दिल्ली सत्य निकेतन हादसा बहुत दुखद, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: नरेश बंसल

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर भाजपा सांसद नरेश बंसल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने की कोशिश करनी चाहिए। नरेश बंसल ने सोमवार को आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह बहुत दुखद घटना है। ऐसी जर्जर इमारतों में अक्सर उनकी क्षमता से ज्यादा लोग रहते हैं और उन्हें असुरक्षित हालात में रखा जाता है। यह बहुत ही दर्दनाक घटना है। मैं इस घटना में जान गंवाने वाले सभी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।” बता दें कि रविवार को सत्य निकेतन में हुई इस घटना में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोग घायल हैं। अभी भी 15-20 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं, सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि वह अवैध निर्माण था। न्यायालय द्वारा उसे अवैध घोषित किया गया था। कानून का पालन करते हुए उसे गिराया गया था। इसके साथ ही शुद्धिकरण विवाद पर नरेश बंसल ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है और प्रधानमंत्री का यह कहना सही था कि ‘दिमागी नक्सली’ तत्व देश में अशांति फैलाना चाहते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां किसी दलित को निशाना बनाकर कोई शुद्धिकरण अनुष्ठान नहीं किया गया था। बल्कि, देश विरोधी नारे लगाए गए और आपत्तिजनक गतिविधियां हुईं, जिसके बाद समुदाय के लोगों ने वहां हवन और अन्य अनुष्ठान किए। बंसल ने कहा, “इसका दलित एंगल से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि अनुष्ठान करने वालों में से कुछ लोग दलित भी हैं। कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह इसे राजनीतिक रंग देने और राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। लेकिन लोग सब जानते हैं, और कांग्रेस को इससे कोई राजनीतिक फायदा नहीं होगा।

बिहार : सासाराम में घर की छत पर सो रहे दंपति की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी

सासाराम। बिहार के रोहतास जिले के सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात बदमाशों ने घर की छत पर सो रहे दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात बेदा बनरसिया गांव में बेदा बस स्टैंड से पश्चिम नहर के पास हुई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतकों की पहचान ननकी देवी (40) और उनके पति मणि भूषण कुमार (45) के रूप में हुई है। मणि भूषण मूल रूप से पश्चिमी चंपारण के रहने वाले थे। दोनों बेदा मोड़ के पास एक दुकान चलाते थे। मृतका के परिजनों ने बताया कि रविवार रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच अचानक छत से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। वह कमरे से बाहर निकलने लगा, लेकिन दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया गया था। परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कमरे का दरवाजा खोला। इसके बाद लोग छत पर पहुंचे, जहां ननकी देवी और मणि भूषण खून से लथपथ पड़े मिले। दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, अपराधियों ने पहले परिजनों को कमरे के अंदर बंद करने के लिए बाहर से सिक्कड़ लगा दिया। इसके बाद छत पर सो रहे दंपती की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, मणि भूषण ननकी देवी के दूसरे पति थे। करीब पांच वर्ष पहले ननकी देवी के पहले पति की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद ननकी देवी और मणि भूषण पहले साथ रहने लगे और बाद में शादी कर ली। ननकी देवी के चार बच्चे हैं। पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। आपसी विवाद, पुरानी रंजिश या अन्य कारणों समेत कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात में कितने अपराधी शामिल थे और वे किस रास्ते से पहुंचे तथा घटना के बाद किस दिशा में फरार हुए। मृतकों के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दोहरे हत्याकांड की असली वजह और अपराधियों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

बिग बॉस-20 में आए कुशाल तंवर गुल्लू बोले-रियलिटी शो अब घर जैसा लगता है, एक्टिंग का है इंतजार

मुंबई। सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर कुशाल तंवर (गुल्लू) ‘बिग बॉस-20’ के घर एंट्री ले ली है। उन्होंने आईएएनएस के साथ हालिया बातचीत में बताया कि वे सिर्फ रियलिटी सीरीज कंटेस्टेंट के टैग तक ही सीमित नहीं रहना चाहते। दरअसल, ‘बिग बॉस-20’ जाने से पहले कुशाल तंवर (गुल्लू) रियलिटी शो ‘रोडीज’, ‘स्प्लिट्सविला’ से लेकर ‘मां है ना’ में शामिल होने के साथ-साथ विजेता भी रह चुके हैं। कुशाल तंवर (गुल्लू) ने बताया कि वे भविष्य में एक्टिंग करेंगे, बस सही मौके का इंतजार कर रहे हैं। गुल्लू ने कहा, “टीवी रियलिटी शो मुझे अब तो कुछ भी नहीं लगता है। हालांकि, शुरू-शुरू में जब नए शोज में जाता था, तो लगता था लेकिन अब ऐसा लगता है कि जैसे मैं छुट्टी पर घर आया हूं और तीन महीने बस चिल कर रहा हूं। मैं दिखाता हूं कि बाहर मेरी जिंदगी कैसी है। बिना किसी फिल्टर के, बिना झूठ के, बिना दिखावे के। मैं बस यहीं रहना चाहता हूं।” कुशाल तंवर (गुल्लू) ने बताया कि वे एक्टिंग में तभी जाएंगे, जब वे इसके लिए तैयार हों। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस क्षेत्र में तभी हाथ आजमाना चाहिए, जब इसमें अच्छा हूं। अगर मैं कुछ करता हूं और उसमें अच्छा नहीं हूं, तो मुझे एक्टिंग शुरू करनी होगी। मैं एक बुरी चीज की वजह से अपना करियर बर्बाद नहीं कर सकता। मुझे बस सब्र रखना होगा। मैं किसी अच्छी चीज का इंतजार कर रहा हूं। जब मुझे लगेगा कि मैं तैयार हूं, तब मैं एक्टिंग के बारे में सोचूंगा।” गुल्लु ने कहा कि रियलिटी शो तुरंत पहचान दिलाते हैं जबकि एक्टिंग के लिए आपको लगातार अपना टैलेंट साबित करना होता है। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि रियलिटी शो से पहले मेरी लाइफ अच्छी चल रही थी। मेरे पास फेम नहीं था, मैं मजे कर रहा था और अगर ये सब खत्म हो गया, तो कुछ और कर लूंगा। इस दुनिया में करने के लिए बहुत कुछ है, मैं अपना खुद का ब्रांड बना लूंगा। गुल्लू एक ब्रांड है।” गुल्लू ने कहा कि वह लंबे समय से अपने करियर की प्लानिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं जो चाहता हूं उसे पाने की प्लानिंग करता हूं और फिर देखता हूं कि आगे क्या करना है लेकिन बिग बॉस के साथ ऐसा नहीं है क्योंकि मैं हर समय रियलिटी शो में नहीं जाना चाहता। क्योंकि मुझे आगे बढ़ना है। मुझे कोई टैग नहीं चाहिए। मैं खुद अपना टाइटल बनाऊंगा।

उत्तर कोरिया ने नौसेना में शामिल किया युद्धपोत ‘कांग कोन’, किम बोले-दुश्मनों को घातक जवाब देने में है सक्षम

सोल। उत्तर कोरिया ने अपने नए युद्धपोत ‘कांग कोन’ को आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल कर लिया है। सरकारी मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। उत्तर कोरिया अपनी नौसैनिक ताकत को आधुनिक बनाने और परमाणु क्षमता वाले जहाजों के जरिए समुद्र में अपनी युद्ध तैयारी को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार, नेता किम जोंग-उन ने एक दिन पहले पूर्वी बंदरगाह शहर वोनसन में आयोजित कमीशनिंग समारोह में हिस्सा लिया। वहां उन्होंने 5,000 टन वजनी इस नए विध्वंसक युद्धपोत (डिस्ट्रॉयर) को ‘मूल रूप से एक आक्रामक युद्धपोत’ बताया और कहा कि यह ‘देश की परमाणु जवाबी कार्रवाई प्रणाली’ का हिस्सा है। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, किम ने कहा, “नई पीढ़ी का यह डिस्ट्रॉयर देश की परमाणु जवाबी कार्रवाई प्रणाली का हिस्सा है और दुश्मनों को घातक जवाबी हमला देने में सक्षम होना चाहिए।” किम ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री रक्षा और युद्ध को रोकने की क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए देश की नौसेना को ‘परमाणु हथियारों से लैस बल’ के रूप में विकसित करना जरूरी है। इसके अलावा, उत्तर कोरियाई नेता ने वादा किया कि उनका देश अपनी नौसैनिक ताकत का लगातार विस्तार करेगा और और भी अधिक शक्तिशाली रणनीतिक सैन्य संसाधन तैनात करेगा। उन्होंने कहा, “हम अपनी नौसेना को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण योजना पर काम कर रहे हैं और आठ महीने बाद मैं पूरी दुनिया को इसका परिणाम दिखाऊंगा।” हालांकि, उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। विश्लेषकों का मानना है कि यह योजना उत्तर कोरिया की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों के विकास से जुड़ी हो सकती है, जिसकी जानकारी पहली बार जनवरी 2021 में पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सार्वजनिक की गई थी। दिसंबर 2025 में उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ने ऐसी तस्वीरें जारी की थीं, जिनमें किम एक निर्माणाधीन 8,700 टन क्षमता वाली परमाणु-संचालित पनडुब्बी का निरीक्षण करते नजर आए थे। उस समय उन्होंने दक्षिण कोरिया की ऐसी ही पनडुब्बी बनाने की योजना को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा था कि उसका मुकाबला किया जाना चाहिए। केसीएनए के मुताबिक, ‘कांग कोन’ को उत्तर कोरियाई नौसेना के पूर्वी सागर बेड़े में शामिल किया जाएगा ताकि वह ‘परमाणु युद्ध रोकने वाली शक्ति’ के रूप में देश की समुद्री संप्रभुता की रक्षा कर सके। सरकारी मीडिया की ओर से जारी तस्वीरों में किम जोंग-उन अपनी पत्नी री सोल-जू और बेटी जू-ए के साथ समारोह में दिखाई दिए। कांग कोन को नौसेना में शामिल किए जाने की घोषणा उत्तर कोरिया के पहले 5,000 टन वाले डिस्ट्रॉयर चोए ह्योन के शामिल होने के तीन महीने से भी कम समय बाद हुई है। उत्तर कोरिया ने कहा था कि चोए ह्योन पश्चिमी समुद्री क्षेत्र की रक्षा और युद्ध को रोकने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएगा।

केजरीवाल ने अपने कार्यकाल में सत्य निकेतन में बनी बिल्डिंग की जांच क्यों नहीं कराई थीः दिलीप घोष

न्यूटाउन। पश्चिम पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने हुमायूं कबीर पर हमले, दिल्ली में इमारत गिरने की घटना, अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार और राहुल गांधी पर की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना पर मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया से कहा, “यह बहुत दुखद है कि हॉस्टल गिर गया और छात्रों के साथ ऐसी घटना हुई। हमें इस बात की जांच करनी चाहिए कि बिल्डिंग किसने बनाई थी और छात्र उसमें क्यों रह रहे थे। यह गंभीर चिंता का विषय है। मुझे विश्वास है कि सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी।” बिल्डिंग गिरने पर अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाए जाने पर दिलीप घोष ने कहा, “अपनी सरकार में केजरीवाल ने क्यों नहीं बिल्डिंग की जांच कराई थी। केजरीवाल ने अपनी सरकार में इस बिल्डिंग को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की थी। अब हादसा हो गया है तो सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।” राहुल गांधी द्वारा भी बिल्डिंग गिरने पर सवाल उठाए जाने पर घोष ने कहा, “राहुल गांधी सवाल उठाते हैं, उनके पास कोई उत्तर नहीं है। कर्नाटक में छात्र गौशाला में रहते हैं, इसका जवाब राहुल गांधी के पास नहीं है।” हुमायूं कबीर पर हुए हमले पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “क्या भाजपा के पास कोई और काम नहीं है कि वह जाकर अंडे फेंके? इसके लिए भाजपा की जरूरत नहीं है। जिन्होंने ऐसा किया है, उन्हें अपने कामों का नतीजा भुगतना होगा। आज जिसके साथ भी ऐसा हो रहा है, उसे अपना इतिहास देखना चाहिए, उन्हें सारे जवाब मिल जाएंगे।” बता दें कि रविवार दोपहर को दिल्ली के सत्य निकेतन की एक तंग गली में बनी पांच मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें लड़कों का हॉस्टल था। यह इमारत लगभग 50 साल पुरानी थी। इस घटना में दिल्ली एम्स ने आधिकारिक तौर पर 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है। एक बयान में कहा गया है, “दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से घायल हुए 11 मरीजों को जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (एम्स) लाया गया। इन 11 मरीजों में से 5 को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि गंभीर हालत वाले एक मरीज की बाद में चोटों के कारण मौत हो गई। तीन मरीजों को भर्ती किया गया है और उनका इलाज चल रहा है। एक मरीज के अंग की सर्जरी की गई। एक मरीज को मामूली चोट आई थी और निगरानी के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।” वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बहुमंजिला इमारत के मालिक और अन्य के खिलाफ साउथ कैंपस थाने में एफआईआर दर्ज की है।

सागर जहरीली शराब कांड: अस्पताल में 84 बीमार लोगों का इलाज जारी, 30 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से कई मौतों के मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 30 से अधिक नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से 10 आरोपियों को हिरासत में भी लिया जा चुका है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि बांदा तहसील में हुई इस घटना में लगभग 12 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, जहरीली शराब पीने के बाद 84 लोगों का इलाज चल रहा है। बीमार 84 लोगों में से 59 को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), 17 को जिला अस्पताल और सात को बांदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सोमवार सुबह उपमुख्यमंत्री और सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को एयरलिफ्ट करके एम्स भोपाल भेजा गया। राजेंद्र शुक्ला ने आईसीयू और सीसीयू वार्ड का दौरा भी किया, मरीजों से बातचीत की और उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया और सभी शराब की दुकानों के निरीक्षण, स्टॉक की जांच व अवैध शराब के कारोबार की विस्तृत जांच के आदेश दिए। शुक्ला ने कहा, “लापरवाही बरतने या चूक के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पूरे मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। शुरुआती जांच से पता चला है कि जहरीली शराब इलाके के बाहर बनाई गई थी और स्थानीय स्तर पर सप्लाई की गई थी। इसमें मेथनॉल की मिलावट पाई गई है। प्रशासन ने कहा कि प्रभावित मरीजों को जरूरी दवाएं, जांच की सुविधाएं और डायलिसिस प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉक्टरों ने बताया कि अधिकतर मरीजों की हालत स्थिर है और इलाज के लिए आने वाले नए मरीजों की संख्या में कमी आई है। सागर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुराग सुजानिया ने बताया कि बांदा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम- 1915 की धाराओं के तहत 20 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि विनायक थाने में भी 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की विशेष टीमें बनाई गई हैं और संदिग्ध जगहों पर छापेमारी की जा रही है। 20 आरोपियों में से 10 को अब तक हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

वैश्विक स्तर पर कमजोर संकेतों से सोना फिसला, चांदी 2.38 लाख के नीचे

मुंबई। वैश्विक स्तर पर कमजोर संकेतों से सोने और चांदी सोमवार को गिरावट के साथ खुले। इस दौरान दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 0.3 प्रतिशत कम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर, 2026 को पिछली क्लोजिंग 1,52,767 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,52,279 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह 10 बजे यह 409 रुपए या 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,52,358 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। अब तक के कारोबार में सोने ने 1,52,225 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,52,483 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ है। यह दिखाता है कि सोने में हल्की गिरावट के साथ एक सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है। चांदी का 4 दिसंबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,37,658 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,37,176 रुपए प्रति किलो पर खुला। खबर लिखे जाने तक यह 673 रुपए या 0.28 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,36,985 रुपए प्रति किलो पर था। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,36,423 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,37,658 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में कमजोरी देखी जा रही है। सोना 0.62 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,450 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.56 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 66 डॉलर प्रति औंस पर थी। जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह अमेरिका में मजबूत जॉब डेटा आना है, जिसने अगली फेड बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को बढ़ा दिया है, जो दोनों कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक है। उन्होंने आगे कहा कि दूसरी तरफ डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने से भी सोने और चांदी पर दबाव बढ़ा है। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 99 के आसपास कारोबार कर रहा है।

अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में इन 5 भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी निगाहें

नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज 13 सितंबर से होने जा रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम इस सीरीज में दमदार प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। आइए आपको उन पांच भारतीय खिलाड़ियों के नाम बताते हैं, जिनके प्रदर्शन पर इस सीरीज में खासतौर पर निगाहें होंगी। वैभव सूर्यवंशी: इंग्लैंड और फिर जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा रहे वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ भी मौका दिया गया है। 15 वर्षीय बल्लेबाज के प्रदर्शन पर इस सीरीज में खासतौर पर निगाहें होंगी। वैभव अफगानिस्तान के स्पिनर्स के खिलाफ किस अप्रोच से खेलते हैं यह देखना दिलचस्प होगा। जिम्बाब्वे के खिलाफ आखिरी टी20 में वैभव ने 81 रनों की दमदार पारी खेली थी। वह दलीप ट्रॉफी में भी अच्छी फॉर्म में नजर आए हैं। जसप्रीत बुमराह: अफगानिस्तान के खिलाफ ब्रेक के बाद टीम में वापसी कर रहे जसप्रीत बुमराह के प्रदर्शन पर हर किसी की नजरें रहेंगी। बुमराह ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला मार्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। बुमराह अगर अपनी लय में नजर आए, तो वो अफगानिस्तान के बल्लेबाजों के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं। संजू सैमसन: इंग्लैंड के खिलाफ फ्लॉप शो के बाद संजू सैमसन को जिम्बाब्वे के खिलाफ हुई टी20 सीरीज में टीम में जगह नहीं दी गई है। ऐसे में संजू के ऊपर इस सीरीज में खुद को फिर से साबित करने का दबाव होगा। आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में सैमसन सिर्फ 5 रन ही बना सके थे। वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ वह दो मुकाबलों में 28 रन ही बना सके थे। रवि बिश्नोई: जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल सीरीज में रवि बिश्नोई का प्रदर्शन दमदार रहा था। विकेट चटकाने के साथ-साथ बिश्नोई काफी किफायती भी रहे थे। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर बिश्नोई के प्रदर्शन पर हर किसी की निगाहें होंगी। बिश्नोई इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन करके भारत की टी20 टीम में अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे। नीतीश कुमार रेड्डी:अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में नीतीश कुमार रेड्डी के पास खुद को बतौर ऑलराउंडर साबित करने का बढ़िया मौका होगा। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि नीतीश इंजरी से लौटने के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करते हैं।

कर्नाटक में सूखाग्रस्त तालुकों की घोषणा में भेदभाव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप

बेंगलुरु। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने सोमवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर सूखा प्रबंधन में मनमाने ढंग से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सूखाग्रस्त तालुकों की घोषणा में भेदभाव ने किसानों और संकटग्रस्त लोगों के प्रति सरकार के “गैर-जिम्मेदार” रवैये को उजागर किया है। मुद्दाबिहाल के कांग्रेस विधायक सीएस अप्पाजी नाडागौड़ा द्वारा सूखाग्रस्त तालुकों की घोषणा में भेदभाव का आरोप लगाते हुए जारी किए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयेंद्र ने कहा कि सूखा प्रबंधन और किसानों को सहायता प्रदान करने के मामले में कांग्रेस सरकार का रवैया पूरी तरह से उजागर हो गया है। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार और कुप्रशासन के कारण कांग्रेस सरकार दिवालिया हो गई है और परिणामस्वरूप जिम्मेदारी से बचने के प्रयास में उसने विभिन्न मामलों में पारदर्शिता की धज्जियां उड़ा दीं। विजयेंद्र ने कहा, “भाजपा ने सरकार द्वारा केवल 101 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित करने पर पहले ही कड़ी आपत्ति जताई है जबकि 190 से अधिक तालुका सूखे जैसी स्थितियों का सामना कर रहे हैं।” भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, नादगौड़ा के बयान ने भाजपा के आरोपों का समर्थन करने वाले “स्पष्ट प्रमाण” प्रदान किए। उन्होंने आरोप लगाया कि विजयपुरा जिले के प्रभारी मंत्री एमबी पाटिल ने इस मुद्दे को स्वीकार करने और गलती को सुधारने के बजाय नादगौड़ा के बयान पर स्पष्टीकरण देकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया। विजयेंद्र ने कहा कि नाडागौड़ा और पाटिल के बयानों ने कांग्रेस सरकार के भीतर के “आंतरिक मतभेदों और कमियों” को सार्वजनिक कर दिया है। विजयेंद्र ने कहा, “आपकी आंतरिक प्रतिष्ठा की लड़ाई या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता चाहे जो भी हो, सबसे पहले लोगों द्वारा सामना की जा रही कठिनाइयों का समाधान करने पर ध्यान केंद्रित करें, जिसमें सूखा प्रबंधन भी शामिल है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों और आम जनता की कठिनाइयों का समाधान करने में विफल रहती है, तो “वह दिन दूर नहीं जब लोग खुद इस सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे।” गौरतलब है कि वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अप्पाजी नाडागौड़ा ने आरोप लगाया था कि सरकार ने जानबूझकर उनके विधानसभा क्षेत्र के दो तालुकों को सूखाग्रस्त क्षेत्रों की सूची से बाहर रखा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने “व्यक्तिगत शत्रुता” के चलते उनके क्षेत्र को सूची से बाहर रखने का काम किया। विधायक नाडागौड़ा ने चेतावनी दी है कि अगर मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व ने अन्याय को दूर नहीं किया तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री एमबी पाटिल ने पलटवार करते हुए कहा कि दोनों बार जब सूखे का अध्ययन करने वाली टीम नाडागौड़ा के निर्वाचन क्षेत्र में गई थी, तब विधायक वहां मौजूद नहीं थे और अब किसानों के नाम पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। मंत्री पाटिल ने कहा कि विधायक नाडागौड़ा उन्हें “बिना किसी कारण” के निशाना बना रहे हैं और “उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपचार की आवश्यकता है।

1984 में आई जैकी श्रॉफ-अनिल कपूर की फिल्म ‘अंदर-बाहर’ ने पूरे किए 42 साल

मुंबई। साल 1984 में रिलीज हुई एक्शन-ड्रामा फिल्म में ‘अंदर-बाहर’ जैकी श्रॉफ और अनिल कपूर की ऑन-स्क्रीन जोड़ी की शुरुआत हुई थी, जो आगे चलकर 80 के दशक में बहुत लोकप्रिय हुई थी। सोमवार को फिल्म ने अपनी रिलीज के 42 साल पूरे कर लिए हैं। अभिनेता जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के 42 साल पूरे होने का जश्न मनाया। उन्होंने स्टोरीज सेक्शन पर फिल्म के कुछ क्लिप शेयर किए, जिसके साथ उन्होंने लिखा, “फिल्म अंदर-बाहर ने रिलीज के 42 साल पूरे कर लिए हैं।” राज एन. सिप्पी के निर्देशन में बनी फिल्म में जैकी श्रॉफ (पुलिस इंस्पेक्टर रवि खन्ना), अनिल कपूर (राजा), डैनी डेंजोंगपा (शेरा) और मून मून सेन मुख्य भूमिका में नजर आए थे। जैकी श्रॉफ और अनिल कपूर की 1984 में आई एक्शन फिल्म अंदर बाहर अमेरिकी फिल्म ’48 आवर्स’ की रीमेक है। फिल्म में अनिल कपूर ने एक पुलिस अधिकारी (रवि) का किरदार निभाया है, जो एक खतरनाक सरगना (शेरा, जिसे डैनी डेंजोंगपा ने निभाया) को पकड़ना चाहता है। शेरा तक पहुंचने के लिए रवि एक कैदी (जैकी श्रॉफ) की मदद लेता है जो कभी शेरा का दाहिना हाथ हुआ करता था। पुलिस अधिकारी अपने वरिष्ठों से अनुमति लेकर उस कैदी को सात दिनों के लिए अपने साथ जेल से बाहर लाता है ताकि वे मिलकर मुख्य अपराधी (शेरा) के गैंग का पर्दाफाश कर सकें। इसके बाद दोनों मिलकर अपराधियों का सामना करते हैं, जिसमें एक्शन, ड्रामा और दोनों अभिनेताओं के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है। फिल्म रिलीज से पहले दोनों अभिनेताओं के बीच क्रेडिट को लेकर विवाद हुआ था, जिससे फिल्म लगभग 8 महीने तक देरी से रिलीज हुई थी। साथ ही, यह फिल्म सिनेमाघरों में बीआर चोपड़ा की सफल फिल्म ‘आज की आवाज’ के साथ क्लैश हुई थी, जिसके कारण इसे बॉक्स ऑफिस पर औसत सफलता ही मिल पाई थी। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ और अनिल कपूर ने पहली बार स्क्रीन साझा की थी, जो आगे चलकर 80 और 90 के दशक की एक मशहूर जोड़ी बने।