डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: 15 दिनों में 740 किलो मादक पदार्थ जब्त, 13 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने पिछले पखवाड़े के दौरान देशभर में चलाए गए आठ बड़े अभियानों में करीब 740 किलोग्राम गांजा और चरस जब्त की है। वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी बयान के अनुसार, इन कार्रवाइयों के दौरान 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जब्त मादक पदार्थों में 709.6 किलोग्राम गांजा, 24.5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हाइड्रोपोनिक कैनबिस और 5 किलोग्राम चरस शामिल है। डीआरआई को प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर अधिकारियों ने विशाखापट्टनम से आ रहे दो ट्रकों को रायपुर के निकट ओल्ड धमतरी रोड पर रोका। तलाशी के दौरान ट्रकों के लोडिंग क्षेत्र में रखी गई 10 बोरियों के भीतर छिपाए गए 61 पैकेट बरामद हुए। जांच में इनमें 375.95 किलोग्राम गांजा पाया गया। अधिकारियों ने गांजा और दोनों ट्रकों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया तथा इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, 5 और 6 सितंबर को विशेष सूचना के आधार पर डीआरआई ने पटना के निकट औरंगाबाद-पटना राजमार्ग पर एक ट्रक को रोका। मंत्रालय के अनुसार, कार्रवाई के दौरान अधिकारियों पर हमला किया गया जिसमें एक अधिकारी घायल हो गया, जबकि ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। तलाशी में ट्रक से 90 पैकेट बरामद हुए, जिनमें 140.5 किलोग्राम गांजा मिला। गांजा और वाहन को जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इससे पहले 26 अगस्त 2026 को डीआरआई अधिकारियों ने रायपुर के पास एक ट्रक से छिपाकर ले जाया जा रहा लगभग 124 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, 3 सितंबर 2026 को डीआरआई ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर अमरनाथ एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे में यात्रा कर रहे तीन लोगों को रोका। व्यक्तिगत तलाशी के दौरान करीब 5 किलोग्राम चरस (हशीश) बरामद हुई। जांच में पता चला कि दो यात्रियों ने चरस को घुटने के सपोर्ट जैसी बनावट में अपनी जांघों के आसपास छिपाया हुआ था और उसे साड़ियों के भीतर रखा गया था। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह चरस नेपाल से तस्करी कर भारत लाई गई थी। बरामद चरस को एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया तथा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बयान में आगे कहा गया कि पिछले 15 दिनों के दौरान डीआरआई ने हनोई (वियतनाम) और बैंकॉक (थाईलैंड) से आने वाले तीन यात्रियों को हैदराबाद और बेंगलुरु हवाईअड्डों पर पकड़ा। इन यात्रियों के पास से कुल मिलाकर लगभग 24.6 किलोग्राम उच्च क्षमता वाली कैनबिस बरामद की गई। अधिकारियों ने मादक पदार्थ जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, हालिया कार्रवाई देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। डीआरआई ने कहा कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर नजर रखी जा रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यूक्रेन पर रूसी हमले जारी, रिहायशी इमारत पर ड्रोन से किया हमला, दो की मौत

कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि बुधवार सुबह कीव में एक रूसी ड्रोन ने रिहायशी इमारत को निशाना बनाया, जिसमें 4 लोग घायल हुए। वहीं ओडेसा में मोल्दोवा सीमा पर स्थित अंतरराष्ट्रीय चौकी पर रातभर हुए हमले में दो लोगों की मौत और तीन घायल हुए हैं। जेलेंस्की ने कहा कि रूस रोजाना हमले कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया बेहद कम है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट पर हमले की जानकारी साझा की। जेलेंस्की ने पोस्ट में लिखा, ”आज सुबह कीव में एक रूसी ड्रोन ने एक रिहायशी बहुमंजिला इमारत को निशाना बनाया। इस हमले में चार लोग घायल हो गए। हमेशा की तरह, हमारे बचावकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और अब आग पर काबू पा लिया गया है।” उन्होंने बताया कि रातभर ओडेसा ओब्लास्ट में मोल्दोवा की सीमा पर स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकी ‘स्टारोकोजाचे’ पर हमला किया गया। वहां का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है। दुर्भाग्य से इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। बचावकर्मियों ने 16 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मैं उन लोगों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि रूस के हमलों के बाद निप्रो, मायकोलाइव, जापोरिज्जिया, खार्किव ओब्लास्ट, जाइटॉमिर ओब्लास्ट और कीव ओब्लास्ट में भी नुकसान की स्थिति से निपटने का काम जारी है। जेलेंस्की ने कहा कि दुर्भाग्य से, इन हमलों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया बहुत कम रही है, जबकि ये हमले लगभग हर दिन लोगों की जान ले रहे हैं। इसका जवाब दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस आक्रामकता को यहीं और अभी रोकना होगा, ताकि यह और आगे न फैले। मॉस्को को यह नहीं सोचना चाहिए कि मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए आतंक फैलाने पर उसे कोई सजा या परिणाम नहीं भुगतने पड़ेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि जो सहयोगी देश मदद कर सकते हैं, उन्हें अच्छी तरह पता है कि हर दिन किस तरह की सहायता की जरूरत है। और जो भी लोग अपनी क्षमता के अनुसार हमारी मदद कर रहे हैं, मैं उन सभी का दिल से धन्यवाद करता हूं।
एवीसी मेंस वॉलीबॉल एशियन चैंपियनशिप: ओमान पर बहरीन की जीत से भारत को मिला क्वार्टर फाइनल का टिकट

फुकुओका (जापान)। भारत एवीसी मेंस वॉलीबॉल एशियन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया है। भारतीय टीम पूल में तीसरे स्थान पर रहने वाली दो सबसे अच्छी रैंकिंग वाली टीमों में से एक के तौर पर आगे बढ़ी है। बुधवार को ओमान पर बहरीन की 3-0 से जीत ने भारत की अंतिम आठ में जगह पक्की कर दी। 2019 के बाद से भारत इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है। फुकुओका में हो रहा यह टूर्नामेंट लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों और 2027 एफआईवीबी मेेंस वॉलीबॉल वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफिकेशन इवेंट है।भारत ने मंगलवार को एवीसी मेंस वॉलीबॉल एशियन चैंपियनशिप में अपनी पहली जीत दर्ज की, जिससे क्वार्टर फाइनल में बची हुई आखिरी जगह पाने की उनकी उम्मीदें बनी रहीं। मंगलवार के शुरुआती मैच में, भारत ने पूल बी में तीसरे स्थान के लिए हुए निर्णायक मुकाबले में न्यूजीलैंड को 3-0 (25-22, 25-18, 25-21) से हराया। इस जीत से भारतीय टीम पूल में तीसरे स्थान पर रहने वाली दो सबसे अच्छी रैंकिंग वाली टीमों में से एक के तौर पर क्वार्टर फाइनल की दौड़ में बनी रही। भारत के ऑपोजिट और कप्तान जेरोम विनिथ चार्ल्स ने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई और मैच में सबसे ज्यादा 19 प्वाइंट हासिल किए, जिसमें दो ‘किल ब्लॉक’ भी शामिल थे। आउटसाइड हिटर चिराग यादव (तीन ऐस, एक ब्लॉक) और अमित बलवान सिंह (दो ब्लॉक) ने क्रमशः 14 और 13 प्वाइंट जोड़े। क्वार्टर फाइनल के लिए भारत का क्वालिफिकेशन पूल ए की दो अन्य टीमों ओमान और बहरीन के बीच बुधवार को होने वाले मैच के नतीजे पर निर्भर था। स्थिति यह थी कि अगर ओमान बहरीन के खिलाफ तीन प्वाइंट हासिल कर लेता, तो वह क्वार्टर फाइनल की दौड़ में भारत से आगे निकल जाता। बहरीन की ओमान पर जीत से वह और भारत प्वाइंट अनुपात (प्वाइंट रेश्यो) की स्थिति में आ जाते। बाकी सभी स्थितियों में भारत अंतिम आठ में जगह बना लेता। जापान ने ऑस्ट्रेलिया को 3-0 (25-20, 25-13, 25-21) से हराकर बिना कोई मैच हारे पूल में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया 2-1 के जीत-हार रिकॉर्ड के साथ दूसरे स्थान पर रहा। दोनों टीमें पहले ही क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर चुकी थीं।
जीएमसीएच-चंडीगढ़ में प्रोजेक्ट नर्स सहित कई पदों पर नौकरी का अवसर, 14 सितंबर अंतिम तिथि

चंडीगढ़। देश के किसी प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक शानदार मौका सामने आया है। दरअसल, सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच), चंडीगढ़ ने प्रोजेक्ट नर्स सहित विभिन्न 9 पदों पर योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन मांगे हैं। जीएमसीएच-चंडीगढ़ की ओर से जारी 9 रिक्तियों में प्रोजेक्ट टेक्निकल सपोर्ट-III का 1, प्रोजेक्ट नर्स-III (भर्ती) के 6, प्रोजेक्ट नर्स-III (फ़ॉलो-अप) का 1 और प्रोजेक्ट नर्स-III (क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट) का 1 पद शामिल हैं। इन सभी पोस्ट के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 14 सितंबर तक तय की गई है। ऐसे में एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय अंतिम तिथि की शाम 5 बजे तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर लें। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से पद से संबंधित क्षेत्र के अनुसार फुल-टाइम ग्रेजुएट/डिप्लोमा/पीजी होनी चाहिए। वहीं, सभी पोस्ट के लिए आवेदकों की अधिकतम आयु 35 वर्ष तय की गई है। हालांकि, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। योग्य अभ्यर्थियों का चयन योग्यता और अनुभव के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, स्क्रीनिंग परीक्षा (जरूरत पड़ने पर), बातचीत और/या इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी सभी पदों के लिए 33,600 रुपए प्रति माह होगी। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले जीएमसीएच-चंडीगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर जाने के बाद संबंधित पोस्ट के लिए जारी अधिसूचना लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद नोटिफिकेशन में दिए गए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट निकाल लें। फिर फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को दर्ज करें। सभी संबंधित डॉक्यूमेंट्स को आवेदन के साथ अटैच करें। इसके बाद सभी को एक लिफाफे में डालकर डाक के माध्यम से ‘नियोनेटोलॉजी विभाग, लेवल-4, ब्लॉक डी,सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सेक्टर 32, चंडीगढ़’ पते पर तय समय सीमा के अंदर पहुंचा दें। कैंडिडेट्स ध्यान दें कि उम्मीदवारों के चयन का शेड्यूल, शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की सूची और सभी नतीजे जीएमसीएच की वेबसाइट पर पब्लिश किए जाएंगे। किसी को भी फोन या ईमेल से कोई व्यक्तिगत सूचना नहीं भेजी जाएगी। वहीं, जीएमसीएच-चंडीगढ़ की ओर इन पदों पर शुरुआती नियुक्ति छह महीने के लिए होगी, जिसे उम्मीदवारों की संतोषजनक प्रदर्शन, फंड की उपलब्धता और प्रोजेक्ट की जरूरतों के आधार पर और बढ़ाया जा सकता है। इसी के साथ यह नियुक्ति अस्थायी आधार पर होगी और प्रोजेक्ट के साथ ही समाप्त हो जाएगी।
बागेश्वर बाबा के खिलाफ कांग्रेस की शिकायत पर सियासी घमासान, भाजपा ने किया पलटवार

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन और उसकी बिक्री पर रोक लगाने की अपील को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री विवादों में घिर गए हैं। उनके इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने उनके खिलाफ कोलकाता के भवानीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस की इस शिकायत के बाद अब इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है और भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पटना में बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कांग्रेस की शिकायत पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को देश विरोधी काम करने में आनंद आता है। देश के संत-महात्माओं को अपमानित करने में आनंद आता है। भारतीय संस्कृति का अपमान करने में आनंद आता है। जहां भी देशभक्ति की बात होती है, उन्हें दिक्कत होती है।” चंद्रवंशी ने कहा कि बाबा बागेश्वर ने तो सिर्फ मां दुर्गा की पूजा की पवित्रता बनाए रखने की बात कही थी, इसमें गलत क्या है। कांग्रेस तुष्टिकरण के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। पश्चिम बंगाल के जगतदल में मंत्री अर्जुन सिंह ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “जहां तक कांग्रेस की बात है, उन्होंने तो उन संतों और साधुओं पर भी गोलियां चलवाई थीं जो गोहत्या के विरोध में प्रदर्शन करने गए थे। इसलिए, कांग्रेस को छोड़िए। उनके लिए हम बस इतना ही कह सकते हैं: भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे।” रांची में बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा, “बाबा बागेश्वर के साथ कांग्रेस का हमेशा से प्यार-नफरत वाला रिश्ता रहा है। वे एक बाबा हैं। जब भी किसी सनातनी बाबा की बात आती है, तो कांग्रेस का इतिहास हमेशा ऐसा ही रहा है।” प्रतुल शाह देव ने कहा, “जब चंद्रास्वामी जैसे चमत्कारी बाबा होते थे, तो वे सरकारें चलाते थे। कांग्रेस के शासनकाल में सनातन धर्म की प्रमुख हस्तियों, जिनमें बाबा और धार्मिक गुरु शामिल हैं, को लगातार निशाना बनाया गया है। क्या कांग्रेस में इतनी हिम्मत है कि वह किसी मुस्लिम धार्मिक नेता के बारे में भी वही बात कहे जो वह बाबा बागेश्वर के बारे में कह रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सनातन धर्म को निशाना बनाकर वोट बैंक की राजनीति कर रही है लेकिन जनता सब देख रही है।
राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है। उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा। बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था। समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।
जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य मंत्री से आश्वासन मिलने के बाद मेडिकल इंटर्न ने हड़ताल खत्म की

श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू से स्टाइपेंड में 30 दिनों के अंदर बदलाव का भरोसा मिलने के बाद मेडिकल इंटर्न 9 दिन बाद बुधवार को अपनी ड्यूटी पर लौट आए। सरकार के साथ बातचीत में गतिरोध इसलिए पैदा हुआ था, क्योंकि मेडिकल इंटर्न मांग कर रहे थे कि सरकार उन्हें औपचारिक आश्वासन दे। सकीना इत्तू ने मंगलवार शाम को विरोध कर रहे मेडिकल इंटर्न के प्रतिनिधियों को बातचीत के एक नए दौर के लिए बुलाया। बैठक के बाद यह तय हुआ कि सरकार, स्टाइपेंड बढ़ाने वाली समिति की सिफारिशों के अनुसार, 30 दिनों के भीतर इंटर्न के स्टाइपेंड में संशोधन करेगी। स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई इस बैठक में मेडिकल इंटर्न के प्रतिनिधियों, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्रिंसिपल और कश्मीर के डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज का प्रतिनिधित्व करने वाले डिप्टी डायरेक्टर (प्लानिंग) शामिल हुए। जम्मू-कश्मीर के एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला तब किया जब सरकार ने “लिखित” आश्वासन दिया कि स्टाइपेंड का मुद्दा एक महीने के भीतर सुलझा लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद इंटर्न ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी और काम पर लौट आए। श्रीनगर में बेमिना मेडिकल कॉलेज के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे मेडिकल इंटर्न ने भी अपना अनशन खत्म कर दिया और काम पर लौटने का फैसला किया। मेडिकल इंटर्न अपने मासिक स्टाइपेंड को 12,300 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे थे। विरोध कर रहे इंटर्न का तर्क था कि रहने-सहने का खर्च कई गुना बढ़ जाने के बावजूद स्टाइपेंड 2019 से उतना ही बना हुआ था। मेडिकल इंटर्न इमरजेंसी, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर में काम करते हैं और अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल करते हैं। वे जम्मू-कश्मीर में हेल्थकेयर सिस्टम का एक अहम हिस्सा हैं। सीनियर डॉक्टरों ने मेडिकल इंटर्न की मांग का समर्थन किया था। डॉक्टर्स एसोसिएशन कश्मीर (डीएके), जम्मू-कश्मीर डॉक्टर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी (जेकीडीसीसी) जैसे संगठनों और राजनीतिक हस्तियों ने लंबे समय तक काम करने और रहने-सहने के बढ़ते खर्च का हवाला देते हुए इस आंदोलन का समर्थन किया।
डेटा लीक को लेकर दक्षिण कोरिया गंभीर, जेंडर मंत्रालय कानूनी कार्रवाई पर कर रहा विचार

सोल। दक्षिण कोरिया में डेटा लीक को लेकर फिक्र जाहिर की गई है। महिलाओं और परिवार से जुड़े मामलों के मंत्रालय ने डेटा लीक मामले में गूगल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना पर विचार शुरू कर दिया है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब देश में संवेदनशील सरकारी और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, मंत्रालय इस बात की जांच कर रहा है कि डेटा लीक कैसे हुआ और इसमें गूगल की सेवाओं या उसके डेटा प्रबंधन तंत्र की क्या भूमिका रही। अधिकारियों का मानना है कि यदि जांच में कंपनी की लापरवाही या कानूनी जिम्मेदारी सामने आती है, तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। दक्षिण कोरिया में यह मुद्दा इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि सरकार पिछले कुछ समय से डिजिटल अपराधों, खासकर महिलाओं से जुड़े ऑनलाइन अपराधों और अवैध यौन सामग्री के प्रसार के खिलाफ अभियान तेज कर रही है। सरकार की चिंता केवल यह नहीं है कि आपत्तिजनक सामग्री इंटरनेट पर मौजूद है, बल्कि यह भी है कि एक बार सामग्री हटाए जाने के बाद वह दूसरे प्लेटफॉर्म या नए वेबसाइट पते के जरिए फिर सामने आ जाती है। इसी वजह से प्रशासन अब ऐसे नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की रणनीति पर काम कर रहा है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में दक्षिण कोरिया में डिजिटल यौन अपराधों के 17,629 मामले दर्ज किए गए। यह संख्या 2024 की तुलना में 4.7 प्रतिशत अधिक है। सरकार का कहना है कि उसने इस दौरान 15 लाख से ज्यादा आपत्तिजनक यौन सामग्री हटाने की कार्रवाई की और 53,000 से अधिक पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराई। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल अपराधों की प्रकृति तेजी से बदल रही है। अपराधी तकनीक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके पीड़ितों की निजी तस्वीरों या जानकारी का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे में केवल अपराधियों को पकड़ना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन तकनीकी प्रणालियों की जवाबदेही भी तय करनी होगी जिनके जरिए इस तरह की सामग्री या डेटा का प्रसार होता है। इसी व्यापक संदर्भ में गूगल के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई को देखा जा रहा है। यदि मंत्रालय आगे बढ़कर मामला दर्ज करता है, तो यह दक्षिण कोरिया में बड़ी टेक कंपनियों की जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। दक्षिण कोरिया सरकार पहले ही डिजिटल प्लेटफॉर्मों से अवैध और नुकसानदेह सामग्री पर तेजी से कार्रवाई करने की अपेक्षा कर रही है। जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि डेटा लीक का वास्तविक दायरा क्या था, संवेदनशील जानकारी किस तरह बाहर आई, और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।
एमपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं पर छात्रों के गुस्से को नजरअंदाज न करे सरकार: शिवसेना (यूबीटी)

मुंबई। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) से जुड़े विवाद को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए, शिवसेना (यूबीटी) ने बुधवार को राज्य नेतृत्व को प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के बीच बढ़ते आक्रोश को नजरअंदाज न करने की चेतावनी दी और कहा कि अगर छात्रों के असंतोष को अनियंत्रित छोड़ दिया गया तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। ठाकरे खेमे ने पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में पुणे, कोल्हापुर, छत्रपति संभागीनगर और अमरावती सहित प्रमुख शहरों में हजारों प्रतियोगी परीक्षा उम्मीदवारों के सड़कों पर उतरने का जिक्र किया, जो एमपीएससी के भ्रष्ट नेतृत्व को तत्काल हटाने, डेटा लीक की पूरी और निष्पक्ष जांच और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता लागू करने की मांग कर रहे थे। संपादकीय में आयोग के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार की कड़ी आलोचना की गई और एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के दौरान हुए लीक का जिक्र किया गया। इसमें आरोप लगाया गया कि सरकारी पदों की लाखों रुपये में नीलामी की जा रही है, जिससे मेहनती और ईमानदार उम्मीदवारों के सपने चकनाचूर हो रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए ठाकरे खेमे ने कहा कि जहां छोटे-मोटे अपराधियों को पकड़ा जा रहा है, वहीं इस रैकेट के मास्टरमाइंड, सरगना और राजनीतिक रूप से जुड़े संरक्षक सरकारी संरक्षण में खुलेआम घूम रहे हैं। सामना के संपादकीय में कहा गया कि परीक्षा पत्रों को लाखों रुपये में बेचना सरकारी नौकरी पाने की आकांक्षा रखने वाले मेहनती छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर देता है। हालांकि छोटे-मोटे अपराधियों को निशाना बनाया गया है, लेकिन छात्र इस बात से नाराज हैं कि पेपर लीक सिंडिकेट के प्रमुख सूत्रधार और उच्च स्तरीय समर्थक अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। राजनीतिक अस्थिरता और संस्थागत पतन के बीच स्पष्ट तुलना करते हुए संपादकीय में कहा गया कि आयोग में बैठे लोग परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करते हैं, जबकि सरकार में बैठे लोग राजनीतिक दलों, विधायकों और पार्षदों को लीक करते हैं। दोनों का धंधा एक ही है। पुणे में प्रदर्शनकारियों ने भी इसी भावना को व्यक्त करते हुए पोस्टरों पर पूछा कि क्या आप विधायकों को तोड़ने के लिए ही सत्ता में बैठे हैं? पिछले एक दशक में राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के व्यापक प्रभाव की ओर इशारा करते हुए, संपादकीय में शीर्ष नेतृत्व को उन कागजी सूचनाओं के लीक को रोकने में विफल रहने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है, जो युवा करियर को बर्बाद करना जारी रखे हुए हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने आंदोलनकारी छात्रों की अनदेखी करने और ठेकेदारों से बातचीत करने के लिए वातानुकूलित कार्यालयों में दुबके रहने के लिए राज्य मंत्रियों की निंदा की। संपादकीय में शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के शिवशाही युग के शासन मॉडल को याद किया गया, जिसमें मंत्रियों को सख्ती से निर्देश दिए गए थे कि वे बाहर निकलें, प्रदर्शनकारियों से आमने-सामने मिलें और जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। इसके विपरीत, वर्तमान प्रशासन को एक निष्क्रिय, संवादहीन इकाई के रूप में वर्णित किया गया, जो युवाओं की चिंताओं से पूरी तरह से अलग है। ठाकरे खेमे ने पेपर लीक घोटाले में शामिल सभी दोषियों और साजिशकर्ताओं की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा, “विभाजन और दलबदल से बनी सरकार लीक के अलावा कुछ नहीं दे सकती। आग से मत खेलो। अगर छात्रों का बढ़ता गुस्सा बेकाबू हो गया, तो यह खोखली सरकार पूरी तरह राख हो जाएगी।
भारत-जापान का ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास, जोधपुर में गरजेंगे एफ-2 लड़ाकू विमान

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के बीच संयुक्त हवाई अभ्यास ‘वीर गार्जियन 2026’ बुधवार से जोधपुर में शुरू हो गया। 9 सितंबर से प्रारंभ हुआ यह अभ्यास 22 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का उद्देश्य भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है। जापान के एफ-2 लड़ाकू विमानों की भागीदारी इस अभ्यास में देखने को मिलेगी। जापानी एफ-2 लड़ाकू विमानों को मौजूदगी भी इस अभियान को खास बनाती है। दोनों देशों के वायु योद्धा यहां एक-दूसरे के ऑपरेशनल तौर-तरीकों को समझने के साथ-साथ संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय विकसित करेंगे। यह ‘वीर गार्जियन’ का दूसरा संस्करण है। अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए जापानी वायुसेना की टुकड़ी पहले ही जोधपुर पहुंच गई है। जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के दो सी-2 परिवहन विमान जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर उतरे थे। इनके पहुंचने के साथ ही जापानी दल ने अभ्यास में अपनी भागीदारी शुरू कर दी है। वायुसेना के मुताबिक, ‘वीर गार्जियन 2026’ के दौरान दोनों देशों की वायु सेनाएं विभिन्न हवाई अभियानों और ऑपरेशनल गतिविधियों में हिस्सा लेंगी। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों वायु सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल, युद्धक क्षमताओं और आपसी समझ को बेहतर बनाना है। जोधपुर का आसमान आने वाले दिनों में भारत और जापान के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की गतिविधियों का गवाह बनेगा। जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के एफ-2 लड़ाकू विमान भी इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान इनके साथ संयुक्त हवाई अभियानों का अभ्यास करेंगे। अभ्यास के दौरान पायलटों और वायुसेना के कर्मियों को अलग-अलग ऑपरेशन व परिस्थितियों में साथ काम करने का अवसर मिलेगा। इससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी संयुक्त रूप से प्रभावी ढंग से अभियान चलाने की क्षमता और मजबूत होगी। भारतीय वायुसेना और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के बीच ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास दोनों देशों के बढ़ते रक्षा और रणनीतिक सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नियमित सैन्य अभ्यासों के जरिए दोनों देश एक-दूसरे के अनुभव, तकनीक और परिचालन क्षमताओं से सीख रहे हैं। भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह अभ्यास परिचालन तालमेल बढ़ाने, कौशल को और निखारने तथा दोनों देशों के बीच आपसी समझ को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि ‘वीर गार्जियन 2026’ भारत और जापान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रता और रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देने के साथ दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच भरोसे और सहयोग को भी और मजबूत करेगा।