कांगो में इबोला प्रकोप अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं : अफ्रीका सीडीसी

किंशासा। अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने गुरुवार को कहा कि हाल के हफ्तों में हालात कुछ स्थिर होते दिख रहे हैं, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में फैला इबोला प्रकोप पूरी तरह नियंत्रण में आ गया है। स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रीका सीडीसी के अधिकारी वेसम मंकौला ने एक ऑनलाइन प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हम पूरे प्रकोप को नियंत्रित करने में सफल हो गए हैं।” गुरुवार को जारी सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 1 सितंबर तक डीआरसी में 6,250 कन्फर्म मामले और 3,039 मौतें दर्ज की गई थीं, और मृत्यु दर 48.6 प्रतिशत थी। कुल 1,439 मरीज ठीक हो चुके हैं। इस प्रकोप ने छह प्रांतों के 60 स्वास्थ्य क्षेत्रों को प्रभावित किया है। चार स्वास्थ्य क्षेत्रों में 42 दिनों से अधिक समय तक कोई नया मामला सामने नहीं आने के बाद संक्रमण रुक गया है, जबकि अन्य पांच क्षेत्रों में 21 से 42 दिनों तक कोई नया मामला नहीं आया है। हालांकि, मंकौला ने कहा कि 51 स्वास्थ्य क्षेत्रों में संक्रमण अभी भी सक्रिय है। मंकौला ने कहा, “पिछले दो हफ्तों में मामलों की संख्या में कमी जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन अभी यह कहना बहुत जल्दी होगा कि यह गिरावट लगातार बनी रहेगी।” अफ्रीका सीडीसी ने चिंता जताई कि पिछले सात दिनों में दर्ज हुई मौतों में 60 प्रतिशत से अधिक मौतें समुदायों के भीतर हुई हैं, यानी कई मरीज समय रहते अस्पताल या उपचार केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। यह स्थिति बीमारी की पहचान में देरी और उपचार लेने में आने वाली चुनौतियों को दिखाती है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने चेतावनी दी है कि इबोला वायरस का प्रसार राहत और नियंत्रण प्रयासों की तुलना में तेजी से हो रहा है। इस प्रकोप से मरने वालों की संख्या 3,000 से अधिक हो गई है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 31 अगस्त तक डीआरसी में 6,186 कन्फर्म मामले और 3,007 मौतें दर्ज की गई थीं। कुल 1,409 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 830 अन्य आइसोलेशन या इबोला उपचार केंद्रों में हैं। इस प्रकोप ने इतुरी, नॉर्थ किवु, हौट-उएले, त्शोपो, साउथ किवु और बास-उएले प्रांतों के 60 स्वास्थ्य क्षेत्रों को प्रभावित किया है। इतूरी इसका मुख्य केंद्र बना हुआ है, जहां देश भर के कुल कन्फर्म मामलों में से 81.9 प्रतिशत मामले यहीं पाए गए हैं। मई में घोषित यह मौजूदा प्रकोप, देश का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे घातक इबोला महामारी बन गया है। साथ ही, यह दुनिया भर में दूसरी सबसे बड़ी महामारी है। इससे बड़ी महामारी केवल 2014-2016 में पश्चिम अफ्रीका में फैली थी।

दादाभाई नौरोजी की जयंती पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, उनके योगदान को किया याद

नई दिल्ली। महान स्वतंत्रता सेनानी, भारतीय राजनीति के ‘ग्रैंड ओल्ड मैन’ दादाभाई नौरोजी जी की जयंती पर शुक्रवार को देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तक, सभी ने उनके योगदान को याद किया। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “महान स्वतंत्रता सेनानी दादाभाई नौरोजी जी की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।” उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें प्रखर शिक्षाविद् और समाज सुधारक बताते हुए नमन किया। उन्होंने कहा, “महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर शिक्षाविद् एवं समाज सुधारक दादाभाई नौरोजी जी की जयंती पर कोटिशः नमन। राष्ट्र की स्वतंत्रता, शिक्षा और सामाजिक जागरण के लिए आपका समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।” उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दादाभाई नौरोजी के आर्थिक चिंतन को याद किया। उन्होंने कहा, “भारतीय राजनीति के ‘ग्रैंड ओल्ड मैन’, महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात शिक्षाविद एवं राष्ट्रवादी विचारक दादाभाई नौरोजी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन! उन्होंने ब्रिटिश शासन की शोषणकारी आर्थिक नीतियों को उजागर कर स्वराज और राष्ट्र की आर्थिक स्वतंत्रता की चेतना को सशक्त किया। मातृभूमि के प्रति उनका समर्पण, प्रखर विचार और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी विरासत सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी।” बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, “महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् व समाज सुधारक दादाभाई नौरोजी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।” भाजपा विधायक मुकेश शर्मा ने कहा, “महान स्वतंत्रता सेनानी एवं राष्ट्रवादी विचारक दादाभाई नौरोजी जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन एवं विनम्र अभिवादन! राष्ट्र की स्वतंत्रता और जनसेवा के लिए उनका समर्पण सदैव प्रेरणादायी रहेगा।” भाजपा नेता भगवानदास सबनानी ने कहा कि भारतीय राजनीति के ‘ग्रैंड ओल्ड मैन’, महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात शिक्षाविद एवं राष्ट्रवादी विचारक दादाभाई नौरोजी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन! उन्होंने ब्रिटिश शासन की शोषणकारी आर्थिक नीतियों को उजागर कर स्वराज और राष्ट्र की आर्थिक स्वतंत्रता की चेतना को सशक्त किया। मातृभूमि के प्रति उनका समर्पण, प्रखर विचार और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी विरासत सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी।

विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने दी बधाई

नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने बधाई दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “हिन्दू एकता के संकल्प, सनातन संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र जागरण के पुनीत ध्येय को समर्पित विश्व हिन्दू परिषद के स्थापना दिवस पर सभी कार्यकर्ताओं एवं सनातन साधकों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं! संगठित एवं समतामूलक हिन्दू समाज के निर्माण, सशक्त राष्ट्र और सनातन मूल्यों के संवर्धन हेतु विहिप की अविराम साधना हम सभी के लिए प्रेरणापुंज है।” उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “सनातन संस्कृति, सेवा और समाज हित के लिए निरंतर कार्यरत विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस पर सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। विहिप ने सेवा, संस्कार और सामाजिक एकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए समाज को जागरूक और संगठित करने का निरंतर प्रयास किया है। परिषद द्वारा किए जा रहे कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।” राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस पर सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! भारतीय संस्कृति, सनातन जीवन-मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्र सेवा के प्रति संगठन का समर्पण सदैव वंदनीय एवं प्रेरणादायी रहा है।” उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! समाज में सेवा, संस्कार और सामाजिक एकजुटता की भावना को मजबूत करने में परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु संगठन के प्रयास निरंतर जारी रहे, यही शुभकामना है।” राजस्थान सरकार में पशुपालन-डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रीय विचारधारा के प्रबल संवाहक, सनातन धर्म व संस्कृति के प्रसार व सामाजिक उत्थान व सशक्तिकरण के लिए सतत प्रयत्नशील विश्व के सबसे बड़े हिंदूवादी संगठन ‘विश्व हिन्दू परिषद’ के स्थापना दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

सीपीएल 2026: दासुन शनाका का ऐतिहासिक शतक, सेंट किट्स ने सेंट लूसिया को 137 रन से हराया

वार्नर पार्क। कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) 2026 के 25वें मैच में श्रीलंकाई बल्लेबाज दासुन शनाका ने इतिहास रच दिया। सेंट किट्स एंड नेविस पैट्रियट्स की तरफ से खेलते हुए शनाका ने लीग के इतिहास का सबसे तेज शतक लगाया। शनाका की शतकीय पारी की बदौलत सेंट किट्स ने सेंट लूसिया किंग्स को 137 रन के विशाल अंतर से हराया। सेंट लूसिया किंग्स ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी सेंट किट्स की तरफ से पारी की शुरुआत जॉनसन चार्ल्स और काइल मायर्स ने की। शुरुआत अच्छी नहीं रही और मायर्स मात्र 1 रन बनाकर 8 के स्कोर पर पहले विकेट के रूप में आउट हुए। चार्ल्स और फ्लेचर ने दूसरे विकेट के लिए 48 गेंदों पर 81 रन की साझेदारी की। चार्ल्स 23 गेंदों पर 26 रन बनाकर दूसरे विकेट के रूप में आउट हुए। इसके बाद दासुन शनाका चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए। शनाका और फ्लेचर ने तीसरे विकेट के लिए 33 रन की साझेदारी की। फ्लेचर का तीसरे विकेट के रूप में 13.1 ओवर में 128 के स्कोर पर आउट हुए। फ्लेचर ने 38 गेंदों पर 4 छक्कों और 6 चौकों की मदद से 64 रन बनाए। इसके बाद वॉर्नर पार्क में शनाका शो देखने को मिला। गेंदबाज कोई भी शनाका के विस्फोटक शॉट्स ने नहीं बच सका। फ्लेचर के आउट होने के बाद टीम के लिए सारे रन शनाका के बल्ले से निकले। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 43 गेंदों पर 12 छक्कों और 8 चौकों की मदद से नाबाद 121 रन की पारी खेली और टीम का स्कोर 20 ओवर में 4 विकेट पर 235 तक पहुंचाया। शनाका ने मात्र 39 गेंदों पर शतक पूरा किया। यह सीपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक है। उनके साथ क्रीज रप हसरंगा 6 गेंदों पर 9 रन बनाकर नाबाद रहे। 236 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी सेंट लूसिया की टीम 13.5 ओवर में मात्र 98 रन पर सिमट गई और 137 रन के बड़े अंतर से मैच हारी। यह हार और भी बड़ी हो सकती थी अगर सलामी बल्लेबाज टिम सिफर्ट ने 36 गेंदों पर 50 रन की पारी नहीं खेली होती। सेंट किट्स के लिए जेरेमिया लुईस ने 2.5 ओवर में मात्र 10 रन देकर 5 विकेट लिए। वानिंदु हसरंगा ने अश्मिड नेड ने 2-2 और नसीम शाह ने 1 विकेट लिया। दासुन शनाका प्लेयर ऑफ द मैच रहे।

कीव स्‍थ‍ित अमेरिकी कंपनी पर रूस का ड्रोन हमला अमेर‍िका को साफ संदेश : जेलेंस्की

नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति का कार्यालय ने बताया क‍ि रूस ने ‘शाहेद’ ड्रोन से कीव स्‍थ‍ित अमेरिकी कंपनी कोका-कोला के एक संयंत्र (प्लांट) पर हमला किया। यह हमला गुरुवार शाम को अमेरिकी कंपनी को न‍िशाना बनाकर क‍िया गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा क‍ि यह हमला अमेरिका को साफ संदेश है। रूस यह जानता है क‍ि यह अमेर‍िकी कंपनी है, फ‍िर भी उसने हमला क‍िया। राष्ट्रपति का कार्यालय के राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में जानकारी साझा करते हुए बताया क‍ि राष्‍ट्रपत‍ि जेलेंस्की अपने संबोधन में कहा, “रूस ने एक ड्रोन के जरिए कोका-कोला के एक संयंत्र (प्लांट) पर हमला किया। लगता है कि अब कोका-कोला भी उनके लिए इतना बड़ा दुश्मन बन गया है कि वे उस पर अपने ‘शाहेद’ ड्रोन से हमला कर रहे हैं। यह अमेरिका के लिए रूस का एक साफ संदेश है। रूस यह नहीं कह सकता कि उसे पता नहीं था कि यह एक अमेरिकी कंपनी है।” यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने इस हमले की न‍िंदा की। सिबिहा ने ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में कहा क‍ि कीव क्षेत्र में कोका-कोला की एक सुविधा पर हुआ रूसी हमला कोई अलग-थलग घटना नहीं थी। यह अमेरिकी व्यावसायिक हितों पर किया गया एक और जानबूझकर हमला है और उस व्यापक रूसी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और अमेरिकी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बाहर करने का दबाव बनाना है। बयान में कहा गया कि केवल मजबूत और सख्त रुख ही मॉस्को को उसकी सीमा दिखा सकता है। इसी संदर्भ में एक बार फिर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) से ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट’ को पारित करने की अपील की गई है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बता चुके हैं क‍ि पश्चिमी देशों के प्रतिबंध रूसी अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच ऐसी व्यवस्था पर बातचीत चल रही है, जिनसे यूक्रेन भविष्य में उन्नत मिसाइल रोधी रक्षा प्रणालियों का उत्पादन कर सके। रुबियो ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस समय कई घरेलू और युद्ध संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हमलों के साथ-साथ प्रतिबंधों का रूसी अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा असर उनकी बड़ी चिंताओं में शामिल है। हालांकि रुबियो ने आर्थिक नुकसान के बारे में कोई विशेष आंकड़ा नहीं दिया और न ही किसी खास यूक्रेनी हमले का नाम लिया।

मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस और आईटी में खरीदारी

मुंबई। मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में बढ़त के साथ खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 466 अंक या 0.61 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,619 और निफ्टी 46 अंक या 0.20 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,916 पर था। शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी को बढ़ाने का काम डिफेंस और आईटी ने किया। सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.89 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसई भी हरे निशान में थे। दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटीज लाल निशान में थे। मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 63,237 अंक पर करीब सपाट कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 83 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 20,134 पर था। सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडिगो, ट्रेंट, इन्फोसिस, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, एमएंडएम, आईटीसी, एसबीआई, एचसीएल टेक, एलएंडटी, पावर ग्रिड और टाटा स्टील गेनर्स थे। एक्सिस बैंक, इटरनल, भारती एयरटेल और एचयूएल लूजर्स थे। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए थे। इस दौरान मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 1.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। जानकारों ने कहा कि बाजार के लिए मौजूदा समय में घरेलू स्तर पर सकारात्मक और वैश्विक स्तर पर नकारात्मक फैक्टर्स बने हुए हैं। घरेलू स्तर शानदार 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ और निजी निवेश का बढ़ना अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है, लेकिन अमेरिका, यूरोप, यूके और जापान में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना वैश्विक बाजारों के लिए एक अहम नकारात्मक कारक बना हुआ है, जिसे लेकर निवेशक सतर्क बने हुए है।

5 सितंबर का पंचांग: हनुमान जी को चोला समर्पित करना फलदाई, पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचें

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 5 सितंबर 2026 (शनिवार) को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रात 9:53 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। शनिवार होने के कारण भगवान शनि देव और हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। हनुमान जी को सिंदूर व चोला अर्पित करना चाहिए। शनिवार सुबह 6:14 बजे सूर्योदय और शाम 6:37 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 12:48 बजे चंद्रोदय और अगले दिन दोपहर 02:05 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, जबकि चंद्रमा रात 9:30 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। शनिवार हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन वज्र योग रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:50 तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल दोपहर 1:16 से 2:45 बजे तक रहेगा। वहीं, राहुकाल सुबह 9:19 बजे से 10:52 बजे और गुलिक काल सुबह 6:14 से 7:47 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, यमगंड काल दोपहर 1:58 से 3:31 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है। शनिवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा जबकि चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेगा। पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

भारत की ओर से नेपाल को मदद जारी, दो सी-130 जे विमान 21.5 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडू उतरे

नई दिल्ली। नेपाल के लिए भारत की ओर से मानवीय सहायता जारी है। नेपाल में आई व‍िनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों की मदद के ल‍िए भारत ने दो और सी-130जे विमान राहत सामग्री के साथ भेजे हैं। इन विमानों के जरिए 21.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई गई है। गुरुवार रात राहत सामग्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया क‍ि भारत ने नेपाल के लिए अपनी मानवीय सहायता जारी रखते हुए दो और सी-130जे विमान राहत सामग्री के साथ भेजे हैं। उन्‍होंने बताया क‍ि इन विमानों के जरिए 21.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई गई है, जिसमें फोरेंसिक किट और चिकित्सा सामग्री भी शामिल है। राहत सामग्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी दी गई है। जायसवाल ने कहा क‍ि यह अतिरिक्त सहायता नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्यों को और मजबूत करेगी तथा बाढ़ से प्रभावित लोगों और समुदायों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। व‍िदेश मंत्रालय ने कहा क‍ि भारत ने एक बार फिर संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हुए राहत कार्यों में सहयोग जारी रखा है। नेपाल के इस मुश्‍क‍िल समय में भारत लगातार मदद का हाथ बढ़ाए हुए है। इससे पहले भी अलग-अलग तारीखों में भारत की ओर से पांच व‍िमान नेपाल राहत सामग्री पहुंचा चुके हैं। इससे पहले बुधवार को नेपाल के लिए भारत का पांचवां राहत विमान काठमांडू उतरा था। यह विमान 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष बचाव उपकरणों और 5.5 टन जरूरी दवाइयों के साथ नेपाल भेजा गया था। बुधवार तक नेपाल की मदद के लिए भारत ने 68 टन से अधिक राहत सामग्री और विशेष बचाव दल भेजा था। भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, मजबूत तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके अलावा जरूरी दवाइयां, खाद्य पैकेट, सोलर लैंप, पानी शुद्ध करने की गोलियां और पोर्टेबल जनरेटर भी भेजे गए हैं।

जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में बाबा महाकाल का दिव्य शृंगार, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, शुक्रवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। शुक्रवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा ने मुकुट धारण किया। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े, और शंखनाद के साथ भस्म आरती की गई। जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में बाबा महाकाल ने श्रद्धालुओं को दर्शन दिया। बाबा का श्रीकृष्ण भगवान के रूप में शृंगार किया गया। महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीती रात से ही कतारबद्ध थे। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होता है। परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म आरती अर्पित की जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। बाबा की इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं।

पहली बार जीएसएलवी मार्क 2 वाहन से सबसे भारी सैटेलाइट को लॉन्च किया गया: इसरो प्रमुख

श्रीहरिकोटा। जीएसएलवी-एफ 17 द्वारा ईओएस-05 को तय कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाकर अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा करने पर इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने आईएएनएस से बातचीत की। इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने कहा, “यह मिशन बहुत महत्वपूर्ण है और हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है क्योंकि पहली बार जीएसएलवी मार्क 2 व्हीकल से सबसे भारी सैटेलाइट को लॉन्च किया गया है। जब हमने शुरुआत की थी, तब जीएसएलवी मार्क 2 वाहन की क्षमता केवल 1,536 किलोग्राम थी। आज हमने इसकी क्षमता में लगभग 40 फीसदी का सुधार किया है और यह इस व्हीकल द्वारा लॉन्च किया गया सबसे भारी सैटेलाइट है।” स्पेस सेक्टर इकोसिस्टम के निजीकरण पर हो रही आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने कहा, “हमारे देश की स्पेस इकॉनमी और स्पेस इकोसिस्टम का बढ़ना ज़रूरी है क्योंकि इसरो अकेले देश की ज़रूरतों को पूरा नहीं कर सकता। अभी हमारे पास 56 सैटेलाइट हैं, लेकिन सैकड़ों सैटेलाइट की जरूरत है। इसलिए, सरकार ने स्पेस सेक्टर में सुधारों की घोषणा की है और इसरो इन गतिविधियों में मदद कर रहा है। हमें यह पक्का करना होगा कि हमारे देश में स्पेस इकोसिस्टम का विकास हो।” कुलशेखरपटनम के बारे में अपडेट देते हुए डॉ. वी. नारायणन ने कहा, “कुलशेखरपटनम में काम बहुत अच्छे से चल रहा है। कभी आप लोग आ सकते हैं, हम आप सभी को वहां आकर इसे सीधे देखने के लिए आमंत्रित करेंगे, न कि सिर्फ इसके बारे में बात करेंगे। काम तय लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ रहा है और हमें उम्मीद है कि मार्च तक यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। गगनयान का काम भी बहुत अच्छा चल रहा है और इस साल पहला बिना क्रू वाला मिशन भेजने का लक्ष्य है।” बता दें कि जीएसएलवी-एफ 17 भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) की 19वीं मिशन है और जीएसएलवी-एफ के पेलोड फेयरिंग का कॉन्फ़िगरेशन 4 मीटर व्यास वाला ओजाइव (कम्पोजिट) ​​वर्जन है। जीएसएलवी-एफ 17 व्हीकल ने ईओएस-05 सैटेलाइट को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित किया है।