बिहार में बाढ़ की स्थिति पर सीएम लगातार कर रहे निगरानी, सरकार जनता के साथ खड़ी : नितिन नवीन

पटना। बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और आपदा की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सरकार का पूरा ध्यान प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने पर है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान नितिन नवीन ने कहा कि बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि आपदा की इस घड़ी में लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा, “हम सबका प्रयास है कि लोगों को इस आपदा के समय में भी कम से कम समस्या हो। सरकार पूरी तरह से जनता के लिए खड़ी रहे, यही हमारा प्रयास है।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार भी बिहार में उत्पन्न स्थिति को लेकर गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर विषय का संज्ञान लेते हैं और आपदा से जुड़े मामलों पर भी लगातार नजर रखी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही हैं। नितिन नवीन ने कहा कि नेपाल में हुई घटनाओं के बाद से बिहार में परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। इसके बाद बारिश के कारण भी कई इलाकों में स्थिति और प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता लोगों को राहत और सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की निगरानी में राहत और बचाव से जुड़े कार्य लगातार किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को मुश्किल परिस्थितियों में भी राहत मिले और उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान दिखाई दे। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचनी चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री की निगरानी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार की कोशिश रहेगी कि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और जरूरत के मुताबिक उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाए।

दिल्ली में भारी बारिश से विमान सेवाएं प्रभावित, इंडिगो और एयर इंडिया ने जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली। दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुई भारी बारिश से विमान सेवाएं प्रभावित हो गई हैं और इंडिगो एवं एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने कहा कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण उड़ान संचालन में देरी हो सकती है। एयरलाइन ने यात्रियों से एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की अपील की। साथ ही यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी, क्योंकि जलभराव और सड़कों पर धीमी आवाजाही से एयरपोर्ट पहुंचने में दिक्कत हो सकती है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने भी यात्रियों को चेतावनी दी कि खराब मौसम के कारण दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, आईजीआई एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी जीएमआर ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार एयरपोर्ट के आसपास खराब मौसम की संभावना है, लेकिन फिलहाल एयरपोर्ट का संचालन सामान्य रूप से जारी है। एयरपोर्ट संचालक ने कहा कि यात्रियों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए उसकी ग्राउंड टीमें सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कर रही हैं। यात्रियों को उड़ान की ताजा जानकारी के लिए अपनी संबंधित एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है। दिल्ली और आसपास के इलाकों, जिनमें नोएडा और गाजियाबाद भी शामिल हैं, में सुबह मध्यम बारिश हुई। इससे हाल की गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी पैदा हो गई। पालम एयरपोर्ट टनल, गीता कॉलोनी, मंडी हाउस और सुब्रतो पार्क समेत कई इलाकों में जलभराव की सूचना मिली, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और सामान्य जनजीवन बाधित हुआ। बारिश के कारण दिल्ली का न्यूनतम तापमान गिरकर 24.8 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 3.4 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार रात 11:30 बजे से शनिवार सुबह 5:30 बजे के बीच सफदरजंग में 0.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद सुबह 8:30 बजे तक अगले तीन घंटों में स्टेशन पर 1.3 मिलीमीटर और बारिश दर्ज हुई। आईएमजी ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और दिन के दौरान पूरे क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

एफसीएनआर (बी) के जरिए डॉलर आकर्षित करने में आईसीआईसीआई बैंक, आरबीएल बैंक और एचएसबीसी रहे सबसे आगे

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से डॉलर आकर्षित करने के लिए शुरू की गई विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) या एफसीएनआर (बी) जमा स्कीम को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और इसमें 127.22 अरब डॉलर का इनफ्लो दर्ज किया गया है। मैक्वेरी, जेफरीज और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (एमओएसएल) की ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्कीम के तहत इनफ्लो को आकर्षित करने के लिए बैंकों ने निवेशकों को आकर्षक ब्याज दरें ऑफर की हैं। इन इनफ्लो में बैंकों की हिस्सेदारी उनके घरेलू कारोबार के हिसाब से निर्धारित नहीं है। कई बैंकों ने अपने आकार के मुकाबले बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। आईसीआईसीआई बैंक निजी बैंकों में अग्रणी रहा है। मैक्वेरी के मुताबिक, निजी बैंक ने एफसीएनआर (बी) जमा में 17.88 अरब डॉलर या 1.70 लाख करोड़ रुपए का इनफ्लो आकर्षित किया है। फंड जुटाने में 70 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान बैंक की अपनी बैलेंस शीट से आया, जिसमें उसकी इंटरनेशनल ब्रांच से लिए गए लगभग 9 अरब डॉलर के लोन और दूसरे बैंकों को जारी किए गए 3.6 अरब डॉलर के स्टैंडबाय लेटर ऑफ क्रेडिट शामिल हैं। एमओएसएल का अनुमान है कि आईसीआईसीआई बैंक का हिस्सा लगभग 14 प्रतिशत है, जो अभी भी उसके सामान्य डिपॉजिट-मार्केट हिस्सेदारी से दोगुना है। बैंक की इस मजबूत फंड जुटाने की क्षमता में उसकी इंटरनेशनल बैलेंस शीट का बड़ा योगदान रहा। छोटे निजी बैंक आरबीएल बैंक ने भी अपनी क्षमता से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। एमओएसएल के अनुसार, बैंक ने लगभग 3.4 अरब डॉलर (करीब 32,000 करोड़ रुपए) जुटाए, जो कुल एफसीएनआर (बी) जमा का लगभग 2.7 प्रतिशत था। यह बैंक के सामान्य डिपॉजिट मार्केट शेयर 0.5 प्रतिशत से काफी ज्यादा था। इस स्कीम का सबसे ज्यादा फायदा विदेशी बैंकों को हुआ। जेफरीज ने बताया कि एफसीएनआर (बी) जमा में उनकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है जून की शुरुआत में यह लगभग 1-2 प्रतिशत थी, जो जुलाई के अंत तक नए डिपॉजिट का 15 से 30 प्रतिशत हो गई। एमओएसएल का अनुमान है कि 30 जुलाई तक एचएसबीसी बैंक ने कुल नए डिपॉजिट का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया और 6.1 अरब डॉलर ( करीब 58,000 करोड़ रुपए) जुटाए। जेफरीज के डेटा से पता चला कि अगस्त के अंत तक एचएसबीसी के नए डिपॉजिट लगभग 6.14 अरब डॉलर तक पहुंच गए थे। स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने भी नए डिपॉजिट का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, कई इलाकों में सड़कों पर भरा पानी

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में शनिवार को भारी बारिश हुई, जिससे कई जगहों पर जलभराव हो गया, ट्रैफिक पर असर पड़ा और पूरी राजधानी में आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कनॉट प्लेस में आउटर सर्कल के पास पानी जमा हो गया, जिसके बाद अधिकारियों को अतिरिक्त पानी निकालने के लिए पंप लगाने पड़े। दुकानदारों में भी चिंता बढ़ गई क्योंकि बारिश का पानी आस-पास की कई दुकानों में घुसने लगा था। ग्रेटर नोएडा और नोएडा के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हुई, जबकि दिल्ली के कई इलाकों में भी अच्छी-खासी बारिश दर्ज की गई। मंडी हाउस के पास गोल चक्कर पर जलभराव की खबर मिली, जिससे आने-जाने वालों को परेशानी हुई और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। तुगलकाबाद गांव की मुख्य सड़क पर भी ऐसे ही हालात दिखे, जहां जमा बारिश के पानी की वजह से गाड़ियों की आवाजाही में रुकावट आई। राजधानी के कई अन्य हिस्सों में भी दिन भर जोरदार बारिश होती रही। शुक्रवार को दिल्ली में हुई भारी बारिश के एक दिन बाद फिर से बारिश हुई। इस बारिश ने शहर भर में जन्माष्टमी के जश्न में खलल डाला और कई श्रद्धालुओं को अचानक हुई बारिश से परेशानी का सामना करना पड़ा। 4 सितंबर की दोपहर को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। शुक्रवार को दोपहर 3:30 बजे से शाम 5 बजे के बीच सफदरजंग में हवा की रफ्तार लगभग 50 किमी/घंटा और पालम में 30 से 60 किमी/घंटा के बीच रही। शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच पालम में 75.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इसी दौरान सफदरजंग में 32.6 मिमी, लोधी रोड पर 34.6 मिमी और रिज इलाके में 20 मिमी बारिश हुई। खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। शुक्रवार को दोपहर 3:30 बजे से 4:30 बजे के बीच दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 9 उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा, क्योंकि भारी बारिश और आंधी-तूफान के कारण उड़ानों के संचालन में बाधा आई। मौजूदा मौसम की स्थिति पर कई वायुमंडलीय प्रणालियों का असर पड़ रहा है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र, मॉनसून ट्रफ और मौसम की अन्य प्रणालियां दिल्ली-एनसीआर में बारिश और आंधी-तूफान में सहायक हो रही हैं। उत्तर-पूर्व राजस्थान से मणिपुर तक फैला एक ट्रफ और दक्षिण गुजरात से झारखंड तक फैला एक और ट्रफ भी इस इलाके पर असर डाल रहे हैं। वायुमंडल के बीच और ऊपरी स्तरों में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) ट्रफ के रूप में बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, रविवार सितंबर को बारिश की गतिविधि में काफी कमी आने की उम्मीद है। सुबह से दोपहर तक कुछ जगहों पर हल्की या बहुत हल्की बारिश हो सकती है। 7 सितंबर से दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है और बारिश का कोई खास अनुमान नहीं है।

पश्चिम बंगाल : दक्षिण बंगाल में भारी बारिश से राहत, उत्तर बंगाल में सोमवार तक वर्षा का पूर्वानुमान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण इलाके में बारिश की तीव्रता कम हो गई है और अगले कुछ दिनों तक कोलकाता सहित इस क्षेत्र में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि, उत्तरी इलाके के कई जिलों में सोमवार तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग के अनुसार, एक कम दबाव का सिस्टम अभी भी सक्रिय है, जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून ट्रफ राजस्थान से मणिपुर तक उत्तर बंगाल होते हुए फैला हुआ है, जो राज्य भर में मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। अगले 24 घंटों में मुर्शिदाबाद में भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर बंगाल में बारिश की गतिविधि ज्यादा रहेगी। अगले 24 घंटों में मालदा, दक्षिण दिनाजपुर और जलपाईगुड़ी जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। सोमवार तक उत्तर बंगाल के अन्य जिलों में भी गरज-चमक और रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है। कोलकाता में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया था, लेकिन शुक्रवार को बारिश न होने से लोगों को राहत मिली और जलभराव वाले इलाकों से पानी निकल गया। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले तीन से चार दिनों तक शहर में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है, हालांकि कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों के लिए दक्षिण बंगाल के तट पर मछुआरों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। शुक्रवार को कोलकाता में अधिकतम तापमान 31.08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 25.09 डिग्री सेल्सियस रहा। सापेक्ष आर्द्रता 67 प्रतिशत से 98 प्रतिशत के बीच रही। शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है, और तापमान लगभग 32 डिग्री और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

बिहार : पटना के गांधीघाट पर खतरे के निशान से 1.91 मीटर ऊपर गंगा, नए उच्चतम जलस्तर की आशंका

पटना। बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अभियंता प्रमुख की ओर से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को चेतावनी संवाद जारी कर आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, शनिवार को सुबह 9 बजे पटना के गांधीघाट गेज स्थल पर गंगा का जलस्तर 50.51 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 48.60 मीटर से 1.91 मीटर ऊपर है। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की प्रवृत्ति बनी हुई है। विभाग ने विशेष रूप से चिंता जताई है कि गंगा इस स्थल पर अपने अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 50.52 मीटर के बेहद करीब पहुंच गई है और पूर्वानुमान के अनुसार गांधीघाट पर नया उच्चतम जलस्तर बनने की संभावना है। विभाग ने कहा है कि जलस्तर बढ़ने के कारण नदी के प्रवाह क्षेत्र, विशेषकर दियारा इलाकों में दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। चेतावनी संवाद में जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ आपदा के दृष्टिकोण से सभी आवश्यक एहतियाती कदम तत्काल उठाए जाएं। तटबंध के नदी भाग में बसे लोगों को गंगा के बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे की जानकारी देने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिलास्तर पर गठित दलों की लगातार गश्ती सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। जल संसाधन विभाग की निगरानी रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार सुबह 10 बजे गांधीघाट पर गंगा का जलस्तर बढ़कर 50.53 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से करीब 1.93 मीटर ऊपर है। इस समय यहां जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति दर्ज की गई है और यह निर्धारित एचएफएल 50.52 मीटर से भी मामूली तौर पर ऊपर पहुंच गया है। विभाग की रिपोर्ट में गंगा के अन्य प्रमुख गेज स्थलों पर भी जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। बक्सर, बाढ़, दीघाघाट, हाथीदह, मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर, कहलगांव में भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। इनमें कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति दर्ज की गई है। विभाग ने जिला प्रशासन से कहा है कि नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए तटबंधों, दियारा क्षेत्रों और नदी के प्रवाह क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जाए तथा किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को सक्रिय रखा जाए।

केरल में एनएच-66 पर खड़ी लॉरी से टकराई कार, तमिलनाडु के आठ इंजीनियरिंग छात्रों की मौत

त्रिशूर। केरल के त्रिशूर में भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें तमिलनाडु के इंजीनियरिंग कॉलेज के आठ छात्रों की मौत हो गई। छात्र जिस कार में यात्रा कर रहे थे, वह शुक्रवार देर रात त्रिशूर जिले के कैपामंगलम में नेशनल हाईवे 66 पर खड़े एक मालवाहक ट्रक से टकरा गई। यह हादसा नेशनल हाईवे के उस हिस्से पर हुआ जहां निर्माण कार्य चल रहा है। यहां एक लॉरी हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान बनाए गए डायवर्जन के पास खड़ी थी। इस लॉरी में तमिलनाडु नंबर वाली कार पीछे से आकर टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार 8 लोग अंदर ही फंस गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और बचावकर्मी मौके पर पहुंचे। पीड़ितों को बाहर निकालने के लिए क्षतिग्रस्त वाहन को काटना पड़ा। माना जा रहा है कि कार में सवार सात लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई, जबकि एक अन्य पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। इसके बाद पुलिस और आपातकालीन कर्मियों ने शवों को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया। हादसे का शिकार हुए लोग तमिलनाडु के डिंडीगुल में पी.एस.एम. इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र थे। मारे गए पांच लोगों की पहचान अभी तक हुई है। जिनमें सलेम के 20 साल के विश्व, डिंडीगुल के 20 साल के सूर्या और 20 साल के युवासंजीत, मदुरै के 20 साल के संतोष और प्रसन्ना हैं। अधिकारी बाकी तीन पीड़ितों की पहचान करने और उनके रिश्तेदारों को सूचित करने की कोशिश कर रहे थे। कार के खड़ी लॉरी से टकराने की वजहों की जांच की जा रही है। हाईवे निर्माण वाले हिस्से में डायवर्जन के पास खड़ी गाड़ी का वहां होना भी जांच का हिस्सा हो सकता है। सूचना मिलने के तुरंत बाद कैपामंगलम पुलिस स्टेशन के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। घटनाक्रम का सही पता लगाने के लिए पुलिस गाड़ियों की जांच करेगी और घटनास्थल से अन्य सबूत इकट्ठा करेगी। यह दुर्घटना केरल में एनएच-66 के कई हिस्सों पर चल रहे बड़े पैमाने पर निर्माण और चौड़ीकरण के काम के बीच हुई है, जहां अस्थायी डायवर्जन और ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

सलिल चौधरी की डेथ एनिवर्सरी पर जैकी श्रॉफ ने दी श्रद्धांजलि, शेयर की तस्वीर

मुंबई। मशहूर म्यूजिक कंपोजर सलिल चौधरी की डेथ एनिवर्सरी शनिवार को है। इस मौके पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर सलिल चौधरी की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह पियानो बजाते नजर आ रहे हैं। म्यूजिक कंपोजर को टैग कर उन्होंने लिखा, “म्यूजिकल लेजेंड सलिल चौधरी को उनकी डेथ एनिवर्सरी पर याद करते हुए ।” सलिल चौधरी का निधन 5 सितंबर, 1995 को 69 साल की उम्र में हो गया था। 19 नवंबर, 1925 को बंगाल प्रेसीडेंसी के हरिनावी में जन्मे सलिल चौधरी को सिर्फ एक म्यूजिक कंपोजर से कहीं ज्यादा माना जाता था। वह एक गीतकार, गीतकार, कवि, लेखक और थिएटर पर्सनैलिटी थे। उन्होंने हिंदी, बंगाली और मलयालम समेत 13 भाषाओं में फिल्मों के लिए संगीत बनाया। वह बांसुरी, पियानो और एसराज जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में भी माहिर थे। एक कंपोजर के तौर पर उनकी पहली बंगाली फिल्म 1949 में ‘परिवर्तन’ थी। हिंदी सिनेमा में उनकी एंट्री 1953 में बिमल रॉय की ‘दो बीघा जमीन’ से हुई। 1958 में बिमल रॉय की ‘मधुमती’ के लिए उनका साउंडट्रैक उनके सबसे मशहूर कामों में से एक है। इस फिल्म में ‘आजा रे परदेसी’, ‘सुहाना सफर और यह मौसम हसीन’, ‘दिल तड़प तड़प के कह रहा है’ और ‘घड़ी घड़ी मोरा दिल धड़के’ जैसे यादगार गाने थे। इसके बाद उन्होंने कई यादगार गाने गाए, जिनमें परख का ‘ओ सजना बरखा बहार आई’, छाया का ‘इतना ना मुझसे तू प्यार बढ़ा’, काबुलीवाला का ‘ऐ मेरे प्यारे वतन’, आनंद का ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’ और ‘ज़िंदगी कैसी है पहेली’ और छोटी सी बात का ‘ना जाने क्यों’ शामिल हैं। इसके बाद उन्होंने लता मंगेशकर, मुकेश, मन्ना डे, किशोर कुमार और आशा भोसले जैसे प्लेबैक सिंगिंग के कुछ सबसे बड़े नामों के साथ काम किया और ऐसी धुनें बनाईं जो आज भी एवरग्रीन मानी जाती हैं।

शिक्षक गढ़ेंगे विकसित भारत की नींव, 25 करोड़ छात्रों का भविष्य संवार रहे 1 करोड़ 3 लाख से अधिक टीचर : प्रह्लाद जोशी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और शिक्षा राज्य मंत्रियों ने देशभर के शिक्षकों को शुभकामनाएं दी हैं और महान विद्वान, दार्शनिक और शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन किया है। शिक्षा मंत्रालय ने प्रह्लाद जोशी का वीडियो संदेश ‘एक्स’ पोस्ट पर शेयर किया। वीडियो संदेश में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने डॉ. एस राधाकृष्णन को याद करते हुए देशभर के शिक्षकों के समर्पण और योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र से जुड़े 82 उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इन सभी शिक्षकों की उपलब्धियां अलग-अलग हैं, लेकिन इनका उद्देश्य एक ही है कि अपने विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देना और उनका भविष्य उज्जवल बनाना। उन्होंने कहा कि इस बार सम्मानित किए जा रहे 82 शिक्षकों में स्कूल शिक्षण से 48, उच्च शिक्षण से 21, और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय से 13 शिक्षक शामिल हैं। प्रह्लाद जोशी ने कहा, “यह सम्मान केवल उन 82 शिक्षकों तक सीमित नहीं है। यह देश के 1 करोड़ 3 लाख से अधिक शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करता है, जो हर दिन लगभग 25 करोड़ विद्यार्थियों तक शिक्षण पहुंचाते हैं और उनके भविष्य को दिशा दे रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं उन सभी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई देता हूं, साथ ही देश के सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं, जिनके निरंतर प्रयास से हमारी आने वाली पीढ़ियां तैयार हो रही हैं। हमारा विश्वास है कि भारत के उज्जवल भविष्य की मजबूत नींव अच्छी शिक्षण और समर्पित शिक्षकों से ही तैयार होती है। हमारे शिक्षक जिस पीढ़ी को आज तैयार कर रहे हैं, वही आने वाले समय में भारत को नई ऊंचाई तक ले जाएगी और विकसित भारत में उनका योगदान रहेगा।” मंत्री ने बताया कि पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों ने नवाचार, तकनीक, समावेशी शिक्षा, खेल, कला और कौशल के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वहीं, केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने भी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। शिक्षा मंत्रालय ने उनके वीडियो संदेश को शेयर किया। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “एक शिक्षक का प्रभाव कक्षा से कहीं आगे तक जाता है- जिज्ञासा को बढ़ावा देना, आत्मविश्वास बनाना और युवा दिमागों को बेहतर भविष्य को आकार देने के लिए ज्ञान और मूल्यों के साथ सशक्त बनाना।” सुकांत मजूमदार ने देशभर के शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण और अमूल्य योगदान का जश्न मनाया, जो कल के नेताओं को आकार दे रहे हैं और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में मदद कर रहे हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने भी शिक्षक दिवस पर संदेश दिया। शिक्षा मंत्रालय ने उनके वीडियो संदेश को शेयर किया। वीडियो संदेश में उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को स्मरण करते हुए इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने वाले 82 उत्कृष्ट शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देशभर के सभी शिक्षकों की मेहनत, लगन और समर्पण की सराहना करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को नमन किया।

राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, कहा- ‘कम से कम भगवान कृष्ण के तो बनकर रहिए भाई’

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर राजभर ने अखिलेश यादव के एक कथित साक्षात्कार का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि वह खुद को यदुवंशी कहते हैं, लेकिन भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण का नाम लेने से क्यों बचते हैं। उन्होंने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा, “कम से कम भगवान कृष्ण के तो बनकर रहिए भाई।” राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि अखिलेश जी, कम से कम भगवान कृष्ण के तो बनकर रहिए भाई। आपका एक इंटरव्यू देखा। पत्रकार ने सीधा सवाल पूछा—जय श्री राम बोलूं या जय श्री कृष्ण? सवाल साफ था लेकिन आपने तड़ाक से बात ही बदल दी। माइक पर एक बार भी जय श्री राम या जय श्री कृष्ण बोलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। उन्होंने कहा कि कैसे खुद को यदुवंशी कहते हैं महाराज? इतना भी क्या 18 प्रतिशत वोट का डर कि अपने भगवान का नाम तक खुलकर न ले सको? उनके दर्शन करने, उनकी जन्मस्थली तक न जा सको? यही हाल रहा तो आपकी अपनी बिरादरी भी एक दिन पूछ बैठेगी कि क्या आप लोग वाकई यदुवंशी हैं? राजभर ने कहा कि सच तो ये है कि आपका मन केवल एक ही तरफ लगता है। तभी तो पैगम्बर-ए-इस्लाम के जन्मोत्सव पर लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम की सफलता की कामना आप खुलकर करते हैं। टोपी तक लगा लेते हैं। सही बात तो ये है कि आप न राम के हुए, न कृष्ण के और न ही यदुवंश के। अरे महाराज, किसी के तो सगे बन जाइए! मंत्री ओम प्रकाश ने कहा कि खैर, आपको कृष्ण जन्माष्टमी की अनंत शुभकामनाएं। उम्मीद है कि किसी दिन आपका जमीर जगेगा और आप भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर की मांग का समर्थन करेंगे। किंतु ये तभी होगा जब भगवान श्रीकृष्ण की आप पर कृपा होगी। जय श्री राम। जय श्री कृष्ण। जय परशुराम। जय महाराजा सुहेलदेव। जय सुभासपा। जय सनातन।