10,000 रन की लिस्ट में 3-4 और भारतीय खिलाड़ियों को देखना चाहती हूं: स्मृति मंधाना

दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने दुबई में टी20 फॉर्मेट में खेले जा रहे महिला एशिया कप में गुरुवार को हांगकांग के खिलाफ खेले गए मैच में 64 गेंदों पर 124 रनों की पारी खेली। अंतरराष्ट्रीय टी20 में मंधाना का यह दूसरा और ओवरऑल 18वां शतक था। मंधाना अब अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक और सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। स्मृति मंधाना का भारत में महिला क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में बड़ा योगदान रहा है। मंधाना ने तीनों ही फॉर्मेट में अपनी दमदार बल्लेबाजी दर्शकों का ध्यान महिला क्रिकेट की तरफ खींचा है। साथ ही लड़कियों में क्रिकेट खेलने के प्रति रुचि जगाई है। हांगकांग के खिलाफ भारतीय टीम की 137 रन से जीत के बाद मंधाना ने बीसीसीआई द्वारा साझा वीडियो में कहा, “मुझे हमेशा लगता था कि यह मेरा काम है। मैंने कभी भी रिकॉर्ड्स और नंबर्स और इंडिया के लिए जीते गए मैचों की संख्या के अलावा किसी और चीज के बारे में नहीं सोचा। यह एक ऐसा पैमाना है जिसे आप वापस लेते हैं। आप यह वापस नहीं लेते कि आपने कितने रन या रिकॉर्ड तोड़े हैं।” मंधाना ने कहा, “अगर मेरी वजह से दस प्रतिशत लड़कियां भी बैट और बॉल उठाकर क्रिकेट खेलना शुरू करती हैं, तो मुझे लगता है कि यह कुछ ऐसा होगा जिस पर मुझे हमेशा गर्व और खुशी होगी।” अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान हासिल करने पर मंधाना ने कहा, “मिताली को देखते हुए बड़ी हुई हूं। वह हर किसी के लिए आदर्श रही हैं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं 10,000 तक पहुंचूंगी और उनसे आगे निकल जाऊंगी। उम्मीद है कि 10,000 की लिस्ट में इंडियन सेट-अप से तीन-चार और खिलाड़ी होंगे और मैं इसी से आंकलन करना चाहूंगी। अगर मैं सवाल पर वापस आऊं, तो टॉप पांच लिस्ट में तीन या चार को साथ रखना बहुत अच्छा होगा, और वहां तीन या चार भारतीय होंगे। मुझे लगता है कि मैं इसी से अपने करियर को आंकूंगी।” स्मृति अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज हो गई हैं। तीनों फॉर्मेट मिलाकर उन्होंने 10,880 रन बनाए हैं। हांगकांग के खिलाफ मैच में उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज के 10,868 रन के रिकॉर्ड को तोड़ा। मंधाना ने अपने खेल में सुधार की बात की। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगी कि आप एक बल्लेबाज या गेंदबाज के तौर पर कभी पूरे होते हैं। अगर आपको ऐसा लगता है, तो क्रिकेट हमेशा आपको दिखाएगा कि आप पूरे नहीं हैं।” हांगकांग के खिलाफ मंधाना ने अपनी शतकीय पारी में 7 छक्के मारे। इस पर उन्होंने कहा, “मैं लगातार अपनी छक्के मारने की काबिलियत को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही हूं, ताकि मैं लॉन्ग-ऑफ और लॉन्ग-ऑन फील्डर को भी पार कर सकूं या ऐसा करने का आत्मविश्वास रख सकूं।” मंधाना ने 64 गेंदों पर खेली अपनी 124 रन की पारी में 7 छक्के और 14 चौके लगाए थे। उनकी इस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने 193 रन बनाए थे और हांगकांग को 56 रन पर समेट कर मैच 137 रन से जीता।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर पार्किंग के दौरान पोल से टकराया इंडिगो का विमान, सभी यात्री सुरक्षित

श्रीनगर। श्रीनगर एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह इंडिगो के एक विमान के साथ हादसा हो गया। पार्किंग के दौरान विमान विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम (वीडीजीएस) के पोल से टकरा गया। इस पोल पर डिस्प्ले यूनिट और उससे जुड़े लेजर या कैमरा सेंसर लगे होते हैं। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 9:02 बजे इंडिगो की फ्लाइट 6ई 225 (वीटी-एनओजी) जो नवी मुंबई से श्रीनगर आ रही थी, वह श्रीनगर एयरपोर्ट पर बे नंबर 6 पर पार्क की जा रही थी, तभी वह वीडीजीएस पोल के संपर्क में आ गई। श्रीनगर एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, इस घटना में सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। यात्रियों और क्रू को मैनुअल सीढ़ियों की मदद से विमान से सुरक्षित उतारा गया। अधिकारियों ने कहा कि इस घटना के कारणों की जांच तय प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह पता चल पाएगी। एयरपोर्ट पर परिचालन सामान्य बना हुआ है और सभी उड़ानों का आना-जाना तय समय पर जारी है। गौरतलब है कि यह घटना उस घटना के एक दिन बाद हुई है जब दोहा से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की फ्लाइट को मस्कट डायवर्ट करना पड़ा था। दरअसल, पायलट की तबीयत अचानक खराब हो गई थी और उसे तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत थी। फ्लाइट 6ई 1302 के पायलट को मस्कट में लैंडिंग के बाद मेडिकल टीम ने देखा और फिर अस्पताल ले जाया गया। अब उसकी तबीयत ठीक बताई जा रही है। इंडिगो ने यात्रियों के लिए बेंगलुरु से मस्कट के लिए दूसरा विमान और नई क्रू टीम का इंतजाम किया ताकि यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। एयरलाइन ने कहा था कि फ्लाइट 6ई 1302 को क्रू मेंबर को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता के कारण डायवर्ट किया गया था। एयरलाइन ने यह भी कहा कि मस्कट में इंतजार कर रहे यात्रियों को जलपान और नियमित अपडेट दिए जा रहे हैं।
अडानी पोर्ट्स अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने को मुंद्रा में डेडिकेटेड खाली कंटेनर यार्ड का संचालन शुरू करेगी

अहमदाबाद। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने शुक्रवार को कहा कि वह मुंद्रा में एक समर्पित एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ईसीवाई) की शुरुआत कर रहा है, जिसमें एकीकृत वेयरहाउसिंग सुविधा भी होगी। यह केंद्र खाली कंटेनरों के पूरे जीवनचक्र के लिए एंड-टू-एंड सेवाएं प्रदान करेगा, जिनमें भंडारण, रखरखाव, निरीक्षण और निर्यातकों तथा कंटेनर फ्रेट स्टेशनों (सीएफएस) तक निर्बाध आवाजाही शामिल है। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने शुक्रवार को कहा कि वह अपनी ‘एंबिशन 2031’ रणनीति के तहत मुंद्रा में समर्पित एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ईसीवाई) और एकीकृत वेयरहाउसिंग सुविधा शुरू कर रहा है। इसका उद्देश्य कंटेनर प्रबंधन क्षमता बढ़ाना और लॉजिस्टिक्स संचालन को अधिक कुशल बनाना है। भारत के सबसे बड़े एकीकृत परिवहन संचालक एपीएसईजेड ने कहा कि वह अगले पांच वर्षों में अपने नेटवर्क में 60 लाख टीईयू से अधिक कंटेनर हैंडलिंग क्षमता जोड़ने की योजना बना रहा है, जिसमें मुंद्रा पोर्ट इस विस्तार का प्रमुख केंद्र होगा। एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अश्विनी गुप्ता ने कहा, “मुंद्रा में स्थापित किया जा रहा समर्पित एम्प्टी कंटेनर यार्ड, जिसका संचालन एपीएसईजेड और/या उसके साझेदार (सीएफएस तथा शिपिंग लाइनों सहित) करेंगे, कंटेनर इकोसिस्टम में दक्षता बढ़ाएगा। इससे कंटेनरों की टर्नअराउंड टाइम कम होगी, अनावश्यक आवाजाही घटेगी और लॉजिस्टिक्स लागत का बेहतर अनुकूलन हो सकेगा।” उन्होंने कहा कि व्यापार सुगमता से जुड़ा बुनियादी ढांचा मजबूत करना एपीएसईजेड की प्राथमिकता है, जो भारत की आर्थिक प्रगति और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को समर्थन देने की उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। वित्त वर्ष 2025-26 तक भारत के कंटेनर बाजार में अदाणी पोर्ट्स की हिस्सेदारी 45.5 प्रतिशत है। इनमें अकेले मुंद्रा पोर्ट देश के लगभग 35 प्रतिशत कंटेनर व्यापार को संभालता है, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा कंटेनर-हैंडलिंग बंदरगाह बन गया है। कंपनी के अनुसार, मुंद्रा में हर वर्ष लगभग 16 लाख टीईयू खाली कंटेनरों का प्रबंधन किया जाता है। यह आंकड़ा भारत की आयात-निर्यात आपूर्ति श्रृंखलाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। कंपनी ने कहा कि यह पहल सरकार की प्रौद्योगिकी-सक्षम और अधिक कुशल लॉजिस्टिक्स प्रणाली विकसित करने तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने की नीति के अनुरूप है। अदाणी पोर्ट्स वर्तमान में 16 रणनीतिक रूप से स्थित बंदरगाहों और टर्मिनलों का संचालन करता है। इसके पास 136 जहाजों का विविध समुद्री बेड़ा और एकीकृत लॉजिस्टिक्स क्षमता भी है। वर्तमान में एपीएसईजेड की कार्गो हैंडलिंग क्षमता 653 मिलियन टन प्रतिवर्ष है और भारत के कुल बंदरगाह कार्गो वॉल्यूम में इसकी हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 1 बिलियन टन थ्रूपुट हासिल करना है।
यहूदी नववर्ष पर नेतन्याहू की दुश्मनों को खुली चेतावनी, कहा-‘हमसे उलझने की कोशिश मत करना’

नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायल की उपलब्धियों का बखान करते हुए विरोधियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मैं अपने दुश्मनों से कहता हूं, हमसे उलझने की कोशिश मत करो। अगर तुमने कुछ सीखा है, तो हमसे उलझना मत। नेतन्याहू ने तेल अवीव स्थित किर्या में रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज, आईडीएफ के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमिर और आईडीएफ जनरल स्टाफ फोरम के सदस्यों के साथ ‘रोश हशनाह’ (यहूदी नव वर्ष) का जश्न मनाने के दौरान यह बातें कही। नेतन्याहू ने कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में साझा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि ‘वॉर ऑफ रिडेम्पशन’, ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ के बाद के समय में और उससे पहले ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के दौरान जो उपलब्धियां हासिल की गई हैं, वे ऐतिहासिक हैं और हमारे अस्तित्व को सुरक्षित बनाती हैं। नेतन्याहू ने कहा कि हम एक ऐसे शासन से पैदा हुए विनाश के खतरे का सामना कर रहे थे, जो हमें मिटाना चाहता था और हमारे खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए परमाणु बम हासिल करना चाहता था। हमने इस खतरे और अन्य खतरों को पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि यह शासन इस समय कमजोर पड़ रहा है। यह पहले से कहीं ज्यादा कमजोर है। यह अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। मुझे हमारे सामने मौजूद मुख्य मिशन पर पूरा भरोसा है। मुझे अपनी क्षमता, हमारे बहादुर सैनिकों, हमारे साहसी पुरुष और महिला पायलटों, नेविगेटरों, हमारी पूरी सुरक्षा व्यवस्था, घरेलू मोर्चे पर काम कर रही टीमों और हमारे मजबूत राष्ट्र की क्षमता पर विश्वास है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि हम इस खतरे को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं, यानी इस शासन को सत्ता से हटा सकते हैं। यही हमारे सामने मौजूद सबसे महत्वपूर्ण मिशन है। यह लक्ष्य अब करीब है। यह असंभव नहीं है। यह हमारी पहुंच में है। वे लगभग सभी पर हमला कर रहे हैं, सिवाय हमारे। वे हमारी ताकत, हमारी सैन्य शक्ति और हमारे दृढ़ संकल्प को जानते हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपने दुश्मनों से कहता हूं, हमारे साथ उलझने की कोशिश मत करो। अगर आपने कुछ सीखा है, तो यही सीखो कि हमारे साथ मत उलझो। हमारे पास ताकत है, दृढ़ संकल्प है और आंतरिक एकता है, जिससे हम हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। मैं आने वाले वर्ष के लिए इजरायल के लोगों के लिए यही कामना करता हूं। आप सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं।
यमन में सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष में 25 लोगों की मौत

अदन (यमन)। यमन के दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत में गुरुवार को सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह जानकारी एक सरकारी सैन्य अधिकारी ने दी। सिन्हुआ न्यूज ने अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार बताया कि इस लड़ाई में 15 सरकारी सैनिक और 10 हूती लड़ाके मारे गए। यह संघर्ष सुबह शुरू हुआ, जब हूती लड़ाकों ने मकबाना और अल-कधा गांवों में सरकारी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच तोपखाने, मोर्टार और अन्य भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया। अधिकारी ने कहा कि शुरुआत में हूती लड़ाके कुछ क्षेत्रों पर कब्जा करने में सफल रहे, लेकिन बाद में सरकारी बलों को अतिरिक्त सहायता मिलने के बाद जवाबी हमला किया गया और कुछ इलाकों पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया गया। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय निवासियों ने बताया कि संघर्ष तेज होने के बाद कई परिवार सुरक्षित इलाकों की ओर भागने लगे हैं। हूती बलों की बढ़ती गोलाबारी के कारण इलाके में एक बार फिर विस्थापन की स्थिति पैदा हो गई है और लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। जमीनी लड़ाई के साथ-साथ पश्चिमी यमन के कई इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले भी हुए। सरकारी बलों ने दावा किया कि पिछले कुछ घंटों में हूतियों ने 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और ताइज तथा पड़ोसी होदेइदाह प्रांत के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों पर ड्रोन हमले किए। सरकारी पक्ष का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन को मार गिराया। हालांकि, हूती समूह ने अभी तक इन झड़पों या सरकारी दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सोमवार को यमनी सरकारी बलों ने कहा था कि उन्होंने हूती समूह की विस्फोटकों से भरी चार नौकाओं को रोक लिया था। सरकारी समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, ये नौकाएं लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के नजदीक स्थित हनिश द्वीप समूह और जुकर द्वीप की ओर बढ़ रही थीं, लेकिन सरकारी नौसेना ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, रविवार और सोमवार को भी हूती नौकाओं की कई गतिविधियां देखी गईं, जब वे इन रणनीतिक द्वीपों के पास पहुंचने की कोशिश कर रही थीं। पिछले कुछ हफ्तों में यमन के कई मोर्चों पर सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष तेज हो गया है। सरकारी सेना ने हूती ठिकानों पर ड्रोन और तोपखाने से हमले बढ़ाए हैं, जबकि हूती समूह ने मारीब और लाल सागर तट के सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण पहले ही लाखों लोग प्रभावित हो चुके हैं, और ताजा हिंसा से आम नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
इसरो ने जीएसएलवी-एफ 17 ने ईओएस-05 को ऑर्बिट में पहुंचाकर मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया

नई दिल्ली। इसरो ने जीएसएलवी-एफ 17 ने ईओएस-05 को तय कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाकर अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक्स पर पोस्ट किया, “मिशन सफल! जीएसएलवी-एफ 17 ने ईओएस-05 को तय कक्षा में स्थापित करके अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।” सफल लॉन्च के बाद इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जीएसएलवी-एफ 17 व्हीकल ने एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ईओएस-05 (जियो इमेजिंग सैटेलाइट) को सफलतापूर्वक और सटीक रूप से उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है। यह श्रीहरिकोटा से 107वां लॉन्च और जीएसएलवी का 19वां मिशन है। जैसा कि आप जानते हैं, जीएसएलवी का पहला प्रक्षेपण जीएसएलवी-डी1 था, जिसमें 1,536 किलोग्राम का पेलोड ले जाया गया था। तब से हमने इसके स्ट्रक्चरल मास को ऑप्टिमाइज़ करके और प्रोपल्शन सिस्टम में सुधार करके इस व्हीकल की परफॉर्मेंस को धीरे-धीरे बेहतर बनाया है। आज, हमने इसी लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल करके 2,367 किलोग्राम वज़न वाले सबसे भारी सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया है।” डॉ. वी. नारायणन ने कहा, “इसे पूरी तरह से भारत सरकार स्थापित करेगी। हम लॉन्च पैड बनाएंगे, सब कुछ भारत सरकार ही बनाएगी। लेकिन अब इसे ऑपरेट करना है। इसे ऑपरेट करने के दो तरीके हैं। आप बहुत सारे स्थायी कर्मचारी रख सकते हैं और उन्हें इसे ऑपरेट करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। दूसरा विकल्प यह है कि हम इसे प्राइवेट प्लेयर्स को सौंप दें और वे इसे ऑपरेट करें।” इसरो प्रमुख ने कहा, “अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट लगातार भारत की निगरानी और स्कैनिंग करेगा। इसलिए, इसका इस्तेमाल कई कामों के लिए किया जा सकता है। ‘जासूसी’ शब्द का इस्तेमाल करना बहुत नकारात्मक है। यह सैटेलाइट काम का होगा और इससे मिलने वाला डेटा हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।” डॉ. वी. नारायणन ने कहा, “गगनयान एक टेक्नोलॉजी-प्रधान मिशन है। इसलिए, हमें व्हीकल की ‘ह्यूमन-रेटिंग’ करनी होगी, और उसके बाद क्रू एस्केप सिस्टम और एनवायरनमेंटल कंट्रोल सिस्टम को डेवलप करना होगा। अब तक लगभग 8,000 टेस्ट पूरे हो चुके हैं। दूसरे सैटेलाइट मिशन के उलट, इसमें इंसान शामिल हैं, इसलिए इंसानों की सुरक्षा बहुत ज़रूरी है। हमने क्रू वाले मिशन से पहले तीन बिना क्रू वाले मिशन की योजना बनाई है। पहला बिना क्रू वाला मिशन इस साल लॉन्च के लिए तैयार हो रहा है। नतीजों की समीक्षा करने के बाद, हम दो और बिना क्रू वाले मिशन करेंगे, और उसके बाद क्रू वाला मिशन होगा।” इसरो के अनुसार, जीएसएलवी-एफ 17 भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) का 19वीं मिशन है और जीएसएलवी-एफ के पेलोड फेयरिंग का कॉन्फ़िगरेशन 4 मीटर व्यास वाले ओजाइव (कम्पोजिट) ढांचे का उपयोग किया गया है। जीएसएलवी-एफ 17 व्हीकल ने ईओएस-05 सैटेलाइट को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित किया है। इसे सतीश धवन स्पेस सेंटर, एसएचएआर के दूसरे लॉन्च पैड (एसएलपी) से लॉन्च करने की योजना थी। ईओएस-05 एक अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन स्पेसक्राफ्ट है। यह जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है। परमाणु ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पोस्ट में कहा, “अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत के लिए एक और बड़ी उपलब्धि! जीएसएलवी-एफ 17/ ईओएस-05 के सफल लॉन्च के लिए इसरो की टीम को बधाई। ईओएस-05 एक अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है और जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है। यह विज़िबल, इन्फ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपर-स्पेक्ट्रल बैंड में एडवांस्ड इमेजिंग की सुविधा देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की अंतरिक्ष क्षमताएं लगातार नई ऊंचाइयां छू रही हैं और एक ग्लोबल स्पेस पावर के तौर पर हमारी स्थिति मजबूत हो रही है।
साइकोपैथ का किरदार निभाने के लिए अक्षय कुमार ने ली पुलिस की मदद, केबीसी में किया खुलासा

मुंबई। अभिनेता अक्षय कुमार आगामी क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘हैवान’ में विलेन के रोल में नजर आएंगे। अभिनेता ने बताया कि इस किरदार को निभाने के लिए पुलिस में कार्यरत उनके दोस्त ने उनकी मदद की थी। अभिनेता हाल ही में क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति-20’ में अपने को-स्टार सैफ अली खान के साथ गए थे, जहां उन्होंने फिल्म में अपने किरदार को लेकर कहा, “सर, मैं फिल्म में विलेन का रोल निभा रहा हूं और सैफ हीरो हैं। इसमें मैं एक साइकोपैथ का रोल निभा रहा हूं और इसके पीछे एक कहानी है कि मैं ऐसा कैसे बनता हूं और क्या-क्या झेलता हूं और फिर फिल्म आगे बढ़ती है।” आगे बातचीत में अमिताभ बच्चन ने अक्षय कुमार से विलेन का रोल निभाने की तैयारी के बारे में पूछा। मिस्टर बच्चन के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि कैसे लॉ एनफोर्समेंट में उनके दोस्तों से मिली असल जिंदगी की सलाह और डायरेक्टर प्रियदर्शन की गाइडेंस ने उनकी परफॉर्मेंस को बेहतर बनाया। उन्होंने बताया, “सर, मेरे काफी मित्र पुलिस में हैं और अक्सर साइकोपैथ से उनका भिड़ना होता रहता है, तो उन्होंने मुझे एक बात बताई थी कि जो फिल्मों में दिखाया जाता है कि साइकोपैथ अलग तरीके से मुंह बनाते हैं, असल में वैसे कुछ नहीं होता है। वे हम सभी से घुल मिलकर रहना चाहते हैं और इस तरह से वे हमारे साथ ऐसे रहते हैं कि किसी को पता ही नहीं चलता कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है।” अभिनेता ने बताया कि उनके दोस्त द्वारा बताई गई बात उन्होंने निर्देशक प्रियदर्शन से साझा की थीं। अक्षय कुमार ने कहा, “तो यह बात मेरे समझ में आई और प्रियन सर ने भी बोला कि मुझे कोई मुंह बनाने की जरूरत नहीं है और इस पूरी फिल्म में मैं बिल्कुल शांत हूं। वहीं, सैफ ज्यादा बात कर रहा है और मैं पूरी तरह से लोगों के साथ घुला-मिला नजर आऊंगा और इस तरह मैं कैरेक्टर में आ गया।” प्रियदर्शन के निर्देशन में बन रही फिल्म साल 2016 में आई मोहनलाल की मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का आधिकारिक हिंदी रीमेक है, जिसमें अक्षय और सैफ के अलावा, बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर और सैयामी खेर (मोहनलाल का कैमियो) में नजर आएंगे।
यूएस ओपन: मोनफिल्स का ग्रैंड स्लैम करियर समाप्त, भविष्य की योजना का किया खुलासा

न्यूयॉर्क। फ्रांस के गेल मोनफिल्स का ग्रैंड स्लैम करियर समाप्त हो गया है। यूएस ओपन के दूसरे राउंड में अमेरिकन लर्नर टिएन से हार के बाद मोनफिल्स ग्रैंड स्लैम करियर को अलविदा कह दिया। मोनफिल्स को टिएन ने 6-3, 6-4, 6-3 से हराया। 40 साल के मोनफिल्स इस सीजन के अंत में पेशेवर टेनिस से संन्यास की घोषणा कर चुके हैं। मोनफिल्स ने यूएस ओपन में 33-17 के रिकॉर्ड के साथ अपना पेशेवर करियर खत्म किया। यूएस ओपन में मोनफिल्स ने अपना पहला मैच 2005 में नोवाक जोकोविच के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। यूएस ओपन 2016 उनका सर्वश्रेष्ठ साल रहा, तब उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी, जहां उन्हें एक बार फिर जोकोविच के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। उसी साल, मोनफिल्स पीआईएफ एटीपी रैंकिंग में अपने करियर के सबसे अच्छे नंबर 6 पर पहुंचे। 13 बार एटीपी टूर टाइटल जीतने वाले मोनफिल्स पहली बार 2008 में अपने होम स्लैम, रोलैंड गैरोस में किसी बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचे थे। उन्हें कोर्ट पर एक सेरेमनी में सम्मानित किया गया, जिसमें यूएसटीए के सीईओ क्रेग टिली और यूएस ओपन टूर्नामेंट के निदेशक एरिक बुटोरैक ने मोनफिल्स को एक खास फ्रेम की हुई तस्वीर दी। मोनफिल्स ने कहा, “अगले साल मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू होगा। मैं फाइनेंस (वित्त) में काम करूंगा। मैंने पहले ही एक स्विस कंपनी में वेल्थ मैनेजमेंट में काम करने के लिए साइन कर लिया है। कौन जानता है कि न्यूयॉर्क शायद मुझे फिर से वॉल स्ट्रीट पर देखेगा।” 20 साल के टिएन ने पिछले महीने मॉन्ट्रियल में भी मोनफिल्स को हराया था, और मैच के बाद अपने बचपन के आदर्श से हस्ताक्षर भी मांगा था। टिएन के लिए साल अच्छा रहा है। वह ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे, कनाडा में एटीपी मास्टर्स 1000 के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद वह यूएस ओपन के तीसरे राउंड में पहुंच चुके हैं। तीसरे राउंड में उनका मुकाबला जैकब मेन्सिक से है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और सीएम उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं ने दी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई

नई दिल्ली। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत कई नेताओं ने बधाई दी है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की ओर से उनके ऑफिस के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से लिखा गया, “पावन पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और संदेश मानवता को सत्य, धर्म, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस पावन अवसर पर आइए, भगवान श्रीकृष्ण की शाश्वत शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लें और समाज में एकता, शांति एवं सद्भाव को सुदृढ़ करने में अपना योगदान दें।” जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से उनके ऑफिस के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से लिखा गया, “मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर जम्मू-कश्मीर के लोगों को हार्दिक बधाई दी और सभी के लिए शांति, खुशी, समृद्धि और सद्भाव की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह त्योहार एकता और भाईचारे के बंधन को मजबूत करेगा और जम्मू-कश्मीर के हर परिवार में खुशियां और खुशहाली लाएगा।” पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “भगवान श्री कृष्ण जी के जन्मोत्सव के अवसर पर सभी देशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। भगवान श्री कृष्ण जी की कृपा आप सभी पर बनी रहे। हर घर खुशियों और समृद्धि से भरा रहे।” असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “माखन की मिठास से लेकर गीता के ज्ञान तक, श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाता है। पावन जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद सभी के जीवन में सुख, शांति और नई ऊर्जा लेकर आए। जय श्रीकृष्ण!” पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “श्री कृष्ण जन्माष्टमी के इस शुभ अवसर पर, मैं सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। भगवान श्री कृष्ण ने अधर्म का नाश करने और धर्म का मार्ग स्थापित करने के लिए पृथ्वी पर अवतार लिया था। उनका असीम प्रेम और श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान हम सभी का मार्गदर्शन करे। मेरी प्रार्थना है कि हर घर में शांति, समृद्धि और खुशहाली आए। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कहा कि जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मैं सबको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं, साथ ही सबके सुखी, स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की कामना करता हूं। जन्माष्टमी का पर्व ऐसा अवसर है, जब भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को श्रद्धा व आस्था के साथ याद करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण हम सब के आराध्य हैं। उन्होंने आपना बचपन वृंदावन, मथुरा व आसपास के क्षेत्रों में बिताया। हरियाणा की पावन भूमि भी उनके चरणों से पवित्र हुई थी। नायब सैनी ने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व प्रसिद्ध महाभारत के युद्ध में सच्चाई और न्याय का साथ दिया था। जिसमें न्याय की विजय हुई थी। उन्होंने कुरुक्षेत्र में गीता का अमर संदेश दिया था। आज भी गीता से सत्य और कर्तव्य के पथ पर चलने की प्रेरणा मिलती है। आज जब हम जन्माष्टमी मना रहे हैं तो उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
पीएम मोदी ने देशवासियों को दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, शेयर किया विशेष श्लोक

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर सभी को बधाई दी। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “आप सभी को जन्माष्टमी की अनेकानेक शुभकामनाएं। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य संदेशों में नि:स्वार्थ कर्म की अद्भुत प्रेरणा निहित है, जिसने मानवता का निरंतर मार्गदर्शन किया है। उनकी भक्ति और उपासना को समर्पित यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे, यही कामना है। जय श्रीकृष्ण।” इसके साथ ही पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में सुभाषितम् भी शेयर किया। उन्होंने सुभाषितम् में संस्कृत श्लोक ‘वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥’ पोस्ट किया। इस श्लोक का हिंदी अर्थ है- ‘वसुदेव-पुत्र, देव-स्वरूप, कंस और चाणूर का संहार करने वाले, माता देवकी को परम आनन्द प्रदान करने वाले जगद्गुरु भगवान श्रीकृष्ण की मैं वन्दना करता हूं।’ बता दें कि यह प्रसिद्ध श्लोक आदि शंकराचार्य द्वारा रचित ‘कृष्णाष्टकम’ स्तोत्र से लिया गया है। इस श्लोक को इस स्तोत्र का प्रथम श्लोक या मंगलाचरण माना जाता है। ‘कृष्णाष्टकम’ अद्वैत वेदांत के महान प्रणेता जगद्गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा रचित भगवान श्री कृष्ण की स्तुति में आठ श्लोकों का एक अत्यंत पवित्र और दिव्य स्तोत्र है। जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात के वक्त भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में देवकी और वसुदेव के यहां जन्म लिया था। इसी खुशी में हर साल पूरे देश में जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।