पीएम मोदी के जन्मदिन पर देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान, अमित शाह से राजनाथ तक ने दीर्घायु की कामना की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और 25 साल के सार्वजनिक जीवन के सम्मान में देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान चलाया जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ तक ने दीया जलाकर पीएम मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर एक दीया जलाकर उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घजीवी होने की ईश्वर से कामना की। उनके नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प और अधिक मजबूत हो, यही मंगलकामना है। आप सभी से भी आग्रह है कि पीएम मोदी के उत्तम स्वास्थ्य की और दीर्घायु होने के लिए एक आशीर्वाद का दीया प्रज्जवलित करें।” अहमदाबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ जगन्नाथ मंदिर में आरती की। यह कार्यक्रम पीएम मोदी के जन्मदिन के जश्न और ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत के हिस्से के तौर पर आयोजित किया गया था। नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के दौरान दीया जलाया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भूटान से इस अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने पोस्ट किया, “थिम्पू के मशहूर ताशीछो जोंग में राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की गरिमामयी उपस्थिति में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया गया। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की समर्पित जनसेवा को सम्मान दिया, जिसका दुनिया भर में अनगिनत लोगों के जीवन पर असर पड़ा है। इस खास मौके पर हमारे साथ प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, भूटान के विदेश मंत्री डी एन ढुंगेल, भूटान में भारत के दोस्त और भारतीय समुदाय के लोग शामिल हुए।” महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने लोक भवन के देवी मंदिर परिसर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। उन्होंने पीएम मोदी के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और लगातार सफलता के लिए प्रार्थना की और कार्यकर्ताओं को लड्डू बांटे। हैदराबाद में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा, “आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है और तेलंगाना के लोगों की ओर से हम उन्हें बधाई देते हैं। उन्होंने अपना जीवन पूरी तरह से सेवा के लिए समर्पित कर दिया है, इसीलिए आज उनके जन्मदिन पर लोक भवन और रेड क्रॉस के जरिए रक्तदान शिविर आयोजित किया गया है।” केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बलिया और बेगूसराय में दीया जलाते हुए लिखा, “जन-जन के स्नेह और आशीर्वाद से जगमगाता यह दीप, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक है।” यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री का यशस्वी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन देश को सदैव प्राप्त होता रहे, इस मंगलकामना के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान देशभर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रहा है।” भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिखा, “पीएम मोदी ने अपने नेतृत्व से भारत को विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रनिर्माण की नई दिशा दी है। ईश्वर उन्हें शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करें।

योगी सरकार नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर जल्द करेगी भर्ती

लखनऊ। योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले ही एक कार्यक्रम में 19 सितंबर से एक लाख नई नौकरी देने का ऐलान किया था। इसी क्रम में नागरिक सुरक्षा विभाग में छह अलग-अलग पदों पर कुल 191 रिक्तियों पर भर्ती की शुरू कर दी गई है। इसमें सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक (सा.वे.) के 104 पद शामिल हैं। इसके अलावा भंडार अधीक्षक-द्वितीय, स्टोरमैन, आशुलिपिक, कनिष्ठ सहायक और डिस्पैच राइडर के पद भी शामिल हैं। योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के युवाओं को साढ़े नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए हैं। वहीं, प्रदेश के युवाओं को अगले छह माह में एक लाख नई नौकरी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश दिये हैं। इसमें सबसे अधिक 77 हजार भर्तियां अकेले यूपी पुलिस और होमगार्ड विभाग में की जाएंगी। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर नागरिक सुरक्षा विभाग में 191 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग में अलग-अलग जिम्मेदारियों वाले पदों पर नियुक्तियां होने से विभागीय कामकाज को भी मानव संसाधन का सहयोग मिलेगा। विभाग में सहायक उप नियंत्रक के 104, भंडार अधीक्षक-द्वितीय के 6, स्टोरमैन के 33, आशुलिपिक के 9, कनिष्ठ सहायक के 25 और डिस्पैच राइडर के 14 खाली पदों पर भर्ती की जाएगी। नागरिक सुरक्षा विभाग की 191 रिक्तियों में अकेले 104 पद सहायक उप नियंत्रक के हैं। विभाग की ओर से जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा विभाग आपात परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करता है। ऐसे में विभाग में रिक्त पदों को भरने से उसके प्रशासनिक और मैदानी कार्यों के संचालन में अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा। सहायक उप नियंत्रक के पद विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़े हैं। वहीं, भंडार अधीक्षक और स्टोरमैन के पद विभाग की सामग्री एवं भंडार व्यवस्था से संबंधित हैं। आशुलिपिक और कनिष्ठ सहायक कार्यालयी कार्यों के संचालन में सहयोग करेंगे जबकि डिस्पैच राइडर से जुड़े पद विभागीय दस्तावेजों और अन्य आवश्यक सामग्री के आवागमन जैसे कार्यों के लिए उपयोगी होंगे।

तीसरा टी20: अभिषेक का तूफानी शतक, अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत, सीरीज में 3-0 से ‘क्लीन स्वीप’

नई दिल्ली। भारत ने गुरुवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए टी20 सीरीज के तीसरे और अंतिम मैच में 127 रन से ऐतिहासिक जीत हासिल की। इसी के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में 3-0 से ‘क्लीन स्वीप’ किया। यह टी20 इतिहास में भारत की अफगानिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले, 8 सितंबर 2022 को टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को 101 रन के अंतर से हराया था। इस फॉर्मेट में भारत ने सबसे बड़ी जीत 1 फरवरी 2023 को न्यूजीलैंड के खिलाफ दर्ज की है, जब उसने कीवी टीम को 168 रन से रौंदा था। यह अफगानिस्तान के लिए भी टी20 इतिहास में रनों के अंतर से सबसे बड़ी हार है। भारत ने सीरीज का पहला मैच 7 विकेट से अपने नाम किया था। इसके बाद मंगलवार को खेले गए मैच में भी टीम इंडिया ने इतने ही अंतर से जीत हासिल की थी। गुरुवार को टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने अभिषेक शर्मा और संजू सैसमन की तूफानी पारियों के दम पर 221/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 9.5 ओवरों में 142 रन की साझेदारी की। अभिषेक 34 गेंदों में 11 छक्कों और 9 चौकों को साथ 108 रन बनाकर आउट हुए। इस दौरान 26 वर्षीय बल्लेबाज ने सिर्फ 30 गेंदों में शतक पूरा किया, जो फुल मेंबर देश की तरफ से किसी बल्लेबाज का सबसे तेज शतक था। इसके बाद सैमसन (35 गेदों में 50 रन) और तिलक वर्मा दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 10 रन जुटा सके। यहां से कप्तान श्रेयस अय्यर (29 रन) ने मोर्चा संभाला। उन्होंने अन्य बल्लेबाजों के साथ छोटी-छोटी साझेदारियां करते हुए टीम को 200 के पार पहुंचाया। अफगानिस्तान की तरफ से अजमतुल्लाह ओमरजई ने सर्वाधिक 2 विकेट निकाले, जबकि राशिद खान और अब्दुल्ला अहमदजई ने 1-1 विकेट चटकाया। इसके जवाब में, अफगानिस्तान की टीम 14.1 ओवरों में सिर्फ 94 रन पर ढेर हो गई। कप्तान इब्राहिम जादरान (25) ने रहमानुल्लाह गुरबाज (15) के साथ पहले विकेट के लिए 3.1 ओवरों में 31 रन की तूफानी साझेदारी की, लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद विकेटों का पतझड़ लग गया। आलम ये रहा कि अफगान टीम ने सिर्फ 47 के स्कोर तक अपने 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद अजमतुल्लाह ओमरजई (17) ने नूर उल रहमान (11) के साथ पांचवें विकेट के लिए 23 रन जुटाए, लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद फिर से टीम लड़खड़ा गई। इस बीच नितीश रेड्डी ने 12वें ओवर में सिर्फ 1 रन देकर तीन विकेट चटकाए। रेड्डी के इस ओवर ने अफगानिस्तान टीम की कमर तोड़ दी और वह 94 रन से आगे नहीं बढ़ सकी। भारत के लिए नितीश रेड्डी ने 25 रन देकर 3 विकेट चटकाए। इनके अलावा, रवि बिश्नोई ने भी 3 विकेट निकाले। अक्षर पटेल ने 3 ओवरों में 9 रन देकर 2 विकेट हासिल किए, जबकि जसप्रीत बुमराह और यश ठाकुर ने 1-1 विकेट अपने नाम किया।

डूसू चुनाव हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी, वोटों की गिनती पर रोक लगाने की दी चेतावनी

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर वह हिंसा और चुनाव नियमों के उल्लंघन में शामिल उम्मीदवारों और लोगों के खिलाफ अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुआ, तो दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (डूसू) चुनाव में वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा पर रोक लगा सकता है। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने वकील प्रशांत मनचंदा की अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। मनचंदा ने 2026-27 के चुनाव के दौरान लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों, विरूपण-रोधी गाइडलाइंस और डूसू चुनाव आचार संहिता को सख्ती से लागू करने की मांग की थी। चीफ जस्टिस उपाध्याय की अगुवाई वाली बेंच ने साफ किया कि वे 18 सितंबर को होने वाली वोटिंग पर रोक नहीं लगा रहे हैं और न ही उसे टाल रहे हैं, लेकिन साथ ही कहा कि अगर अधिकारी स्थिति को संभालने में नाकाम रहते हैं, तो और कड़ा आदेश दिया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा, “कोर्ट कोई बहाना नहीं सुनेगा। हम साफ कर देना चाहते हैं कि भले ही चुनाव पर रोक नहीं लगा रहे हैं या उसे टाल नहीं रहे हैं, लेकिन अगर हम आपकी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए, तो हम वोटों की गिनती या नतीजों की घोषणा पर रोक लगाने का कड़ा आदेश दे सकते हैं।” कोर्ट ने आगे कहा, “हमें अच्छी तरह पता है कि हम एक लोकतांत्रिक समाज हैं, लेकिन हमें यह भी पता है कि इस लोकतंत्र को आपराधिक समाज में नहीं बदला जा सकता।” हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वे हुड़दंग और लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस, अदालती आदेशों और चुनाव आचार संहिता के कथित उल्लंघन की घटनाओं पर की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को दोपहर 12 बजे होगी। चीफ जस्टिस उपाध्याय की बेंच ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि नॉर्थ कैंपस में उम्मीदवारों, समर्थकों और बाहरी लोगों के बीच हिंसा की घटनाएं हुईं, जिनमें हथियार होने और प्रोफेसरों व छात्रों पर हमले के दावे भी शामिल हैं। याचिकाकर्ता ने तोड़-फोड़, झड़पों और कॉलेज कैंपस में बाहरी लोगों के कथित तौर पर घुसने की घटनाओं का भी जिक्र किया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने हिंसा की घटना को “पूरी तरह निंदनीय” बताया और कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

अजमेर दरगाह से पीएम मोदी के लिए दुआ, सूफी काउंसिल चेयरमैन ने कहा, ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर कर रहे काम

अजमेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर अजमेर शरीफ दरगाह से भी उनके लिए दुआएं मांगी गईं। ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की। सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास’ और 2047 तक विकसित भारत के अपने विजन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “देखिए, प्रधानमंत्री सबके हैं। वह इस देश के 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं। पहले दिन से ही उनका विजन रहा है- ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका सम्मान।’ प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सभी ने तरक्की की है, विकास हो रहा है और सभी को सम्मान मिल रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। उनके जन्मदिन के मौके पर मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं। मैं इस दरगाह पर दुआ करता हूं कि सर्वशक्तिमान ईश्वर उन्हें लंबी और स्वस्थ आयु प्रदान करें। ईश्वर उन्हें और सफलता दे ताकि वे देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।” चिश्ती ने कहा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन के साथ, हमारा देश सफलता, समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ता रहे। पीएम मोदी राष्ट्रीय विकास के मिशन पर काम कर रहे हैं, खासकर 2047 के लिए उनके विजन पर, ताकि देश और ऊंचाइयों तक पहुंच सके।” ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल देशभर की दरगाहों और खानकाहों का प्रतिनिधित्व करती है। चेयरमैन ने कहा कि सूफी परंपरा हमेशा से देश में अमन, भाईचारे और एकता का पैगाम देती रही है और प्रधानमंत्री का विजन भी उसी एकता को मजबूत करने वाला है। इस मौके पर अजमेर दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन भी किया गया, जहां पीएम मोदी के स्वस्थ जीवन और देश की तरक्की के लिए प्रार्थना की गई। चिश्ती ने कहा कि 2014 से लेकर अब तक सरकार ने सभी वर्गों के लिए काम किया है और इसका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का साझा सपना है और सूफी समाज भी इस सपने को पूरा करने में सरकार के साथ खड़ा है।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर दिल्ली की सीएम, शहर के भाजपा प्रमुख और एनडीएमसी अधिकारियों ने 1.25 लाख दीये जलाए

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर एनडीएमसी ने इस दिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाया और शाम को विजय चौक पर 1.25 लाख मिट्टी के दीये जलाने का कार्यक्रम आयोजित किया। इस संबंध में अधिकारी ने गुरुवार को जानकारी दी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ​​और एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल के साथ-साथ राज्य भाजपा के अन्य पदाधिकारी और नेता शामिल हुए। एक अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक अन्य कार्यक्रम में, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनडीएमसी के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी और उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल के साथ लोधी कॉलोनी पार्क में एक पौधा लगाकर मियावाकी पद्धति से ‘भारत वन’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘सेवा माह’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित करने के बाद कहा कि पीएम मोदी देश के 140 करोड़ नागरिकों की लगातार सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “उनके जन्मदिन के मौके पर, हम सभी भारतीय उनकी सेवाओं के लिए केवल उन्हें अपना आशीर्वाद देकर ही आभार व्यक्त कर सकते हैं – ऐसा आशीर्वाद जो उनके लंबे जीवन, अच्छे स्वास्थ्य और हमेशा ऊर्जावान जीवन की कामना करता है।” एनडीएमसी के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि सेवा दिवस के मौके पर विजय चौक पर एक साथ 1.25 लाख दीये जलाना सेवा, समर्पण और राष्ट्र-निर्माण की भावना का प्रतीक बन गया। उन्होंने कहा, “इन दीयों की रोशनी सेवा के संकल्प को और मजबूत करेगी और नागरिकों को ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।” चहल ने शाम को कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के लगभग 5,000 लाभार्थियों, एनडीएमसी कर्मचारियों, छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी से कर्तव्य पथ से सेवा तीर्थ तक एक लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ‘जन सेवा से देश सेवा’ का संदेश पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है। पिछले 25 सालों से, उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और आयोजनों में सेवा, समर्पण और राष्ट्र-निर्माण के विषय प्रमुखता से शामिल रहे हैं। इस कार्यक्रम का मकसद मिट्टी के दीये जलाकर सेवा, समर्पण, जन-भागीदारी और राष्ट्र-निर्माण का संदेश देना है। इस कार्यक्रम में आयुष्मान भारत, सुकन्या समृद्धि योजना और पीएम स्वनिधि जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने हिस्सा लिया। चहल ने बताया कि दीयों को सजाकर इन योजनाओं से जुड़े संदेश और पैटर्न भी बनाए गए। लोधी कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “आज, जब हम प्रधानमंत्री का जन्मदिन ‘सेवा दिवस’ के रूप में मना रहे हैं, तो हमने दिल्ली की लोधी कॉलोनी के एक पार्क में पौधे लगाकर मियावाकी जंगल बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है।” उन्होंने कहा, “आरके नायर के सहयोग और मार्गदर्शन से, इस पहल का मकसद मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल करके स्थानीय माहौल के अनुकूल फल देने वाले और छायादार पेड़ लगाकर एक घना, हरा-भरा शहरी जंगल विकसित करना है।” एनडीएमसी की चेयरपर्सन ने कहा कि इलाके की सुंदरता और गुणवत्ता बढ़ाने के अलावा, यह पहल दिल्ली के शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने में भी योगदान देगी। इससे हवा साफ होगी, हरियाली बढ़ेगी और इलाके का पारिस्थितिक संतुलन मजबूत होगा। इस मौके पर बोलते हुए एनडीएमसी के वाइस चेयरपर्सन कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि ‘भारत वन’ में मियावाकी तकनीक से 10,000 देसी पौधे लगाए जाएंगे।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर मिथुन चक्रवर्ती की घोषणा, ‘पश्चिम बंगाल में मनाएंगे अन्नपूर्णा दिवस’

मुंबई। अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सीधे-सादे’ स्वभाव की तारीफ की और साथ ही अपनी पुरानी घोषणा को दोहराया कि पश्चिम बंगाल प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ‘अन्नपूर्णा दिवस’ मनाएगा। आईएएनएस से ​​बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोग पीएम मोदी की 25 वर्ष की सेवा को हमेशा याद रखेंगे और उन्हें लगता है कि पीएम मोदी की तरह देश की 25 वर्ष तक सेवा करने का मौका किसी और को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल इस दिन को ‘अन्नपूर्णा दिवस’ के तौर पर मना रहा है, क्योंकि “हम सभी बहुत आभारी हैं, वे माताएं और बहनें भी, जिन्हें अन्नपूर्णा दिवस का तोहफा मिला है।” मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, “जन्मदिन मुबारक हो। आप और आगे बढ़ें, अभी से भी ज्यादा तरक्की करें और आपकी उम्र लंबी हो, मैं भगवान से यही प्रार्थना करता हूं।” प्रधानमंत्री को ‘सर’ कहकर संबोधित करते हुए, चक्रवर्ती ने उस समय को याद किया जब वे पहली बार उनसे मिले थे। उन्होंने बताया कि पार्टी में शामिल होने के बाद वे प्रधानमंत्री से मिले थे और शुरू से ही उनके बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या चीजें बहुत बदली हैं, तो मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि जब से वे प्रधानमंत्री से मिले हैं, तब से उनमें कोई बदलाव नहीं आया है। वे हमेशा बहुत सीधे-सादे रहे हैं और उन्हें क्या चाहिए, इसे लेकर बहुत स्पष्ट रहे हैं, जैसे ‘मिथुन दा, आपको यह काम करना है।’ काम को लेकर वे मेरे साथ ज्यादातर सीधे तौर पर बात करते रहे हैं। मैं उनके सीधेपन और स्पष्टता की तारीफ करता हूं। इस बीच, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राज्य की महिलाओं को संबोधित किया और कहा कि अन्नपूर्णा योजना उन्हें सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। पश्चिम बंगाल के बिधाननगर में यह घोषणा की गई थी कि राज्य में हर वर्ष 17 सितंबर को ‘अन्नपूर्णा दिवस’ मनाया जाएगा, क्योंकि महिलाओं के लिए 3,000 रुपए की मासिक सहायता योजना की गारंटी दी गई थी। इसके अलावा, गुरुवार को बंगाल में लगभग 1.5 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में बीजेपी सरकार की अन्नपूर्णा योजना की चौथी किस्त भेजी गई।

नोएडा में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का भव्य शुभारंभ, दीपोत्सव और स्वच्छता कार्यक्रमों से दिया स्वच्छता का संदेश

नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर देशभर में शुरू किए गए ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का नोएडा में भी उत्साह और गरिमा के साथ शुभारंभ किया गया। नोएडा प्राधिकरण की ओर से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और शहरवासियों ने सहभागिता की। अभियान के माध्यम से शहर में स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। अभियान के तहत सेक्टर-35 स्थित मोरना बस स्टैंड पर वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम में गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और नोएडा विधायक पंकज सिंह ने जनसामान्य के साथ सहभागिता की। स्वच्छता अभियान के दौरान लोगों को सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत विद्यार्थियों और नागरिकों को वेस्ट मैनेजमेंट तथा पर्यावरण संरक्षण की प्रक्रिया से रूबरू कराने के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। इसके अंतर्गत सेक्टर-34 स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और सेक्टर-54 स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों और नागरिकों को कचरे के प्रबंधन, उसके निस्तारण तथा सीवेज के उपचार की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्वच्छता व्यवस्था में आम नागरिकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। अभियान के तहत शहर के प्रमुख स्थानों पर शाम के समय दीपोत्सव का आयोजन किया गया। सेक्टर-54 स्थित वेटलैंड और सेक्टर-33 स्थित चिल्ड्रन्स पार्क में दीप जलाकर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सकारात्मक नागरिक सहभागिता का संदेश दिया गया। दीपोत्सव के माध्यम से शहरवासियों को स्वच्छ और सुंदर नोएडा के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया गया। इसी क्रम में सेक्टर-78 स्थित वेदवन पार्क में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधायक पंकज सिंह और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दीप प्रज्वलित किए। कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता अभियान के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण मुख्यालय के ऑडिटोरियम में भी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी की उपस्थिति रही। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुष्प राज सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों ने दीप जलाकर ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा पूरे दिन शहर के विभिन्न स्थानों और अवस्थापना से संबंधित प्रमुख स्थलों पर सेवा संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। प्राधिकरण की ओर से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर नागरिकों को जागरूक किया गया। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की पूर्व संध्या पर नोएडा के प्रमुख मार्गों को आकर्षक लाइटों से सजाया गया था। रोशनी से शहर के प्रमुख मार्ग और सार्वजनिक स्थल आकर्षक नजर आए। प्राधिकरण का कहना है कि नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और हरित शहर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या और जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। अधिकारियों ने कहा कि शहर को साफ और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने में प्राधिकरण के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर शिप्रा के घाट हुए जगमग, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ का पूरे प्रदेश में भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के सभी जिलों और 845 आईकॉनिक प्लेस में 3 करोड़ 55 लाख दीये एक साथ जलाए गए। सिर्फ उज्जैन में ही 33 लाख 27 हजार दीये एक साथ प्रज्ज्वलित कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। उज्जैन के शिप्रा के रामघाट पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंघी ने उज्जैनवासियों के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलित किए। उज्जैन में शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों सहित महाकाल लोक में सायं 7 बजे सायरन बजने के साथ सभी लोगों ने मिलकर दीप जलाए और प्रधानमंत्री को जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंघी शिप्रा आरती में शामिल हुए और मां शिप्रा की आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उज्जैन के शिप्रा घाटों पर सायरन के आवाज के साथ ही आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित हुआ। वैसे ही कार्यक्रम के अतिथि, 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स, श्रद्धालु और नागरिकों ने एक साथ दीयों का प्रज्ज्वलन प्रारंभ किया। लाखों दीप प्रज्ज्वलन के साथ घाट-घाट जगमग हो उठे। प्रज्ज्वलित हुए लाखों दीप जैसे प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उनके द्वारा राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र भक्ति की सेवा के लिए किए गए 25 वर्षों के कार्यों के प्रति आदर और स्नेह की रोशनी फैला रहे थे। उज्जैन में शिप्रा तट के रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, भूखी माता घाट के साथ महाकाल महालोक में भी दीपोत्सव कार्यक्रम में 33 लाख 27 हजार दीपों का प्रज्जवलन किया गया। प्रदेश के प्रमुख आईकॉनिक जगहों पर भी दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसमें ग्वालियर जिले के 11, शिवपुरी के 11, गुना के 10, अशोकनगर के 11, दतिया के 14, भिंड के 10, मुरैना के 18, श्योपुर कला के 80, इंदौर के 32, बड़वानी के 27, धार के 32, झाबुआ के 11, आलीराजपुर के 4, खरगोन के 10, खंडवा के 27, बुरहानपुर के 15, उज्जैन के 10, नीमच के 15, देवास के 17, शाजापुर के 16, आगर के 7, रतलाम के 17, मंदसौर के 15, भोपाल के 21, सीहोर के 10, रायसेन के 18, विदिशा के 18, राजगढ़ के 11, नर्मदापुरम के 10, बैतूल के 144, हरदा के 10, सागर के 10, दमोह के 11, पन्ना के 10, छतरपुर के 10, टीकमगढ़ के 13, निवाड़ी के 10, रीवा के 11, मऊगंज के 10, सीधी के 15, सिंगरौली के 10, सतना के 17, मैहर के 11, शहडोल के 10, अनूपपुर के 10, उमरिया के 27, डिण्डौरी के 10, जबलपुर के 12, कटनी के 13, बालाघाट के 22, छिंदवाड़ा के 11, पांडुर्ना के 10, नरसिंहपुर के 10, सिवनी के 16 और मंडला के 17 के आईकॉनिक जगहों पर बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए गए।

पाकिस्तान में बाल यौन शोषण मामलों में सजा की दर बेहद कम, बढ़ रहीं घटनाएं

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में बाल यौन शोषण (चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज) के मामलों में दोषियों को सजा मिलने की दर बेहद कम बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम सजा दर के कारण अपराधियों का हौसला बढ़ता है और ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में हर कुछ हफ्तों में किसी बच्चे के साथ दुष्कर्म, हत्या या दोनों तरह की घटनाओं की खबर सामने आती है। हर घटना के बाद लोग गुस्सा जाहिर करते हैं, न्याय की मांग करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद मामला ठंडा पड़ जाता है। इसके कारण बच्चों की सुरक्षा, अपराध रोकथाम, दोषियों की जवाबदेही और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी है। हाल ही में कराची में 18 महीने की बच्ची ऐजल की यौन उत्पीड़न के बाद मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, एक किशोर रिश्तेदार बच्ची को घर से ले गया था और बाद में उसे गंभीर हालत में वापस लाया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इससे पहले अगस्त में पांच वर्षीय आयत नूर का शव एक कुएं से बरामद हुआ था। जांच में उसके साथ यौन उत्पीड़न की बात सामने आई थी। बाल संरक्षण संस्था साहिल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ उत्पीड़न के 1,914 मामले दर्ज किए गए। इनमें सड़क पर लावारिस हालत में मिले 49 नवजात और बच्चों के मामले भी शामिल हैं। जनवरी से जून 2026 के बीच पाकिस्तान में बाल यौन शोषण के 1,015 मामले, अपहरण के 558 मामले, लापता बच्चों के 101 मामले, यौन शोषण से जुड़े अश्लील सामग्री के 98 मामले और बाल विवाह के 35 मामले दर्ज किए गए। यह रिपोर्ट पाकिस्तान के बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब, सिंध, इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) के समाचार पत्रों से जुटाए गए आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल पीड़ितों में 58 प्रतिशत लड़कियां थीं। पीड़ित बच्चों में 598 बच्चे 11 से 15 वर्ष आयु वर्ग के थे, 356 बच्चे 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के, 329 बच्चे 6 से 10 वर्ष आयु वर्ग के और 95 बच्चे 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के थे। वहीं 487 मामलों में पीड़ितों की उम्र का उल्लेख नहीं किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 43 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़ितों के परिचित थे, जबकि 34 प्रतिशत मामलों में आरोपी अजनबी थे। कुल मामलों में 57 प्रतिशत घटनाएं शहरी क्षेत्रों और 43 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में दर्ज की गईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने दोषियों के लिए सख्त सजा संबंधी कानूनी सुधार तो किए हैं, लेकिन जांच प्रक्रिया में सुधार और पीड़ितों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए हैं। विश्लेषण में कहा गया है कि बाल यौन शोषण मामलों में बेहद कम सजा दर अपराधियों को ऐसे अपराध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है। कई मामलों में आरोपी लंबे समय तक कई बच्चों को निशाना बनाते रहते हैं और एक मामले की जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन से अन्य पीड़ितों से जुड़े सबूत मिलते हैं। इसके बावजूद लंबी न्यायिक प्रक्रिया और कमजोर फॉलो-अप के कारण बहुत कम मामलों में सजा हो पाती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि न्यायिक कमजोरियों के अलावा गरीबी, बाल श्रम, कम उम्र में विवाह और असुरक्षित सामाजिक माहौल जैसी परिस्थितियां भी बच्चों को शोषण और उत्पीड़न के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती हैं। इन्हीं कारणों से पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ अपराधों की चुनौती लगातार गंभीर होती जा रही है।