मिस्र के आसमान में दिखेगा भारतीय वायुसेना के ‘सारंग’ का जलवा

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर टीम मिस्र के आसमान में रोमांचक प्रदर्शन करने को तैयार है। सारंग टीम मिस्र पहुंच चुकी है और यहां 8 से 10 सितंबर तक होने वाले दूसरे एल अलामीन अंतरराष्ट्रीय एयर शो में अपने शानदार हवाई करतब दिखाएगी। सारंग टीम की सबसे खास पहचान यह है कि यह दुनिया की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली प्रदर्शन टीम है। टीम अपने बेहद सटीक और चुनौतीपूर्ण हवाई करतबों के जरिए पायलटों के कौशल, अनुशासन और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करेगी। आसमान में पांच हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब उड़ान भरेंगे। ये हेलीकॉप्टर पलक झपकते ही सटीक तालमेल के साथ दिशा बदलते हैं व ऐसी मूवमेंट करते हैं कि देखने वाले देखते रह जाएं। सारंग टीम जिन हेलीकॉप्टरों को उड़ाती है, वे भारत में डिजाइन और निर्मित उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर ध्रुव हैं। इन हेलीकॉप्टरों के जरिए टीम बेहद कम दूरी पर उड़ान भरने, कठिन संरचनात्मक उड़ानें और एक-दूसरे के साथ पूरी तरह समन्वित हवाई गतिविधियां करती है। मिस्र के दर्शकों और दुनिया भर से पहुंचने वाले विमानन प्रेमियों के लिए सारंग टीम का प्रदर्शन खास आकर्षण रहने वाला है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, टीम यहां अपने प्रसिद्ध ‘डॉल्फिन लीप’ करतब का प्रदर्शन करेगी। इसके साथ ही इस बार दर्शकों को एक नए हवाई करतब ‘स्पॉट स्टॉल टर्न’ की झलक भी देखने को मिलेगी। इस प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की सटीक उड़ान और पायलटों के बीच असाधारण तालमेल देखने को मिलेगा। दरअसल सारंग हेलीकॉप्टर का प्रदर्शन केवल रोमांच और करतब तक सीमित नहीं है। यह भारत की स्वदेशी विमानन तकनीक और हेलीकॉप्टर निर्माण क्षमता को भी दुनिया के सामने पेश करता है। ध्रुव हेलीकॉप्टरों को बेहद चुनौतीपूर्ण संरचनात्मक उड़ानों में संचालित करना पायलटों के उच्च स्तर के प्रशिक्षण, अनुशासन और पेशेवर दक्षता को दर्शाता है। सारंग टीम की उड़ानों में बेहद नजदीकी दूरी पर हेलीकॉप्टरों का संचालन और एक साथ तालमेल बनाकर हवाई गतिविधियां करना शामिल है। यही वजह है कि दुनिया के प्रमुख एयर शो में सारंग के प्रदर्शन को विशेष आकर्षण के तौर पर देखा जाता है। एल अलामीन अंतरराष्ट्रीय एयर शो में सारंग की भागीदारी भारत और मिस्र के बीच बढ़ते रक्षा और कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में दुनिया की प्रमुख वायु सेनाओं के साथ-साथ विमानन, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और पेशेवर भी हिस्सा लेंगे। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक मिस्र के आसमान में सारंग का प्रदर्शन भारतीय वायुसेना की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को एक नया आयाम देगा। साथ ही दुनिया की अन्य हवाई प्रदर्शन टीमों के साथ संवाद और संपर्क बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा।
ब्रिक्स इंडिया 2026: दुनिया का स्वागत करने को तैयार नई दिल्ली, एनडीएमसी के चेयरमैन ने शेयर की झलक

नई दिल्ली। 12 और 13 सितंबर 2026 को भारत मंडपम में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने राष्ट्रीय राजधानी की प्रमुख सड़कों, बाजारों, होटल क्षेत्रों और वीआईपी मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, रोशनी और यातायात मार्गों की सुगमता पर ध्यान केंद्रित करते हुए तैयारियों को तेज कर दिया है। इस बीच, एनडीएमसी के चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी तैयारियों को लेकर कुछ तस्वीरें और ब्रिक्स इंडिया 2026 का लोगो शेयर किया है। एक पोस्ट में उन्होंने ब्रिक्स इंडिया 2026 का लोगो शेयर करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के कुछ स्थानों पर एनडीएमसी द्वारा 2026 के ब्रिक्स समिट का स्वागत और स्मरण करने के लिए इस प्रकार की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि हमारे गोलचक्करों पर रोशनी और सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो गया है। इससे पहले न्यू दिल्ली मुंसिपल काउंसिल ऑफिशियल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “नई दिल्ली, दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले, एनडीएमसी व्यापक सौंदर्यीकरण और सड़क सुधार कार्यों के माध्यम से नई दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों को एक नया और जीवंत रूप दे रहा है। गड्ढों से मुक्त सड़कों, बेहतर फुटपाथों और स्पष्ट ज़ेबरा क्रॉसिंग से लेकर थीम आधारित पेंटिंग, रोशन फव्वारों और उन्नत फुटपाथों तक, हर पहलू को सावधानीपूर्वक बेहतर बनाया जा रहा है ताकि एक स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक स्वागत योग्य शहर का निर्माण हो सके। नई दिल्ली के सार्वजनिक स्थानों को गर्व, उद्देश्य और वैश्विक स्वागत की भावना के साथ रूपांतरित किया जा रहा है।” इससे पहले एनडीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि पालिका केंद्र स्थित एनडीएमसी का एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर 5 से 14 सितंबर तक चौबीसों घंटे काम करेगा। साथ ही, यातायात की निगरानी और कॉल अटेंड करने के लिए एक कंट्रोल रूम भी मौजूद रहेगा। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि प्रत्येक तीन शिफ्ट में निदेशक या संयुक्त निदेशक स्तर के दो अधिकारी तैनात रहेंगे, जबकि 11 विंगों को रात्रि ड्यूटी सौंपी गई है ताकि किसी भी समस्या का समय पर समाधान किया जा सके। अधिकारी ने बताया कि यह भी निर्णय लिया गया है कि संबंधित विभाग के प्रभारी कॉल अटेंड करने के लिए उपलब्ध रहेंगे, जबकि मुख्य सुरक्षा अधिकारी दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लोधी रोड, तिलक मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, शांतिपथ और जाकिर हुसैन रोड सहित पांच स्थानों पर विशेष रूप से धुंध का छिड़काव किया जाएगा। तैयारियों में 17 प्रमुख गोल चक्करों, 11 होटलों और 10 एनडीएमसी भवनों पर सजावटी प्रकाश व्यवस्था के अलावा 15 स्थानों पर फूलों के बोर्ड, नौ स्थानों पर फूलों के फव्वारे और प्रमुख सड़कों और महत्वपूर्ण चौराहों के किनारे 15,000 से अधिक फूलों के गमले शामिल हैं।
जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया

श्रीनगर। राजस्थान हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारत के राष्ट्रपति ने राजस्थान हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया है। जस्टिस भाटी की नियुक्ति केंद्र शासित प्रदेशों की उच्च न्यायपालिका में एक अहम घटनाक्रम है। वह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के 39वें चीफ जस्टिस के तौर पर पदभार संभालेंगे। 21 सितंबर 1970 को जन्मे जस्टिस भाटी ने कानून की पढ़ाई की और मर्केंटाइल लॉ में बीए, एलएलबी और एलएलएम की डिग्री हासिल की। बाद में उन्होंने पब्लिक एम्प्लॉयमेंट में प्रमोशन और सीनियरिटी, इसके बदलते आयाम और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका विषय पर अपनी रिसर्च के लिए पीएचडी की। जस्टिस भाटी 1992 में वकील के तौर पर एनरोल हुए और राजस्थान हाईकोर्ट में अपनी वकालत का काम बड़े पैमाने पर किया। अपने कानूनी करियर के दौरान उन्होंने कई तरह के मामलों को संभाला और राजस्थान में कानूनी बिरादरी के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे। बेंच में आने से पहले जस्टिस भाटी राजस्थान के एडिशनल एडवोकेट जनरल के तौर पर काम कर चुके थे। वह राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के साथ भी गहराई से जुड़े रहे और इसके प्रेसिडेंट के तौर पर काम किया। साथ ही, कानूनी पेशे के कामकाज में भी योगदान दिया। जस्टिस भाटी को 16 नवंबर 2016 को राजस्थान हाईकोर्ट में जज नियुक्त किया गया, जिससे बेंच पर उनके न्यायिक करियर की शुरुआत हुई। अपनी नई नियुक्ति के बाद जस्टिस भाटी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का कामकाज संभालेंगे, जिसका अधिकार क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों तक है। चीफ जस्टिस के तौर पर उनकी नियुक्ति से हाईकोर्ट के कामकाज और दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में इसके लगातार चल रहे कामों में उनके व्यापक न्यायिक और कानूनी अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के प्रमुख अभी एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव कुमार हैं।
निकाय चुनाव: भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में सीएम भजनलाल शर्मा ने अजमेर में किया रोड शो, लोगों में दिखा उत्साह

अजमेर। आगामी निकाय चुनावों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अजमेर में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में रोड शो किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। आईएएनएस से बातचीत करते हुए एक महिला कार्यकर्ता अनुश्री ने कहा, “मुख्यमंत्री के रोड शो के लिए हम लोग काफी उत्साहित हैं। सीएम के रोड शो के लिए जयपुर और जोधपुर से भी लोगों की मौजूदगी है। हम लोग रोड शो में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। अजमेर भाजपा गढ़ है, अब की बार हम और मजबूती के साथ भाजपा की जीत सुनिश्चित करेंगे।” जयपुर से आईं आरती राठौर ने कहा, “हम लोग अमजमेर में मतदान करते हैं, इसलिए जयपुर, जोधुर और बीकानेर से आए हैं।” बीते दिन 5 सितंबर को भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भीलवाड़ा में नगर निगम चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में एक विशाल रोड शो किया था। दूधधारी गोपाल मंदिर से महाराणा टॉकीज तक आयोजित इस रोड शो को जबरदस्त समर्थन मिला था। मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग और पार्टी कार्यकर्ता रास्ते पर एकजुट हुए। शहर से गुजरते समय कई स्थानों पर लोगों ने मुख्यमंत्री पर फूल बरसाए थे। रोड शो से पहले, मुख्यमंत्री ने राधा-कृष्ण मंदिर और चारभुजा मंदिर में पूजा-अर्चना की और राजस्थान की समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की थी। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल-इंजन सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में देश और राजस्थान में विकास के नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस गति को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा था कि आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनाव राजस्थान में विकास की गति को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने लोगों से भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की और कहा कि शहरी स्थानीय निकायों में ‘ट्रिपल-इंजन सरकार’ का गठन राज्य के विकास पथ में एक तीसरा इंजन जोड़ देगा।
बिहार : पटना के गांधी घाट पर गंगा का पानी उच्चतम बाढ़ स्तर पार, गंगा किनारे के इलाकों में विशेष सतर्कता

पटना। बिहार में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बीच पटना के गांधी घाट पर नदी का पानी उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) को पार कर गया है। जल संसाधन विभाग ने इसके मद्देनजर गंगा के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में विशेष सतर्कता और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन विभाग की ओर से रविवार को जारी चेतावनी संवाद में कहा गया कि गांधी घाट पर बढ़े जलस्तर का दबाव अब डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। इसका प्रभाव अगले एक से तीन दिनों के दौरान हाथीदह और उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है। विभाग ने आशंका जताई है कि हाथीदह में भी पानी का स्तर पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। विभाग ने बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में गंगा के किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई है। संबंधित जिलों के अधिकारियों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों को जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को गंगा नदी के जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील स्थलों और निचले इलाकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए एहतियाती कदम पहले से उठाने को कहा गया है, ताकि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर जन-धन की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की जा सके। विभाग ने सभी संबंधित अभियंताओं और क्षेत्रीय अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी संसाधनों और मशीनरी को तैयार स्थिति में रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने तथा किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। विभाग ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से भी सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से नदी के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन को नावों के परिचालन पर विशेष निगरानी रखने, ओवरलोडिंग रोकने और लोगों को समय-समय पर जलस्तर एवं संभावित खतरे की जानकारी उपलब्ध कराने का परामर्श दिया गया है। जल संसाधन विभाग ने कहा है कि डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखना बेहद जरूरी है। अधिकारियों को लगातार स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
विनोद तावड़े ने संभाली यूपी की चुनावी कमान, सीएम योगी से मुलाकात में 2027 की रणनीति पर मंथन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने में जुटी भाजपा ने अब संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के साथ चुनावी रणनीति को जमीन तक पहुंचाने की कवायद तेज कर दी है। इसी सिलसिले में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच संगठन, सरकार और आगामी विधानसभा चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। तावड़े ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग पर सीएम योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी जगदीश ईश्वरभाई पटेल भी मौजूद रहे। मुलाकात को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की रणनीतिक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य प्रदेश में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनाने के लिए संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत करना है। मुलाकात के बाद विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”यूपी की रफ्तार रहेगी बरकरार, तीसरी बार बनेगी एनडीए सरकार उत्तर प्रदेश प्रवास के दौरान लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी तथा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक से भेंटकर संगठन, सरकार एवं चुनाव से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से सार्थक चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन एवं गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भाजपा का हर कार्यकर्ता 2027 में पुनः एनडीए सरकार बनाकर विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बाद विनोद तावड़े का यह पहला लखनऊ दौरा है। शनिवार को उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया था। इस दौरान संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, युवाओं को पार्टी से जोड़ने और आगामी चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। तावड़े ने लखनऊ पहुंचने के बाद भाजपा की चुनावी तैयारियों को लेकर पार्टी की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा था कि भाजपा और एनडीए का प्रत्येक कार्यकर्ता आगामी विधानसभा चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ेगा और जीत हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद पार्टी अगले पांच वर्षों तक प्रदेश की जनता की सेवा के लिए समर्पित रहेगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ को लेकर भी तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि भाजपा अखिलेश यादव के पीडीए को नाकाम करेगी और उन्होंने पीडीए का अर्थ ‘पराया धन अपना’ बताया था। तावड़े ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनी है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार तेज हुई है। उन्होंने कहा कि इसी विकास और संगठन की ताकत के आधार पर भाजपा 2027 में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। इससे पहले लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने तावड़े का स्वागत किया। इस दौरान प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, प्रदेश महामंत्री संजय राय और प्रदेश कार्यालय प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ला सहित अन्य नेता मौजूद रहे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 18 अगस्त को विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया था। वहीं, जगदीश ईश्वरभाई पटेल को प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। तावड़े भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद हैं तथा इससे पहले हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह पार्टी के प्रभारी रहे थे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा नेतृत्व अब संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने की तैयारी में है। पार्टी की कोशिश सरकार की उपलब्धियों को कार्यकर्ताओं के जरिए बूथ स्तर तक पहुंचाने और युवाओं समेत विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की है। ऐसे में नए प्रदेश प्रभारी के रूप में तावड़े के सामने संगठन को चुनावी मोड में सक्रिय करने और एनडीए की लगातार तीसरी सरकार के लक्ष्य को जमीन पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी है।
मेघना गुलजार ने बताया कहानी कहने की प्रेरणा का राज, बोलीं- ‘मेरे लिए सबसे बड़ा स्रोत है जिंदगी’

मुंबई । फिल्ममेकर मेघना गुलजार अपनी फिल्मों के जरिए अक्सर ऐसी कहानियां पर्दे पर लेकर आती हैं, जो सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि समाज को सोचने पर मजबूर करती हैं। ‘तलवार’, ‘राजी’ और ‘सैम बहादुर’ जैसी फिल्मों में उनके निर्देशन का एक अलग अंदाज देखने को मिला। अब मेघना अपनी अगली फिल्म ‘दायरा’ लेकर आ रही हैं। इसमें करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले मेघना ने खुलासा किया कि आखिर उन्हें अपनी कहानियां कहने की प्रेरणा कहां से मिलती है। मेघना गुलजार से जब आईएएनएस ने पूछा कि एक कहानीकार के तौर पर उन्हें लगातार काम करने और नई कहानियां तलाशने की ऊर्जा कहां से मिलती है, तो उन्होंने कहा, ”मेरे लिए इसका सबसे बड़ा स्रोत जिंदगी है। जिस कहानी से बदलाव शुरू होता है, वही मेरे लिए सबसे पहली और सबसे बड़ी प्रेरणा होती है। मेरे लिए कहानी का मजबूत होना सबसे जरूरी है।” मेघना ने कहा, ”मैं फिक्शन यानी काल्पनिक कहानियों की तुलना में नॉन-फिक्शन को ज्यादा पढ़ना और देखना पसंद करती हूं। असल जिंदगी और वास्तविक घटनाओं से जुड़ी चीजें मुझे समाज और दुनिया को समझने का मौका देती हैं। यही समझ एक कहानीकार के तौर पर मेरे काम में भी कहीं न कहीं शामिल होती है।” उन्होंने कहा, ”मैंने ग्रेजुएशन के दौरान समाजशास्त्र की पढ़ाई की थी। इस पढ़ाई ने मेरे अंदर समाज को देखने और समझने का नजरिया बदला। मेरे भीतर एक तरह का रडार हमेशा खुला रहता है, जो आसपास और दुनिया में हो रही चीजों पर नजर रखता है। मैं यह समझने की कोशिश करती रहती हूं कि समाज में क्या चल रहा है, लोगों की सोच किस तरह बदल रही है और दुनिया किन मुद्दों से गुजर रही है।” मेघना ने कहा, ”एक कहानीकार के लिए सिर्फ फिल्में और किताबें देखना ही काफी नहीं है। जिस दुनिया में वह रहता है, उसके बारे में जागरूक रहना भी जरूरी है। मैं लगातार अपने आसपास की दुनिया को समझने और उसमें हो रही घटनाओं से खुद को जोड़े रखने की कोशिश करती हूं। मेरे लिए सामान्य जागरूकता भी कहानी कहने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। यही वजह है कि मेरी फिल्मों में अक्सर सामाजिक मुद्दे देखने को मिलते हैं।” बता दें कि मेघना की अगली फिल्म ‘दायरा’ एक क्राइम थ्रिलर है, जिसमें अपराध और जांच की कहानी के साथ न्याय, ताकत और कानून व्यवस्था से जुड़े कई सवाल उठाए जाएंगे। फिल्म का निर्माण जंगली पिक्चर्स के बैनर तले विनीत जैन कर रहे हैं। ‘दायरा’ 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
खुफिया सूचना पर सेना की कार्रवाई, 20 किलो विस्फोटक बरामद

नई दिल्ली। मणिपुर के जंगलों में भारतीय सेना ने खुफिया सूचना के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई की है। यहां भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है। भारतीय सेना की स्पीयर कोर के तहत सुरक्षा बलों ने स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान मणिपुर के लेशाबीथोल और अहमादाबाद के बीच घने जंगलों में छिपाकर रखे गए तीन आईईडी बरामद किए गए। सेना के मुताबिक, इन तीनों आईईडी का कुल वजन करीब 20 किलोग्राम है। जंगल के बीच विस्फोटकों की यह मौजूदगी सामने आने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को सुरक्षित कर लिया। इसके बाद नियंत्रित कार्रवाई के तहत मौके पर ही तीनों आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से संभावित बड़ी वारदात को समय रहते टाल दिया गया। घने जंगल में छिपाकर रखे गए इन विस्फोटकों से आम लोगों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। दरअसल सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई मणिपुर के संवेदनशील इलाकों में लगातार बरती जा रही सतर्कता को भी रेखांकित करती है। सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। ऐसे में करीब 20 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री का जंगल से बरामद होना सुरक्षा बलों के लिए एक अहम सफलता है। समय रहते इन आईईडी को निष्क्रिय कर सुरक्षा बलों ने एक बार फिर साबित किया है कि खुफिया सूचना, सतर्कता और संयुक्त कार्रवाई के दम पर बड़े खतरे को टाला जा सकता है। गौरतलब है कि बीते दिनों ही सुरक्षा बलों ने मणिपुर व उत्तर पूर्वी भारत के अन्य राज्यों से 300 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ और प्रतिबंधित सामान बरामद किए थे। जब्त किए गए मादक पदार्थों में हेरोइन, अफीम, मॉर्फिन व ब्राउन शुगर जैसे नशीले पदार्थ शामिल थे। यह कार्रवाई मणिपुर, असम और मिजोरम के अलग-अलग जिलों में खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी। सेना की स्पीयर कोर व असम राइफल्स के फॉर्मेशन ने विभिन्न स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर यह एक्शन लिया था। बरामदगी में बड़ी मात्रा में हेरोइन, याबा और मेथम्फेटामाइन की गोलियां, अफीम, मॉर्फिन, ब्राउन शुगर, पॉपी सीड्स, सिगरेट तथा बिना हिसाब की नकदी शामिल थीं। मणिपुर में ये अभियान चुराचांदपुर, सेनापति और कामजोंग जिलों में चलाए गए थे।
मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब पीने से नौ लोगों की मौत, 35 अस्पताल में भर्ती

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 35 अन्य लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार जिन लोगों का इलाज चल रहा है, उनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और सागर स्थित जिला अस्पताल में रेफर किया गया है। जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि रविवार सुबह से ही अवैध शराब के सेवन से जुड़ी बीमारियों और मौतों की खबरें सामने आ रही हैं और सिविल अस्पताल में जांच चल रही है। उन्होंने कहा, “रविवार सुबह से ही अवैध शराब के सेवन से कथित तौर पर बीमारियां और मौतें होने की खबरें मिली हैं और सिविल अस्पताल में जांच चल रही है।” प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा दल और अधिकारी तैनात किए गए हैं ताकि उन लोगों की जांच की जा सके जिन्होंने शराब का सेवन किया हो सकता है। इनमें नौरा और घुगरू गांव शामिल हैं। प्रभावित मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने सायनोसिस यानी शरीर का नीला पड़ जाना और मांसपेशियों में अकड़न जैसे लक्षणों की सूचना दी है। जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने उन सभी लोगों से आग्रह किया जिन्होंने पिछले 24 से 48 घंटों में किसी भी प्रकार की शराब का सेवन किया हो, या जिनमें लक्षण दिखाई दे रहे हों, वे तत्काल चिकित्सा जांच करवाएं। उन्होंने कहा, “हमारी डॉक्टरों की टीम और एसडीएम टीम नौरा और घुगरू के चिन्हित गांवों सहित आसपास के क्षेत्रों में स्क्रीनिंग के लिए मौजूद हैं। जिन लोगों में लक्षण दिखाई दे रहे हैं या जिन्होंने पिछले 24 से 48 घंटों में किसी भी प्रकार की शराब का सेवन किया है, उन्हें डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।” कलेक्टर ने कहा कि लोग जांच के लिए सिविल अस्पताल या किसी अन्य स्वास्थ्य केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है। एहतियात के तौर पर इलाके की शराब की छह दुकानों को सील कर दिया गया है और अधिकारियों को संदिग्ध शराब के नमूने एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। सागर आयुक्त, महानिरीक्षक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने नौरा और घुगरू खुर्द गांवों का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और इलाज करा रहे लोगों के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। पुलिस ने संदिग्ध जहरीली शराब के स्रोत का पता लगाने और इसकी आपूर्ति में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है। अवैध शराब व्यापारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौतों के सटीक कारणों का पता चलेगा। इस बीच, सागर जिला प्रशासन ने शराब के सेवन के बाद उल्टी, सिरदर्द या बुखार जैसे लक्षण महसूस करने वाले लोगों से अपील की है कि वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं।
सागर जहरीली शराब कांड: सीएम मोहन यादव ने दिए कार्रवाई के निर्देश, बोले- ‘सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी ऐसी घटनाएं’

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार सुबह पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मैंने प्रभारी मंत्री को निर्देश दिए हैं और अधिकारियों से कहा है कि वे तुरंत कार्रवाई करें। कठोर कदम उठाएंगे और मामले की जांच कराएंगे। हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।” बता दें कि सागर जिले में जहरीली शराब पीने से कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है, जबकि 35 अन्य लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। बताया गया है कि जिन लोगों का इलाज चल रहा है, उनमें से कुछ की हालत गंभीर है। उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और सागर स्थित जिला अस्पताल में रेफर किया गया है। वहीं, ग्वालियर पहुंचे मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर सवाल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले भी वहां जहरीली शराब से जुड़ी एक घटना हुई थी। पूरे राज्य में शराब माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और लोगों की जान ले रहे हैं। मैंने पहले भी यह मुद्दा उठाया था और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि राज्य नशे की चपेट में आ गया है। मेरा मानना है कि मुख्यमंत्री को इस स्थिति का संज्ञान लेना चाहिए। इस ड्रग और शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।” जीतू पटवारी ने कहा, “इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए। जो दोषी हैं, उन्हें 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे डालना चाहिए। अगर इस घटना के बाद भी सरकार नहीं जागती है तो मेरा मानना है कि इस राज्य की जनता को विचार करना होगा कि यह सरकार है या लोगों की हत्या करने की मशीनरी।