तमिलनाडु में डीएमके नेता केएन नेहरू के ठिकानों पर एसीबी की छापेमारी

चेन्नई। तमिलनाडु में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केएन नेहरू और उनके भाई रविचंद्रन से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। शनिवार सुबह शुरू हुई यह तलाशी अभियान 19 अलग-अलग जगहों पर चलाया जा रहा है, जिसमें चेन्नई और तिरुचिरापल्ली के ठिकाने शामिल हैं। चेन्नई में अधिकारियों ने मायलापुर, अड्यार, थिरुवनमियुर, अन्ना नगर और अभिरामपुरम सहित कई इलाकों में स्थित परिसरों में तलाशी ली। वहीं, तिरुचिरापल्ली में एसबी की टीम चार गाड़ियों में केएन नेहरू के थिल्लई नगर स्थित घर पर पहुंची और घर तथा उनसे जुड़ी अन्य संपत्तियों की तलाशी शुरू की। उनके भाई रविचंद्रन से जुड़ी संपत्तियों को भी इस ऑपरेशन में कवर किया गया। जब तलाशी शुरू हुई, तब केएन नेहरू घर पर नहीं थे, लेकिन छापेमारी की सूचना मिलते ही वे अपने थिल्लई नगर स्थित आवास पर लौट आए। इस कार्रवाई की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में डीएमके कार्यकर्ता और समर्थक उनके घर के बाहर जमा हो गए। पूर्व मंत्री अनबिल महेश और अन्य वरिष्ठ डीएमके नेता भी उनके आवास पर पहुंचे। इस दौरान बाहर कार्यकर्ताओं के जमा होने से तनाव का माहौल बन गया। यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब पहले भी इनकम टैक्स विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टेंडर आवंटन में अनियमितताओं के आरोपों के सिलसिले में केएन नेहरू और रविचंद्रन से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी। अब राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की इस कार्रवाई ने पूर्व मंत्री और उनके सहयोगियों से जुड़ी जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। अधिकारी परिसरों और दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। इस तलाशी अभियान के समय को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह कार्रवाई तब हो रही है जब तमिलनाडु विधानसभा का सत्र चल रहा है। केएन नेहरू डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हैं और वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के उपनेता के महत्वपूर्ण पद पर हैं। चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में एक साथ कई संपत्तियों पर छापेमारी से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। अधिकारियों की ओर से इस ऑपरेशन के दौरान जब्ती या बरामद दस्तावेजों को लेकर अभी और जानकारी का इंतजार है।

मस्जिदों को अवैध बताकर ध्वस्तीकरण का अभियान तत्काल रोके सरकार: मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में मस्जिदों समेत अन्य धार्मिक स्थलों को अवैध बताकर ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार से इसे तत्काल रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष सरकार की जिम्मेदारी सभी धर्मों के मानने वालों तथा उनके धार्मिक स्थलों का समान रूप से सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मायावती ने बिना समुचित कानूनी प्रक्रिया के किसी आरोपी का मकान गिराए जाने को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और ‘कानून द्वारा कानून का राज’ सुनिश्चित करने की मांग की। मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट के जरिए कहा कि जिला सहारनपुर की मस्जिद समेत पूरे उत्तर प्रदेश में आए दिन मस्जिदों को काफी आपत्तिजनक तरीके से अवैध बताकर उन्हें ध्वस्त करने का जो सरकारी अभियान चल रहा है, वह उचित नहीं है। सरकार को ऐसे नकारात्मक हालात से बचने के लिए इस पर तत्काल रोक लगानी चाहिए और समस्या के समाधान के अन्य उपाय करने चाहिए। बसपा प्रमुख ने कहा कि संवैधानिक धर्मनिरपेक्ष सरकार की जिम्मेदारी सभी धर्मों को मानने वाले लोगों और उनके धार्मिक स्थलों का समान आदर-सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म में मस्जिदें हर दिन इबादत और दिन में कई बार जमात के साथ नमाज पढ़ने का मुख्य व अभिन्न अंग हैं। इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय परंपरा के अनुरूप सम्मान देना देश और व्यापक जनहित में जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिना नियम-कानून का समुचित अनुपालन किए किसी भी अभियुक्त का मकान ध्वस्त कर उसके पूरे परिवार को सामूहिक तौर पर सजा देकर बेघर कर देने की कार्रवाइयों से लोग काफी विचलित हैं। ऐसे मामलों में सरकार को कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए और ‘कानून द्वारा कानून का राज’ का व्यवहार करना जरूरी है। मायावती ने कहा कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि माननीय न्यायालय भी इस ओर समुचित ध्यान दें तो यह उचित होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में सभी लोगों को सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की जरूरत है और पार्टी की भी यही अपील है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शनिवार सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के मुताबिक, सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद के निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध करार दिया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद समिति की ओर से दायर पहली अपील भी खारिज हो चुकी थी। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस तथा आरआरएफ के जवान तैनात रहे। मस्जिद ध्वस्त किए जाने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

बिहार में बाढ़ का कहर जारी, गंगा के उफान से कई जिलों में लाखों लोग प्रभावित

पटना। बिहार में गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जल संसाधन विभाग के शनिवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार गंगा, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, भागलपुर, भोजपुर, पटना, सारण और वैशाली में ही करीब 7.8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी निचले इलाकों में पानी फैलने से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। भागलपुर के खरीक प्रखंड की राघोपुर पंचायत में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण काजीकौरैय-राघोपुर मार्जिनल बांध 23 अगस्त की रात करीब 30 मीटर लंबाई में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद पंचायत के पांच वार्डों में पानी फैल गया, जिससे करीब 5,000 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए छह सामुदायिक रसोई केंद्र चलाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से अब तक करीब 70,600 थालियों में भोजन कराया जा चुका है। भोजपुर में गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जिले के चार प्रखंडों की करीब 2.84 लाख आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से 13 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक करीब 8,300 थालियों में भोजन कराया गया है। पटना जिले में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के नौ प्रखंडों में करीब 2.32 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। फिलहाल आठ सामुदायिक रसोई केंद्र चल रहे हैं, जिनसे करीब 5,900 थालियों में भोजन उपलब्ध कराया गया है। शनिवार से सात और स्थानों पर सामुदायिक रसोई केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। सारण जिले के पांच प्रखंडों में करीब 20 हजार आबादी प्रभावित हुई है। यहां एक सामुदायिक रसोई केंद्र के माध्यम से अब तक करीब 500 थालियों में भोजन कराया गया है। वैशाली में तीन प्रखंडों की करीब 85 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। यहां एक सामुदायिक रसोई केंद्र के साथ एक राहत शिविर भी संचालित किया जा रहा है, जिसमें 326 लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा अरवल में 32 हजार, बक्सर में 10 हजार, बेगूसराय में 21,700, समस्तीपुर में 11,800, खगड़िया में 8,500, मुंगेर में 38 हजार और कटिहार में 36 हजार लोग निचले इलाकों में पानी फैलने से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से 18 जिलों में कुल 693 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें वैशाली में सबसे अधिक 155, समस्तीपुर में 88, भोजपुर में 87, पटना में 70, मधेपुरा में 58, खगड़िया में 43 और पूर्णिया में 35 नावें चल रही हैं। राहत सामग्री के तौर पर 11 जिलों में अब तक 7,107 पॉलीथिन शीट वितरित की गई हैं। वहीं पश्चिम चंपारण, पटना और वैशाली में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच 1,764 सूखा राशन पैकेट भी बांटे गए हैं। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गंगा का जलस्तर पटना के गांधी घाट पर खतरे के निशान से 1.83 मीटर और हाथीदह में 1.61 मीटर ऊपर है। कहलगांव में गंगा 1.22 मीटर तथा पुनपुन नदी श्रीपालपुर में 2.68 मीटर ऊपर बह रही है। सरकार और जिला प्रशासन की टीमें लगातार जलस्तर की निगरानी के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।

भारतीय टीम पाकिस्तान को एकतरफा हराएगी, मंधाना और हरमन का दिखेगा जलवा: फैंस

मुंबई। महिला एशिया कप 2026 का सबसे रोमांचक मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार की शाम दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। क्रिकेट फैंस इस मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट फैंस का मानना है कि टीम इंडिया पाकिस्तान के खिलाफ एकतरफा जीत हासिल करेगी। मुंबई में अभ्यास के लिए जुटे युवा क्रिकेटरों और उनके कोच का मानना है कि भारतीय टीम के सामने पाकिस्तान कमजोर है। टीम इंडिया की एकतरफा जीत निश्चित है। आईएएनएस से बात करते हुए प्रशिक्षक ने कहा, “भारतीय टीम एकतरफा मैच जीतेगी। भारतीय टीम के सामने पाकिस्तान बेहद कमजोर है। पाकिस्तान भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ हमेशा एकतरफा हारती है। इस मैच में भी यही होगा। भारतीय टीम को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।” एक युवा क्रिकेटर ने कहा, “हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है। बल्लेबाज, गेंदबाज और ऑलराउंडर सभी अच्छा खेल रहे हैं। मंधाना अच्छे फॉर्म में हैं। ऐसे में हम जीतेंगे।” एक अन्य युवा फैन ने कहा, “मुझे लगता है कि भारतीय टीम जीतेगी। हमारी टीम की बल्लेबाजी में गहराई है और हम गेंदबाजी में भी अच्छा कर रहे हैं। स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, और मुझे पूरी उम्मीद है कि इस मैच में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहेगा।” भारतीय टीम की एकतरफा जीत की बात दोहराते हुए एक युवा फैन ने कहा, “हमने देखा है कि पिछले कुछ समय में भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन में भी काफी सुधार आया है। हम जीत जाएंगे। स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर, रेणुका ठाकुर सभी अच्छा कर रहे हैं। उम्मीद है कि सभी आज भी अच्छा करें और हम मैच जीतें।” एक फैन ने कहा, “भारत-पाकिस्तान का मैच हमेशा रोमांचक होता है। फैंस हमेशा दोनों टीमों का मुकाबला देखना चाहते हैं। दोनों देशों के बीच हुए मैचों को देखें, तो भारतीय टीम ने ज्यादा जीत दर्ज की है। मैं चाहूंगा कि भारतीय टीम इस मैच में भी जीते।” भारत-पाकिस्तान मैच के रोमांच पर चर्चा करते हुए एक युवा क्रिकेटर ने कहा, “कोई भी खेल हो, मैदान पर जब भी भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होते हैं, तो अलग ही रोमांच होता है। पाकिस्तान के खिलाफ हमारी पुरुष और महिला टीम हमेशा अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इस मैच में भी हम जीतेंगे।

जापान में भारी बारिश का कहर, याकुशिमा द्वीप पर लैंडस्लाइड की चेतावनी

टोक्यो। जापान में भारी बारिश के बाद याकुशिमा द्वीप पर भूस्खलन की चेतावनी दी गई है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने शनिवार को दक्षिण-पश्चिमी जापान के कागोशिमा प्रांत स्थित याकुशिमा द्वीप के लिए लेवल-5 यानी ‘सबसे गंभीर आपात चेतावनी’ जारी की। एजेंसी ने लोगों से सुबह के समय अधिकतम सतर्कता बरतने की अपील की। क्योडो न्यूज एजेंसी ने बताया कि जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, लेवल-5 चेतावनी जारी किए जाने का मतलब है कि इलाके में किसी तरह की आपदा घटित होने की आशंका बेहद प्रबल है और कुछ स्थानों पर आपदा हो भी सकती है। याकुशिमा के ओनोआइडा में 24 घंटों में 490.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो उस इलाके के लिए एक रिकॉर्ड है। याकुशिमा द्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जिसमें पुराने देवदार के पेड़ भी शामिल हैं, के लिए मशहूर एक टूरिस्ट स्पॉट है। टाइफून क्रोवान्ह और एक मौसम प्रणाली के प्रभाव के कारण पश्चिमी जापान के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने और उनके उफान पर आने की आशंका है। एजेंसी के अनुसार, दक्षिणी क्यूशू क्षेत्र, जिसमें कागोशिमा भी शामिल है, में रविवार सुबह 6 बजे तक 24 घंटे के दौरान 200 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। अधिकारियों ने भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और भूस्खलन तथा बाढ़ के खतरे वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया है। क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अनुसार, शनिवार तड़के शहर में लगभग 20 घरों में बिजली गुल हो गई थी, लेकिन पुलिस और अग्निशमन विभाग को किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। हाल के हफ्तों में जापान के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। शनिवार को भूस्खलन की आपातकालीन चेतावनी, अगस्त में टोक्यो के पास चिबा प्रान्त की कुछ नगर पालिकाओं में जारी चेतावनी के बाद आई है, जब भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में 13 लोगों की मौत हो गई थी।

तमिलनाडु: मेटूर से छोड़ा गया पानी अपर एनीकट पहुंचा, कम प्रवाह से किसानों की बढ़ी चिंता

तिरुची। कावेरी डेल्टा की सिंचाई के लिए मेटूर बांध से छोड़ा गया पानी तमिलनाडु में तिरुची जिले के मुक्कोंबू स्थित अपर एनीकट तक पहुंच गया है, लेकिन पानी का प्रवाह काफी कम होने से यह चिंता बढ़ गई है कि क्या यह किसानों की सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देश पर डेल्टा जिलों में खेती को समर्थन देने के लिए 1 सितंबर को मेटूर जलाशय से 7,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शुक्रवार सुबह जब पानी अपर एनीकट पहुंचा, तब तक उसका प्रवाह घटकर लगभग 1,500 क्यूसेक रह गया था। जलाशय में अपर्याप्त भंडारण के कारण इस वर्ष मेटूर से पानी छोड़ने में देरी हुई, जिससे कावेरी डेल्टा के कुछ हिस्सों में कुरुवाई की खेती प्रभावित हुई। जलाशय का जलस्तर 92 फीट तक बढ़ने और 8,456 क्यूसेक पानी के प्रवाह के बाद अंततः पानी छोड़ा गया। छोड़ा गया पानी गुरुवार को करूर जिले के मयानूर बैराज तक पहुंच गया। वहां जल प्रवाह प्रारंभ में केवल 2,737 क्यूसेक था, जो बाद में बढ़कर 4,081 क्यूसेक हो गया। इसके बाद लगभग 2,050 क्यूसेक जल मयानूर से ऊपरी एनीकट की ओर छोड़ा गया। शुक्रवार तड़के करीब 6 बजे मुक्कोंबू में पानी पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि बांध पर लगभग 777 क्यूसेक पानी उपलब्ध था और इसका उपयोग पेयजल आवश्यकताओं के लिए किया जा रहा था। हालांकि मयानूर से छोड़े गए 2,050 क्यूसेक में से केवल लगभग 1,500 क्यूसेक ही ऊपरी एनीकट तक पहुंचे। जल प्रवाह में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद करते हुए अधिकारियों ने उपलब्ध 1,500 क्यूसेक पानी कावेरी नदी में ग्रैंड एनीकट या कल्लनई की ओर छोड़ दिया। शनिवार को पानी के कल्लनई पहुंचने की उम्मीद है और अधिकारी रविवार से सिंचाई प्रणालियों की ओर पानी छोड़ना शुरू कर सकते हैं, हालांकि सिंचाई विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वर्तमान जल प्रवाह डेल्टा क्षेत्र में प्रभावी सिंचाई के लिए आवश्यक स्तर से काफी कम है। उन्होंने कहा कि सिंचाई नेटवर्क को पर्याप्त रूप से चलाने के लिए 16,000 क्यूसेक से अधिक पानी के प्रवाह की आवश्यकता होगी। वर्तमान जलस्तर पर पानी काफी हद तक मुख्य नदी के मार्ग तक ही सीमित रह सकता है, जिससे कृषि क्षेत्रों की सिंचाई करने वाली शाखा नदियों और सिंचाई नहरों तक अपर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच पाएगा। किसान पहले से ही सिंचाई नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि आने वाले दिनों में पानी की निकासी में पर्याप्त वृद्धि नहीं होती है, तो वर्तमान प्रवाह से फसलों के लिए पानी का इंतजार कर रहे किसानों को कोई खास राहत मिलने की संभावना नहीं है।

गया ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी की पासिंग आउट परेड, 253 कैडेट भारतीय सेना में हुए शामिल

गया। बिहार के गया में स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में शनिवार को आयोजित एक समारोह में शॉर्ट सर्विस कमीशन, टेक्निकल एंट्री (पुरुष और महिला) के चौथे बैच को अधिकारी के तौर पर कमीशन किया गया। इस परेड में 253 ऑफिसर कैडेट्स की पासिंग आउट परेड हुई, जिन्होंने भारतीय सेना के कमीशन प्राप्त अधिकारी बनने के लिए ‘अंतिम पग’ (अंतिम कदम) पार किया। इसमें एसएससी (टेक्निकल) पुरुष-65 कोर्स के 218 ऑफिसर कैडेट्स और एसएसी (टेक्निकल) महिला-36 कोर्स के 35 ऑफिसर कैडेट्स शामिल थे। वियतनाम पीपुल्स आर्मी के डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुओंग परेड के रिव्यूइंग ऑफिसर (समीक्षा अधिकारी) थे। कुशल, सटीक और तालमेल भरी ड्रिल गतिविधियों ने सभी दर्शकों में गर्व की गहरी भावना जगाई। पासिंग आउट परेड के लिए एकेडमी अंडर ऑफिसर पी. शशि कुमार परेड कमांडर थे। रिव्यूइंग ऑफिसर ने उन ऑफिसर कैडेट्स को पदक प्रदान किए, जिन्होंने अपने प्रशिक्षण के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया था। एकेडमी अंडर ऑफिसर पी. शशि कुमार ने ‘बेस्ट ऑल राउंडर’ चुने जाने पर प्रतिष्ठित ‘स्वोर्ड ऑफ ऑनर’ (सम्मान की तलवार) जीता। उन्हें गोरखा राइफल्स में कमीशन किया गया है। एकेडमी अंडर ऑफिसर पी. शशि कुमार ने ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में पहला स्थान हासिल करने पर स्वर्ण पदक जीता। उन्हें गोरखा राइफल्स में कमीशन किया गया है। बटालियन अंडर ऑफिसर दीपक सिंह रावत ने ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में दूसरा स्थान हासिल करने पर रजत पदक जीता। उन्हें राजपूत रेजिमेंट में कमीशन किया गया है। एकेडमी कैडेट एडजुटेंट नवनीत सिंह ने ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में तीसरा स्थान हासिल करने पर कांस्य पदक जीता। उन्हें पैरा स्पेशल फोर्सेज में कमीशन किया गया है। कालिधर कंपनी ने ओवरऑल चैंपियन कंपनी बनने के लिए ‘चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर’ जीता। पासिंग आउट कोर्स के ऑफिसर कैडेट्स को संबोधित करते हुए रिव्यूइंग ऑफिसर ने युवा मिलिट्री लीडर्स को नई सोच अपनाने और लगातार अपनी जानकारी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मकसद के साथ नेतृत्व करने, नई टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करने और तेजी से बदलते युद्ध के मैदान में हालात के अनुसार ढलने की जरूरत पर जोर दिया। भारतीय सेना के मुख्य मूल्यों को बनाए रखते हुए उन्होंने शांति और युद्ध के समय प्रभावी कमांड के लिए परंपरा और भविष्य की सोच वाली लीडरशिप का मेल बिठाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। पिप्पिंग सेरेमनी ऑफिसर कैडेट्स और उनके परिवारों के लिए संतुष्टि और गर्व का एक शानदार पल था। महीनों की अटूट लगन और कड़ी मेहनत के नतीजे के तौर पर, यह उनकी यात्रा का एक अहम पड़ाव था। बिगुल बजते ही उनके कंधों पर स्टार लगाए गए, जो उनके कमीशंड ऑफिसर बनने का प्रतीक था। देश की सेवा करने की गंभीर शपथ एकेडमी एडजुटेंट लेफ्टिनेंट कर्नल प्रखर धागत ने दिलाई। गर्व से सिर उठाकर और मकसद से भरे दिलों के साथ, नए कमीशंड ऑफिसर्स सम्मान और कर्तव्य से भरी जिंदगी की ओर अपना ‘पहला कदम’ बढ़ाने के लिए गर्व से आगे बढ़े।

शिक्षकों संग पीएम मोदी की खास बातचीत, पब्लिक स्पीकिंग पर मांगे टिप्स, बच्चों की ‘रिपोर्टिंग स्किल्स’ पर भी ली चुटकी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि शिक्षक दिवस समाज में शिक्षकों के अहम योगदान की सराहना करने का दिन है। उन्होंने यह भी कहा कि यह डॉ. एस. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देने का भी दिन है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने नेशनल टीचर्स अवॉर्ड’ (राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार) विजेताओं के साथ मुलाकात की झलकियां भी साझा की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “शिक्षक दिवस हमारे समाज में शिक्षकों के अहम योगदान की सराहना करने का दिन है। यह डॉ. एस. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देने का दिन भी है। कल जब नेशनल टीचर्स अवॉर्ड्स के विजेताओं को 7, एलकेएम (लोक कल्याण मार्ग) बुलाया गया, तो क्या हुआ, देखिए।” पीएम मोदी से संवाद करते समय एक महिला अध्यापिका ने बताया कि वह बच्चों को नवाचारी तरीके से साक्षात्कार लेना सिखा रही हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने पूछा कि बच्चे घर जाकर मम्मी-पापा का भी इंटरव्यू करते होंगे? पीएम मोदी की इस बात पर महिला टीचर ने ‘हां’ में जवाब दिया। फिर पीएम मोदी ने कहा कि बच्चे अपने माता-पिता से पूछते होंगे कि खाना क्यों पकाया? ऐसा क्यों पकाया? यह निर्णय किसने किया था? बजट कितना खर्च किया था? इस पर महिला अध्यापिका ने कहा कि मेरे स्कूल के सारे बच्चे रिपोर्टर ही बनना चाहते हैं! एक अन्य महिला शिक्षक ने पीएम मोदी को बताया कि वह बच्चों को केमिस्ट्री पढ़ाने के साथ एनवायरमेंट एजुकेशन भी पढ़ाती हूं। मैं बच्चों को कॉन्फिडेंस के साथ पब्लिक स्पीकिंग के लिए भी मेंटर करती हैं और उन्हें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है। इस पर प्रधानमंत्री ने पूछा, “आप बच्चों को पब्लिक स्पीकिंग सिखाती हैं। अगर मैं आपका विद्यार्थी हूं और एक अच्छा वक्ता बनना चाहता हूं, तो मुझे क्या करना चाहिए? कोई टिप्स दीजिए।” जवाब में शिक्षिका ने कहा, “आपको कॉन्फिडेंस में रहना चाहिए।” इस पर प्रधानमंत्री और शिक्षिका दोनों हंस पड़े। शिक्षिका ने कहा, “सर, आपका ऑरा देखकर मुझे थोड़ा डाउट हो गया।” इस पर पीएम मोदी ने कहा कि यानी मतलब आपको पब्लिक स्पीकर बनना है तो ऑरा नहीं होना चाहिए। महिला टीचर ने कहा कि होना चाहिए। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि फिर तो लोग सुनेंगे ही नहीं, औरा (आभा) ही देखते रहेंगे। महिला टीचर ने कहा कि आपको देखते ही रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवाद को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हो सकता है कि कोई बच्चा शिक्षा में ठीक नहीं होगा। लेकिन परमात्मा ने हर एक को कोई न कोई ताकत दी है। उसके टैलेंट पहचानने के लिए कोई कोशिश करते हैं आप टीचर लोग? इस पर एक महिला टीचर ने कहा, “बहुत सारी कोशिश करते हैं, असल में वही हमारी कोशिश होती है, क्योंकि मेरा मानना है कि हमारे विद्यालय या हमारी कक्षा में जितने बच्चे हैं, उन सभी में अलग-अलग खूबी है। अलग-अलग टैलेंट है, अलग-अलग चैलेंज है और एक शिक्षक के नाते मैं उन सारे टैलेंट्स की पहचान करती हूं।” एक पुरुष अध्यापक ने कहा, “आपने (पीएम मोदी) एकलव्य खोल कर एक स्कूल नहीं बनाया, बल्कि लगभग मेरे हिसाब से कई परिवारों को जोड़ा हैं। ऐसे लोगों को जोड़ा जो फर्सट जनरेशन लर्नर हैं, जिन्होंने कभी स्कूल नहीं देखे। उनके बच्चे आज हमारे यहां से एनआईटी, आईआईटी का सपना देख रहे हैं। मेडिकल क्वालीफाई कर रहे हैं।” महिला अध्यापिका ने कहा, “शोध का विषय ब्रेस्ट कैंसर रहा है। ब्रेस्ट कैंसर आज भी एक ऐसा विषय है जिसमें महिलाएं बात करने से बहुत हिचकती हैं। कुछ चीजें हमारी क्षमता में है जो हम कर सकते हैं, जैसे कि प्राइमरी स्क्रीनिंग या कुछ ऐसी बातें उनको बताना कि वह ब्रेस्ट कैंसर को पहचान सकें और डॉक्टर की सलाह की जरूरत है। मैं इन विषयों पर काम करती हूं।” इस पर पीएम मोदी ने कहा, “आप इसी विषय में काम कर रही हैं तो मैं काशी का सांसद हूं। मैंने वहां ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस अभियान शुरू किया है। मुझे खुशी है कि महिलाएं सामने से आकर अपना चेकअप कराती हैं, पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। दूसरे एक अच्छा अनुभव आया। अभी तो एक दिन में अधिकतम लोगों की जांच करने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्होंने रजिस्टर किया।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “एक विषय है स्क्रीन टाइम, जो अब एक तरह का एडिक्शन बन गया है। मेरे मन में एक विचार आता है, अगर बच्चा खेलकूद में ज्यादा रुचि लेने लगे, मैदान में खेलने लगे, तो वह धीरे-धीरे इस एडिक्शन से बाहर आ सकता है। हमें बच्चों को ज्यादा से ज्यादा क्रिएटिविटी से जोड़ना चाहिए और ऐसे कार्यक्रमों को आदत बनाना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने कहा, “अब जैसे ड्रग्स का मामला है। कई बार पता ही नहीं चलता कि क्या हो रहा है, कोई आकर कुछ दे जाता है। क्या इस बारे में शिक्षकों में लगातार जागरूकता है? क्या कोई बारीकी से यह ऑब्जर्व कर रहा है कि किसी बच्चे के व्यवहार में बदलाव तो नहीं आ रहा? मैं पूरे शिक्षा जगत से कहना चाहता हूं कि हमें किताबों और सिलेबस से बाहर निकलकर बच्चों की जिंदगी में झांकना होगा। बचपन को मरने नहीं देना है, और बचपन को बनाए रखने का सबसे बड़ा काम शिक्षक ही कर सकता है।

कर्नाटक के बेलगावी में मजदूरों को खुदाई में मिले सोने के 14 प्राचीन सिक्के, प्रशासन को लौटाए

बेलगावी। कर्नाटक के बेलगावी जिले के सौंदत्ती तालुक के इंचल गांव में मजदूरों को खुदाई के दौरान सोने के सिक्कों से भरा मटका मिला है। मजदूरों ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए सभी सिक्के प्रशासन को सौंप दिए, जिसके बाद तालुक प्रशासन ने उनकी खूब सराहना की। यह घटना इंचल गांव में बीसीएम हॉस्टल के पास काम के दौरान हुई। वीबी जीरामजी योजना के तहत काम कर रहे दिहाड़ी मजदूरों को काम करते समय जमीन में एक मिट्टी का बर्तन मिला। जब बर्तन को खोला गया तो उसमें 14 सोने के सिक्के निकले। सिक्कों का वजन 54.8 ग्राम है और इनकी कीमत करीब 8.27 लाख रुपए आंकी गई है। मजदूरों ने सिक्के अपने पास रखने के बजाय ईमानदारी दिखाते हुए अधिकारियों को सौंप दिया। सभी सिक्के पंचायत विकास अधिकारी (पीडीओ) और तालुक पंचायत स्टाफ की मौजूदगी में सौंदत्ती तहसीलदार को सौंपे गए। सौंदत्ती के तहसीलदार मल्लिकार्जुन हेग्गनवर ने सभी सिक्कों को सरकारी खजाने में जमा करा दिया। मजदूरों को मिले 14 सिक्कों पर हाथी की तस्वीर बनी हुई है। इतिहास के जानकारों के मुताबिक हाथी तलकाडु के गंगा वंश का शाही प्रतीक था। ये सिक्के 10वीं से 15वीं शताब्दी के बीच के हैं। इतने पुराने और ऐतिहासिक महत्व के सिक्के मिलना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में तालुक प्रशासन ने मजदूरों की ईमानदारी की तारीफ की है। अधिकारियों ने कहा कि अगर मजदूर चाहते तो सिक्के छुपा सकते थे, लेकिन उन्होंने ईमानदारी का परिचय देकर एक अच्छी मिसाल पेश की है।

फरक्का जल संधि से बिहार को हुआ नुकसान, 12 जिलों में ‘नीतीश संवाद’ के जरिए लोगों को जागरूक करेगी जेडीयू

पटना। जनता दल (यूनाइटेड) ने फरक्का जल संधि और बिहार के जल संसाधनों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य में जनजागरूकता अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि पार्टी ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के तहत 12 जिलों की यात्रा करेगी। इस दौरान बिहार के साथ हुए अन्याय और फरक्का बैराज व जल संधि के कारण राज्य को हुए नुकसान के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय कुमार झा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हम 12 जिलों का दौरा शुरू कर रहे हैं। हमारे राज्य जेडीयू अध्यक्ष रमेश कुशवाहा और मैं मिलकर यह यात्रा कर रहे हैं। इसका मुख्य मकसद लोगों तक पहुंचना और जागरूकता फैलाना है। हम लोगों को बिहार के साथ हुए गंभीर अन्याय और फरक्का जल संधि के कारण पिछले 30 साल में राज्य को हुए भारी नुकसान के बारे में बताएंगे। चूंकि यह संधि इस दिसंबर में खत्म होने वाली है और हमारे नेता नीतीश कुमार व हमारी पार्टी ने हमेशा फरक्का बैराज और फरक्का जल संधि का विरोध किया है, इसलिए हमारा रुख साफ है: इस संधि को मौजूदा रूप में आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। अगर किसी विकल्प पर विचार किया जाता है, तो उसमें बिहार की पानी से जुड़ी चिंताओं का समाधान 2050 तक की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। संजय कुमार झा ने कहा कि वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के साथ मिलकर यह यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों तक पहुंचना और बिहार के हितों से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता पैदा करना है। जेडीयू का दावा है कि फरक्का जल संधि के कारण पिछले करीब 30 वर्षों में बिहार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि फरक्का जल संधि की मौजूदा अवधि दिसंबर में समाप्त होने वाली है। ऐसे में पार्टी ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। संजय झा के मुताबिक, नीतीश कुमार के नेतृत्व में जेडीयू शुरू से ही फरक्का बैराज और फरक्का जल संधि का विरोध करती रही है। पार्टी का मानना है कि मौजूदा स्वरूप में इस संधि को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। जेडीयू नेता ने यह भी कहा कि यदि संधि के स्थान पर किसी वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाता है तो उसमें बिहार के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। खास तौर पर राज्य की जल संबंधी समस्याओं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार होनी चाहिए, जो वर्ष 2050 तक बिहार की आवश्यकताओं का समाधान कर सके। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कश्मीर को लेकर बकिंघम के मेयर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी विदेशी मेयर को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। सरावगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और इस पर कोई बहस नहीं हो सकती। स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े मामले पर भी सरावगी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने घटना को जातिगत रंग देने की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह का रवैया उचित नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों से ऐसे मामलों में जातिगत आधार पर राजनीति से बचने की अपील की। बिहार में मेडिकल शिक्षा के विस्तार को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि समस्तीपुर के श्री राम जानकी कॉलेज और छपरा मेडिकल कॉलेज को एमएमबीएस की 50-50 सीटों की मंजूरी मिली है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार जताया। उनके मुताबिक, इन मंजूरियों से राज्य में मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और आने वाले समय में स्वास्थ्य क्षेत्र को भी इसका लाभ मिलेगा।