झारखंड : गिरिडीह में 30 हजार रुपये रिश्वत लेते साइबर सेल का सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार

गिरिडीह। झारखंड में सरकारी कामकाज के बदले रिश्वत मांगने के मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को गिरिडीह साइबर थाना के सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता जीवलाल मंडल ने एसीबी से शिकायत की थी कि साइबर थाना कांड संख्या 24/26 की केस डायरी अदालत भेजने के एवज में उससे रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने आरोपों का सत्यापन कराया। आरोप की पुष्टि होने पर धावा दल गठित किया गया। बुधवार को शिकायतकर्ता ने तय योजना के तहत सब-इंस्पेक्टर को 30 हजार रुपये दिए। रकम लेते ही एसीबी टीम ने गौतम को पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद करने के बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इससे पहले तीन सितंबर को गुमला जिले के पालकोट प्रखंड कार्यालय में एसीबी ने ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर हरीश प्रजापति को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उन्होंने एक सरकारी काम के बदले यह राशि मांगी थी। अगस्त के अंतिम सप्ताह में सीबीआई की रांची एंटी करप्शन ब्रांच ने क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में कार्रवाई की थी। एजेंसी ने वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष महतो, सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार और सुजीत सिंह को 48,400 रुपये की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। यह रकम सीआईएसएफ कर्मियों से जुड़े बिलों के निपटारे के एवज में मांगे जाने का आरोप था। इससे पहले 20 अगस्त को एसीबी की जमशेदपुर टीम ने पश्चिमी सिंहभूम के बंदगांव थाना प्रभारी सह सब-इंस्पेक्टर मनीष कुमार को 15 हजार रुपये लेते पकड़ा था। आरोप था कि एक मामले में शिकायतकर्ता का पक्ष लेने के लिए रिश्वत मांगी गई थी।

दलीप ट्रॉफी फाइनल: कप्तान तिलक वर्मा शतक से चूके, पहली पारी में साउथ जोन 372 रन से पिछड़ा

चेन्नई। एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में चौथे दिन साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर सिमट गई। साउथ जोन पहली पारी के आधार पर ईस्ट जोन से 372 रन से पिछड़ गई है। साउथ जोन ने चौथे दिन के खेल की शुरुआत 6 विकेट के नुकसान पर 242 रन से की। टीम की सबसे बड़ी उम्मीद कप्तान तिलक वर्मा थे। वर्मा 56 के स्कोर पर नाबाद थे। उनके साथ चामा मिलिंद 2 रन पर नाबाद थे। दोनों ने साउथ जोन की पारी आगे बढ़ाई। सातवें विकेट के लिए दोनों ने 78 रन की साझेदारी कर टीम का स्कोर 318 तक पहुंचाया। इसी स्कोर पर मिलिंद 43 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद पारी लंबी नहीं चली। कप्तान तिलक वर्मा अपना शतक चूक गए। वह आखिरी विकेट के रूप में आउट हुए। तिलक 1 रन से अपना शतक चूक गए। वह 211 गेंदों पर 99 रन बनाकर आउट हुए। साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर सिमट गई। ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार ने 3, जबकि मोहम्मद शमी, कुनैन कुरैशी और शिखर मोहन ने 2-2 विकेट लिए। इससे पहले ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए थे। विकेटकीपर बल्लेबाज और कप्तान ईशान किशन ने सर्वाधिक 270 रन की पारी खेली थी। इसके अलावा, कुमार कुशाग्र ने 101, शिखर मोहन ने 85 और अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन बनाए थे। साउथ जोन के लिए त्रिपुराना विजय ने 4, चिमा मिलिंद और श्रेयस गोपाल ने 2-2 और शेख रशीद ने 1 विकेट लिए। ईस्ट जोन के पास साउथ जोन को फॉलोऑन खिलाने का मौका था, लेकिन उन्होंने बल्लेबाजी करने का फैसला लिया है। खबर लिखे जाने तक ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी में 13 रन पर 2 विकेट गंवा दिए हैं। आउट होने वाले बल्लेबाजों में वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन हैं। ईस्ट जोन की कुल बढ़त फिलहाल 385 रन है।

हिंदू मुन्नानी ने पूरे तमिलनाडु में 1.5 लाख स्थानों पर गणेश मूर्ति स्थापना की योजना बनाई

चेन्नई। आगामी विनायक चतुर्थी समारोह के उपलक्ष्य में हिंदू मुन्नानी तमिलनाडु राज्य में 1.5 लाख स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना और पूजा के लिए व्यापक व्यवस्था कर रहा है। योजनाबद्ध तरीके से लगाए जाने वाले ये पंडाल शहरों, कस्बों और गांवों को कवर करेंगे, जिससे महोत्सव की पहुंच पूरे राज्य में व्यापक हो जाएगी। जिला स्तरीय आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि वे समारोहों का सावधानीपूर्वक समन्वय करें और यह सुनिश्चित करें कि पूजा कार्यक्रम और मूर्ति विसर्जन जुलूस दोनों ही व्यवस्थित तरीके से आयोजित किए जाएं। संगठन के नेताओं ने कहा कि विसर्जन जुलूसों का प्रबंधन इस तरह से करने के लिए स्थानीय इकाइयों को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं जिससे जनता को कोई असुविधा न हो। इन निर्देशों का उद्देश्य आयोजकों को सभाओं को विनियमित करने, जुलूसों की आवाजाही का समन्वय करने और यह सुनिश्चित करने में मदद करना है कि उत्सवों के दौरान नियमित यातायात और सार्वजनिक गतिविधियों में कम से कम व्यवधान हो। इस वर्ष के समारोहों में पर्यावरण संरक्षण भी एक प्रमुख विचारणीय विषय होगा। हिंदू मुन्नानी ने अपने आयोजकों से अनुरोध किया है कि वे रसायनों या अन्य ऐसी सामग्रियों से बनी मूर्तियों का उपयोग न करें जो जल निकायों को प्रदूषित कर सकती हैं। पूरी तरह से प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों से निर्मित मूर्तियों की स्थापना और पूजा को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। चेन्नई में विशेष रूप से बड़े पैमाने पर उत्सव मनाए जाने की उम्मीद है, क्योंकि शहर भर में 5,501 स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है। उत्तरी चेन्नई के एर्नावुर में विशाल मूर्तियां बनाने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं, जहां कारीगर और आयोजक त्योहार से पहले काम में जुटे हुए हैं। चेन्नई के जिन प्रमुख क्षेत्रों में संगठन की देखरेख में मूर्तियां स्थापित की जाएंगी, उनमें वल्लुवर कोट्टम, ट्रिप्लिकेन, उत्तरी चेन्नई और कोट्टिवक्कम शामिल हैं। इन स्थानों को पूजा-अर्चना और त्योहार से संबंधित गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में उपयोग किए जाने की उम्मीद है। संगठन ने विनायक चतुर्थी से पहले 10 दिनों का एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान भी शुरू किया है। पदाधिकारियों ने कहा कि इस अवधि का उपयोग श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों को समारोहों के लिए तैयार करने के साथ-साथ स्थानीय और जिला स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए किया जाएगा। आयोजकों से अपेक्षा की जाती है कि वे स्थापना स्थलों और विसर्जन मार्गों की योजना बनाते समय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे। हिंदू मुन्नानी के नेताओं ने कहा कि इस त्योहार को भक्ति, जन सहयोग और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ मनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पूरे तमिलनाडु में तैयारियां जारी रहेंगी क्योंकि स्थानीय इकाइयां पूजा और विसर्जन समारोहों के लिए स्थानों की पहचान कर रही हैं और व्यवस्थाएं पूरी कर रही हैं। राज्य भर में प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं की सहायता करने और सार्वजनिक कार्यक्रमों के सुचारू संचालन में सहयोग देने के लिए स्वयंसेवकों को भी तैनात किया जाएगा।

पंजाब में नशे को लेकर सियासी घमासान, केजरीवाल और सिसोदिया ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

नई दिल्ली। पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से पंजाब में नशे के मुद्दे पर की गई टिप्पणी को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया है। केजरीवाल ने पंजाब सरकार का बचाव करते हुए कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी पर राज्य में नशे की समस्या बढ़ाने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ रही है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि पंजाब में नशा कौन लेकर आया। केजरीवाल के मुताबिक, राज्य में कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी की सरकारों के कार्यकाल में नशे की समस्या बढ़ी और अब आम आदमी पार्टी की सरकार उस समस्या को खत्म करने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल ने दावा किया कि पहली बार देश में कोई राज्य सरकार नशे के खिलाफ इस स्तर पर अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पिछली सरकारों के दौरान फैलाए गए नशे के नेटवर्क को साफ करने की कोशिश कर रही है। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर एक व्यक्ति की मौत को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें बेहद दुख है कि उनके जैसे नेता एक व्यक्ति की मौत के मामले में राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस गांव में व्यक्ति की मौत हुई थी, वहां राहुल गांधी के विधायक भी पहुंचे थे, लेकिन गांव के लोगों ने उन्हें वहां से निकाल दिया। केजरीवाल ने राहुल गांधी से खुद गांव का दौरा करने और वहां के लोगों से वास्तविक स्थिति जानने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार के किसी मंत्री या विधायक का मृतक की मौत से कोई लेना-देना नहीं है। केजरीवाल ने राहुल गांधी से अपील की कि इस मामले में राजनीति करने के बजाय तथ्यों को समझा जाए। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। सिसोदिया ने कहा कि राहुल गांधी को एक गरीब दलित मजदूर की मौत के मामले में झूठ बोलने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए थी। सिसोदिया ने अपने बयान में कहा कि मृतक गुलजार सिंह के बेटे ने कैमरे के सामने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके पिता पर किसी मंत्री की ओर से कोई दबाव नहीं बनाया गया था। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने मृतक के बेटे की बात सुनने और एफआईआर पढ़ने के बजाय केवल एक वीडियो के आधार पर पंजाब सरकार पर हमला कर दिया। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई के नाम पर राजनीति की जा रही है और एक मजदूर की मौत को भी राजनीतिक मुद्दा बना दिया गया है। सिसोदिया ने राहुल गांधी से मृतक के बेटे से माफी मांगने की मांग की।

महिलाओं की गरिमा का अपमान करने वाले कांग्रेस विधायक पर कार्रवाई हो : अजय यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सिमरिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने महिला की मृतदेह को लेकर विवादित बयान दिया है। उनके इस बयान पर सियासत गरमा गई है, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने तो कांग्रेस विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, कांग्रेस के विधायक मिश्रा ने रीवा के संजय गांधी अस्पताल को लेकर एक विवादित बयान दिया। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि सुंदर महिला की मृत देह से पोस्टमार्टम रूम में दुष्कर्म तक किया जाता है। उन्होंने यह बयान संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं और पिछले दिनों एक महिला और उसके पेट में पल रहे बच्चे की मौत को लेकर दिया। कांग्रेस के विधायक के इस बयान पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने सख्त ऐतराज जताया है और कहा है कि कांग्रेस नेताओं का महिलाओं के प्रति दुर्भावना भरा रवैया बार-बार उनके बयानों से सामने आता है। जिस तरह कांग्रेस विधायक ने महिलाओं की मृत देह के संदर्भ में आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी की है, वह घोर निंदनीय और बेहद आपत्तिजनक है। अजय यादव ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी को अपने अमर्यादित बयान देने वाले विधायक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। यदि विधायक के पास इस मामले से संबंधित कोई प्रमाण या तथ्य हैं, तो उन्हें संबंधित पुलिस थाने अथवा जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। लेकिन आरोपों के नाम पर महिलाओं का अपमान करना और यहां तक कि मृत देह की गरिमा को भी ठेस पहुंचाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भाजपा प्रवक्ता का आरोप है कि यह कांग्रेस की महिलाओं के प्रति सोच, संस्कार और चरित्र को उजागर करता है। कांग्रेस नेतृत्व को इस अमर्यादित बयान पर जनता से माफी मांगनी चाहिए और अपने विधायक के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

लागत लाभ के दम पर भारत आरएंडडी क्षेत्र में 12 लाख करोड़ रुपए के अवसर हासिल करने में सक्षम: पीयूष गोयल

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत अपने लागत लाभ का फायदा उठाकर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) के क्षेत्र में करीब 12 लाख करोड़ रुपए के बड़े अवसर हासिल कर सकता है। इसके लिए सरकारी समर्थन को उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों की क्षमताओं के साथ जोड़ने की जरूरत है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गोयल ने कहा कि भारत में शोध की लागत स्विट्जरलैंड या यूरोप की तुलना में करीब पांचवें या छठे हिस्से के बराबर हो सकती है। यह लागत लाभ भारत को वैश्विक इनोवेशन हब बनाने की दिशा में बड़ा अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार करीब 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश के साथ आरएंडडी कार्यक्रम शुरू करती है और उद्योग जगत भी इसमें बराबर का योगदान देता है, तो भारत अपने मेडिकल कॉलेजों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) और अन्य उत्कृष्टता केंद्रों की क्षमताओं का इस्तेमाल करके 10-12 लाख करोड़ रुपए तक का शोध कार्य कर सकता है। गोयल ने ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा, “अगर उद्योग बराबर का योगदान देता है और हम अपने अकादमिक संस्थानों का इस्तेमाल करते हैं, तो हम वास्तव में 10-12 लाख करोड़ रुपए का रिसर्च एंड डेवलपमेंट कर सकते हैं।” उन्होंने भारत में उत्पाद डिजाइन, क्लीनिकल ट्रायल और चिकित्सा उपकरणों के निर्माण जैसे क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लागत में यह अंतर भारत को वैश्विक रिसर्च और इनोवेशन के लिए एक आकर्षक केंद्र बना सकता है। गोयल इससे पहले भी भारत के हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल उद्योग से जेनेरिक दवाओं के क्षेत्र में मिली सफलता से आगे बढ़कर रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन पर अधिक ध्यान देने का आह्वान कर चुके हैं। सितंबर की शुरुआत में भारत हेल्थ ग्लोबल एक्सपो 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि भारत को मजबूत और वैश्विक स्तर पर एकीकृत हेल्थकेयर सप्लाई चेन विकसित करने के साथ एक भरोसेमंद हेल्थकेयर साझेदार के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करनी चाहिए। उन्होंने कहा था, “दुनिया की फार्मेसी” के रूप में पहचाने जाने वाले भारत के पास नई दवाओं, बायोसिमिलर्स और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विस्तार करने का बड़ा अवसर है। गोयल ने फार्मास्युटिकल क्षेत्र से आरएंडडी और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का भी आग्रह किया। इनमें रिसर्च एंड डेवलपमेंट इनोवेशन फंड जैसी पहल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगर भारत को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनना है, तो उसे अपने उत्पाद खुद विकसित करने और उनका पेटेंट कराने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। गोयल ने एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) और प्रमुख शुरुआती कच्चे माल के क्षेत्र में घरेलू उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने वर्तमान में आयात किए जाने वाले उत्पादों के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार बल्क ड्रग पार्क और 100 नए औद्योगिक पार्क विकसित कर रही है। इन पार्कों में फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर कंपनियों के लिए समर्पित क्षेत्र उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

पश्चिम बंगाल: जादवपुर यूनिवर्सिटी में हंगामे के बीच सीएम के नेतृत्व में गेरुआ सम्मान यात्रा, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी बुधवार दोपहर को दक्षिण कोलकाता में जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) परिसर में राष्ट्रविरोधी नारों और भित्तिचित्रों के विरोध में ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का नेतृत्व करेंगे। “गेरुआ सम्मान यात्रा” दोपहर 3 बजे दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क क्रॉसिंग से शुरू होकर जुवेनाइल विश्वविद्यालय परिसर के पास 8बी बस स्टैंड क्रॉसिंग पर समाप्त होगी। सीएम अधिकारी पूरे मार्ग में जुलूस का नेतृत्व करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि वे विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकारों पर जुझारू विश्वविद्यालय के भीतर इस तरह की मानसिकता वाले तत्वों को पनपने देने का आरोप भी लगाया है। पिछले महीने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रक्षा बंधन के अवसर पर विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया था, जहां लगभग 10,000 लोगों ने “वंदे मातरम” का पूर्ण गायन किया था। अब वे इसी मुद्दे पर केंद्रित एक और व्यापक जनसभा का नेतृत्व करेंगे। व्यवस्थाओं के तहत, जुलूस के दौरान राजा सुबोध चंद्र मल्लिक रोड को अस्थायी रूप से यातायात के लिए बंद कर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार शाम 4 बजे से विश्वविद्यालय के चार मुख्य द्वारों को बंद रखने का भी निर्णय लिया है। द्वार संख्या 1 छात्रों, संकाय सदस्यों और अन्य विश्वविद्यालय कर्मचारियों के प्रवेश और निकास के लिए खुला रहेगा। विश्वविद्यालय अधिकारियों ने द्वार बंद करने का कोई विशिष्ट कारण नहीं बताया है। हालांकि, इस निर्णय को व्यापक रूप से रैली के दौरान परिसर के अंदर या बाहर संभावित अशांति की आशंकाओं के मद्देनजर एहतियाती उपाय के रूप में देखा जा रहा है। कोलकाता पुलिस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा और जुलूस के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पिछले महीने जेयू में आम सभा की बैठक के बाद तनाव बढ़ गया था, जिसके चलते सीपीआई (एम) के छात्र संगठन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। इस टकराव के कारण दोनों छात्र समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया और परिसर में अशांति बढ़ गई। इसके बाद, भाजपा ने विश्वविद्यालय के बाहर एक विरोध सभा का आयोजन किया, जिसे अधिकारी ने संबोधित किया।

जस्टिस रवींद्र विट्ठलराव घुगे ने कलकत्ता हाई कोर्ट के 45वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली

कोलकाता। जस्टिस रवींद्र विट्ठलराव घुगे ने बुधवार को कोर्ट परिसर में आयोजित एक औपचारिक समारोह में कलकत्ता हाई कोर्ट के 45वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रथेंद्र बोस और राज्य मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति में न्यायमूर्ति घुगे को पद की शपथ दिलाई। विभिन्न उच्च न्यायालयों के पूर्व और वर्तमान न्यायाधीश भी शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित थे। इस नियुक्ति से पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवग्ननम के रिटायर होने के बाद खाली हुई स्थायी जगह भर गई है। इस दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापब्रत चक्रवर्ती ने हाई कोर्ट के न्यायिक कामकाज संभाल रहे थे। इस दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट के लिए एक स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की मांग की जा रही थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने इस संबंध में सिफारिशें कीं। सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 6 अगस्त को कलकत्ता उच्च न्यायालय के स्थायी मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी पदोन्नति की सिफारिश की और सरकार ने 5 सितंबर को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पोस्ट में बताया कि राष्ट्रपति ने मुख्य न्यायाधीश से सलाह-मशविरे के बाद भारतीय संविधान से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जस्टिस घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। जस्टिस घुगे ने 1990 में एक वकील के तौर पर अपना कानूनी करियर शुरू किया था। उन्होंने 2,000 से अधिक मामलों में पैरवी की है, जिनमें से ज्यादातर में उन्होंने लेबर यूनियनों का प्रतिनिधित्व किया। इतने सालों में उन्होंने कई औद्योगिक संगठनों और मल्टीनेशनल कंपनियों का भी प्रतिनिधित्व किया है। जस्टिस घुगे ने 2005 से 2008 तक डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी (बीएएमयू) में पीजी एलएलएम कोर्स के लिए कॉन्ट्रिब्यूटरी प्रोफेसर के तौर पर भी काम किया। जस्टिस घुगे ने औरंगाबाद में ‘बार एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रियल लॉयर्स’ के सेक्रेटरी के तौर पर पांच साल और जुलाई 2010 से दिसंबर 2011 तक इसके प्रेसिडेंट के तौर पर भी काम कर चुके हैं।

तेजस्वी ने सीएम सम्राट चौधरी को लिखा पत्र, पीडीएस विक्रेताओं की आठ सूत्री मांगों के समाधान की मांग

पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर राज्य के जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेताओं की आर्थिक एवं प्रशासनिक समस्याओं के समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि पीडीएस विक्रेता कठिन परिस्थितियों में लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। तेजस्वी यादव ने पत्र में कहा कि रिकॉर्डतोड़ महंगाई, बढ़ती प्रशासनिक कठिनाइयों, कमीशन के भुगतान में देरी और तकनीकी समस्याओं के कारण पीडीएस विक्रेताओं के सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उन्होंने सरकार से उनकी आठ सूत्री मांगों पर तत्काल और समयबद्ध निर्णय लेने का आग्रह किया है। नेता प्रतिपक्ष ने गुजरात की तर्ज पर पीडीएस विक्रेताओं को न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह निश्चित मानदेय देने की मांग की है। साथ ही झारखंड की तर्ज पर अनुकंपा नियुक्ति की समय-सीमा समाप्त कर पात्र आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का प्रावधान लागू करने की मांग की। उन्होंने पिछले छह माह से एक वर्ष तक लंबित कमीशन का तत्काल भुगतान कराने की मांग करते हुए कहा कि कमीशन लंबित रहने से हजारों पीडीएस विक्रेताओं और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव से पहले पीडीएस विक्रेताओं के कमीशन में 47 रुपये की वृद्धि की घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि बढ़ी हुई राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ है तो उसे तत्काल प्रभाव से लागू कर बकाया राशि का भुगतान कराया जाए। उन्होंने बिहार राज्य खाद्य निगम के गोदामों में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता और घटतौली की शिकायतों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही माप-तौल, घटतौली, ई-पॉस मशीन, सर्वर और अन्य तकनीकी समस्याओं का रियल टाइम समाधान सुनिश्चित करने को कहा, ताकि इसका खामियाजा विक्रेताओं और लाभुकों को न भुगतना पड़े। नेता प्रतिपक्ष ने पीडीएस विक्रेताओं पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव और दंडात्मक कार्रवाई रोकने तथा जिला एवं प्रखंड स्तर पर प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने की मांग की। उन्होंने सरकार, विभागीय अधिकारियों और फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच नियमित त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करने का भी सुझाव दिया। तेजस्वी यादव ने उम्मीद जताई कि बिहार सरकार पीडीएस विक्रेताओं की मांगों पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र ठोस निर्णय लेगी। उन्होंने पत्र की कॉपी सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर भी पोस्ट की है।

‘सोशल मीडिया एल्गोरिदम प्लान’ से नाराज व्हाइट हाउस ने ऑस्ट्रेलिया को दी चेतावनी

वाशिंगटन। अमेरिकी सरकार ऑस्ट्रेलिया के ‘सोशल मीडिया एल्गोरिदम प्लान’ से नाराज है। ट्रंप प्रशासन ने ऐतराज जताते हुए बयान जारी किया जिसमें स्पष्ट किया गया कि व्हाइट हाउस अमेरिका के प्रमुख टेक्नोलॉजी सेक्टर पर जबरन वसूली संबंधी मसौदे के खिलाफ है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने मंगलवार को अपने प्रस्तावित विधेयक का मसौदा जारी किया। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बच्चों को खाने से जुड़े विकारों, स्त्री-विरोधी सामग्री, अपराध के महिमामंडन, दुर्व्यवहार और साइबरबुलिंग जैसी हानिकारक सामग्री से बचाने के लिए कदम उठाने होंगे। वयस्कों और बच्चों दोनों को अवैध सामग्री से भी सुरक्षा प्रदान करनी होगी। मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया की घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय में व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी किया। प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन “व्यापारिक साझेदारों” के सामने अपनी चिंताएं रखेगा। देसाई ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने व्यापारिक साझेदारों को अमेरिका के प्रमुख टेक्नोलॉजी सेक्टर पर डिजिटल सर्विस टैक्स, जुर्माना और जबरन वसूली के अन्य तरीके लागू करने के खिलाफ साफ तौर पर चेतावनी दी है।” उन्होंने कहा, “प्रशासन अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ इन मुद्दों को उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।” वहीं, ऑस्ट्रेलिया की कम्युनिकेशन मिनिस्टर अनिका वेल्स ने इस बयान को “सामान्य” बताते हुए ज्यादा तवज्जो नहीं दी और ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टर न्यूज24 को बताया कि उन्हें अमेरिकी प्रतिनिधि से सीधे तौर पर ऐसी कोई चेतावनी नहीं मिली है। वेल्स ने कहा, “हम एक संप्रभु देश हैं। हमें ऑस्ट्रेलियाई माता-पिता और बच्चों की रक्षा करने का अधिकार है और हम ऐसा करेंगे।” मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने संसद भवन में पत्रकारों से बातचीत में प्रस्तावित ‘डिजिटल ड्यूटी ऑफ केयर कानून’ की घोषणा की। इसके तहत सोशल मीडिया कंपनियों को 16 वर्ष से अधिक उम्र के यूजर्स को एल्गोरिदम आधारित फीड से बाहर निकलने का विकल्प देना होगा। अल्बनीज ने कहा कि इसका मकसद ऑनलाइन दुनिया में लोगों को ज्यादा नियंत्रण और विकल्प देना है। विधेयक में नए नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर 10 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 7.21 करोड़ अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। वेल्स के अनुसार, “16 वर्ष से अधिक उम्र के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक आसानी से एल्गोरिदम को स्वीकार या अस्वीकार कर सकेंगे। जब यूजर कोई सोशल मीडिया ऐप खोलेगा, तो प्लेटफॉर्म को उसे यह विकल्प देना होगा कि वह किस तरह की फीड देखना चाहता है और यूजर की पसंद का सम्मान करना होगा।