सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी वायरस बच्चों के लिए खतरनाक, डब्ल्यूएचओ ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली। सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी (रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस) सिर्फ एक सामान्य मौसमी वायरस नहीं है। यह दुनियाभर में छोटे बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है। हर साल आरएसवी की वजह से 36 लाख से ज्यादा बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है और करीब 1 लाख छोटे बच्चों की जान चली जाती है। इसलिए इसके बारे में सही जानकारी होना और समय पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आरएसवी एक बहुत संक्रामक वायरस है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने और फिर आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण हो सकता है। यही वजह है कि घर, स्कूल, डे-केयर और भीड़भाड़ वाली जगहों पर छोटे बच्चों को इससे बचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि आरएसवी किसी भी उम्र के व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चों, खासकर छह महीने से कम उम्र के शिशुओं में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। समय से पहले जन्मे बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले बच्चों में भी गंभीर बीमारी का खतरा अधिक हो सकता है। कई बार शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही दिखाई देते हैं, इसलिए माता-पिता के लिए इन्हें पहचानना जरूरी है। बच्चे को नाक बहना, खांसी, छींक या हल्का बुखार हो सकता है, लेकिन अगर बच्चा सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहा है। ठीक से दूध या खाना नहीं ले पा रहा है। बहुत ज्यादा सुस्त है या उसके होंठ और नाखून नीले पड़ रहे हैं तो इसे गंभीर संकेत मानना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। आरएसवी से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी सावधानियां काफी मददगार हो सकती हैं। बच्चे को छूने से पहले और बाद में हाथ अच्छी तरह धोएं, बीमार लोगों से शिशु को दूर रखें और घर में बार-बार छुई जाने वाली सतहों को साफ करते रहें। बच्चे के आसपास धूम्रपान बिल्कुल न करें, क्योंकि धुएं के संपर्क से सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए डॉक्टर से उपलब्ध आरएसवी वैक्सीन या शिशु के लिए आरएसवी एंटीबॉडी जैसे बचाव के विकल्पों के बारे में जानकारी ली जा सकती है। कौन-सा विकल्प उपयुक्त है, यह मां और बच्चे की स्थिति के आधार पर डॉक्टर तय कर सकते हैं।

सर्वांगासन-हलासन के बाद क्यों जरूरी है मत्स्यासन, जानिए काउंटर पोज का महत्व

नई दिल्ली। योग में हर आसन का अपना महत्व होता है, लेकिन इसका लाभ तभी मिलता है जब आसन को सही क्रम और संतुलन के साथ किया जाए। सर्वांगासन और हलासन योग के महत्वपूर्ण आसनों में गिना जाता है, लेकिन इन दोनों आसनों को करने के बाद शरीर में दबाव पड़ता है। इसी को ठीक करने के लिए मत्सासन को करना आवश्यक काउंटर-पोज यानी विपरीत आसन माना गया है। हम आपको बताएंगे कि सर्वांगासन और हलासन के तुरंत बाद मत्स्यासन काउंटर-पोज (विपरीत आसन) करना आवश्यक क्यों होता है। आयुष मंत्रालय और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के दिशानिर्देशों के अनुसार, सर्वांगासन और हलासन के प्रभाव को संतुलित करने के लिए बाद में मत्सासन करना बेहद जरूरी और अनिवार्य माना गया है। जब कोई भी साधक सर्वांगासन और हलासन का अभ्यास करता है, तो शारीरिक बदलाव आते हैं, जिन्हें सामान्य स्थिति में लाने के लिए मत्स्यायन एक पूरक आसन के रूप में काम करता है। सर्वांगासन और हलासन दोनों ही ‘इनवर्जन’ (उल्टे होने वाले) आसन हैं, जिनमें छाती आगे की तरफ झुकती है और ठुड्डी पूरी तरह से छाती से चिपक जाती है। मत्स्यायन में जब सिर के ऊपरी हिस्से को जमीन पर टिकाकर रीढ़ और गर्दन को पीछे मोड़ा जाता है, तो यह जालंधर बंध के दबाव को तुरंत संतुलित कर देता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, हलासन और सर्वांगासन के दौरान रीढ़ की हड्डी और गर्दन की पीछे की मांसपेशियों पर गहरा और तीव्र खिंचाव आता है। इससे गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियां अत्यधिक तनी हुई स्थिति में आ जाती हैं। मत्स्यासन रीढ़ को विपरीत दिशा में (पीछे की ओर) मोड़कर एक बेहतरीन काउंटर-स्ट्रेच देता है। इससे गर्दन, कंधों और रीढ़ की हड्डी की अकड़न व तनाव दूर होता है और मांसपेशियों का संतुलन वापस सामान्य हो जाता है। इन दोनों आसनों में गर्दन और गले पर गहरा दबाव पड़ता है, जिससे शरीर में जकड़न आ सकती है। इसी जकड़न को खोलने और शरीर में संतुलन बनाए रखने के लिए मत्स्यासन को आवश्यक काउंटर-पोज यानी विपरीत आसन माना गया है। योग विज्ञान का नियम है कि यदि शरीर को एक दिशा में गहराई से मोड़ा गया है, तो उसे सुरक्षित रखने के लिए विपरीत दिशा में मोड़ना (काउंटर -पोज) जरूरी है। सर्वांगासन और हलासन ‘फॉरवर्ड बेंडिंग’ (गर्दन के लिए) हैं, तो मत्स्यासन उनका सटीक ‘बैकवर्ड बेंडिंग’ इलाज है जो रीढ़ व गर्दन को चोटिल होने से बचाता है। हालांकि, इन तीनों आसनों को करने से पहले किसी विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें और गंभीर बीमारी, हालिया सर्जरी, प्रेग्नेंट महिलाएं वाले व्यक्ति आसनों को करने से बचें।

ट्रंप का बड़ा चुनावी वादा, रिपब्लिकन सत्ता में लौटे तो हर वयस्क अमेरिकी को मिलेंगे 5,000 डॉलर

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी मध्यावधि चुनाव से पहले अपने देशवासियों से बड़ा चुनावी वादा किया है। उन्होंने कहा है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर अपना नियंत्रण बरकरार रखती है, तो हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर का भुगतान किया जाएगा। ट्रंप ने इसे ‘ट्रंप डिविडेंड’ नाम दिया है। ट्रंप ने बुधवार को डलास में रिपब्लिकन पार्टी के मध्यावधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा, “अमेरिका की आर्थिक ताकत और सफलता को देखते हुए वह प्रत्येक वयस्क नागरिक को 5,000 डॉलर का डिविडेंड जारी करेंगे, बशर्ते नवंबर के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में अपना नियंत्रण बनाए रखे। ट्रंप ने भुगतान की एक शर्त भी बताई। उन्होंने कहा, “इस रकम को अमेरिका के भीतर ही खर्च करना होगा। यानी लाभार्थी इस पैसे को देश के बाहर खर्च नहीं कर सकेंगे। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि योजना को किस तरह लागू किया जाएगा और इसके लिए पैसा कहां से आएगा।” अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस भुगतान की तुलना किसी सफल कंपनी द्वारा अपने शेयरधारकों को दिए जाने वाले लाभांश से की। उन्होंने कहा कि अगर रिपब्लिकन जीतते हैं तो जनता भी उनके साथ जीतेगी और उसे 5,000 डॉलर मिलेंगे। हाउस और सीनेट पर कब्जा बनाए रखने के लिए रिपब्लिकन कैंपेन के केंद्र में ट्रंप खुद को देखना चाहते हैं। राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने वोटरों से कहा कि वे इस मुकाबले को ऐसे देखें जैसे वे खुद चुनाव लड़ रहे हों। ट्रंप ने कहा, “जब मैं मैदान में होता हूं, तो रिपब्लिकन हमेशा बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं। हमने तीन बार राष्ट्रपति पद जीता है।” उन्होंने कहा, “मैं आपसे गुजारिश करता हूं कि आप ऐसा सोचें कि मैं ही चुनाव लड़ रहा हूं… बस एक बार और। क्योंकि अगर हम हार गए, तो आप अपनी सीमा खो देंगे, टैक्स में कटौती का फायदा खो देंगे, अपनी सुरक्षा और हिफाजत खो देंगे। ” वोटिंग से पहले के आखिरी हफ्तों में जोरदार कैंपेन शेड्यूल का वादा करते हुए, ट्रंप ने कहा कि वे उन राज्यों का दौरा करेंगे जहां कांग्रेस के लिए कड़ा मुकाबला है और रिपब्लिकन उम्मीदवारों की रैलियों में शामिल होंगे। ट्रंप ने कहा, “मैं कांग्रेसमैन और सीनेटरों के लिए उन सभी राज्यों में जाऊंगा… और हम रैलियां करेंगे।” राष्ट्रपति ने बार-बार अपने समर्थकों को अमेरिका में कम्युनिज्म के खतरे के बारे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “हमारे देश पर एक अजीब, बीमार बादल छाया हुआ है… हम अमेरिका में कम्युनिज्म को हराएंगे।” अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने ईरान का भी जिक्र किया और अमेरिका की ओर से और सैन्य कार्रवाई करने की धमकी दोहराई। ट्रंप ने कहा, “मैं ईरान को सलाह दूंगा कि वह चालाकी न करे, क्योंकि हमें उन पर बहुत जोरदार हमला करना पड़ेगा। हमारे पास कोई और रास्ता नहीं है, है ना? हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। क्या यहां किसी को लगता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना चाहिए?” राष्ट्रपति ने यह भी सुझाव दिया कि न्यू मैक्सिको राज्य का नाम बदलकर “न्यू अमेरिका” कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमने हाल ही में एक नाम सोचा है, जो हमें सही लगता है। आपका पड़ोसी राज्य न्यू मैक्सिको है। हमें लगता है कि इसे ‘न्यू अमेरिका’ कहा जाना चाहिए।

रूस ने सूमी के शॉपिंग सेंटर पर किया ड्रोन हमला; रिहायशी इमारतों को बनाया निशाना, कई लोगों की मौत

कीव। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा ने बताया कि रूस ने बुधवार देर रात सूमी शहर के शॉपिंग सेंटर पर ड्रोन हमला किया। यह हमला लोगों को न‍िशाना बनाकर जानबूझकर कर क‍िया गया। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 20 घायल हुए हैं। यूक्रेन के व‍िदेश मंत्री एंड्री स‍िबीहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट हमले की जानकारी साझा करते हुए कहा क‍ि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कड़े प्रतिबंध और यूक्रेन को मजबूत एयर डिफेंस देना चाहिए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्‍ट पर कीव और मायकोलाइव पर हुए हमले की जानकारी साझा की। जेलेंस्की ने बताया क‍ि कीव में एक नौ मंजिला अपार्टमेंट पर हुए भीषण हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो बच्चों सहित सात लोग घायल हो गए। रूसियों ने रात भर और सुबह में मायकोलाइव में बड़े पैमाने पर हमले किए। दुखद रूप से, दो लोग मारे गए और सात अन्य घायल हो गए। मृतकों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। व‍िदेश मंत्री स‍िबीहा ने बताया क‍ि रूस ने जानबूझकर सूमी शहर के एक शॉपिंग सेंटर पर हमला किया। इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। उन्‍होंने कहा क‍ि किसी शॉपिंग सेंटर को निशाना बनाना एक सोचा-समझा फैसला होता है। रूस को पता था कि वह यह ड्रोन कहां भेज रहा है और इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। मॉस्को यह दिखा रहा है कि वह दिनदहाड़े खुले तौर पर आम नागरिकों को मारने के लिए तैयार है, क्योंकि उसे अब भी लगता है कि दुनिया रूस की हर नई हिंसक कार्रवाई को देखेगी, उसकी निंदा करेगी और फिर आगे बढ़ जाएगी। एंड्री सिबीहा ने कहा क‍ि यह सोच अब रूस के लिए एक हथियार बनती जा रही है। इसे खत्म करना होगा। उन्‍होंने कहा क‍ि रूस को यूक्रेनी नागरिकों पर हर हमले और एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के बीच सीधा संबंध दिखना चाहिए, इसमें यूक्रेन को अपने आसमान की बेहतर सुरक्षा के लिए और अधिक क्षमताएं देना, रूस के हथियार बनाने की क्षमता पर और कड़े प्रतिबंध लगाना तथा युद्ध के लिए मिलने वाले वित्तीय संसाधनों पर दबाव बढ़ाना शामिल होना चाहिए। सूमी हमले के बाद सिर्फ चिंता जताना पर्याप्त नहीं होना चाहिए। संदेश यह होना चाहिए कि रूस का हर नया हमला यूक्रेन को और मजबूत तथा रूस को और कमजोर बनाएगा। रूस के हर हमले का जवाब उसकी अगला हमला करने की क्षमता को कम करके दिया जाना चाहिए। इसी तरह आतंक और हिंसा के इस चक्र को रोका जा सकता है।

देश का प्रतिनिधित्व करना खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव लाता है: रोहित राजपाल

नई दिल्ली। डेविस कप में भारत के नॉन-प्लेइंग कप्तान रोहित राजपाल ने कहा कि एशियन गेम्स और डेविस कप जैसे बड़े इवेंट्स में देश के लिए खेलना, पूरे साल व्यक्तिगत इवेंट्स खेलने की तुलना में एक अलग स्तर की जिम्मेदारी लाता है। बीजिंग में 1990 के एशियन गेम्स में टेनिस में कांस्य पदक जीतने वाले राजपाल ने भरोसा जताया कि टेनिस आने वाले मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में भी पदक जीतने का अपना मजबूत रिकॉर्ड बनाए रखेगा। एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में खेला जाएगा। वहीं, डेविस कप में 18 और 19 सितंबर को भारतीय टीम सियोल में डेविस कप वर्ल्ड ग्रुप क्वालिफायर राउंड 2 में दक्षिण कोरिया से भिड़ेगी। राजपाल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “डेविस कप या एशियन गेम्स में खेलते समय अपने देश और अपने झंडे के लिए खेलने का एक अलग तरह का दबाव होता है। देश का प्रतिनिधित्व करते समय जिम्मेदारी बढ़ जाती है।” हालांकि, भारत के टेनिस दल को चौंकाने वाले तरीके से 12 से घटाकर सात कर दिया गया, जिससे महिला एकल में कोई भी हिस्सा नहीं मिला, राजपाल ने जापान से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, “मैं एशियन गेम्स का मेडलिस्ट हूं। हमने हमेशा मेडल टैली में योगदान दिया है। टेनिस ने हमेशा योगदान दिया है और हमने भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले एशियन गेम्स में भी, अगर मुझे याद है, तो हमारे पास तीन या चार मेडल थे। हम इस बार भी निश्चित रूप से योगदान देंगे।” राजपाल ने आईटीएफ सर्किट पर जूनियर करियर से एटीपी टूर पर जाने-माने प्रोफेशनल बनने के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के सामने आने वाली हमेशा की चुनौती पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के आधुनिक तरीके और सपोर्ट सिस्टम तेजी से फिजिकल गैप को कम कर रहे हैं। यह बदलाव पारंपरिक रूप से बहुत मुश्किल काम रहा है क्योंकि जेनेटिकली, भारतीय, उदाहरण के लिए, यूरोपियन या अमेरिकन्स की तुलना में देर से परिपक्व होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारी पारिवारिक परवरिश कैसे हुई है। 17 और 18 साल की उम्र में भी खिलाड़ी बच्चों की तरह बर्ताव करते हैं। उन्होंने यूरोपियन और अमेरिकन खिलाड़ियों पर कहा, “वहां, आपको उस उम्र में अपना घर छोड़कर काम करना और अपना खर्च खुद उठाना शुरू करना होता है। एक बार जब आप यह कर लेते हैं, तो आपसे उम्मीद की जाती है कि आप वहां से अपनी जिंदगी खुद बनाएंगे। तो, ये सभी चीजें असल में आपकी व्यक्तित्व विकास के तौर पर सामने आती हैं। यह कोर्ट पर या आपके द्वारा खेले जाने वाले किसी भी खेल में दिखता है। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, यह बदल रहा है क्योंकि खेल बहुत ज्यादा फिजिकल हो गया है।” उन्होंने आगे कहा कि शारीरिक और मानसिक अंतर को भरने के लिए संरचनात्मक समर्थन की जरूरत होती है क्योंकि खिलाड़ी टूर पर अनुभवी प्रतियोगी का सामना करने के लिए आगे आते हैं जो अक्सर उनसे कई साल बड़े होते हैं। हमारे पास अच्छे फिजियो होते हैं और लड़के सच में उस गैप को भरने पर फोकस करते हैं। राजपाल ने कहा, “होता यह है कि जब आप अचानक जूनियर्स के साथ खेल रहे होते हैं और आप 18 का मार्क पार कर लेते हैं और आप खेलना शुरू कर देते हैं या उससे भी पहले, मेन्स गेम में शामिल हो जाते हैं, तो आप अचानक ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ खेल रहे होते हैं जो आपसे 10 साल बड़े और ज्यादा मजबूत और परिपक्व होते हैं। आपको उनसे मैच करने की जरूरत होती है और यहीं से समस्या शुरू होती है। ये बदलाव के दौरान आने वाली परेशानियां हैं जिनका सामना हर खिलाड़ी करता है। अब हम इसमें बेहतर और बेहतर होते जा रहे हैं।

दीया मिर्जा ने परिवार संग बिताए सुकून के पल, बोलीं-बाहर जाओ, सब रीसेट हो जाता है

मुंबई। एक्ट्रेस और पर्यावरण के लिए काम करने वाली दीया मिर्जा ने हाल ही में अपने परिवार के साथ सुकून भरे पल बिताए। एक्ट्रेस ने पति वैभव रेखी और बेटे अव्यान के साथ आउटडोर टाइम की कुछ खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की। इन तस्वीरों में दीया अपने परिवार के साथ प्रकृति के बीच समय बिताती नजर आ रही हैं। तस्वीरों में सनसेट से लेकर परिवार के साथ बिताए हल्के-फुल्के पलों तक की झलक देखने को मिली। दीया ने इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें शेयर की और बताया कि वह ऐसे समय में प्रकृति के करीब गईं, जब उनका हफ्ता काफी मुश्किल चल रहा था। उन्होंने लिखा, ”जब ऐसा लग रहा था कि सब कुछ एक साथ बिखर रहा है, उस हफ्ते प्रकृति के बीच सुकून तलाशा। क्या लाइफ सेवर रहा। बाहर जाओ। सब रीसेट हो जाता है।” इसके साथ ही दीया ने लोगों को रोजमर्रा की भागदौड़ और लगातार चीजें खरीदने-इकट्ठा करने की आदत से कुछ समय दूर रहने की सलाह भी दी। उन्होंने लिखा, ”मैं ऐसे समय और मौके का पूरा फायदा उठा रही हूं, जहां लगातार चलती इस दौड़ से खुद को थोड़ा अलग किया जा सके। कुछ पल रुकना जरूरी है।” तस्वीरों में दीया और वैभव अपने बेटे अव्यान के साथ पार्क में बैठे नजर आ रहे हैं और पिकनिक का मजा ले रहे हैं। एक तस्वीर में दोनों अपने बेटे के साथ पोज देते दिखे, जबकि बाकी तस्वीरों में परिवार के साथ बिताए कुछ प्यारे और मस्ती भरे पल कैद हैं। दीया मिर्जा ने 15 फरवरी 2021 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर पर एक निजी समारोह में वैभव रेखी से शादी की थी। दोनों का एक बेटा है, जिसका नाम अव्यान है। वैभव की पहली शादी से उनकी एक बेटी समायरा भी है। काम की बात करें तो दीया मिर्जा हाल ही में ‘ऑपरेशन सफेद सागर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ द कारगिल वॉर’ में नजर आई थीं। इस सीरीज में उन्होंने कमलप्रीत धनौआ का किरदार निभाया था। यह सीरीज 7 अगस्त 2026 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी।

मेमोरी की बढ़ती लागत के चलते एप्पल ने भारत में आईफोन की कीमतों को 40 प्रतिशत तक बढ़ाया

नई दिल्ली। एप्पल ने भारत में अपने आईफोन लाइनअप की कीमतों में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। इसकी वजह मेमोरी की बढ़ती लागत है। वहीं, कंपनी ने अपने स्मार्टफोन की नई पीढ़ी लॉन्च करने के साथ ‘आईफोन डुओ’ के साथ फोल्डेबल सेगमेंट में भी प्रवेश किया है, जिसकी कीमत 2.99 लाख रुपए निर्धारित की गई है। एप्पल ने आईफोन 17 के 256जीबी वेरिएंट की कीमत को 82,900 रुपए से बढ़ाकर 99,900 रुपए कर दिया है, जो कीमत में 17,000 रुपए या 20.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, 512जीबी वेरिएंट की कीमत 1,24,900 रुपए हो गई है, जो पहले 1,02,900 रुपए थी। इससे कीमत में 22,000 रुपए या 21.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए है, जो आईफोन 17 प्रो की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। वहीं, आईफोन 18 प्रो मैक्स की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपए है, जो 20 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, सबसे बड़ी बढ़ोतरी 1टीबी वाले आईफोन एयर की कीमत में हुई है। इसकी कीमत 40.6 प्रतिशत बढ़कर 2,24,900 रुपए हो गई है, जो पहले 1,59,900 रुपए थी। आईफोन एयर के 256जीबी और 512जीबी वेरिएंट भी 25 प्रतिशत महंगे हो गए हैं। इसके अलावा, आईफोन 17ई की शुरुआती कीमत अब 79,900 रुपए है, जो 23.1 प्रतिशत अधिक है। वहीं, 128जीबी वाले आईफोन 16 की कीमत 28.6 प्रतिशत बढ़कर 89,900 रुपए हो गई है। भारत में एप्पल के प्रो मॉडल्स की कीमतों में हुई बढ़ोतरी कई प्रमुख बाजारों की तुलना में काफी अधिक है। अमेरिका में आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स की कीमतों में क्रमशः 9 प्रतिशत और 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, भारत में आईफोन की कीमतें 20–30 प्रतिशत बढ़ी हैं, जो 8–10 प्रतिशत के वैश्विक औसत से काफी अधिक है। उन्होंने कीमतों में इस बढ़ोतरी के लिए मेमोरी की लागत, रुपए की कमजोरी और घरेलू उत्पादन की बढ़ी हुई लागत को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि आईफोन डुओ पर 20 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लग सकता है, क्योंकि इसका स्थानीय स्तर पर असेंबल नहीं किया जाता है। साइबरमीडिया रिसर्च के इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के प्रमुख प्रभु राम ने कहा कि 2,99,900 रुपए की कीमत वाला आईफोन डुओ प्रो सीरीज से ऊपर एक अल्ट्रा-प्रीमियम श्रेणी स्थापित करता है। उनके अनुसार, निकट अवधि में यह बड़े पैमाने पर बिक्री बढ़ाने वाले उत्पाद के बजाय मुख्य रूप से ब्रांड की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले उत्पाद के रूप में काम कर सकता है। राम ने कहा कि फाइनेंसिंग विकल्प प्रो मैक्स यूजर्स को आकर्षित करने में मदद कर सकते हैं, जबकि निकट अवधि में आईफोन डुओ की शिपमेंट सीमित और सप्लाई की कमी से प्रभावित रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल फोल्डेबल स्मार्टफोन कुल स्मार्टफोन शिपमेंट का 1 प्रतिशत से भी कम हैं, लेकिन एप्पल के इस सेगमेंट में प्रवेश से इसके विकास को गति मिल सकती है।

पंजाब के युवा ड्रग्स से हो रहे बर्बाद, सरकार गंभीर नहीं: राम कृपाल यादव

पटना। बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने पंजाब में ड्रग्स की समस्या, बिहार की बाढ़ और पश्चिम बंगाल में बंगाली भाषी लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष पर निशाना साधा। राम कृपाल यादव ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है और राज्य के युवा इसका शिकार होकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। पंजाब के कई युवा कभी देश की सुरक्षा बलों में सेवा देने के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब ड्रग्स की गिरफ्त में आ रहे हैं। पंजाब की मौजूदा सरकार इस गंभीर समस्या को लेकर पर्याप्त गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है और जब कोई युवा ड्रग्स के मुद्दे पर सवाल उठाता है तो उस पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ में गुलजार सिंह की आत्महत्या का जिक्र करते हुए पंजाब सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। बिहार में बाढ़ की स्थिति पर राम कृपाल यादव ने कहा कि राज्य के कई जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं। पटना, बेगूसराय समेत कई इलाकों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थिति पर चिंता जताते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दवाइयों, भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। मंत्री ने कहा कि पशुओं के लिए चारे और आश्रय की व्यवस्था सहित अन्य चीजों के लिए अधिकारियों को जरूरी राहत उपाय करने के निर्देश दिए हैं और पूरे हालात की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दवाइयों, भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए चारे और आश्रय की व्यवस्था का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग अपने गांवों से बाहर निकलने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए सूखे राशन की व्यवस्था की जा रही है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा केंद्रीय मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र पर भी राम कृपाल यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस नेतापर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाली भाषा बोलने वाले लोगों को देश के किसी भी हिस्से में रहने और अपनी आजीविका चलाने का संवैधानिक अधिकार है। दरअसल अपने पत्र में अधीर रंजन चौधरी ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और अन्य राज्यों में बंगाली भाषी भारतीय कामगारों को ‘बांग्लादेशी’ बताकर मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई थी। साथ ही कहा था कि अगर राज्य बंगाली भाषा को ही खतरा मानता है, तो संसद में बंगाली को आठवीं अनुसूची से हटाने का प्रस्ताव लाया जाए।

गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से झटका, रिहाई की मांग वाली याचिका खारिज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी और गैंगस्टर अबू सलेम की रिहाई से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह फैसला सुनाया। अबू सलेम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिला की थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए सलेम की याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले, 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सलेम की याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया था। सलेम की ओर से दाखिल याचिका में दलील दी गई थी कि जब उसे पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था, तो भारत सरकार ने आश्वासन दिया था कि उसे किसी भी मामले में मौत की सजा नहीं दी जाएगी और उसे 25 साल से अधिक की सजा नहीं दी जाएगी। उसकी तरफ से कहा गया था कि सजा में मिलने वाली छूट को जोड़ने पर उसने 25 साल की सजा पूरी कर ली है, इसलिए उसे रिहा किया जाए। सलेम का मुख्य दावा यह था कि अगर मुकदमे के दौरान हिरासत , सजा के बाद की हिरासत और अच्छे व्यवहार के लिए जेल में मिली छूट को सही ढंग से एक साथ गिना जाए, तो उसने 31 मार्च 2025 तक 25 साल का समय पूरा कर लिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि उसकी याचिका समय से पहले दायर की गई है। उसकी 25 साल की अवधि 2030 में पूरी होगी। सलेम को 2002 में पुर्तगाल में गिरफ्तार किया गया था। प्रत्यर्पण की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सलेम को 2005 में भारत लाया गया। इसके बाद उस पर टाडा के दो मामलों में मुकदमा चला, जिसमें एक 1993 के बॉम्बे धमाकों से जुड़ा था और दूसरा एक अलग मामला था। उसे क्रमशः 25 फरवरी 2015 व 7 सितंबर 2017 के फैसलों में दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

बिहार : अरुण भारती ने की सीएम सम्राट से मुलाकात, मरीन ड्राइव के गोलंबर का नाम रामविलास के नाम पर रखने की मांग ‎

‎पटना। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जमुई सांसद अरुण भारती ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर पटना स्थित मरीन ड्राइव (जेपी गंगा पथ) के एक गोलंबर का नामकरण पद्म भूषण रामविलास पासवान के नाम पर करने और वहां उनकी भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। ‎ ‎बुधवार को हुई इस मुलाकात के दौरान बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना भी मौजूद रहे। अरुण भारती ने मुख्यमंत्री के समक्ष इस मांग को भावनात्मक आग्रह के तौर पर रखा। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन गरीबों, दलितों, पिछड़ों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकार एवं सम्मान की लड़ाई में समर्पित किया। ‎ ‎ उन्होंने कहा कि पटना का मरीन ड्राइव बिहार की बदलती तस्वीर, आधुनिक विकास और नई पीढ़ी की आकांक्षाओं का प्रतीक बन चुका है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थल पर राम विलास पासवान की स्मृति को स्थायी रूप देना उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। ‎बताया गया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को गंभीरता से सुना। पार्टी नेताओं ने उम्मीद जताई कि बिहार सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेगी। इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी 31 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मरीन ड्राइव स्थित गोलंबर का नामकरण ‘पद्म भूषण श्रद्धेय रामविलास पासवान गोलंबर’ करने और वहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी। ‎चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि रामविलास पासवान सामाजिक न्याय के पुरोधा और वंचितों एवं शोषितों की आवाज थे। उन्होंने करीब पांच दशकों तक सार्वजनिक जीवन में रहते हुए गरीबों, दलितों और पिछड़ों के अधिकार तथा सम्मान के लिए काम किया। वह 9 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के सदस्य रहे तथा 6 प्रधानमंत्रियों के मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। ‎ ‎ पत्र में चिराग पासवान ने कहा था कि राष्ट्र के प्रति रामविलास पासवान की सेवाओं को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने प्रस्ताव पर कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को निर्देश देने, नोडल विभाग और पदाधिकारी नामित करने तथा प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने का भी अनुरोध किया था। ‎ ‎ पार्टी नेताओं का कहना है कि मरीन ड्राइव जैसे प्रमुख स्थल पर राम विलास पासवान की प्रतिमा और उनके नाम पर गोलंबर का नामकरण आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष और सामाजिक सरोकारों से परिचित कराने का माध्यम बनेगा। ‎