जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट पृथ्वी पर नजर रखेगा ईओएस-05 सैटेलाइट, मिशन के सफल लॉन्च पर वैज्ञानिकों ने दी बधाई

श्रीहरिकोटा। जीएसएलवी-एफ 17/ईओएस-05 मिशन के सफल लॉन्च के बाद मौके पर मौजूद और इस मिशन में अपना योगदान देने वैज्ञानिकों ने लोगों को संबोधित करते बधाई दी। एलपीएससी के डायरेक्टर जयन एन ने कहा, “जीएसएलवी ने एक और शानदार सफलता हासिल करके अपनी काबिलियत फिर से साबित कर दी है। इस शानदार उपलब्धि में योगदान देने वाले हर व्यक्ति को मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। लिक्विड प्रोपल्शन टीम की ओर से मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि सभी छह लिक्विड स्टेज – पांच रिस्टोरेबल स्टेज और एक क्रायोजेनिक स्टेज ने एकदम सटीक तरीके से काम किया और सैटेलाइट को उसकी तय कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाया।” आईपीआरसी के डायरेक्टर नारायणन अप्पू ने कहा, “आज जीएसएलवी-एफ 17/ईओएस-05 मिशन की सफलता के साथ दिन की कितनी शानदार शुरुआत हुई है, वह भी सूरज उगने से पहले। इसरो की टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे बेहतरीन क्वालिटी और एकदम सटीक तरीके से स्पेस मिशन पूरे करने में माहिर हैं।” स्पेसक्राफ्ट डायरेक्टर इम्तियाज अहमद ने कहा, “इस शानदार लॉन्च और जीएसएलवी द्वारा अपनी श्रेणी के सबसे भारी और बड़े सैटेलाइट को पूरी सटीकता से कक्षा में पहुंचाने के लिए पूरी इसरो टीम को मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। ईओएस-05 असल में जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से पृथ्वी पर नजर रखने वाला (अर्थ ऑब्जर्वेशन) सैटेलाइट है। यह सैटेलाइट अनोखा और अपनी तरह का इकलौता है, जिसमें मल्टीबैंड ऑपरेटिंग क्षमताएं हैं।” आईएसटीआरएसी के डायरेक्टर राघवेंद्र एम आर ने कहा, “इस शानदार मिशन को पूरा करने के लिए इसरो की टीम को बधाई। सैटेलाइट को बहुत सटीक ऑर्बिट में स्थापित किया गया है। पूरे मिशन के दौरान, हमारे सात आईएसटीआरएसी ग्राउंड स्टेशनों ने इसे ट्रैक किया। सभी स्टेशनों ने बहुत अच्छा काम किया और बेहतरीन डेटा दिया। स्पेसक्राफ्ट के आगे के सभी ऑपरेशन्स के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।” एमसीएफ के डायरेक्टर पंकज दामोदर किल्लेदार ने कहा, “स्पेसक्राफ्ट अब ऑर्बिट में है और हमारे नियंत्रण में है। यह मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी के तहत 33वां सैटेलाइट है। लॉन्च टीम को बधाई।” वीएससी के डायरेक्टर डॉ. राजीव ने कहा, “जीएसएलवी-एफ 17/ईओएस-05 मिशन के सफल लॉन्च पर सभी को हार्दिक बधाई। हमने सटीक ऑर्बिट हासिल कर ली है। यह उपलब्धि इसरो की पूरी टीम के सदस्यों की टीमवर्क की वजह से संभव हो पाई। मैं इसरो चेयरमैन को उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद देता हूं। इसे हासिल करने के लिए इसरो के सभी सेंटर्स ने एक परिवार की तरह काम किया। टीम के सभी सदस्यों ने बहुत त्याग किए। उन्होंने इस मिशन को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ दिन-रात ओवरटाइम काम किया।

श्रेया घोषाल का फैन गर्ल मोमेंट, फ्लाइट में हुई फाल्गुनी पाठक से खास मुलाकात

मुंबई। मशहूर गायिका श्रेया घोषाल अपनी गायिकी से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए हैं, लेकिन हाल ही में वे खुद एक फैन गर्ल बन गईं। दरअसल, फ्लाइट के दौरान उनकी मुलाकात फाल्गुनी पाठक से हुई और यह सफर उनके लिए यादगार बन गया। फाल्गुनी पाठक ने इंस्टाग्राम पर इस मुलाकात की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह फ्लाइट के अंदर श्रेया घोषाल और संगीतकार जोड़ी विशाल-शेखर के साथ नजर आ रही हैं। तस्वीर पोस्ट कर फाल्गुनी पाठक ने लिखा, “कुछ सफर मंजिल की वजह से नहीं बल्कि, रास्ते में मिले लोगों की वजह से खास बन जाते हैं। फ्लाइट में बेहद टैलेंटेड विशाल-शेखर और श्रेया घोषाल से मिलना एक प्यारा सरप्राइज था। खूबसूरत बातें, हसीन मुलाकात और साथ ले जाने के लिए कुछ यादें। कुछ पल बस दिल में संजोकर रखने के लिए होते हैं।” फाल्गुनी पाठक से मिलना श्रेया घोषाल के लिए भी उतना ही खास था। उन्होंने कमेंट सेक्शन पर अपने दिल का हाल बयां करते हुए बताया कि ये उनके लिए फैन गर्ल मूमेंट था। गायिका श्रेया घोषाल ने लिखा, “यह मेरा फैन गर्ल मूमेंट था। लव यू सो मच मैम।” फाल्गुनी पाठक मशहूर गायिका हैं और आज भी नवरात्र जश्न की शान और फेस्टिव पॉप की एक पहचान हैं। उनके गाने जैसे ‘मैंने पायल है छनकाई’, ‘चूड़ी’, ‘मेरी चुनर उड़ उड़ जाए’, ‘ओ पिया’ और ‘याद पिया की आने लगी’ आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं। गुजराती लोक संगीत के साथ मिला उनका म्यूजिक एक पूरी पीढ़ी के लिए नवरात्र का साउंडट्रैक बन गया है। वहीं दूसरी ओर, श्रेया घोषाल अपनी पीढ़ी की सबसे वर्सेटाइल प्लेबैक सिंगर्स में से एक के तौर पर स्थापित है। विशाल-शेखर के साथ उनकी लंबी जोड़ी ने कई हिट गाने दिए हैं, जिनमें ‘तुझ में रब दिखता है’, “मैं अगर कहूं” (ओम शांति ओम, 2007), ‘मनवा लागे’, ‘राधा’ (स्टूडेंट ऑफ द ईयर), ‘खबर नहीं’ (दोस्ताना) और ‘कहानी (फीमेल)’ (कहानी) शामिल जैसे सुपरहिट गाने भी शामिल हैं।

श्री चरणी ने दीप्ति शर्मा को पीछे छोड़ा, खतरे में पूनम यादव का रिकॉर्ड

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई में खेले जा रहे एशिया कप में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। लगातार 2 मैच जीतकर भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया को पाकिस्तान के खिलाफ एक और मैच खेलना है। गुरुवार को भारतीय टीम ने हांगकांग को 137 रनों से हराया। इस मैच में स्मृति मंधाना के विस्फोटक शतक के साथ ही श्री चरणी ने भी अपनी गेंदबाजी के खास उपलब्धि हासिल की। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 193 रन बनाए थे। हांगकांग 16.2 ओवर में 56 रन पर सिमट गई और 137 रन से हार गई। हांगकांग को 56 पर समेटने में श्री चरणी का अहम योगदान रहा। बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 3.2 ओवर में 16 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा, दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लिए, जबकि नंदिनी शर्मा और प्रेमा रावत को भी 2-2 विकेट लिए। श्री चरणी ने 2 विकेट लेकर एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने के वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में दीप्ति शर्मा को पीछे छोड़ दिया। चरणी ने 2026 में अब तक 31 टी20 विकेट लिए है। दीप्ति शर्मा ने 2024 में 30 और 2022 में 29 विकेट लिए थे। एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने का महिला भारतीय रिकॉर्ड पूनम यादव के नाम है। पूनम ने 2018 में 35 विकेट लिए थे। श्री चरणी के पास इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का भरपूर अवसर है। पूरी संभावना है कि जारी एशिया कप में ही चरणी एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने वाली भारतीय महिला गेंदबाज होने का भारतीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी। हांगकांग के खिलाफ हुए इस मैच का मुख्य आकर्षण स्मृति मंधाना की शतकीय पारी रही। मंधाना ने 64 गेंदों पर 7 छक्कों और 14 चौकों की मदद से 124 रन की पारी खेली। मंधाना का टी20 क्रिकेट का यह दूसरा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 18वां शतक था। मंधाना अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं।

जन्माष्टमी पर राष्ट्रपति समेत केंद्रीय मंत्रियों ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मैं, देश-विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। भगवान श्री कृष्ण की जीवनलीला और उनके संदेश भारतीय संस्कृति और दर्शन को संजीवनी प्रदान करते हैं। उन्होंने सत्य, धर्म, न्याय, करुणा और निष्काम कर्म का मार्ग दिखाया। आइए, इस शुभ अवसर पर हम सभी भगवान श्री कृष्ण के आदर्शों को अपनाने तथा एक समावेशी और विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लें।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “समस्त देशवासियों को ‘श्री कृष्ण जन्माष्टमी’ के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। धर्म, नीति और लोककल्याण के प्रतीक योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। जय श्री कृष्ण।” वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। श्रीमद्भगवद्गीता में उनका अमर संदेश कर्म के प्रति निष्ठा, विवेक, धैर्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। भगवान श्री कृष्ण की कृपा से देश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में आनंद, आशा और नई ऊर्जा का संचार हो। जय श्रीकृष्ण।” केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “समस्त देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। जय श्री कृष्णा।” केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ‘एक्स’ पोस्ट करते हुए लिखा कि जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण के दिव्य जन्म का जश्न मनाएं और उनके धर्म, कर्म और भक्ति के शाश्वत संदेश से प्रेरणा लें। सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं। बता दें कि जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात के वक्त भगवान विष्णु ने श्री कृष्ण के रूप में देवकी और वसुदेव के यहां जन्म लिया था। इसी खुशी में हर साल पूरे देश में जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

‘इसरो की एक और शानदार उपलब्धि, भारत के लिए गर्व का पल’, ईओएस-05 के निर्धारित कक्षा में पहुंचने पर बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली। शुक्रवार को जीएसएलवी-एफ 17 ने ईओएस-05 उपग्रह को निर्धारित कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाकर अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसरो की इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्व का पल बताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “इसरो की एक और शानदार उपलब्धि और हमारे देश के लिए गर्व का पल। भारत के पहले इमेजिंग सैटेलाइट ईओएस-05 को जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ17 का सफल लॉन्च, भारत के स्पेस सेक्टर की उत्कृष्टता, इनोवेशन और बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। इसरो और भारतीय इंडस्ट्री के बीच बढ़ती साझेदारी हमारे स्पेस प्रोग्राम को नई ताकत और विस्तार दे रही है, साथ ही पूरे स्पेस इकोसिस्टम में भारत की क्षमताओं को बढ़ा रही है।” इसरो की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया गया, “मिशन सफल! जीएसएलवी-एफ 17 ने ईओएस-05 को तय कक्षा में स्थापित करके अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।” सफल लॉन्च के बाद इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जीएसएलवी-एफ 17 व्हीकल ने एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ईओएस-05 (जियो इमेजिंग सैटेलाइट) को सफलतापूर्वक और सटीक रूप से उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है। यह श्रीहरिकोटा से 107वां लॉन्च और जीएसएलवी का 19वां मिशन है।” इसरो प्रमुख ने आगे कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, जीएसएलवी का पहला प्रक्षेपण जीएसएलवी-डी1 था, जिसमें 1,536 किलोग्राम का पेलोड ले जाया गया था। तब से हमने इसके स्ट्रक्चरल मास को ऑप्टिमाइज़ करके और प्रोपल्शन सिस्टम में सुधार करके इस व्हीकल की परफॉर्मेंस को धीरे-धीरे बेहतर बनाया है। आज, हमने इसी लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल करके 2,367 किलोग्राम वज़न वाले सबसे भारी सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया है।” डॉ. वी. नारायणन ने कहा, “इसे पूरी तरह से भारत सरकार स्थापित करेगी। हम लॉन्च पैड बनाएंगे, सब कुछ भारत सरकार ही बनाएगी। लेकिन अब इसे ऑपरेट करना है। इसे ऑपरेट करने के दो तरीके हैं। आप बहुत सारे स्थायी कर्मचारी रख सकते हैं और उन्हें इसे ऑपरेट करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। दूसरा विकल्प यह है कि हम इसे प्राइवेट प्लेयर्स को सौंप दें और वे इसे ऑपरेट करें।