गणेश विसर्जन से पहले हैदराबाद पुलिस अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में निकाला फ्लैग मार्च

हैदराबाद। हैदराबाद पुलिस ने गणेश उत्सव और 25 सितंबर को होने वाले गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस को देखते हुए गुरुवार को रैपिड एक्शन फोर्स के साथ शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। शहर में शांति, सांप्रदायिक सौहार्द और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के उद्देश्य से फ्लैग मार्च किया गया। इसका नेतृत्व गोलकोंडा जोन के पुलिस उपायुक्त जे. राघवेंद्र रेड्डी ने किया। फ्लैग मार्च गोशामहल और बेगम बाजार पुलिस थाना क्षेत्रों के संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाकों से होकर गुजरा। इसमें गोशामहल और बेगम बाजार पुलिस थानों के कर्मचारियों के साथ आरएएफ के जवान भी शामिल हुए। फ्लैग मार्च नामपल्ली एग्जीबिशन ग्राउंड से शुरू होकर पटेल नगर, दारुस्सलाम, चकनवाड़ी, लंबीगली, घोड़े की खबर, झांसी चौराहा और जुमेरात बाजार टी-जंक्शन से होकर गुजरा। गोशामहल पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर बी. श्रवण कुमार ने कहा कि फ्लैग मार्च में घनी आबादी वाले संवेदनशील इलाकों और विसर्जन जुलूस के मार्गों को शामिल किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को गणेश उत्सव और विसर्जन जुलूस के दौरान शांति, सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के महत्व के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि फ्लैग मार्च में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, स्थानीय पुलिस और आरएएफ की मौजूदगी से त्योहार को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस विभाग की तैयारियों का भी संदेश दिया गया। पुलिस ने विशेष रूप से गणेश पंडाल आयोजकों और विसर्जन जुलूस में शामिल होने वाले लोगों से विभाग की ओर से जारी नियमों और निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। आयोजकों से निर्धारित मार्ग और समय का पालन करने तथा ऐसी किसी भी गतिविधि से बचने को कहा गया है जिससे आम लोगों को परेशानी हो, यातायात बाधित हो या सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो। पुलिस ने सभी नागरिकों, धार्मिक संगठनों, गणेश उत्सव समितियों और जुलूस आयोजकों से त्योहार को शांतिपूर्ण, अनुशासित और जिम्मेदार तरीके से मनाने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी या पुलिस स्टेशन को देने को कहा गया है। गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के लिए हैदराबाद में करीब 20 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इससे पहले हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने पुलिस, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम, हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बालापुर से टैंक बंड तक करीब 19 किलोमीटर लंबे विसर्जन मार्ग का संयुक्त निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गणेश प्रतिमाओं की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं, अफवाहों और भड़काऊ सामग्री पर भरोसा नहीं करने और उन्हें आगे साझा नहीं करने की सलाह दी है। लोगों से केवल पुलिस विभाग और अन्य संबंधित सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।
कोस्ट गार्ड को उभरती चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा : रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ

नई दिल्ली। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के कमांडरों से कहा कि वे तेजी से हो रही तकनीकी तरक्की के साथ कदम मिलाकर समुद्री सुरक्षा की नई चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहें। नई दिल्ली में शुरू हुए आईसीजी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के 43वें एडिशन में बोलते हुए, राज्य मंत्री सेठ ने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। उन्होंने नेटवर्क, सेंसर, सॉफ्टवेयर, डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोनॉमस सिस्टम, साइबर क्षमताओं और स्पेस-बेस्ड टेक्नोलॉजी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने की जरूरत पर जोर देते हुए, राज्य मंत्री सेठ ने आईसीजी से कहा कि वे सिर्फ यूजर बनकर न रहें, बल्कि स्टार्ट-अप, इंडस्ट्री, डीआरडीओ और रिसर्च संस्थानों के साथ मिलकर को-क्रिएटर (सह-निर्माता) भी बनें। राज्य मंत्री ने कहा, “आत्मनिर्भरता का मतलब सिर्फ़ भारतीय चीजें खरीदना नहीं है; इसका मतलब है भारतीय चुनौतियों के लिए समाधान विकसित करना और ऐसी क्षमताएं बनाना जो वैश्विक ज़रूरतों को पूरा कर सकें। यह ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के हमारे विजन को दर्शाता है।” तीन दिन तक चलने वाले इस कॉन्फ्रेंस के पहले दिन, राज्य मंत्री सेठ ने आईसीजी के डायरेक्टर जनरल परमेश शिवमणि और कोस्ट गार्ड कमांडरों के साथ राष्ट्रीय और समुद्री सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत की। राज्य मंत्री ने तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करके समुद्री हितों की रक्षा करने और समुद्र में मुश्किल समय में सबसे पहले मदद पहुंचाने (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) तथा राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना कीमती जानें बचाने के लिए आईसीजी की तारीफ की। उन्होंने मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) ऑपरेशन में आईसीजी की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला, जो समुद्र में लोगों की सुरक्षा और भलाई में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा के लिए विकसित की गई क्षमताएं खोज और बचाव, मेडिकल इवैक्यूएशन, आपदा प्रतिक्रिया और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्य मंत्री सेठ ने पीएम मोदी के महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति) के विजन के अनुरूप, तटीय और ग्रीन वॉटर से लेकर खुले महासागरों और ब्लू वॉटर तक, भारत की समुद्री क्षमताओं को हर स्तर पर मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने एडवांस्ड प्लेटफ़ॉर्म, अंडरवॉटर टेक्नोलॉजी, बिना इंसान के चलने वाले सिस्टम, लंबे समय तक निगरानी रखने की क्षमता, सैटेलाइट-इनेबल्ड मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस और सुरक्षित कम्युनिकेशन की जरूरत पर जोर दिया। राज्य मंत्री ने कहा, “जैसे-जैसे भारत की समुद्री ज़िम्मेदारियाँ बढ़ रही हैं, हमारी क्षमताएं भी उनके साथ बढ़नी चाहिए – हमारे तटों से लेकर व्यापक समुद्री क्षेत्र तक।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने जन्मदिन पर दी बधाई, पीएम मोदी ने जताया आभार

नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर गुरुवार को बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान ने बधाई दी और उनकी अच्छी सेहत की कामना भी की। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम तारिक रहमान की बधाई के लिए आभार जताया। पीएम तारिक रहमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत के लोगों के लिए आपकी समर्पित सेवा हमेशा अच्छी सेहत और ऊंचे उत्साह के साथ हो।” वहीं, पीएम मोदी ने आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं आपके शब्दों की बहुत सराहना करता हूं। इसके अलावा, अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने भी गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी के लिए बधाई गीत गाया, उनके नेतृत्व की सराहना की और उन्हें अमेरिका-भारत संबंधों के लिए सही नेता बताया। आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में मिलबेन ने पीएम मोदी को भारत में बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में अवसरों का विस्तार करने के साथ ही महिलाओं-लड़कियों को सशक्त बनाने का श्रेय दिया। अमेरिकी गायिका ने अमेरिकी राष्ट्रपतियों के साथ उनके जुड़ाव और दिल्ली में विश्व के बड़े नेताओं को एक साथ लाने में उनकी भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “वह निश्चित रूप से अमेरिका-भारत संबंधों के लिए सही नेता हैं। उनके जीवन, उनके नेतृत्व और उनकी विरासत का जश्न मनाने के लिए क्या अद्भुत दिन है। इसलिए प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई।” जब मिलबेन से पूछा गया कि क्या उनके पास पीएम मोदी के लिए कोई व्यक्तिगत संदेश है, तो मिलबेन ने गाने की पेशकश की। पीएम मोदी के कार्यकाल में भारत में आए बदलावों के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी गायिका ने बुनियादी ढांचे, तकनीक और ग्रामीण समुदायों के लोगों के लिए अवसरों का जिक्र किया। वाशिंगटन के साथ संबंधों पर, मिलबेन ने कहा कि लगातार अमेरिकी राष्ट्रपतियों के साथ काम करने के पीएम मोदी के अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की है कि संबंध कैसे काम करते हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को दिया।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर असम में जले ‘आशीर्वाद के दीये’, हजारों लोगों ने दीं शुभकामनाएं

गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर असम में गुरुवार को राज्यभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर इन आयोजनों की झलकियां साझा करते हुए बताया कि राज्य के शहरों और गांवों में लोगों ने ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि असम के लोग एकजुट होकर प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त करने के लिए आगे आए। उन्होंने कहा, “आज असम के लोगों ने राज्य के शहरों और गांवों में एकजुट होकर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया और अपने प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया।” मुख्यमंत्री ने ढेकियाजुली, जागीरोड, नलबाड़ी और गोहपुर में आयोजित कार्यक्रमों की तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल दिखाई दिए। इसके अलावा, उन्होंने मोरीगांव, राहा, दुलियाजान और डूमडूमा से भी कार्यक्रमों की झलकियां साझा करते हुए कहा कि ये तस्वीरें प्रधानमंत्री मोदी के प्रति असम के लोगों के प्रेम और सम्मान को दर्शाती हैं। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “ये तस्वीरें असम के लोगों द्वारा पीएम मोदी के प्रति व्यक्त किए गए स्नेह और आशीर्वाद को दर्शाती हैं।” मुख्यमंत्री ने बाद में बोकाखाट, तिंगखांग, गोलाघाट और माजुली से भी कार्यक्रमों की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि राज्यभर में उत्सव का माहौल बना रहा और हजारों लोग शाम के कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने कहा, “उत्साह और उमंग का यह सिलसिला लगातार जारी रहा। बोकाखाट, तिंगखांग, गोलाघाट और माजुली से भी ऐसी कई झलकियां सामने आई हैं, जहां हजारों लोग इस आयोजन में शामिल हुए।” प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में राज्य के कई जिलों में लोगों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन आयोजनों का दायरा ऊपरी असम, मध्य असम और राज्य के अन्य क्षेत्रों तक फैला रहा। ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के तहत लोगों ने दीप जलाकर प्रधानमंत्री के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद व्यक्त किए। इस पहल का उद्देश्य प्रधानमंत्री के जन्मदिन को जनभागीदारी के साथ मनाना था। मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई तस्वीरों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि असम के विभिन्न हिस्सों में इस अवसर पर व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जन्मदिन पर मिली शुभकामनाओं के लिए पीएम मोदी ने जताया आभार, बोले- मिलकर जारी रखें ‘विकसित भारत’ का निर्माण

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन के अवसर पर देश-दुनिया से बधाई संदेश मिले। इसके लिए प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि आइए हम सभी मिलकर विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन है। इस मौके पर एनडीए की तरफ से ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया गया। देश के कोने-कोने में लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और संवैधानिक पद पर रहते हुए 25 साल पूरे करने पर ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाए। जन्मदिन के मौके पर मिली शुभकामनाओं के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि हर तरफ से मिली शुभकामनाओं, स्नेह और आशीर्वाद के लिए मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं। प्यार भरे हर शब्द की मैं बहुत कद्र करता हूं और इनसे मुझे अपने लोगों की सेवा करने की नई ताकत मिलती है। पीएम मोदी ने आगे लिखा कि मैं उन सभी लोगों की भी सराहना करता हूं जो दिन भर सेवा कार्यों में लगे रहे। आइए, हम सब मिलकर ‘विकसित भारत’ का निर्माण जारी रखें। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर दुनिया भर के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों से शुभकामनाएं मिलीं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने डोमिनिका, इटली और भूटान के प्रधानमंत्रियों के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस को धन्यवाद दिया। डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट की शुभकामनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री स्केरिट, आपकी हार्दिक शुभकामनाओं और डोमिनिका की सरकार तथा वहां की जनता की सद्भावनाओं के लिए धन्यवाद। भारत हमारे घनिष्ठ मित्रतापूर्ण संबंधों को बहुत महत्व देता है।” इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को धन्यवाद देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री मेलोनी, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मैं हमारे घनिष्ठ सहयोग को आगे बढ़ाने का इच्छुक हूं।” भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के संदेश पर पीएम मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री टोबगे, आपकी शुभकामनाओं और स्नेहपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद। मैं आपकी भावनाओं और शुभेच्छाओं की गहराई से सराहना करता हूं।” वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस को जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “डॉ. टेड्रोस, आपकी शुभकामनाओं और स्नेहपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद। ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान आपसे मुलाकात कर खुशी हुई। वैश्विक स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में हमारी साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रहेगा।
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ईरानी सरकार गिराने और हमास को खत्म करने का किया ऐलान

यरुशलम। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि इजरायल ईरान की सरकार को गिरा देगा, हमास को खत्म कर देगा और हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगा। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पीएम नेतन्याहू ने इजरायल की घरेलू सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के सदस्यों को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक समारोह में कहा, “हम हमास को खत्म कर देंगे और सबसे पहले हम ईरान में शासन को हराएंगे। हम उनकी सरकार गिरा देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध शुरू हुए लगभग तीन साल हो चुके हैं और अब भी इजरायल का एक लक्ष्य 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व में हुए हमले में शामिल फिलिस्तीनियों की तलाश जारी रखना है। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, “कोई भी बख्शा नहीं जाएगा।” 6 सितंबर को पीएम नेतन्याहू ने कहा था कि ईरान में शासन का अंत निकट है और वह अपनी जान बचाने के लिए लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक और मिशन पूरा करना बाकी है। इजरायली पीएम ने ये टिप्पणियां सरकार की बैठक के दौरान रोश हशनाह टोस्ट के दौरान कीं। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, नेतन्याहू ने कहा, “हम रोश हशनाह के मौके पर हैं और आज इजरायल का हित सबसे ऊपर है। इस टेबल पर हमने जो समझदारी भरे और साहसिक फैसले लिए, हमारे जवानों की बहादुरी और हमारे लोगों के हौसले की बदौलत हमने बड़ी कामयाबियां हासिल की हैं। इजरायल आज पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है और हमारे दुश्मन पहले से ज्यादा कमजोर। अमेरिका के साथ मिलकर हमने अपने वजूद पर मंडराते खतरे को टाला है। हमने परमाणु बम और बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरे को पीछे धकेला है और ईरानी धुरी पर करारा प्रहार किया है।” इजरायली प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “हम अपनी रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हम अपने दुश्मनों पर प्रहार करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। वे हम पर हमला नहीं कर रहे हैं। ईरान ऐसा करने से बच रहा है और वह जानता है क्यों। बेशक, वह गलती कर सकता है और फिर भी हम पर हमला करने की भूल कर सकता है। उसे ऐसा झटका लगेगा जिसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकता।” उन्होंने कहा कि इजरायल मध्य पूर्व की सबसे मजबूत महाशक्ति है और दुश्मनों को चेतावनी दी, ‘हमें आजमाने की कोशिश मत करो।’ प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने आगे कहा, “मैं अपने दुश्मनों से कहता हूं कि हमें आजमाने की कोशिश मत करो। इजरायली जनता परीक्षा की घड़ी में एकजुट होना जानती है और अभी यह मध्य पूर्व में सबसे मजबूत महाशक्ति है और कुछ लोग तो कहते हैं कि उससे भी आगे।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने वी.डी. सतीसन सरकार की तारीफ की

तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन के नेतृत्व वाली केरल सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में केंद्र को राज्य से अभूतपूर्व सहयोग मिल रहा है। गोपी ने कहा कि राज्य सरकार अब इस तरह से मदद कर रही है जैसा पिछले 10 सालों में नहीं देखा गया था। उन्होंने कहा कि वे विकास और केंद्र की योजनाओं से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री सतीसन और राज्य सरकार के अन्य सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “आज, हम किसी भी चीज़ के लिए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन और अन्य लोगों से संपर्क कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल से केरल में केंद्र सरकार की और अधिक योजनाएं लाने में मदद मिलेगी। गोपी की ये बातें इसलिए अहम हैं क्योंकि केरल में भाजपा और कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अक्सर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रही हैं। उनकी बातों से पता चलता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद वे विकास योजनाओं पर नई राज्य सरकार के साथ काम करने को तैयार हैं। गोपी ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में ‘रिपोर्टर टीवी’ के दफ्तर पर हाल ही में हुई छापेमारी में पुलिस की कार्रवाई का भी समर्थन किया। पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि छापेमारी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और कभी भी हो सकती है। उन्होंने पुलिस की तलाशी पर अलग-अलग प्रतिक्रियाओं पर सवाल उठाया, जो इस बात पर निर्भर करती हैं कि तलाशी लेने वाला व्यक्ति पत्रकार है या आम नागरिक। उन्होंने कहा, “जब पुलिस किसी आम आदमी के घर में घुसती है, तो आमतौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है।” गोपी ने कहा कि तलाशी लेने वाले अधिकारी आमतौर पर प्रक्रिया के तहत फोन अपने कब्जे में ले लेते हैं और जांच-पड़ताल करते हैं। उन्होंने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि ऐसी तलाशी के दौरान पत्रकारों के साथ अलग व्यवहार किया जाना चाहिए; उन्होंने कहा कि पत्रकार भी आम नागरिक ही होते हैं। उनकी ये बातें ‘रिपोर्टर टीवी’ और उसके मैनेजिंग एडिटर एंटो ऑगस्टीन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आई हैं। विपक्षी दलों और अन्य लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या इस कार्रवाई का मीडिया की आजादी पर असर पड़ सकता है। केरल सरकार का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई कथित गंभीर अपराधों की जांच से जुड़ी थी और इसका मीडिया संस्थान के कामकाज या उसकी समाचार कवरेज से कोई लेना-देना नहीं था। हालांकि, गोपी ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया और प्रेस की आजादी के नाम पर उठाई गई आपत्तियों के आधार पर सवाल उठाए। छापेमारी के संदर्भ में मीडिया की आजादी के बारे में विशेष रूप से पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल पूछने वाले से पूछा, “आप कौन हैं?” सतीसन सरकार के साथ सहयोग और ‘रिपोर्टर टीवी’ पर छापेमारी—इन दोनों मुद्दों पर उनकी बातें ऐसे समय में आई हैं जब केंद्र और नई चुनी गई राज्य सरकार के बीच संबंधों पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है। हालांकि केरल में भाजपा और कांग्रेस की मुख्य राजनीतिक विरोधी बनी हुई हैं, लेकिन गोपी के बयान से यह संकेत मिलता है कि विकास परियोजनाओं पर सहयोग के रास्ते में राजनीतिक मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए। वहीं, पुलिस की कार्रवाई का उनका समर्थन, उस जारी बहस में एक नया पहलू जोड़ सकता है जो किसी मीडिया संस्थान के शामिल होने पर पुलिस की शक्तियों की सीमाओं और छापेमारी को लेकर चल रही है।
दिल्ली: सरकारी स्कूल के बच्चों ने पीएम मोदी के लिए बनाया गाना, जेन-जी की भाषा में विकसित भारत का दिया संदेश

नई दिल्ली। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि सरकारी स्कूलों के 11 बच्चों और मल्टीमीडिया के छात्रों ने मिलकर पीएम मोदी को समर्पित दो गाने बनाए हैं। एक गाने को सरकारी स्कूल के बच्चों ने गाया है, जिसके वीडियो में 150 से 200 बच्चों ने हिस्सा लिया, वहीं दूसरा गाना मैक्स साउथ एक्सटेंशन के जेन-जी युवाओं ने पूरी तरह एआई की मदद से क्रिएट किया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि यही असली नौजवान हैं, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में अपना योगदान दे रहे हैं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, “दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों और मल्टीमीडिया की पढ़ाई करने वाले युवाओं के दो समूहों ने दो गीत बनाए हैं। एक गाना दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 11 बच्चों ने गाया है और उसके वीडियो में अलग-अलग समय पर करीब 150 से 200 बच्चों ने हिस्सा लिया है। मैं उन सभी बच्चों को धन्यवाद देता हूं।” उन्होंने कहा कि बच्चों और प्रोफेसर ने इसे कंपोज किया। यह हैं असली नौजवान, जो भारत के प्रधानमंत्री के साथ देश को विकसित भारत 2047 बनाने के लिए काम कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि यह गीत मल्टीमीडिया में काम करने वाले और पढ़ाई कर रहे नौजवानों ने बनाया है, जिन्हें आज की भाषा में जेन-जी कहा जाता है। उन्होंने इसे डिजिटल मल्टीमीडिया के जरिए तैयार किया है। दोनों समूहों के बच्चों और उनके प्रोफेसर्स ने मिलकर इस आइडिया को तैयार किया है। जिन 11 बच्चों ने गाना गाया है, वे भी यहां मौजूद हैं। वहीं, गाना बनाने वाले युवाओं ने कहा, “हम सभी साउथ एक्सटेंशन से हैं। हमने जो भी क्रिएट किया है, वह पूरा का पूरा एआई की मदद से किया है। गाना लिखने का काम सर के साथ बैठकर चर्चा के बाद किया गया। रविवार को हमने सर के साथ बैठकर तय किया कि शॉट्स कैसे होने चाहिए, शॉट डायरेक्शन क्या होगा और फिर उस डायरेक्शन को एआई की मदद से हकीकत में बदला।” युवक ने कहा कि हम सब बहुत खुश थे कि हम पीएम मोदी के लिए कुछ बना रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री को कुछ समर्पित करने का मौका बहुत कम मिलता है। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी आगे आएं और हम हमेशा उनके समर्थन में रहेंगे। प्रोफेसर ने कहा कि इस गाने का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित करना था। अगर आप गाना सुनेंगे तो आपको जेन-जी की भाषा समझ आएगी। बहुत से लोग ट्यूटोरियल देखकर सीख रहे हैं कि जेन-जी क्या वर्ड यूज करते हैं, उनकी क्या भाषा क्या है। उन्होंने आगे कहा कि हमने गाने में उसी भाषा का इस्तेमाल किया है, ताकि आज की जेन-जी से कनेक्ट हो सकें और प्रधानमंत्री का विजन उनकी ही भाषा में उन तक पहुंचे। यह काम करने का मौका हमें हमारे डायरेक्टर वेंग सर की वजह से मिला और मंत्री (आशीष सूद) को यह गाना बहुत पसंद आया। मैं सबसे कहूंगा कि एक बार जरूर सुनें।
असम के मुख्यमंत्री ने 82,219 उद्यमियों को 278 करोड़ रुपए बांटे, युवाओं को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को ‘मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान’ (सीएमएएए) 1.0 और 2.0 के तहत युवा उद्यमियों को 278 करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक सहायता बांटी। इसके जरिए राज्य सरकार ने युवाओं के बीच उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर अपना जोर फिर से दोहराया। गुवाहाटी के खानापारा में ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर में आयोजित आर्थिक सहायता वितरण समारोह में बोलते हुए, सरमा ने कहा कि इस पहल का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि युवाओं को अपना बिजनेस शुरू करने और सफल उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। इस योजना के तहत, सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को 2-2 लाख रुपए मिलते हैं, जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत बिना ब्याज वाला लोन शामिल है। पेशेवर श्रेणी के उद्यमी 5 लाख रुपए पाने के हकदार हैं, जिसके लिए फंडिंग का यही मॉडल अपनाया गया है। कार्यक्रम की जानकारी के अनुसार, सीएमएएए 1.0 और 2.0 के तहत कुल 82,219 उद्यमी शामिल हैं। पहले चरण में सामान्य श्रेणी के 9,552 और पेशेवर श्रेणी के 26 लाभार्थी शामिल हैं, जबकि दूसरे चरण में सामान्य श्रेणी के 72,447 और पेशेवर श्रेणी के 194 उद्यमी शामिल हैं। सरकार सीएमएएए 1.0 के तहत 196 करोड़ रुपए से ज्यादा बांट रही है, जबकि सीएमएएए 2.0 के लिए 182 करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया गया है। सरमा ने कहा कि सरकार ने पहले उद्यमिता अपनाने वाले युवा लाभार्थियों की मदद के लिए शुरुआती चरण में 75,000 रुपए और बाद के चरण में 25,000 रुपए दिए थे। हालांकि, कई लाभार्थी आगे की सहायता के लिए जरूरी योग्यता शर्तों को पूरा नहीं कर पाए। लगभग 13,000 लाभार्थियों में से करीब 9,552 ने जरूरतें पूरी कीं, जबकि लगभग 4,000 योग्य नहीं पाए गए। मुख्यमंत्री ने कुछ मामलों में असफलता का कारण लाभार्थियों का नौकरी करना और अपना बिजनेस बंद कर देना बताया। इस पहल में कौशल विकास प्रशिक्षण और मार्केटिंग सहायता भी शामिल है ताकि उद्यमी अपने बिजनेस को मजबूत कर सकें और लंबे समय तक टिके रहने की अपनी संभावनाओं को बेहतर बना सकें। इस समारोह में उद्योग, वाणिज्य और सार्वजनिक उद्यम मंत्री बिमल बोराह, अधिकारी और भाग लेने वाले उद्यमी शामिल हुए।
पाकिस्तान की फितरत कभी नहीं बदलेगी, अफगान शरणार्थियों को निकालना गलत : अनिल गौर

जम्मू। रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन (सेवानिवृत्त) अनिल गौर ने कहा कि पाकिस्तान की फितरत कभी नहीं बदलेगी। उसने 1947, 1965, 1971 और कारगिल युद्ध के बाद भी ऑपरेशन टॉपैक और ‘हजार कट्स’ जैसी साजिशों से कश्मीर को तबाह करने की कोशिश की। उन्होंने भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कमेटी में अफगान शरणार्थियों का मुद्दा उठाए जाने का समर्थन किया। अनिल गौर ने कहा, “पाकिस्तान की फितरत नहीं बदलेगी। सब कुछ करने के बावजूद पहलगाम हमला हुआ और हमने पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया। पाकिस्तान की आदत ‘मैं ना मानूं’ वाली है। पाकिस्तानी फौज और आईएसआई का यही रवैया बन गया है। पाकिस्तान और उसके नेता हमेशा से कश्मीर को हथियाना चाहते हैं।” रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि इसी मंशा से पाकिस्तान ने 1947 में ऑपरेशन गुलमर्ग लॉन्च किया था और अपने सैनिकों को कबाइलियों के कपड़े पहनाकर भेज दिया था। वे कबाइली नहीं थे, बल्कि पाकिस्तानी सेना के नियमित जवान थे। उस समय से लेकर आज तक वे अपने लोगों में यही झूठ फैलाते रहे हैं कि ‘कश्मीर बनेगा पाकिस्तान।’ कैप्टन (रिटायर्ड) गौर ने कहा कि कश्मीर तो पाकिस्तान बन नहीं पाया, लेकिन अब पाकिस्तान के ही दो-चार टुकड़े होने वाले हैं, क्योंकि बलूचिस्तान ने अपनी स्वतंत्रता घोषित कर दी है। खैबर पख्तूनख्वा में इमरान खान की पार्टी ने एक तरह का विरोध शुरू कर दिया है, वहीं सिंध के लोग कहते हैं कि उन पर पंजाबी मुसलमानों और पंजाब क्षेत्र का प्रभुत्व रहा है। रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि यह सब हमारा गृह मंत्रालय समय-समय पर देखता रहता है। पाकिस्तान पर इन सब बातों का असर नहीं होता, उसका रवैया यही रहता है कि यह हमारा मामला ही नहीं है, हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं। बाद में पाकिस्तान से ओसामा बिन लादेन जैसा मामला सामने आता है, जो पाकिस्तान के अंदर ही छिपा मिला था। यह सब चलता रहेगा। जो आदमी ‘मैं ना मानूं’ की जिद पर अड़ा हो, उसे आप कैसे समझाएंगे। इससे बेहतर है कि हमें अपना काम करना है, खुद को मजबूत बनाना है और समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा। रक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कमेटी के सामने अफगान शरणार्थियों का मुद्दा उठाया है। जब तालिबान के शासन में अफगानिस्तान में युद्ध शुरू हुआ, तो लोग देश छोड़कर पाकिस्तान में शरण लेने लगे। ऐसे 40 लाख से ज्यादा, लगभग 50 लाख लोग थे। अचानक, पाकिस्तान ने उन्हें नोटिस जारी करके वापस जाने को कहा। इससे उन लोगों के लिए समस्या खड़ी हो गई है जो इतने सालों से वहां रह रहे थे। पाकिस्तान को समझना चाहिए कि वे बाहरी नहीं हैं। वे उसी इलाके के मुसलमान हैं।