सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने का मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा है। घटना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में तत्काल सुनवाई की मांग की गई है। वहीं, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई है। हाईकोर्ट ने भरोसा दिलाया है कि आज इस पर सुनवाई होगी। बता दें कि सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने के कारण 6 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली एम्स ने एक बयान में कहा कि घायल हुए 11 मरीजों को जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (एम्स) लाया गया। इन 11 मरीजों में से 5 को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि गंभीर हालत वाले एक मरीज की बाद में चोटों के कारण मौत हो गई। तीन मरीजों को भर्ती किया गया है और उनका इलाज चल रहा है। एक मरीज को मामूली चोट आई थी और निगरानी के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। वहीं, सफदरजंग अस्पताल की पीआरओ ने बताया है कि सोमवार सुबह एक और घायल को लाया गया है, जिसकी स्थिति अभी ठीक है। अब तक सफदरजंग अस्पताल में कुल दो घायलों को लाया गया है। उधर, सोमवार सुबह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और स्थानीय विधायक के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और लापरवाही या चूक के दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि यह बहुत पुरानी इमारत थी। बेसमेंट में पानी भरने से इसके पिलर कमजोर हो गए, जिससे पूरी इमारत गिर गई। उन्होंने यह भी बताया कि बगल की इमारत को भी पूरी तरह खाली कराया गया है और एहतियात के तौर पर उसे गिरा दिया जाएगा।
ईडी ने टीएमसी सांसद नदीमुल हक से जुड़े कई ठिकानों पर की छापेमारी

नई दिल्ली/कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद नदीमुल हक से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। ईडी से जुड़े सूत्रों ने सोमवार सुबह जानकारी दी कि एजेंसी ने दिल्ली, रांची और कोलकाता में सात अलग-अलग जगह पर कार्रवाई की है। यह मामला सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली सामग्री के प्रकाशन/प्रसार से जुड़े आरोपों से संबंधित है। इसमें गैर-कानूनी लेन-देन, बिना हिसाब-किताब वाले नकद लेन-देन और संदिग्ध स्रोतों से फंडिंग के आरोप भी शामिल हैं। इसी सिलसिले में ईडी ने विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर ईसीआईआर दर्ज किया था। गौरतलब है कि हाल ही में ईडी मनी-लॉन्ड्रिंग के कई मामलों को लेकर पश्चिम बंगाल में फिर से सक्रिय है। इससे पहले, ईडी की एक टीम रविवार सुबह से उत्तरी कोलकाता में शेयर ट्रेडिंग और मनी मार्केट के काम से जुड़े एक बिजनेस परिवार के घर पर तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवानों के बजाय ईडी टीम के साथ कोलकाता पुलिस के जवान मौजूद थे। पता चला है कि केंद्रीय एजेंसी के पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालय के ईडी अधिकारियों की एक टीम पहले फूलबागान पुलिस स्टेशन पहुंची थी, जिसके अधिकार क्षेत्र में बिजनेस परिवार का घर आता है। वहां जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ईडी के अधिकारियों और फूलबागान थाने की पुलिस टीम कांकुरगाछी में स्थित ‘शिवम’ भवन पहुंची। वहीं, 3 सितंबर को ईडी अधिकारियों ने कोलकाता में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह एक प्राइवेट कंपनी की ओर से कथित तौर पर 290 करोड़ रुपए के बैंक-लोन धोखाधड़ी से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा था। प्राइवेट कंपनी ने झारखंड में 66 एमडब्ल्यू का पावर प्लांट लगाने के लिए बैंकों से लोन लिया था। आरोप है कि लोन की रकम को ग्रुप की दूसरी कंपनियों और निजी इस्तेमाल के लिए ‘डायवर्ट’ कर दिया गया था।
अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने पांच दिन का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया

सोल। अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने सोमवार को पांच दिन का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया। यह अभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार हो रहा है जबकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर सोल और वॉशिंगटन के बीच होने वाले कुछ प्रमुख सैन्य अभ्यासों को सीमित कर दिया गया था। दक्षिण कोरिया की संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने एक बयान में बताया कि ‘फ्रीडम एज’ नाम का यह बहु-क्षेत्रीय सैन्य अभ्यास दक्षिण कोरिया के दक्षिणी द्वीप जेजू के पूर्व और दक्षिण में स्थित अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में शुरू हुआ। जेसीएस ने कहा, “तीनों देश इस अभ्यास के जरिए समुद्री, हवाई और साइबर जैसे कई क्षेत्रों में अपनी संयुक्त संचालन क्षमता और आपसी प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करेंगे। साथ ही वे एक मजबूत और स्थिर सहयोगी संबंध बनाए रखेंगे।” दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, इस अभ्यास में तीनों देशों की नौसेना और वायुसेना की प्रमुख सैन्य संपत्तियां शामिल होंगी। संचालन को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए एक संयुक्त नियंत्रण समूह भी निगरानी करेगा। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जेसीएस ने कहा कि यह एक वार्षिक और रक्षात्मक प्रकृति का अभ्यास है, जिसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानकों के अनुसार आयोजित किया जा रहा है। उसने कहा, “इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरों के खिलाफ रोकथाम और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करना है, साथ ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना भी है।” जून 2024 में शुरू हुए इस अभ्यास का यह चौथा संस्करण है। पिछले महीने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ (यूएफएस) अभ्यास को आधा कर दिए जाने के बावजूद इसे तय समय पर आयोजित किया जा रहा है। यूएफएस अभ्यास को ट्रंप के निर्देश के बाद आधा कर दिया गया था। इसे उत्तर कोरिया के प्रति एक नरम रुख दिखाने की कोशिश माना गया। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों को युद्ध की तैयारी बताकर इसकी आलोचना करता रहा है। सोमवार को जारी जानकारी में जेसीएस ने यह नहीं बताया कि ‘फ्रीडम एज’ में कौन-कौन से सैन्य उपकरण और जहाज शामिल होंगे। हालांकि, एक अधिकारी ने पहले कहा था कि इस साल का अभ्यास आकार और दायरे में पिछले वर्षों जैसा ही होगा। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, तीनों देश छह एजिस-सिस्टम से लैस विध्वंसक युद्धपोत, समुद्री निगरानी विमान, लड़ाकू विमान और ईंधन भरने वाले टैंकर विमान तैनात करेंगे। सूत्रों ने बताया कि दक्षिण कोरियाई नौसेना 7,600 टन वजनी आरओकेएस युलगोक यी प्रथम और आरओकेएस सियोए रयू सियोंग-र्योंग विध्वंसक युद्धपोतों को तैनात कर रही है। जापान के संयुक्त स्टाफ ने पिछले महीने बताया था कि वह 7,700 टन के ‘अटागो’ और 5,100 टन के ‘असाही’ विध्वंसक युद्धपोत, पी-1 समुद्री निगरानी विमान, एसएच-60के हेलीकॉप्टर और एफ-15 लड़ाकू विमान भेजेगा। अमेरिकी नौसेना के 7वें बेड़े ने पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर बताया था कि उसका 6,900 टन वजनी ‘आर्ले बर्क श्रेणी का विध्वंसक युद्धपोत यूएसएस बेनफोल्ड दक्षिण कोरिया के बुसान बंदरगाह पहुंच गया है। इसे इस संयुक्त अभ्यास में उसकी संभावित भागीदारी का संकेत माना जा रहा है। पिछले साल यह अभ्यास अमेरिकी विमानवाहक पोत के बिना आयोजित किया गया था। जून 2024 में शुरू होने के बाद यह पहला मौका था जब अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर इसमें शामिल नहीं हुआ, क्योंकि उस समय अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक समूहों को मध्य पूर्व में तैनात किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण इस सप्ताह होने वाले फ्रीडम एज अभ्यास में भी किसी अमेरिकी विमानवाहक पोत के शामिल होने की उम्मीद नहीं है।
धनबाद : हर रोज फट रही धरती, धंस रहा कोयलांचल, 8 महीने में 45 से ज्यादा घटनाएं

धनबाद। घर के भीतर परिवार सो रहा हो और अचानक धरती के नीचे से जोरदार धमाका सुनाई दे। कुछ ही क्षणों में दीवारों में दरारें पड़ने लगें, फर्श खिसक जाए और देखते-देखते मकान का एक हिस्सा जमीन के भीतर समा जाए। बाहर निकलें तो सामने गहरा गोफ और उसमें से उठती जहरीली गैस। कहीं आग की लपटें हैं, कहीं धुआं और कहीं जमीन पर उभरती लंबी दरारें। धनबाद के कोयलांचल में इन दिनों जिंदगी कुछ ऐसी ही दहशत के बीच गुजर रही है। दरअसल, धनबाद के कोयलांचल में जमीन के भीतर कोयले में लगी 100 साल से अधिक पुरानी आग इस संकट की बड़ी वजहों में है। इस साल जनवरी से अब तक कोयलांचल में भू-धंसान और गोफ बनने की 45 से अधिक छोटी-बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अगस्त और सितंबर में बारिश के साथ घटनाओं की रफ्तार बढ़ी है। पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम इस संकट की गंभीरता बताने के लिए काफी हैं। 31 अगस्त को लिलोरी पथरा में जमीन धंसने से एक घर का हिस्सा गोफ में समा गया। 1 सितंबर को गोधर छह नंबर में गहरे गोफ की भराई शुरू करनी पड़ी, जबकि कतरास क्षेत्र में कैलूडीह में गोफ और गैस रिसाव की घटनाएं सामने आईं। 3 सितंबर को बरारी छह नंबर में जोरदार धमाके के साथ जमीन फटी और दरारों से आग की लपटों के साथ जहरीला धुआं निकलने लगा। 4 सितंबर को कुर्मी डीह में दो बड़े गोफ बने और गैस रिसाव की सूचना से लोगों में दहशत फैल गई। केंद्र और राज्य सरकारों, कोयला कंपनियों तथा नियामक संस्थाओं के तमाम प्रयासों और दावों के बावजूद भूमिगत आग, भू-धंसान और गोफ बनने की घटनाएं थमने के बजाय गंभीर होती जा रही हैं। इसी गंभीर स्थिति के बीच प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने 31 अगस्त और 1 सितंबर को धनबाद कोयलांचल का दो दिवसीय दौरा किया। उन्होंने बीसीसीएल की खनन गतिविधियों, झरिया में भूमिगत आग और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पुनर्वासित परिवारों से बातचीत भी की और प्रभावित लोगों के सुरक्षित और सम्मानजनक पुनर्वास को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। आलम यह है कि झरिया, कतरास, लोदना, केंदुआडीह और बाघमारा के कई इलाकों में लोगों को हर वक्त यह डर सताता है कि अगली बार धरती कहां फटेगी। हाल के दिनों में एक के बाद एक घटनाओं ने प्रशासन और खनन प्रबंधन के सामने गंभीर सुरक्षा चुनौती खड़ी कर दी है। इस साल सबसे भयावह घटना 6 अगस्त को कतरास के छाताबाद में हुई, जहां भू-धंसान से 20 से अधिक मकान प्रभावित हुए और कई लोग घायल हुए। कई घरों में गहरी दरारें पड़ गईं। स्थानीय लोगों ने इसके लिए खनन क्षेत्र में हो रही भारी ब्लास्टिंग को जिम्मेदार ठहराया। घटना के बाद प्रशासन और खान सुरक्षा नियामक ने सख्ती दिखाई। धनबाद के उपायुक्त ने 14 अगस्त को वैज्ञानिक अध्ययन और सुरक्षा आकलन पूरा होने तक प्रभावित क्षेत्र में ब्लास्टिंग और खनन गतिविधियां रोकने का निर्देश दिया। इसके बाद खान सुरक्षा महानिदेशालय ने न्यू आकाशकिनारी कोलियरी में नियंत्रित डीप-होल ब्लास्टिंग की अनुमति भी वापस ले ली। लेकिन छाताबाद अकेला मामला नहीं है। लोदना, बरारी, केंदुआडीह और कतरास के दूसरे इलाकों में भी जमीन धंसने, गोफ बनने और गैस रिसाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल की घटनाओं ने यह सवाल और गंभीर कर दिया है कि क्या मौजूदा सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्था इस बढ़ते खतरे का सामना करने के लिए पर्याप्त है। विशेषज्ञों के अनुसार, कोयलांचल की समस्या सिर्फ बारिश या किसी एक घटना का नतीजा नहीं है। दशकों के भूमिगत खनन, छोड़ी गई पुरानी खदानों, भूमिगत आग और जमीन के भीतर बने खाली हिस्सों ने स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है। मानसून में बारिश का पानी इन कमजोर हिस्सों तक पहुंचता है तो ऊपर की मिट्टी और सतह का आधार कमजोर हो जाता है। कई जगह भारी ब्लास्टिंग से पैदा होने वाले कंपन से खतरा और बढ़ने की आशंका रहती है। जब कोयलांचल में एक ओर जमीन धंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, तब दूसरी ओर वर्षों से चले आ रहे पुनर्वास अभियान की रफ्तार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ी चुनौती जमीन पर रहने वाले लोगों की सुरक्षा और उनका समय पर पुनर्वास है। जिन परिवारों के घरों में दरारें आ चुकी हैं, उनके लिए हर बारिश और हर तेज धमाका संभावित खतरे की घंटी है। बीसीसीएल के तकनीकी एवं संचालन निदेशक संजय कुमार सिंह कहते हैं, ‘भू-धंसान और गैस रिसाव से प्रभावित केंदुआडीह और लोदना जैसे क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित आवास देना प्राथमिकता है। संशोधित झरिया मास्टर प्लान के तहत 5,940 करोड़ रुपये की राशि से जेआरडीए के साथ मिलकर बेलगड़िया और कर्माटांड़ टाउनशिप में विस्थापितों के पुनर्वास और उनकी आजीविका की व्यवस्था तेज की जा रही है।’ बहरहाल, धनबाद के कोयलांचल में अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि अगला गोफ कब बनेगा। असली सवाल यह है कि अगली बार जब धरती फटेगी तो उसकी जद में कौन होगा।
बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सीआरपीएफ ने जंगलों में छिपाए हथियारों का जखीरा पकड़ा

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सीआरपीएफ की 199वीं वाहिनी को बड़ी सफलता मिली है। विश्वसनीय सूचना के आधार पर जवानों ने पीडिया एवं कुप्पागुड़ा क्षेत्र के एड्री, हर्रा, नयापारा और सरपंचपारा के घने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। कमांडेंट आनंद कुमार के मार्गदर्शन और उप कमांडेंट दर्शन यादव की देखरेख में बी/199 एवं एफ/199 कंपनी और यंग प्लाटुन के जवानों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए 14 नक्सली डंप बरामद किए गए। बरामद सामग्री में एक 303 बोल्ट एक्शन रायफल, पांच भरमार रायफल और एक देशी 12 बोर रायफल शामिल हैं। इसके अलावा 10 आईडी, 8 डेटोनेटर, कोडेक्स वायर, वायरलेस सेट, प्लास्टिक एवं स्टील कंटेनर समेत आईडी निर्माण में उपयोग होने वाली विभिन्न इलेक्ट्रिक सामग्री और नक्सली कपड़े बरामद किए गए हैं। कुल 99 प्रकार की घातक सामग्री जब्त की गई है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बेहद सतर्कता के साथ चरणबद्ध तरीके से तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में लगातार चल रहे अभियान से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है और ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। इसके पहले पुलिस ने बीजापुर जिले के पेगडापल्ली के जंगल में नक्सली डंप बरामद किया था। 29 अगस्त को ग्राम पेगड़ापल्ली के जंगल क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्ति बोगम लखमू (39) को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के चिन्नागेलूर डीएकेएमएस सदस्य के रूप में कार्य करने तथा नक्सलियों की सामग्री एवं विस्फोटक छिपाने के लिए ले जाने की बात स्वीकार की। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 50 हजार 50 रुपए नकद, एक बीजीएल लांचर, 18 बीजीएल सेल, 12 तीर बम, एक हैंड ग्रेनेड, 303 के 15 जिंदा राउंड, 31 बीजीएल कार्ट्रिज, एक इंसास खाली मैगजीन, बिजली वायर, तीन राउंड चार्जर एवं एक ईमीटर लीड बरामद किया गया।
सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने किया घटनास्थल का दौरा, मंत्री सिरसा बोले- ‘तय की जाएगी जवाबदेही’

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत के गिरने के बाद सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इसी बीच, सोमवार सुबह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया। सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त संजीव खिरवार और मेयर प्रवेश वाही भी मौके पर पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से हालात की जानकारी ली। घटना पर मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कल ही साफ कर दिया था कि जिम्मेदार लोगों पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।” मनजिंदर सिंह सिरसा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “एनडीआरएफ की टीम लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई है। यहां पर एक बगल की इमारत के कारण चुनौतीपूर्ण स्थिति है। बगल की इमारत भी 40-50 साल पुरानी है और उसकी हालत भी ठीक नहीं है। बचाव कार्य के साथ-साथ इमारत को मजबूत करने के लिए अस्थायी कॉलम लगाए गए हैं। एनडीआरएफ निरंतर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा है।” बता दें कि रविवार दोपहर सत्य निकेतन की एक तंग गली में बनी पांच मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें लड़कों का हॉस्टल था। यह इमारत लगभग 50 साल पुरानी थी। इस घटना में दिल्ली एम्स ने आधिकारिक तौर पर 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है। एक बयान में कहा गया है, “दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से घायल हुए 11 मरीजों को जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (एम्स) लाया गया। इन 11 मरीजों में से 5 को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि गंभीर हालत वाले एक मरीज की बाद में चोटों के कारण मौत हो गई। तीन मरीजों को भर्ती किया गया है और उनका इलाज चल रहा है। एक मरीज के अंग की सर्जरी की गई। एक मरीज को मामूली चोट आई थी और निगरानी के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।” वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बहुमंजिला इमारत के मालिक और अन्य के खिलाफ साउथ कैंपस थाने में एफआईआर दर्ज की है।
महाराष्ट्र के गोंदिया में दही हांडी उत्सव के दौरान हादसा, सीढ़ियों का स्लैब गिरने से 21 लोग घायल

गोंदिया/मुंबई। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव से बड़ी खबर सामने आई है, जहां दही हांडी उत्सव के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है। अष्टविनायक दही हांडी उत्सव देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी, तभी अचानक सीढ़ियों का स्लैब भरभराकर गिर गया। इस हादसे में स्लैब पर खड़े 21 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 6 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, दही हांडी उत्सव के दौरान मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने 1.92 करोड़ का जुर्माना लगाया। दरअसल, गोंदिया के आमगांव में अष्टविनायक दही हांडी उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। दही हांडी देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। भीड़ ज्यादा होने के कारण कई लोग आसपास की ऊंची जगहों और सीढ़ियों के स्लैब पर चढ़कर कार्यक्रम देख रहे थे। तभी अचानक सीढ़ियों का स्लैब वजन नहीं झेल पाया और भरभराकर गिर गया। स्लैब पर खड़े लोग नीचे गिर गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में कुल 21 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत आमगांव ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां 16 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। वहीं, 6 गंभीर रूप से घायलों को आगे के इलाज के लिए गोंदिया जिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जिनमें से 2 की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों और आयोजकों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद उत्सव में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, मुंबई में दही हांडी उत्सव के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई की। ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार को 18,818 ई-चालान किए, जिनमें 1.92 करोड़ का जुर्माना लगाया गया। सीसीटीवी फुटेज से पहचाने गए दूसरे गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है, जिनके ई-चालान काटे जा रहे हैं। पुलिस ने उन गाड़ी चलाने वालों को टारगेट किया, जिन्होंने दही हांडी सेलिब्रेशन के दौरान ट्रैफिक नियम तोड़े थे। इन नियमों के उल्लंघन में खतरनाक और ओवरस्पीडिंग ड्राइविंग, बिना हेलमेट के गाड़ी चलाना, ट्रिपल-सीट राइडिंग और नो एंट्री का उल्लंघन शामिल थे। सबसे अधिक चालान उन गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ किए गए जिन्होंने ट्रैफिक में रुकावट डाली। ट्रैफिक में रुकावट डालने के लिए कुल 3,727 ई-चालान किए गए।
एनसीआर में मानसून पड़ा कमजोर, बारिश के आसार बेहद कम; अगले छह दिन बादलों की आवाजाही रहेगी जारी

नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में मानसून अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है और दूसरे राज्यों की तुलना में यहां इसकी सक्रियता लगातार कमजोर होती जा रही है। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी रहेगी, लेकिन बारिश की संभावना धीरे-धीरे कम होती जाएगी। फिलहाल मौसम विभाग ने एनसीआर के लिए किसी भी दिन कोई चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि, कुछ दिनों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 7 सितंबर को एनसीआर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 8 सितंबर को मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिलेगा। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। 9 सितंबर को अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट के साथ यह 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दिन भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान दिया है। आर्द्रता का स्तर अधिकतम 85 प्रतिशत और न्यूनतम 65 प्रतिशत रह सकता है। 10 सितंबर को भी मौसम लगभग इसी तरह रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम आर्द्रता 85 प्रतिशत तथा न्यूनतम आर्द्रता 65 प्रतिशत रहने की संभावना है। वहीं 11 सितंबर को तापमान में और मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। 12 सितंबर को भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहेगा। आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे। कुल मिलाकर एनसीआर में मानसून अब कमजोर पड़ चुका है। 7 सितंबर को मध्यम बारिश की संभावना के बाद 8 से 12 सितंबर तक पूर्वानुमान में बारिश के बजाय आंशिक या सामान्य रूप से बादल छाए रहने की स्थिति प्रमुख है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादलों के कारण कहीं-कहीं हल्की बारिश या बौछारें देखने को मिल सकती हैं। अगले कुछ दिनों में तापमान 32 से 34 डिग्री के बीच रहने से उमस का असर भी महसूस हो सकता है।
सत्य निकेतन हादसा: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के दिए आदेश

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद बड़ी कार्रवाई की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और लापरवाही या चूक के दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा, लापरवाही पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह बहुत पुरानी इमारत थी। बेसमेंट में पानी भरने से इसके पिलर कमजोर हो गए, जिससे पूरी इमारत गिर गई। इस मामले में कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है और इमारत के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके ठीक पीछे बनी इमारत को पूरी तरह खाली करा लिया गया है और एहतियात के तौर पर उसे गिरा दिया जाएगा।” मुख्यमंत्री ने कहा, “नगर निगम के साथ मिलकर सरकार एक ऐसी पॉलिसी बना रही है जिससे यह पक्का किया जा सके कि पब्लिक डोमेन में चलने वाले पीजी अकोमोडेशन, नर्सिंग होम और स्कूल का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट हो। जिन इमारतों को स्ट्रक्चरल रूप से सुरक्षित प्रमाणित नहीं किया जाएगा, उनमें किसी भी तरह की पब्लिक एक्टिविटी की इजाजत नहीं होगी।” रेखा गुप्ता ने कहा, “हम छात्रों को असुरक्षित पीजी अकोमोडेशन में रहने नहीं देंगे। इलाके से निकाले गए छात्रों के रहने की व्यवस्था कर दी गई है और सरकार उनकी जरूरतों और भलाई का पूरा ध्यान रख रही है। हम इस घटना से प्रभावित लोगों के माता-पिता के भी सीधे संपर्क में हैं। लापरवाही या चूक के दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” मुख्यमंत्री ने सोमवार सुबह सुरक्षा इंतजामों और चल रहे बचाव और राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए फिर से घटनास्थल का दौरा किया। घटना के बाद गुप्ता ने इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जिम्मेदार पाए जाने वाले एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। वहीं, साउथ कैंपस का आर्यभट्ट कॉलेज को भी बंद किया गया है गेट पर नोटिस लगाया गया है। जिसमें लिखा गया है कि सभी संबंधित लोगों को सूचित किया जाता है कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुखद घटना के कारण सोमवार को पढ़ाई-लिखाई बंद रहेगी और हमारा कॉलेज प्रभावित छात्रों के लिए अस्थायी आश्रय स्थल बन गया है। हालांकि, इस मुश्किल समय में मदद और सहयोग के लिए शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे। बता दें कि रविवार दोपहर सत्य निकेतन की एक तंग गली में बनी पांच मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें लड़कों का हॉस्टल था। यह इमारत लगभग 50 साल पुरानी थी। इस घटना में दिल्ली एम्स ने आधिकारिक तौर पर 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है। एक बयान में कहा गया है, “दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से घायल हुए 11 मरीजों को जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (एम्स) लाया गया। इन 11 मरीजों में से 5 को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि गंभीर हालत वाले एक मरीज की बाद में चोटों के कारण मौत हो गई। तीन मरीजों को भर्ती किया गया है और उनका इलाज चल रहा है। एक मरीज के अंग की सर्जरी की गई। एक मरीज को मामूली चोट आई थी और निगरानी के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
भाजपा देश को कमजोर कर रही, संविधान का नहीं कर रही पालन : फखरुल हसन

लखनऊ। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भारतीय जनता पार्टी पर संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान का पूरी तरह पालन करेगी और संवैधानिक प्रक्रिया का सम्मान करेगी। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भाजपा देश को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। मंदिर और मस्जिद तोड़े जाने के मामलों का रिकॉर्ड भाजपा के नाम रहा है। सपा प्रवक्ता ने धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर भाजपा की सरकार की नीतियों को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि संविधान ने देश के सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार दिया है लेकिन भाजपा सरकार इस स्वतंत्रता को सीमित करना चाहती है। वहीं, यूपी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर के हालिया ट्वीट्स को लेकर भी फखरुल हसन चांद ने निशाना साधा। उन्होंने राजभर पर भाजपा की भाषा और विचारों को दोहराने का आरोप लगाया। सपा प्रवक्ता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि राजभर अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और भाजपा का समर्थन करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा की तारीफ करते हैं, समाजवादी पार्टी ऐसे लोगों पर टिप्पणी नहीं करना चाहती क्योंकि जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। फखरुल हसन चांद के इन बयानों से प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भाजपा और सपा के बीच जुबानी जंग तेज होने के संकेत हैं। बता दें कि सुभासपा प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भोजपुरी में ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जी आखिर आप क्या कर रहे हैं? क्या आपने कसम खा ली है कि आप कभी सुधरेंगे नहीं? आपका ‘पीट देगा अशफाक’ हर दिन नई-नई मनमानियां कर रहा है और आप चादर तानकर चैन की नींद सो रहे हैं।