों के लिए स्पष्ट संदेश है, जो युवा शक्ति को राष्ट्रविरोधी एजेंडे की प्रयोगशाला बनाना चाहते हैं। देश का युवा आज राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा है और यही इस जनादेश का सबसे बड़ा संदेश है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर बधाई देते हुए लिखा कि यह जीत ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर आधारित सकारात्मक और रचनात्मक छात्र राजनीति में युवाओं के निरंतर विश्वास और ‘विकसित भारत’ के विजन में योगदान देने के उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। जीतने वाले उम्मीदवारों और इस जीत को संभव बनाने के लिए अथक प्रयास करने वाले सभी लोगों को मेरी शुभकामनाएं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने लिखा कि यह जीत राष्ट्र प्रथम की विचारधारा में देश के युवाओं के दृढ़ विश्वास और उनकी प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है। मुझे विश्वास है कि परिषद के कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर युवा शक्ति में राष्ट्रभक्ति, सेवा और राष्ट्रनिर्माण की भावना को निरंतर जागृत करते रहेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि परिषद के हमारे यह युवा साथी ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएंगे। यह नवनिर्वाचित टीम पूरी निष्ठा के साथ छात्र कल्याण और राष्ट्र सेवा के नए कीर्तिमान स्थापित कर देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए निरंतर संकल्पित भाव से कार्य करती रहेगी। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बधाई देते हुए लिखा कि यह जीत युवाओं के राष्ट्र प्रथम की नीति में अटूट विश्वास का प्रतीक है। मुझे विश्वास है कि एबीवीपी छात्र हितों, राष्ट्र सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ इसी समर्पण से कार्य करती रहेगी। अभाविप की पूरी टीम को बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि यह नतीजा दिखाता है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ‘राष्ट्र-प्रथम’ और ‘छात्र-केंद्रित’ नेतृत्व वाली रचनात्मक राजनीति पर भरोसा जताया है। एबीवीपी के हर उस कार्यकर्ता को बधाई जिनकी यूनिवर्सिटी भर में की गई कड़ी मेहनत से यह जीत संभव हो पाई। अच्छी संख्या में वोटिंग के साथ, इस जनादेश के साथ छात्रों की चिंताओं और उम्मीदों के लिए काम करने की स्पष्ट जिम्मेदारी भी आती है। उम्मीद है कि नई चुनी गई टीम पूरे संकल्प के साथ और हर छात्र के भले के लिए काम करेगी। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय और डूसू से मेरा जुड़ाव बेहद आत्मीय है। इसी परिसर ने छात्र जीवन से लेकर डूसू अध्यक्ष के दायित्व तक मेरी यात्रा को आकार दिया, इसलिए यह ऐतिहासिक विजय मेरे लिए विशेष प्रसन्नता का क्षण है। युवाओं का यह प्रचंड समर्थन पीएम मोदी के नेतृत्व और विकसित भारत के संकल्प पर उनके अटूट विश्वास की मुहर है। सभी विजयी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि राहुल गांधी तक छात्रों की गूंज पहुंच गई होगी। कांग्रेस द्वारा छात्र राजनीति को अपने राजनीतिक नैरेटिव का माध्यम बनाने के प्रयासों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपने विवेक से जनादेश दिया है। छात्रशक्ति का यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि युवा सकारात्मक विचार, राष्ट्रहित और विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि युवाओं की ऊर्जा, नेतृत्व क्षमता और छात्रहित के प्रति प्रतिबद्धता देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। आप सभी राष्ट्रनिर्माण की भावना के साथ अपनी नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, यही शुभकामना है।
देश को अपने खिलाड़ियों पर गर्व, वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए शानदार सफलता हासिल करें: पीएम मोदी

नई दिल्ली। नागायो के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में शनिवार को एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दल को शुभमकामनाएं देते हुए उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आइची-नागोया में एशियन गेम्स की शुरुआत के साथ ही, मैं भारतीय दल को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। प्रत्येक खिलाड़ी ने बहुत कड़ी मेहनत की है और अद्भुत लगन व दृढ़ संकल्प दिखाया है। भारत को उन पर गर्व है। वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, अच्छा खेलें और शानदार सफलता हासिल करें।” उद्घाटन समारोह में ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत ने भारतीय दल की अगुवाई की। ये एशिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता है, जो हर चार साल में एक बार आयोजित की जाती है। इनका आयोजन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) द्वारा किया जाता है, जिसमें 45 देश हिस्सा लेते हैं। एशियन गेम्स पहली बार साल 1951 में नई दिल्ली में आयोजित किए गए थे, जिसमें 11 देशों के 489 एथलीट्स ने हिस्सा लिया था। तब से अब तक ये खेल कुल 19 बार आयोजित किए जा चुके हैं। एशियन गेम्स 2026 में 45 देशों और क्षेत्रों के एथलीट 43 खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह खेलों का 20वां संस्करण होगा और टोक्यो 1958 और हिरोशिमा 1994 के बाद तीसरी बार जापान इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा। भारत ने एशियन गेम्स 2023 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 107 मेडल अपने नाम किए थे, जिसमें 28 गोल्ड मेडल थे। भारतीय दल इस बार अपने प्रदर्शन में और अधिक सुधार करना चाहेगा। भारत पुरुष और महिला क्रिकेट और कबड्डी दोनों में मौजूदा चैंपियन है, जबकि पुरुष हॉकी टीम भी मौजूदा चैंपियन के तौर पर इसमें हिस्सा ले रही है।
एसआईआर प्रक्रिया के तहत अरविंद केजरीवाल और परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस, आप ने भाजपा पर साधा निशाना

नई दिल्ली। दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा उनके परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2002 के मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित मैपिंग नहीं मिलने के आधार पर यह नोटिस भेजा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी नोटिस अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल, पिता गोविंद राम केजरीवाल और माता गीता देवी के नाम जारी किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली चुनाव आयोग इस मामले में जल्द ही आधिकारिक जवाब भी जारी कर सकता है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि आप पहले दिन से कह रही है कि यह एसआईआर नहीं, बल्कि बीजेपी का खेल है। उन्होंने आरोप लगाया, “इनका बस चले तो ये सिर्फ नरेंद्र मोदी और अमित शाह का ही वोट का अधिकार रखें और सभी विरोधियों के वोट काट दें। तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के वोट दिल्ली की वोटर लिस्ट से गायब करना कौन-सी प्रक्रिया है?” फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। बता दें कि एसआईआर के तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया था। इसके तहत अवैध वोटरों को मतदाता सूची से बाहर किया गया था।
एक अक्टूबर से सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य

नई दिल्ली। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को सरकारी सब्सिडी के साथ निर्धारित कीमत पर रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग जारी रखने के लिए 1 अक्टूबर 2026 से बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करना अनिवार्य होगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेंडर पात्र परिवारों तक ही पहुंचे। साथ ही घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए किए जाने वाले गलत उपयोग को रोकना भी इसका उद्देश्य है। सरकार ने कहा कि एलपीजी कनेक्शन को आधार से प्रमाणित उपभोक्ताओं से जोड़ने से डुप्लीकेट और अपात्र कनेक्शन हटाने में मदद मिलेगी। इससे सब्सिडी सही लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी बेहतर होगी। हालांकि, जो उपभोक्ता पहले ही बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके हैं, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया नहीं करनी होगी। वे पहले की तरह अपने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग कर सकेंगे। जिन उपभोक्ताओं का आधार प्रमाणीकरण अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें सब्सिडी वाला सिलेंडर लेने के लिए पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उपभोक्ताओं के लिए बीएए पूरा करने के कई विकल्प उपलब्ध होंगे। एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण किया जा सकेगा। इसके अलावा, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम और तेल विपणन कंपनियों के मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इंडेन के ग्राहक इंडियनआयल वन , भारतगैस के उपभोक्ता हेलो बीपीसीएल और एचपी गैस के ग्राहक एचपी पे के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। जो उपभोक्ता बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहते हैं, उन्हें एलपीजी की आपूर्ति जारी रहेगी, लेकिन उन्हें सरकारी सब्सिडी नहीं मिलेगी और सिलेंडर बाजार मूल्य पर लेना होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अपनी तेल विपणन कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी प्राथमिकता दर्ज करानी होगी। इसके लिए वेब पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन, व्हाट्सऐप चैटबॉट, आईवीआरएस या अन्य उपलब्ध माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। स्थानीय उपलब्धता के आधार पर उन्हें 5 किलो या 10 किलो के सिलेंडर दिए जाएंगे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर तक देश में 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके हैं। यह कुल उपभोक्ताओं का करीब 90 प्रतिशत है। सरकार ने बताया कि तेल विपणन कंपनियां अक्टूबर 2023 से देशभर में इसके लिए जागरूकता अभियान चला रही हैं। इसके तहत उपभोक्ताओं को एसएमएस और व्हाट्सऐप संदेश भेजने, डिस्ट्रीब्यूटर और डिलीवरी कर्मचारियों के जरिए संपर्क करने, विशेष नामांकन शिविर आयोजित करने और आईवीआरएस से रिमाइंडर देने जैसे कदम उठाए गए हैं। डिजिटल और पारंपरिक मीडिया के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, सितंबर 2026 में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर अप्रत्यक्ष सब्सिडी करीब 210 रुपए थी। सरकार ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों पर बढ़ते वित्तीय बोझ के बीच इस योजना को जारी रखने के लिए सब्सिडी केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना जरूरी है।